ईश्वर दुबे
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Bhilai
इंदौर के मेदांता हॉस्पिटल में चल रहा था इलाज
मल्टी ऑर्गन फेल्योर होने के कारण उन्हें वेंटिलेटर पर रखा था
महिदपुर से कांग्रेस विधायक रह चुकी कल्पना तेजतर्रार नेता मानी जाती थीं
इंदौर. कांग्रेस नेत्री व पूर्व विधायक डॉ. कल्पना परूलेकर (61) का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्हें 18 दिसंबर को गंभीर हालत में इंदौर के मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। दूसरे दिन ही डॉक्टरों ने उन्हें मल्टी ऑर्गन फेल्योर होने के कारण वेंटिलेटर पर रख दिया था। तब से उनका इलाज चल रहा था। अस्पताल के डॉ संदीप श्रीवास्तव ने इसकी पुष्टि की है।
21 दिसंबर को स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद डॉ. परूलेकर को इंदौर के मेदांता हॉस्पिटल में आईसीयू में भर्ती किया गया था। उनका इलाज चल रहा था, लेकिन हालत गंभीर होने पर वह भर्ती होने के बाद से ही लगातार वेंटिलेटर पर थीं। बुधवार सुबह 9.30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। डॉ. परुलेकर का अंतिम संस्कार उनके गृहस्थान महिदपुर में आज शाम होगा।
सुर्खियों में रहती थी कल्पना
कांग्रेस की तेजतर्रार नेता कल्पना अक्सर सुर्खियों में रहती थी। पिछले साल 17 अप्रैल को भोपाल की जिला अदालत ने पूर्व विधायक परूलेकर को एक साल की जेल और दो हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई थी। उन्होंने तत्कालीन प्रमुख सचिव भगवानदेव इसरानी की नियुक्ति पर सवाल उठाए थे। इस मामले में इसरानी ने मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। इसके पहले भी लोकायुक्त नावलेकर को संघ के गणवेश में दिखाते हुए फोटो जारी करने के मामले में भी परूलेकर को सजा मिली थी।
हर महीने की पहली तारीख को मंत्रालय के सामने वाले पार्क में होता था गायन
शिवराज सरकार के आदेश को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने किया रद्द
भोपाल. मंत्रालय के सामने वाले पार्क में हर महीने की पहली तारीख को होने वाले वंदेमातरम् गायन पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने रोक लगा दी है। उनके इस आदेश के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने वल्लभ भवन के सामने उसी जगह वंदे मातरम् गाया जहां हर महीने होता था। इसके बाद जमकर नारेबाजी की।
शिवराज सिंह सरकार ने निर्देश जारी किया था कि हर महीने की पहली तारीख को सभी कर्मचारी वंदेमातरम् का गायन करेंगे। उनका तर्क था कि इससे कर्मचारियों में देशभक्ति की भावना पैदा होगी। सरकार बदलने के बाद अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि वंदेमातरम् गायन में 3000 में से सिर्फ 300 कर्मचारी ही पहुंचते हैं। इस पर कमलनाथ ने कहा कि जो लोग वंदेमातरम् नहीं गाते क्या वह देशभक्त नहीं है। यह किसी एजेंडे के तहत लिया गया निर्णय है। इसे खत्म किया जाए।
कमलनाथ के निर्देश के बाद एक जनवरी को वल्लभ भवन के बाहर वंदेमातरम् गायन नहीं हुआ। इस पर भाजपा कार्यकर्ता नाराज हो गए और बुधवार सुबह 11 बजे वल्लभ भवन पहुंचकर वंदेमातरम का गायन किया। पूर्व मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि सालों से चली आ रही परंपरा को बंद करना प्रदेश का दुर्भाग्य है। शिवराज सिंह ने भी ट्वीट करके अपनी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा- अगर सरकार इस परंपरा को फिर से शुरू नहीं करती तो 7 जनवरी को वह वल्लभ भवन के सामने जाकर वंदेमातरम् का गायन करेंगे।
इंदौर. जनवरी की 14 तारीख को ख्यात शायर कैफ़ी आज़मी के जन्म के सौ साल पूरे हो रहे हैं। इस मौके पर इंदौर के कलाकारों ने रूपांकन संस्था के तहत एक कैलेंडर तैयार किया है। कैफ़ी साहब के मुंबई स्थित आवास जानकी-कुटीर में 10 जनवरी को इसे रिलीज़ किया जाएगा। 7 पन्नों के इस कैलेंडर में उनकी नज़्मों और गीतों के अंश हैं। कवर पेज पर शायर-गीतकार जावेद अख़्तर की नज़्म छपी है : 'अज़ीब आदमी था वो...'। कैफ़ी आज़मी के जन्म शताब्दी वर्ष (14 जनवरी 1919-14 जनवरी 2019) पर जारी होने वाले इस कैलेंडर के लिए उनके एक रंगीन और 6 ब्लैक एंड व्हाइट पोर्ट्रेट्स शहर के चित्रकार सफदर शामी ने बनाए हैं। शहर के ही कलाकार अशोक दुबे ने कैलिग्राफी की है, जबकि इसकी रूपरेखा अरविंद मंडलोई ने तैयार की। कवर पर कैफ़ी साहब का कलर पोर्ट्रेट है। इसका शीर्षक है- 'कैफ़ी आज़मी: मेहनतकशों का साथी, अवाम का शायर, जन्म शताब्दी वर्ष पर सलाम'।
अरविंद मंडलोई बताते हैं कि कैफ़ी साहब के दामाद जावेद अख़्तर से बातों-बातों में जन्म शताब्दी वर्ष का जिक्र निकला तो इस कैलेंडर की परिकल्पना साकार हुई। चित्रकार सफदर शामी कहते हैं कि मुझे शबाना आज़मी ने कैफ़ी साहब के आठ फोटो भेजे थे। इसमें से सात फोटो चुनकर मैंने एक रंगीन और 6 ब्लैक एंड व्हाइट पोर्टेट्स बनाए।
कैलिग्राफी कलाकार अशोक दुबे कहते हैं कि कैलेंडर पर जिन नज़्मों, गज़लों और गीत के अंशों का इस्तेमाल किया है वह कैफियत पुस्तक से लिए गए हैं। इस वर्ष देशभर के कुछ शहरों में कार्यक्रमों की शृंखला होगी और इसके तहत एक कार्यक्रम इंदौर में भी होगा, जिसमें जावेद अख़्तर, कैफ़ी साहब की बेटी शबाना आज़मी, तबला वादक ज़ाकिर हुसैन, संगीतकार-गायक शंकर महादेवन शिरकत करेंगे।
मेला ग्राउंड के पास कुशवाह मोहल्ले की घटना- टीवी सीरियल में सुसाइड सीन देखकर नकल कर रहा था मनीष
ग्वालियर . टीवी पर सीरियल में सुसाइड सीन देखकर सोमवार सुबह एक 14 साल के किशोर ने फांसी लगा ली। किशोर ने अपनी मां के दुपट्टे का फंदा बनाकर गले में डाला और घूमने लगा। पास में ही उसकी 8 साल की बहन और छोटा भाई खेल रहे थे।
घूमते-घूमते दुपट्टे में अंटे लग गए और फांसी लग गई। फांसी लगते ही किशोर छटपटाया और उसकी आंखें बंद हो गई। छोटी बहन ने जब देखा तो वह दौड़कर भाई को बचाने गई, उसने फंदा खोलने का प्रयास भी किया लेकिन फंदा नहीं खोल पाई। वह भागकर पड़ोसी को बुलाकर लाई, लेकिन तब तक किशोर की सांसें थम चुकी थीं। उसे अस्पताल भी ले गए लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। यह दर्दनाक घटना गोला का मंदिर क्षेत्र की है। किशोर के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद पुलिस ने परिजनों के सुपुर्द कर दिया। भिंड के रहने वाले पुत्तूलाल शाक्य पेशे से किसान हैं। पढ़ाई के लिए उन्होंने अपनी पत्नी और तीनों बच्चों को तीन साल पहले ग्वालियर में शिफ्ट कर दिया। उनकी पत्नी कमला बड़ा बेटा मनीष, बेटी अंजलि उम्र 8 साल और बेटा कपिल उम्र 7 साल मेला ग्राउंड के पास स्थित कुशवाह मोहल्ला में किराए से रहते थे। पुत्तूलाल भिंड में ही रहते हैं। कमला भी यहां नौकरी करती है। सोमवार सुबह 10 बजे वह काम पर निकल गई। घर में तीनों बच्चे थे। सुबह करीब 11 बजे मनीष, अंजलि और कपिल एक ही कमरे में खेल रहे थे। मनीष टीवी पर एक सीरियल देख रहा था।
अचानक वह अंदर से अपनी मां का दुपट्टा उठाकर लाया। कमरे में ही कपड़े टांगने के लिए तार लगा हुआ था। तार पर उसने दुपट्टा डालकर फंदा बनाया। जब वह यह काम कर रहा था तो उसके छोटे, भाई बहन भी देख रहे थे। उन्हें कुछ समझ ही नहीं आया। फंदा उसने गले में डाला और गोल गोल घूमने लगा। अचानक फंदा कस गया और वह बेहोश होने लगा। कुछ देर तक जब कोई हलचल नहीं हुई तो उसकी बहन ने देखा। उसने फंदा खोलने की कोशिश की। फंदा न खुलने पर भागकर गई और पड़ोसी को बुलाकर लाई। पड़ोसी आए और तुरंत फंदा खोलकर उसे जमीन पर लिटाया।
एंबुलेंस को सूचना दी तो कुछ देर में एंबुलेंस आ गई। एंबुलेंस जेएएच लेकर पहुंची, जहां उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल से पुलिस को सूचना दी गई। घटना की सूचना मिलने पर उसके पिता भी ग्वालियर आ गए। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम हुआ। पुत्तूलाल खुद कम पढ़े लिखे हैं। बच्चों को अच्छे स्कूल में पढ़ा सकें, इसके लिए ग्वालियर में शिफ्ट कराया। बेटे को बड़ा अफसर बनाना चाहते थे लेकिन उनका यह सपना टूट गया। पीएम हाउस पर बेटे का शव देखकर रो पड़े। उसकी मां भी बेसुध हो गई।
3 माह में तीसरा हादसा, खेल-खेल में चली गई मासूमों की जान
28 सितंबर: रुचि उर्फ राधिका पुत्री स्व. सुनील रायकवार उम्र 11 साल गले में दुपट्टा डालकर खेल रही थी, तभी फांसी लगने से उसकी मौत हो गई।
3 दिसंबर: गोला का मंदिर स्थित रचना नगर के रहने वाले रामखिलाड़ी के 12 साल के बेटे देवेंद्र ने खेल-खेल में मां के दुपट्टे से फांसी लगा ली थी।
भोपाल। चार दिन की जद्दोजहद बाद विभाग वितरण के बाद प्रदेश सरकार के मंत्री एक्शन में आ गए हैं। विधि एवं विधायी मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि पिछले 15 साल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर दर्ज राजनीतिक मामले वापस लिए जाएंगे। वहीं वित्त मंत्री तरुण भनोट ने कहा कि भाजपा के शासनकाल में शुरू की गई कई योजनाएं बंद की जाएंगी।
विधि एवं विधायी मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि बीते 15 साल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को परेशान करने के लिए उनपर राजनीतिक मुकदमें दर्ज किए गए। इस वजह से कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मनोबल टूटा। उन्होंने कहा कि अगर अन्य लोगों पर भी अगर ऐसे मामले सामने आते हैं तो उन्हें भी वापस लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक महीने के अंदर इस तरह के मामलों की समीक्षा की जाएंगी इसके बाद ये मामले वापस लिए जाएंगे।
कई योजनाएं बंद होंगी: वित्त मंत्री तरुण भनोट ने कहा है कि प्रदेश भाजपा सरकार के समय शुरू की गई कई योजनाएं बंद की जाएंगी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों से उन योजनाओं को चिन्हित करने गया है, जिनका लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है। भाजपा सरकार के समय राजनीतिक रूप से अपने कार्यकर्ताओं को लाभ देने के लिए इस तरह की योजनाएं शुरू की गई थी। एक महीने के भीतर इन योजनाओं को बंद कर दिया जाएगा
इंदौर. उत्तरी सर्द हवा से लगातार तीसरे दिन प्रदेश के ज्यादातर शहर ठंड से ठिठुरे। मालवा-निमाड़ सहित प्रदेश के कई जिले शीतलहर की चपेट में हैं। बैतूल और पचमढ़ी के साथ ही खजुराहो में सबसे कम पारा रहा। यहां पर यहां पर तापमान 1.0 डिग्री दर्ज किया गया। रीवा, उमरिया, शाजापुर, उज्जैन और राजगढ़ समेत प्रदेश के 17 जिलों में न्यनतम तापमान 5 डिग्री से कम रिकॉर्ड किया गया। देवास जिले में पाला पड़ने से करीब 14 बीघा गेहूं और चने की फसल तबाह हो गई है।
यहां दर्ज किया गया 5 डिग्री से कम पारा : दमोह - 3.0, जबलपुर - 3.8, बैतूल- 1.0, खजुराहो - 1.4, मंडला 4.0, नौगांव - 3.1, रीवा - 3.5, सतना- 5.0, सिवनी - 5.0, सीधी - 4.4, उमरिया- 1.7, भोपाल - 5.2, धार - 5.0, उज्जैन - 2.5, शाजापुर - 3.2, राजगढ़- 3.6, ग्वालियर - 3.6, पचमढ़ी - 1.0 डिग्री दर्ज किया गया।
ठंड के कारण जमी बर्फ।
एक हजार बीघा में गेहूं की फसल तबाह
देवास जिले के गांव नयापुरा, छतरपुरा में पाला गिरने करीब 1 हजार बीघा से अधिक की आलू की फसल पाला पड़ने से जल गई। साथ ही सैकड़ों बीघा की चने की फसल भी प्रभावित हुई है। तेज हवा व पाला गिरने से आलू के साथ ही चने की फसल भी प्रभावित हुई है। सुबह किसान जब खेत पर पहुुंचे तो देखा पाइप पर बर्फ की परत जमी थी और फसलों जल चुकी थी।
छतरपुरा के किसान काशीराम पाटीदार के 30 बीघा के आलू, जगदीश पाटीदार के 10 बीघा के आलू, हुकमचंद पाटीदार के 5 बीघा, तिलोक पाटीदार के पांच बीघा, अनिल पाटीदार के 3 बीघा सहित तकरीबन 500 बीघा आलू की फसल व 300 बीघा से ज्यादा की चने की फसल नष्ट हो गई। इसी प्रकार नयापुरा के बाबूलाल राणा, शांतिलाल पाटीदार, बाबूलाल पाटीदार, सागर पटेल सहित कई किसानों की सैकड़ों बीघा की फसल जल जाने से भारी मात्रा में नुकसान हुआ है। इसी प्रकार बागली के चतुर्भुज भाटी 25 बीघा के आलू, मनोज पाटीदार के 20 बीघा, राजीव चौधरी के 10 बीघा के आलू के साथ ही 25 बीघा के चना, दिलीप पवार, सुभाष पाटीदार, बिहारीलाल पाटीदार के साथ ही मुकेश पंवार के 8 बीघा के आलू, 5 बीघा के चना व खेतों में लगाई सब्जी भी जल गई। इसी तरह अन्य गांवों के किसानों की आलू एवं चने की फसल भी पाले से जल गई। टोंकखुर्द तहसील के अधिकांश गांवों में चने, आलू की फसल को नुकसान पहुंचा। किसान हुकुमसिंह पटेल, बलदेवसिंह गुर्जर, अशोक भण्डारी आदि ने बताया ठंड से चने, आलू सहित अन्य फसल को नुकसान पहुंचा है।
ग्राम सिरोल्या व आसपास के क्षेत्र में ठंड से आलू-चने की फसल को काफी नुकसान हुआ है। सिरोल्या के किसान बाबूलाल चौधरी, रामप्रसाद चौधरी के खेत में लगाई आलू की फसल पाले से पूरी तरह झुलस गई। कमलापुर में क्षेत्र में चना, आलू, मक्का फसल सहित बैंगन, बालोर आदि सब्जियां पाले से जल गई। पालखा के किसान प्रेमसिंह दरबार की 20 बीघा की चने की फसल, देवनारायण यादव के 7 बीघा के चने, मनोहरलाल यादव, चम्पालाल यादव के 2-2 बीघा के चने, कमलापुर के मोयनुद्दीन कुरैशी के 5 बीघा के आलू, दोस्तपुर में लालबाई गोरधन यादव के 20 बीघा के आलू की फसल जल गई।
शाम को खेतों की मेढ़ पर धुआं कर सल्फर छिड़कें : वरिष्ठ ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी काशीराम चौहान ने किसानों को सलाह दी कि किसानों को फसल को पाले से बचाने के लिए शाम को अपने खेतों की मेढ़ पर धुआं करना चाहिए। साथ ही पानी हो तो पानी या फिर एक बीघा में 4 टंकी ग्लूकोस या फिर सल्फर का छिड़काव करें। एक टंकी में 25 से 30 ग्राम मिलाकर छिड़काव करें।
भोपाल/ होशंगाबाद/इंदौर. उत्तर भारत में जारी रिकॉर्ड तोड़ बर्फबारी का असर राजधानी भोपाल समेत पूरे मध्यप्रदेश में दिखाई दे रहा है। तापमान में लगातार दूसरे भी गिरावट जारी रही। बैतूल प्रदेश में सबसे ठंडा रहा, यहां बीती रात न्यूनतम तापमान 2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। जबकि खजुराहो में 3 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में लगातार दूसरे दिन तापमान में गिरावट आई और ये 4.9 डिग्री दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल में 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया, इतनी कम तापमान कभी नहीं रहा। वहीं इंदौर में न्यूनतम पारा 2.2 गिरकर 7.2 डिग्री पर पहुंच गया। शुक्रवार सुबह से शीतलहर ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि नए साल के शुरुआती दिनों में शाम से सुबह तक शीतलहर और कड़ाके की ठंड पड़ेगी। इसकी खास वजह यह है कि ठंड के लिए जरूरी माने जाने वाले वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर यहां पर भी पड़ सकता है। इसका असर दो दिन पहले से दिखने लगा है। बीती रात को भोपाल में 10 साल का सबसे कम पारा 4.9 डिग्री दर्ज किया गया। ये सामान्य से 5 डिग्री कम है। बुधवार को न्यूनतम तापमान 4 डिग्री लुढ़ककर 8.4 रिकॉर्ड किया गया। जबकि मंगलवार को तापमान 12.3 तक पहुंच गया था। जबकि भोपाल में दिन का तापमान सामान्य से ज्यादा बना हुआ है। यहां शाम को ठंड और सुबह से धूप खिली हुई है।
31 दिसंबर तक ऐसा ही मौसम रहने की संभावना : मौसम विभाग के मुताबिक उत्तरी भारत में बर्फबारी के कारण मालवा सहित प्रदेश में ठंड बढ़ी है। 31 दिसंबर तक मौसम ऐसा ही रहेगा। रात का तापमान 6 से 7 डिग्री तक जा सकता है। बैतूल में 2 डिग्री पहुंच गया, यहां पर खेतों में ओस की बूंदे भी जम गईं। ये सामान्य से 5.4 डिग्री कम है। वहीं, शहर का अधिकतम तापमान 22.0 रिकॉर्ड किया गया।
भोपाल. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने रायसेन और शिवपुरी के करैरा में खाद लेने आए किसानों पर लाठियां चलाने के मामले में जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने डीजीपी को इस मामले की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। असल में, किसान यूरिया लेने के लिए कतार में खड़े थे, वहां पर भीड़ बढ़ने से अव्यवस्था की स्थिति बन रही थी, तभी पुलिस ने उन पर लाठियां भांजनी शुरू कर दीं। इससे कुछ किसानों को गंभीर चोंटे भी आई थीं, जिससे उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। रायसेन और करैरा में पुलिस की लाठीचार्ज की खबरें मुख्यमंत्री कमलनाथ तक पहुंचीं। इस पर कमलनाथ ने नाराज़गी जताई और डीजीपी को निर्देश दिया है कि वो तत्काल इस मामले की जांच कराएं। उन्होंने डीजीपी कहा है कि जांच करें कि किसानों पर बलप्रयोग की स्थिति क्यों बनी।क़ानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बलप्रयोग किया गया या अनावश्यक कारण से लाठियां चलाई गईं। अगर अनावश्यक बलप्रयोग किया गया है तो दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। बता दें कि मुख्यमंत्री कमलनाथ पहले ही कह चुके हैं कि ये किसान हितैषी सरकार है। प्रशासन से उन्होंने कहा है कि सरकार किसानों का दमन किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ये बीजेपी सरकार नहीं है, जिसमें किसानो के सीने पर गोलियां दाग़ी गयी थीं।
केंद्र सरकार ने बढ़ाया मध्य प्रदेश का कोटा
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के प्रयासों के बाद से केंद्र सरकार ने मध्यप्रदेश के यूरिया कोटा का आवंटन बढ़ा दिया है। प्रदेश को जनवरी महीने में अब 2.52 लाख मीट्रिक यूरिया मिलेगा।
करेरा में किसान का आरोप : पुलिस ने हमें पीटा
जिला अस्पताल में भर्ती किसान मुकेश (30) पुत्र धनीराम कुशवाह निवासी चिलौद ने दैनिक भास्कर को बताया कि वह सुबह 8 बजे से लाइन में लगा था। दोपहर 12 बजे जैसे ही ट्रक आया तो सभी लोगों ने खाद की मांग की। वहां पुलिस खड़ी थी। पुलिस ने हमें ही डंडों से पीटा जिससे मेरी अंगुली और पैरों के पास चोट आई है।
थाना प्रभारी की सफाई : भीड़ में दबने से आई किसान को चोट थाना प्रभारी राकेश शर्मा का कहना है कि वे मौके पर पहुंचे तो भीड़ बहुत थी। वहां लाइन तोड़कर किसान आगे पीछे हो रहे थे। हम जब वहां पहुंचे, तब एक किसान भीड़ में दबा था। इसी कारण उसे चोट आई। पुलिस ने कोई लाठीचार्ज नहीं किया। घायल किसान को इलाज के लिए हमने अस्पताल भिजवाया गया है।
इंदौर. मंगलवार को टीम कमलनाथ में 28 विधायकों के मंत्री पद की शपथ ग्रहण लेने के बाद कुछ विधायकों में नाराजगी देखी जा रही है। बुधवार को जयस (जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन) प्रमुख और मनावर से कांग्रेस के विधायक डॉ. हीरालाल अलावा ने मुख्यमंत्री कमलनाथ पर वादा-खिलाफी का आरोप लगाया है। अलावा ने कहा- भाजपा सरकार को सत्ता से दूर करने के लिए हमने कड़ी मेहनत की है। हमें सरकार में भागीदारी दी जाना चाहिए।
इसके बारे में राहुल गांधी से बात करूंगा, इसके बाद आगे क्या करना है इस पर फैसला लिया जाएगा। अलावा ने कहा - चुनाव से पहले कमलनाथ ने उनसे सरकार बनने पर मंत्रिमंडल में शामिल करने का वादा किया था। उन्हें ये नहीं भूलना चाहिए की प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनाने में आदिवासियों ने कितना योगदान दिया है।
चुनाव से पहले राहुल गांधी से बात हुई थी, जिसके बाद जयस ने कांग्रेस का साथ दिया और मैं कांग्रेस की ओर से मैदान में उतरा। हम तो 80 विधानसभा सीट पर अपने प्रत्याशी उतारने की तैयारी में थे, लेकिन कांग्रेस के आश्वासन के बाद हमने ऐसा नहीं किया। अलावा ने कहा - शिवराज सरकार को चौथी बार सत्ता में आने देने का सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि हमने शिवराजजी के समक्ष अपनी कुछ मांगें रखी थीं, जिसे उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया था। जो सरकार आदिवासियों के हित के लिए काम नहीं कर रही थी, उसे तो हमें खारिज करना ही था। कांग्रेस ने हमारी बात मानी और हमें सरकार में शामिल करने का आश्वासन भी दिया था।
मंत्री को हराया था : धार जिले की मनावर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीते हीरालाल अलावा ने पहले जयस के टिकट पर चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। उन्होंने प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य जिलों में प्रत्याशी उतारने की बात कही थी। हीरालाल की इस घोषणा के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने उनसे मुलाकात कर उन्हें मनावर से कांग्रेस का उम्मीदवार बनाया था। हीरालाल ने भाजपा की बड़ी नेता और प्रदेश सरकार में मंत्री रंजना बघेल को शिकस्त दी है।
अलावा ने ट्वीट के जरिए भी जताई थी नाराजगी : जयस प्रमुख और मनावर से कांग्रेस के विधायक डॉ. हीरा अलावा ने मंत्रिमंडल गठन से पहले एक ट्वीट कर सरकार में शामिल नहीं करने को लेकर नाराजगी जताई थी। उन्होंने लिखा था- जयस ने मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है। वादे के मुताबिक जयस की भागीदारी सरकार में होनी चाहिए, जयस को अनदेखा करना कांग्रेस की बड़ी भूल होगी।
भोपाल. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कैबिनेट की पहली ही बैठक में साफ कर दिया है कि वचन पत्र के सभी बिंदुओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी। उन्होंने मंत्रियों को साफ कर दिया है कि वह अधिकारियों के साथ बेहतर तालमेल बनाकर काम करेंगे। सरकार में लापरवाही और सुस्ती के प्रति जीरो टॉलरेंस रहेगा। जनसेवा सरकार का प्राथमिक दायित्व है।
वल्लभ भवन मंत्रालय में मंत्री परिषद और अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा- सभी विभाग समयबद्ध कार्ययोजना बना लें। मुझे किसी तरह की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। अगर शिकायत मिली तो अफसर को हटाने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा। नए नजरिए के साथ व्यवस्था को देखें, जहां भी परिवर्तन और नवाचार जरूरी हैं, उन पर अमल करें। इसके साथ ही हर कैबिनेट में एक विभाग को प्रेजेंटेशन देना होगा। गुरुवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में कृषि विभाग का प्रेजेंटेशन देखा जाएगा।
विभाग के संचालन की जिम्मेदारी विभाग के मंत्री की : मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि जनहित के कार्य बिना किसी हीला-हवाली के त्वरित हों। नियमानुसार होने वाले कार्य नियमित कार्यप्रणाली से ही हों, ये सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री के समक्ष केवल ऐसे विषय लाए जाएं, जो नियमित व्यवस्था में नहीं हो सकते। विभाग के संचालन का दायित्व विभागीय मंत्री का होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा- जनसेवा सरकार का प्राथमिक दायित्व है। हालांकि ये बैठक अनौपचारिक थी। इसका कोई एजेंडा नहीं रखा गया था। गुरुवार को फिर से कैबिनेट की मीटिंग रखी गई है, जिसमें एजेंडे के साथ ही विभागवार प्रेजेंटेशन भी दिए जाएंगे। बैठक से पहले मुख्यमंत्री कमलनाथ और मंत्री मिंटो हॉल गए, जहां पर वह महात्मा गांधी की मूर्ति पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गई।
भोपाल/ग्वालियर. पहाड़ों में बर्फबारी होने से मैदानी इलाकों में गलन वाली सर्दी का असर बढ़ गया है। एक सप्ताह से प्रदेश के लगभग 42 जिलों में न्यूनतम पारा 10 डिग्री के नीचे चल रहा है। लिहाजा, लोग दिन और दिन ठंड में ठिठुर रहे हैं। सर्दी का सबसे ज्यादा असर ग्वालियर-चंबल संभाग समेत बुंदेलखंड के कुछ जिलों में देखा जा रहा है।
ग्वालियर में उत्तर से बर्फीली हवा आने के कारण दिन में भी सर्दी सता रही है। सोमवार को भी ग्वालियर-चंबल संभाग शीतलहर की चपेट में हैं। पर्यटन स्थल पचमढ़ी और खजुराहों में बीते एक सप्ताह से न्यूनतम पारा 2 डिग्री चल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले तीन दिन इसी तरह का मौसम बना रहेगा।
इंदौर में थोड़ी राहत : यहां मौसम का मिजाज एकदम से बदल गया है। दो दिन पहले तक जहां दिन-रात का तापमान सामान्य से कम चल रहा था। सुबह-शाम कंपकंपी का एहसास हो रहा था, वह मौसम अब बदल गया है। तापमान सामान्य से 2 डिग्री ज्यादा हो गया है। रविवार को अधिकतम तापमान 28.6 डिग्री दर्ज हुआ, वहीं शनिवार रात को 11.8 डिग्री न्यूनतम तापमान रहा। हालांकि मौसम विभाग का अनुमान है कि दो दिन बाद फिर ठंड लौटेगी। तापमान 7 से 8 डिग्री के बीच रहेगा। 31 दिसंबर तक मौसम कंपकंपाने वाला ही रहेगा।
सागर में तापमान 10 डिग्री से नीचे : शहर में लगातार 8 दिन से रात का तापमान 6 से 10 डिग्री के बीच बना हुआ है। इससे पहले 1996 में 9 से 14 दिसंबर तक छह दिन तक रात का तापमान 5.8 से 7.8 डिग्री के बीच रहा था। यहां 10 दिन पहले 13 दिसंबर से रात के तापमान के लुढ़कने का सिलसिला शुरू हुआ था। 14 दिसंबर को यह 10 डिग्री से नीचे 9.2 डिग्री, 15 को भी 9.2 डिग्री और फिर 16 दिसंबर को यह 9.2 डिग्री से गिरकर 6.5 डिग्री पर पहुंच गया। तब से यह शनिवार तक 10 डिग्री और इससे नीचे ही रहा। रविवार को भी रात का तापमान 10 डिग्री ही रहा।
खजुराहो में तापमान 2 डिग्री पर पहुंचा : एक सप्ताह से लगातार ही न्यूनतम तापमान 2 डिग्री के आसपास है। रविवार को दिन का अधिकतम तापमान 24.6 डिग्री और न्यूनतम 2.0 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि शनिवार को अधिकतम 24.4 और 2.0 डिग्री रिकाॅर्ड किया गया था। अधिकतम तापमान में 0.2 की गिरावट हुई है।
भोपाल : पिछले सीजन में 25 जनवरी को रात का तापमान 6.6 डिग्री दर्ज किया गया था। यानी यह रात सबसे सर्द थी। लेकिन इस बार दिसंबर में ही दो बार रात का तापमान 19 और 20 दिसंबर को इससे कम 6.0 और 6.2 डिग्री तक पहुंच चुका है। यानी इस बार दिसंबर पिछले सीजन के जनवरी से भी ज्यादा ठंडा है। दरअसल, अभी सुबह 6.30 बजे के बाद सूर्योदय हो रहा है। सूरज उगने के बाद भी पारा 8 डिग्री पर रहता है। तापमान सामान्य से 3-4 डिग्री कम किया जा रहा है। ऐसा मौसम जनवरी में ही होता है, लेकिन इस बार दिसंबर में ऐसे हालात बने। लगातार दस दिन से रात का तापमान सामान्य से कम है।
दिन के तापमान में तीन दिन से इजाफा : दिन के तापमान में तो तीन दिन से इजाफा हो रहा है, लेकिन रात का तापमान 7-8 डिग्री के आसपास ही बना हुआ है। शाम 5 बजे के बाद मौसम में ठंडक हो जाती है। सुबह 7 बजे तक पारा तेजी से लुढ़क रहा है। इस वजह से सुबह सात बजे तक ठंडक बनी रहती है। रविवार को भी रात का तापमान 8.1 डिग्री दर्ज किया गया। इसमें सिर्फ 0.1 डिग्री की बढ़ोतरी हुई। ठंडक के कारण पिछले 72 घंटे में भी इसमें सिर्फ 1.1 डिग्री का इजाफा हो सका।
पहली बार के विधायक नहीं बनेंगे मंत्री
विजयलक्ष्मी साधौ बन सकती हैं विस अध्यक्ष
भोपाल. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री कमलनाथ के मंत्रीमंडिल पर मोहर लगा दी है। इधर, भोपाल में मंगलवार को होने वाले मुख्यमंत्री कमलनाथ के मंत्रिमंडल के शपथग्रहण समारोह की तैयारियां अंतिम दौर में हैं। चार दिन से दिल्ली गए कमलनाथ आज रात भोपाल वापस आ जाएंगे। इसके बाद ही मंत्रिमंडल के नामों का खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
मंत्रिमंडल गठन को लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ 4 दिन से दिल्ली में हैं। वे गुरुवार को दिल्ली पहुंच गए थे। उन्होंने राहुल गांधी के अलावा प्रदेश के दिग्गज नेताओं दिग्विजय सिंह, अरुण यादव और ज्योतिरादित्य सिंधिया से भी चर्चा की। इन चार दिनों में कमलनाथ चार बार राहुल गांधी और तीन बार ज्योतिरादित्य सिंधिया से मिले हैं। सूत्रों का कहना है कि इन मुलाकातों के बीच एक बार राहुल गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया की भी लगभग एक घंटे चर्चा हुई है। विधानसभा अध्यक्ष का नाम आज तय होने की संभावना है। इस पद के लिए वरिष्ठ सदस्यों में डॉ. गोविंद सिंह, केपी सिंह और डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ के नाम की चर्चा है। यह माना जा रहा है कि साधौ को अध्यक्ष बनाए जाने पर सहमति बन सकती है।
पहली बार के विधायक मंत्रिमंडल में नहीं: मंत्रिमंडल के गठन को लेकर शनिवार को भी दिल्ली में मुख्यमंत्री कमलनाथ की पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से चर्चा की। कमलनाथ, एके अंटोनी, भंवर जितेंद्र सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया और दीपक बावरिया के बीच देर रात तक चर्चा जारी रही। सूत्रों के मुताबिक पहली बार के किसी भी विधायक को मंत्री नहीं बनाया जाने पर नेताओं के बीच सहमति बन चुकी है। दिल्ली में कांग्रेस नेताओं के बीच विभागों के बंटवारे को लेकर भी चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार प्रमुख विभागों के बंटवारे में भी गुटीय संतुलन का ध्यान रखा जा रहा है।
सात जनवरी को पहला सत्र: विधानसभा का नया सत्र 7 जनवरी से शुरू होने वाला है जो 11 जनवरी तक होगा चलेगा। इस सत्र में सभी नए विधायक शपथ लेंगे। 90 विधायक पहली बार सत्र में शामिल होंगे।
कल दोपहर से राजभवन रोड पर वाहन प्रतिबंधित : प्रदेश के नए मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह मंगलवार दोपहर एक बजे से पांच बजे तक राजभवन में होगा। इसके लिए पुलिस ने ट्रैफिक व्यवस्था में कुछ बदलाव किए हैं। मालवीय नगर तिराहा, मछलीघर तिराहा, कंट्रोल रूम तिराहा से राजभवन की ओर केवल कार्यक्रम में आने वाले वाहनों को ही प्रवेश दिया जाएगा। इस बीच अन्य सभी तरह के वाहनों के लिए राजभवन जाने वाला मार्ग प्रतिबंधित रहेगा।
इंदौर। बजरंग बली की जाति-धर्म को लेकर भाजपा नेताओं द्वारा की जा रही बयानबाजी पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने रविवार को निशाना साधा। उन्होंने कहा कि "हिन्दू देवता पर कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य भाजपा नेताओं के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तथा अखाड़ा परिषद जैसे संगठनों को कोई भी संबंध नहीं रखना चाहिये और इन नेताओं का सार्वजनिक रूप से तिरस्कार किया जाना चाहिये।" उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, "हनुमानजी को लेकर अनर्गल बहस की शुरूआत उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजरंग बली को दलित कहकर की थी। इसके बाद अन्य भाजपा नेताओं ने बजरंग बली को मुसलमान और जाट भी बता दिया।"
भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने प्रदेश विधानसभा चुनाव में मंगलवार को कांग्रेस के सबसे बड़ी पार्टी उभरकर आने की संभावना के मद्देनजर और निर्दलीयों के समर्थन से सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को पत्र लिखकर मिलने का वक्त मांगा। कांग्रेस के एक प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने राज्यपाल को लिखे पत्र में उनसे मिलने का वक्त मांगा है और प्रदेश के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरकर आने की संभावना और विजयी हुए निर्दलीय के समर्थन की बात करते हुए प्रदेश में सरकार बनाने का दावा पेश किया है।
पत्र में नाथ ने लिखा है, ‘कांग्रेस पार्टी विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरकर आ रही है। इसके अलावा कांग्रेस को सभी निर्दलियों का भी समर्थन हासिल है।’ इसके साथ ही कमलनाथ ने परिणामों की अधिकृत घोषणा के साथ ही वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के साथ राज्यपाल से मिलने का वक्त मांगते हुए प्रदेश में सरकार बनाने की अनुमति चाही है।
चुनाव आयोग के मुताबिक प्रदेश में 230 विधानसभा सीटों में से अब तक घोषित परिणामों के अनुसार 72 सीटों पर भाजपा, 73 सीटों पर कांग्रेस तथा तीन सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी घोषित हुए है। इसके अलावा रुझान के मुताबिक भाजपा 37, कांग्रेस 41, बसपा दो, सपा एक और निर्दलीय एक सीट पर आगे चल रहे हैं।