मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश (9804)

बालघाट/भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मैं जनता की सेवा के लिए जागता रहता हूं, लेकिन कांग्रेस के नेताओं को मेरे कारण नींद नहीं आती है। 15 वर्ष हो गए कुर्सी से दूर हुए, अब उन्हें कुर्सी की ज्यादा चिंता हो रही है। उनका एकमात्र लक्ष्य है किसी तरह चुनाव जीतना, लेकिन मेरा सिर्फ एक ही लक्ष्य है प्रदेश को समृद्धशाली बनाकर हर वर्ग का विकास करना। इसके लिए मैं दिन-रात मेहनत करने में जुटा हुआ हैं। मुख्यमंत्री बालाघाट जिले की विधानसभा बैहर में पार्टी प्रात्याशी अनुपमा नेताम और विधानसभा वारासिवनी में प्रत्याशी योगेंद्र निर्मल के समर्थन में सभा को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार ने जितना विकास 15 वर्षों में किया है उतना विकास कांग्रेस 54 वर्षों मंे भी नहीं कर पाई थी। हमें बीमारू मध्यप्रदेश मिला था, लेकिन हमने मध्यप्रदेश को बीमारू राज्य से बाहर निकालकर पहले विकासशील बनाया, फिर विकसित बनाया और अब समृद्धशाली प्रदेश बनाना है। उन्होंने कहा हमारे समृद्ध प्रदेश में महिलाओं का सशक्तिकरण होगा, युवाओं को हर साल 10 लाख रोजगार एवं स्वरोजगार देंगे, बेटे-बेटियों की पढ़ाई की व्यवस्था कराएंगे, बेटियों को 12 वीं में 70 प्रतिशत अंक लाने पर कॉलेज जाने के लिए स्कूटी देंगे। 
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के नेता किसान, किसान कहते रहते हैं, लेकिन अब तक किसानों के लिए कुछ नहीं किया। 54 साल तक मध्यप्रदेश में राज किया, लेकिन किसानों की भलाई के लिए यदि कोई काम किया हो तो बताएं। कांग्रेस की सरकार में 18 प्रतिशत की दर पर ब्याज मिलता था, लेकिन भाजपा की सरकार ने जीरो प्रतिशत पर किसानों को कर्ज देने की व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि दिल्ली से राहुल बाबा भी आते हैं और किसानों की बातें करते हैं, लेकिन उन्हें यही नहीं पता कि धान की बाली कैसे लगती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने पंजाब और कर्नाटक में भी किसानों के कर्जमाफी की बातें कही थी, लेकिन अब तक कर्जमाफी कर पाए क्या? अब प्रदेश के किसानों को कर्जमाफी का सपना दिखाकर सत्ता में आना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने किसानों को गेहूं और धान पर बोनस देने की व्यवस्था शुरू की। यह बोनस इस वर्ष भी दिया जाएगा। छोटे किसानों को भी बोनस देंगे। 
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा की सरकार ने मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकारों के मुकाबले 15 गुना ज्यादा काम किया है। उन्होंने 54 वर्ष तक मध्यप्रदेश में राज किया, लेकिन हम 15 वर्षों से सत्ता में हैं और इन वर्षों में हमने उनसे 15 गुना ज्यादा काम किया है।

नेहरूगांव (बुधनी)। मध्य प्रदेश में तीन बार से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरे कांग्रेसी उम्मीदवार अरुण यादव ने कहा कि वह बुधनी में एक ‘‘शैतान’’ से लड़ रहे हैं। यादव ने चौहान पर ‘‘अत्यधिक अत्याचार’’ करके अपने क्षेत्र और पूरे राज्य के लोगों को धोखा देने का आरोप लगाया। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष यादव ने कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं कि कांग्रेस 15 साल सत्ता से बाहर रहकर इसे फिर से हासिल करने के लिए बड़ी जंग लड़ रही है लेकिन उन्हें चौहान के खिलाफ जीत का पूरा भरोसा है।

 
सत्तारूढ़ भाजपा के नेताओं ने कांग्रेसी नेताओं के इन दावों को खारिज किया कि मुख्यमंत्री का गढ़ माने जाने वाले बुधनी में ज्यादा विकास नहीं हुआ है। भाजपा का कांग्रेसी आरोपों पर जवाब है कि राज्य में अतीत के कांग्रेस के शासन के मुकाबले बीते 15 साल में अधिकतम विकास हुआ है। भाजपा नेताओं का कहना है कि यादव को ‘‘बलि का बकरा’’ बनाया गया है।इससे पहले, चौहान ने उनके खिलाफ यादव को चुनाव लड़ाने के लिए कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि कांग्रेस ने उनके ‘‘मित्र’’ के साथ ‘‘अन्याय’’ किया है, पहले उन्हें प्रदेश इकाई अध्यक्ष के पद से हटाकर और फिर बुधनी से टिकट देकर। हालांकि यादव ने कहा कि यह उनके लिए सम्मान की बात है कि पार्टी ने उन्हें ऐसे व्यक्ति के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए टिकट दिया जो 230 विधानसभा सीटों के लिए 28 नवंबर को होने वाले चुनाव में भाजपा के पूरे अभियान का चेहरा है।
 
यादव ने इस क्षेत्र में चुनावी प्रचार के दौरान दिये साक्षात्कार में कहा, ‘‘यह फैसला मेरे बॉस राहुल गांधी का था। और मुझे लगता है कि यहां मेरे आने का लक्ष्य बुधनी में मतदाताओं को यह संदेश देना है कि हम इसे लड़ सकते हैं।’’ प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुभाष यादव के बेटे और 44 साल के कांग्रेसी नेता ने कहा, ‘‘मैं उन्हें दानव कहता हूं। मेरी पार्टी ने उनके खिलाफ मुझे उतारा है और मुझे लगता है कि यह मेरे लिए सम्मान की बात है। लोग उत्साहित हैं और यह सबसे अच्छी बात है।’’ मुख्यमंत्री को ‘‘शैतान’’ कहने के बारे में उन्होंने कहा कि ऐसा कहने के कुछ कारण हैं। यादव ने आरोप लगाया, ‘‘मध्यप्रदेश भारत का एकमात्र राज्य है जहां महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, जहां किसानों की खुदकुशी की संख्या सर्वाधिक है और सिहोर (बुधनी जिला मुख्यालय) में यह सबसे ज्यादा है। बीते 15 साल में, युवाओं के लिए नौकरियां नहीं हैं। मध्यप्रदेश में अब तक का सबसे बड़ा घोटाला व्यापमं है जबकि अवैध बालू खनन और अन्य भ्रष्टाचार भी हैं।’’

 

 
केन्द्रीय मंत्री भी रह चुके यादव ने कहा कि इन चुनावों में सत्ता में वापस आना कांग्रेस के लिए जरूरी है।उन्होंने कहा, ‘‘मैं दृढता से ऐसा मानता हूं––– हर कार्यकर्ता और नेता को एकसाथ मिलकर चुनाव लड़ना होगा और सुनिश्चित करना होगा कि हम इस बार सत्ता में आएं।’’ उन्होंने आशा जताई कि कांग्रेस करीब 155 सीटें जीतकर आसानी से बहुमत हासिल कर लेगी।खंडवा-खरगोन सीट से दो बार के सांसद ने आरोप लगाया कि चौहान आधारभूत ढांचे और उद्योगों की बात करते हैं तथा हर साल उद्योग बैठक करते हैं लेकिन कोई उद्योग या रोजगार नहीं है। यादव ने आरोप लगाया, ‘‘राज्य अब पूरी तरह से दिवालिया हो चुका है और उस पर एक लाख 70 हजार करोड़ का ऋण बोझ है। वह (चौहान) खुद को ‘मामा’ कहते हैं लेकिन उनके शासन में सबसे ज्यादा ‘दुराचार’ और ‘अत्याचार’ हुए हैं।’’।यह पूछे जाने पर कि वह चौहान की छवि का मुकाबला कैसे करेंगे, यादव ने खुद को इस सीट से असली ‘‘नर्मदा पुत्र’’ और भूमि पुत्र बताया।
 
उन्होंने कहा, ‘‘मैं किसानों पर गोलियां चलाने या लोगों को मारने में (मंदसौर घटना का संदर्भ) भरोसा नहीं रखता। मेरे लिए, हर मतदाता महत्वपूर्ण है। मेरे लिए प्यार और स्नेह महत्वपूर्ण है जो बुधनी की जनता ने मुझे दिया है। अगर वह असली ‘मामा’ हैं तो मुख्यमंत्री बनने के बाद, लोग खुदकुशी क्यों कर रहे हैं और महिलाएं असुरक्षित क्यों हैं?’’

मध्यप्रदेश की चुनावी जंग में भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी है। स्टार प्रचारकों में शामिल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज आष्टा विधानसभा क्षेत्र में जनसभा को संबोधित किया।

 

योगी ने 15 साल की शिवराज सरकार की तुलना कांग्रेस राज से करते हुए कहा, "बीते साढ़े चार साल में जिस तरह से शिवराज सिंह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश आगे बढ़ा है, उससे हमें चौथी बार सरकार बनाने का मौका मिलना ही चाहिए। 15 साल पहले मध्यप्रदेश में न सड़कें ठीक थीं, न बिजली आती थी। अपराध का बोलबाला था। मध्यप्रदेश एक बीमारू राज्य बन गया था। भाजपा सरकार ने इसे बीमारू से उबार कर समृद्ध बनाया।"

योगी ने कांग्रेस पर एक बार फिर हमला बोला। योगी ने कहा कि आतंकवाद. नक्सलवाद, अराजकता और भ्रष्टाचार की जड़ में कांग्रेस है। कांग्रेस की नस-नस में भ्रष्टाचार है। उन्होंने कहा कि गरीबों को खाद्यान्न और किसानों को बोनस देने का काम शिवराज सरकार ने किया। प्रदेश को पावर सरप्लस राज्य बनाने का काम भी बीते सालों में हुआ है।
योगी ने केंद्र की योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "भाजपा का मानना है कि देश के सभी संसाधनों पर हर महिला, मजदूर, किसान का हक है। प्रधानमंत्री मोदी ने 2022 तक हर परिवार को छत और स्वच्छ भारत के तहत शौचालय देने का एलान किया है। गरीब के घर में बिजली कनेक्शन हो, सिर पर छत हो, घर में शौचालय हो, रोजगार हो वही हमारे लिए राम राज्य की स्थापना है।"

मध्यप्रदेश में 28 नवंबर को मतदान होना है। नतीजे 11 दिसंबर को आएंगे।

राफेल सौदे का मामला चुनाव का अहम मुद्दा बना हुआ है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बुधवार को मध्य प्रदेश के इंदौर में केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राफेल डील पर देश में ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। मोदी सरकार से विपक्षी पार्टियां और कई राजनीतिक समूह मीटिंग की बात कर रहे हैं लेकिन सरकार तैयार नहीं है इससे पता चलता है कि इस सौदे में जरूर दाल में कुछ काला है। 

 
मध्यप्रदेश में 28 नवंबर को चुनाव होने वाले हैं। एक तरफ जहां यहां राजनीतिक पार्टियों का जमावड़ा लगा हुआ है वहीं राममंदिर से लेकर राफेल डील तक पर बयानबाजी का दौर भी तेज होता जा रहा है।


इंदौर में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भाजपा सरकार पर वादा खिलाफी का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी ने देश में हर साल दो करोड़ युवाओं को नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन वह अपना वादा पूरा करने में नाकाम रहे हैं। अगर श्रम विभाग के आंकड़ों को खंगाले तो पता चलता है कि  पिछले चार वर्षों में हर तिमाही में महज कुछ हजार ही नौकरी मिल सकी है। 

यही नहीं मौनी कहे जाने वाले मनमोहन सिंह ने राज्य की शिवराज सरकार को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसान बेहाल है। लोन, फसल और सुविधाएं नहीं मिलने से किसान की स्थिति दयनीय बनी हुई है। राज्य सरकार ने किसानों की समस्या पूरा करने में नाकाम रही है। उन्होंने राज्य में हुए सबसे बड़े व्यापमं घोटाले पर भी लोगों का ध्यान खींचा। 

दिग्विजय सिंह के ट्विटर पर गलत फोटो डालने के बाद अब बीजेपी पर अपने विज्ञापन में प्रदेश की सड़कों का गलत विज्ञापन डालने का आरोप लगा है. कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी ने 'समृद्धि सड़कों की' के नाम से दिए गए विज्ञापन में जिस सड़क का फोटो दिया है, वो मध्य प्रदेश की है ही नहीं.

'समृद्धि सड़कों की' के नाम से मध्यप्रदेश के अखबारों में दिया गया बीजेपी का विज्ञापन अब विवादों में आ गया है. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि इस विज्ञापन में सीएम शिवराज सिंह चौहान और पीएम मोदी के फोटो के साथ बैकग्राउंड में जिस तरह का एक्सप्रेस-वे बनाने का दावा किया गया है, वो तस्वीर एमपी की नहीं बल्कि विदेश की है. विज्ञापन में दी गई तस्वीर में गाड़ियां लेफ्ट हैंड ड्राइव पर चल रही हैं जबकि भारत में राइट हैंड ड्राइव होती है.

कांग्रेस का आरोप है कि विज्ञापन में जो फोटो इस्तेमाल की गई है, वो विदेशी हाईवे या फिर एक्सप्रेस-वे की है. कांग्रेस ने इसे मुद्दा बनाकर बीजेपी पर भ्रामक प्रचार करने का आरोप लगाया है. इस विज्ञापन में इस्तेमाल किए गए फोटो को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग में जाकर शिकायत की है.

 

मध्यप्रदेश कांग्रेस के मीडिया कन्वेनर नरेंद्र सलूजा ने बताया कि अखबार में जिस सड़क की फोटो दी गई है, उसे देखने से लगता है कि ये भारत या मध्य प्रदेश की नहीं है. इसमें उलटी दिशा में गाड़ियां चल रही हैं. सलूजा ने आरोप लगाया कि यह विदेशी सड़क की फोटो है क्योंकि जिन गाड़ियों का फोटो इसमें है, वो भी विदेशी हैं और बीजेपी भ्रामक प्रचार के जरिए जनता को गुमराह कर रही है.

बीजेपी के इस विज्ञापन में अगली सरकार में सड़क निर्माण को लेकर पांच साल का रोडमैप जारी किया है. वहीं बीजेपी को इस विज्ञापन में कुछ भी गलत नजर नहीं आ रहा है. बीजेपी के भोपाल से सांसद आलोक संजर का कहना है कि कांग्रेस ने अगर चुनाव आयोग से शिकायत की है, तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा. संजर ने कहा, 'हम जो कुछ भी अच्छा दिखा रहे हैं वो कांग्रेस को लगता है कि विदेश का है. कांग्रेस ने तो पाकिस्तान के पुल को भारत का बता दिया था, बांग्लादेश की सड़क को एमपी का बता दिया था. कांग्रेस पहले अपने गिरेबान में झांक कर देखे, उसके बाद बीजेपी पर इस तरह के आरोप लगाए.'

देश इस समय चुनावी जंग का मैदान बन गया है क्योंकि 5 राज्यों में लोकसभा चुनाव होने जा रहे है और सभी पार्टियां एक-दूसरे पर जुबानी जंग से वार कर रहे है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र (संकल्प पत्र) जारी कर दिया हैं। इस मौके पर केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली, धर्मेंद्र प्रधान, नरेंद्र सिंह तोमर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, राज्य बीजेपी के अध्यक्ष राकेश सिंह, प्रभात झा समेत अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे। मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने अपना घोषणापत्र पहले ही जारी कर दिया था और कहा था कि अगर उनकी सरकार बनता है तो वो किसानों का कर्ज मांफ करेंगे। अब बीजेपी ने अपना संकल्प पत्र जारी करते हुए कहा है कि किसानों के साथ न्याय होगा। बीजेपी पिछले 15 सालों से सत्तारूढ़ है। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत कई दिग्गज लगातार रैलियां कर रहे हैं। मध्य प्रदेश की सभी 230 सीटों पर 28 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। वोटों की गिनती 11 दिसंबर को होगी।

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 के लिए चुनाव अभियान तेज हो गया है। इसी कड़ी में आज का दिन बहुत अहम है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी राज्य में चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी नरेंद्र मोदी 16 से 25 नवंबर के बीच पांच दिन मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे। प्रदेश में 28 नवंबर को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होने हैं। 

 

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व सांसद राकेश सिंह ने प्रधानमंत्री के दौरे की जानकारी देते हुए बृहस्पतिवार को बताया कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री 16 नवंबर को दोपहर 2 बजे शहडोल एवं शाम 05.05 बजे ग्वालियर में चुनावी जनसभा को संबोधित करेंगे। 

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी 18 नवंबर को छिंदवाड़ा और इंदौर में, 20 नवंबर को झाबुआ और रीवा में, 24 नवंबर को मंदसौर और छतरपुर में और 25 नवंबर को विदिशा और जबलपुर जिलों में जनसभाओं को संबोधित करेंगे। 

वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी आज देवरी, बरघाट, मंडला, शहडोल में जनसभाओं को संबोधित करेंगे और रात में शहडोल में करेंगे। इनके अलावा बीजेपी अध्यक्ष शाह गुरुवार को राज्य में रहे, शुक्रवार को फिर विमान द्वारा खजुराहो पहुंचेंगे। उसके बाद टीकमगढ़, सागर और दमोह में जनसभा को संबोधित करने के बाद खजुराहो होते हुए दिल्ली रवाना हो जाएंगे। 

मोदी की छवि का फायदा उठाकर भाजपा चौथी बार प्रदेश में सत्ता हासिल करने के लिये पुरजोर प्रयास कर रही है। प्रदेश के दोनों मुख्य दलों भाजपा और कांग्रेस की नजर मोदी के प्रदेश के चुनावी दौरों पर है। 

प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने दावा किया कि प्रदेश में मोदी के चुनावी दौरों से कोई असर नहीं होने वाला है। उन्होंने कहा कि भाजपा के पिछले 15 सालों के शासन के कारण जनता में प्रबल सत्ता विरोधी लहर चल रही है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस इस चुनाव में पूर्ण बहुमत हासिल करने वाली है। 

वहीं भाजपा प्रवक्ता अनिल सौमित्र ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी करिश्माई नेता हैं और उनके प्रदेश में चुनावी दौरों के बाद भाजपा को बहुत फायदा होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने इस बार "अबकी बार 200 पार" का लक्ष्य रखा है। मध्यप्रदेश में विधानसभा की कुल 230 सीटें हैं।

जस्टिस एसके सेठ ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की शपथ ले ली है। भोपाल के राजभवन में एसके सेठ ने शपथ ग्रहण की। बता दें कि केंद्र सरकार ने 9 नवंबर को नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी थी। एक नवंबर 2018 को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस हेमंत गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस के पद की शपथ ली थी।

 

जस्टिस हेमंत की जगह एसके सेठ को चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने वरिष्ठता के आधार पर उन्हें हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाए जाने की सिफारिश की थी। इसके बाद 9 नवंबर को कानून मंत्रालय ने नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी। जस्टिस एसके सेठ का जन्म 10 जून 1957 को हुआ। 

बीए-एलएलबी करने के पश्चात् उन्होंने वर्ष 1981 में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में वकालत का व्यवसाय शुरू किया। 21 मार्च 2003 को उन्हें मप्र हाईकोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया। 19 जनवरी 2004 को जस्टिस सेठ को स्थाई न्यायाधीश नियुक्त किया गया। वर्तमान में वे एक्टिंग चीफ जस्टिस के पद पर कार्यरत थे।

  • जातिवाद, एंटीइंकम्बेंसी की वजह से बागियों को क्षेत्रों में मजबूती मिल रही
  • दिग्विजय सिंह का कहना है कि भाजपा के मुकाबले उनकी पार्टी में बागी कम, कहा- हमें चिंता नहीं

भोपाल .  मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में नाम वापसी की आखिरी तारीख 14 नवंबर को सिर्फ एक दिन बचा है और अभी तक अपनी पार्टियों के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंकने वाले कई बागी पटरी पर नहीं लौट पाए हैं। इस कारण भाजपा-कांग्रेस दोनों का ही टेंशन बढ़ गया है। कांग्रेस को सबसे ज्यादा परेशानी मालवा-निमाड़ और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में हो रही है। राज्य में 28 नवंबर को मतदान होगा और परिणाम 11 दिसंबर को आएंगे।

 

 

यहां करीब दो दर्जन बागी ऐसे हैं, जो पार्टी प्रत्याशियों को सीधी चुनौती दे रहे हैं। हालांकि पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह का कहना है कि भाजपा के मुकाबले उनकी पार्टी में बागी कम हैं और जो हैं उन्हें भी एक-दो दिन में मना लेंगे। वहीं बागियों और दमदार निर्दलीय प्रत्याशियों के कारण भाजपा के 14 मंत्रियों की राह मुश्किल हो रही है। जातिवाद, एंटीइंकम्बेंसी के कारण यहां बागियों को ताकत मिली है। ज्यादातर मंत्री ऐसे हैं, जो कई चुनाव से जीतते आ रहे हैं। इसलिए इनकी सीटों पर पार्टी पीएम मोदी, अमित शाह के दौरे रखने की तैयारियों में जुटी है।

 

      एंटी इंकम्बेंसी के कारण सीट बचाने की जुगत में गली-गली प्रचार

 

      कांग्रेस का सिरदर्द

 खरगोन : भगवानपुरा सीट से विजय सिंह सोलंकी के सामने केदार डाबर बागी बनकर चुनौती दे रहे हैं। डाबर के पिता चिड़ाभाई चार बार विधायक रहे हैं, इसलिए उनकी क्षेत्र में अच्छी खासी पैठ है।

  • बड़वानी : रमेश पटेल के सामने बागी राजेंद्र मंडलोई निर्दलीय खड़े हैं। भाजपा ने प्रेम सिंह पटेल को उतारा है जो रमेश के चाचा हैं।
  • पंधाना : यहां छाया मोरे के सामने बागी रूपाली बारे निर्दलीय लड़ रही हैं। मोरे पंधाना की नहीं हैं, इसलिए यहां उनका विरोध है। वहीं बारे के पिता यहां से दो बार चुनाव लड़े, इसलिए उनका जनसंपर्क अच्छा है।
  • बुरहानपुर : बागी सुरेंद्र सिंह उर्फ शेरा मैदान में हैं। वे रवींद्र महाराज को चुनौती दे रहे हैं। शेरा के दो भाई शिवकुमार और महेंद्र सिंह सांसद रह चुके हैं, इसलिए महाजन के खिलाफ असंतोष है।
  • इंदौर-5 : सत्यनारायण पटेल के सामने पार्टी के मजबूत नेता छोटे यादव निर्दलीय उतरे हैं। वे पटेल को बाहरी कहकर विरोध कर रहे हैं।
  • भोपाल मध्य : कांग्रेस से बागी रईस बबलू सपा से उतरे हैं। उनकी दावेदारी ने आरिफ मसूद का गणित बिगाड़ा है। 
  • जावरा : जिला पंचायत उपाध्यक्ष रहे किसान नेता डीपी धाकड़ निर्दलीय उतरे हैं। पार्टी ने केके सिंह को टिकट दिया है। जो कि महेंद्र सिंह कालूखेड़ा के भाई हैं।
  • उज्जैन दक्षिण : प्रत्याशी राजेंद्र वशिष्ठ के सामने पार्टी के लिए जय सिंह दरबार निर्दलीय मैदान में हैं। 
  • जावद : समंदर पटेल निर्दलीय हैं, वे कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार अहीर को चुनौती दे रहे हैं। पटेल का नाम अंतिम समय में कटा, इसलिए वे विरोध में उतरे। 
  • ग्वालियर ग्रामीण : साहिब सिंह गुर्जर जो जिला पंचायत के सदस्य हैं, गुर्जर बाहुल्य इस सीट से वे कांग्रेस से टिकट न मिलने के कारण बसपा से चुनाव लड़ रहे हैं। 
  • चंदेरी : भाजपा से पूर्व विधायक रहे राजकुमार सिंह यादव के बसपा से चुनाव लड़ने के कारण कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों का चुनावी गणित बिगड़ गया है। कांग्रस के वर्तमान विधायक गोपाल सिंह चौहान को टिकट मिला है, जो पार्टी में अंतर्विरोध को झेल रहे हैं। 
  • सेवढ़ा : कांग्रेस से बागी हुए दामोदर सिंह यादव केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाह के दल से चुनाव लड़ रहे हैं। 
  • महाराजपुर : राजेश मेहतो कांग्रेस के पुराने नेता हैं। टिकट न मिलने से वे बसपा से चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस ने नए चेहरे नीरज दीक्षित को चुनौती दे रहे हैं। 
  • राजनगर : कांग्रेस के बागी नितिन चतुर्वेदी मैदान में हैं। यहां से उनके पिता कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पुत्र की फील्डिंग में लगे हैं जबकि वे दिग्विजय की समन्वय समिति के सदस्य थे।
  • पथरिया :  युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अनुरागवर्धन हजारी टिकट न मिलने से सपा से चुनाव लड़ रहे हैं। यहां से कांग्रेस गौरव परटले को टिकट दिया है। यहां से भाजपा से बागी हुए पूर्व मंत्री रामकृष्ण कुसमारिया मैदान में है।

      भाजपा की मुश्किल

 गौरीशंकर बिसेन : पांच बार विधायक बिसेन के सामने कांग्रेस ने पूर्व सांसद विश्वेश्वर भगत हैं। दोनों पंवार जाति के प्रभावशाली व्यक्ति हैं। पिछले चुनाव में 44 फीसदी वोट लेकर दूसरे नंबर पर रहीं अनुभा मुंजारे फिर मैदान में हैं। इनके पति व पूर्व विधायक कंकर मुंजारे सटी हुई सीट परसवाड़ा से मैदान में हैं। वर्ष 2013 के चुनाव में अनुभा के कारण बिसेन बमुश्किल 2500 वोटों से जीत पाए थे।

  • जयंत मलैया : कुर्मी वर्ग के बड़े नेता व पांच बार के भाजपा सांसद रहे डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया बागी होकर चुनौती दे रहे हैं। 2013 में मलैया 4 हजार 953 वोटों से जीते थे। इस बार कांग्रेस ने दमोह में युवा चेहरा राहुल लोधी दिया है। उनके चचेरे भाई को पड़ोस की सीट बड़ा मलहरा सीट से टिकट मिला।
  • ललिता यादव : छतरपुर से विधायक रहीं, लेकिन इस बार सीट बदल कर बड़ा मलहरा से चुनाव लड़ रही हैं। यहां भाजपा ने लगातार दो बार की विधायक रेखा यादव का टिकट काटा है जो उमा भारती खेमे से थीं। रेखा यादव विरोध भी कर रही हैं। 
  • दीपक जोशी : हाटपिपल्या से कांग्रेस ने खाती समाज को बल देते हुए मनोज चौधरी को टिकट दिया। जोशी इसी वर्ग के कारण सीट बदलना चाहते थे। जो नहीं हुआ।
  • अर्चना चिटनीस : ऐन वक्त पर कांग्रेस ने हामिद काजी का टिकट बदलकर रविंद्र महाजन को उतारा है। महाराष्ट्रीय वैश्य के सामने आने के बाद हिंदू वोट बंटेगा, जिसका फायदा कांग्रेस उठा सकती है। काजी महाजन के पक्ष में खड़े हैं।
  • गोपाल भार्गव : कांग्रेस उम्मीदवार कमलेश साहू आरएसएस के स्वयंसेवक के साथ रेहली में भाजपा सांसद प्रहलाद पटेल के सांसद प्रतिनिधि रहे। अप्रैल में भाजपा छोड़कर कांग्रेस ज्वाइन की। हार्दिक पटेल के कार्यक्रम में गए। क्षेत्र में पटेल समुदाय के बड़े नेता जीवन पटेल ने समर्थन दिया। इसलिए भार्गव की टेंशन बढ़ी है। 
  • राजेंद्र शुक्ला : समदड़िया ग्रुप को जमीन देने के मामले में पहले से ही सुर्खियों में हैं। अब भाजपा छोड़कर कांग्रेस में गए अभय मिश्रा शुक्ला के सामने उम्मीदवार हैं। सूत्रों की मानें तो जातिगत के हिसाब से पहले ब्राह्मण वोट एकतरफ शुक्ला को मिलता था। इस बार बंट सकता है।
  • रुस्तम सिंह : मुरैना सीट त्रिकोणीय संघर्ष में आ गई है। कांग्रेस ने रघुराज सिंह कंसाना को टिकट दिया और दिमनी से बसपा के विधायक चुने गए बलबीर सिंह दंडोतिया मुरैना से फिर बसपा प्रत्याशी बने हैं। 2013 के चुनाव में रुस्तम सिंह सिर्फ 1704 वोटों से जीत पाए थे। इस बार उनके एक बयान चर्चा में है जिसमें उन्होंने कहा था कि गुर्जर एक हो जाओ नहीं तो ब्राह्मण के हाथ में सीट चली जाएगी।
  • संजय पाठक : कांग्रेस उम्मीदवार पद्मा शुक्ला से 2013 में महज 929 वोटों से जीते पाठक फिर इस बार आमने-सामने हैं। पिछले चुनाव में पद्मा भाजपा से थीं, इस बार कांग्रेस से हैं। पाठक कांग्रेस से भाजपा में चले गए। इस बार क्षेत्र में उनका विरोध भी प्रभाव डाल रहा है।
  • शरद जैन : भाजपा के बागी पूर्व युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष रहे धीरज पटेरिया मैदान में कूद गए हैं। कांग्रेस ने विनय सक्सेना को और सपाक्स ने आशीष जैन को टिकट दिया है। जैन वोट बंटते हैं तो शरद जैन मुश्किल में रहेंगे।
  • सुरेंद्र पटवा : क्षेत्र में विरोध है। कांग्रेस से सुरेश पचौरी सामने हैं। टिकट बांटने के दौरान ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को एक रोड-शो करना पड़ा।
  • रामपाल सिंह : रघुवंशी समाज नाराज है। वे सीट बदलकर उदयपुरा जाना चाहते थे, लेकिन पार्टी तैयार नहीं हुई। सपाक्स ने माधुरी रघुवंशी को टिकट दिया है।
  • उमाशंकर गुप्ता : कांग्रेस से नाराज संजीव सक्सेना के मानने के बाद अब गुप्ता की क्षेत्र में चुनौती बढ़ी है। कर्मचारी बहुल इस दक्षिण -पश्चिम सीट में एंटी इनकंबेंसी भी है।
  • बालकृष्ण पाटीदार : किसान और पाटीदार समाज का विरोध तेज होने पर मुश्किल होगी।
  • नारायण सिंह कुशवाहा : ग्वालियर दक्षिण से कांग्रेस प्रवीण पाठक के सामने  उतरे हैं। यहां उन्हें पूर्व महापौर और बागी समीक्षा गुप्ता निर्दलीय होकर चुनौती दे रही हैं। 

कांग्रेस ने मध्यप्रदेश के लिए अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है। इसे वचनपत्र का नाम दिया गया है। घोषणापत्र में किसानों की कर्जमाफी, बेरोजगारी भत्ता और महिला सुरक्षा को लेकर बड़े वादे किए गए हैं। 112 पन्ने के वचनपत्र में 973 घोषणाएं शामिल की गई हैं। लेकिन पार्टी का मुख्य फोकस 75 घोषणाओं पर है। 

ये हैं कुछ बड़े वादे:

1. किसानों के 75 हजार 800 करोड़ का कर्ज माफी का वादा

 

2. डीजल-पेट्रोल पर छूट मिलेगी
3. किसानों का बिजली बिल आधा करेंगे
4. रसोई गैस पर छूट की घोषणा
5. जन आयोग का गठन कर भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी लड़ाई लड़ेंगे
6. सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि 300 से बढ़ाकर 1000 करने का वादा
7. महिलाओं के स्व सहायता समूह के कर्ज माफ होंगे
8. लड़कियों के विवाह के लिये ₹51000 का अनुदान
9. विधान परिषद का गठन
10. ₹10000 प्रतिमाह हर परिवार के एक बेरोजगार युवा को दिया जाएगा
11. वकीलों, पत्रकारों के लिए सुरक्षा अधिनियम
12. पुलिस फोर्स में महिलाओं को प्राथमिकता
13. सभी टॉपर्स को फ्री लैपटॉप

इस मौके पर मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और चुनाव अभियान समिति के मुखिया ज्योतिरादित्य सिंधिया मौजूद हैं। कमलनाथ ने कहा, "भाजपा ने घोषणापत्र के नाम पर अब तक जुमलापत्र पेश किये हैं। कांग्रेस विकास का एक नया नक्शा बनाएगी। ये वचनपत्र पीसीसी में नहीं सड़क और खेतों में जाकर बना है।" 

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि हमारी सोच सकारात्मक, प्रगतिशील और एक नये सवेरे की सोच है, पहली बार घोषणापत्र नही वचनपत्र और संकल्प पत्र रखा जा रहा है।

मध्यप्रदेश में 28 नवंबर को मतदान होना है। 

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