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झीरम के शहीदों को शत-शत नमन, शहीदों की स्मृति में किया पौधारोपण, शहीदों के परिजनों से की मुलाकात

रायपुर, 15 अगस्त 2026/ स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने बस्तर जिले के झीरम घाटी पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीदों की स्मृति में पौधारोपण किया और उनके बलिदान को नमन करते हुए श्रद्धा एवं संकल्प के नारों के साथ उन्हें याद किया। इस दौरान उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि झीरम के शहीदों की याद में बने स्मारक को जल्द ही स्मरणीय स्वरूप में बनाया जाएगा, इसके लिए प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है।

इस मौके पर क्षेत्रीय विधायक श्री विनायक गोयल, महापौर जगदलपुर श्री संजय पांडे और क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधियों सहित कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री बीएन मीणा, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

झीरम की घटना छत्तीसगढ़ के लिए भयंकर विभीषिका

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि झीरम की घटना छत्तीसगढ़ के लिए एक भयंकर विभीषिका थी। इस घटना में हमने प्रदेश के वरिष्ठ और कुशल नेतृत्वकर्ताओं को खोया। राज्य के वरिष्ठ नेता श्री विद्याचरण शुक्ल, पूर्व मंत्री स्व. श्री नंदकुमार पटेल एवं नेता प्रतिपक्ष रहे स्व. श्री महेंद्र कर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधियों, सुरक्षा जवानों और नागरिकों का बलिदान छत्तीसगढ़ कभी नहीं भूल सकता।

श्री शर्मा ने कहा कि आज वे झीरम के शहीदों को यह बताने आए हैं कि जिस ताकत ने बस्तर को वर्षों तक अपने भय और हिंसा के साये में रखा, जिसने संविधान और लोकतंत्र की पहुंच को बस्तर के सुदूर अंचलों तक नहीं पहुंचने दिया, जिसने तिरंगे को फहराने से रोकने का प्रयास किया और विकास की गति को अवरुद्ध किया, उस ताकत को जड़ से उखाड़ फेंका गया है।

बस्तर अब खुली और आजाद हवा में सांस ले रहा है
श्री शर्मा ने कहा कि आज बस्तर फिर से खुली और आजाद हवा में सांस ले रहा है। तीन दिन की इस बस्तर तिरंगा यात्रा में हमने बस्तर के 5 ज़िलों में 600 किमी तय कर सभी को तिरंगा यात्रा द्वारा शांति का संदेश दिया और स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर नक्सलियों के आखिरी गढ़ रहे कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर तिरंगा फहराकर हमने पूरे देश को यह संदेश दिया है कि अब भारत का संविधान देश के हर कोने में लागू होगा। अब कोई बंदूक के बल पर इस धरती को मासूमों के रक्त से रक्तरंजित नहीं कर सकेगा। उन्होंने कहा कि झीरम के शहीदों का सपना ऐसा बस्तर था, जहां लोकतंत्र, शांति, विकास और विश्वास की जीत हो। आज बस्तर उसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

शहीदों के परिजनों से की मुलाकात, वीरों की मिट्टी की संग्रहित

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने शहीदों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने शहीदों के परिजनों से कहा कि शासन द्वारा सभी शहीदों के सम्मान में स्मारक निर्माण का कार्य किया जा रहा है। शहीदों के परिजनों ने झीरम की पवित्र मिट्टी पुलिस अधीक्षक को संग्रहित करने के लिए प्रदान किया।

बस्तर को गोलियों से नहीं, हौसले और विश्वास से जीता है

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बस्तर को रोकने वाला कोई नहीं है। बस्तर के युवाओं को जबरन हिंसा के रास्ते पर ले जाने वाली ताकतें कमजोर हो चुकी हैं। हमने बस्तर को केवल गोलियों से नहीं, बल्कि हौसले, विश्वास और विकास के संकल्प से जीता है। उन्होंने कहा कि भटके हुए युवाओं को हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए सरकार लगातार काम किया। इसका परिणाम है कि 3 हजार से अधिक लोगों ने पुनर्वास का रास्ता चुनकर हिंसा का त्याग किया है। यह परिवर्तन बस्तर में शांति और विश्वास की नई सुबह का संकेत है। उन्होंने कहा कि झीरम की घटना में हमने अपने प्रदेश का शीर्ष नेतृत्व खोया है परंतु यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस घटना में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से शामिल नक्सलियों को कुछ लोग अपना रोल मॉडल मानते हैं।

रायपुर, 15 अगस्त 2026/ स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने जगदलपुर स्थित लाला जगदलपुरी ग्रंथालय परिसर में स्थापित बस्तर क्रिएटर हब स्टूडियो का शुभारंभ किया। आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित यह क्रिएटर हब बस्तर के युवाओं, नवाचारी लोगों और स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी रचनात्मकता एवं विचारों को व्यापक मंच तक पहुंचाने का अवसर प्रदान करेगा।

शुभारंभ के अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने क्रिएटर हब की विभिन्न सुविधाओं का अवलोकन किया और यहां उपलब्ध आधुनिक तकनीकी संसाधनों की जानकारी ली। उन्होंने युवाओं को डिजिटल माध्यमों से अपनी प्रतिभा को सामने लाने और बस्तर की कला, संस्कृति, परंपरा, पर्यटन एवं विकास की सकारात्मक तस्वीर देश-दुनिया तक पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित किया।

पहले पॉडकास्ट में उप मुख्यमंत्री का इंटरव्यू

बस्तर क्रिएटर हब के शुभारंभ के साथ ही इसके पहले पॉडकास्ट में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा का इंटरव्यू भी रिकॉर्ड किया गया। उन्होंने बस्तर के विकास, युवाओं की भूमिका और नई तकनीकों के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर उपलब्ध कराने सहित विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा किए।

बस्तर की प्रतिभाओं को मंच देने और स्थानीय विषयों को वैश्विक स्तर तक पहुंचाना है

यह क्रिएटर हब बस्तर के युवाओं को कंटेंट निर्माण, पॉडकास्ट, वीडियो, डिजिटल मीडिया और अन्य रचनात्मक गतिविधियों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से स्थानीय युवा अपने विचारों, अनुभवों और नवाचारों को बेहतर तरीके से प्रस्तुत कर सकेंगे। बस्तर की प्रतिभाओं को मंच देने और स्थानीय विषयों को वैश्विक स्तर तक पहुंचाने की दिशा में बस्तर क्रिएटर हब स्टूडियो एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित होने की उम्मीद है।

इस अवसर पर इस अवसर पर महापौर श्री संजय पाण्डेय, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष श्री दिनेश कश्यप सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि और कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री बद्रीनारायण मीणा, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा, जिला पंचायत सीईओ श्री तन्मय खन्ना, सहायक कलेक्टर श्री यशवंत नाईक, शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं क्रिएटर हब से संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

अमर वाटिका में शहीदों को दी श्रद्धांजलि

रायपुर, 15 अगस्त 2026/ 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बस्तर क्षेत्र के वीर जवानों के अदम्य साहस, पराक्रम और बलिदान को नमन किया। जगदलपुर स्थित अमर वाटिका में आयोजित कार्यक्रम में कांकेर, नारायणपुर, सुकमा, दंतेवाड़ा जिले में पदस्थ अधिकारी-जवानों को जिन्हें वीरता पदक से अलंकृत पुलिस जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि जवानों के शौर्य ने बस्तर का नया इतिहास लिखा है,नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान में मिली ऐतिहासिक सफलताओं का श्रेय सुरक्षा बलों के साहस, समर्पण और दृढ़ संकल्प को जाता है।

छत्तीसगढ़ पुलिस के 141 जवानों को गैलेंट्री अवार्ड मिलना उनकी कर्तव्यनिष्ठा और शौर्य का प्रमाण

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जवान कठिन परिस्थितियों और आईईडी जैसे घातक खतरों के बीच भी पूरी निष्ठा से मोर्चे पर डटे रहे हैं। राज्य गठन के 25 वर्ष के भीतर छत्तीसगढ़ पुलिस के 141 जवानों को गैलेंट्री अवार्ड मिलना उनकी कर्तव्यनिष्ठा और शौर्य का प्रमाण है। श्री शर्मा ने कहा कि नई सरकार के गठन के बाद बस्तर के उन दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में भी राष्ट्रीय पर्वों पर तिरंगा फहराया जा रहा है, जहां पहले ऐसा संभव नहीं था। इस वर्ष 93 नए स्थानों पर तिरंगा फहराकर सुरक्षा बलों ने विश्वास और लोकतंत्र की नई नींव मजबूत की है।

बस्तर में संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था की प्रभावी स्थापना

उप मुख्यमंत्री ने जगदलपुर में 2025 अगस्त माह के दौरान हुए बड़े आत्मसमर्पण का उल्लेख करते हुए कहा कि 210 नक्सलियों द्वारा 163 हथियारों के साथ आत्मसमर्पण देश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पुनर्वास अभियान है। उन्होंने इसे सुरक्षा बलों के दृढ़ संकल्प और शांति की दिशा में बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि बस्तर में संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था की प्रभावी स्थापना जवानों के पराक्रम और स्थानीय जनता के विश्वास का परिणाम है। माओवादी विचारधारा पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि बंदूक के बल पर कायम व्यवस्था जनता के अधिकारों की रक्षा नहीं कर सकती। लोकतंत्र में वही व्यवस्था मान्य है, जो जनता द्वारा चुनी गई हो और जनता के प्रति जवाबदेह हो।

आधुनिक शिक्षा और तकनीक से जुड़ेंगे बस्तर के बच्चे
गृह मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता बस्तर की जल, जंगल और संस्कृति को संरक्षित रखते हुए यहां के बच्चों को आधुनिक शिक्षा और तकनीक से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में कभी बुनियादी सुविधाओं का अभाव था, वहां अब विकास की नई संभावनाएं तैयार हो रही हैं।उन्होंने बताया कि टेकुलगुड़म जैसे क्षेत्रों में सुरक्षा कैंपों को ‘शहीद वीर गुंडाधूर सेवा डेरा’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन केंद्रों में स्कूल, अस्पताल, आंगनबाड़ी और कौशल विकास केंद्र जैसी सुविधाएं स्थानीय संस्कृति और प्राकृतिक संसाधनों के अनुरूप विकसित की जाएंगी।

बस्तर में सुख, शांति और विकास का नया मार्ग प्रशस्त

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में शांति, विकास और लोकतंत्र की स्थापना की दिशा में लगातार सकारात्मक बदलाव हो रहे हैं। उन्होंने सभी जवानों और अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बस्तर में सुख, शांति और विकास का नया मार्ग प्रशस्त करने में सुरक्षा बलों के साथ-साथ यहां की जनता की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। इस अवसर पर वीर जवानों ने अपनी वीरता की कहानियों को बयां किया और शहीदों के पराक्रम की कहानियां साझा की।

इस दौरान गृह मंत्री ने अमर जवान शहीद स्मारक में पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और शहीदों की स्मरण पट्टिका पर पुष्पांजलि अर्पित की । इस दौरान महापौर श्री संजय पांडेय, सहकारी बैंक के अध्यक्ष श्री दिनेश कश्यप, अन्य जनप्रतिनिधि, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आई जी श्री बद्री नारायण मीणा, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा सहित पुलिस विभाग के अधिकारी- जवान उपस्थित रहे ।

 

स्वतंत्रता संग्राम की गौरवगाथा से विकसित छत्तीसगढ़ की नई तस्वीर तक को एक मंच पर समेट रही प्रदर्शनी

‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा, स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान और सुशासन की उपलब्धियों का सजीव प्रदर्शन

ऐतिहासिक टाउन हॉल और शहीद स्मारक के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने की 50-50 लाख रुपये देने की घोषणा

मुख्यमंत्री ने कहा - अपनी विरासत को सहेजते हुए विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा छत्तीसगढ़

21 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह 10.30 से रात 8 बजे तक आम नागरिक कर सकेंगे प्रदर्शनी का अवलोकन

रायपुर 15 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आज राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित सात दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के योगदान, अमर सेनानियों के शौर्य एवं बलिदान, ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा और राज्य में सुशासन एवं विकास की उपलब्धियों को समेटे यह प्रदर्शनी अतीत के गौरव से वर्तमान की उपलब्धियों और भविष्य की आकांक्षाओं तक छत्तीसगढ़ की यात्रा को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदर्शनी के विभिन्न खंडों का अवलोकन किया और वहां प्रदर्शित दुर्लभ छायाचित्रों, दस्तावेजों एवं सूचनात्मक सामग्री में विशेष रुचि दिखाई। उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता के लिए छत्तीसगढ़ की धरती के अनेक वीर सपूतों ने संघर्ष और बलिदान किया। उनके योगदान और राष्ट्रभक्ति की प्रेरक गाथाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हमारा दायित्व है। ऐसी प्रदर्शनियां युवाओं को अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित कराने के साथ उनमें राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यबोध और देश के प्रति समर्पण की भावना को और मजबूत करती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदर्शनी केवल इतिहास का स्मरण नहीं कराती, बल्कि विरासत से प्रेरणा लेकर विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को भी सुदृढ़ करती है। एक ओर इसमें स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान की अमर गाथाएं हैं, तो दूसरी ओर जनकल्याणकारी योजनाओं, सुशासन, आधुनिक अधोसंरचना और नई तकनीक के माध्यम से बदलते छत्तीसगढ़ की तस्वीर भी दिखाई गई है।

‘वंदे मातरम्’—राष्ट्रजागरण के अमर स्वर की 150 वर्षों की यात्रा

प्रदर्शनी का विशेष आकर्षण राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पर केंद्रित खंड है। इसमें ‘वंदे मातरम्’ की रचना से लेकर स्वतंत्रता आंदोलन में इसके राष्ट्रजागरण के मंत्र के रूप में स्थापित होने तक की यात्रा को ऐतिहासिक संदर्भों और छायाचित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।

स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान ‘वंदे मातरम्’ ने देशवासियों को एक सूत्र में बांधने और मातृभूमि के लिए त्याग एवं बलिदान की भावना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके स्वर ने स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों में नई ऊर्जा का संचार किया। 150 वर्ष की इस ऐतिहासिक यात्रा को प्रदर्शनी में विशेष स्थान देकर नई पीढ़ी को ‘वंदे मातरम्’ के राष्ट्रभाव और उसके ऐतिहासिक महत्व से परिचित कराया गया है।

छत्तीसगढ़ के वीर सेनानियों की संघर्ष और बलिदान की गौरवगाथा

प्रदर्शनी में स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ की भूमिका को विस्तार से प्रदर्शित किया गया है। प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानियों, जननायकों और अमर बलिदानियों के योगदान से जुड़े दुर्लभ छायाचित्र, दस्तावेज और ऐतिहासिक प्रसंग यहां दर्शकों को स्वतंत्रता आंदोलन के उस दौर से रूबरू कराते हैं, जब छत्तीसगढ़ की धरती पर भी ब्रिटिश शासन के विरुद्ध संघर्ष और जनजागरण की आवाज बुलंद हुई थी।

महात्मा गांधी के छत्तीसगढ़ प्रवास तथा यहां के सामाजिक एवं राष्ट्रीय आंदोलनों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों को प्रदर्शनी में विशेष स्थान दिया गया है। इन ऐतिहासिक दस्तावेजों के माध्यम से नई पीढ़ी यह जान सकेगी कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ का योगदान कितना व्यापक और गौरवपूर्ण रहा है।

हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया आजादी का 80वां पर्व

17 प्लाटूनों ने परेड में किया आकर्षक मार्च पास्ट

उत्कृष्ट दलों को मिले पुरस्कार

रायपुर, 15 अगस्त 2026 / राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में स्वतंत्रता दिवस का आयोजन पूरे हर्षाेल्लास और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुबह 9 बजे ध्वजारोहण किया और परेड की सलामी ली। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता के नाम अपने संदेश का वाचन भी किया।

समारोह में 17 प्लाटूनों ने भव्य मार्च पास्ट कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह मार्च पास्ट भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी श्री विमल कुमार पाठक के नेतृत्व में हुई। इस बार बिहार प्रदेश की पुलिस टुकड़ी आमंत्रित वर्ग में परेड में शामिल हुई। परेड के टूआईसी श्री निशांत गौरव कुर्रे थे। परेड में सीमा सुरक्षा बल, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ, एसएसबी, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (पुरुष-महिला), छत्तीसगढ़ पुलिस, जेल पुलिस, नगर सेना (पुरुष-महिला), एनसीसी (बालक-बालिका), बैण्ड प्लाटून, घुड़सवार दल और डॉग स्क्वॉड शामिल रहे। समारोह में महिला बैग पाईपर बैंड दल ने भी आकर्षक प्रस्तुती दी।

स्वतंत्रता दिवस समारोह की परेड में उत्कृष्ट दलों को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सम्मानित किया। केन्द्रीय बलों के वर्ग में भारत तिब्ब्त सीमा पुलिस की टुकड़ी को पहला स्थान मिला। आईटीबीपी के दल को पांच हजार रूपए और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। दूसरे स्थान पर सीमा सुरक्षा बल और तीसरे स्थान पर केन्द्रिय रिजर्व पुलिस बल का दल रहा। सीमा सुरक्षा बल की टुकड़ी को तीन हजार रूपए और सीआरपीएफ की टुकड़ी को दो हजार रूपए नकद राशि के साथ ट्राफी प्रदान कर सम्मानित किया गया।

राज्य बलों के वर्ग में पहला स्थान छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (महिला) को प्राप्त हुआ। विजेताओं को पांच हजार रूपए और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ जेल पुलिस का दल दूसरे स्थान पर रहा, जिसे तीन हजार रूपए और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ सशस्त्र पुलिस बल (पुरूष) ने तीसरा स्थान प्राप्त किया, जिन्हें दो हजार रूपए की नकद राशि और ट्रॉफी से नवाजा गया।

कंटीजेंट एनसीसी वर्ग में पहला स्थान एनसीसी गर्ल्स और दूसरा स्थान एनसीसी बॉयज के दल को मिला। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दोनों दल कमांडरों को ट्रॉफी प्रदान कर प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर परेड-टू-आईसी श्री निशांत गौरव कुर्रे, परेड कमांडर श्री विमल कुमार पाठक, महिला बैग पाईपर दल की कमांडर श्रीमती सोनबती ठाकुर, घुड़सवार दल के कमांडर श्री अनिल यादव, श्वान दल के कमांडर श्री राज कपूर सहित परेड प्रस्तुतियोजन के लिए डॉ. अनुराधा दुबे और श्री मनीष परमानंद को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।

सांस्कृतिक प्रतिस्पर्धा में सरगुजा संभाग प्रथम और दुर्ग संभाग के विद्यार्थी द्वितीय स्थान पर रहे

रायपुर, 15 अगस्त 2026/ राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउण्ड, पर आयोजित राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में लगभग साढ़े 800 स्कूली विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ की लोककला और संस्कृति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियां दी। इन प्रस्तुतियों के बीच हुई स्पर्धा में छत्तीसगढ़ उत्तर क्षेत्र सरगुजा संभाग के स्कूली विद्यार्थियों को पहला, छत्तीसगढ़ पश्चिम क्षेत्र दुर्ग संभाग के विद्यार्थियों को दूसरा और मध्य क्षेत्र रायपुर संभाग को तीसरा स्थान मिला। मुख्यमंत्री ने शील्ड-मेडल देकर सभी विजेताओं को सम्मानित किया।

छत्तीसगढ़ उत्तर क्षेत्र सरगुजा संभाग के 286 स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा वंदे मातरम, जय हिंद हम सबका अभिमान... जैसे रिमिक्स गीत पर देश भक्तिपूर्ण प्रस्तुति दी। इस नृत्य एवं गीत के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने वंदे मातरम के 150 वर्षों की तपस्या और मातृभूमि के अनंत प्रेम की कहानी को प्रदर्शित किया, साथ ही युवा शक्ति से लेस होकर नई ऊंचाईयों को छूते भारत को भी आकर्षक अंदाज में प्रस्तुति के माध्यम से दिखाया।

पश्चिम क्षेत्र दुर्ग संभाग के 277 विद्यार्थियों ने सजता, संवरता, निखरता ये देश... गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। इस नृत्य एवं गीत के माध्यम से अनेक अवसरों पर होने वाले नृत्यों की भी सुन्दर छाप दर्शकों के बीच पेश की। स्कूल के बच्चों ने इस प्रस्तुति के माध्यम से अपने भावों को अपने कदमों की लय और ऊर्जा में पिरो कर राष्ट्र प्रेम की अटूट झलक भी प्रस्तुत की।

मध्य क्षेत्र रायपुर संभाग के 280 बच्चों द्वारा संकल्प बोल के हम तो निकल पड़े... फ्यूजन गीत पर मनोरम प्रस्तुति दी गई। इस नृत्य एवं गीत के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने सैनिकों के शौर्य, उनके त्याग और बलिदान की गाथा को जीवंत किया।

रायपुर, 15 अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के मुख्य कार्यक्रम में घुड़सवार दलों ने अपने अदम्य साहस और ऊर्जा का जीवंत प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में महिला बैग बाईपर बैंड की लयबद्ध प्रस्तुति ने उपस्थित जनों की सराहना पाई। इसके साथ ही आज के कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पुलिस के श्वान दल के रोमांचक प्रदर्शन में दर्शकों को बेहद उपयोगी जानकारी भी दी।

घुड़सवार दल का हॉर्स शो आकर्षण का केंद्र

स्वतंत्रता दिवस समारोह में घुड़सवार दल का हॉर्स शो भी आकर्षण का केंद्र रहा। तीसरी वाहिनी अमलेश्वर के घुड़सवार दल ने फ्लैग मार्च, टेंट पैगिंग, नेज़ाबंदी शो, जंपिंग और गैलप राउंड जैसी रोमांचक प्रस्तुतियां दी। आरक्षक धनेश्वर कंवर ने अश्व आदित्री पर फ्लैग मार्च किया। अजय कुमार यादव ने अश्व आभा पर स्टैडिंग सैल्यूट किया गया। टैंट पैंगिंग में अश्व रूद्र, अश्वस्थामा, प्रिंसेस सारा और शक्ति में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। अश्व युवराज, अवनि, कावेरी, जूही और ओजस ने शो जंपिंग में जलवा दिखाया। उपस्थित जनसमुदाय ने अश्वदल का तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत अभिनंदन किया।

महिला बैगपाइपर बैंड ने दी आकर्षक प्रस्तुति

आरक्षक सोनबती ठाकुर के नेतृत्व में प्रदेश के पहले महिला बैगपाइपर बैंड ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में आर्कषक प्रस्तुति दी। 20वीं भारत रक्षित वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के 35 सदस्यों के इस बैगपाइपर बैंड द्वारा क्विक मार्च में इंडिया गेट, केसरिया बाना, हार्श मेन, शांति सेना और पुलकित हिमालय जैसी धुनें बजाई गई। बैंड ने स्लो मार्च में नवरंगी और तर्शपे रील, ड्रम कॉल भी सुनाया। बैंड के सदस्यों ने अपने हाथों में सेरेमोनियम मेस बैंड, बेस, टेनर, साइड ड्रम और बैगपाइपर जैसे वाद्ययंत्रों पर मोहक धुनें बजाकर उपस्थित जनसमुदाय का मन मोह लिया।

इस बैगपाइपर महिला बैंड ने 2022 में हरियाणा के पंचकुला में आईटीबीपी के बीटीसी मानु में 6 महीनों तक कड़ा प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इस बैगपाइपर बैंड ने 25 वीं अखिल भारतीय पुलिस बैंड प्रतियोगिता दीमापुर नागालैंड में 2024 में तीसरा स्थान प्राप्त किया था। यह प्रतियोगिता असम रायफल्स के दीमापुर प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित हुई थी। 26वीं अखिल भारतीय पुलिस पाईप बैंड हैदराबाद में आयोजित प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दल को गोल्ड मेडल भी मिला था। इस प्रतियोगिता में सोनबती ठाकुर ने बेस्ट कंडक्टर और पूरे प्लाटून में ऑल राउंडर द बेस्ट का खिताब भी जीता था।

डॉग स्क्वाड द्वारा रोमांचक एवं उपयोगी प्रदर्शन

स्वतंत्र दिवस समारोह के मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में छत्तीसगढ़ पुलिस के डॉग स्क्वाड ने भी अपनी दक्षता, अनुशासन, सुंघने की शक्ति का रोमांचक प्रदर्शन किया। स्क्वाड प्रभारी श्री राज कपूर के नेतृत्व में 7 विधााओं में डॉग स्क्वाड के श्वानों द्वारा अपने हैंडलर्स के निर्देशों का पालन प्रदर्शन करने पर उपस्थित जनसमुदाय भी रोमांच से भर गया। पुलिस डॉग मैक्स ने सभी अतिथियों को पुष्प गुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। प्रशिक्षित श्वानों ने कमल फूल की आकृति में खुद को व्यवस्थित कर खूब तालियां बटोरी। श्वानों द्वारा गोल रिंग में सिट, डाउन, रेस्ट स्लीप, रोल और अप जैसे निर्देश पूरी दक्षता से पूरे किये। वहीं गोल रिंग में जल रही आग के बीच से श्वान दुलार, मेरी और शिवा ने छलांग लगाकर लोगों को रोमांचित कर दिया। पुलिस परेड ग्राउंड पर इन प्रशिक्षित श्वानों ने जमीन में दबे विस्फोटक पदार्थों और नारकोटिक सामग्रियों को भी बड़ी तीव्रता से ढूंढ निकाला। श्वानों ने कई गंधों के मिश्रण से एक निर्धारित गंध की पहचान करने रूमाल सूंघ कर संबंधित व्यक्ति को पहचानने का भी प्रदर्शन किया।

पदक व राज्य स्तरीय पुरस्कारों से हुए अलंकृत

धमतरी के एएसआई रामावतार सिंह राजपूत को राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक

आईजी श्री रामगोपाल सहित 10 अधिकारियों को भारतीय पुलिस पदक

रायपुर, 15 अगस्त 2026/ स्वतंत्रता दिवस के 80वें पावन अवसर पर आज राजधानी रायपुर स्थित पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित गरिमामय राज्य स्तरीय मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के करकमलों से छत्तीसगढ़ पुलिस एवं नगर सेना के अधिकारियों तथा जवानों को उनकी कर्तव्यनिष्ठा, असाधारण कार्यकुशलता और विशिष्ट सेवाओं के लिए प्रतिष्ठित पदकों तथा राज्य स्तरीय पुरस्कारों से अलंकृत किया गया।
समारोह में रक्षित केन्द्र धमतरी के सहायक उप निरीक्षक श्री रामावतार सिंह राजपूत को उनकी 36 वर्षों से अधिक की निष्ठावान सेवा और आधारभूत प्रशिक्षण में उत्कृष्ट योगदान हेतु देश के सर्वाेच्च ’राष्ट्रपति के विशिष्ट सेवा पदक-2026’ से सम्मानित किया गया।

सराहनीय सेवाओं, अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था एवं आधुनिक नवाचारों के लिए भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों सहित कुल 10 पुलिसकर्मियों को ’सराहनीय सेवा हेतु भारतीय पुलिस पदक-2026’ प्रदान किया गया। इस पदक से अलंकृत होने वालों में पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज श्री रामगोपाल (भा.पु.से.), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ श्री शशिमोहन सिंह (भा.पु.से.), पुलिस अधीक्षक एटीएस नवा रायपुर श्रीमती राजश्री मिश्रा (भा.पु.से.), पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा (भा.पु.से.), सेनानी 7वीं वाहिनी छ.स.बल भिलाई श्रीमती निवेदिता पॉल, सेनानी 20वीं वाहिनी छ.स.बल महासमुंद श्रीमती मनीषा ठाकुर रावटे, पुलिस उपायुक्त रायपुर श्री तारकेश्वर पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विशेष आसूचना शाखा नवा रायपुर सुश्री उनैजा खातून अंसारी, सहायक सेनानी प्रथम वाहिनी छ.स.बल भिलाई श्री जयलाल मरकाम तथा प्लाटून कमाण्डर 20वीं वाहिनी छ.स.बल महासमुंद श्री हजारी लाल साहू शामिल हैं।

आपदा प्रबंधन, राहत कार्यों और जनसेवा में अद्वितीय भूमिका निभाने के लिए नगर सेना राजनांदगांव के नायक श्री उत्तम कुमार साहू को शिवनाथ नदी में बाढ़ बचाव कार्य तथा नगर सेना रायपुर के लांस नायक श्री जोगेश्वर कुमार धीवर को उत्कृष्ट गोताखोरी व प्रशिक्षण कार्यों के लिए ’गृह रक्षक तथा नागरिक सुरक्षा सराहनीय सेवा पदक-2026’ प्रदान किया गया।

कमजोर वर्गों, अनुसूचित जाति-जनजाति तथा महिला एवं बाल सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों को वर्ष 2025 के राज्य स्तरीय एवं पुलिस महानिदेशक पुरस्कारों से नवाजा गया। इसके तहत जांजगीर-चांपा के सहायक उप निरीक्षक श्री रामेश्वर प्रसाद यादव को ’गुरु घासीदास पुरस्कार’ (50 हजार रुपये नकद व बिलासपुर रेंज को रनिंग शील्ड) प्रदान किया गया। कमजोर वर्गों एवं महिला-बाल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए रायपुर की निरीक्षक श्रीमती अर्चना धुरंधर को ’राज्यपाल पुरस्कार’ एवं ’रानी सुबरन कुंवर पुरस्कार’ (प्रत्येक में 50 हजार रुपये नकद व रायपुर रेंज को रनिंग शील्ड) से अलंकृत किया गया। गरियाबंद की अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) सुश्री निशा सिन्हा को पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने हेतु ’मुख्यमंत्री पुरस्कार’ (50 हजार रुपये नकद व रायपुर रेंज को रनिंग शील्ड), अजाक थाना बिलासपुर के निरीक्षक श्री उत्तम साहू को उत्कृष्ट थाना संचालन हेतु ’शहीद वीरनारायण सिंह पुरस्कार’ (50 हजार रुपये नकद व बिलासपुर रेंज को रनिंग शील्ड) तथा उप पुलिस अधीक्षक (अजाक) बिलासपुर श्री डी.आर. टंडन को ’पुलिस महानिदेशक पुरस्कार’ (25 हजार रुपये नकद एवं प्रशंसा पत्र) से सम्मानित किया गया।

समारोह में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री विवेकानंद (भा.पु.से.) के संपूर्ण प्रभार तथा नगर पुलिस अधीक्षक दर्री (कोरबा) श्री विमल कुमार पाठक (भा.पु.से.) के नेतृत्व में भव्य परेड का आयोजन किया गया। परेड में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, जिला पुलिस बल, जेल पुलिस, नगर सेना, एन.सी.सी. तथा विशेष शाखाओं की टुकड़ियों ने अनुशासित एवं आकर्षक मार्च पास्ट प्रस्तुत किया।

राष्ट्रसेवा, संगठन निर्माण और जनकल्याण के प्रति समर्पित रहा कुशाभाऊ ठाकरे जी का संपूर्ण जीवन - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

सादगी, अनुशासन और कार्यकर्ताओं के प्रति आत्मीयता ने उन्हें बनाया सार्वजनिक जीवन का आदर्श : मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर 15 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में स्वर्गीय श्री कुशाभाऊ ठाकरे की जयंती पर उनके छायाचित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री ने श्री ठाकरे के व्यक्तित्व एवं कृतित्व का स्मरण करते हुए राष्ट्र और समाज के प्रति उनके योगदान को याद किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वर्गीय श्री कुशाभाऊ ठाकरे का संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, संगठन निर्माण और जनकल्याण के लिए समर्पित रहा। सादगी, अनुशासन, निष्ठा और सेवाभाव उनके व्यक्तित्व की विशिष्ट पहचान थी। उन्होंने अपने आचरण और कार्यशैली से सार्वजनिक जीवन में उच्च आदर्श स्थापित किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने संगठन को मजबूत बनाने के साथ ही समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उसकी सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। यही कारण है कि आज भी उनका जीवन और विचार सार्वजनिक जीवन में कार्य करने वाले लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री कुशाभाऊ ठाकरे की जयंती हमें उनके आदर्शों और जीवन मूल्यों से प्रेरणा लेने का अवसर देती है। राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए जनकल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय श्री कुशाभाऊ ठाकरे को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रदेशवासियों से उनके सेवा, समर्पण और राष्ट्रनिष्ठा के आदर्शों को आत्मसात कर विकसित एवं समृद्ध भारत के निर्माण में अपना योगदान देने का आह्वान किया।

आप सभी को 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं...

स्वतंत्रता दिवस का यह पावन पर्व माँ भारती की वंदना का दिन है। आज हम भारत माता के उन सभी महान सपूतों को नमन कर रहे हैं, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। आज का दिन देश की एकता, अखण्डता की गौरवशाली यात्रा से प्रेरणा लेकर यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करने का है।

भारत का महान स्वतंत्रता संग्राम महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, डॉ. भीमराव अंबेडकर, वीर सावरकर सहित असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान की अमर गाथा है।

स्वतंत्रता के इस पावन अवसर पर हम धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा, शहीद वीर नारायण सिंह और वीर गुंडाधुर के संघर्ष को श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं। गेंद सिंह, धुरवा राव, यादव राव, वेंकट राव, डेबरी धुर, आयतु माहरा जैसे हमारे नायकों की स्मृति हमेशा हमें प्रेरित करती रहेगी।

गोस्वामी तुलसीदास जी ने लिखा है कि ‘‘पराधीन सपनेहुँ सुख नाहीं।‘‘ संत कबीर की वाणी और बाबा गुरु घासीदास जी के उद्घोष मनखे-मनखे एक समान ने स्वतंत्रता के संघर्ष को स्वर दिया।

यह वर्ष डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती का है। उन्होंने कश्मीर से धारा 370 हटाने के लिए संघर्ष किया था। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाई गई। हमने भी छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

स्वतंत्रता दिवस की यह वर्षगांठ कई अभूतपूर्व उपलब्धियां लेकर आई है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के साहसिक नेतृत्व में नक्सल मुक्त भारत का संकल्प पूरा हो चुका है। आज पूरा देश वामपंथी उग्रवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने वाले हमारे वीर जवानों के पराक्रम तथा उनकी शहादत को नमन कर रहा है।

माओवाद से मुक्त होकर बस्तर के हर कोने में लोग तिरंगा यात्रा के जरिए स्वतंत्रता का उत्सव मना रहे हैं।

बस्तर की सर्वांगीण प्रगति, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार के सबसे बड़े लक्ष्यों में शामिल है। इसका जीवंत उदाहरण है जगदलपुर में राष्ट्रीय स्तर की मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक का आयोजन, जिसमें केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी सहित चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने सहभागिता की।

अब बस्तर के नवनिर्माण का स्वर्णिम समय है। ‘नियद नेल्ला नार 2.0‘ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान‘ के जरिए हम विकास योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा रहे हैं। 31 योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं के शत-प्रतिशत सेचुरेशन से हम बस्तर संभाग के 39 लाख से अधिक लोगों को लाभान्वित कर रहे हैं।

बस्तर में नक्सल हिंसा के चलते बंद पड़े स्कूलों को हमने दोबारा प्रारंभ कराया। साथ ही 36 नए स्कूल भी स्वीकृत किए हैं। ओरछा और जगरगुंडा जैसे सुदूर क्षेत्रों में हम एजुकेशन सिटी विकसित कर रहे हैं।

‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान‘ के माध्यम से हमने बस्तर के 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच कर उनकी हेल्थ प्रोफाइल तैयार की है।

बस्तर में अभी 85 फीसदी परिवारों की मासिक आय 15 हजार रुपए से कम है। लगभग 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए 4,824 करोड़ रुपए की ‘आजीविका उन्नयन योजना‘ तैयार की गई है।

सुरक्षा कैंप अब सेवा और विकास के केंद्र बन रहे हैं। वीर गुंडाधुर के गांव नेतानार से शुरू हुए सेवा डेरा में नागरिक सुविधाओं के साथ कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है।

बस्तर में इन्फ्रास्ट्रक्चर की मजबूत बुनियाद रखी जा रही है। सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत 461 गांवों को ग्रिड आधारित प्रणाली से जोड़ रहे हैं। 234 अंदरूनी बसाहटों को मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए हम सड़कें बना रहे हैं।

दूरस्थ गांवों में सार्वजनिक परिवहन के लिए हमने ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा‘ शुरू की है। इससे बस्तर और सरगुजा संभाग के 814 गांवों को लाभ मिल रहा है।

मोदी की गारंटी के प्रभावी क्रियान्वयन से ‘‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास‘‘ की भावना के अनुरूप हर वर्ग के जीवन में समृद्धि आई है।
अन्नदाता हमारे भाग्य विधाता हैं। उनका सुख, समृद्धि और सम्मान हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। हम 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से देश में धान का सर्वाधिक मूल्य उन्हें दे रहे हैं। ‘कृषक उन्नति योजना‘ के तहत एकमुश्त राशि का भुगतान हमने अन्नदाताओं को होली के पहले ही करा दिया।

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