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पीएम आवास के हितग्राहियों को सौंपी खुशियों की चाबी

आवास निर्माण,जल सुरक्षा एवं ग्रामीण अधोसंरचना गुणवत्ता पर विशेष जोर

रायपुर,  अगस्त 2026/ आयुक्त वीबी - जीरामजी एवं संचालक प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण तारण प्रकाश सिन्हा शुक्रवार को बलौदाबाजार पहुंचे। इस दौरान विभिन्न ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया।

आयुक्त ने जनपद पंचायत बलौदाबाजार अंतर्गत ग्राम पंचायत बेमेतरा तथा जनपद पंचायत पलारी अंतर्गत ग्राम पंचायत सितदेवरी में विभिन्न विकास कार्यों का स्थल निरीक्षण करते हुए हितग्राहियों एवं ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। निरीक्षण के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत निर्मित आवासों का अवलोकन किया तथा आवास पूर्ण कर चुके हितग्राहियों को प्रतीकात्मक रूप से खुशियों की चाबी प्रदान की। हितग्राहियों से आवास निर्माण, प्राप्त सहायता, निर्माण की गुणवत्ता एवं योजना से उनके जीवन में आए बदलाव के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र परिवारों को योजना का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करें ।

आयुक्त ने वीबी- जीरामजी अंतर्गत जल सुरक्षा श्रेणी में निर्मित एवं प्रगतिरत कार्यों का भी विस्तृत निरीक्षण किया।इस दौरान नवीन तालाब, अमृत सरोवर, सैंड फिल्टर आधारित बोरवेल रिचार्ज संरचना तथा चेक डैम निर्माण कार्यों की स्थल पर तकनीकी एवं उपयोगिता संबंधी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल संरक्षण एवं भू-जल पुनर्भरण से जुड़े कार्य केवल निर्माण तक सीमित न रहें, बल्कि उनका चयन स्थानीय आवश्यकता, कैचमेंट, जलधारण क्षमता एवं दीर्घकालिक उपयोगिता के आधार पर किया जाए।

उन्होंने कहा कि वीबी-जीरामजी का उद्देश्य रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ ग्राम पंचायतों में टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण, जल सुरक्षा को सुदृढ़ करना, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण तथा ग्रामीण आजीविका को मजबूत बनाना है। अतः योजना अंतर्गत स्वीकृत प्रत्येक कार्य का प्रत्यक्ष लाभ ग्रामीण समुदाय को दिखाई देना चाहिए।स्थल निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर सहज एवं आत्मीय वातावरण में चर्चा की तथा योजनाओं के क्रियान्वयन, स्थानीय आवश्यकताओं, रोजगार, आवास एवं विकास कार्यों के संबंध में उनके अनुभव और सुझाव सुने। उन्होंने मैदानी अमले को निर्देशित किया कि ग्रामीणों की वास्तविक आवश्यकताओं को समझते हुए ग्राम सभा से अनुमोदित कार्ययोजना के अनुरूप प्राथमिकता आधारित कार्य संपादित किए जाएं।

इसके पश्चात जिला पंचायत सभाक़क्ष बलौदाबाजार में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक मे वीबी- जी रामजी एवं पीएम आवास योजना ग्रामीण सहित ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। आयुक्त ने योजना अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्ध पूर्णता, श्रमिक नियोजन, तकनीकी मापदंडों के पालन तथा पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि फील्ड निरीक्षण को नियमित कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाया जाए तथा प्रत्येक निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न किया जाए। जल संरक्षण संरचनाओं के माध्यम से अधिकतम वर्षाजल संचयन, भू-जल स्तर में सुधार और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी जल उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में परिणामोन्मुखी कार्य करने के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण एवं समीक्षा के दौरान सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल एवं संबंधित जनपद पंचायतों के अधिकारी-कर्मचारी, तकनीकी अमला, पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

नीधि वर्मा के घर का बिजली बिल हुआ शून्य, 1.08 लाख रुपये की डबल सब्सिडी से मिली बड़ी राहत

अंबिकापुर में लक्ष्य से दोगुने से अधिक आवेदन, 1,136 घरों में स्थापित हुए रूफटॉप सोलर संयंत्र

रायपुर,  अगस्त 2026/ प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना सरगुजा जिले में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ ही आम परिवारों को बिजली खर्च से राहत दिलाने और ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। योजना का लाभ लेकर अंबिकापुर के मायापुर निवासी श्रीमती नीधि वर्मा का परिवार अब बिजली खर्च के बोझ से मुक्त होकर सौर ऊर्जा के माध्यम से अपनी जरूरतें पूरी कर रहा है। सोलर संयंत्र स्थापित होने के बाद उनके घर का बिजली बिल शून्य हो गया है।

4 से 5 हजार रुपये के मासिक बिजली बिल से मिली राहत

श्रीमती नीधि वर्मा ने बताया कि सोलर संयंत्र स्थापित करने से पहले उनके घर में प्रतिमाह लगभग 4 से 5 हजार रुपये तक बिजली बिल आता था। बढ़े हुए बिजली खर्च से परिवार के बजट पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता था। प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के तहत घर की छत पर सोलर संयंत्र स्थापित कराने के बाद अब घरेलू बिजली की जरूरतें सौर ऊर्जा से पूरी हो रही हैं और बिजली बिल लगभग पूरी तरह समाप्त हो गया है। उन्होंने कहा कि योजना ने परिवार को आर्थिक राहत देने के साथ बिजली की जरूरतों को पूरा करने का स्थायी और स्वच्छ विकल्प उपलब्ध कराया है।

1.08 लाख रुपये की डबल सब्सिडी से आसान हुआ सोलर संयंत्र लगाना

श्रीमती वर्मा ने बताया कि योजना के तहत उन्हें लगभग 1 लाख 8 हजार रुपये की सब्सिडी मिली। इसमें केंद्र सरकार की ओर से 78 हजार रुपये तथा राज्य सरकार की ओर से 30 हजार रुपये की सब्सिडी शामिल है। इस आर्थिक सहायता से सोलर संयंत्र स्थापित करने की लागत का बड़ा हिस्सा कम हुआ और उनके लिए सौर ऊर्जा अपनाना आसान हो गया।

बिजली उपभोक्ता से बनीं ऊर्जादाता

सौर ऊर्जा से मिलने वाले लाभ को साझा करते हुए श्रीमती नीधि वर्मा ने कहा कि पहले उनका परिवार केवल बिजली का उपभोक्ता था, लेकिन अब वे स्वयं बिजली का उत्पादन कर रहे हैं। घरेलू आवश्यकता से अधिक उत्पादित बिजली विद्युत ग्रिड में वापस जाती है और नियमानुसार उसका लाभ भी प्राप्त होता है। उन्होंने कहा, “पहले हम बिजली उपभोक्ता थे, लेकिन अब ऊर्जा दाता बन गए हैं।” उनका मानना है कि सौर ऊर्जा अपनाने से परिवार को बिजली बिल में राहत मिलने के साथ देश की ऊर्जा व्यवस्था में आम नागरिक की भागीदारी भी बढ़ रही है।

अंबिकापुर में लक्ष्य से अधिक आवेदन, तेजी से बढ़ रहा रूफटॉप सोलर का दायरा

विद्युत विभाग के अनुसार सरगुजा जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना का लाभ तेजी से पहुंच रहा है। अंबिकापुर शहर में 1,000 रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापना के लक्ष्य के विरुद्ध 2,021 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 1,985 हितग्राहियों के लिए वेंडर चयनित किए जा चुके हैं तथा 1,136 घरों में सोलर संयंत्र स्थापित हो चुके हैं।

वहीं अंबिकापुर ग्रामीण क्षेत्र में भी 1,000 के लक्ष्य के विरुद्ध 1,282 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 1,200 हितग्राहियों के लिए वेंडर चयनित किए गए हैं तथा 305 घरों में रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं।

स्वच्छ ऊर्जा के साथ आर्थिक सशक्तिकरण की ओर बढ़ते परिवार

प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से सरगुजा में परिवारों को बिजली खर्च में राहत मिलने के साथ स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है। रूफटॉप सोलर संयंत्रों की बढ़ती संख्या ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में जिले की बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है।

श्रीमती नीधि वर्मा ने अधिक से अधिक परिवारों से प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी का लाभ लेकर घरों में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करना परिवार और देश दोनों के हित में है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना आम नागरिकों को आर्थिक रूप से राहत देने के साथ स्वच्छ और हरित भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

 


Raipur, August, 2026/ Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai said that Sen community has a glorious history and has played an important role for centuries in strengthening India’s social fabric, traditions and spirit of harmony. He said that the community’s association with great leaders such as Bharat Ratna Jan Nayak Shri Karpoori Thakur is a matter of pride for the entire Sen community.

Addressing the Sen Shakti Sammelan and Kesh Shilpi Samman Samaroh today at the Atal Bihari Vajpayee Auditorium in the Medical College campus in Raipur, Shri Sai said the Sen community’s contribution extends far beyond its traditional occupations. From birth and marriage to death and other important social rituals, members of the community have traditionally played an important role in society and have helped carry Sanatan traditions and values from one generation to the next.

Chief Minister announced ₹50 lakh for construction of a community building for the Sen community. He also assured the gathering that the State Government would extend every possible support for the community’s development and welfare and would seriously consider its present-day needs and demands.

Square in Nava Raipur to be Named After Sant Shiromani Sen Ji Maharaj

Making an important announcement, Shri Sai said that a chowk in Nava Raipur will be named after Sant Shiromani Sen Ji Maharaj. He said a committee has already been constituted in this regard to take forward the naming process. Chief Minister assured that the government would extend every possible support for the advancement of the community.

Government Committed to Welfare of Traditional Artisans

Shri Sai said the Kesh Shilpi Kalyan Board was established during the tenure of former Chief Minister and present Assembly Speaker Dr. Raman Singh. Several initiatives were undertaken at the time to economically empower members of the Sen community and people associated with other traditional occupations.

These included the distribution of kits to members of the Sen community for operating salons, battery-operated pottery wheels for potters and carpentry kits for members of the carpenter community. Chief Minister said that State Government would take into serious consideration the contemporary requirements and demands of the Sen community.

Sen Community Carrying Forward the Ideals of Karpoori Thakur

Shri Sai said that under the leadership of Prime Minister Shri Narendra Modi, skills and talents have received their due acknowledgement and recognition in the country. He described that Bharat Ratna Jan Nayak Shri Karpoori Thakur as a symbol of the struggle for the rights of disadvantaged sections and social justice.

He noted that Shri Karpoori Thakur’s son, Shri Ram Nath Thakur, is serving the nation as a Minister in the Union Government. In Chhattisgarh, too, MLA Shri Rikesh Sen and Chhattisgarh Film Development Corporation Chairperson Smt. Mona Sen are making active contributions to society and the development of the State.

Chief Minister further said that the Kesh Shilpi Kalyan Board has now received young leadership and expressed confidence that, under the leadership of Shri Gauri Shankar Shrivas, efforts to take the Sen community forward would gain further momentum.

महतारी वंदन की राशि से जगन्नाथ मंदिर निर्माण में सहयोग, महिलाओं ने पेश की सामाजिक सहभागिता की मिसाल

स्वेच्छा से राशि एकत्रित कर मंदिर के प्रारंभिक निर्माण के लिए किया समर्पित

रायपुर,  अगस्त 2026/ वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने रायगढ़ जिले के पुसौर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत आमापाली में आयोजित जन चौपाल में ग्रामीणों से संवाद किया और उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से क्षेत्र के विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और स्थानीय आवश्यकताओं के संबंध में चर्चा की।

जन चौपाल के दौरान ग्राम पंचायत आमापाली की माताओं-बहनों की एक प्रेरणादायी पहल भी सामने आई। महिलाओं ने महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्राप्त राशि में से अपनी इच्छा से धनराशि एकत्रित कर भगवान जगन्नाथ मंदिर के प्रारंभिक निर्माण कार्य के लिए समर्पित की। महिलाओं की इस पहल की वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने सराहना की।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि आमापाली की बहनों ने स्वेच्छा और संकल्प के साथ राशि एकत्रित कर मंदिर निर्माण में सहयोग दिया है। यह महिलाओं के आर्थिक योगदान के साथ-साथ सामाजिक सहभागिता और नेतृत्व की जीती-जागती मिसाल है। उन्होंने कहा कि महिलाएं परिवार की जिम्मेदारियों के साथ समाज और सामुदायिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि महिलाओं का यह स्वैच्छिक योगदान समाज में आपसी सहयोग, सहभागिता और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करता है। आमापाली की बहनों की यह पहल अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणादायी है।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने इस सराहनीय पहल के लिए ग्राम पंचायत आमापाली की सभी माताओं-बहनों और सहभागी नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। जन चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी बात सुनना और स्थानीय स्तर पर समस्याओं के समाधान की दिशा में पहल करना राज्य सरकार की जनकल्याण एवं सुशासन की प्रतिबद्धता का हिस्सा है।

रायपुर,  अगस्त 2026/ ग्लोबल ट्रैवल एसोसिएशन (जीटीए) के अध्यक्ष श्री मनीष जैन के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ में पर्यटन की संभावनाओं को विस्तार देने, राज्य को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और अधिक सशक्त पहचान दिलाने तथा पर्यटन क्षेत्र के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई।

बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास की व्यापक संभावनाओं पर विचार-विमर्श करते हुए राज्य की एयर कनेक्टिविटी, सड़क संपर्क, पर्यटन अवसंरचना के विकास, प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच, पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाओं के विस्तार तथा पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर चर्चा की गई। जीटीए प्रतिनिधिमंडल ने पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न सुझाव मंत्री श्री अग्रवाल के समक्ष रखे।

पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने प्रतिनिधिमंडल के साथ चर्चा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध जनजातीय एवं सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों और धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध राज्य है। राज्य में पर्यटन की अपार संभावनाओं को देखते हुए पर्यटन स्थलों पर आवश्यक सुविधाओं का विस्तार, बेहतर संपर्क व्यवस्था तथा पर्यटकों को गुणवत्तापूर्ण अनुभव उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने पर्यटन के समग्र विकास के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए।

मुलाकात के दौरान जीटीए के महासचिव श्री शुभम अग्रवाल एवं कोषाध्यक्ष श्री राहुल वासवानी ने पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल को 22 अगस्त को आयोजित होने वाले जीटीए कान्क्लेव में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण प्रदान किया। मंत्री श्री अग्रवाल ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति के लिए सहर्ष सहमति प्रदान की।

प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य शासन के सहयोग एवं पर्यटन विभाग के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास की दिशा में निजी क्षेत्र और पर्यटन उद्योग के बीच समन्वय को और अधिक मजबूती मिलेगी। साथ ही राज्य के पर्यटन स्थलों के व्यापक प्रचार-प्रसार और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के प्रयासों को भी गति मिलेगी। बैठक में जीटीए के सदस्य श्री आकाश दुधानी, श्री आकाश अग्रवाल, श्री अंशुल खरे, श्री सनी बंसल, श्री प्रणय एवं श्री आयुष बजाज उपस्थित रहे।

ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर गांधीनगर में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की प्रभावी सहभागिता

देशभर से पहुंचे पर्यटन क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने राज्य के पर्यटन वैभव को सराहा

रायपुर,  अगस्त 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख पर्यटन गंतव्यों के रूप में स्थापित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा पर्यटन विकास, अधोसंरचना विस्तार और व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा राज्य के प्राकृतिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, धार्मिक एवं रोमांचक पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में गुजरात के गांधीनगर में 6 से 8 अगस्त तक आयोजित ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की प्रभावी सहभागिता राज्य की पर्यटन संभावनाओं को देशभर के पर्यटन बाजार तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बनी है।

देश के विभिन्न प्रमुख शहरों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन प्रचार आयोजनों के माध्यम से पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने वाली संस्था फेयर फेस्ट मीडिया द्वारा आयोजित इस महत्वपूर्ण पर्यटन मेले में छत्तीसगढ़ की समृद्ध पर्यटन विरासत को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है। आयोजन के माध्यम से छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक सौंदर्य, जनजातीय एवं सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों, धार्मिक स्थलों, जलप्रपातों, वन क्षेत्रों और रोमांचक पर्यटन स्थलों की जानकारी देशभर से पहुंचे पर्यटन व्यवसायियों एवं प्रतिनिधियों तक पहुंचाई जा रही है।

26 पर्यटन व्यवसायियों के साथ छत्तीसगढ़ की प्रभावी सहभागिता

ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के साथ पंजीकृत 26 ट्रैवल एजेंट एवं होटल व्यवसायियों ने भी सहभागिता की है। इससे छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को पर्यटन उद्योग के प्रमुख प्रतिनिधियों के समक्ष सीधे प्रस्तुत करने का अवसर मिला है।

देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे यात्रा संचालकों, ट्रैवल एजेंटों, होटल व्यवसायियों तथा पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों द्वारा छत्तीसगढ़ पवेलियन का निरंतर भ्रमण किया जा रहा है। आगंतुकों को राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों, पर्यटन सुविधाओं, भ्रमण की संभावनाओं तथा विभिन्न पर्यटन गंतव्यों की विशेषताओं की जानकारी दी जा रही है।

100 वर्ग मीटर में सजा आकर्षक छत्तीसगढ़ पवेलियन

छत्तीसगढ़ की पर्यटन क्षमता को प्रभावी और आकर्षक तरीके से प्रदर्शित करने के साथ ही राज्य के साथ गए पर्यटन व्यवसायियों के लिए बेहतर बैठक एवं व्यावसायिक संवाद की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा 100 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में आकर्षक छत्तीसगढ़ पवेलियन तैयार कराया गया है।

पवेलियन में छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत, प्रमुख पर्यटन स्थलों और पर्यटन की विविध संभावनाओं को आकर्षक रूप में प्रदर्शित किया गया है। पवेलियन में पहुंच रहे पर्यटन क्षेत्र के प्रतिनिधियों को छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों की जानकारी के साथ यहां उपलब्ध पर्यटन सुविधाओं और भ्रमण की संभावनाओं से भी अवगत कराया जा रहा है।

नए पर्यटन व्यवसायी छत्तीसगढ़ से जुड़ने के लिए दिखा रहे रुचि

टीटीएफ गांधीनगर में छत्तीसगढ़ की सहभागिता के सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। छत्तीसगढ़ पवेलियन में बड़ी संख्या में नए ट्रैवल एजेंट, यात्रा संचालक एवं पर्यटन व्यवसायी पहुंच रहे हैं और राज्य के पर्यटन स्थलों के प्रति विशेष रुचि व्यक्त कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ के पर्यटन प्रचार-प्रसार और पवेलियन की आकर्षक प्रस्तुति की सराहना करते हुए अनेक नए पर्यटन व्यवसायियों द्वारा छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के साथ पंजीयन कराने में रुचि दिखाई जा रही है। इससे देश के विभिन्न हिस्सों से छत्तीसगढ़ आने वाले पर्यटकों के लिए पर्यटन पैकेज एवं यात्रा सुविधाओं के विस्तार के साथ राज्य के पर्यटन स्थलों को व्यापक राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर गांधीनगर में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की प्रभावी सहभागिता

देशभर से पहुंचे पर्यटन क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने राज्य के पर्यटन वैभव को सराहा

रायपुर,  अगस्त 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख पर्यटन गंतव्यों के रूप में स्थापित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा पर्यटन विकास, अधोसंरचना विस्तार और व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा राज्य के प्राकृतिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, धार्मिक एवं रोमांचक पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में गुजरात के गांधीनगर में 6 से 8 अगस्त तक आयोजित ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की प्रभावी सहभागिता राज्य की पर्यटन संभावनाओं को देशभर के पर्यटन बाजार तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बनी है।

देश के विभिन्न प्रमुख शहरों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन प्रचार आयोजनों के माध्यम से पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने वाली संस्था फेयर फेस्ट मीडिया द्वारा आयोजित इस महत्वपूर्ण पर्यटन मेले में छत्तीसगढ़ की समृद्ध पर्यटन विरासत को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है। आयोजन के माध्यम से छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक सौंदर्य, जनजातीय एवं सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों, धार्मिक स्थलों, जलप्रपातों, वन क्षेत्रों और रोमांचक पर्यटन स्थलों की जानकारी देशभर से पहुंचे पर्यटन व्यवसायियों एवं प्रतिनिधियों तक पहुंचाई जा रही है।

26 पर्यटन व्यवसायियों के साथ छत्तीसगढ़ की प्रभावी सहभागिता

ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के साथ पंजीकृत 26 ट्रैवल एजेंट एवं होटल व्यवसायियों ने भी सहभागिता की है। इससे छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को पर्यटन उद्योग के प्रमुख प्रतिनिधियों के समक्ष सीधे प्रस्तुत करने का अवसर मिला है।

देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे यात्रा संचालकों, ट्रैवल एजेंटों, होटल व्यवसायियों तथा पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों द्वारा छत्तीसगढ़ पवेलियन का निरंतर भ्रमण किया जा रहा है। आगंतुकों को राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों, पर्यटन सुविधाओं, भ्रमण की संभावनाओं तथा विभिन्न पर्यटन गंतव्यों की विशेषताओं की जानकारी दी जा रही है।

100 वर्ग मीटर में सजा आकर्षक छत्तीसगढ़ पवेलियन

छत्तीसगढ़ की पर्यटन क्षमता को प्रभावी और आकर्षक तरीके से प्रदर्शित करने के साथ ही राज्य के साथ गए पर्यटन व्यवसायियों के लिए बेहतर बैठक एवं व्यावसायिक संवाद की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा 100 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में आकर्षक छत्तीसगढ़ पवेलियन तैयार कराया गया है।

पवेलियन में छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत, प्रमुख पर्यटन स्थलों और पर्यटन की विविध संभावनाओं को आकर्षक रूप में प्रदर्शित किया गया है। पवेलियन में पहुंच रहे पर्यटन क्षेत्र के प्रतिनिधियों को छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों की जानकारी के साथ यहां उपलब्ध पर्यटन सुविधाओं और भ्रमण की संभावनाओं से भी अवगत कराया जा रहा है।

नए पर्यटन व्यवसायी छत्तीसगढ़ से जुड़ने के लिए दिखा रहे रुचि

टीटीएफ गांधीनगर में छत्तीसगढ़ की सहभागिता के सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। छत्तीसगढ़ पवेलियन में बड़ी संख्या में नए ट्रैवल एजेंट, यात्रा संचालक एवं पर्यटन व्यवसायी पहुंच रहे हैं और राज्य के पर्यटन स्थलों के प्रति विशेष रुचि व्यक्त कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ के पर्यटन प्रचार-प्रसार और पवेलियन की आकर्षक प्रस्तुति की सराहना करते हुए अनेक नए पर्यटन व्यवसायियों द्वारा छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के साथ पंजीयन कराने में रुचि दिखाई जा रही है। इससे देश के विभिन्न हिस्सों से छत्तीसगढ़ आने वाले पर्यटकों के लिए पर्यटन पैकेज एवं यात्रा सुविधाओं के विस्तार के साथ राज्य के पर्यटन स्थलों को व्यापक राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

राशन की कतार से मिलेगी मुक्ति, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के जरिए 24×7 घंटे खाद्यान्न- मंत्री श्री दयालदास बघेल

संत शिरोमणि सेन जी महाराज के नाम पर नया रायपुर में होगा चौक का नामकरण

सेन समाज का गौरवशाली इतिहास, जननायक कर्पूरी ठाकुर जैसे महापुरुषों ने बढ़ाया समाज का मान

केश शिल्पियों के कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध, समाज की मांगों पर गंभीरता से होगा विचार : मुख्यमंत्री श्री साय

सेन शक्ति सम्मेलन एवं केश शिल्पी सम्मान समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने सेन समाज को सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की

रायपुर, 08 अगस्त 2026// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि सेन समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है। इस समाज ने सदियों से भारतीय समाज की सामाजिक व्यवस्था, संस्कारों और समरसता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारत रत्न जननायक श्री कर्पूरी ठाकुर जैसे महान नेता का इस समाज से होना पूरे सेन समाज के लिए गौरव की बात है। सेन समाज केवल अपनी पारंपरिक सेवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि जन्म से लेकर विवाह और मृत्यु तक समाज के प्रत्येक संस्कार में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। यह समाज सनातन परंपराओं और संस्कारों को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर के चिकित्सा महाविद्यालय परिसर स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में आयोजित सेन शक्ति सम्मेलन एवं केश शिल्पी सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सेन समाज को सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सेन समाज के कल्याण के लिए केश शिल्पी कल्याण बोर्ड का गठन पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में हुआ था। उन्होंने कहा कि सेन समाज और अन्य पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए उस समय अनेक महत्वपूर्ण पहल की गईं। सैलून संचालन के लिए सेन समाज के लोगों को किट, कुम्हारों को बैटरी चलित चाक और बढ़ई समाज के लोगों को कारपेंट्री किट देने की शुरुआत भी इसी दिशा में की गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेन समाज की आज की आवश्यकताओं और मांगों पर राज्य सरकार गंभीरता से विचार करेगी।
संत शिरोमणि सेन जी महाराज के नाम पर नया रायपुर में चौक का नामकरण
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि संत शिरोमणि सेन जी महाराज के नाम पर नया रायपुर में चौक का नामकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में नामकरण के लिए कमेटी बनाई गई है। मुख्यमंत्री ने सेन समाज के विकास और कल्याण के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

कर्पूरी ठाकुर के आदर्शों को आगे बढ़ा रहा सेन समाज
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हुनर और प्रतिभा का सम्मान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर वंचित वर्गों के अधिकारों और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष के प्रतीक रहे हैं। आज उनके सुपुत्र श्री रामनाथ ठाकुर केंद्र सरकार में मंत्री के रूप में देश की सेवा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी सेन समाज से विधायक श्री रिकेश सेन और छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन समाज की सेवा और प्रदेश के विकास में सक्रिय योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब केश शिल्प कल्याण बोर्ड को युवा नेतृत्व मिला है, निश्चित रूप श्री गौरी शंकर श्रीवास के नेतृत्व में सेन समाज को आगे बढ़ाने का काम तेजी से होगा।

‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के अनुरूप हो रहा विकास

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के हर वर्ग को आगे बढ़ाने का कार्य हो रहा है। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के माध्यम से पारंपरिक हुनर और छोटे-छोटे व्यवसायों से जुड़े लोगों को आर्थिक सहायता, ऋण और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ऐसे प्रतिभाशाली लोगों को भी सम्मानित कर रहे हैं, जिन्होंने ग्रामीण और सामान्य परिवेश में रहकर उत्कृष्ट कार्य किया है। इससे देश में हुनर और श्रम के प्रति सम्मान की भावना मजबूत हुई है।
ढाई साल में मोदी की गारंटी के अधिकांश वादे पूरे किए
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पिछले ढाई वर्षों में विधानसभा चुनाव के दौरान मोदी की गारंटी के तहत किए गए वादों को पूरा करने का काम तेजी से किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में 18 लाख आवास स्वीकृत हुए हैं और प्रतिदिन लगभग 1500 से 1600 मकानों का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान प्रदेश है और किसानों से किए गए वादों को भी पूरा किया गया है। प्रदेश में किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की जा रही है और 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदा जा रहा है। दो वर्षों का बकाया धान बोनस भी किसानों को दिया गया है।

70 लाख माताओं-बहनों को हर माह मिल रहा महतारी वंदन का लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 70 लाख माताओं-बहनों के खातों में हर महीने 1000 रुपए की राशि भेजी जा रही है। ढाई वर्षों में इस योजना के माध्यम से 19 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश की माताएं-बहनें आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं।

50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किया रामलला का दर्शन
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को भी पुनः शुरू किया गया है। प्रदेश के बुजुर्ग माता-पिता की तीर्थ यात्रा की इच्छा को पूरा करने के लिए सरकार अपने खर्च पर उन्हें देश के विभिन्न तीर्थ स्थलों की यात्रा करा रही है।


भूमिहीन कृषि मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपए की सहायता

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 5 लाख से अधिक भूमिहीन कृषि मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपए की सहायता राशि दी जा रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए पारिश्रमिक में वृद्धि की गई है और चरण पादुका योजना को पुनः शुरू किया गया है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न विभागों में 20 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की जा चुकी है। पुलिस, बिजली और सहकारिता सहित विभिन्न विभागों में रोजगार के अवसर दिए गए हैं। शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। नई उद्योग नीति के माध्यम से लगभग डेढ़ लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश को अब तक 8 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं और अनेक क्षेत्रों में काम शुरू हो गया है।

समाज के पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाएं

मुख्यमंत्री श्री साय ने सेन समाज के पदाधिकारियों और सामाजिक प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी समाज के पात्र लोगों तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि समाज के जो बेटे-बेटियां किसी योजना के लिए पात्र हैं, उन्हें उसका लाभ दिलाने में समाज की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।

बिजली बिल समाधान योजना का लाभ लेने की अपील

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में बिजली बिलों का भुगतान नहीं होने के कारण कई परिवारों पर एक साथ बड़ी राशि का बिल आ गया है। ऐसे उपभोक्ताओं के लिए मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना लागू की गई है। इसके तहत पंजीयन कराने पर पात्र उपभोक्ताओं को बिजली बिल में बड़ी राहत दी जा रही है तथा सरचार्ज आदि भी माफ किया जा रहा है। उन्होंने पात्र लोगों से योजना का लाभ लेने की अपील की।

कोरिया और बलरामपुर ने किया लक्ष्य के विरुद्ध किया 100 प्रतिशत टीकाकरण

सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ छत्तीसगढ़ की मजबूत ढाल, अब तक 1.66 लाख से अधिक को लगे टीके

रायपुर  अगस्त 2026/ प्रदेश में 14 वर्षीय बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित करने के उद्देश्य से संचालित एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान लगातार गति पकड़ रहा है। राज्य में अब तक 1.66लाख से अधिक पात्र बालिकाओं का टीकाकरण किया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्कूलों, समुदायों और अभिभावकों के साथ किए जा रहे सतत संवाद तथा व्यापक जनजागरूकता प्रयासों के सकारात्मक परिणाम अब प्रदेशभर में दिखाई देने लगे हैं।

अभियान के दौरान प्रदेश के कोरिया और बलरामपुर जिले लक्ष्य के विरुद्ध 100 प्रतिशत टीकाकरण उपलब्धि हासिल कर राज्य के लिए मिसाल बनकर उभरे हैं। इन जिलों में स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्थानीय समुदाय के समन्वित प्रयासों से सभी पात्र बालिकाओं तक टीकाकरण का लाभ पहुंचाया गया है। इन उपलब्धियों ने अन्य जिलों के लिए भी प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है। हालांकि किसी भी नए टीकाकरण अभियान की तरह प्रारंभिक चरण में यहां भी कई अभिभावकों ने टीके की सुरक्षा, आवश्यकता और प्रभावशीलता से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के बाद अपनी सहमति दी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार किए गए संवाद और जागरूकता प्रयासों के बाद अब टीकाकरण की गति में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है।

प्रदेश के अधिकांश जिलों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में बालिकाओं का टीकाकरण किया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में कवरेज अपेक्षाकृत कम है, वहां विशेष संपर्क अभियान, अभिभावक बैठकें, स्कूल स्तरीय संवाद कार्यक्रम तथा घर-घर पहुंचकर परामर्श गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसके परिणामस्वरूप लगातार नए लाभार्थी अभियान से जुड़ रहे हैं और टीकाकरण का प्रतिशत तेजी से बढ़ रहा है।

एचपीवी संक्रमण सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण माना जाता है। एचपीवी वैक्सीन इस कैंसर से बचाव का प्रभावी और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित माध्यम है। विश्व स्वास्थ्य संगठन सहित विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थानों द्वारा इसकी सुरक्षा और प्रभावशीलता को मान्यता प्रदान की गई है। यही कारण है कि दुनिया के अनेक देशों में यह टीकाकरण नियमित सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों का हिस्सा है।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करना नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र बालिका तक सुरक्षा कवच पहुंचाना है। इसी दृष्टिकोण के साथ प्रदेशभर में टीकाकरण और जनजागरूकता गतिविधियों को समानांतर रूप से संचालित किया जा रहा है। आने वाले दिनों में शेष पात्र बालिकाओं तक भी टीकाकरण का लाभ पहुंचाते हुए अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

कोरिया और बलरामपुर जैसे जिलों की शत-प्रतिशत उपलब्धि तथा अन्य जिलों में लगातार बढ़ती प्रगति इस बात का संकेत है कि छत्तीसगढ़ की जनता अपनी बेटियों को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित भविष्य देने के इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभा रही है।

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