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काबुल। अफगानिस्तान के हेरात प्रांत में तालिबान के एक हमले में 14 अफगान सैनिक मारे गए और उसने 21 सैनिकों को बंधक बना लिया। हेरात प्रांतीय परिषद के सदस्य नजीबुल्ला मोहेबी ने कहा कि हमलावरों ने गुरुवार की देर रात निनदांद में सेना की दो बाहरी चौकियों को घेर लिया।

उन्होंने कहा कि छह घंटे तक चली लड़ाई शुक्रवार सुबह खत्म हुई। वहां पहुंची सेना की कुमुक ने विद्रोहियों को खदेड़ दिया, लेकिन तब तक वे 21 सैनिकों को बंधक बना चुके थे।

हालांकि रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता गफूर अहमद जावीद ने मृतक और घायलों की संख्या दस बताई है। किसी भी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन अधिकारियों ने इसके लिए तालिबान को जिम्मेदार ठहराया है।

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारतीय-अमेरिकी निक्की हैली को हटाकर विदेश विभाग की प्रवक्ता हीथर नोर्ट को संयुक्त राष्ट्र का अगला राजदूत नियुक्त कर सकते हैं। मीडिया में आई खबरों में यह कहा गया है।                                      

अक्टूबर में हैली ने घोषणा की थी कि वह वर्ष के अंत तक पद छोड़ देंगी। वह इस पद पर करीब दो वर्ष तक रहीं।

हैली ऐसी पहली भारतीय-अमेरिकी हैं जिन्हें किसी राष्ट्रपति प्रशासन के तहत कैबिनेट के पद पर नियुक्त किया गया। नोर्ट की नियुक्ति के संबंध में ट्रंप शुक्रवार को घोषणा कर सकते हैं। नोर्ट फॉक्स न्यूज की एंकर रह चुकी हैं जहां उन्होंने वर्ष 1998 से 2005 तक काम किया।

वाशिंगटन। अमेरिका के रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस को पूरा विश्वास है कि रूस से अरबों डॉलर कीमत की एस400 मिसाइल रक्षा प्रणाली की खरीद के फैसले के लिए सीएएटीएसए के तहत भारत पर लंबित प्रतिबंधों के मामले को सुलझाया जा सकता है।यह भी अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर आयीं रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण से सोमवार को पेंटागन के एक संवाददाता ने जब मिसाइल सौदे और अमेरिका से संभावित प्रतिबंधों पर सवाल किया तो, मैटिस ने कहा, ‘‘विश्वास रखें।

हम सब सुलझा लेंगे।’’ भारत को सीएएटीएसए के तहत लगने वाले दंडात्मक प्रतिबंधों से बचने के लिए राष्ट्रपति से विशेष छूट की जरूरत होगी। सीएएटीएसए अमेरिका का एक कानून है जिसके तहत अमेरिका के दुश्मन देशों से किसी भी प्रकार की बड़ी रक्षा खरीद करने वाले देशों पर अमेरिका दंडात्मक प्रतिबंध लगा सकता है। हालांकि इन प्रतिबंधों से छूट देने का अधिकार राष्ट्रपति के पास है।

सिडनी। वेस्टइंडीज के स्टार क्रिकेटर क्रिस गेल ने आस्ट्रेलिया के एक मीडिया ग्रुप के खिलाफ तीन लाख आस्ट्रेलियाई डालर का मानहानि का मुकदमा जीत लिया जिसने दावा किया था कि गेल ने एक मालिश करने वाली को अपने गुप्तांग दिखाये थे। फेयरफैक्स मीडिया ने 2016 में सिलसिलेवार लेखों में गेल पर आरोप लगाया था। फेयरफैक्स मीडिया सिडनी मार्निंग हेराल्ड और द ऐज का प्रकाशन करता है। 

उन्होंने आरोप लगाया था कि सिडनी में 2015 में ड्रेसिंग रूम में गेल ने उस महिला के साथ ऐसा बर्ताव किया था। गेल ने उन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि पत्रकारों ने उन्हें बर्बाद करने के लिये यह सब किया है। न्यू साउथ वेल्स सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस लूसी मैकुलम ने कंपनी को भुगतान का निर्देश देते हुए कहा कि इन आरोपों से गेल की साख को काफी ठेस पहुंची है। फेयरफैक्स ने कहा कि वह फैसले के खिलाफ तुरंत अपील की सोच रहे हैं। 

तोक्यो। संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव बान की मून ने उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन से अनुरोध किया है कि अगर वह चाहते हैं कि उनके देश पर लगा प्रतिबंध हटे तो वह पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण की दिशा में ठोस कदम उठाएं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का भरोसा हासिल करें। दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री रह चुके मून ने सोमवार को एपी से कहा, ‘‘तकरीबन एक चौथाई सदी तक असफल प्रयासों के बाद उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण को हासिल करने के लिये यही समय है और दुनिया को यह मौका नहीं गंवाना चाहिये।’’

बान ने खास तौर पर दक्षिण कोरिया, अमेरिका, चीन, जापान और रूस का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘मैं उत्तर कोरियाई नेता को सलाह देना चाहूंगा कि विश्व तैयार है।’’ उन्होंने कहा कि सुलह और एकजुटता सहित दोनों कोरिया के बेहतर भविष्य के लिए परमाणु निरस्त्रीकरण जरूरी है। मून तोक्यो में विश्व बैंक के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिये थे। उन्होंने कहा कि भले ही उत्तर कोरिया ने बातचीत का विकल्प चुना है, लेकिन संकट खत्म नहीं हुआ है और उसके परमाणु हथियारों की अब भी जांच किये जाने की आवश्यकता है।
 
मून ने कहा, ‘‘उत्तर कोरिया के परमाणु, मिसाइल और हथियार कार्यकमों के विकसित करने के कारण संकट अब भी बरकरार है। यह उत्तर कोरिया पर है वह साफ तौर पर कदम उठाए और तब मैं आश्वस्त रहूंगा कि कोई कारण नहीं है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद उत्तर कोरिया पर पाबंदी जारी रखे।’’

 

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि वह दिवंगत राष्ट्रपति जॉर्ज एच. डब्ल्यू. बुश का ताबूत वाशिंगटन लाने के लिए राष्ट्रपति का विशेष विमान भेज रहे हैं। बुश का अंतिम संस्कार यहीं होना है। ट्रंप ने कहा कि अर्जेंटिना में चल रहे जी20 सम्मेलन से उनकी वापसी के बाद विशेष श्रद्धांजलि के रूप में बोईंग 747 विमान ह्यूस्टन जाएगा और बुश का ताबूत लेकर वाशिंगटन लौटेगा।

 

राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘एयर फोर्स वन मुझे और अन्य बहुत सारे लोगों को लेकर वाशिंगटन आएगा। फिर उसे (पूर्व) राष्ट्रपति बुश का ताबूत लेने के लिए ह्यूस्टन भेजा जाएगा।’’  बुश का शुक्रवार को 94 वर्ष की आयु में ह्यूस्टन में निधन हो गया। व्हाइट हाउस का कहना है कि वाशिंगटन के नेशनल कैथेड्रल में राजकीय सम्मान के साथ बुश का अंतिम संस्कार किया जाएगा। राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया वहां उपस्थित रहेंगे।

बता दें कि अमेरिका के कद्दावर नेता और पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश का शुक्रवार को निधन हो गया। उनकी उम्र 94 वर्ष थी। उनके बेटे एवं अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने बुश के निधन की घोषणा करते हुए उन्हें एक सद्चरित्र व्यक्ति और सर्वश्रेष्ठ पिता बताया। बुश की पत्नी बारबरा बुश का इसी साल अप्रैल में निधन हुआ था।

दोनों का वैवाहिक बंधन करीब 73 वर्ष का रहा। अमेरिका के 41 वे राष्ट्रपति बुश विदेश नीति के अच्छे जानकार थे। वर्ष 1989 में सोवियत संघ के विघटन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। इसके करीब दो वर्ष बाद उन्होंने इराके के शक्तिशाली नेता सद्दाम हुसैन को पराजित करने के लिए एक अभूतपूर्व गठबंधन भी बनाया। 

सीआईए के पूर्व प्रमुख रहे बुश केवल एक कार्यकाल के लिए ही सत्ता में रहे। देश की कमजोर अर्थव्यवस्था के चलते वर्ष 1992 के चुनाव में उन्हें डेमोक्रेट उम्मीदवार बिल क्लिंटन से मात खानी पड़ी । राजनीतिक स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय आम सहमति के पक्षधर रहे बुश की विचारधारा मौजूदा रिपब्लिकन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बिल्कुल विपरीत थी । 2016 के चुनाव में बुश ने ट्रंप को अपना मत तक नहीं दिया ।

निधन के समय तक बुश अमेरिका के सबसे उम्रदराज जीवित राष्ट्रपति थे। बराक ओबामा ने बुश के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘अमेरिका ने जॉर्ज हर्बर्ट वॉककर बुश के रूप में एक देशभक्त और विनम्र सेवक खो दिया है। मैं आज जहां बहुत गमगीन हूं वहीं मेरा दिल उनके प्रति आभार से भरा है।’’ 

वाशिंगटन। अमेरिका पाकिस्तान को यह समझाने के लिए हरसंभव तरीके आजमाने पर विचार कर रहा है कि आतंकवादी समूहों के खिलाफ कार्रवाई करना उसके अपने हित में है। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने यह जानकारी दी। प्रशासनिक अधिकारी ने पीटीआई को बताया, ‘‘तमाम बहसों का केंद्र पाकिस्तान को आतंकवाद प्रायोजक देश घोषित करना नहीं है। चर्चाएं इसलिए हैं कि पाकिस्तान को यह समझाने के लिए अन्य तरीकों का इस्तेमाल कैसे किया जाए कि आतंकवादी समूहों पर कार्रवाई करना उसके अपने हित में है।’’ अधिकारी ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘यह विकल्प पाकिस्तान को चुनना है कि वह आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई में सहयोग करे और अमेरिका तथा शेष दुनिया के साथ घनिष्ठ संबंधों का लाभ उठाए या अपना रवैया नहीं बदलने पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलगाव का सामना करे।’’बीते हफ्ते फॉक्स न्यूज को दिये साक्षात्कार में, ट्विटर पर और व्हाइट हाउस में संवाददाता सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पाकिस्तान पर आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई के मामले में अमेरिका के लिए कुछ नहीं करने का आरोप लगाया था। तब ट्रम्प ने यह भी दोहराया था कि जब तक पाकिस्तान अपना रवैया नहीं बदलता तब तक उनका प्रशासन उसे दी जाने वाली सभी सहायता बंद रखेगा।

नैरोबी। सोमालिया के गलकायो शहर में आतंकवादियों द्वारा किए गए एक हमले में एक इस्लामिक धर्म उपदेशक और उनके कम से कम 17 अनुयायियों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। गलकायो के एक पुलिस अधिकारी अहमद अवाले ने बताया कि सोमवार को तड़के दो आत्मघाती हमलावरों ने उपदेशक के घर ,जोकि एक सूफी दरगाह भी है, के सामने खुद को उड़ा लिया। इसके बाद चार बंदूकधारियों ने इमारत में घुसकर गोली चलानी शुरू कर दी। इस घटना में कम से कम 20 लोग घायल भी हुए। अवाले ने बताया कि सोमाली सुरक्षाकर्मियों ने जवाबी कर्रवाई की और इमारत में भारी गोलीबारी हुई। पुलिस की ओर से हुई गोलीबारी में तीन हमलावर मारे गए और एक को जीवित पकड़ लिया गया। सोमालिया में सक्रिय आतंकवादी संगठन अल-शबाब ने इस घटना की जिम्मेदारी ली है। 

धर्म उपदेशक शेख अब्दीवेली अली इल्मी के सोमालिया में सैकड़ों समर्थक हैं और उन्हें विवादित धार्मिक नेता माना जाता है क्योंकि कई वीडियो में उन्हें अपनी धार्मिक कविताओं को संगीत के साथ गाते देखा गया है जो कि चरमपंथियों के अनुसार इस्लाम के खिलाफ है। वहीं शेख इल्मी यह कहते हुए अपना बचाव करते थे कि संगीत इस्लाम की शिक्षा के खिलाफ नहीं है। 

जकार्ता. इंडोनेशिया के जकार्ता में पिछले महीने हुए विमान हादसे में जान गंवाने वाले भारतीय पायलट भव्य सुनेजा के शव की पहचान कर ली गई है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा, “इंडोनेशियाई अधिकारियों ने कैप्टन भव्य सुनेजा के शव की पहचान होने की पुष्टि कर दी है। जकार्ता में भारतीय राजदूत की मौजूदगी में उनके परिवार को शव सौंप दिया जाएगा। परिवार के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं।”

हादसे में हुई थी 189 लोगों की मौत
29 अक्टूबर को इंडोनेशिया के जकार्ता से पांकल पिनांग शहर जा रहा लॉयन एयर का विमान उड़ान भरने के 13 मिनट बाद समुद्र में क्रैश हो गया था। इसमें सभी 189 लोगों मारे गए थे। इनमें तीन बच्चों समेत 181 यात्री, दो पायलट और छह अन्य क्रू मेंबर्स हैं। विमान संपर्क टूटने वाली जगह से करीब दो नॉटिकल मील (3.7 किलोमीटर) दूर कारावांग की खाड़ी में क्रैश हुआ था।

पत्नी के साथ जकार्ता में ही रहते थे भव्य
भव्य अपनी पत्नी के साथ जकार्ता में ही रह रहे थे, जबकि बाकी परिवार दिल्ली में ही रहता है। भव्य 2011 में लॉयन एयरलाइंस से जुड़े थे। इससे पहले उन्होंने अमीरात एयरलाइंस में बतौर ट्रेनी पायलट 3 महीने काम किया था। उन्हें 2009 में बेल एयर इंटरनेशनल से पायलट लाइसेंस मिला था। सुनेजा के पास विमान उड़ाने का 6000 घंटे का अनुभव था।

विएनतियान। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शुक्रवार को लाओस के अपने समकक्ष सालेमएक्से कोम्मासिथ से मुलाकात कर द्विपक्षीय बातचीत की। दोनों के बीच रक्षा, व्यापार, ऊर्जा और कृषि क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाने पर बातचीत हुई। स्वराज दो दिन की लाओस की यात्रा पर हैं। वह यहां कोम्मासिथ के साथ नौंवी ‘संयुक्त आयोग की बैठक’ में हिस्सा लेंगी। दोनों नेता संबंधों और साझेदारी को और मजबूत करने की रुपरेखा पर बातचीत करेंगे।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि दोनों मंत्रियों के बीच कृषि, व्यापार और निवेश, रक्षा, शिक्षा, संस्कृति, सूचना प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और खनन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने को व्यापक चर्चा हुई। उन्होंने ट्वीट किया कि दोनों नेताओं की बैठक के दौरान हुई बातचीत काफी रचनात्मक रही। कुमार ने कहा, ‘‘स्वराज ने लाओस में विकास की जरूरतें पूरा करने के लिए भारत के अनुभव और विशेषज्ञता को साझा करने का प्रस्ताव दिया। साथ ही 25 करोड़ डॉलर की ऋण सुविधा देने का भी प्रस्ताव किया।’’ 
 
बृहस्पतिवार को स्वराज ने यहां भारतीय समुदाय के एक कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। अपनी दो दिन की यात्रा के दौरान स्वराज लाओस के प्रधानमंत्री थॉन्गलोन सिसोलिथ से भी मुलाकात करेंगी।

 

 

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