छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ (21154)

तकनीकी ज्ञान का उपयोग कर विद्यार्थी छत्तीसगढ़ के विकास 
में सहभागी बनें: श्री भूपेश बघेल

ट्रिपल आई.टी. के प्रथम दीक्षांत समारोह में 69 विद्यार्थियों को दी गई डिग्री


रायपुर, 18 नवंबर 2019

राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके और मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, नवा रायपुर के प्रथम दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को स्वर्ण और रजत पदक प्रदान किए। उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमेश पटेल, आई.आई.टी. दिल्ली के पूर्व निदेशक और एन.बी.ए. के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर सुरेन्द्र प्रसाद, विशिष्ट अतिथि और समारोह की अध्यक्षता ट्रिपल आई.टी. बोर्ड के अध्यक्ष और एच.सी.एल. के सह संस्थापक श्री अजय चौधरी ने की। दीक्षांत समारोह में 69 विद्यार्थियों को बी.टेक की डिग्री प्रदान की गई।
राज्यपाल सुश्री उइके ने कहा कि तकनीकी शिक्षा संस्थान नवाचार और रचनात्मक कार्यों के केन्द्र के रूप में स्थापित हों। हमें अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य में अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए नए-नए क्षेत्रों में शोध और रचनात्मकता को बढ़ावा देना होगा। उन्होंने कहा कि हमारी बौद्धिक संसाधन ही असली ताकत है, जो पूरे विश्व में हमें एक अलग स्थान देती है। आज विश्व के सभी प्रमुख देशों जैसे अमेरिका आदि में भारतीय उच्च तकनीकी विशेषज्ञ के रूप में कार्य कर रहे हैं, इनमें कुछ तो बड़ी कंपनियों के सी.ई.ओ. और कुछ प्रशासनिक सलाहकार की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। इस संस्थान के विद्यार्थी दीक्षांत समारोह में डिग्री प्राप्त करने के बाद हो सकता है इनमें से कुछ छात्र हमारे देश में रहें और कुछ छात्र देश के बाहर जाकर भी अपना काम करेंगे। हमें चाहिए कि हम जहां भी रहें गर्व से कहें कि हम भारतीय हैं और हमारी गौरवशाली संस्कृति की पहचान हमेशा कायम रखें। ऐसा कार्य करें कि दूसरे देश के लोगों के प्रति भारत का सम्मान और ऊंचा हो। उन्होंने ट्रिपल आई.टी. जैसे संस्थान को छत्तीसगढ़ का गौरव बताया। राज्यपाल ने कहा कि ट्रिपल आई.टी. के 41 छात्रों को अच्छे पैकेज में नौकरी मिली है, जिसमें से कोण्डागांव जिले के श्री विमल आनंद बघेल को 29 लाख रूपए पैकेज पर नौकरी मिली है, जो सराहनीय है। 

राज्यपाल सुश्री उइके ने युवाओं से आग्रह किया है कि वे उद्यमी बनें और छत्तीसगढ़ में ही स्वरोजगार स्थापित करें। इससे छोटे-छोटे उद्योगों को विकसित होने का मौका मिलेगा और दूसरे लोगों को भी रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि युवा अपने तकनीकी ज्ञान का दायरा कुछ क्षेत्रों तक ही सीमित न रखें और नये-नये क्षेत्रों में शोध करें। तकनीकी ज्ञान का उपयोग मौसम के सटीक भविष्यवाणी सहित कृषकों को विशेषज्ञ सलाह देने में कर सकते हैं। साथ ही यह भी प्रयास करें कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करने के लिए परम्परागत के स्थान पर आधुनिक तकनीकों का बेहतर उपयोग करें। सुश्री उइके ने कहा कि तकनीकी शिक्षा प्रदान करने के पारंपरिक तरीकों एवं विषयों के स्थान पर आवश्यकता एवं मांग के अनुरूप विषयों को पाठ्यक्रम में शामिल करें। पाठ्यक्रम को समय-समय पर अपडेट करने की भी आवश्यकता व्यक्त की। अवकाश के समय छात्रों इंटर्नशिप के लिए विभिन्न उद्योगों में भेजने और पाठ्यक्रम में उद्यमिता विषय भी हो ताकि भविष्य में हम रोजगार चाहने वाले न हों, बल्कि रोजगार पैदा करने वाले तैयार कर सकें। 
नवा रायपुर का ट्रिपल आईटी संस्थान देश की प्रगति में योगदान देने वाले एक प्रमुख संस्थान के रूप में पहचान बनाएगा: श्री भूपेश बघेल

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने विद्यार्थियों से अपने तकनीकी ज्ञान का उपयोग कर छत्तीसगढ़ के विकास में सहभागी बनने का आव्हान किया है। उन्होंने कहा कि कृषि उपजों और वनोपजों से तकनीकी के बेहतर उपयोग से अधिक से अधिक रोजगार के अवसर कैसे पैदा किये जा सकते हैं। किसानों के लिए इसे कैसे लाभप्रद बनाया जा सकता है। इस दिशा में शोध किया जाना चाहिए। 
 श्री बघेल ने कहा कि आने वाले समय में भिलाई के इस्पात संयंत्र और एनटीपीसी की तरह ही नवा रायपुर का यह ट्रिपल आईटी संस्थान देश की प्रगति में योगदान देने वाले एक प्रमुख संस्थान के रूप में पहचान बनाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले 200 वर्षों में विज्ञान ने हर क्षेत्र में तरक्की की है, लेकिन इस तरक्की के साथ-साथ अनेक चुनौतियां भी हमारे सामने आ खड़ी हुई है, शुद्ध वायु और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने विद्यार्थियों से शोध के क्षेत्र में कार्य करने का आव्हान करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में शोध के क्षेत्र में बड़ी संभावनाएं विद्यमान हैं। यहां 44 प्रतिशत भूभाग पर वन है। बड़ी मात्रा में लघु वनोपजों का उत्पादन होता है। कृषि क्षेत्र भी काफी समृद्ध है, इन क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए तकनीकी का किस तरह बेहतर उपयोग किया जा सकता है और रोजगार के अवसर पैदा किये जा सकते हैं इस पर शोध किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ बिजली उत्पादन की दृष्टि से देश का एक प्रमुख राज्य है, लेकिन यहां फ्लाई ऐश के डिस्पोजल की समस्या है। फ्लाई एश के कारण पानी हेवी मेटल से कितना प्रदूषित हुआ है, इस पर कोई शोध नहीं हुआ है, इस पर भी शोध होना चाहिए। उन्होंने धान की फसल के बाद पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण की समस्या का उल्लेख करते हुए कहा कि पराली को सस्ते तरीके से तकनीकी का उपयोग कर कैसे वर्मी और कंपोस्ट खाद में परिवर्तित किया जा सकता है, इस पर भी शोध किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दिल्ली से आए अतिथियों के सामने बोतल बंद पानी रखा है, बहुत संभव है कि आने वाले समय में मुख्य अतिथियों के सामने पानी की बोतल के साथ ऑक्सीजन की बोतल भी रखी हो। विज्ञान की प्रगति से कृषि के क्षेत्र में हम आत्मनिर्भर हुए, यातायात के तेज और सुविधाजनक साधन विकसित हुए, चिकित्सा के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी परिवर्तन संभव हो सके हैं। घुटने बदलने के बाद अब दिल भी बदल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने  दीक्षांत समारोह में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आपके सामने खुला आकाश है, बड़ी संभावनाएं हैं और छत्तीसगढ़ सरकार भी आपके साथ है।
इस समारोह के विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमेश पटेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के इंजीनियरिंग कॉलेजों सहित तकनीकी संस्थानों में शोध को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। प्रोफेसर सुरेंद्र प्रसाद ने तकनीकी संस्थानों में व्यावसायिक कौशल के साथ-साथ बुद्धिमत्ता (विजडम) के विकास पर भी ध्यान देने की आवश्यकता व्यक्त की। ट्रिपल आईटी बोर्ड के चेयरमैन श्री अजय चौधरी ने विद्यार्थियों को अपने सपनों को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करने, अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखने और अपने क्षेत्र में नई-नई चीजें सीखने तथा पढ़ने की आदत विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान नवा रायपुर के कुलपति और निदेशक डॉ प्रदीप कुमार सिन्हा ने संस्थान की प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। 
इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा की प्रमुख सचिव श्रीमती रेणु जी. पिल्ले, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतिगण तथा ट्रिपल आई.टी. के विद्यार्थी उपस्थित थे।

राजनांदगाँव। दस साल पहले राजनांदगाँंव जिले के मदनवाड़ा के नक्सली घटना में शहीद रजनीकांत सिंह जन्मदिन के अवसर पर रिसाली स्थित उनके प्रतिमा स्थल पर एक श्रृद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। प्रेम संगवारी सेवा समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में दुर्ग रेंज के आईजी विवेकानंद सिन्हा और जिले के एसएसपी अजय कुमार यादव विशेष रूप से उपस्थित हुए। गौरतलब हो कि 12 जुलाई 2009 को मदन वाड़ा में शहीद हुए पुलिस अधीक्षक विनोद चौबे सहित 29 जवानों की शहादत पर प्रेम संगवारी सेवा समिति के द्वारा शहीद रजनीकांत सिंह की प्रतिमा का स्थापना उनके जन्मदिन पर कर आज से 10 वर्ष पूर्व उनके जन्मदिवस के दिन अनावरण किया गया था। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी वीर शहीदों की याद और उनके सम्मान मे कार्यक्रम का आयोजन प्रेम संगवारी संस्था के अध्यक्ष मुकेश पांडेय और उनकी संस्था के सदस्यों द्वारा रखा गया। इस कार्यक्रम मे शहीद के पिता बेचेन सिंह अपने पूरे परिवार सहित शामिल हुए। इस अवसर पर आईजी विवेकानंद सिन्हा ने कहा कि, हम नहीं चाहते कि, पुलिस का कोई भी अधिकारी या जवान शहीद हो। शहीद होने के बाद एक सैनिक अपना सब कुछ न्योछावर कर देता है। शहीद की शहादत को याद करना शहीद परिवारों को संबल प्रदान करता है। पुलिस प्रशासन का प्रयास है कि, शहीद परिवारों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने शहीद रजनीकांत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रृद्धांजलि अर्पित की। एसएसपी दुर्ग अजय कुमार यादव ने शहीद रजनीकांत सिंह के प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर कहा कि, मदनवाड़ा घटना के समय उनकी पदस्थापना कांकेर जिले के एसपी के रूप में थी। मैं राजनांदगांँव के तात्कालिन एसपी शहीद विनोद चौबे सहित सभी 29 शहीदों को श्रृद्धांजलि अर्पित करता हँूं। शहीद परिवार की समय समय पर सुध लेना और शहीदों के विषय में नई पीढ़ी को अवगत कराना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कार्यक्रम में नगर पुलिस अधीक्षक भिलाईनगर अजीत कुमार यादव, नगर पुलिस अधीक्षक दुर्ग विवेक शुक्ला, रक्षित निरीक्षक नीलेश द्विवेदी, नेवई थाना प्रभारी भावेश साव, यातायात भिलाई प्रभारी निरीक्षक भारती मरकाम, भिलाई नगर थाना प्रभारी राजेश बांगड़े, सूबेदार तृप्ति सिंह सहित संस्था के अध्यक्ष मुकेश पांडे, राममूर्ति, रंजीत यादव, अजय चौधरी, अजीत चौधरी, श्रीकांत वर्मा, प्रिंस सिंह, रणविजय सिंह, सूरज पाण्डेय, गोलू सिंह, एस.एन.प्रसाद, धर्मेंद्र बोरा, अजीत सिंह, सोनू सिंह, गोविंद चतुर्वेदी आदि उपस्थित थे। गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने भी रजनीकांत की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किया। इस अवसर पर वरिष्ठ काँग्रेसी नेता मो.इरफान खान भी विशेष रूप से उपस्थित थे।

महासमुंद. कर्ज में डूबी छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) सरकार के सामने एक नई चमक नजर आ रही है. छत्तीसगढ़ के महासमुंद (Mahasamund) जिले के सरायपाली ब्लॉक के पहाड़ों में हीरे और सोने (Diamonds and Gold) की खान मिलने की उम्मीद सरकार को है. सरायपाली के विभिन्न क्षेत्र में हुए पूर्व में सर्वे के आधार पर अब एनएमडीसी (NMDC) और सीएमडीसी (CMDC) संयुक्त रूप से इन खानों की तलाश करेगी, जिसके लिए एनएमडीसी के अध्यक्ष की मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) से मुलाकात के बाद सहमति भी बन गई है.

केन्द्र सरकार की नवरत्न कंपनी राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) और राज्य सरकार का छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम (सीएमडीसी) संयुक्त रूप से महासमुंद (Mahasamund) के सरायपाली तहसील में हीरे और सोने की भंडार की खोज करेंगे. जिसे लेकर बीते 15 नवंबर को एनएमडीसी (NMDC) के अध्यक्ष एन बैजेन्द्र कुमार और वरिष्ठ अधिकारियों ने सीएम भूपेश बघेल से मुलाकात की है. इसके बाद दोनों एजेंसियों के बीच संयुक्त रूप से काम करने पर सहमति भी बन गई है, जिसे सीएम भूपेश बघेल ने भी मंजूरी दे दी है.सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) ने महासमुंद जिले के सरायपाली क्षेत्र में हीरे और सोने का बड़ा भंडार होने की संभावना जताई है. जिओ केमिकल अध्ययनों की एक रिपोर्ट के मुताबिक सरायपाली के शिशुपाल पहाड़ी क्षेत्र के लिमऊगुड़ा, जम्हारी, मल्दामाल, सहाजपाली और बसना क्षेत्र के चंदखुरी, कांदाडोंगरी, रूपापाली, धामन घुटकुरी, चपिया और पाटिलडोंगरी गांवों के नीचे किम्बर लाइट की चट्टानें मौजूद हैं, जिसके आधार पर एजेंसियों को इस क्षेत्र में प्रचुर मात्रा में हीरे और सोने की खान मिलने का अनुमान है.

बेशकीमती धातुओं का भंडार
महासमुंद जिले के सरायपाली-बसना का एक अलग ही इतिहास रहा है. क्षेत्र के जानकार व स्थानीय जनप्रतिनिधि ओमप्रकाश चौधरी बताते हैं कि सरायपाली-बसना के अलग-अलग क्षेत्रो में कई बेशकीमती धातुओं का भंडार है. जिसके प्रत्यक्ष प्रमाण पूर्वजोंकाल से उन्हें देखने और सुनने को मिलते आ रहा हैं. यदि हम इस क्षेत्र के इतिहास की ओर जायें तो पहले राजा महाराजाओं के समय में इस क्षेत्र को फूलझर राज्य कहा जाता था. जिसके दक्षिण में सारंगढ़, पूर्व में ओड़िशा का सम्बलपुर, उत्तर में राजबुढ़ा सम्मबल और पश्चिम में बिलाईगढ़ सामंत का राज्य रहा है, जो आदिवासी राजाओं का गढ़ रहा है. यही नहीं पुरातन नक्शे के आधार पर यह क्षेत्र महानदी के किनारे पर बसा है. महानदी पर सम्बलपुर में बने हीराकुद डेम के निर्माण के समय भी वहां भारी तादात में हीरे पाये गये थे. जिसके चलते ही उस डेम का नाम हीराकुद रखा गया था और ये अनुमान लगाया गया था कि इस क्षेत्र में हीरे का खान हो सकता है.
 

रायपुर. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) ने किसानों के हित को लेकर भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janta Party, BJP) पर निशाना साधा है. सीएम बघेल ने कहा कि BJP अपने 15 वर्षों के कार्यकाल में क्या करती रही. उन्होंने कहा कि अगर वर्ष 2014 में धान खरीदी (Paddy procurement) पर प्रतिबंध (Ban) लगा था तो बीजेपी के लोग चुप क्यों थे.

सीएम बघेल ने कहा कि धान खरीदी के मुद्दे पर अब बीजेपी ड्रामेबाजी कर रही है. सत्ता में रहते हुए बीजेपी ने किसानों के हित के लिए कुछ नहीं किया. लिहाजा, धान खरीदी और किसानों के हित को लेकर कांग्रेस केंद्र सरकार को घेरेगी.

2014 में प्रदेश की बीजेपी सरकार ने केंद्र के फैसले के खिलाफ आवाज क्यों नहीं उठाई

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तंज कसते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में 15 साल तक राज करने वाली बीजेपी की पूर्व रमन सरकार ने इन 15 वर्षों में किसानों के हित के लिए क्या किया? अगर उनमें इतना ही साहस था, तो जब केंद्र ने वर्ष 2014 में धान खरीदी पर प्रतिबंध लगाया था तब उस समय आवाज क्यों नहीं उठाई. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के लगाए गए प्रतिबंध खिलाफ आखिर वे आज अपनी आवाज उठा रहे हैं. भूपेश बघेल ने कहा कि खाद्य मंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक के सामने वे किसानों के हित से जुड़े मुद्दों को उठा रहे हैं.

30 को देश बचाओ आंदोलन

सीएम भूपेश बघेल ने बताया कि आगामी 30 नवंबर को देश बचाओ आंदोलन है वो भी किसान, मजदूरों, युवाओं को बचाने के लिए है. उसका स्वरूप यही है, भारत को बचाना है तो किसानों को बचाना होगा. राज्य की कांग्रेस सरकार इसी नीति पर काम कर रही है. किसान हित में कई अहम निर्णय सरकार ने लिए हैं. केंद्र सरकार से की गई मांग अगर मान ली गई तो किसानों की आय में काफी बढ़त होने की संभावना है.

रायपुर. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में राजनीतिक तल्खियां बढ़ती ही जा रही हैं. नाथूराम गोडसे और सावरकर पर चली लंबी राजनीति (Politics) के बाद अब कांग्रेस (Congress) सरकार ने आरएसएस (राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ) को निशाना बनाना शुरू कर दिया है. पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) और अब नगरीय प्रशासन मंत्री शि​व डहरिया (Shiv Daharia) ने आरएसएस (RSS) पर निशाना साधा है. मंत्री डहरिया ने निशाना साधते हुए आरएसएस को अंग्रेजों का मुखबिर (Informer) बता दिया. इस पर बीजेपी ने प्रतिक्रिया देते हुए नगरीय प्रशासन मंत्री का मानसिक संतुलन बिगड़ने की बात कही है.

नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया (Urban Administration Minister Shiv Dahria) ने आरएसएस (RSS) पर जमकर निशाना साधते हुए आरएसस को मुखबिर कहा है. इतना ही नहीं मंत्री ने कहा कि आजादी के इतिहास में आरएसएस (RSS) का कोई योगदान नहीं है. इनके नेता अंग्रेज के पीट्ठु थे. आजादी के लिए लड़ने वाले कांग्रेस के नेताओं को फांसी दिलाने का काम किया. शिव डहरिया ने कहा कि आरएसएस आज भी अपने कार्यालय में देश का नहीं काले झण्डे फहराती है. बता दें कि इससे पहले सीएम भूपेश बघेल भी आरएसएस पर खुलकर निशाना साध चुके हैं. सीएम बघेल ने भी एक बयान में कहा था कि आरएसएस नफरत फैलाने का काम करती है.

बीजेपी ने दिया ये बयान

मंत्री शिव डहरिया के बयान के बाद बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधा. बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने मंत्री डहरिया पर निशाना साधते हुए कहा है कि मंत्री शिव डहरिया का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है. कांग्रेस आरएसएस की धूल के बराबर नहीं है. इस तरह के बयानबाजी से कांग्रेस ध्यान बटाना चाहती है.

रायपुर. झारखंड (Jharkhand) के विधानसभा चुनाव (Assembly Election) में छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है. कांग्रेस (Congress) से छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री टीएस सिंहदेव (TS Singhdev) जहां झारखंड में कांग्रेस के चुनाव छानबीन समिति के अध्यक्ष हैं. वहीं अब मंत्री शिव डहरिया (Shiv Dahariya) और विधायक विकास उपाध्याय (Vikas Upadhyay) को रीजनल ऑब्जर्वर बनाया गया है. बीजेपी (BJP) से भी राम विचार नेताम (Ram Vichar Netam) झारखंड के चुनाव प्रभारी और स्टार प्रचारक बनाए गए हैं. इसके अलावा अन्य नेताओं को भी जिम्मेदारियां बांटी गई हैं.

झारखंड विधानसभा चुनाव (Jharkhand Assembly Election) में छत्तीसगढ़ कांग्रेस (Chhattisgarh Congress) के नेताओं पर एआईसीसी ने खूब भरोसा जताया है. एआईसीसी (AICC) ने इसे लेकर आदेश भी जारी किया है. मंत्री शिव डहरिया और विधायक विकास उपाध्याय वहां होने वाले विधानसभा चुनाव में चुनावी कार्यक्रमों को संपन्न कराने का काम करेंगे. कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला का कहना है कि झारखंड समीपवर्ती राज्य है, वहां का खानपान और रहनसहन छत्तीसगढ़ से काफी मिलता जूलता है. यही वजह है कि यहां के नेता वहां बेहतर कमान संभाल सकते हैं.

हर चुनाव महत्वपूर्ण

कांग्रेस के झारखंड चुनाव छानबीन समिति के अध्यक्ष टीएस सिंहदेव का कहना है कि किसी भी चुनाव को कम नहीं आंकना चाहिए, लेकिन यह जरूर है कि जिस तरह से वहां सरकार के खिलाफ नाराजगी है. इसका फायदा कांग्रेस को मिलेगा. हम मेहनत लगातार कर रहे हैं. हालांकि बीजेपी से केवल रामविचार नेताम को बड़ी जिम्मेदारी मिली है. बीजेपी के स्टार प्रचारकों में भी केवल उन्हीं का नाम है. डॉ. रमन सिंह को भी शामिल नहीं किया गया. बीजेपी प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव का कहना है कि कांग्रेस के पास राष्ट्रीय स्तर के नेता मजबूत नहीं है. इसलिए राज्य के नेताओं से काम चला रहे हैं.

बिलासपुर । डीपी विप्र कालेज में स्थापना के स्वर्ण जंयती अवसर पर व्यापार में नवाचार के अवसर व चुनौतियां विषय पर नेशनल सेमीनार का आयोजन किया गया। इग्रू के उपकुलपति व सेमीनार के मुख्य अतिथि प्रो. आरपी दास ने कहा ये विषय बहुत ही रेलीवेंट व डिमांडिंग है। वर्तमान समय व्यापार के लिए चुनौतियों से भरा है। आज बाजार में वहीं टिका रहेगा, जिसने उपभोक्ताओं को अपने प्रोडक्ट का आदि बना लिया हो। इसलिए अपनी ट्रेड पालिसी को नित्य मांजते रहें। साथ ही प्रतिद्वंदी कंपनियों पर भी नजर रखें कि वो ग्राहकों के लिए क्या नया लेकर आ रहीं हैं। इसकी ब्रांडिंग व मार्केटिंग कैसे कर रही हैं, इसके बाद अपनी योजना बनाएं। डीपी कालेज में पं. रामनारायण शुक्ला की स्मृति में वाणिज्य संकाय द्वारा राष्ट्रीय सेमीनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कई ख्यात वक्ताओं को बुलाया गया। इसमें अटल विवि के कुलपति प्रो. जीडी शर्मा, सीएसवीटीयू भिलाई के उपकुलपति डा. मनोज कुलश्रेष्ठ, सीयू के प्राध्यापक एलसी पटेरिया शामिल थे।
साकारात्मक सोच के साथ बढ़ें
कुलपति प्रो. शर्मा ने अपने संबोधन में छात्रों को कहा कि सकारात्मक सोंच के साथ आगे बढऩे की रणनीति बनाएं, पाजिटिव एनजी से सबकुछ संभव है। वहीं प्रो. कुलश्रेष्ठ ने मार्केट में टिके रहने के लिए नित नए एनोवेशन की जरुरत और विशिष्ट प्रयास को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि ग्राहकों को आकर्षित करना और अपने प्रोडक्ट का एडिक्ट बनाए रखना ही नवाचार है।
इनोवेशन की जरूरत
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कालेज प्रशासक समिति के अध्यक्ष अनुराग शुक्ला ने कहा सेमीनार की सफलता वक्ताओं के विचार व उसे आत्मसात करने में ही आती है। प्राचार्य अंजू शुक्ला ने नवाचार में शिक्षकों की भूमिका प्रमुख बताते हुए कहा कि सही मायने में वे ही इसके सच्चे वाहक हैं। ंकार्यक्रम का संचालन डा. ेमएस तंबोली व कृतज्ञता ज्ञापन ए श्रीराम ने किया। इस अवसर पर कुलसचिव प्रो. सुधीर शर्मा, डा. विमल कुमार पटेल, डा. साधना सोम, डा. रामाधार पांडेय, डा. संजय तिवारी, डा. केके शर्मा समेत बड़ी संख्या में प्राध्यापक व छात्र शामिल हुए।

बिलासपुर । भगवान बिरसा मुण्डा ने समाज के शोषित-पीडि़त लोगों को हमेशा मदद की और जागरूक करने का प्रयास किया। वे समाज को एक नई दिशा दी। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उईके ने आज बिलासपुर जिले के पेण्ड्रा में भगवान बिरसा मुंडा की 114वीं जयंती और आदिवासियों के मसीहा डॉ.भंवर सिंह पोर्ते के 26वीं पुण्यतिथि पर आयोजित जनजाति गौरव दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उईके ने कहा कि आदिवासियों के कल्याण के लिये भारतीय संविधान में अनेक प्रावधान किये गये हैं। जनजाति समाज को अन्याय एवं अत्याचार से बचाने का सुरक्षा कवच राष्ट्रीय जनजाति आयोग है। इसके तहत आदिवासियों के कल्याण के लिये अनेक कार्य किए गए हैं। उन्होंने संविधान के 5वीं अनुसूची के तहत राज्यपाल को दिए गए अधिकार को अवगत कराया। राज्यपाल ने कहा कि 5वीं अनुसूची क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लोगों को किसी तरह का अन्याय या शोषण न हो, इसके प्रति विशेष ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सुख-शांति बनी रहे और भाईचारे की भावना जागृत हो। इसी उद्देश्य को लेकर कार्य किया जाएगा। राज्यपाल ने स्व.डॉ.भंवर सिंह पोर्ते द्वारा समाज के उत्थान के लिये किए गए कार्यों की जानकारी दी। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले क्षेत्र के विभूतियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष नंदकुमार साय ने कहा कि बिरसा मुंडा, शहीद वीर नारायण सिंह और गुंडाधुर ने देश की आजादी के लिये अपना बलिदान दिया। उनसे हमें हमेशा प्रेरणा मिलती है। उन्होंने जनजातियों के प्रकृति पूजा के संबंध में अवगत कराते हुए कहा कि प्रकृति को हमेशा स्वच्छ रखने का प्रयास करें। जनजातियों के जीवन स्तर सुधारने के लिये सरकार के साथ समाज के लोगों को भी प्रयास किया जाना चाहिये। उन्होंने कहा कि डॉ.भंवर सिंह पोर्ते द्वारा समाज के विकास के लिये किए गए कार्यो से प्रेरणा लेकर उसे आगे बढ़ाएं। केन्द्रीय राज्यमंत्री फगन सिंह कुलस्ते ने कहा कि डॉ.भंवर सिंह पोर्ते ने अपने राजनैतिक जीवन के साथ सामाजिक क्षेत्रों में कार्य किए। वे मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल में विभिन्न पदों पर रहे। उन्हें जो जिम्मेदारी मिली, बखूबी निर्वहन किया। कुलस्तेस ने जनजातियों के गौरवशाली इतिहास की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समाज को आगे ब?ाने के लिये सबका योगदान होना चाहिये। अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के गिरीश कुबेर ने अपने संबोधन में भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में आदिवासी विभूतियों के योगदानेां का उल्लेख किया। कार्यक्रम में स्व.डॉ.भंवर सिंह पोर्ते की पत्नि श्रीमती अर्चना पोर्ते ने राज्यपाल का प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में स्व.पोर्ते के परिवार के सदस्यगण एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

बिलासपुर । स्वदेशी हमारी शक्ति है, जिससे हम आत्मनिर्भर बनते हैं। हमारा देश सोने की चिडिय़ा ऐसे ही नहीं बन गया। देश के व्यापारियों ने विदेशों में समृद्ध व्यापार किया। जिससे हमारे देश में समृद्धि आयी। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उईके ने आज बिलासपुर के स्वदेशी मेले में यह उद्गार व्यक्त किया।
बिलासपुर में भारतीय विपणन विकास केन्द्र द्वारा साईंस कॉलेज ग्राउण्ड में स्वदेशी व्यापार मेला आयोजित किया गया है। विगत 14 नवंबर से चल रहे इस मेले में राज्यपाल सुश्री उईके ने आज शिरकत की। उन्होंने मेले की भव्यता पर आश्चर्य और खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि स्वदेशी उत्पादों का परिचय कराने और उसके प्रति जागरूकता लाने के लिये यह मेला सार्थक है। किसी भी देश के विकास का तालमेल उस देश के सांस्कृतिक विकास से होना चाहिये। इस उद्देश्य को लेकर आयोजित यह मेला सराहनीय है। मेला अप्रत्यक्ष रूप से अर्थव्यवस्था में योगदान देता है।
सुश्री उईके ने कहा कि स्वदेशी की अवधारणा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन में आया। स्वदेशी के भाव से महात्मा गांधी जी ने असहयोग आंदोलन चलाया था, जिससे इस भावना को बहुआयाम मिला। उन्होंने कहा कि अपने उत्पाद को हमें महत्व देना होगा। आज की पीढ़ी विदेशी वस्तुओं का उपयोग करना अपनी शान समझती हैं। इस दृष्टिकोण में बदलाव की जरूरत है। स्वदेशी वस्तुओं के ज्यादा से ज्यादा उपयोग करने से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। हमारा धन देश के बाहर नहीं जायेगा। इसलिये स्वदेशी उत्पाद के उपयोग की आदत डालनी चाहिये। विदेशों में भी स्वदेशी उत्पाद की विशिष्ट पहचान कायम हो, इसके लिये ज्यादा से ज्यादा प्रयास की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्ट अतिथि केन्द्रीय इस्पात राज्यमंत्री फगन सिंह कुलस्ते ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रतिस्पर्धा के दौड़ में हम आगे बढ़ रहे हैं लेकिन हमारी मूल पहचान स्वदेशी है, जिसे बनाये रखना जरूरी है। यह स्वदेशी मेला इस उद्देश्य को पूरा कर रहा है। हम जिस गांव, प्रदेश एवं देश में रहते हैं, वहां के परिवेश को स्थापित करने का स्थायी समाधान यह मेला है। उन्होंने मेले की सफलता की कामना की। कार्यक्रम की अध्यक्षता अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर के कुलपति डॉ.गौरीदत्त शर्मा ने की। उन्होंने कहा कि हमारे देश में स्वदेशी वस्तुओं के प्रति जागरूकता है। यह मेला इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। मेले में इस शहर, राज्य एवं अन्य राज्यों की प्रतिभाएं सामने आयेंगी। विद्यार्थियों को भी अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा दिखाने के लिये मंच मिल रहा है। कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन स्वदेशी मेला के आयोजक प्रफुल्ल शर्मा ने दिया।
इस अवसर पर बिलासपुर के महापौर किशोर राय, बेलतरा विधायक रजनीश सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रितेश अग्रवाल, सहायक कलेक्टर देवेश धु्रव, डॉ.विनोद तिवारी, मेले के प्रबंधक सुब्रत चाकी, किरण मेहता, स्वदेशी जागरण मंच की श्रीमती अरूणा दीक्षित, सुशील श्रीवास्तव, श्रीमती नीता श्रीवास्तव, राजेश मिश्रा सहित आयोजन समिति के अन्य सदस्य तथा शहर के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

बस्तरः छत्तीसगढ़ के बस्तर (Bastar) के नक्सल प्रभावित इलाकों (Naxalite affected Area) में नक्सलियों का ड्रोन सुरक्षा बलों के लिए नई चुनौती बन गया है. सूत्रों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक, सीआरपीएफ (CRPF) की जांच में खुलासा हुआ है कि सीआरपीएफ की माओवाद प्रभावित बस्तर (Bastar) क्षेत्र की छावनियों पर मंडराने वाले ड्रोन माओवादी (Maoist) ही उड़ा रहे हैं, जिसके जरिए वह सुरक्षाबलों की जासूसी कर रहे हैं. इस संबंध में सीआरपीएफ ने केंद्रीय गृहमंत्रालय (Central home ministry) को रिपोर्ट भेजी है.
सीआरपीएफ द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के बाद केंद्रीय गृहमंत्रालय ने ऐसे ड्रोन (Drone) दिखने पर मार गिराने के आदेश दिए हैं. इसके साथ ही जवानों को 24 घंटे सतर्क रहने और मोर्चाबंदी को अधिक पुख्ता रखने के भी निर्देश दिए हैं. बता दें कुछ महीने पहले सुकमा जिले के किस्टाराम (Kistaram) में सीआरपीएफ कैंप (CRPF Camp) के ऊपर रहस्यमय रोशनी देखी गई थी, ये लगातार दो- तीन रातों तक कैंप के ऊपर मंडराता रही, जिसके बाद शुरू की गई जांच में सामने आया कि वैसी ही रोशनी और आवाज बासागुड़ा, सारकेगुड़ा और गोलापल्ली कैंप के ऊपर दिखी थी,.
रिपोर्ट में इसे ड्रोन बताया गया है कि अफसरों को आशंका है कि बड़े माओवादी लीडर ड्रोन (Drone) के जरिए कैंप की मोर्चाबंदी का मॉडल तैयार कर रहे हैं, ताकि उनपर हमले के लिए नक्सलियों को प्रशिक्षित किया जा सके. इसके अलावा सुरक्षाबलों (Security forces) को डराना भी उनका एक मकसद हो सकता है. वहीं सुरक्षाबलों के कैंप के ऊपर ड्रोन के मंडराने की खबर मिलने के बाद खूफिया एजेंसियां भी चिंतित हैं. खूफिया एजेंसियां (Intelligence agencies) उन दो कैंपों को लेकर और भी चिंतित हैं, जिनके ऊपर इन ड्रोन्स को मंडराते हुए देखा गया है. क्योंकि ये दोनों ही कैंप नक्सल प्रभावित इलाके में हैं.

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