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सिडनी। चेतेश्वर पुजारा के श्रृंखला के तीसरे शतक और सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल के साथ उनकी शतकीय साझेदारी से भारत ने चौथे और अंतिम क्रिकेट टेस्ट के पहले दिन गुरुवार को यहां चार विकेट पर 303 रन बनाकर आस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना पलड़ा भारी रखा। पुजारा ने 250 गेंद में 16 चौकों की मदद से नाबाद 130 रन की पारी खेलने के अलावा हनुमा विहारी (नाबाद 39) के साथ पांचवें विकेट के लिए 75 रन की अटूट साझेदारी करके भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। इससे पहले उन्होंने अग्रवाल (77) के साथ दूसरे विकेट के लिए 116 जबकि कप्तान विराट कोहली (23) के साथ तीसरे विकेट के लिए 54 रन की साझेदारी की। यह पहला मौका है जब पुजारा ने किसी श्रृंखला में तीन शतक जड़े हैं।

 

 
पुजारा ने अपनी इस पारी के दौरान किसी श्रृंखला में सर्वाधिक गेंद खेलने के लिहाज से अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। वह मौजूदा श्रृंखला में अब तक 1135 गेंद का सामना करते हुए 458 रन बना चुके हैं। इससे पहले उन्होंने 2016-17 में आस्ट्रेलिया के भारत दौरे पर 1049 गेंद का सामना करते हुए 405 रन बनाए थे। रनों के लिहाज से भी यह किसी श्रृंखला में पुजारा का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले उन्होंने 2012-13 में इंग्लैंड के खिलाफ भारत में चार टेस्ट की श्रृंखला में 438 रन बनाए थे। भारत ने टास जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। सीनियर आफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन सुबह फिटनेस टेस्ट में नाकाम रहे और मैच से बाहर हो गए।  आस्ट्रेलिया के गेंदबाजी आक्रमण की शुरुआत मिशेल स्टार्क (75 रन पर एक विकेट) और जोश हेजलवुड (51 रन पर दो विकेट) की जोड़ी ने की। मेलबर्न टेस्ट से बाहर रहने के बाद वापसी कर रहे लोकेश राहुल (09) एक बार फिर नाकाम रहे और दूसरे ओवर में ही हेजलवुड की गेंद पर पहली स्लिप में शान मार्श को कैच दे बैठे। 
 
जनवरी 2018 से विदेशी सरजमीं पर 12 टेस्ट में भारत की यह छठी सलामी जोड़ी थी। इस दौरान विदेशी सरजमीं पर 23 पारियों में सलामी साझेदारी का औसत सिर्फ 21.56 रहा है। दूसरे छोर पर अग्रवाल ने कर्नाटक के अपने साथी बल्लेबाज राहुल की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया और एक बार फिर ठोस बल्लेबाजी करते हुए कुछ अच्छे कवर ड्राइव लगाए। उन्होंने पुजारा के साथ मिलकर रन गति में इजाफा किया। भारत ने पहले घंटे में एक विकेट पर 46 रन बनाए जबकि मौजूदा दौरे पर कम रन गति सामान्य बात रही है। अग्रवाल और पुजारा ने 104 गेंद में अर्धशतकीय साझेदारी पूरी की। आस्ट्रेलिया ने 15वें ओवर में डीआरएस गंवाया जब पुजारा के खिलाफ हेजलवुड की अपील को मैदानी अंपायर ने नकार दिया। आस्ट्रेलिया ने डीआरएस लिया लेकिन रीप्ले में दिखा कि गेंद बल्लेबाज की जांघ से टकराकर विकेटकीपर के पास पहुंची थी। मेजबान टीम ने शार्ट गेंदबाजी की और बल्लेबाजों के शरीर को निशाना बनाया। पुजारा को दो बार गेंद लगी जिसमें से एक गेंद उनके सिर में लगी।
 
 
कप्तान टिम पेन ने आफ स्पिनर नाथन लियोन (88 रन पर एक विकेट) को 22वें ओवर में पहली बार मौका दिया। मौजूदा श्रृंखला में लियोन पहली बार इतनी देर से गेंदबाजी करने आए। लंच के बाद अग्रवाल और पुजारा ने आक्रामक रुख अपनाया और 178 गेंद में 100 रन की साझेदारी पूरी की। अग्रवाल ने 96 गेंद में अपना दूसरा अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने आफ स्पिनर नाथन लियोन पर दो छक्के भी मारे। अग्रवाल शतक की ओर बढ़ रहे थे लेकिन 34वें ओवर में लियोन की गेंद को उठाकर मारने की कोशिश में लांग आफ पर स्टार्क को कैच दे बैठे। अग्रवाल इस गैरजरूरी शाट को खेलने के बाद काफी निराश दिखे। उन्होंने 112 गेंद का सामना करते हुए सात चौके और दो छक्के मारे। कोहली ने हेजलवुड पर चौके के साथ खाता खोला। आस्ट्रेलिया ने रन गति कम रखने के लिए नकारात्मक गेंदबाजी का भी सहारा लिया। पुजारा पर हालांकि इसका अधिक असर नहीं पड़ा और वह अच्छी लय में दिखे। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 134 गेंद में अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने लंच से पहले लेग स्पिनर मार्नस लाबुशेन के ओवर में तीन चौके मारे।
 
 
चाय के बाद भारत ने पांचवीं गेंद पर ही कप्तान कोहली का विकेट गंवा दिया जो हेजलवुड की गेंद को लेग साइड पर खेलने की कोशिश में विकेटकीपर पेन को कैच दे बैठे। पुजारा पर हालांकि कप्तान के आउट होने के असर नहीं दिखा और उन्होंने लियोन पर दो चौके मारे। पुजारा ने स्टार्क पर लगातार दो चौकों के साथ अपना स्कोर 90 रन के पार पहुंचाया। स्टार्क ने बाउंसर पर अजिंक्य रहाणे (18) को पेन के हाथों कैच कराके भारत का स्कोर चार विकेट पर 228 रन किया और पुजारा के साथ उनकी 48 रन की साझेदारी का अंत किया। मेलबर्न टेस्ट में पारी का आगाज करने वाले विहारी ने स्टार्क पर चौके से खाता खोला। पुजारा ने स्टार्क पर चौके के साथ 199 गेंद में 18वां शतक पूरा किया। आस्ट्रेलिया ने 80 ओवर के बाद दूसरी नई गेंद ली लेकिन पुजारा और विहारी ने मेजबान टीम को सफलता से महरूम रखा। भारत ने इस बीच 88वें ओवर में 300 रन पूरे किए। इससे पहले भारत ने टीम में दो बदलाव करते हुए रोहित शर्मा और इशांत शर्मा की जगह राहुल और कुलदीप यादव को मौका दिया।
 

क सुंदर सा घर हो अपना- इस बात का सपना तो बहुत लोग देखते हैं, लेकिन इसे साकार करने के लिए माकूल जुगत बहुत कम लोग ही बिठा पाते हैं। ऐसा इसलिए कि किसी के पास नियमित आय का अभाव होता है तो किसी के पास ऋण जमानत दाता का।

एक सुंदर सा घर हो अपना- इस बात का सपना तो बहुत लोग देखते हैं, लेकिन इसे साकार करने के लिए माकूल जुगत बहुत कम लोग ही बिठा पाते हैं। ऐसा इसलिए कि किसी के पास नियमित आय का अभाव होता है तो किसी के पास ऋण जमानत दाता का। लिहाजा, यदि आप अपने सपनों के घर को वित्तपोषित करने के लिए, एक विश्वसनीय ऋणदाता की तलाश करते हैं और इसके लिए आवेदन जैसे ही जमा करते हैं तो सबसे पहले ऋणदाता आपकी आय, नौकरी की स्थिरता, पुनर्भुगतान क्षमता आदि का मूल्यांकन करता है। इन सबसे सन्तुष्ट होने के बाद ही वह आपकी गृह ऋण याचिका को मंजूरी देता है।
 
अतएव, कहना न होगा कि इस पूरे बंधक वित्त पोषण प्रक्रिया में किसी भी आवेदक के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक यह है कि आप ऋणदाता द्वारा निर्धारित और निर्दिष्ट आय मानदंडों को पूरा कर रहे हैं अथवा नहीं! क्योंकि यदि आपके पास कम आय है तो आपका आवेदन निःसन्देह अस्वीकार किया जा सकता है, जो किसी भी प्रभावित आवेदक के लिए हैरानी की बात होती है। लेकिन इस समस्या का सरल उपाय यह है कि आपको उन्हीं ऋणदाता को आवेदन करना चाहिए, जहां आप गृह ऋण योग्यता सम्बन्धी तमाम मानदंडों को पूरा करते हैं। यदि ऐसा नहीं है तो आप सह-आवेदक के साथ भी आवेदन कर सकते हैं और अपने तथा अपने सह-आवेदक के बीच अपना जोखिम भी अलग कर सकते हैं। इसलिए चिंता मत कीजिये, क्योंकि बैंक बाजार में बहुत सी ऐसी योजनाएं हैं जो आपके गृह ऋण तनाव को हल्का या फिर पूरी तरह से खत्म कर सकती हैं।
 
जानिए क्या है नई होम लोन स्कीम? क्या हैं इसकी प्रमुख बातें


 
इस बारे में हमें सर्वप्रथम उन योजनाओं पर नज़र डालनी चाहिए जहां पर कोई भी जरूरतमंद आवेदक 'नंगे' आय की सुविधा के साथ अपने आवासीय सपनों को पूरा कर सकते हैं। इसलिए यहां पर हम 'आईआईएफएल होम लोन' की एक नई होम लोन स्कीम 'एनएचएलएस' के बारे में यहां बता रहे हैं। दरअसल, यह नई गृह ऋण योजना 'एनएचएलएस' प्रतिस्पर्धी ब्याज दरों पर पर्याप्त वित्त पोषण के साथ आपको आपके सपनों के घरों के निर्माण में औसत भारतीय मध्यम श्रेणी के लोगों को आंतरिक निर्णय शक्ति प्रदान करती है। क्योंकि यह फायदेमंद और रचनात्मक परिवर्तन के साथ एक अभूतपूर्व तरीके से अपरिचित लोगों के जीवन को भी उजागर करेगा और यथोचित मदद करेगा।
 
बताते चलें कि 'एनएचएलएस' के बारे में पांच बेहद महत्वपूर्ण बात निम्नलिखित है- पहला, कोई भी भारतीय नागरिक चाहे वह वेतनभोगी या फिर स्व-नियोजित हो, इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। विशेषकर निम्न आय श्रेणी वाले निवासी भारतीय भी इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि वह इसके लिए पूर्ववत तय नियम और शर्तों के अधीन ही ऐसा कर सकते हैं।
 
दूसरा, यह योजना ऋण धारकों को संरचित आय दस्तावेजों से स्वतंत्रता प्रदान करती है। हलांकि इस योजना के लिए आधार कार्ड जैसे पहचान दस्तावेजों के साथ आय प्रमाण दस्तावेज भी लागू करना आवश्यक है ताकि उच्च आय वाले लोगों की स्वतः छंटनी की जा सके। बावजूद इसके, इस लोन योजना में  दस्तावेज़ीकरण प्रक्रिया बेहद आसान है और हर जरूरतमंद व्यक्ति इसका लाभ सुगमतापूर्वक उठा सकता है।


 
तीसरा, इस योजना के तहत अधिकतम गृह ऋण राशि मात्र 20 लाख रुपये तक ही हो सकती है। वह भी आवास वित्त कंपनी द्वारा पात्रता मूल्यांकन के बाद ही, जो गृह ऋण को अधिकतम 20 वर्षों तक के लिए ही वित्त पोषित कर सकेगा। हालांकि ऐसी दीर्घावधि लोन के लिए दो दशक का समय भी कम नहीं होता है।
 
चतुर्थ, इस प्रकार के लोन के तहत संपत्ति पंजीकरण और गृह ऋण संरचना में सह-आवेदक की भी आवश्यकता होती है, जो हर किसी के घर में आसानी से उपलब्ध हो सकता है। यह नियम इसलिए बनाया गया है कि किसी भी प्रकार की अप्रत्याशित घटना-दुर्घटना की स्थिति परिस्थिति में भी ऋण दाता का हित सुरक्षित रहे और ऋण धारक को भी कोई परेशानी नहीं हो।
 


पांचवां, कोई भी योग्य आवेदक इस योजना के तहत शून्य क्रेडिट इतिहास पर भी आवेदन कर सकता है जो कि एक बहुत बड़ी सहूलियत है। क्योंकि आम तौर पर देखा जाता है कि यदि आपका क्रेडिट स्कोर 650 से नीचे है तो आपके लिए होम लोन लेना कतई संभव नहीं है। इस प्रकार यह ऋण योजना भी हर जरूरतमंद व्यक्ति के हित में है, बशर्ते कि वह उसका फायदा उठाए और अनावश्यक दुरुपयोग न करे।
 
इस तरह से आप बना सकते हैं अपना नया घर, बस करना होगा ये काम
 
यहां पर यह स्पष्ट कर दें कि भारत सरकार का जनहितकारी उद्देश्य उसके प्रगतिशील मिशन '2022 तक सभी के लिए आवास' के तहत कम से कम 2 करोड़ नए घर बनाना है ताकि अपेक्षाकृत कम आय वर्ग वाले लोगों के लिए भी अपना छत सुनिश्चित हो सके। इसलिए एनएचएलएस इस किफायती आवास मिशन का एक पैर है, जो लोगों को अपना घर खरीदने के लिए सशक्त बनाएगा। अमूमन, हमने देखा है कि कम आय होने पर भी यह ऋण कैसे संभव हो सके, इसके लिए गृह ऋण हेतु आवेदन करते समय निम्नलिखित कुछ बिंदुओं को ध्यान में अवश्य रखा जाना चाहिए।
 
प्रथम, जब आप बंधक वित्त पोषण प्रक्रिया के माध्यम से ऋण लेने जा रहे हैं, तो कोई भी अन्य ऋण न जोड़ें। इससे ऋण भुगतान में भी आपको सहूलियत होगी। दूसरा, यदि संभव हो सके तो अपनी मौजूदा देनदारियों को बिल्कुल कम करें, ताकि ऋण दाता के समक्ष कोई उधेड़बुन वाली नौबत नहीं आये। तीसरा, अगर आपको किसी भी चल रहे ऋण के ईएमआई का भुगतान करना है तो समय पर उसका भुगतान करना सुनिश्चित करें। क्योंकि जब आप समय पर अपने किस्तों का भुगतान करेंगे तो अप्रत्यक्ष रूप से आप अपने ही क्रेडिट स्कोर को बढ़ाएंगे। चतुर्थ, किसी भी परिस्थिति में अपना काम या पेशा  बदलने की नहीं सोचें। क्योंकि नौकरी के साथ चिपकने से ही आपकी पुनर्भुगतान क्षमता में बढ़ोत्तरी होगी और ऋणदाता के आत्मविश्वास को भी बढ़ावा मिलेगा। पांचवां, निचले भुगतान को अपने साथ तैयार रखें, क्योंकि इससे आपको चिकनी गृह ऋण प्रसंस्करण में काफी मदद मिलेगी।
 
बहरहाल, इस योजना के तहत प्रस्ताव अस्वीकरण के भी कुछ मानक तय किये गए हैं जो ऋण योग्यता ग्राहक क्रेडिट कंपनी द्वारा अपने क्रेडिट मानदंडों के अनुसार और मूल्यांकन के तदनुरूप ही होगी जो आपको भी पसंद आ सकता हैं। फिर भी सवाल है कि क्या आप गृह ऋण बंधक के छह प्रकार जानते हैं? यदि नहीं तो अविलम्ब जान लीजिए, क्योंकि इससे आपको भी ऋण मिलने में सहूलियत होगी। साथ ही साथ, यह भी समझने की कोशिश कीजिए कि पीएमए सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए क्या-क्या आवश्यकताएं हैं? यही नहीं, यह भी जानने की कोशिश कीजिये कि कम सीआईबीआईएल स्कोर के साथ व्यक्तिगत ऋण कैसे प्राप्त किया जा सकता है? क्योंकि ऐसा करके आप अपनी गृह क्रय सम्बन्धी अन्य जरूरतों को भी आसानी से पूरा कर पाएंगे।
 
 
कमलेश पांडे

गोवा के बिजली मंत्री और प्रदेश भाजपा प्रवक्ता निलेश काबराल ने बुधवार को कहा कि राफेल विमान सौदे पर मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में कोई चर्चा नहीं हुई।

पणजी। गोवा के बिजली मंत्री और प्रदेश भाजपा प्रवक्ता निलेश काबराल ने बुधवार को कहा कि राफेल जंगी विमान सौदे पर मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में कोई चर्चा नहीं हुई। इससे पहले दिन में कांग्रेस गोवा के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे और एक अन्य व्यक्ति के बीच कथित बातचीत का एक ऑडियो क्लिप सामने लायी थी जिसमें मंत्री कहते हैं कि पिछले हफ्ते मंत्रिमंडल की एक बैठक में पर्रिकर ने कहा कि उनके बेडरुम में राफेल सौदे की पूरी फाइलें पड़ी हैं।

पर्रिकर और राणे दोनों ने इससे इनकार किया है। काबराल ने कहा कि ऑडियो में जिस बैठक का जिक्र है, उस तीन-चार घंटे की बैठक में राफेल पर कोई चर्चा नहीं हुई। उन्होंने कहा कि राफेल हमारा विषय नहीं है। हमारे द्वारा इस पर चर्चा करने का प्रश्न नहीं उठता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश भाजपा ने पर्रिकर से इन आरोपों की जांच कराने का अनुरोध किया है। पर्रिकर के पास गृह विभाग भी है।

नागपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने बुधवार को कहा कि अयोध्या में केवल राम मंदिर बनेगा। भागवत ने यह टिप्पणी ऐसे समय की है जब एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही राम मंदिर पर अध्यादेश के संबंध में कोई फैसला हो सकता है, लेकिन उन्होंने जोर दिया कि केन्द्र अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए सभी प्रयास करने को तैयार है।

बुधवार को इससे पहले, विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने कहा कि हिन्दू राम मंदिर पर अदालत के फैसले के लिए ‘अनंतकाल तक’ इंतजार नहीं कर सकते और इसके निर्माण की दिशा में आगे बढने का एकमात्र रास्ता कानून बनाना है। राम मंदिर से जुड़े एक सवाल के जवाब में भागवत ने कहा, ‘अयोध्या में सिर्फ राम मंदिर बनेगा।’ उन्होंने कहा कि हमारी भगवान राम में आस्था है। वह समय बदलने में समय नहीं लेते।

आरएसएस प्रमुख यहां एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आरएसएस मंदिर मुद्दे पर उसके महासचिव भैयाजी जोशी द्वारा दिये गये बयान पर अडिग है। जोशी ने मंगलवार को कहा था कि आम जनता और सत्ता में मौजूद लोग चाहते हैं कि अयोध्या में विवादित भूमि पर राम मंदिर बने।

नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि लिव-इन पार्टनर के बीच सहमति से बना शारीरिक संबंध बलात्कार नहीं होता, अगर व्यक्ति अपने नियंत्रण के बाहर की परिस्थितियों के कारण महिला से शादी नहीं कर पाता है। शीर्ष अदालत ने महाराष्ट्र की एक नर्स द्वारा एक डॉक्टर के खिलाफ दर्ज कराई गई प्राथमिकी को खारिज करते हुए यह बात कही। दोनों ‘कुछ समय तक’ लिव-इन पार्टनर थे।

न्यायमूर्ति ए. के. सिकरी और न्यायमूर्ति एस. अब्दुल नजीर की पीठ ने हाल में दिए गए एक फैसले में कहा, ‘बलात्कार और सहमति से बनाए गए यौन संबंध के बीच स्पष्ट अंतर है। इस तरह के मामलों को अदालत को पूरी सतर्कता से परखना चाहिए कि क्या शिकायतकर्ता वास्तव में पीड़िता से शादी करना चाहता था या उसकी गलत मंशा थी और अपनी यौन इच्छा को पूरा करने के लिए उसने झूठा वादा किया था क्योंकि गलत मंशा या झूठा वादा करना ठगी या धोखा करना होता है।’

पीठ ने यह भी कहा, ‘अगर आरोपी ने पीड़िता के साथ यौन इच्छा की पूर्ति के एकमात्र उद्देश्य से वादा नहीं किया है तो इस तरह का काम बलात्कार नहीं माना जाएगा।’ प्राथमिकी के मुताबिक विधवा महिला चिकित्सक के प्यार में पड़ गई थी और वे साथ-साथ रहने लगे थे। पीठ ने कहा, ‘इस तरह का मामला हो सकता है कि पीड़िता ने प्यार और आरोपी के प्रति लगाव के कारण यौन संबंध बनाए होंगे न कि आरोपी द्वारा पैदा किए गलतफहमी के आधार पर या आरोपी ने चाहते हुए भी ऐसी परिस्थितियों के तहत उससे शादी नहीं की होगी जिस पर उसका नियंत्रण नहीं था। इस तरह के मामलों को अलग तरह से देखा जाना चाहिए।’

अदालत ने कहा कि अगर व्यक्ति की मंशा गलत थी या उसके छिपे इरादे थे तो यह स्पष्ट रूप से बलात्कार का मामला था। मामले के तथ्यों का जिक्र करते हुए अदालत ने कहा कि वे कुछ समय से साथ रह रहे थे और महिला को जब पता चला कि व्यक्ति ने किसी और से शादी कर ली है तो उसने शिकायत दर्ज करा दी। पीठ ने कहा, ‘हमारा मानना है कि अगर शिकायत में लगाए गए आरोपों को उसी रूप में देखें तो आरोपी (डॉक्टर) के खिलाफ मामला नहीं बनता है।’ व्यक्ति ने बंबई उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था जिसने उसके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी थी।

नयी दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बृहस्पतिवार को संसद में राफेल सौदे पर ‘ओपन बुक’ परीक्षा का सामना करना है। राहुल ने सवाल किया कि वह परीक्षा में खुद आएंगे या अपने प्रतिनिधि को भेजेंगे। राहुल ने ‘परीक्षा’ के लिए प्रधानमंत्री को चार सवाल भी भेजे और उनसे पूछा कि हर विमान के लिए 560 करोड़ रुपये की जगह 1600 करोड़ रुपये का भुगतान क्यों हुआ और करार ‘एए’ (रिलायंस समूह के अनिल अंबानी का संदर्भ) को क्यों दिया गया, सार्वजनिक क्षेत्र की हिन्दुस्तान ऐरोनाटिक्स लिमिटेड को क्यों नहीं।

कांग्रेस अध्यक्ष ने ट्विटर पर लिखा, ‘कल, प्रधानमंत्री संसद में ‘ओपन बुक राफेल सौदा परीक्षा’ का सामना करेंगे।’ उन्होंने लिखा ‘परीक्षा के प्रश्न ये हैं: प्रश्न1: 126 की जगह 36 विमानों की जरूरत क्यों? प्रश्न2: 560 करोड़ रुपये प्रति विमान की जगह 1600 करोड़ रुपये क्यों? प्रश्न3: मोदी जी, कृपया हमें बताइए कि पर्रिकर जी राफेल फाइल अपने बेडरूम में क्यों रखते हैं और इसमें क्या है? प्रश्न4: ‘एचएएल’ की जगह ‘एए’ क्यों? क्या वह (मोदी) आएंगे या प्रतिनिधि भेजेंगे?’

 

गांधी ने बुधवार को लोकसभा में प्रधानमंत्री पर निशाना साधा और बाद में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ‘‘अपने कक्ष में छिप’’ रहे हैं और उनके पास राफेल सौदे पर संसद में सवालों का सामना करने की हिम्मत नहीं है।

मेरठ। बुलंदशहर में हाल ही में भीड़ के हिंसक हो जाने की घटना के मुख्य आरोपी योगेश राज को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस हिंसा में एक पुलिस निरीक्षक एवं एक आम नागरिक की मौत हो गई थी। पुलिस ने बताया कि बजरंग दल का स्थानीय संयोजक राज पिछले साल तीन दिसंबर को हुई हिंसा के बाद से फरार था। उसे बुधवार की रात करीब साढ़े 11 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग 91 पर खुर्जा टी प्वाइंट से गिरफ्तार किया गया। इससे पहले बुधवार सुबह हिंसा के आरोपी सतीश एवं विनीत और गोकशी मामले के आरोपी अजहर ने बुलंदशहर की स्थानीय अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था।

क्षेत्राधिकारी (स्याना) राघवेंद्र कुमार मिश्रा ने बृहस्पतिवार सुबह पीटीआई- बताया कि हां, योगेश राज को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसकी चिकित्सीय जांच कराई जा रही है और कुछ समय बाद कानूनी कार्यवाही के लिए उसे आज स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा। भीड़़ की हिंसा के दौरान पुलिस निरीक्षक सुबोध कुमार सिंह और 20 वर्षीय सुमित कुमार की गोली लगने से मौत हो गई थी। इस हिंसा के लिए स्याना पुलिस थाने में 27 लोगों के खिलाफ नामजद और 50 से 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। राज की शिकायत पर पुलिस ने गोहत्या के लिए एक अलग प्राथमिकी दर्ज की थी।

 

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत लाल बहादुर शास्त्री के प्रसिद्ध नारे ‘जय जवान जय किसान’ और पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी के नारे ‘जय विज्ञान’ में बृहस्पतिवार को ‘जय अनुसंधान’ जोड़ दिया। वह जालंधर में आयोजित 106वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस में ‘भविष्य का भारत: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी’ विषय पर बोल रहे थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय वैज्ञानिकों का जीवन और कार्य प्रौद्योगिकी विकास तथा राष्ट्र निर्माण के साथ गहरी मौलिक अंतदृर्ष्टि के एकीकरण का शानदार उदाहरण है। उन्होंने कहा, ‘‘आज का नया नारा है- जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान। मैं इसमें जय अनुसंधान जोड़ना चाहूंगा।’’ 

 

 
मोदी ने कहा कि यह विज्ञान ही है जिसके माध्यम से भारत अपने वर्तमान को बदल रहा है और अपने भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए कार्य कर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘भारतीय विज्ञान के लिए 2018 एक अच्छा वर्ष रहा। इस साल हमारी उपलब्धियों में उड्डयन श्रेणी के जैव ईंधन का उत्पादन, दृष्टिबाधितों के पढ़ने में मदद करने वाली मशीन -दिव्य नयन, सर्वाइकल कैंसर, टी बी, डेंगू के निदान के लिए किफायती उपकरणों का निर्माण और भूस्खलन के संबंध में सही समय पर चेतावनी प्रणाली जैसी चीजें शामिल हैं।’’ 
 
मोदी ने कहा, ‘‘हमें अपनी अनुसंधान एवं विकास उपलब्धियों के व्यावसायीकरण के लिए औद्योगिक उत्पादों के जरिए एक सशक्त योजना की आवश्यकता है।’’  उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य चीजों को साथ लाने और संयुक्त प्रौद्योगिकियों का है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हमें देश की समृद्धि के लिए उत्प्रेरित, तैयार होना चाहिए और बदलाव को प्रबंधन करना चाहिए। अनुसंधान और विकास में हमारी शक्तियां हमारी राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं, केंद्रीय विश्वविद्यालयों, आईआईटी, आईआईएससी, टीआईएफआर और आईआईएसईआर के आधार पर निर्मित हैं। हालंकि हमारे 95 प्रतिशत विद्यार्थी राज्य विश्वविद्यालयों तथा कॉलेजों में जाते हैं।’’ 
 
मोदी ने यह भी कहा कि इन विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में अनुसंधान का सशक्त माहौल बनना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे कॉलेजों और राज्य विश्वविद्यालयों में अनुसंधान को मजबूती देने के लिए मैं आपको इन मुद्दों पर व्यापक रूप से चर्चा करने और मानव संसाधन विकास मंत्रालय के साथ मशविरा कर कार्य योजना तैयार करने के लिए प्रधानमंत्री विज्ञान प्रौद्योगिकी और नवोन्मेष परिषद में आमंत्रित करता हूं।’’ 
 

नयी दिल्ली। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में कहा कि राफेल विमान सौदे पर कांग्रेस द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस संबंध में कोई विवाद नहीं है, विवाद सिर्फ कांग्रेस नेताओं के मन में है। सुषमा स्वराज ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों के जवाब में यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राफेल मामले में उच्चतम न्यायालय ने सभी मुद्दों को स्पष्ट कर दिया है। उनके जवाब से असंतोष जताते हुए कांग्रेस सदस्यों से सदन से वाकआउट किया। अपने पूरक सवाल में कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने सरकार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व फ्रांसीसी राष्ट्रपति ओलांद के बीच हुयी बैठक का ब्यौरा (मिनट) सार्वजनिक करने की मांग की ताकि इससे जुड़े विवाद का हल हो।

 

 
सुषमा ने इस पर कहा कि कोई विवाद नहीं है। विवाद सिर्फ कांग्रेस नेताओं के मन में है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि पूरा देश जानता है कि कोई विवाद नहीं है। शिवसेना सदस्य ने सवाल किया कि हाल ही में फ्रांसीसी विदेश मंत्री ली द्रियां की हालिया यात्रा के दौरान क्या राफेल मुद्दे पर कोई बातचीत हुयी थी। इसके जवाब में सुषमा ने कहा कि इस संबंध में कोई बातचीत नहीं हुयी है। उन्होंने कहा कि उसी दिन उच्चतम न्यायालय का फैसला आया था और इससे फ्रांसीसी मंत्री काफी खुश थे। 
 
 
उन्होंने एक अन्य पूरक सवाल के जवाब में कहा कि जैतापुर परमाणु संयंत्र के संबंध में फ्रांस से समझौता हुआ है। इसमें छह इकाइयां बनेंगी और हर इकाई की क्षमता 1650 मेगावाट होगी। उन्होंने कहा कि बनकर तैयार होने पर यह संयंत्र दुनिया का सबसे बड़ा परमाणु संयंत्र होगा।सुषमा ने एक अन्य पूरक सवाल के जवाब में कहा कि ब्रेक्जिट की प्रक्रिया अब भी जारी है और इसके पूरा होने तक ब्रिटेन में भारतीय नागरिकों को कोई परेशानी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि ब्रेक्जिट के मुद्दे पर ब्रिटेन की संसद में सात जनवरी से चर्चा शुरू होगी।

नयी दिल्ली। भाजपा के सहयोगी और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने बृहस्पतिवार को राम मंदिर मुद्दे पर अध्यादेश का विरोध किया और कहा कि मामले में उच्चतम न्यायालय का निर्णय अंतिम होना चाहिए। लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘राम मंदिर के मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय जो भी निर्णय दे वह सभी को स्वीकार्य होना चाहिए, चाहे वे हिंदू हों, मुस्लिम हों या अन्य समुदाय के लोग हों। हमारा रूख एक समान रहा है। प्रधानमंत्री ने जब कहा कि हम उच्चतम न्यायालय के निर्णय का इंतजार करेंगे तो सभी अगर-मगर खत्म हो जाना चाहिए।’’

 

 यह पूछने पर कि इस मुद्दे पर क्या वह अध्यादेश का समर्थन करेंगे तो पासवान ने कहा कि उनका रूख एकसमान रहा है और वह इसका समर्थन नहीं करेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा था कि इस मुद्दे पर सरकार कोई निर्णय नहीं करेगी जब तक कि न्यायिक प्रक्रिया खत्म नहीं हो जाती है। विश्व हिंदू परिषद् जैसे हिंदुवादी समूह अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश लाने की मांग करते रहे हैं।

 
लोजपा अध्यादेश का विरोध करने वाली भाजपा की दूसरी बड़ी सहयोगी है। इससे पहले हाल में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि विवादास्पद मुद्दे को या तो अदालत के फैसले के माध्यम से या फिर विभिन्न समूहों के बीच परस्पर सहमति से हल किया जाना चाहिए।

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