ईश्वर दुबे
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मेला ग्राउंड के पास कुशवाह मोहल्ले की घटना- टीवी सीरियल में सुसाइड सीन देखकर नकल कर रहा था मनीष
ग्वालियर . टीवी पर सीरियल में सुसाइड सीन देखकर सोमवार सुबह एक 14 साल के किशोर ने फांसी लगा ली। किशोर ने अपनी मां के दुपट्टे का फंदा बनाकर गले में डाला और घूमने लगा। पास में ही उसकी 8 साल की बहन और छोटा भाई खेल रहे थे।
घूमते-घूमते दुपट्टे में अंटे लग गए और फांसी लग गई। फांसी लगते ही किशोर छटपटाया और उसकी आंखें बंद हो गई। छोटी बहन ने जब देखा तो वह दौड़कर भाई को बचाने गई, उसने फंदा खोलने का प्रयास भी किया लेकिन फंदा नहीं खोल पाई। वह भागकर पड़ोसी को बुलाकर लाई, लेकिन तब तक किशोर की सांसें थम चुकी थीं। उसे अस्पताल भी ले गए लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। यह दर्दनाक घटना गोला का मंदिर क्षेत्र की है। किशोर के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद पुलिस ने परिजनों के सुपुर्द कर दिया। भिंड के रहने वाले पुत्तूलाल शाक्य पेशे से किसान हैं। पढ़ाई के लिए उन्होंने अपनी पत्नी और तीनों बच्चों को तीन साल पहले ग्वालियर में शिफ्ट कर दिया। उनकी पत्नी कमला बड़ा बेटा मनीष, बेटी अंजलि उम्र 8 साल और बेटा कपिल उम्र 7 साल मेला ग्राउंड के पास स्थित कुशवाह मोहल्ला में किराए से रहते थे। पुत्तूलाल भिंड में ही रहते हैं। कमला भी यहां नौकरी करती है। सोमवार सुबह 10 बजे वह काम पर निकल गई। घर में तीनों बच्चे थे। सुबह करीब 11 बजे मनीष, अंजलि और कपिल एक ही कमरे में खेल रहे थे। मनीष टीवी पर एक सीरियल देख रहा था।
अचानक वह अंदर से अपनी मां का दुपट्टा उठाकर लाया। कमरे में ही कपड़े टांगने के लिए तार लगा हुआ था। तार पर उसने दुपट्टा डालकर फंदा बनाया। जब वह यह काम कर रहा था तो उसके छोटे, भाई बहन भी देख रहे थे। उन्हें कुछ समझ ही नहीं आया। फंदा उसने गले में डाला और गोल गोल घूमने लगा। अचानक फंदा कस गया और वह बेहोश होने लगा। कुछ देर तक जब कोई हलचल नहीं हुई तो उसकी बहन ने देखा। उसने फंदा खोलने की कोशिश की। फंदा न खुलने पर भागकर गई और पड़ोसी को बुलाकर लाई। पड़ोसी आए और तुरंत फंदा खोलकर उसे जमीन पर लिटाया।
एंबुलेंस को सूचना दी तो कुछ देर में एंबुलेंस आ गई। एंबुलेंस जेएएच लेकर पहुंची, जहां उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल से पुलिस को सूचना दी गई। घटना की सूचना मिलने पर उसके पिता भी ग्वालियर आ गए। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम हुआ। पुत्तूलाल खुद कम पढ़े लिखे हैं। बच्चों को अच्छे स्कूल में पढ़ा सकें, इसके लिए ग्वालियर में शिफ्ट कराया। बेटे को बड़ा अफसर बनाना चाहते थे लेकिन उनका यह सपना टूट गया। पीएम हाउस पर बेटे का शव देखकर रो पड़े। उसकी मां भी बेसुध हो गई।
3 माह में तीसरा हादसा, खेल-खेल में चली गई मासूमों की जान
28 सितंबर: रुचि उर्फ राधिका पुत्री स्व. सुनील रायकवार उम्र 11 साल गले में दुपट्टा डालकर खेल रही थी, तभी फांसी लगने से उसकी मौत हो गई।
3 दिसंबर: गोला का मंदिर स्थित रचना नगर के रहने वाले रामखिलाड़ी के 12 साल के बेटे देवेंद्र ने खेल-खेल में मां के दुपट्टे से फांसी लगा ली थी।
मुंबई. अभिनेता, डायलॉग राइटर और स्क्रिप्ट राइटर कादर खान का सोमवार को 81 साल की उम्र में कनाडा में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार थे और चार महीने से अस्पताल में भर्ती थे। बेटे सरफराज ने उनके निधन की पुष्टि की। कनाडा में ही उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
अमिताभ बच्चन ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा, ‘"कादर खान प्रतिभा के धनी और फिल्मों के लिए समर्पित कलाकार थे। वे गजब के लेखक थे। मेरी ज्यादातर कामयाब फिल्में उन्हीं ने लिखीं। वे मेरे अजीज दोस्त रहे। वे गणितज्ञ भी थे।'' अमिताभ और कादर ने ‘दो और दो पांच’, ‘अदालत’, ‘मुकद्दर का सिकंदर’, ‘मिस्टर नटवरलाल’, ‘सुहाग’, ‘कुली’, ‘कालिया’, ‘शहंशाह’ और ‘हम’ समेत 21 फिल्मों में साथ बतौर अभिनेता या डायलॉग-स्क्रिप्ट राइटर काम किया था।
डिसऑर्डर से पीड़ित थे
कादर को प्रोग्रेसिव सुप्रान्यूक्लीयर पाल्सी डिसऑर्डर हो गया था। यह शरीर की गति, चलने के दौरान बनने वाले संतुलन, बोलने, निगलने, देखने, मनोदशा और व्यवहार के साथ सोच को प्रभावित करता है। यह डिसऑर्डर मस्तिष्क में नर्व सेल्स के नष्ट होने के कारण होता है। कादर खान पिछले कई साल से कनाडा में ही अपने बेटे-बहू सरफराज और शाइस्ता के साथ रह रहे थे। बीते कुछ वक्त से सांस लेने में तकलीफ के कारण उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया था। 2017 में उनके घुटने की सर्जरी हुई थी। तब से वे ज्यादा देर तक चलने में डरते थे, उन्हें लगता था कि वे गिर जाएंगे।
1973 से की थी फिल्मों में शुरुआत
22 अक्टूबर 1937 को कादर खान काबुल में एक भारतीय-कनाडाई परिवार में पैदा हुए थे। 1973 में उन्होंने यश चोपड़ा की फिल्म ‘दाग’ से करियर की शुरुआत की। 1970 और 80 के दशक में उन्होंने कई फिल्मों के लिए कहानियां लिखीं। स्क्रिप्ट राइटिंग शुरू करने से पहले वे मुंबई के एमएच साबू सिद्दीक इंजीनियरिंग कॉलेज में सिविल इंजीनियरिंग के लेक्चरर थे। परिवार में उनकी पत्नी अजरा और दो बेटे सरफराज और शहनवाज खान हैं।
अमिताभ, जया प्रदा और अमरीश पुरी के साथ फिल्म बनाना चाहते थे
एक इंटरव्यू के दौरान कादर खान ने बताया था, ‘"मैं अमिताभ बच्चन, जया प्रदा और अमरीश पुरी को लेकर फिल्म 'जाहिल' बनाना चाहता था। उसका डायरेक्शन भी मैं खुद ही करना चाहता था, लेकिन खुदा को शायद कुछ और ही मंजूर था। इसी बीच 'कुली' की शूटिंग के दौरान अमिताभ को चोट लग गई। वे महीनों अस्पताल में भर्ती रहे। अमिताभ के अस्पताल से वापस आने के बाद मैं दूसरी फिल्मों में व्यस्त हो गया। अमिताभ भी राजनीति में चले गए। उसके बाद मेरी और अमिताभ की यह फिल्म हमेशा के लिए ठंडे बस्ते में चली गई।’’
1983 में आई फिल्म ‘कुली’ कादर खान के करियर की सुपरहिट फिल्मों में शामिल है। मनमोहन देसाई के बैनर तले बनी इस फिल्म में अमिताभ बच्चन ने मुख्य भूमिका निभाई थी। यह फिल्म सुपरहिट रही थी।
शक्ति कपूर के साथ कादर खान की जोड़ी काफी पसंद की गई। दोनों ने करीब 100 फिल्मों में साथ काम किया। 1982 और 1993 में आई फिल्मों ‘मेरी आवाज सुनो‘ और ‘अंगार’ में बेस्ट डायलॉग के लिए कादर खान को फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री और सिनेमा में योगदान के लिए उन्हें साल 2013 में साहित्य शिरोमणि पुरस्कार भी मिला था।
बुलंदशहर. इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या के मामले में मंगलवार को एक और आरोपी कलुआ को गिरफ्तार किया गया। एसएसपी प्रभाकर चौधरी के मुताबिक, मुख्य आरोपी प्रशांत नट के साथ कलुवा भी इंस्पेक्टर सुबोध की हत्या में शामिल था। उसने इंस्पेक्टर के सिर पर कुल्हाड़ी से वार किया था। पुलिस कलुआ से पूछताछ कर रही है। आरोपी कलुआ। बीते साल 3 दिसंबर को स्याना कोतवाली इलाके के चिंगरावठी गांव में गोकशी के बाद हिंसा भड़क गई थी। इसमें स्याना कोतवाली के इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह और सुमित नामक युवक की गोली लगने से मौत हो गई थी। पुलिस ने अब तक इस कांड में 23 लोगों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी प्रशांत नट भी गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के मुताबिक, प्रशांत ने ही इंस्पेक्टर को गोली मारी थी। एसएसपी चौधरी ने बताया कि कलुआ के बुलंदशहर के एक गांव में मौजूद होने की सूचना मिली थी। पुलिस ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। स्थानीय अदालत घटना में फरार आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर चुकी है। उत्तरप्रदेश एसआईटी भी मामले की जांच कर रही है।
खेल डेस्क. भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली जा रही टेस्ट सीरीज में खिलाड़ियों के बीच जुबानी जंग जारी है। पहले दो टेस्ट में भारतीय कप्तान विराट कोहली और ऑस्ट्रेलियाई कप्तान टिम पेन के बीच बहस हुई। मेलबर्न में जारी तीसरे टेस्ट में टिम पेन के निशाने पर ऋषभ पंत हैं। तीसरे दिन जब पंत बल्लेबाजी करने आए तो पेन ने उन्हें बेबीसिटर कहा था। इसका जबाव पंत ने चौथे दिन दिया। उन्होंने बल्लेबाजी के लिए उतरे पेन पर तंज कसते हुए मयंक अग्रवास से पूछा- क्या आपने कभी टेम्परेरी कैप्टन के बारे में सुना है?
पेन का ऑफर- धोनी वापसी कर रहे हैं, पंत अब ऑस्ट्रेलिया में छुट्टियां बिताएं
ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में गुड बॉय के तौर पर मशहूर टिम पेन ने पंत से कहा था, "अब वनडे में धोनी उनकी जगह लेने वाले हैं इसलिए अच्छा होगा कि वे है कि ऑस्ट्रेलिया में छुट्टियां बिताने की तैयारी करें। बिग बैश में हरिकेन होबार्ट की ओर से खेल सकते हैं।" पेन ने पंत को अपने घर पर डिनर के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने पंत को बेबीसिटर (बच्चों का खयाल रखने वाला) का जॉब भी ऑफर किया। उन्होंने कहा, "हमें होबार्ट की टीम में एक बल्लेबाज चाहिए। यहां आपकी छुट्टियां बढ़ जाएंगी और खूबसूरत शहर होबार्ट में कुछ वक्त गुजार सकेंगे।"
पेन ने पंत से आगे कहा, "हम आपको वॉटरफ्रंट पर एक अपार्टमेंट देंगे। इतना ही नहीं जब मैं मूवी के लिए अपनी पत्नी के साथ जाउंगा तो आप मेरे बच्चों का ख्याल रखना। बेबीसिटर।"
अकलतरा . ग्राम झलमला स्थित शासकीय प्राइमरी स्कूल टांडपारा में पदस्थ शिक्षक गजाधर सिंह मरकाम को शराब पीकर स्कूल आने और आए दिन अनुपस्थित रहने की शिकायत शाला प्रबंधन एवं विकास समिति समेत अभिभावकों ने कलेक्टर व डीईओ से की थी।
शिकायत मिलने पर डीईओ ने मामले की जांच कराई थी, जिसमें जांच टीम ने शिकायत सही पाई थी। जिस पर शिक्षक गजाधर सिंह मरकाम को शासकीय प्राथमिक शाला झिरिया अटैच कर दिया था। अटैच के बाद टांडपारा स्कूल में दो शिक्षक होने और पहली से पांचवीं तक 94 विद्यार्थी होने से पढ़ाई प्रभावित हो रही थी।
ऐसे में शाला प्रबंधन एवं विकास समिति ने कलेक्टर एवं डीईओ से अधिकारी एक शिक्षक की मांग की थी। जिस पर अकलतरा बीईओ सीके धृतलहरे द्वारा शिक्षक गजाधर सिंह मरकाम को टांडपारा में पुन: पदभार ग्रहण करने आदेश जारी कर दिया। शुक्रवार की सुबह शिक्षक गजाधर सिंह जब चार्ज लेने स्कूल पहुंचे तो छात्र-छात्राएं आक्रोशित हो गए।
शाला प्रबंधन एवं विकास समिति ने पहले इसका विरोध किया। इसके बाद स्कूल पहुंचे छात्र-छात्राएं भी मुख्य गेट के सामने जमीन पर बैठ गए और धरना शुरू कर दिया। शाला प्रबंधन एवं विकास समिति के अध्यक्ष राजेश नायक एवं उपाध्यक्ष भारती नायक ने बताया कि शाला में पूर्व में पदस्थ शिक्षक गजाधर सिंह मरकाम को शिकायत के आधार पर हटाया गया था।
फिर से उसी शिक्षक की यहां पोस्टिंग कर दी गई। यह गलत है, इसी का विरोध किया गया। आदेश में सुधार नहीं हुआ तो आगे स्कूल का संचालन नहीं होने देंगे।
रंगदारी की शिकायतों से गिरती पुलिस की साख बचाने की कवायद
क्राइम ब्रांच में भष्टाचार बढ़ने से डीजीपी अवस्थी ने दिया निर्देश
बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा जिले में क्राइम ब्रांच का गठन नहीं किया गया था।
अफसरों-जवानों में से कुछ जिलों में लौटाए गए कुछ को लाइन में भेज दिया गया है
रायपुर . प्रदेश के 24 जिलों में क्राइम ब्रांच और स्पेशल इंटेलिजेंस सेल (एसआईयू) को भंग कर दिया गया है। स्वतंत्र ईकाई रूप में काम करने वाली इन दोनों शाखाओं को भंग करने का आदेश शुक्रवार को डीजीपी डीएम अवस्थी ने जारी किया। क्राइम ब्रांच और एसआईयू में काम कर रहे कुछ कर्मियों की सेवाएं जिलों में लौटा दी गई हैं कुछ तो लाइन में भेज दिया गया है।
आदेश के बाद पुलिस महकमे में खलबली है। चर्चा है कि क्राइम ब्रांच के अधिकांश अफसर वसूली, रंगदारी और कुछ अफसरों का मातहत बनकर काम करने में लगे थे। इससे पुलिस की साख लगातार गिर रही थी, जिसे बचाने के लिए यह कार्रवाई की गई है। रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग के अलावा क्राइम ब्रांच राज्य के करीब हर जिले में काम कर रही थी। बस्तर में केवल बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा जिले को छोड़कर बाकी जिलों में क्राइम ब्रांच का गठन किया गया था।
अपराध नियंत्रण के लिए हुआ था क्राइम ब्रांच का गठन, वो झूठा फंसाने की धमकी देने लगे
अपराध नियंत्रण के लिए इसका गठन जिले में किया जाता था। टीम में 70 से 80 कर्मी होते थे। क्राइम ब्रांच के लिए शासन स्तर पर कोई अलग से नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया था। रेंज के आईजी और पुलिस अधीक्षक सुविधानुसार टीम बनाते थे। थानों से कर्मी चुनकर अटैच किए जाते थे।
कई जगह क्राइम ब्रांच ने वसूली शुरू कर दी थी। झूठे आरोप में फंसाकर जेल भेजने की धमकी भी दी जाती थी। अफसर ट्रांसफर होने पर साथ में चहेतों को भी ले जाते थे और क्राइम ब्रांच में पदस्थ करते थे, जो एजेंट के रूप में काम काम करते थे।
एसआईयू ने जमीन विवादे सुलझाने के बजाय की ब्लैकमेलिंग, सेटलमेंट का दबाव बनाया
एसआईयू | थानों में जमीन से जुड़े विवादों की शिकायतें सालों जांच के नाम पर लटकी रहती थीं, इस वजह से एसअाईयू का गठन किया गया था। लेकिन एसआईयू में जमीन के खास मामलों में जांच के बदले सेटलमेंट किए जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रहीं थीं।
एसआईयू में मामला आते ही सैटलमेंट करने के लिए मजबूर किया जाता था। कई शिकायतें में लोगों ने परिवार के सदस्यों को भी परेशान करने और ब्लैकमेल करने की बात कही। सौदेबाजी करने पर ही छोड़ा जाता था।
अब सभी मामलों की जांच थानास्तर पर ही होगी
24 घंटे के अंदर सभी आईजी और एसपी को कंप्लायंस रिपोर्ट देनी होगी। अब सभी मामलों की जांच थाने के स्तर पर ही करवाई जाएगी। इसके लिए जरूरी पड़ने पर थानों में ही अलग-अलग विंग बनाकर उनके स्तर पर काम का बंटवारा किया जाएगा। - डीएम अवस्थी, डीजीपी
भोपाल। चार दिन की जद्दोजहद बाद विभाग वितरण के बाद प्रदेश सरकार के मंत्री एक्शन में आ गए हैं। विधि एवं विधायी मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि पिछले 15 साल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर दर्ज राजनीतिक मामले वापस लिए जाएंगे। वहीं वित्त मंत्री तरुण भनोट ने कहा कि भाजपा के शासनकाल में शुरू की गई कई योजनाएं बंद की जाएंगी।
विधि एवं विधायी मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि बीते 15 साल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को परेशान करने के लिए उनपर राजनीतिक मुकदमें दर्ज किए गए। इस वजह से कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मनोबल टूटा। उन्होंने कहा कि अगर अन्य लोगों पर भी अगर ऐसे मामले सामने आते हैं तो उन्हें भी वापस लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक महीने के अंदर इस तरह के मामलों की समीक्षा की जाएंगी इसके बाद ये मामले वापस लिए जाएंगे।
कई योजनाएं बंद होंगी: वित्त मंत्री तरुण भनोट ने कहा है कि प्रदेश भाजपा सरकार के समय शुरू की गई कई योजनाएं बंद की जाएंगी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों से उन योजनाओं को चिन्हित करने गया है, जिनका लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है। भाजपा सरकार के समय राजनीतिक रूप से अपने कार्यकर्ताओं को लाभ देने के लिए इस तरह की योजनाएं शुरू की गई थी। एक महीने के भीतर इन योजनाओं को बंद कर दिया जाएगा
इंदौर. उत्तरी सर्द हवा से लगातार तीसरे दिन प्रदेश के ज्यादातर शहर ठंड से ठिठुरे। मालवा-निमाड़ सहित प्रदेश के कई जिले शीतलहर की चपेट में हैं। बैतूल और पचमढ़ी के साथ ही खजुराहो में सबसे कम पारा रहा। यहां पर यहां पर तापमान 1.0 डिग्री दर्ज किया गया। रीवा, उमरिया, शाजापुर, उज्जैन और राजगढ़ समेत प्रदेश के 17 जिलों में न्यनतम तापमान 5 डिग्री से कम रिकॉर्ड किया गया। देवास जिले में पाला पड़ने से करीब 14 बीघा गेहूं और चने की फसल तबाह हो गई है।
यहां दर्ज किया गया 5 डिग्री से कम पारा : दमोह - 3.0, जबलपुर - 3.8, बैतूल- 1.0, खजुराहो - 1.4, मंडला 4.0, नौगांव - 3.1, रीवा - 3.5, सतना- 5.0, सिवनी - 5.0, सीधी - 4.4, उमरिया- 1.7, भोपाल - 5.2, धार - 5.0, उज्जैन - 2.5, शाजापुर - 3.2, राजगढ़- 3.6, ग्वालियर - 3.6, पचमढ़ी - 1.0 डिग्री दर्ज किया गया।
ठंड के कारण जमी बर्फ।
एक हजार बीघा में गेहूं की फसल तबाह
देवास जिले के गांव नयापुरा, छतरपुरा में पाला गिरने करीब 1 हजार बीघा से अधिक की आलू की फसल पाला पड़ने से जल गई। साथ ही सैकड़ों बीघा की चने की फसल भी प्रभावित हुई है। तेज हवा व पाला गिरने से आलू के साथ ही चने की फसल भी प्रभावित हुई है। सुबह किसान जब खेत पर पहुुंचे तो देखा पाइप पर बर्फ की परत जमी थी और फसलों जल चुकी थी।
छतरपुरा के किसान काशीराम पाटीदार के 30 बीघा के आलू, जगदीश पाटीदार के 10 बीघा के आलू, हुकमचंद पाटीदार के 5 बीघा, तिलोक पाटीदार के पांच बीघा, अनिल पाटीदार के 3 बीघा सहित तकरीबन 500 बीघा आलू की फसल व 300 बीघा से ज्यादा की चने की फसल नष्ट हो गई। इसी प्रकार नयापुरा के बाबूलाल राणा, शांतिलाल पाटीदार, बाबूलाल पाटीदार, सागर पटेल सहित कई किसानों की सैकड़ों बीघा की फसल जल जाने से भारी मात्रा में नुकसान हुआ है। इसी प्रकार बागली के चतुर्भुज भाटी 25 बीघा के आलू, मनोज पाटीदार के 20 बीघा, राजीव चौधरी के 10 बीघा के आलू के साथ ही 25 बीघा के चना, दिलीप पवार, सुभाष पाटीदार, बिहारीलाल पाटीदार के साथ ही मुकेश पंवार के 8 बीघा के आलू, 5 बीघा के चना व खेतों में लगाई सब्जी भी जल गई। इसी तरह अन्य गांवों के किसानों की आलू एवं चने की फसल भी पाले से जल गई। टोंकखुर्द तहसील के अधिकांश गांवों में चने, आलू की फसल को नुकसान पहुंचा। किसान हुकुमसिंह पटेल, बलदेवसिंह गुर्जर, अशोक भण्डारी आदि ने बताया ठंड से चने, आलू सहित अन्य फसल को नुकसान पहुंचा है।
ग्राम सिरोल्या व आसपास के क्षेत्र में ठंड से आलू-चने की फसल को काफी नुकसान हुआ है। सिरोल्या के किसान बाबूलाल चौधरी, रामप्रसाद चौधरी के खेत में लगाई आलू की फसल पाले से पूरी तरह झुलस गई। कमलापुर में क्षेत्र में चना, आलू, मक्का फसल सहित बैंगन, बालोर आदि सब्जियां पाले से जल गई। पालखा के किसान प्रेमसिंह दरबार की 20 बीघा की चने की फसल, देवनारायण यादव के 7 बीघा के चने, मनोहरलाल यादव, चम्पालाल यादव के 2-2 बीघा के चने, कमलापुर के मोयनुद्दीन कुरैशी के 5 बीघा के आलू, दोस्तपुर में लालबाई गोरधन यादव के 20 बीघा के आलू की फसल जल गई।
शाम को खेतों की मेढ़ पर धुआं कर सल्फर छिड़कें : वरिष्ठ ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी काशीराम चौहान ने किसानों को सलाह दी कि किसानों को फसल को पाले से बचाने के लिए शाम को अपने खेतों की मेढ़ पर धुआं करना चाहिए। साथ ही पानी हो तो पानी या फिर एक बीघा में 4 टंकी ग्लूकोस या फिर सल्फर का छिड़काव करें। एक टंकी में 25 से 30 ग्राम मिलाकर छिड़काव करें।
नई दिल्ली. करतारपुर कॉरिडोर को लेकर पाकिस्तान सरकार जल्द ही भारत के सामने एक प्रस्ताव भेजने की तैयारी में है। इसमें कॉरिडोर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए कुछ शर्तें रखी हैं। न्यूज एजेंसी ने पाक मीडिया के हवाले से बताया कि बगैर परमिट के किसी भी श्रद्धालु को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। पासपोर्ट भी जरूरी होगा और एक दिन में 500 श्रद्धालुओं को ही प्रवेश दिया जाएगा। भारत को तीन दिन पहले यात्रियों की जानकारी देना भी जरूरी होगा।
दोनों ही देश दे चुके हैं करतारपुर कॉरिडोर बनाने की सहमति
पाक की शर्त के मुताबिक, सभी श्रद्धालु 15 के ग्रुप में प्रवेश करेंगे। यह कॉरिडोर सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक ही खुला रहेगा। जितने श्रद्धालु दर्शन करते जाएंगे, उसी क्रम में दोनों तरफ उनके नाम और यात्रा के अनुसार डाटाबेस तैयार किया जाएगा। इस दौरान श्रद्धालुओं के बीच कोई विवाद होता है तो उसे कूटनीतिक तरीके से सुलझाया जाएगा।
भारत और पाकिस्तान करतारपुर कॉरिडोर बनाने को मंजूरी दे चुके हैं। 26 नवंबर को भारत ने गुरदासपुर जिले के डेरा बाबा नानक स्थान से इंटरनेशनल बॉर्डर तक बनने वाले इस कॉरिडोर का शिलान्यास किया था। इसके दो दिन बाद पाक ने बॉर्डर से करतारपुर साहिब तक जाने वाले कॉरिडोर के दूसरे हिस्से की नींव रखी। पाक प्रधानमंत्री इमरान खान ने कॉरिडोर का शिलान्यास किया था।
भारत ने कॉरिडोर बनाने का पहले भी दिया था प्रस्ताव
भारत सरकार पहले भी कई बार पाक सरकार को इस कॉरिडोर को बनाने का प्रस्ताव दे चुकी है। लेकिन हाल ही में इमरान सरकार ने इस कॉरिडोर को बनाने पर सहमति जताई। यह गलियारा भारत के गुरदासपुर जिले के डेरा बाबा नानक स्थान से इंटरनेशनल बॉर्डर तक बनाया जाएगा।
भारत में इस कॉरिडोर का करीब दो किलोमीटर का हिस्सा और पाकिस्तान में करीब तीन किलोमीटर का हिस्सा होगा। इसके निर्माण में करीब 16 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। चार महीने में इसे बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
गुरुनानक देवजी ने बिताए थे 18 साल
गुरुनानक देवजी ने करतारपुर साहब में अपने जीवन के 18 साल बिताए थे। यह भारत की सीमा से कुछ किलोमीटर अंदर पाकिस्तान की सीमा पर है। इस कॉरिडोर के बन जाने से लाखों सिख तीर्थयात्रियों को पवित्र स्थान पर जाने में मदद मिलेगी। फिलहाल, अभी यहां पर भारत की सीमा पर खड़े होकर दूरबीन की मदद से गुरुद्वारा के दर्शन की सुविधा है।
नई दिल्ली. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में अगस्ता-वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर डील में बिचौलिये क्रिश्चियन मिशेल से हुई पूछताछ का ब्योरा दिया। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, ईडी ने अदालत से कहा कि क्रिश्चियन मिशेल ने ‘श्रीमती गांधी’ का नाम लिया, लेकिन उसने यह नाम किस संदर्भ में लिया यह अभी हम नहीं कह सकते। मिशेल ने इस बात का भी जिक्र किया कि ‘इतालवी महिला का बेटा’ किस तरह भारत का प्रधानमंत्री बनेगा।
ईडी ने कहा- मिशेल को बाहर से पढ़ाया जा रहा
ईडी के मुताबिक, मिशेल ने बताया कि किस तरह हिंदुस्तान एयरोनॉटिकल लिमिटेड (एचएएल) को इस डील से अलग किया गया और उसकी जगह यह डील टाटा को दी गई। ईडी ने अदालत को बताया कि वकील को मिशेल से मिलने की इजाजत ना दी जाए, क्योंकि उसे बाहर से निर्देश दिए जा रहे हैं।
ईडी ने कहा- पता लगाएंगे कि 'R' कौन था?
ईडी ने अदालत से कहा- हम यह पता करना चाह रहे हैं कि वह बड़ा आदमी कौन है, जिसे क्रिश्चियन मिशेल और दूसरे लोगों की बातचीत के बीच 'R' कहकर बुलाया जा रहा है। हम मिशेल से दूसरे लोगों के सामने पूछताछ करना चाहते हैं कि वह बड़ा आदमी कौन है, जिसे R कहा जा रहा है। इसके बाद अदालत ने मिशेल को 7 दिन की रिमांड पर भेज दिया।
मिशेल पर 225 करोड़ की दलाली का आरोप
मिशेल पर वीवीआईपी हेलिकॉप्टर सौदे में 225 करोड़ रुपए की दलाली लेने का आरोप है। इस मामले में पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी भी आरोपी हैं।
मिशेल पर आरोप था कि उसने बिचौलिए की भूमिका निभाते हुए भारतीय अफसरों को गलत तरीक से पैसा दिया था। पिछले साल सितंबर में मिशेल के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई थी।
उसके खिलाफ 24 सितंबर 2015 को गैर जमानती वॉरंट जारी किया गया था। फरवरी 2017 में उसके खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया। मिशेल को दुबई पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद से वह यूएई की जेल में ही था।
मिशेल पर आपराधिक साजिश का आरोप लगा था, जिसमें एसपी त्यागी, उनके परिवार के सदस्यों और अफसरों को भी शामिल किया गया था। यह भी कहा गया कि अधिकारियों ने अपने पद का गलत इस्तेमाल करके वीवीआईपी हेलिकॉप्टर की सर्विस सीलिंग 6 हजार मीटर से 4500 मीटर तक कम करा ली थी।
सीलिंग कम होने के बाद 556.262 मिलियन यूरो (करीब 44 लाख करोड़ रुपए) के हेलिकॉप्टर कॉन्ट्रैक्ट पर सहमति बनी थी। इसके लिए रक्षा मंत्रालय (यूपीए 2) ने 8 फरवरी 2010 को 12 वीवीआईपी हेलिकॉप्टरों के लिए पैसे दिए थे।
रक्षा सौदों में बिचौलिए की भूमिका निभाता था मिशेल
मिशेल कंपनी में 1980 से काम कर रहा था। उसके पिता भी कंपनी में भारतीय क्षेत्र के मामलों के लिए सलाहकार रहे थे। सीबीआई का कहना है कि मिशेल का भारत का काफी आना-जाना था। वह रक्षा सौदों में वायुसेना और रक्षा मंत्रालय के बीच बिचौलिए की भूमिका निभाता था। मिशेल को वायुसेना और रक्षा मंत्रालय के अफसरों से सूचनाएं मिलती थीं। इनको वह फैक्स के जरिए इटली और स्विट्जरलैंड भेजता था। इस मामले में एसपी त्यागी को 2016 में गिरफ्तार किया गया था। त्यागी पर आरोप है कि उन्होंने डील को इस तरह प्रभावित किया कि कॉन्ट्रैक्ट इटली की अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी को ही मिले।