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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद के आरेप पर राज्यसभा के नेता सदन एवं वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आजादी के बाद जम्मू कश्मीर के राजनीतिक इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर की आज जो वास्तविकता है, उसके पीछे कांग्रेस अपने दायित्व से पल्ला नहीं झाड़ सकती है। उन्होंने देश में प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का नाम लिये बिना कांग्रेस से कहा कि उनके ही एक नेता जम्मू कश्मीर के मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंच पर ले गये। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने जम्मू कश्मीर में लोकतंत्र के साथ जितना खिलवाड़ किया है, उतना किसी ने नहीं किया। उन्होंने कहा कि राज्य में 1957, 1962 और 1967 के चुनाव कैसे हुए थे, यह किसी को बताने की जरूरत नहीं है। 

 

जेटली ने कहा कि जम्मू कश्मीर में एक अधिकारी थे जिन्होंने यह आदेश निकाला था कि सारे उम्मीदवार केवल एक ही व्यक्ति के समक्ष अपना नामांकन दाखिल करेंगे। उन्होंने कहा कि इसके चलते बहुत से उम्मीदवार अपना पर्चा ही दाखिल नहीं कर पाते थे। उन्होंने कहा कि 1977 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के शासनकाल में पहली बार जम्मू कश्मीर में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव हुए थे। उन्होंने कहा कि लोग भूले नहीं हैं कि 1984 में तत्कालीन राज्यपाल बी के नेहरू ने इसलिए इस्तीफा दिया क्योंकि उन्होंने तोड़फोड़ कर गुल की सरकार बनवाने से इंकार कर दिया था। जेटली ने कहा कि जम्मू कश्मीर में लोगों के अलग थलग पड़ने के दावे को सिरे से गलत बताते हुए कहा कि यदि ऐसा ही होता तो राज्य में हाल में हुए पंचायत चुनाव में 4500 लोग चुनकर नहीं आते।
 
उन्होंने कहा कि इतिहासकार और राजनीतिक टिप्पणीकार बता देंगे कि कश्मीर के बारे में नेहरू का दृष्टिकोण सही था या श्यामा प्रसाद मुखर्जी का। उन्होंने कांग्रेस से कहा कि वह यह आरोप लगाना बंद कर दें कि जम्मू कश्मीर के जो हालात हैं, वे पिछले साढ़े चार साल में बने हैं। सपा के रामगोपाल यादव ने जम्मू कश्मीर में आतंकवाद एवं अलगाववाद के कारण राज्य के पयर्टन सहित विभिन्न क्षेत्रों पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव पर चिंता जतायी। उन्होंने कहा कि सरकार को सर्जिकल स्ट्राइक का प्रचार करने के बजाय इन कामों को चुपचाप अंजाम देना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें अपने दुश्मन को कमजोर नहीं समझना चाहिए। जम्मू कश्मीर में आतंकवादी हमले अभी नहीं रूके हैं।

 

चीनी कंपनी वीवो ने अपना एक और स्मार्टफोन भारत में लॉन्च कर दिया है। इस फोन का नाम Vivo Y93 है। Vivo Y93 की खासियत की बात करें तो फोन में एचडी+ हेलो फुलव्यू डिस्प्ले के साथ और मीडियाटेक हीलियो पी20 प्रोसेसर दिया गया है। फोन में डुअल रियर कैमरा और 32 जीबी की इंटरनल स्टोरेज दी गई है। आइये जानते हैं फोन के और भी स्पेसिफिकेशन के बारे में।

 
Vivo Y93 के स्पेसिफिकेशन
 
- स्मार्टफोन में 6.2 इंच का एचडी+ (720x1580 पिक्सल) हेलो फुलव्यू डिस्प्ले दिया गया है, जिसका आस्पेक्ट रेशियो 19:9 है। 
- Vivo Y93 एंड्रॉयड 8.1 ओरियो पर आधारित फनटच ओएस 4.5 पर चलता है।
- फोन में ऑक्टा-कोर मीडियाटेक हीलियो पी22 प्रोसेसर दिया गया है।
- Vivo Y93 में 4 जीबी रैम दी गई है।
- फोन में 32 जीबी इनबिल्ट स्टोरेज दी गई है।
- चीन में लॉन्च किए गए वैरिएंट में 64 जीबी की स्टोरेज दी गई है।
- कैमरे की बात करें तो फोन में डुअल रियर कैमरा दिया गया है,  फोन में 13 मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर है और सेकेंडरी सेंसर 2 मेगापिक्सल का है।
- सेल्फी के शौकीनों के लिए फ्रंट पैनल पर 8 मेगापिक्सल का कैमरा दिया गया है।
- कनेक्टिविटी के लिए स्मार्टफोन में 4जी वीओएलटीई, वाई-फाई, ब्लूटूथ वर्जन5.0, एफएम रेडियो, माइक्रो-यूएसबी के साथ ओटीजी सपोर्ट दिया गया है।
- फोन को 4,030 एमएएच की बैटरी पावर देती है।
- फोन में एक्सेलेरोमीटर, एंबियंट लाइट सेंसर, ई-कंपास, जायरोस्कोप और प्रॉक्सिमिटी सेंसर दिया गया है।
 
 
वाई93 की कीमत और उपलब्धता
 
वीवो वाई93 की कीमत भारतीय बाजार में 13,990 रुपये रखी गई है। इस स्मार्टफोन को आप वीवो के आधिकारिक ऑनलाइन साइट से खरीद सकते हैं। फोन को स्टारी नाइट और नेब्यूला पर्पल रंग में उपलब्ध कराया गया है।
व्हाट्सऐप (WhatsApp) एक मैसेजिंग ऐप है जो आज हमारे मनोरंजन और कम्युनिकेशन का एक बड़ा माध्यम बन गया है। लोग WhatsApp से एक दूसरे से कोसों दूर होने के बाद भी आसानी से बात करते हैं, तस्वीरें और वीडियो शेयर करते हैं साथ ही भावनाओं को भी इमोजी के माध्यम से बिन बोले व्यक्त कर लेते हैं। आज हर फोन चलाने वाले व्यक्ति के पास आपको व्हाट्सऐप (WhatsApp) ऐप जरूर मिलेगा। अब व्हाट्सऐप (WhatsApp) पर इतना कुछ होता है तो जाहिर है इसका कुछ असर भी होगा। व्हाट्सऐप (WhatsApp) ऐप की ये खास जानकारी हम लेकर आये हैं उन कपल के लिए जो जानना चाहते हैं कि उनका पार्टनर ऑनलाइन होने की बाद भी उनसे न बात करके किससे ज्यादा बात करता है तो हम आपको बताएंगे कि कैसे आप ये पता कर सकते हैं कि WhatsApp पर सबसे ज्यादा बात किससे होती है और ये पता चलते ही आप का शक भी दूर हो जाएगा तो शुरू करते हैं- 
Step 1- सबसे पहले तो आप अपना फोन उठाइये और उसमें व्हाट्सऐप (WhatsApp) ऐप ऑन कर लें।
Step 2- व्हाट्सऐप (WhatsApp) खोलने के बाद ऊपर राइट साइड में देंखे कि तीन डॉट का मार्क है उस पर क्लिक करें।
Step 3- तीन डॉट पर क्लिक करने के बाद सेटिंग्स में जाएं।
Step 4- सेटिंग में जाने के बाद नीचे कई सारे विकल्प होंगे उनमें से एक होगा Data and Storage Usage इस पर क्लिक करें।
Step 5-  डेटा एंड स्टोरेज यूसेज पर क्लिक करने के बाद Storage Usage पर क्लिक करें।
 
 
इस पर क्लिक करने के साथ ही आपके सामने पूरी लिस्ट आ जाएगी कि आपने किससे कितनी बात की है। किसको कितनी तस्वीरें व वीडियोज शेयर की है साथ ही सबसे ऊपर जिस कॉन्टेक्ट का नाम होगा आपका पार्टनर व्हाट्सऐप (WhatsApp) पर उससे ही सबसे ज्यादा बात करता है। 
 
-सुषमा तिवारी
मुम्बई। ‘‘ऐक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’’ को अपने ‘जीवन का बेहतरीन प्रदर्शन’ करार देते हुए अभिनेता अनुपम खेर ने शुक्रवार को कहा कि इस फिल्म को सृजनात्मक प्रयास के तौर पर देखा जाना चाहिए न कि किसी राजनीतिक दल के समर्थन की कोशिश के तौर पर। अभिनेता ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का किरदार निभाना उनके कॅरियर की सबसे बड़ी चुनौती है और शुरू में वह यह प्रोजेक्ट हाथ में लेने के अनिच्छुक थे क्योंकि उन्हें पता था कि यह फिल्म विवादों में घिरेगी। उन्होंने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह आधुनिक भारत के राजनीतिक दशक की जबर्दस्त गाथा है और मुझे बतौर अभिनेता उसका हिस्सा बनने का मौका मिल रहा है। मैं ऐसा हूं जिसने हमेशा अपने आप को एक अलग रुप में ढ़ाला है।’’ यह संवाददाता सम्मेलन तब बुलाया गया जब महाराष्ट्र युवा कांग्रेस ने इस फिल्म को रिलीज करने से पहले उसे दिखाने को कहा। बाद में युवा कांग्रेस ने अपनी मांग वापस ले ली।
 
जब अनुपम खेर से कहा गया कि महाराष्ट्र युवा कांग्रेस ने अपनी मांग वापस ले ली है तब उन्होंने कहा, ‘‘यह अच्छा है कि उसने अपनी चिंतन प्रक्रिया बदल ली। यह शानदार है। यह परिपक्वता का बड़ा संकेत है।’’ उन्होंने इस बात को खारिज किया कि यह फिल्म भाजपा का समर्थन करने का उनका तरीका है। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने 515 फिल्में की हैं और इतने राजनीतिक दल भी नहीं हैं। यदि मुझे किसी दल का समर्थन करना होगा तो मैं किसी अन्य मंच से कर सकता हूं। मैं उसके लिए फिल्म नहीं बनाऊंगा।’’ इससे पहले उन्होंने ट्वीट किया था, ‘‘मैं पीछे नहीं हटने जा रहा हूं। यह मेरे जीवन का शानदार काम है। डॉ. मनमोहन सिंह इस फिल्म को देखने के बाद सहमत होंगे कि यह शत प्रतिशत निरुपण है।’’ इस फिल्म का ट्रेलर बृहस्पतिवार को रिलीज किया गया। यह फिल्म 2004-2008 तक सिंह के मीडिया सलाहकार रहे संजय बारु की इसी नाम की पुस्तक पर आधारित है। उसमें सिंह को 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले सिंह को कांग्रेस की अंदरुनी राजनीति के शिकार के रुप में दिखाया गया है।फिल्म के ट्रेलर पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उसने इसे ‘प्रोपेगैंडा फिल्म’ करार दिया है। लेकिन खेर ने कहा कि भारत में पहली बार बायोपिक के माध्यम से असली घटनाओं को देखने का यह साहसिक प्रयास है।
उन्होंने कहा, ‘‘स्वतंत्र भारत में पहली बार, हमने असल नामों के असल लोगों पर एक क्रांतिकारी फिल्म बनायी... यह बायोपिक का युग है। पीएमओ में जो कुछ होता है, उस पर हम फिल्म क्यों नहीं बना सकते?’’ ऑस्कर विजेता अभिनेताओं बेन किंगस्ली, डेनियन डे- लेविस और मेरिल स्ट्रीप का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें राजनीतिक हस्तियों का किरदार निभाने के लिए प्रशंसा मिली, ‘‘तब मेरे कार्य को कला के रुप में क्यों नहीं देखा जाता?... यह कॅरियर का सबसे कठिन किरदार है। मैंने इस भूमिका को करने से पहले सात महीने तक शोध किया।’’ खेर ने टेलीविजन चैनलों से कहा, ‘‘उन्हें तो खुश होना चाहिए कि उनके नेता पर फिल्म बनी है। उन्हें तो यह फिल्म देखने के वास्ते भीड़ लानी चाहिए क्योंकि उसमें ‘क्या मैं देश बेच दूंगा’ जैसे संवाद हैं?’ जो दर्शाता है कि मनमोहन सिंह कितने महान हैं।’’ खेर ने यह भी जिक्र किया कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने हाल ही में कहा था कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मौलिक अधिकार है। राहुल गांधी ने नेटफ्लिक्स सीरीज ‘सेक्रेड गेम्स’ में अपने पिता दिवंगत प्रधानमंत्री राजीव गांधी की व्याख्या करने के लिए इस्तेमाल की गयी भाषा पर पार्टी के नेता द्वारा आपत्ति जताये जाने पर ऐसा कहा था। विजय रत्नाकर गुट्टे निर्देशित इस फिल्म में खेर मनमोहन सिंह और अक्षय खन्ना बारु के किरदार में हैं।

मुम्बई। मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने जाने माने अभिनेता एवं लेखक कादर खान के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें सबसे प्रतिभाशाली व्यक्ति बताया। लंबे समय से बीमार चल रहे कादर खान का 31 दिसम्बर को निधन हो गया था। बच्चन और खान ने ‘दो और दो पांच’, ‘मुकद्दर का सिकन्दर’, ‘मिस्टर नटवरलाल’, ‘सुहाग’, ‘कुली’ और ‘शहंशाह’ जैसी फिल्मों में एक-साथ काम किया।

बिग बी ने ट्विटर पर लिखा, ‘कादर खान का निधन हो गया। दुखद खबर। मेरी प्रार्थनाएं और संवेदनाएं। बेहतरीन मंच कलाकार, सबसे करुणामय और फिल्मों के सबसे प्रतिभाशाली।’ उन्होंने लिखा कि मेरी अधिकतर सफल फिल्मों के प्रख्यात लेखक। बेहतरीन साथी और एक गणितज्ञ। खान कनाडा के एक अस्पताल में भर्ती थे और उनका अंतिम संस्कार भी वहीं किया जाएगा। उनके बेटे ने अभिनेता के निधन की खबर की पुष्टि की है।

 

खान को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी और डॉक्टर उन्हें नियमित वेंटीलेटर और बीपीएपी वेंटीलेटर पर रख रहे थे। अभिनेता मनोज बाजपेयी ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी है। वाजपेयी ने लिखा, ‘भगवान आपकी आत्मा को शांति दे कादर खान साहब।’

नयी दिल्ली। ‘‘आयुष्मान भारत’’ योजना को स्वास्थ्य सुविधा के क्षेत्र में ‘गेमचेंजर’ करार देते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को कहा कि इसके माध्यम से देश के 40 प्रतिशत गरीबों को सरकारी खर्च पर अस्पताल में उपचार सुनिश्चित किया गया है और पहले 100 दिनों में पौने सात लाख मरीजों का इलाज हुआ है। जेटली ने अपने ब्लाग ‘‘आयुष्मान भारत के 100 दिन’’ में लिखा है कि ‘‘ यह योजना स्वास्थ्य सुविधा के क्षेत्र में गेंमचेंजर योजना है। कमजोर वर्ग के काफी संख्या में लोग अस्पतालों में उपचार पर होने वाले खर्च के भार के कारण इलाज नहीं करा पाते हैं। आज आयुष्मान भारत योजना के तहत सार्वजनिक खर्च पर भारत के 40 प्रतिशत सबसे गरीब लोगों को अस्पताल में उपचार सुनिश्चित किया गया है।’’ 

 

 वित्त मंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत पहले 100 दिनों में 6.85 लाख मरीजों का मुफ्त इलाज हुआ। योजना के तहत 5.1 लाख दावों के संबंध में भुगतान किया गया है। इस तरह से पहले 100 दिनों में औसत दावे प्रतिदिन 5000 बनते हैं। किसी भी मरीज को एक रूपया भी नहीं देना पड़ा। जेटली ने कहा कि इस तरह से इस योजना को लेकर एक बार जागरूकता बढ़ने पर अगले कुछ वर्षो में प्रत्येक वर्ष 1 करोड़ लोगों को इसका लाभ होगा। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 16 हजार सरकारी एवं निजी अस्पताल पंजीकृत हैं और यह संख्या धीरे धीरे बढ़ती जा रही है। इसमें से 50 प्रतिशत पंजीकृत अस्पताल निजी क्षेत्र से हैं। इस तरह से मरीज पंजीकृत अस्पताल में उपचार के लिये पंजीकरण करा सकते हैं और 5 लाख रूपये तक की राशि का उपचार करा सकते हैं। 
 उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार में वृद्धि होगी और इससे स्वास्थ्य सुविधा क्षेत्र में जवाबदेही बढेगी। जेटली ने कहा कि यह ऐसे समय में हो रहा है जब भारतीय स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में कमियों का उल्लेख किया जाता रहा है। भारत में अनेक अस्पतालों के विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी होने के बावजूद ये देश की बड़ी आबादी की पहुंच से बाहर रहे हैं। भारत में 62 प्रतिशत आबादी को स्वास्थ्य से संबंधित बिल का भुगतान खुद करना पड़ता है और काफी संख्या में लोग इसका भार वहन करने में खुद को असमर्थ पाते हैं। ऐसी ही स्थिति में सरकार ने आयुष्मान भारत/प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना शुरू की जिसे 23 सितंबर 2018 को पेश किया गया । इस योजना के आज 100 दिन पूरे हुए हैं।
 

अमरावती।आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस पर बहस करने की मंगलवार को चुनौती दी कि उनकी सरकार के कार्यकाल में देश को क्या फायदा मिला। कई टेलीविजन चैनलों पर प्रसारित हुए प्रधानमंत्री मोदी के साक्षात्कार पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने पूछा कि मोदी सरकार के तहत क्या आर्थिक वृद्धि दर हासिल हुई।

उन्होंने पूछा, ‘‘संप्रग सरकार में भी यह अच्छी नहीं रही होगी लेकिन इस सरकार में भी बेहतर नहीं है। जीएसटी और नोटबंदी से क्या आर्थिक वृद्धि हासिल हुई?’’।

 

 
नायडू ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार द्वारा लागू किए गए कदमों के कारण देश की आर्थिक प्रणाली ‘ध्वस्त’ हो गई। उन्होंने प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर बहस करने की चुनौती दी।
 
नयी दिल्ली। निर्यात में भारी गिरावट से फोर्ड इंडिया की दिसंबर में कुल बिक्री 18 प्रतिशत गिरकर 24,420 वाहन रही। कंपनी की घरेलू बाजार में बिक्री में इस दौरान वृद्धि हुयी लेकिन निर्यात में गिरावट का असर कुल बिक्री पर दिखा। कंपनी ने एक साल पहले इस महीने में 29,795 वाहन बेचे थे।
 
 
फोर्ड इंडिया ने बयान में कहा कि घरेलू बाजार में उसकी थोक बिक्री 14.8 प्रतिशत बढ़कर 5,840 वाहन पर पहुंच गयी। दिसंबर 2017 में उसने 5,087 वाहनों की बिक्री की थी। इस दौरान, निर्यात 24.8 प्रतिशत गिरकर 18,580 वाहन पर आ गया, जो कि इससे एक साल पहले 24,708 इकाइयों पर था।

फोर्ड इंडिया ने 2018 में घरेलू बाजार में 97,804 वाहनों की बिक्री की, जो कि 2017 में बिके 87,588 वाहनों से 12 प्रतिशत अधिक है। पूर्व वर्ष के दौरान उसकी कुल बिक्री बढ़कर 2,65,714 वाहन हो गयी, जो कि 2017 में 2,62,784 इकाइयों पर थी। फोर्ड इंडिया के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अनुराग मेहरोत्रा ने कहा कि फोर्ड के लिये 2018 भारत में परिवर्तन का वर्ष रहा। 
दिल्ली एक ऐसा शहर है जहां पर हर धर्म और संस्कृति के लोग बसे हैं पूर्व से लेकर पश्चिम तक और उत्तर से लेकर दक्षिण तक। अलग-अलग संस्कृति होने के कारण लोगों के खान-पीने में भी काफी विभिन्नता देखने को मिलती है। कई बार ऐसा होता है कि अलग कल्चर होने के कारण लोगों को अपने टेस्ट का खाना नहीं मिलता और ऐसे में जब वो अपने कल्चर के रेस्टोरेंट या खाने पीने के अड्डे देखते हैं तो काफी प्रभावित होते हैं और वहां खाना खाने के लिए जाते हैं। कई बार खाना अच्छा भी होता है तो कई बार काफी बुरा भी.. बुरा होने के बाद हम रेस्टोरेंट की बुराई करते हुए बाहर आ जाते हैं। आपके टेस्ट की हमें परवाह है इसलिए हम आज आपको कुछ ऐसे रेस्टोरेंट के नाम बताएंगे जहां पर जाकर आपको आपके संस्कृति से जुड़े भोजन का टेस्ट जरूर मिलेगा। तो आइये जानते हैं दिल्ली के कुछ बेस्ट रेस्टोरेंट के बारे में- 
 
वैसे तो सागर रत्ना दिल्ली में कई जगह है लेकिन दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी मार्केट में स्थित सागर रत्ना के साउथ इंडियन स्वाद का जवाब नहीं है। यहां पर प्रामाणिक दक्षिण भारतीय भोजन मिलता है। मैसूर मसाला डोसा, दही वड़ा, मक्खन मसाला डोसा, रवा इडली, वेज उत्तपम यहां की विशेषता है। 700 रूपये तक में यहां पर दो लोग भरपेट खाना खा सकते हैं। 
 
समर हाउस कैफे दिल्ली (summer house cafe delhi)
अगर आप पार्टी करने के शौकीन हैं तो हौज़ खास का समर हाउस कैफे आपको काफी पसंद आएगा। रूफटॉप पर बने इस रेस्टोरेंट में रोज म्यूजिकल इवेंट्स होते हैं। खाने में यहां कीमा पाव, पेनी अर्बीआटा, वेफल्स काफी मशहूर हैं। इसके अलावा अगर आप इटेलियन खाने का शौक करते हैं तो यहां की इटेलियन डिश आपको अपना दीवाना बना लेगी। यहां पर 2000 रूपये में दो लोग आराम से काफी कुछ आर्डर कर सकते हैं। 
 
नैवेद्यम (Naivedyam)
नैवेद्यम में जाकर आप दक्षिणी भारत के लिए अपने प्यार को महसूस कर सकते हैं। यहां का शांत माहौल है और स्टाफ भी काफी विनम्रता से बात करता है। 
 
 
मुरथल 

 

दिल्ली के पास एक बेहद ही मनोरंजक जगह है मुरथल। मुरथल में एक पंजाबी-थीम वाले गाँव के स्टाइल में रेस्टोरेंट है जो हवेली नाम से मशहूर है। यह जगह अच्छे पंजाबी भोजन के लिए जानी जाती है। यहां परांठे, दाल मखनी, पुरी चुहल, लस्सी और जलेबी के साथ एक स्वादिष्ट शुद्ध शाकाहारी भोजन का आनंद ले सकते हैं।
 
महाराष्ट्र सदन इंडिया गेट (Maharashtra Sadan)
मराठी भोजन के बारे में सोचते ही सबसे पहले कांदा पोहा, वड़ा पाव और पाव भाजी पर ध्यान अटक जाता है। हालांकि व्यंजनों की विविधता के मामले में इस राज्य का कोई जवाब नहीं है। आसान शब्दों में कहें तो मराठी खाने में आपको स्वाद से भरपूर पारंपरिक व्यंजनों का लुत्फ मिलता है। महाराष्ट्र सदन में आप स्वादिष्ट मराठी भोजन का स्वाद चख सकते हैं।
 
-सुषमा तिवारी

शिवसेना ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए ‘‘भगवान राम कानून से बड़े नहीं हैं’’ क्योंकि उन्होंने कहा है कि उनकी सरकार राम मंदिर निर्माण के लिए किसी अध्यादेश पर निर्णय न्यायिक प्रक्रिया समाप्त होने के बाद ही करेगी। शिवसेना भाजपा की सहयोगी पार्टी है और उसने अयोध्या में मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने के लिए अध्यादेश लाने की मांग की है। उसने दलील दी है कि मामला दशकों से अदालतों में चल रहा है।

 
शिवसेना नेता संजय राउत ने ट्वीट किया, ‘‘उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि राम मंदिर तत्काल (सुनवाई वाला) मामला नहीं है। मोदी ने भी कुछ अलग नहीं कहा। मैं उन्हें मामले पर अपना रुख स्पष्ट करने के लिए बधाई देता हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘...(प्रधानमंत्री कहते हैं) राम मंदिर के लिए कोई अध्यादेश नहीं लाएंगे। इसका संवैधानिक अर्थ यह है कि भगवान राम कानून से बड़े नहीं हैं।’’
 
उल्लेखनीय है कि विभिन्न टेलीविजन चैनलों द्वारा प्रसारित एक साक्षात्कार में मोदी से अयोध्या में राम मंदिर के लिए अध्यादेश लाने के विभिन्न हिंदुत्व समूहों की मांग के बारे में सवाल किया गया। इस पर मोदी ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया समाप्त होने दीजिये। न्यायिक प्रक्रिया समाप्त होने पर एक सरकार के तौर पर जो भी हमारी जिम्मेदारी होगी, हम सभी प्रयास करने को तैयार हैं। ज्ञातव्य है कि शिवसेना ने राममंदिर मुद्दे को लेकर अपना रुख कड़ा कर लिया है। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने गत महीने महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में एक रैली में भाजपा के सहयोगी दलों से राम मंदिर मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने के लिए कहा था।
 

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