ईश्वर दुबे
संपादक - न्यूज़ क्रिएशन
+91 98278-13148
newscreation2017@gmail.com
Shop No f188 first floor akash ganga press complex
Bhilai
Google Analytics —— Meta Pixel
छत्तीसगढ़ के भिलाई में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. जहां एक मां ने अपने बेटे की हरकतों से तंग आकर उसे खुद पुलिस के हवाले कर दिया. दरअसल, वो मां अपने बेटे की चोरी की आदत और बुरी संगति से बहुत परेशान रहती थी. आए दिन उसे शमिंदगी का सामना करना पड़ता था. बेटे को सही रास्ते पर लाने के लिए खुद उस मां ने उसे सलाखों के पीछे भिजवा दिया.
मामला भिलाई के गुरु घासीदास नगर का है. जहां गीता दुबे नामक महिला अपने बेटे और बेटी के साथ रहती है. वह मेहनत-मजदूरी करके अपना घर चलाती है. कुछ समय पहले ही उसने अपनी बेटी की शादी कर दी थी. अब वो और उसका 19 वर्षीय बेटा साथ रहते हैं.
बीमारी के कारण करीब पांच साल पहले गीता के पति की मौत हो गई थी. तभी से परिवार का बोझ उसके कंधों पर आ गया. वो सुबह काम पर निकल जाती है और देर शाम को लौटती है. इसी दौरान उसका बेटा सूरज अपराधी किस्म के कुछ लोगों के संपर्क में आ गया. जहां वो चोरी करना सीखा गया और नशा भी करने लगा.
गीता ने बेटे को कई बार प्यार से समझाया. नहीं माना तो उसकी पिटाई भी की. लेकिन वो नहीं माना. उसे नशे की लत लग गई. लाख कोशिशों के बाद भी जब सूरज सीधे रास्ते पर नहीं आया तो उसकी मां ने उसे जेल भिजवाने में ही भलाई समझी.
इसी कोशिश में वह पुलिस थाने जा पहुंची. पहले पुलिस ने उसे घरेलू मामले का हवाला देकर बहला दिया. लेकिन इसके बाद भी गीता नहीं मानी. उसने आला अधिकारियों को अपने बेटे की हरकतों से अवगत कराया. तब जाकर थाना पुलिस हरकत में आई और उसके बेटे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.
रायपुर। राज्य की नई सरकार ने बुधवार की देर रात अभी तक का सबसे बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए अजय सिंह को मुख्य सचिव पद से हटा दिया। अब वरिष्ठ आईएएस सुनील कुजूर मूल निवासी छोटानागपुर (झारखंड) को छत्तीसगढ़ का नया मुख्य सचिव बनाया गया है। प्रदेश के 18 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि जब सरकार ने आदिवासी समाज के किसी अफसर को मुख्य सचिव नियुक्त किया है। इससे पहले मिंज व नारायण सिंह समेत एक दो अन्य अफसर अपर मुख्य सचिव के पद तक पहुंचे जरूर, लेकिन राज्य के मुख्य सचिव नहीं बन पाए थे।
बहरहाल, राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार 1983 बैच के आईएएस अधिकारी अजय सिंह को अब राजस्व मंडल बिलासपुर का अध्यक्ष बनाया गया है। 1986 बैच के आईएएस सुनील कुजूर अभी तक कृषि उत्पादन आयुक्त के साथ अपर मुख्य सचिव कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी तथा वाणिज्य एवं उद्योग और सार्वजनिक उपक्रम विभाग देख रहे थे।
राज्य सरकार ने अभी तक राजस्व मंडल बिलासपुर के अध्यक्ष का कार्यभार संभाल रहे वरिष्ठ आइएएस केडीपी राव को कृषि उत्पादन आयुक्त और अपर मुख्य सचिव कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी के पद पर पदस्थ किया है।
सुनील कुजूर के दूसरे विभाग अपर मुख्य सचिव वाणिज्य एवं उद्योग तथा सार्वजनिक उपक्रम विभाग का अतिरिक्त कार्यभार वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव अमिताभ जैन को सौंपा गया है। ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद प्रमुख पदों पर अधिकारियों की लगातार अदला बदली की जा रही है।
पुलिस महकमे में आमूलचूल बदलाव के बाद सरकार ने अब राज्य प्रशासन में सर्वोच्च स्तर का बदलाव किया है। हालांकि प्रदेश में नई सरकार के गठन के साथ ही मुख्य सचिव के तबादले के कयास लगाए जा रहे थे, फिर भी 15 दिनों के भीतर इस तरह का बड़ा फैसला एक बड़ा संदेश देने के लिए है।
आज ही बस्तर विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष आदिवासी समाज से बनाए जाने की भूपेश की घोषणा के बाद यह फैसला आदिवासियों के बीच सकारात्मक संदेश देने का सशक्त प्रयास है। दरअसल कांग्रेस अपने इस नारे को सार्थक करने में जी-जान से जुट गई है -'वक्त है बदलाव का।
राजनांदगांव। मामूली विवाद के बाद पिता को मौत के घाट उतारने वाले आरोपी पुत्र को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बाघनदी क्षेत्र के ग्राम बंजारी की है। 21 दिसंबर को सेवाराम व उसके पुत्र तोरण पटेल के बीच किसी बाद को लेकर विवाद हो गया। विवाद के बाद पुत्र तोरण आवेश में आकर अपने पिता सेवाराम पर बासुला से दो ताबड़तोड़ वार कर दिया।
पुत्र के वार से पिता बुरी तरह से घायल हो गया था। उपचार के लिए उसके सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ले जाया जा रहा था। इसीबीच सेवाराम ने दम तोड़ दिया। आरोप से बचने आरोपी पुत्र ने पूरे मामले को सड़क दुर्घटना में तब्दील कर दिया। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच की।
जांच में पूरा माजरा समझ आ गया। पूछताछ के बाद आरोपी पुत्र ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस आरोपी पुत्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में विधानसभा सत्र शुरू होने में सिर्फ 24 घंटे बाकी है, लेकिन भाजपा की ओर से नेता प्रतिपक्ष का चयन नहीं हो पाया है। छत्तीसगढ़ राज्य के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है, जब विधायकों की शपथ का कार्यक्रम तय होने के बाद भी नेता प्रतिपक्ष की घोषणा नहीं हो पाई है।
हाल यह है कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने अब तक पर्यवेक्षक तक की घोषणा नहीं की है। भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो मध्यप्रदेश और राजस्थान में नेता प्रतिपक्ष के लिए पर्यवेक्षक की घोषणा होनी है। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ के पर्यवेक्षक की घोषणा अटक गई है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक से बताया कि पहले पर्यवेक्षक के नाम की घोषणा दिल्ली से होगी। जब पर्यवेक्षक यहां आएंगे तब ही नेता प्रतिपक्ष तय होंगे। ये प्रक्रिया कब तक होगी, इस पर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो पर्यवेक्षक नहीं आने के कारण विधायकों के शपथ के बाद भी नेता प्रतिपक्ष की घोषणा हो सकती है।
वर्ष 2013 में विधायकों के शपथ ग्रहण समारोह से पहले ही कांग्रेस ने टीएस सिंहदेव को नेता प्रतिपक्ष घोषित कर दिया था। विधानसभा अध्यक्ष चुने जाने के बाद गौरीशंकर अग्रवाल ने विधानसभा में भाषण दिया। इसके बाद टीएस सिंहदेव ने विधानसभा को संबोधित किया था। इस दौरान वे बंद गले का कोट पहनकर विधानसभा पहुंचे थे।
रमन-बृजमोहन में फंसा पेच
नेता प्रतिपक्ष के लिए पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह और पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के बीच पेच फंस गया है। भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो करीब 11 विधायकों ने बृजमोहन अग्रवाल को नेता प्रतिपक्ष बनाने के लिए केंद्रीय संगठन से सिफारिश की है। इसमें आदिवासी विधायक ननकीराम कंवर भी शामिल हैं। बृजमोहन अग्रवाल पार्टी विधायकों में सबसे वरिष्ठ हैं और लगातार चुनाव जीत रहे हैं। सूत्रों की मानें तो केंद्रीय नेतृत्व अगर आदिवासी नेता प्रतिपक्ष का प्रस्ताव देता है, तो बृजमोहन खेमा ननकीराम कंवर का समर्थन करेगा।
नेता प्रतिपक्ष के लिए क्या है नियम
विधानसभा सचिव चंद्रशेखर गंगराड़े ने बताया कि विधायकों के शपथ ग्रहण से पहले नेता प्रतिपक्ष की जानकारी देने का कोई प्रावधान नहीं है। विपक्ष के नेता की जब जानकारी दी जाती है, विधानसभा में उसकी सूचना जारी कर दी जाती है। विधानसभा अध्यक्ष के पदभार ग्रहण करने के बाद नेता प्रतिपक्ष की जानकारी आवश्यक होती है। उन्होंने बताया कि चार जनवरी के बाद भी भाजपा की ओर से नेता प्रतिपक्ष की जानकारी दी जा सकती है।
रायपुर। पिछली भाजपा सरकार के समय लगातार लूप लाइन में रहे अपर मुख्य सचिव आईएएस केडीपी राव कि मंत्रालय वापसी हो गई है। गौरतलब है कि पिछले कई वर्षों से केडीपी राव को रमन सरकार ने मंत्रालय से बाहर रखा था। इसके पीछे वजह थी कि केडीपी राव को कुछ साल पहले जब बिलासपुर कमिश्नर बनाया गया तो उन्होंने पदस्थापना को लेकर कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसके बाद लगातार सरकार और केडीपी राव के बीच कश्मकश चलती रही। इस बीच उन्हें लगातार मंत्रालय से बाहर रखा गया।
विदित हो कि राजस्व बोर्ड के अध्यक्ष केडीपी राव प्रमुख सचिव से प्रमोट होकर अप्रैल 2018 में अपर मुख्य सचिव बन गए। 1988 बैच के आईएएस केडीपी राव राज्य के छठवें अपर मुख्य सचिव होंगे। विवेक ढांड के रिटायरमेंट लेने के बाद अपर मुख्य सचिव का एक पद खाली हुआ था।
24 अप्रैल 2018 को मंत्रालय में अपर मुख्य सचिव के पद के लिए डीपीसी हुई थी, जिसमें राव के नाम पर मुहर लगी थी। मुख्य सचिव अजय सिंह ने राव के प्रमोशन का आदेश जारी किया था। केडीपी राव एक तेजतर्रार ईमानदार अधिकारी हैं। वे छत्तीसगढ़ में छठवें अपर मुख्य सचिव हैं।
बिलासपुर कमिश्नर के पदस्थापना के बाद शुरू हुआ था विवाद
वर्ष 2014 केडीपी राव को बिलासपुर कमिश्नर बनाया गया था। उनका मानना था कि यह पद उनके अनुकूल नहीं है लिहाजा बहुत जद्दोजहद के बाद उन्होंने यहां जॉइनिंग दी थी, तब से वे पिछली सरकार के हिट लिस्ट में आ गए थे। केडीपी राव का कार्यकाल नवंबर 2019 तक है, लिहाजा अब उनकी मंत्रालय वापसी के बाद नई सरकार भी चर्चा में आ गई है।
नयी दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने बृहस्पतिवार को भाजपा तथा केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि उसके शासनकाल में पिछले साढ़े चार साल के दौरान जम्मू कश्मीर की स्थिति बेहद खराब हो गयी। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा द्वारा जम्मू कश्मीर में नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी तथा कांग्रेस को तोड़ने की कोशिश की गयी ताकि वहां सरकार बनायी जा सके। उन्होंने कहा कि इस सरकार के कार्यकाल में जम्मू कश्मीर में आर्थिक गतिविधियां बुरी तरह से प्रभावित हुयीं। वहां पर्यटन क्षेत्र बदहाल हो गया। इसके साथ ही वहां हस्तशिल्प और अन्य क्षेत्रों की भी स्थिति खराब हो गयी। नेता प्रतिपक्ष जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने से जुड़े एक संकल्प पर राज्यसभा में हुयी चर्चा में भाग ले रहे थे।
नये साल की शुरूआत हो चुकी है हर कोई अपनी जिंदगी में नये साल में कुछ नया करना चाहता है। लेकिन भारत के कुछ लोग शायद कभी नहीं बदलना चाहते क्योंकि आज भी वो लोग धर्म-जाति जैसे मुद्दों पर ही बकवास करते हैं, ऐसे ही साल के शुरूआत में कुछ हुआ बॉलीवुड की फिल्ममेकर और कोरियोग्राफर फराह खान के साथ। दरअलस सभी ने अपने अपने अंदाज में नया साल मनाया और विश किया फरहा ने भी सोशल मीडिया पर एक तस्वीर पोस्ट की और हैप्पी न्यू ईयर कहा... लेकिन लोग तो हर चीज पर विवाद कर देते है फराह खान ने जो तस्वीर पोस्ट की उसमें उनके तीनों बच्चें पूजा कर रहे है और लिखा लिखा- प्रार्थना की शक्ति को कभी भी कम मत आंकिए. हैप्पी न्यू ईयर... ये तस्वीर बहुत प्यारी है विवाद जैसे इनमें कुछ भी नहीं था लेकिन ट्रोलर ने इसमें भी कहानी ढूंढ ली।
इस तस्वीर को देखकर लोगों ने फराह खान कई तरह की सलाह दे डाली। किसी ने कहा कि उन्हें खान सरनेम हटा लेना चाहिए तो किसी ने लिखा कि वो अपने धर्म से भटक गई हैं। आपको बता दें कि फराह खान हर धर्म के त्यौहार को बहुत ही धूमधाम से सेलिब्रेट करती हैं। सिर्फ वो ही नहीं शाहरुख खान, सलमान खान जैसे बड़े सितारे भी ईंद के साथ-साथ होली, दीवाली और क्रिसमस जैसे त्यौहार को जमकर सेलिब्रेट करते हैं। लेकिन जब फराह ने तस्वीर पोस्ट की तो लोगों को बर्दाश्त नहीं हुआ और उन्हें ट्रोल किया जाने लगा।
लेकिन ट्रोल होने के बाद फराह ने अपने ट्रोलर्स को करारा जवाब दिया है। फराह खान ने कहा 'यह उन लोगों की प्राब्लम है जो सवाल कर रहे हैं। यह 2019 है, इन मैटर्स पर बात करने का समय अब नहीं है।' उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें अपने बच्चों की कैसी तस्वीर पोस्ट करनी है ये उनका डिसीजन है।
साल 2018 बॉलीवुड के सेलेब्स की वेडिंग्स के नाम रहा क्योंकि इस साल लंबे समय से डेट कर रहे बड़े- बड़े स्टार्स की शादी हुई सबसे पहले मनाम लिया जाए तो रणवीर- दीपिका दीपवीर बन गये तो वहीं बॉलीवुड की देसी गर्ल ने विदेशी बॉय से शादी रचा ली। खैर ये तो हो गई पुरानी बातें.. हम तो आपके लिए कुछ नया लेकर आये है और आपको बताएंगे की 2019 के कौन-कौन शादी करने वाला है तो शुरूआत करते है -
रणबीर कपूर और आलिया भट्ट
पिछले साल इन दोनों के अफेयर की खबरों से खबरों का बाजार गर्म था। रनबीर कपूर का कैटरीना के साथ ब्रेकअप हुआ था जिसके बाद वो अकेले तो इस अकेलेपन में उनका साथ देने आलिया आगई और फिर शुरू हुई बातें , मुलाकातें, और फिर लव स्टोरी.... शादी के संकेत रणबीर कपूर ने दिये है क्योंकि आलिया ने इस बार नए साल का जश्न भी रणबीर की फैमिली के साथ मनाया। इससे पहले रणबीर कपूर ने एक इंटरव्यू में खुलकर कहा था की वो अब शादी करना चाहते है।
![]() |
अर्जुन कपूर और मलाइका अरोड़ा
मलाइका अरोड़ा ने अरबाज खान से तलाक लेने के बाद अपने सोशल मीडिया से भी अपने पुराने रिश्ते का नामोनिशा मिटा दिया है मलाइका अरोड़ा ने अपना नाम मलाइका अरोड़ा खान से केवल मलाइका अरोड़ा कर दिया है। अरबाज खान से तलाक की वजह थी मलाइका अरोड़ा और अर्जुन कपूर का लव अफेयर। ये कपल भी लंबे समय से एक दूसरे को डेट कर रहा हैं। और इस साल शादी के बंधन में बंधने वाला है। दरअसल, अर्जुन कपूर के चाचा संजय कपूर ने न्यू ईयर पार्टी रखी थी, जिसमें इन दोनों की करीबियां खुले तौर पर दिखी। पार्टी के बाद अर्जुन कपूर मलाइका का हाथ थामे घर के लिए रवाना होते दिखे। अब ऐसे में ये तो लाजमी है कि बहुत जल्द ये कपल शादी कर सकता है। खबरें तो ये भी थीं कि शायद ये दोनों मार्च 2019 तक शादी कर लें।
![]() |
वरुण धवन और नताशा दलाल
बचपन से एक दूसरे के साथ रहे वरुण धवन और नताशा दलाल भी इस साल शादी के बंधन में बंध जाएंगे। क्योंकि गलियारों में इन दोनों के प्यार के भी काफी चर्चे हो रहे है। वरुण धवन की बात करें तो वो इन बॉलीवुड के चहेते बने हुए है और उनको दर्शको का काफी प्यार मिल रहा है। नताशा दलाल भी जानीमानी फैशन डियायनर है। हाल ही मे एक दूसरे के हाथ में हाथ डाले हुए दिखे थे जहां वो डिनर करने के लिए एक रेस्टोरेंट में गए। वरुन इस रिलेशनशिप को लेकर काफी सीरियस दिखते हैं, तभी तो वो किसी इवेंट में भी जाते हैं तो अक्सर नताशा उनके साथ ही दिखती हैं।
![]() |
ऋतिक रोशन और सुजैन खान
एक समय ऐसा था जब ऋतिक रोशन और सुजैन खान के रिश्ते की मिसाल दी जाती थी। दोनों बॉलीवुड के बेस्ट कपल्स में से एक थे लेकिन उनके अचानक अलग होने की खबर ने सबको चौंका दिया। साल 2014 में दोनों ने आपसी सहमति से तलाक ले लिया। अगर बात की जाए रितिक रोशन और सुजैन खान के रिश्ते की तो ये दोनों कई सालों तक दोस्त रहे, फिर प्यार हुआ और आखिर में पति-पत्नी बने। मगर 17 साल तक शादीशुदा जिंदगी जीने के बाद 2014 में दोनों ने तलाक का फैसला कर लिया। लेकिन बीते कुछ समय से दोनों के बीच की नजदीकियों को खास तौर पर देखा जा सकता है। शायद ये दोनों एक बार फिर से शादी कर लें।
![]() |
टाइगर श्रॉफ और दिशा पाटनी
ये एक ऐसा कपल है जिसके रिलेशनशिप में ब्रेक-अप और पैच-अप की खबरें लगातार सुर्खियां बनती रही हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि ये दोनों भी जल्द एक-दूजे के होने वाले हैं। फिलहाल ये कपल मालदीव में क्वालिटी टाइम बीता रहे हैं, लेकिन ये दोनों वहां एक साथ हैं इसकी कोई खबर नहीं है. हालांकि, जब कोई इवेंट होता है तो अक्सर ये कपल एक-साथ ही दिखते हैं और इन्हें साथ देखकर इनके फैन्स भी काफी खुश होते हैं। टाइगर और दिशा ने फिल्म 'बागी 2' में साथ काम किया था और इस जोड़ी को काफी सराहा गया था।
![]() |
राजकुमार राव और पत्रलेखा
साल 2019 में शादी करने वालों में एक नाम राजकुमार राव का है। राजकुमार जल्द ही अपनी गर्लफ्रेंड पत्रलेखा के साथ शादी के बंधन में बंध सकते हैं। इस कपल ने नया साल भी एक-साथ लंदन में मनाया. पत्रलेखा भी एक्ट्रेस हैं और उनकी पहली फिल्म 'सिटी लाइट्स' थी, जिसमें उनके अपोजिट राजकुमार राव थे.। ये दोनों एक-दूसरे को उसी वक्त से डेट कर रहे हैं। राजकुमार फिलहाल एक हॉरर मूवी के लिए काम कर रहे हैं।
![]() |