ईश्वर दुबे
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Bhilai
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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को एक इंटरव्यू में कहा कि राम मंदिर के मामले में न्याय प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अध्यादेश लाने पर विचार किया जाएगा। इसके बाद भाजपा के समर्थक दलों और संगठनों ने इस पर नाराजगी जताई। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने इस मुद्दे को लेकर बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उसने सरकार से मंदिर निर्माण के लिए कानून बनाने की मांग की। इससे पहले मोदी ने कहा था कि सरकार संविधान के तहत ही काम करेगी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही कोई कदम उठाया जाएगा।
विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा, "हमने राम जन्मभूमि पर प्रधानमंत्री का बयान देखा है। यह मामला 69 साल से कोर्ट में चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह मामला उनकी प्राथमिकता में नहीं है। अब यह सुनवाई 4 जनवरी को हो रही है, लेकिन जिस बेंच को सुनवाई करनी थी, उसका गठन नहीं हुआ है। अब यह फिर से सीजेआई की कोर्ट में आ गया है।"
'संत तय करेंगे कि आगे क्या करना है'
आलोक कुमार ने कहा, "हमें लग रहा है कि सुनवाई अभी कोसों मील दूर है। ऐसे में विहिप का फैसला है कि हिंदू समाज सालों तक कोर्ट के फैसले का इंतजार नहीं कर सकता। हम चाहते हैं कि सरकार अध्यादेश लाकर भव्य मंदिर बनाए। इस मामले में आगे की बातचीत प्रयागराज में धर्म संसद होगी। वहां संत तय करेंगे कि हमें आगे क्या करना है।"
'सांसदों ने मंदिर निर्माण का समर्थन किया'
उन्होंने कहा, ''हम देश के ज्यादातर सांसदों से मिले। उन्होंने संसद में कानून लाकर मंदिर निर्माण का रास्ता साफ करने का समर्थन किया है। हिंदू समाज लंबे समय से लोकतंत्र की लड़ाई लड़ रहा है। संत समाज हमारे साथ खड़ा है। 31 जनवरी को धर्म संसद में संत जो निर्णय लेंगे, हम उसी पर आगे बढ़ेंगे।''
'कांग्रेस के वकीलों ने मामले को लटकाया'
आलोक कुमार ने कहा- ''कांग्रेस के वकीलों की कोशिश है कि यह मामला कोर्ट में लटकता रहे। हमारे पास दोनों मामले खुले हैं कि संसद में कानून बने या सुप्रीम कोर्ट लगातार सुनवाई करे। प्रधानमंत्री ने भले ही हमारा समर्थन नहीं किया है, लेकिन हमें उन्हीं से उम्मीद है। हमने प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांगा है।"
मोदी ने कहा था- तीन तलाक पर भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हम अध्यादेश लाए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में कहा था कि राम मंदिर मुद्दे पर अध्यादेश लाने के बारे में न्याय प्रक्रिया खत्म होने के बाद ही विचार किया जाएगा। तीन तलाक पर भी हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अध्यादेश लाए थे। कांग्रेस के वकील खलल पैदा कर रहे हैं, इसलिए अदालती कार्यवाही धीमी हो गई है। न्याय प्रक्रिया खत्म होने के बाद सरकार के तौर पर हमारी जो भी जिम्मेदारी होगी, हम वह करेंगे।
तिरुवनंतपुरम. केरल के सबरीमाला मंदिर में बुधवार तड़के 50 साल से कम उम्र की दो महिलाओं ने प्रवेश किया। इसके बाद मंदिर का शुद्धिकरण किया गया। मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने महिला श्रद्धालुओं को पूरी सुरक्षा देने के निर्देश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट से सबरीमाला मंदिर में प्रवेश की इजाजत मिलने के लगभग तीन महीने बाद पहली बार महिलाओं ने सबरीमाला में भगवान अयप्पा के दर्शन किए। मंदिर के 800 साल के इतिहास में पहली बार दो महिलाओं ने यहां प्रवेश कर भगवान अयप्पा की पूजा की है।
न्यूज एजेंसी के मुताबिक, मंदिर में प्रवेश करने वाली महिलाओं के नाम बिंदु और कनकदुर्गा हैं। उनकी उम्र 40 से 50 साल के बीच बताई जा रही है। दोनों महिलाएं पुलिसकर्मियों के साथ मंदिर में घुसीं और सुबह 3:45 बजे पूजा-अर्चना की। इन दोनों महिलाओं ने पिछले महीने भी मंदिर में प्रवेश करने की कोशिश की थी।
दौड़ती हुई मंदिर के अंदर पहुंचीं
दोनों महिलाओं के मंदिर में प्रवेश करने के सीसीटीवी फुटेज सामने आए हैं। वे दौड़ती हुए मंदिर के अंदर जाती नजर आ रही हैं। दोनों महिलाएं उत्तरी केरल की रहने वाली हैं। उनके परिवारों को एहतियातन सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट कर दिया गया है। मुख्यमंत्री विजयन ने दोनों महिलाओं के मंदिर में प्रवेश करने की घटना की पुष्टि की। विजय ने कहा कि पहले ये महिलाएं ट्रैकिंग नहीं कर पाई थीं। इस बार वे कामयाब रहीं। बिंदु ने बाद में मीडिया को बताया कि हमने मंगलवार को ही पुलिस से संपर्क साधा था। इसके बाद हमें मदद का आश्वासन दिया गया। वहीं, कनकदुर्गा के भाई भरतन ने कहा कि उनकी बहन पिछले हफ्ते ही किसी काम का बहाना बताकर तिरुवनंतपुरम से निकली थी।
एक दिन पहले महिलाओं ने बनाई थी 620 किमी लंबी श्रृंखला
सबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश का विरोध करने वालों के खिलाफ महिलाओं ने मंगलवार को 620 किमी लंबी श्रृंखला बनाई थी। यह श्रृंखला कासरगोड से तिरुवनंतपुरम तक बनाई गई। यह 14 जिलों से होकर गुजरी। साथ ही करीब 150 से अधिक सामाजिक संगठन भी शामिल हुए।
800 साल से चली आ रही प्रथा
28 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर में हर उम्र की महिला को प्रवेश देने की इजाजत दी थी। इस फैसले के खिलाफ केरल के राजपरिवार और मंदिर के मुख्य पुजारियों समेत कई हिंदू संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की थी। हालांकि, अदालत ने सुनवाई से इनकार कर दिया। इससे पहले यहां 10 से 50 साल उम्र की महिला के प्रवेश पर रोक थी। यह प्रथा 800 साल पुरानी है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पूरे राज्यभर में विरोध हुआ।
आदेश के बाद 3 बार खुला मंदिर
आदेश के बाद 16 नवंबर को तीसरी बार मंदिर खोला गया। मंदिर 62 दिनों की पूजा के लिए खुला, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी विरोध के चलते 1 जनवरी तक कोई महिला मंदिर में प्रवेश नहीं कर पाई थी।
इंदौर के मेदांता हॉस्पिटल में चल रहा था इलाज
मल्टी ऑर्गन फेल्योर होने के कारण उन्हें वेंटिलेटर पर रखा था
महिदपुर से कांग्रेस विधायक रह चुकी कल्पना तेजतर्रार नेता मानी जाती थीं
इंदौर. कांग्रेस नेत्री व पूर्व विधायक डॉ. कल्पना परूलेकर (61) का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्हें 18 दिसंबर को गंभीर हालत में इंदौर के मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। दूसरे दिन ही डॉक्टरों ने उन्हें मल्टी ऑर्गन फेल्योर होने के कारण वेंटिलेटर पर रख दिया था। तब से उनका इलाज चल रहा था। अस्पताल के डॉ संदीप श्रीवास्तव ने इसकी पुष्टि की है।
21 दिसंबर को स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद डॉ. परूलेकर को इंदौर के मेदांता हॉस्पिटल में आईसीयू में भर्ती किया गया था। उनका इलाज चल रहा था, लेकिन हालत गंभीर होने पर वह भर्ती होने के बाद से ही लगातार वेंटिलेटर पर थीं। बुधवार सुबह 9.30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। डॉ. परुलेकर का अंतिम संस्कार उनके गृहस्थान महिदपुर में आज शाम होगा।
सुर्खियों में रहती थी कल्पना
कांग्रेस की तेजतर्रार नेता कल्पना अक्सर सुर्खियों में रहती थी। पिछले साल 17 अप्रैल को भोपाल की जिला अदालत ने पूर्व विधायक परूलेकर को एक साल की जेल और दो हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई थी। उन्होंने तत्कालीन प्रमुख सचिव भगवानदेव इसरानी की नियुक्ति पर सवाल उठाए थे। इस मामले में इसरानी ने मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। इसके पहले भी लोकायुक्त नावलेकर को संघ के गणवेश में दिखाते हुए फोटो जारी करने के मामले में भी परूलेकर को सजा मिली थी।
हर महीने की पहली तारीख को मंत्रालय के सामने वाले पार्क में होता था गायन
शिवराज सरकार के आदेश को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने किया रद्द
भोपाल. मंत्रालय के सामने वाले पार्क में हर महीने की पहली तारीख को होने वाले वंदेमातरम् गायन पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने रोक लगा दी है। उनके इस आदेश के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने वल्लभ भवन के सामने उसी जगह वंदे मातरम् गाया जहां हर महीने होता था। इसके बाद जमकर नारेबाजी की।
शिवराज सिंह सरकार ने निर्देश जारी किया था कि हर महीने की पहली तारीख को सभी कर्मचारी वंदेमातरम् का गायन करेंगे। उनका तर्क था कि इससे कर्मचारियों में देशभक्ति की भावना पैदा होगी। सरकार बदलने के बाद अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि वंदेमातरम् गायन में 3000 में से सिर्फ 300 कर्मचारी ही पहुंचते हैं। इस पर कमलनाथ ने कहा कि जो लोग वंदेमातरम् नहीं गाते क्या वह देशभक्त नहीं है। यह किसी एजेंडे के तहत लिया गया निर्णय है। इसे खत्म किया जाए।
कमलनाथ के निर्देश के बाद एक जनवरी को वल्लभ भवन के बाहर वंदेमातरम् गायन नहीं हुआ। इस पर भाजपा कार्यकर्ता नाराज हो गए और बुधवार सुबह 11 बजे वल्लभ भवन पहुंचकर वंदेमातरम का गायन किया। पूर्व मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि सालों से चली आ रही परंपरा को बंद करना प्रदेश का दुर्भाग्य है। शिवराज सिंह ने भी ट्वीट करके अपनी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा- अगर सरकार इस परंपरा को फिर से शुरू नहीं करती तो 7 जनवरी को वह वल्लभ भवन के सामने जाकर वंदेमातरम् का गायन करेंगे।
पाॅक्सो एक्ट के मामले थानों में दर्ज, लेकिन जारी किए गए आंकड़ों से गायब
पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के वर्ष 2018 के आंकड़ों ने बढ़ाई सरकार की चिंता
भिलाई. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के जिले में हर तीसरे दिन दुष्कर्म होता है। वहीं लूट, हत्या और धोखाधड़ी के मामलों में 10 फीसदी इजाफा हुआ है। खुद पुलिस विभाग के आंकड़े इस बात को बयान कर रहे हैं। हालांकि यह आंकड़े पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के हैं, लेकिन अब बड़ी चुनौती के रूप में सामने आए हैं।
तीन साल में जिले में हत्या और लूट के आंकड़े बढ़े
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार जिले में हत्या, लूट, अपहरण, धोखाधड़ी और बलवा के मामले में वर्ष 2016 की तुलना में बढ़े हैं। वर्ष 2018 में 148 मामले दुष्कर्म के आए हैं। पाक्सो एक्ट के भी मामले आए हैं, लेकिन जारी रिकार्ड में शून्य बताया जा रहा है। वर्ष 2011 में आई एनसीआरबी रिपोर्ट के मुताबिक दुर्ग जिला पूरे देश में महिलाओं के विरुद्ध अपराधों के मामले में अव्वल हो गया था।
गोवा, हिमाचल और जम्मू में सुरक्षित हैं महिलाए
हमारे राज्य से बेहतर स्थिति और भी कई राज्यों में जहां महिलाएं पूरी तरह सुरक्षित है। गोवा, हिमाचल प्रदेश जम्मू- कश्मीर, सिक्किम, नागालैंड, मिजोरम, मणिपुर, मेघालय, उत्तराखंड, दादर-हवेली जैसे राज्य है, जहां महिलाओं के साथ अपराध नहीं के बराबर है। यहां की महिलाओं को कई मामलों में सुकून है। रिपोर्ट के मुताबिक यहां की महिलाएं सुरक्षित हैं।
मोहन नगर व कोतवाली थाने में दर्ज मामला
30 नवंबर को कोतवाली में पॉक्स एक्ट का मामला दर्ज हुआ। शंकर नगर निवासी 14 वर्षीय नाबालिग की दोस्ती महाराष्ट्र अकोला निवासी अनमोल कुशवाहा से हुई। 30 नवंबर को वह नाबालिग से मिलने उसके घर तक पहुंचा। आरोपी नाबालिग युवती के घर के आंगन में बात करते समय अश्लील हरकत की। इसका युवती ने विरोध किया। आरोपी के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। 27 दिसंबर को मासूम की मां की रिपोर्ट पर मोहन नगर पुलिस ने नाबालिग आरोपी के खिलाफ धारा 376, पॉक्सो की धारा 3, 4 के तहत अपराध दर्ज किया गया। 27 की सुबह सवा 11 बजे उरला निवासी महिला पति के साथ प्रेग्नेंसी चेकअप कराने जिला अस्पताल गई थी। इस दौरान बच्ची उसने बच्ची से अश्लील हकत की। बच्ची ने इसकी जानकारी मां को दी। तब उन्होंने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
कुल अपराध घटे, लेकिन संगीन अपराधोंं की संख्या बढ़ी
एडिशन एसपी सिटी विजय पांडेय ने बताया कि तीन साल में पहली दफा कुल आपराधिक आंकड़ों का ग्राफ कम हुआ है। लेकिन इसमें भी हत्या, अपहरण, लूट, नकबजनी, बलवा, खयानत जैसे गंभीर प्रकरणों की संख्या में करीब 10 फीसदी का इजाफा हुआ है। दुष्कर्म के मामले भी सामने आए हैं।
10 साल में अपराध दोगुना
छत्तीसगढ़ में महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों की संख्या 10 साल में दोगुना हो गई। 2001 में पूरे राज्य में महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों की संख्या 3989 थी।2013 में 7012 तक पहुंचा। 2014 में अपराध की संख्या 6255 तक आई। 2015 में फिर एक बार 5720 मामले दर्ज किए।
52% महिलाएं होती हैं हिंसा की शिकार
इंटरनेशनल सेंटर पर रिसर्च ऑन वूमन की रिपोर्ट के मुताबिक 52 प्रतिशत महिलाएं किसी न किसी तरह हिंसा की शिकार होती है। 38 प्रतिशत महिलाओं पर कभी न कभी घसीटे जाने, पिटाई-थप्पड़ मारे जाने और जलाए जाने जैसी हिंसा होती है। त 34 प्रतिशत महिलाएं 15 से 19 वर्ष की उम्र में अपने पति या किसी साथी के हाथों हिंसा का शिकार होती हैं। दहेज मृत्यु, शील भंग, अनाचार के मामले बढ़े हैं।
7 साल पहले ज्यादा थे दुष्कर्म के मामले
नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो की साल 2011 की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में पॉक्सो समेत महिला संबंधी अपराध छत्तीसगढ़ के दुर्ग-भिलाई में सबसे ज्यादा हुए। दिल्ली में प्रति एक लाख की आबादी में 208 बलात्कार हुए जबकि दुर्ग-भिलाई में ये औसत 507 का बताया गया। जिले के जामुल थाने में सबसे ज्यादा अनाचार के मामले दर्ज किए गए।
पाॅक्सो एक्ट के मामले हुए दर्ज
मोहन नगर थाना के टीआई राजेश बागड़े ने बताया कि नाबालिग आरोपी के खिलाफ धारा 376, पॉक्सो की धारा 3, 4 के तहत अपराध दर्ज किया है। वहीं कोतवाली थाना की एसाई बेबी नंदा ने बताया कि घर के आंगन में नाबालिग से अश्लील हरकत अपराध दर्ज किया है।
रायगढ़. अगर आपके पास स्मार्ट फोन है और कोर्ट में आपका कोई केस चल रहा है, तो अपने केस की स्थिति आप घर बैठे जान सकेंगे। ई-कोर्ट एप के जरिए आप सुनवाई से संबंधित सारी जानकारी देख सकेंगे आपको कोर्ट के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। रायगढ़ डिस्ट्रिक्ट कोर्ट डिजिटलाइजेशन के माध्यम से प्रकरणों की फाइलिंग करने वाला प्रदेश का पहला जिला बन गया है।
एलसीडी के माध्यम से अधिवक्ताओं को बताया जाएगा केस का स्टेटस
जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में मंगलवार को जिला जज रमाशंकर प्रसाद ने एलसीडी के माध्यम से कोर्ट के प्रकरणों के डिजिटलाइजेशन की शुरुआत की। जिसमें एलसीडी के जरिए अधिवक्ताओं को हर केस का स्टेटस बताया जाएगा एवं सारे प्रकरण एक साथ एलसीडी में दिखाई देंगे।
प्रक्रिया को सुलभ बनाने के लिए न्यायालयीन प्रकरणों को बहुत पहले से ऑनलाइन कर दिया गया है, लेकिन हर व्यक्ति की पहुंच से दूर व कंप्यूटर का बेसिक नॉलेज नहीं होने से ग्रामीण लाभ नहीं ले पा रहे थे, इसलिए ई-कोर्ट सर्विसेस शुरू की गई है। वरिष्ठ अधिवक्ता ओपी बेरीवाल ने न्यायिक सेवा केंद्र के अतिरिक्त कक्ष का शुभारंभ किया।
एक क्लिक पर मिलेगी कॉपी
केंद्रीय पंजीयन शाखा में सभी प्रकरण की फाइलिंग एक ही खिड़की में लिया जाएगा जिसके लिए केस-इन्फार्मेशन सिस्टम (सीआईएस) के माध्यम से प्रकरणों की फाइलिंग होगी। इसके बाद रजिस्ट्रार के द्वारा प्रकरणों को कार्य विभाजन पत्रक के अनुसार भेजा जाएगा। कोई भी पक्षकार अपने प्रकरण की स्थिति को फाइलिंग नंबर अथवा पंजीयन नंबर के माध्यम से देख सकता है।
यदि किसी पक्षकार ने मोबाइल नंबर या इमेल एड्रेस दिया है तो एसएमएस या ई-मेल के द्वारा की उसके प्रकरण की स्थिति से अवगत कराया जाएगा। पहले आवेदन करने के बाद नकल प्राप्त करने में काफी समय लग जाता था, लेकिन अब एक क्लिक से ऑर्डर की कापी प्राप्त होगी।
बार-बार कोर्ट नहीं आना पड़ेगा
केस के संबंध में पक्षकारों को बार-बार अधिवक्ता से पूछना नहीं पड़ेगा। आप अपने ई-कोर्ट एप पर जाकर केस में क्या तारीख लगी और किसलिए लगी, इसकी जानकारी मोबाइल पर ही मिल जाएगी। साथ ही फैसला कब होगा और अब तक केस में क्या हुआ जैसी जानकारी भी मिल जाएगी। इसके अलावा किस न्यायालय में एवं किससे संबंधित है की जानकारी एक ही क्लिक पर मिल जाएगी।
यदि कोई प्रकरण पेंडिंग है या उसका डिस्पोजल हो गया है तो उसकी भी जानकारी मिल जाएगी। न्यायिक सेवा केन्द्र में नि:शुल्क सेवा के लिए पैरालीगल वालिंटियर की ड्यूटी लगेगी। लोगों को जानकारी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
मेलबर्न. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) ने भारतीय कप्तान विराट कोहली और तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को अपनी साल की टेस्ट टीम में जगह दी है। नाथन लियोन इस टीम में शामिल इकलौते ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर हैं। लियोन और भारतीय खिलाड़ियों के अलावा, इस टीम में न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के दो-दो, जबकि श्रीलंका, इंग्लैंड, वेस्टइंडीज और पाकिस्तान का एक-एक खिलाड़ी शामिल है।
कीवी कप्तान विलियम्सन के हाथ में टीम की कमान
न्यूजीलैंड के कैप्टन केन विलियम्सन को टीम का कप्तान घोषित किया गया है। इंग्लैंड के जोस बटलर विकेटकीपर होंगे। श्रीलंका के कुशल मेंडिस को न्यूजीलैंड के टॉम लाथम के साथ सलामी बल्लेबाज के रूप में चुना गया है।
इसके बाद नंबर-3 पर विलियम्सन, नंबर-4 पर विराट कोहली और नंबर-5 पर दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान एबी डिविलियर्स को चुना गया है। बटलर को छठे नंबर पर शामिल किया गया है।
इसके बाद वेस्टइंडीज के ऑलराउंडर जेसन होल्डर, दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा, लियोन, पाकिस्तान के मोहम्मद अब्बास और बुमराह का नंबर है।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की टेस्ट टीम ऑफ द ईयर
केन विलियम्सन (कप्तान), विराट कोहली, कुशल मेंडिस, टॉम लाथम, एबी डिविलियर्स, जोस बटलर (विकेटकीपर), जेसन होल्डर, कगिसो रबाडा, नाथन लियोन, मोहम्मद अब्बास और जसप्रीत बुमराह।
राजनांदगांव. शहर के गायत्री मंदिर के सामने फलाईओवर के नीचे सोमवार को फुटपाथ पर सो रही 5 साल की बच्ची से एक व्यक्ति ने दुष्कर्म किया। आसपास के लोगों ने आरोपी को देखा तो शोर मचा दिया। इस पर वह भागने लगा। लोगों ने उसे पकड़कर कोतवाली पुलिस को सौंप दिया। वहीं बच्ची को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सोती हुई बच्ची को उठाकर ले गया था आरोपी
काेतवाली थाना क्षेत्र में गायत्री मंदिर के सामने फ्लाइओवर के नीचे कचरा बीनने वालों का परिवार अपनी पांच साल की बच्ची के साथ रहता है। सोमवार तड़के करीब 4.30 बजे बच्ची के माता-पिता उसे सोता छोड़कर कचरा बीनने के लिए निकल गए। इसी दौरान शंकरपुर निवासी ओमप्रकाश साहू (35) पहुंचा और बच्ची को अकेले सोता देख उठाकर कुछ दूर ले आया। इसके बाद उसने बच्ची से दुष्कर्म किया। ओमप्रकाश की हरकत आसपास के लोगों ने देखी तो शोर मचा दिया। इस पर वह बच्ची को छोड़कर भागने लगा।तभी और भी लोग एकत्र हो गए और उन्होंने पीछा कर आरोपी को पकड़ लिया। वहीं कुछ दूर माैजूद बच्ची के परिजन भी मौके पर आ गए और कोतवाली थाना पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस के पहुंचने पर आरोपी को उनके हवाले कर दिया गया। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।
घटना के बाद बच्ची की हालत देख उसे मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अत्याधिक खून बह जाने के कारण वहां पर बच्ची की हालत गंभीर बनी हुई है। वारदात को लेकर लोगों में भी आक्रोश का माहौल है।
दंतेवाड़ा. आरक्षक बनने 10 सालों से इंतजार कर रहे नक्सल मोर्चो पर तैनात 42 सहायक आरक्षकों को नए साल में प्रमोशन मिला है। इनके उत्कृष्ट कार्य पर इन्हें सहायक आरक्षक से आरक्षक पद पर नियुक्ति दी गई है। नक्सलियों के खिलाफ लोहा लेने इन जवानों की भूमिका भी सबसे अहम रही है। अब तक ये केवल एक निश्चित मानदेय पर काम कर रहे थे। अब इन्हें तमाम सुविधाओं का फायदा मिलेगा।
इन जवानों व इनके परिजन का करीब 10 साल का इंतजार खत्म हो गया। एसपी डाॅ. अभिषेक पल्लव नए साल के पहले दिन इन्हें बैच लगाकर नियुक्ति देंगे व साल 2019 से अब ये आरक्षक के रूप में काम करेंगे। इस नियुक्ति पर जवानों में खुशी है। एसपी डाॅ. अभिषेक पल्लव ने बताया कि सहायक आरक्षक रहते इन जवानों ने उत्कृष्ट कार्य किया है। 42 सहायक आरक्षकों को आरक्षक के पद पर नियुक्ति के आदेश जारी हुए हैं। इसके अलावा नक्सलियों के खिलाफ सफल ऑपरेशन चलाने व उत्कृष्ट कार्य करने वाले जवानों व अफसरों को भी इसके पहले आउट ऑफ टर्न प्रमोशन मिला है। नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाने में डीआरजी के जवानों की सबसे बड़ी भूमिका होती है। हर छोटे-बड़े ऑपरेशन में पूरी जांबाजी के साथ ये जवान नक्सलियों से लोहा लेते हैं। आउट ऑफ टर्न प्रमोशन में सबसे ज्यादा फायदा इन जवानों को ही मिला है। हाल के ढाई सालों में दंतेवाड़ा में बड़े एनकाउंटर्स हुए हैं। इसमें सबसे बड़ी भूमिका डीआरजी के जवानों व अफसरों की रही। बताया जा रहा है 10 से ज्यादा जांबाज जवानों व अफसरों के नाम पुलिस मुख्यालय भेजे गए हैं। जिन्हें प्रमोशन की मुहर लगनी अभी बाकी है।
इंदौर. जनवरी की 14 तारीख को ख्यात शायर कैफ़ी आज़मी के जन्म के सौ साल पूरे हो रहे हैं। इस मौके पर इंदौर के कलाकारों ने रूपांकन संस्था के तहत एक कैलेंडर तैयार किया है। कैफ़ी साहब के मुंबई स्थित आवास जानकी-कुटीर में 10 जनवरी को इसे रिलीज़ किया जाएगा। 7 पन्नों के इस कैलेंडर में उनकी नज़्मों और गीतों के अंश हैं। कवर पेज पर शायर-गीतकार जावेद अख़्तर की नज़्म छपी है : 'अज़ीब आदमी था वो...'। कैफ़ी आज़मी के जन्म शताब्दी वर्ष (14 जनवरी 1919-14 जनवरी 2019) पर जारी होने वाले इस कैलेंडर के लिए उनके एक रंगीन और 6 ब्लैक एंड व्हाइट पोर्ट्रेट्स शहर के चित्रकार सफदर शामी ने बनाए हैं। शहर के ही कलाकार अशोक दुबे ने कैलिग्राफी की है, जबकि इसकी रूपरेखा अरविंद मंडलोई ने तैयार की। कवर पर कैफ़ी साहब का कलर पोर्ट्रेट है। इसका शीर्षक है- 'कैफ़ी आज़मी: मेहनतकशों का साथी, अवाम का शायर, जन्म शताब्दी वर्ष पर सलाम'।
अरविंद मंडलोई बताते हैं कि कैफ़ी साहब के दामाद जावेद अख़्तर से बातों-बातों में जन्म शताब्दी वर्ष का जिक्र निकला तो इस कैलेंडर की परिकल्पना साकार हुई। चित्रकार सफदर शामी कहते हैं कि मुझे शबाना आज़मी ने कैफ़ी साहब के आठ फोटो भेजे थे। इसमें से सात फोटो चुनकर मैंने एक रंगीन और 6 ब्लैक एंड व्हाइट पोर्टेट्स बनाए।
कैलिग्राफी कलाकार अशोक दुबे कहते हैं कि कैलेंडर पर जिन नज़्मों, गज़लों और गीत के अंशों का इस्तेमाल किया है वह कैफियत पुस्तक से लिए गए हैं। इस वर्ष देशभर के कुछ शहरों में कार्यक्रमों की शृंखला होगी और इसके तहत एक कार्यक्रम इंदौर में भी होगा, जिसमें जावेद अख़्तर, कैफ़ी साहब की बेटी शबाना आज़मी, तबला वादक ज़ाकिर हुसैन, संगीतकार-गायक शंकर महादेवन शिरकत करेंगे।