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दिग्विजय सिंह के ट्विटर पर गलत फोटो डालने के बाद अब बीजेपी पर अपने विज्ञापन में प्रदेश की सड़कों का गलत विज्ञापन डालने का आरोप लगा है. कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी ने 'समृद्धि सड़कों की' के नाम से दिए गए विज्ञापन में जिस सड़क का फोटो दिया है, वो मध्य प्रदेश की है ही नहीं.

'समृद्धि सड़कों की' के नाम से मध्यप्रदेश के अखबारों में दिया गया बीजेपी का विज्ञापन अब विवादों में आ गया है. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि इस विज्ञापन में सीएम शिवराज सिंह चौहान और पीएम मोदी के फोटो के साथ बैकग्राउंड में जिस तरह का एक्सप्रेस-वे बनाने का दावा किया गया है, वो तस्वीर एमपी की नहीं बल्कि विदेश की है. विज्ञापन में दी गई तस्वीर में गाड़ियां लेफ्ट हैंड ड्राइव पर चल रही हैं जबकि भारत में राइट हैंड ड्राइव होती है.

कांग्रेस का आरोप है कि विज्ञापन में जो फोटो इस्तेमाल की गई है, वो विदेशी हाईवे या फिर एक्सप्रेस-वे की है. कांग्रेस ने इसे मुद्दा बनाकर बीजेपी पर भ्रामक प्रचार करने का आरोप लगाया है. इस विज्ञापन में इस्तेमाल किए गए फोटो को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग में जाकर शिकायत की है.

 

मध्यप्रदेश कांग्रेस के मीडिया कन्वेनर नरेंद्र सलूजा ने बताया कि अखबार में जिस सड़क की फोटो दी गई है, उसे देखने से लगता है कि ये भारत या मध्य प्रदेश की नहीं है. इसमें उलटी दिशा में गाड़ियां चल रही हैं. सलूजा ने आरोप लगाया कि यह विदेशी सड़क की फोटो है क्योंकि जिन गाड़ियों का फोटो इसमें है, वो भी विदेशी हैं और बीजेपी भ्रामक प्रचार के जरिए जनता को गुमराह कर रही है.

बीजेपी के इस विज्ञापन में अगली सरकार में सड़क निर्माण को लेकर पांच साल का रोडमैप जारी किया है. वहीं बीजेपी को इस विज्ञापन में कुछ भी गलत नजर नहीं आ रहा है. बीजेपी के भोपाल से सांसद आलोक संजर का कहना है कि कांग्रेस ने अगर चुनाव आयोग से शिकायत की है, तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा. संजर ने कहा, 'हम जो कुछ भी अच्छा दिखा रहे हैं वो कांग्रेस को लगता है कि विदेश का है. कांग्रेस ने तो पाकिस्तान के पुल को भारत का बता दिया था, बांग्लादेश की सड़क को एमपी का बता दिया था. कांग्रेस पहले अपने गिरेबान में झांक कर देखे, उसके बाद बीजेपी पर इस तरह के आरोप लगाए.'

रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए प्रचार रविवार शाम पांच बजे समाप्त हो गया. दूसरे चरण का मतदान 20 नवंबर को होगा. राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ की 72 सीटों के लिए मंगलवार को मतदान होगा. दूसरे चरण के लिए होने वाले मतदान के लिए शनिवार शाम चुनाव प्रचार समाप्त हो गया. अधिकारियों ने बताया कि आयोग के निर्देशानुसार शाम पांच बजे चुनाव प्रचार थम गया. मतदान समाप्ति के 48 घंटे की समय अवधि में रैली तथा सभाओं के माध्यम से प्रचार-प्रसार पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा. उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्रों में बाहरी व्यक्तियों को मतदान समाप्ति के 48 घंटे पूर्व जिले से बाहर जाना होगा. अतः इस संबंध में अधिकारियों को व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है. चुनाव आयोग ने राज्य में हो रहे विधानसभा चुनाव के लिए दो चरणों में मतदान तय किया था.

पहले चरण में नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के सात जिले और राजनांदगांव जिले की 18 सीटों के लिए 12 नवंबर को मतदान हुआ. पहले चरण में 76 फीसदी से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है. दूसरे चरण के मतदान के लिए चुनाव आयोग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं. दूसरे चरण में राज्य के 19 जिलों में मतदान होगा जिनमें गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, कबीरधाम, जशपुर और बलरामपुर जिले के कुछ हिस्से नक्सल प्रभावित हैं.


राज्य में पिछले 15 वर्षों से भारतीय जनता पार्टी सत्ता में है और इस बार के चुनाव में वह 65 सीटों पर जीत के लक्ष्य को लेकर चुनाव मैदान में है. वहीं, कांग्रेस को उम्मीद है कि इस चुनाव में सत्ता परिवर्तन होगा और उसकी सरकार बनेगी. दूसरे चरण के मतदान में मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए सभी दलों के वरिष्ठ नेताओं ने लगातार छत्तीसगढ़ का दौरा किया है.

छत्तीसगढ़: अजीत जोगी बोले- बहुमत नहीं मिला तो BJP से मिला सकते हैं हाथ

राज्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती, कई केंद्रीय मंत्री, भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और अन्य दलों के नेताओं ने अपनी पार्टी के पक्ष में प्रचार किया है. इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के नेताओं ने विपक्षी दलों पर जमकर प्रहार किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य भाजपा नेताओं ने अपने भाषणों में गांधी परिवार पर तीखे हमले किए तथा केंद्र सरकार और राज्य सरकार की योजनाओं को गिनाया.

राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ सरकार पर लगाया आरोप, कहा- राज्य में बुरी हालत में हैं किसान

वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राफेल सौदे और छत्तीसगढ़ में नान घोटाले को लेकर सीधे तौर पर प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री रमन सिंह को कठघरे में खड़ा किया. इसके साथ ही नेताओं ने किसानों के मुद्दे पर एक दूसरे पर हमला बोला. दूसरे चरण के मतदान में रमन मंत्रिमंडल के सदस्य बृजमोहन अग्रवाल, अमर अग्रवाल, अजय चंद्राकर समेत अन्य मंत्रियों, कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष टी एस सिंहदेव, पूर्व मुख्यंत्री अजीत जोगी और उनकी पत्नी रेणु जोगी समेत 1101 उम्मीदवारों का राजनीतिक भविष्य तय होगा.

राज्य में पिछले चुनावों में मुख्यत: भाजपा और कांग्रेस के मध्य ही मुकाबला होता रहा है. लेकिन इस बार के चुनाव में अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) और बहुजन समाज पार्टी गठबंधन के कारण कुछ सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला हो सकता है. दूसरे चरण में सबसे ज्यादा रायपुर शहर दक्षिण में 46 उम्मीदवार और सबसे कम बिंद्रानवागढ़ में छह उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं.

मुंबई। बॉलीवुड मेगास्टार अमिताभ बच्चन का कहना है कि शाहरुख खान का बेटा अबराम उन्हें दादा मानता है। फिल्म 'कभी खुशी कभी गम' में शाहरुख के पिता का किरदार निभाने वाले 76 वर्षीय अमिताभ बच्चन ने रविवार को इंस्टाग्राम पर अबराम के साथ फोटो शेयर करते हुए लिखा, 'शाहरुख का छोटा बेटा अबराम बिना संदेह मुझे अपना अपना दादा मानता है। 

 
अमिताभ ने लिखा, "वह हैरान है कि मैं उसके पिता (शाहरुख) के साथ क्यों नहीं रहता। अमिताभ और शाहरुख 'कभी खुशी कभी गम', 'मोहब्बतें', 'वीर-जारा, 'पहेली' और 'कभी अलविदा ना कहना" के अलावा कई और फिल्मों साथ काम कर चुके हैं।

बीते समय का सबसे चर्चित सीरियल 'बालिका वधु' से  फेमस हुयी स्टार प्रत्युषा बेनर्जी के बायफ्रेंड राहुल राज सिंह ने शादी सलोनी शर्मा संग शादी के बंधन में बंध गये है। इस शादी की खबर खुद राहुल राज ने अपने इंस्टाग्राम पर तस्वीर शेयर करके दी । फोटो शेयर करते हुए राहुल ने लिखा कि ''आज हम दोनों ने शादी कर ली है, हमने आजीवन साथ रहने और प्यार करने का वादा किया है, कृप्या हमें आशीर्वाद दें ताकि हम अपने नए जीवन की शुरुआत कर सकें। 

बता दें कि सलोनी शर्मा राहुल की बिजनेस पार्टनर है। दोनों ने आखिरकार अपनें लांग टाइम रिलेशनशिप को शादी में बदल दिया है । राहुल राज का नाम तब सबके सामने आया जब प्रत्यूषा बेनर्जी की मौत हो गया थी। साल 2016 में प्रत्यूषा बेनर्जी ने अपने ही घर में आत्महत्या कर ली थी। और इस आत्महत्या के लिए राहुल पर प्रत्यूषा बेनर्जी को उकसाने के आरोप लगे है। उस समय खबरें कुछ ऐसी भी थी कि दोनों ने सीक्रेट शादी कर ली है। इसी वजह से दोनों लिव- इन में रहते थे। प्रत्यूषा बेनर्जी ने सलोनी शर्मा पर उनके बीच में आने का इल्जाम लगाया था। और कहा  तो यह भी जाता था कि सलोनी के कारण राहुल और प्रत्यूषा के बीच खुब लड़ाईयां होती थी। प्रत्यूषा बेनर्जी  ने आखिरीबार अपने व्हाटसैप स्टेस पर लिखा था कि '' मर के भी मुंह न तुझसे मोड़ना''। 

मु्ंबई। सिंगापुर को भारत से आने वाले पर्यटकों की संख्या 2018 में 14 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है। उसकी कोशिश युवा पर्यटकों को ज्यादा से ज्यादा आकर्षित करने की है। सिंगापुर पर्यटन बोर्ड के दक्षिण एशिया, पश्चिम एशिया और अफ्रीका के क्षेत्रीय निदेशक जी. बी. श्रीधर ने यहां पीटीआई से कहा, ‘‘पिछले साल (2017 में) 12.7 लाख भारतीय पर्यटकों ने सिंगापुर की यात्रा की। इस साल जनवरी से सितंबर तक में ही 10.8 लाख भारतीय पर्यटक सिंगापुर की यात्रा कर चुके हैं।

ऐसे में हमें पर्यटकों की संख्या में पिछले साल के मुकाबले इस साल 14 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद है।’’उन्होंने कहा कि 2017 में रिकॉर्ड संख्या में भारतीय पर्यटकों ने सिंगापुर की यात्रा की। ऐसे में सिंगापुर आने वाले पर्यटकों की संख्या के लिहाज से भारत तीसरे स्थान पर है। जबकि चीन पहले और इंडोनेशिया दूसरे स्थान पर रहा है। 

मेलबर्न। आस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज मिशेल जानसन ने रविवार को कहा कि स्टीव स्मिथ, डेविड वार्नर और कैमरन बैनक्राफ्ट पर गेंद से छेड़छाड़ करने के लिये लगा प्रतिबंध बरकरार रहना चाहिए क्योंकि इन्होंने बोर्ड की सजा को चुनौती नहीं दी है। आस्ट्रेलियाई क्रिकेट इस समय विकट स्थिति से गुजर रहा है और उसे हाल में कई मैचों में हार का सामना करना पड़ा जिससे स्मिथ और वार्नर को टीम में वापस लेने की मांग उठती जा रही है। 

 
दक्षिण अफ्रीका में गेंद से छेड़छाड़ के मामले में तत्कालीन कप्तान स्मिथ और वार्नर पर एक एक साल जबकि बैनक्राफ्ट पर नौ महीने का प्रतिबंध लगा है। जानसन हालांकि इन पर से प्रतिबंध हटाने के खिलाफ हैं। 

 

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘तीनों खिलाड़ियों पर प्रतिबंध लगा है। इसलिए इसका मतलब यह है कि अगर स्मिथ और वार्नर पर से प्रतिबंध हटता है तो कैमरन बैनक्राफ्ट का भी प्रतिबंध भी उतना ही कम होगा। इन सभी ने प्रतिबंध को स्वीकार किया है और इसके खिलाफ आवाज नहीं उठायी इसलिए मेरा मानना है कि प्रतिबंध बरकरार रहना चाहिए।’’
 

नयी दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद को आज निर्देश दिया कि आईआरसीटीसी घोटाला मामले के सिलसिले में 20 दिसंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वह उसके समक्ष पेश हों। विशेष न्यायाधीश अरुण भारद्वाज ने यह निर्देश जारी किए।

उन्हें बताया गया था कि खराब सेहत की वजह से लालू पहले के निर्देश के मुताबिक अदालत के समक्ष उपस्थित नहीं हो सके। अदालत ने सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को निर्देश दिया कि लालू चाहे अस्पताल में हों या फिर जेल में, वीडियो कॉन्फ्रेंस के मार्फत उनकी मौजूदगी सुनिश्चित की जाए।
 
इस बीच ईडी ने प्रसाद की पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव और अन्य की जमानत याचिका का इस आधार पर विरोध किया कि वह प्रभावशाली व्यक्ति हैं और राहत देने पर जांच को प्रभावित कर सकते हैं।

नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को सीबीआई के निदेशक आलोक कुमार वर्मा से कहा कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों के बारे में सीवीसी की जांच रिपोर्ट पर जल्द से जल्द आज ही अपना जवाब दाखिल करें। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि इस मामले के लिये मंगलवार को निर्धारित सुनवाई नहीं टाली जायेगी। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ को वर्मा के वकील गोपाल शंकरनारायणन ने सूचित किया कि सीबीआई निदेशक रजिस्ट्री में अपना जवाब दाखिल नहीं कर सके हैं।

 
पीठ ने कहा, ‘‘हम तारीख आगे नहीं बढ़ायेंगे। आप जल्द से जल्द अपना जवाब दाखिल करें। हमें भी जवाब पढ़ना होगा।’’ इस पर गोपाल ने कहा कि आज दिन में ही जवाब दाखिल कर दिया जयेगा। शीर्ष अदालत ने सीबीआई निदेशक के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर सीवीसी की प्रारंभिक रिपोर्ट पर 16 नवंबर को आलोक वर्मा को सीलबंद लिफाफे में सोमवार तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था।
 
इससे पहले, 16 नवंबर को न्यायालय ने कहा था कि सीवीसी ने अपनी जांच रिपोर्ट में कुछ ‘बहुत ही प्रतिकूल’ टिप्पणियां की हैं और वह कुछ आरोपों की आगे जांच करना चाहता है, इसके लिऐ उसे और समय चाहिए। न्यायालय ने सीबीआई प्रमुख आलोक वर्मा के सभी अधिकार वापस लेने और उन्हें अवकाश पर भेजने के सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली वर्मा की याचिका पर सुनवाई के दौरान पिछले शुक्रवार को यह निर्देश दिया था।
श्रीनगर। दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले में रविवार को जैश-ए- मोहम्मद के आतंकवादियों के हमले में सीआरपीएफ का एक जवान शहीद हो गया और सेना के दो जवान घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। आतंकवादियों ने हाल ही में बनाए गए एक कैंप पर हमला किया। उन्होंने बताया कि आंतकवादियों ने शाम करीब 7–30 बजे जिले के काकापुरा रेलवे स्टेशन के निकट सीआरपीएफ के जवानों पर अनबैरल ग्रेनेड लांचर से ग्रेनेड फेंके और गोलियां चलाईं। इस हमले में हेड कांस्टेबल चंद्रिका प्रसाद की मौत हो गई।
 
यह शिविर राज्य में पंचायत चुनावों के मद्देनजर जिले में सुरक्षा बढ़ाने के लिए हाल ही में बनाया गया था। हमले के तत्काल बाद सीआरपीएफ के जवानों ने भाग रहे आतंकवादियों का पीछा किया। पास में गश्त कर रहे राष्ट्रीय रायफल के जवानों ने पैरा मिलिट्री बलों के जवानों की मदद की। सैनिक पास के बगीचे में पहुंचे जहां उन पर आतंकियों ने गोलियां चलाईं जिसमें सेना के दो जवान घायल हो गए। हालांकि एक धार्मिक समारोह होने के कारण घेराबंदी समाप्त कर दी गयी। घायल जवानों को सेना के अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी हालत खतरे से बाहर है।
 
जैश-ए-मोहम्मद ने सीआरपीएफ शिविर पर हमले की ज़िम्मेदारी ली है। आतंकवादी संगठन के एक स्वयंभू प्रवक्ता ने कुछ स्थानीय मीडिया घरानों से बातचीत कर इसकी ज़िम्मेदारी ली।
सिंगरौली (मध्य प्रदेश)। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी झूठी घोषणाओं और वादों की एक ऐसी एटीएम मशीन है, जिसमें किसी भी समस्या का कोई समाधान नहीं निकलता है। शाह ने सिंगरोली जिले के वैढ़न स्थित रामलीला मैदान में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘चुनाव आते हैं तो कांग्रेस पार्टी अलग-अलग वादे करती है। घोषणापत्र जारी करती हैं, पर अमल करने का भाग्य (मौका) नहीं मिलता। उसे अमल तो भाजपा को ही करना है।’’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘कांग्रेस झूठे वादों का एटीएम है। अंदर कोई भी समस्या डालो, झूठा वादा बनकर बाहर आता है।’’ शाह ने कहा, ‘‘इसके विपरीत भाजपा विकास का एटीएम है। कोई भी समस्या डालो, विकास व समाधान का रास्ता निकलता है।’’
 
भाजपा प्रत्याशियों के लिए मतदाताओं से अपील करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस का न नेता तय है और न ही नीति तय है। अब आपको सोचना है कि प्रदेश व देश में किसकी सरकार बनानी है।’’ मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस द्वारा मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित न करने पर तंज कसते हुए शाह ने कहा, ‘‘राहुल गांधी, कमलनाथ (मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष) और दिग्विजय सिंह (दिग्गज कांग्रेस नेता एवं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री) प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनाने की बात कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनका नेता तय नहीं है।’’ दिग्विजय सिंह की 10 साल की कांग्रेस सरकार की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘वर्ष 1993 से वर्ष 2003 तक जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी, तब मध्य प्रदेश की पहचान एक बीमारू राज्य के रूप में थी। प्रदेश में गरीबी थी और बिजली, पानी, सड़क एवं स्वास्थ्य सेवाएं चौपट हो गई थीं।’’ शाह ने कहा कि तब कांग्रेस के समय मध्य प्रदेश का बजट मात्र 21,600 करोड़ रुपये था। बजट व संसाधनों से विहीन ऐसे बीमारू राज्य को शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने न केवल विकसित राज्य बनाया, बल्कि प्रदेश का बजट 1.85 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया।’’ उन्होंने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं शिवराज की सरकारों द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का जिक्र भी किया, जिनमें आयुष्मान भारत योजना एवं बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में चलाई गई अन्य योजनाएं शामिल हैं। देश की सुरक्षा पर बोलते हुए शाह ने कहा, ‘‘जब देश में भाजपा की सरकार आई, उस दौरान 12 सैनिकों की हत्या कर दी गई। तब मोदी सरकार ने सर्जिकल स्ट्राइक चलाकर पाकिस्तान से बदला लेने का काम किया। उसके बाद भारत सैनिकों की हत्या का बदला लेने वाले अमेरिका और इजराइल की सूची में जुड़ गया।’’
 
उन्होंने कहा, ‘‘देश की सुरक्षा कांग्रेस की सरकार में चाक-चौबंद कभी नहीं थी।’’ शाह ने कहा, ‘‘घुसपैठिये भारत आते रहे। लेकिन कांग्रेस सरकार चुप रही, क्योंकि वह इनका वोट बैंक था। मोदी सरकार एनआरसी लेकर लाई। इसमें घुसपैठियों की लिस्ट तैयार की गई, ताकि उन्हें बाहर निकाला जा सके। लेकिन कांग्रेसी फड़फड़ाने लगे और मानवाधिकार का हवाला देने लगे। घुसपैठियों का दर्द इन्हें दिखता है, लेकिन भारत का गरीब इन्हें नहीं दिखता।’’ उन्होंने कहा, ‘‘एक बार 2018 में शिवराज जी की सरकार व 2019 में केंद्र में मोदी जी की सरकार बना दीजिए। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक ढूंढ़-ढूंढ़कर घुसपैठियों को निकालेंगे। हमारे लिए घुसपैठिए वोट बैंक का मुद्दा नहीं हैं। हमारे लिए देश की सुरक्षा प्रमुख मुद्दा है।’’ वर्ष 2014 के बाद 19 राज्यों में भाजपा की सरकारें बनने की जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि आजकल राहुल गांधी मध्य प्रदेश में इधर-उधर घूम रहे हैं और कह रहे हैं कि प्रदेश में उनकी सरकार बनेगी। आज राहुल बाबा एवं कांग्रेस पार्टी को दूरबीन लेकर अपने कांग्रेसी राज्य ढूंढ़ने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि 15 वर्ष के कार्यकाल में शिवराज ने मध्य प्रदेश को बीमारू से विकसित राज्य बनाने का काम किया। कांग्रेस के समय कोई निवेशक मध्य प्रदेश में नहीं आता था। अब निवेशकों की कतार लग गई है। शाह ने कहा कि कांग्रेस के समय मध्य प्रदेश में 18 प्रतिशत दर पर किसानों को ऋण दिया जाता था, जिसे घटाकर शिवराज सरकार ने जीरो कर दिया ।

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