ईश्वर दुबे
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राफेल डील को लेकर कांग्रेस लगातार भाजपा पर वार करती रही है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी राफेल डील को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती दी है। पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान राहुल गांधी राफेल डील को खास तौर पर मुद्दा बना रहे हैं। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने पीएम मोदी को बहस की चुनौती दी। राहुल गांधी ने कहा, "मैं मोदी जी को चैलेंज करता हूं कि कहीं भी, किसी भी जगह, किसी भी प्रदेश में मेरे साथ स्टेज पर आकर 15 मिनट के लिए राफेल पर डिबेट कर लें।
मैं बोलूंगा कि फ्रांस के राष्ट्रपति ने साफ बताया कि नरेंद्र मोदी ने बोला कि किसको कॉन्ट्रेक्ट मिलना चाहिए।" राहुल ने आरोप लगाया कि मोदी ने किसानों के पास कालाधन होने की बात कहकर अन्नदाताओं का अपमान किया है। गांधी ने प्रधानमंत्री के इस कथित बयान से जुड़ा वीडियो शेयर करते हुए ट्वीट किया, ‘क्या आपने माल्या, ‘मेहुल भाई’, नीरव मोदी को गेहूं उगाते देखा है? मोदीजी किसान का अपमान मत करिए।
दुर्ग। दुर्ग शहर विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी अरुण वोरा पिछले पांच साल से विधायक हैं इसके पूर्व दिग्गज नेता मोतीलाल वोरा प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित वर्तमान में सांसद के पद पर सुशोभित हैं लेकिन दुर्ग शहर के विकास में वोरा परिवार की कोई भूमिका नहीं दिखाई देता है। एक भी एैसा बड़ा विकास कार्य वोरा परिवार गिना दें जिसे वोरा परिवार नें दुर्ग में करवाया हो। कांग्रेस के पचास साल के शासन में दुर्ग शहर का कोई भी विकास नहींहो सका और यह सच्चाई है कि भाजपा शासनकाल में दुर्ग शहर में अभूतपूर्व विकास कार्य संपन्न हुए। तात्कालीन महापौर सरोज पांडेय के कार्यकाल में तथा मंत्री हेमचंद यादव के समय बड़ी तेजी के साथ दुर्ग शहर का स्वरुप परिवर्तित हुआ। वर्तमान में वोरा परिवार के प्रत्याशी अरुण वोरा को जनता को बताना होगा कि उनके कार्यकाल में क्या क्या बड़े विकास कार्यों को उन्होने करवाया है या करवाने का प्रयास किया है। मोतीलाल वोरा चाहते तो पूर्व में ही दुर्ग का कायाकल्प करने की ताकत रखते थे परंतु उन्होनें दुर्ग के लिए तो दूर की बात छत्तीसगढ के लिए भी कुछ नहीं किया। छत्तीसगढ राज्य बनने के बाद अजीत जोगी के शासन में युवा आयोग के अध्यक्ष रहते हुए भी अरुण नें कोई कार्य नहीं करवाया जिसे वे अपनी उपलब्धि बता सकें। दुर्ग में धमधानाका का पुल ही कांग्रेस की निशानी है। दुर्ग वायशेप ब्रिज, शिवनाथ पुल, दुर्ग की सड़कें, नालियां सभी विकास कार्य भाजपा और भाजपा विधायक, महापौर सांसद की देन है। कांग्रेस के प्रत्याशी दुर्ग में किस विकास कार्य के लिए वोट मांग रहे हैं समझ से परे है। विकास कार्य के लिए सोच की आवश्यकता होताी है जो वोरा परिवार में कहीं भी परिलक्षित नहीं होता है। अरुण वोरा के लिए बाबू जी के अलावा दुर्ग में कोई सहारा नहीं हैं। पिछले चुनाव में बाबूजी नें जनता के पास जाकर इज्जत बचा लेने की गुहार लगाई थी, हेमचंद यादव हारे फिर से इज्जत की खातिर बड़े नेता होने के बावजूद दुर्ग से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं एैसे में जनता कब तक एक वरिष्ठ नेता की इज्जत की खातिर अपने विकास को दांव पर लगाएगी? इधर अरुण वोरा अपनी जीत के प्रति आश्वस्त नजर आ रहे हैं जीतने की खुशी अभी से मना रहे हैं उन्हे जनता के बीच जाने की जरुरत है। जनता को नेता चाहिए किसी परिवार की इज्जत नहीं बचानी है लोग बोलना शुरु कर दिए हैं कि दुर्ग अब किसी पप्पू प्रत्याशी को बर्दास्त करने के मूड में नहीं है जो बाबूजी की गोद में अभी भी पड़ा हुआ है बाबू जी से पूछे बगैर कुछ भी करने में सक्षम नहीं है। पूरा चुनाव प्रचार में वोरा परिवार जुटा हुआ है। रायपुर से गोविंदलाल वोरा का परिवार चुनाव संचालन कर रहे हैं। जमीनी नेता असमंजस की स्थिति में हैं एैसे में जीत कैसे होगी। कांग्रेस प्रत्याशी के खिलाफ अंडरकरंट यह है कि कांग्रेसियों का वोट भी जनता कांग्रेस जे के प्रत्याशी प्रताप मध्यानी के पक्ष में पड़ सकता है। भाजपा के कैडर वोट हैं जो दुर्ग में स्थायी है किसी का नुकसान हो रहा है तो वह हैं अरुण वोरा। त्रिकोणीय संघर्ष में कांग्रेस प्रत्याशी अरुण वोरा की हार होगी एैसा जनता जनार्दन का कहना है।
इस साल बॉलीवुड में शादियों की बरसात सी हुई। एक के बाद एक बड़े-बड़े सेलेब्स शादी के बंधन में बंधनते चले गये। इनमें से एक दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह भी हैं। काफ़ी लंबे इंतज़ार के बाद दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह ने अपनी शाही शादी की तस्वीर अपलोड हुई। 14 और 15 नवंबर को हुई ये शादी कोंकणी और सिंधी रीति-रिवाज़ से संपन्न हुई। बॉलीवुड के इस कपल ने तस्वीरों के लिये लंबा इंतज़ार ज़रूर कराया, लेकिन इन्हें देखने के बाद हर किसी का दिल ख़ुश हो गया। सब्यसाची मुखर्जी द्वारा डिज़ाइन किये हुए कपड़ों में दीपिका एकदम किसी महारानी सी दिख रही हैं।
आखिरकार दीपवीर शादी के बंधन में बंध चुके है। यह शादी इटली के लेक कोमों में 14-15 नवंबर को कोंकणी और सिंधी रिवाज से संपन्न हुई है। इस शादी में दोनों के परिवार वाले और फराह खान, संजय लीला भंसाली ने भी शिरकत की। दीपवीर के फैंस, रिश्तेदार, दोस्त सभी दोनों को शादी की ढ़ेर सारी बधाईया दे रहे है। इसी बीच रणवीर सिंह के पिता जगजीत सिंह भवनानी ने भी बेहद फिल्मी तरीके से दीपिका को शादी की बधाई दी है।
इस बात का खुलासा रणवीर सिंह की स्टाइलिस्ट निताशा गौरव ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी से किया है। जिसमें ससुर जगजीत सिंह भवनानी ने अपनी नयी- नवेली बहु को कुछ इस तरह से आशीर्वाद दिया है। उन्होनें लिखा है ' यह दिवानी तो भवनानी हो गयी ' । यह डायलॉग फिल्म बाजीराव मस्तानी के गाने ' ये दिवानी मस्तानी हो गयी' से मेल खाता है। इसके अलावा खुद नितीशा गौरव ने लिखा '' मौसम विभाग के मुताबिक बारिश होनी थी , लेकिन आसमान साफ है , सूरज तेज प्रकाश के साथ निकला है - सिर्फ इन दोनों के लिए''।
मुंबई। महानायक अमिताभ बच्चन ने कहा है कि उन्हें आलोचना से कोई परेशानी नहीं होती क्योंकि इससे कम से कम यह तो सुनिश्चित होता है कि रचनात्मक काम को दर्शक देख रहे हैं, बनिस्पत इसके कि लोग फिल्म देख ही नहीं रहे। टाटा लिटरेचर लाइव के नौंवे संस्करण में गुरुवार को सिद्धार्थ धनवंत सांघवी की किताब ‘‘दी रैबिट ऐंड दी स्क्विरल’’ के विमोचन के मौके पर बच्चन और उनकी पत्नी जया, लेखक से बातचीत कर रहे थे। उनसे पूछा गया कि वह आलोचनाओं को किस तरह लेते हैं तो जया ने कहा, ‘‘ मैं वास्तव में परवाह नहीं करती।’’
बच्चन ने कहा, ‘‘ इससे पहला भरोसा यह मिलता है कि किसी ने तो आपके काम को देखा है। रचनात्मक क्षेत्र में यह हमारे लिए बहुत जरूरी है क्योंकि अगर कोई हमारी फिल्में देखने नहीं जाएगा तो यह तो बहुत ही बुरी बात होगी। यह उन पहली चीजों में से एक है जो आपके दिमाग में आती है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ लेकिन गंभीरता से, मैं आलोचना स्वीकार करूंगा। मैं आलोचना को पसंद करूंगा क्योंकि इससे आपको अपने काम के उस पहलू से रूबरू होने का मौका मिलता है जिससे कि शायद आप परिचित नहीं हों।’’
बच्चन ने कहा, ‘‘ ऐसी स्थिति में जब कि आपको लगा हो कि जो बात कही गई है वह गलत है तो पेपर में से आलोचना वाला हिस्सा काट कर अपने बाथरूम में चिपका लीजिए और हर सुबह दर्पण में देखकर कहिए कि ‘‘ एक दिन मैं तुम्हें गलत साबित कर दूंगा।’’