ईश्वर दुबे
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मनीला। चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने मंगलवार को कहा कि विवादित दक्षिण चीन सागर में संघर्ष को रोकने के लिए बीजिंग और दक्षिणपूर्व एशियाई देशों के बीच अनाक्रमण संधि पर वार्ता तीन वर्षों में पूरी हो सकती है। उन्होंने वादा किया कि किसी भी मतभेद को शांतिपूर्ण ढ़ंग से निपटाया जायेगा। संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से फिलीपीन की यात्रा पर आए चिनफिंग ने राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते और अन्य अधिकारियों के साथ वार्ता करने के बाद ये आश्वासन दिये।
अमेरिका का पुराना सहयोगी फिलीपीन ऐसे समय में चीन का साथ दे रहा है, जब दोनों देश प्रशांत क्षेत्र में अपनी सर्वोच्चता साबित करना चाह रहे हैं। चिनफिंग ने कहा,‘‘हम विवादास्पद मुद्दों को निपटाना जारी रखेंगे और सकारात्मक चर्चा के माध्यम से समुद्री सहयोग को बढ़ावा देंगे।’’उन्होंने कहा कि चीन का उद्देश्य दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्रों के संगठन के साथ विवादित जल क्षेत्र में ‘‘आचार संहिता’’ पर वार्ता तीन वर्षों के भीतर पूरी करना है। दोनों नेताओं ने मंगलवार को ‘‘तेल और गैस विकास सहयोग संबंधी समझौता ज्ञापन’’ पर हस्ताक्षर किये लेकिन अधिकारियों ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है।
नयी दिल्ली। केजरीवाल सरकार पर दिल्ली को विनाश के मार्ग पर धकेलने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने कहा कि नेता एवं परिपक्वता की कमी का सामना कर रहा विपक्ष सिर्फ मोदी हटाओ के हसीन सपने के लिये महागबंधन का हौवा खड़ा करने का प्रयास कर रहा है। गोयल ने यहां कहा, ‘‘भाजपा के पास एकतरफ जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जैसा लोकप्रिय जन नेता और अमित शाह जैसा संगठनात्मक कौशल से निपुण अध्यक्ष है, वहीं विपक्ष के पास नेता, नियत और परिपक्वता की कमी है।’’
नेहरूगांव (बुधनी)। मध्य प्रदेश में तीन बार से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरे कांग्रेसी उम्मीदवार अरुण यादव ने कहा कि वह बुधनी में एक ‘‘शैतान’’ से लड़ रहे हैं। यादव ने चौहान पर ‘‘अत्यधिक अत्याचार’’ करके अपने क्षेत्र और पूरे राज्य के लोगों को धोखा देने का आरोप लगाया। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष यादव ने कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं कि कांग्रेस 15 साल सत्ता से बाहर रहकर इसे फिर से हासिल करने के लिए बड़ी जंग लड़ रही है लेकिन उन्हें चौहान के खिलाफ जीत का पूरा भरोसा है।
राम मंदिर निर्माण को लेकर राजनीतिक पार्टियों के बीच चल रही बयानबाजी चुनावी मौसम में और तेज हो गई है। फिलहाल राम मंदिर निर्माण को लेकर मामला सर्वोच्च न्यायालय के खाते में है। चुनावी मौसम में राम मंदिर पर चल रहे बयानबाजी के बीच गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि राम मंदिर बनेगा तो सभी को खुशी होगी, हमारा ये मानना है कि एक अच्छे वातावरण में राम मंदिर का निर्माण होना चाहिए।
मध्यप्रदेश में विधानसभा के चुनाव की उल्टी गिनती चल रही है ऐसे में भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता वहां जनसभाएं कर रहे हैं। मध्य प्रदेश दौरे पर पहुंचे राजनाथ सिंह ने बुधवार को भोपाल में संवाददाताओं के बातचीन के दौरान एक सवाल के जबाव में ये बातें कहीं।
उल्लेखनीय है कि बाबरी मस्जिद-राम मंदिर भूमि विवाद के पैरोकार हाशिम अंसारी के बेटे इकबाल अंसारी ने पिछले दिनों कहा था कि अगर सरकार अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए अध्यादेश लाती है, तो उन्हें इस पर कोई ऐतराज नहीं है। अंसारी ने कहा था कि अध्यादेश लाने से अगर राम मंदिर बनता है और देश का माहौल सुधरता है तो अध्यादेश लाया जाए, हम कानून का पालन करने वाले लोग हैं और उसका पालन करेंगे।
बता दें कि 25 नवंबर को विश्व हिंदू परिषद् अयोध्या में धर्म संसद का आयोजन कर रही है, ये धर्म संसद राम मंदिर निर्माण के लिए बुलाई है, जिसमें लाखों की संख्या में लोगों के जुटने की उम्मीद है।
नोटबंदी से किसान बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। यह बात केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने आर्थिक मामलों को देख रही संसदीय स्थायी समिति को पेश किये एक रिपोर्ट में स्वीकार की है। द हिंदू की खबर के मुताबिक, रिपोर्ट में बताया गया है कि नोटबंदी होने की वजह से लाखों किसान सर्दियों की फसल के लिए बीज और खाद आदि नहीं खरीद सके थे, जिसके चलते किसानों को काफी मुश्किल दौर का सामना करना पड़ा था। किसानों को उस समय अधिक कैश की जरूरत थी, जो उन्हें समय से नहीं मिल पाया क्योंकि उस वक्त नोटबंदी लागू हो गई थी।
रिपोर्ट्स के अनुसार, बीते मंगलवार को कांग्रेस सांसद वीरप्पा मोहली की अध्यक्षता वाली संसद की स्थायी समिति को केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने नोटबंदी पर अपनी रिपोर्ट पेश की। किसानों पर नोटबंदी के असर से जुड़ी इस खबर का हवाला देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला और दावा किया कि अब केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने भी मान लिया है कि नोटबंदी से किसानों की कमर टूट गई।
गांधी ने ट्विटर पर एक खबर शेयर करते हुए कहा, ‘नोटबंदी ने करोड़ों किसानों का जीवन नष्ट कर दिया है। अब उनके पास बीज-खाद खरीदने के लिए पर्याप्त पैसा भी नहीं है। लेकिन आज भी मोदी जी हमारे किसानों के दुर्भाग्य का मजाक उड़ाते हैं। अब उनका कृषि मंत्रालय भी कहता है कि नोटबंदी से किसानों की कमर टूट गई।’
कांग्रेस अध्यक्ष ने जो खबर शेयर की है उसके मुताबिक वित्त मंत्रालय से संबंधित स्थायी संसदीय समिति को सौंपी रिपोर्ट में कृषि मंत्रालय ने कहा है कि नोटबंदी का किसानों पर बुरा असर पड़ा है। नोटबंदी के बाद नकदी की कमी हो गई, जिससे किसान रबी और खरीफ की फसल के लिए बीज-खाद नहीं खरीद सके।
उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश में चुनाव प्रचार के दौरान गत मंगलवार को कहा था कि देश से भ्रष्टाचार के दीमक को साफ करने और बैंकिंग प्रणाली में पैसा वापस लाने के लिये नोटबंदी जैसी कड़वी दवा का उपयोग करना जरुरी था।
एंटीबायोटिक्स या प्रतिजैविक एक ऐसा पदार्थ है जो जीवाणुओं को मारता है और उसके विकास को रोकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि विश्व में एंटीबायोटिक्स का इस्तेमाल बंद किया जाना चाहिए।
मुंबई के हिंदुजा अस्पताल के डॉक्टर ने सर्जरी के एक दिन पहले मरीजों से एंटीबायोटिक्स लेने को कहा जबकि इसके पूर्व कई दिन पहले से ही मरीजों को एंटीबायोटिक्स खाने की सलाह दी जाती थी। कोच्चि के अमृता मेडिकल साइंस संसथान की 48555 मरीजों की रिपोर्ट के अनुसार पिछले दो सालों में अनुभवी टीम के सदस्यों ने पाया है कि 1020 मरीजों ने 1326 प्रतिबंधित एंटीबायोटिक्स दवाओं के पर्चे पाए।
हालांकि, रोजाना जांच पड़ताल की मदद से अस्पताल की टीम ने 86 प्रतिशत तक एंटीबायोटिक्स के इस्तेमाल को कम करने में सफलता हासिल की है। बता दें कि मुंबई में तृतीयक देखभाल अस्पतालों में जब भी कोई मरीज प्रतिबंधित एंटीबायोटिक्स दवा का पर्चा लेकर आता है, डॉक्टरों एवं फार्मासिस्ट की टीम मरीज के फाइल की कारण जानने हेतु जांच पड़ताल करती है जिसके उपरांत ही उसे दवा दी जाती है।
रोगाणुरोधी दवाएं खासकर एंटीबायोटिक्स डॉक्टरों द्वारा इतनी अधिक सलाह कर दी जाती हैं की सूक्ष्मजीवों ने इससे प्रतिरोध विकसित कर दिया है जो आज स्वास्थ्य सम्बन्धी सबसे बड़ी समस्या है। वर्ष 2016 में विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जारी की गयी एक रिपोर्ट के अनुसार रोगाणुरोधी दवाओं से विश्व में प्रत्येक वर्ष 7 लाख मृत्यु होती है और यदि सही कदम नहीं उठाये गए तो आने वाले 30 सालों में ये दर बढ़ कर 10 मिलियन हो सकती है।
बहरहाल, इस ओर कदम बढ़ाते हुए देश के डाक्टरों ने मरीजों को एंटीबायोटिक्स की सलाह देने में कमी की है। बता दें की कुछ साल पहले भारतीय परिषद चिकित्सा अनुसंधान द्वारा पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत की गयी थी जिसमें हिंदुजा अस्पताल के डॉक्टरों के साथ-साथ दिल्ली, चेन्नई ओर कोलकाता के डॉक्टरों से मरीजों को प्रतिबंधित एंटीबायोटिक्स की सलाह देने के लिए 'सफाई' की मांग की गयी थी।
आईसीएमआर की डॉक्टर कामिनी वालिआ का कहना है कि, देश में एंटीबायोटिक्स के कम इस्तेमाल को सुनिश्चित करना चाहती हैं ताकि उन एंटीबायोटिक्स को इस्तेमाल में लाया जा सके जो विशिष्ट जीवाणुओं पर काम करते हैं।
प्रदूषण और सूखे से जूझ रहे उत्तर प्रदेश में 20 से 25 नवंबर के बीच कभी भी कृत्रिम बारिश कराई जा सकती है। उत्तर प्रदेश सरकार की कृत्रिम बारिश कराए जाने की मांग को नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हरी झंडी देते हुए विशेष यान भी मुहैया करा दिया है। उड्डयन मंत्रालय ने दिल्ली एनसीआर में बारिश कराने के लिए बीच क्राफ्ट सुपर किंग एयर B-200 राज्य सरकार को सौंप दिया है। इस बारिश के लिए उत्तर प्रदेश सरकार कानपुर आईआईटी को अपने साथ मिलाया है। इसरो ने कानपुर आईआईटी को उच्च तकनीक से लैस एयरक्राफ्ट भी मुहैया करा दिया है।
बता दें कि उत्तर प्रदेश के दस जिले दिल्ली से भी अधिक प्रदूषित हैं वहीं बुंदेलखंड सबसे अधिक सूखा ग्रस्त इलाका है।सबसे प्रदूषित जिलों में हापुड़, बुलंदशहर, गाजियाबाद, जीबी नगर, संभल, अलीगढ़, कासगंज, बागपत, बंदायू और मेरठ शामिल हैं।

दिल्ली में एनसीआर बारिश कराए जाने को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार और उड्डयन मंत्रालय द्वारा किए गए पत्राचार का पूरा ब्योरा मौजूद है। इसके लिए इसरो ने संसाधनों से लैस एयरक्राफ्ट आईआईटी को सौंप दिया है।
अब वैज्ञानिकों को दिल्ली में बारिश उमड़ने का इंतजार है। हल्के बादल भी उमड़ने पर वैज्ञानिक कृत्रिम बारिश कराने का प्रयास शुरू कर देंगे। हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि आसमान में बादल आने में अभी एक सप्ताह का और इंतजार करना पड़ेगा। आईआईटी कानपुर के उप-निदेशक प्रो. मणिंद्र अग्रवाल ने बताया कि इसरो से एयरक्राफ्ट मांगा गया था और वह मिल चुका है। हालांकि जिस पायलट को यह काम मिलकर करना है वो फिलहाल बीमार है।

दूसरी ओर दिल्ली के आसमान में अभी बादल भी नहीं है। बगैर बादल के कृत्रिम बारिश कराना संभव नहीं है। इसलिए कृत्रिम बारिश कराने के लिए एक सप्ताह तक इंतजार करना पड़ेगा।
केमिकल सॉल्यूशन तैयार है
आईआईटी के वैज्ञानिकों का कहना है कि कृत्रिम बारिश के लिए कई केमिकल का मिश्रण करके एक सॉल्यूशन तैयार किया गया है जो पहले आसमान में बादल बनाएंगे और फिर उससे बारिश होगी। वैज्ञानिकों का दावा है कि काफी हद तक उनका यह सॉल्यूशन काम करेगा।
मध्यप्रदेश की चुनावी जंग में भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी है। स्टार प्रचारकों में शामिल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज आष्टा विधानसभा क्षेत्र में जनसभा को संबोधित किया।
योगी ने 15 साल की शिवराज सरकार की तुलना कांग्रेस राज से करते हुए कहा, "बीते साढ़े चार साल में जिस तरह से शिवराज सिंह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश आगे बढ़ा है, उससे हमें चौथी बार सरकार बनाने का मौका मिलना ही चाहिए। 15 साल पहले मध्यप्रदेश में न सड़कें ठीक थीं, न बिजली आती थी। अपराध का बोलबाला था। मध्यप्रदेश एक बीमारू राज्य बन गया था। भाजपा सरकार ने इसे बीमारू से उबार कर समृद्ध बनाया।"
योगी ने कांग्रेस पर एक बार फिर हमला बोला। योगी ने कहा कि आतंकवाद. नक्सलवाद, अराजकता और भ्रष्टाचार की जड़ में कांग्रेस है। कांग्रेस की नस-नस में भ्रष्टाचार है। उन्होंने कहा कि गरीबों को खाद्यान्न और किसानों को बोनस देने का काम शिवराज सरकार ने किया। प्रदेश को पावर सरप्लस राज्य बनाने का काम भी बीते सालों में हुआ है।
योगी ने केंद्र की योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "भाजपा का मानना है कि देश के सभी संसाधनों पर हर महिला, मजदूर, किसान का हक है। प्रधानमंत्री मोदी ने 2022 तक हर परिवार को छत और स्वच्छ भारत के तहत शौचालय देने का एलान किया है। गरीब के घर में बिजली कनेक्शन हो, सिर पर छत हो, घर में शौचालय हो, रोजगार हो वही हमारे लिए राम राज्य की स्थापना है।"
मध्यप्रदेश में 28 नवंबर को मतदान होना है। नतीजे 11 दिसंबर को आएंगे।
राफेल सौदे का मामला चुनाव का अहम मुद्दा बना हुआ है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बुधवार को मध्य प्रदेश के इंदौर में केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राफेल डील पर देश में ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। मोदी सरकार से विपक्षी पार्टियां और कई राजनीतिक समूह मीटिंग की बात कर रहे हैं लेकिन सरकार तैयार नहीं है इससे पता चलता है कि इस सौदे में जरूर दाल में कुछ काला है।
इंदौर में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भाजपा सरकार पर वादा खिलाफी का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी ने देश में हर साल दो करोड़ युवाओं को नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन वह अपना वादा पूरा करने में नाकाम रहे हैं। अगर श्रम विभाग के आंकड़ों को खंगाले तो पता चलता है कि पिछले चार वर्षों में हर तिमाही में महज कुछ हजार ही नौकरी मिल सकी है।
यही नहीं मौनी कहे जाने वाले मनमोहन सिंह ने राज्य की शिवराज सरकार को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसान बेहाल है। लोन, फसल और सुविधाएं नहीं मिलने से किसान की स्थिति दयनीय बनी हुई है। राज्य सरकार ने किसानों की समस्या पूरा करने में नाकाम रही है। उन्होंने राज्य में हुए सबसे बड़े व्यापमं घोटाले पर भी लोगों का ध्यान खींचा।