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कोलकाता। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरणमय नंदा ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में बसपा के साथ मिल कर आगामी आम चुनाव में भाजपा को हराने में सक्षम है और इसके लिए कांग्रेस जैसी “गैर जरूरी”ताकत की जरूरत नहीं है। हालांकि उन्होंने यह संकेत दिया कि सपा-बसपा गठबंधन रायबरेली एवं अमेठी निर्वाचन क्षेत्र को छोड़ सकता है जिनका लोकसभा में प्रतिनिधित्व क्रमश: संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी करते हैं। नंदा ने बताया, “उत्तर प्रदेश में कांग्रेस अनावश्यक ताकत है इसलिए हम उसे शामिल करने या बाहर रखने के बारे में सोच ही नहीं रहे हैं।

 

 उन्होंने कहा, “राज्य में सपा-बसपा गठबंधन मुख्य ताकत है तो भाजपा का सामना करेंगे। कांग्रेस एक या दो सीट पर हो सकती है। यह फैसला लेना कांग्रेस पर है कि वह अपने आप को कहां देखना चाहती है।” लोकसभा चुनावों से पहले सीट बंटवारे पर अंतिम फैसला लेने के लिए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती और समाजवादी पार्टी (सपा) नेता अखिलेश यादव के बीच बातचीत तेज होने संबंधी खबरों के बाद नंदा की यह टिप्पणी आई है। दोनों नेताओं ने शुक्रवार को नयी दिल्ली में मुलाकात की थी। नंदा के मुताबिक कांग्रेस अभी भी “गठबंधन राजनीति” के मंत्र के हिसाब से नहीं ढल पाई है क्योंकि “वह अपने सहयोगियों के लिए उन राज्यों में एक इंच भी छोड़ने के लिए तैयार नहीं जहां वह मजबूत है लेकिन जहां वह कमजोर है वहां दूसरों से अपने लिए बड़ा हिस्सा छोड़ने की उम्मीद करती है।” 
 
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को गठबंधन से बाहर रखना क्या भाजपा के लिए फायदेमंद साबित होगा? इस सवाल पर उन्होंने कहा, “हमारे पूर्व के अनुभवों के आधार पर हम कह सकते हैं कि जहां कांग्रेस ने सपा-बसपा गठबंधन के खिलाफ अपने उम्मीदवार उतारे भी हैं, वहां हमें भाजपा को हराने में कोई मुश्किल नहीं हुई। कांग्रेस का वोट शेयर पूरी तरह गैर जरूरी है।” विपक्षी गठबंधन की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में पूछे जाने पर नंदा ने कहा कि इस बारे में फैसला चुनाव के बाद आम सहमति से किया जाएगा। 

अगरतला। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने शनिवार को कहा कि पार्टी आगामी लोकसभा चुनाव विकास, रक्षा और देश के आत्मसम्मान जैसे मुद्दों पर लड़ेगी।उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा 300 से अधिक सीट जीतेगी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सत्ता बरकरार रहेगी। भगवा दल ने 2014 के चुनावों में 282 सीटों पर जीत दर्ज की थी जो सरकार बनाने के लिए आवश्यक संख्या से अधिक थी। शाह ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘विकास, रक्षा और देश का आत्मसम्मान भाजपा के लिए अगले आम चुनावों में मुख्य मुद्दे होंगे। 300 से अधिक सीट जीतकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सत्ता बरकरार रखेंगे।’’ 

 

 अयोध्या में राम मंदिर बनाने के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि जहां तक राम मंदिर के मुद्दे की बात है तो कांग्रेस नहीं चाहती कि यह मुद्दा जल्द निपटे। भाजपा की घोषणा के मुताबिक हम चाहते हैं कि राम मंदिर का निर्माण हो लेकिन कानून के दायरे में रहकर हम ऐसा चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में चुनाव परिदृश्य में काफी बदलाव होंगे जहां भाजपा 42 में से 23 से अधिक सीट जीतेगी।उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र में 25 में से 21 सीटों पर जीत दर्ज करेगी। भाजपा विरोधी दलों के एकजुट होने पर प्रहार करते हुए शाह ने कहा कि कांग्रेस की महागठबंधन सरकार मजबूर सरकार देगी और मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा मजबूत सरकार दे सकती है। 
 
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने पूरे देश में विकास के काफी काम किए हैं लेकिन देश की सुरक्षा को मजबूत करना ज्यादा उल्लेखनीय है।शाह ने कहा कि दुश्मन अमेरिका या इस्राइल के सैनिकों पर जब हमला करते हैं तो वे तुरंत पलटवार करते हैं। 2014 में भाजपा की सरकार बनने पर इन दोनों देशों के बाद भारत दुनिया का तीसरा देश बन गया है जो पलटवार करता है।भाजपा प्रमुख ने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान के अंदर सर्जिकल स्ट्राइक कर प्रधानमंत्री मोदी ने मजबूत भारत की अवधारणा पेश की है। 2016 में जम्मू-कश्मीर के उरी में भारतीय सेना के ठिकाने पर हमले के बाद भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक की थी।

शेखपुरा (बिहार)। बिहार में भाजपा की सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) ने लोकसभा चुनावों से पहले उठाए जा रहे राम मंदिर निर्माण और तीन तलाक जैसे विवादित मुद्दों को नामंजूर कर दिया और आशंका जताई कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को विकास के मुद्दे से भटकने का नुकसान हो सकता है। लोजपा संसदीय दल के अध्यक्ष चिराग पासवान ने शेखपुरा जिले में प्रेस कांफ्रेंस कर यह टिप्पणी की। चिराग की लोकसभा सीट जमुई का एक हिस्सा शेखपुरा जिले में आता है।

 

 उन्होंने कहा, ‘‘एनडीए के लिए विकास ही चुनावी मुद्दा होना चाहिए। मुझे यकीन है कि इससे गठबंधन को बिहार की 40 सीटों में से 35 जीतने में मदद मिलेगी। मुझे उम्मीद है कि चुनाव विकास के मुद्दे पर ही लड़ा जाएगा और राम मंदिर एवं तीन तलाक जैसे मुद्दे किनारे रखे जाएंगे। इससे गठबंधन की संभावनाओं को नुकसान हो सकता है।’’ केंद्रीय मंत्री एवं लोजपा के संस्थापक अध्यक्ष रामविलास पासवान के बेटे चिराग ने पिछले महीने उस वक्त भी ऐसी टिप्पणियां की थी जब भाजपा को राजस्थान, मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनावों में हार का सामना करना पड़ा था।
 
चिराग ने यह टिप्पणियां ऐसे समय में की हैं जब तीन तलाक के मुद्दे पर संसद में हंगामा हो रहा है। वहीं, राज्य में भाजपा की एक अन्य सहयोगी जदयू ने राज्यसभा में तीन तलाक संबंधी विधेयक पर वोटिंग की स्थिति में विधेयक के के पक्ष में वोट डालने से इनकार कर दिया है। जदयू ने लोकसभा में भी इस विधेयक पर वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया था।

चंडीगढ़। पंजाब से आम आदमी पार्टी (आप) के बागी विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने रविवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी उस विचारधारा एवं सिद्धांतों से “पूरी तरह भटक चुकी” है जिनके आधार पर अन्ना हजारे आंदोलन के बाद उसका गठन हुआ था। 

 

 पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता के चलते पिछले साल नवंबर में पार्टी से निलंबित किए गए खैरा ने अपना त्यागपत्र आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को भेज दिया है। बोलाथ से विधायक ने अपने त्यागपत्र में कहा, “देश की पांरपरिक पार्टियों की वर्तमान राजनीतिक संस्कृति बुरी तरह बिगड़ चुकी है जिसके चलते आप के गठन से बहुत उम्मीदें जगीं थीं।” खैरा ने कहा, “दुर्भाग्य से पार्टी में शामिल होने के बाद मैंने महसूस किया कि आप का पदक्रम भी पारंपरिक केंद्रीकृत राजनीतिक पार्टियों से अलग नहीं है।” 
 
पिछले साल जुलाई में पंजाब विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष के पद से हटाए जाने के बाद से वह आप नेतृत्व के मुखर आलोचक रहे हैं। पद से हटाए जाने के बाद खैरा ने सात समर्थकों के साथ बागियों के एक समूह का गठन किया जिसने पार्टी की पंजाब इकाई के लिए स्वायत्तता की मांग की।

खेल. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में चेतेश्वर पुजारा ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। वे तीन शतकों की मदद से सात पारियों में 521 रन बना चुके हैं। पुजारा को इस प्रदर्शन का फायदा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अगले सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में मिल सकता है। पुजारा फिलहाल 5 करोड़ वाली ए श्रेणी में हैं। उन्हें अगर ए+ श्रेणी में अपग्रेड किया गया तो सलाना 7 करोड़ रूपए मिलेंगे।
बीसीसीआई कॉन्ट्रेक्ट पॉलिसी में चार श्रेणियां
भारतीय टीम पहली बार ऑस्ट्रेलिया में सीरीज जीतने के कगार पर है। इसमें सबसे ज्यादा योगदान पुजारा की रहा है। ऐसे में बीसीसीआई उन्हें कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट में अपग्रेड कर सकता है। बीसीसीआई ने 2018 में नई कॉन्ट्रैक्ट पॉलिसी जारी की थी।
बीसीसीआई कॉन्ट्रेक्ट पॉलिसी के तहत चार श्रेणियों में खिलाड़ियों को रखा गया है। ए+ श्रेणी के क्रिकेटर्स को 7 करोड़, ए के 5 करोड़, बी के तीन और सी श्रेणी के क्रिकेटर्स को एक करोड़ रुपए मिलते हैं। फिलहाल ए+ श्रेणी में कप्तान विराट कोहली, रोहित शर्मा, जसप्रीत बुमराह, भुवनेश्वर कुमार और शिखर धवन हैं।
संभावना है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित प्रशासकों की समिति (सीओए) के प्रमुख विनोद राय मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद, कोहली और कोच रवि शास्त्री के सामने पुजारा की श्रेणी अपग्रेड करने का प्रस्ताव रख सकते हैं। उसके बाद ही बोर्ड इस मामले पर फैसला लेगा।
बीसीसीआई के एक पदाधिकारी ने कहा, "पुजारा के शानदार प्रदर्शन को ध्यान में रखा जाएगा। सीओए प्रमुख, टीम प्रबंधन और मुख्य चयनकर्ता से इस पर बात करेंगे। उसमें यह फैसला किया जाएगा कि क्या सभी फॉर्मेट के स्पेशलिस्ट खिलाड़ियों के लिए ए+ श्रेणी में कुछ रियायत हो सकती है?"
पदाधिकारी के मुताबिक, "पुजारा को ए+ श्रेणी में अपग्रेड करने से युवाओं को यह संदेश मिलेगा कि टेस्ट क्रिकेट में अच्छे प्रदर्शन को प्राथमिकता दी जाएगी।" अगर इसे लेकर सीएओ की सदस्य डायना एडुल्जी विरोध करती हैं तो क्या समस्या होगी? इस सवाल पर उन्होंने कुछ भी कहने से मना कर दिया।
टेस्ट क्रिकेट स्पेशलिस्ट पुजारा इस बार भी इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) नीलामी में नजरअंदाज कर दिए गए थे। टेस्ट में 18 शतक लगा चुके पुजारा को प्राथमिकता देने की बहस लंबे समय से चल रही है। वे वर्तमान भारतीय टीम में कोहली (25) के बाद सर्वाधिक टेस्ट शतक लगाने वाले दूसरे बल्लेबाज हैं।

नई दिल्ली . हमारे देश में प्रति मिनट करीब 70 हजार कॉल ड्रॉप हो रहे हैं। उपभोक्ताओं की इस परेशानी के बीच हास्यास्पद ये है कि 4जी और 5-जी के जमाने में ट्राई इसके लिए मैन्युअली फोन लगा-लगाकर कॉल ड्रॉप चेक कर रहा है। इसे ड्राइव टेस्ट कह रहे हैं। इसके लिए निजी कंपनी को ठेका दिया गया है।
टीमें शहरों के अलग-अलग हिस्सों जैसे फ्लाइओवर, नदी-नाले, रेलवे लाइन के आसपास जाती हैं और कारों में बैठकर अलग-अलग नंबरों पर फोन लगाती हैं। इनसे मिलने वाली इंटरनेट स्पीड, डेटा डाउनलोड और अपलोड स्पीड जैसी क्वालिटी को दर्ज किया जाता है। मजेदार बात यह है कि जिन नम्बरों पर फोन मिलाए जाते हैं वो भी टेलीकॉम कम्पनियों के बताए हुए होते हैं। दिलचस्प यह है कि कॉल ड्राॅप पकड़ने का यह तरीका दुनिया में कहीं नहीं अपनाया जाता।
2% कॉल ड्रॉप का नियम
नियमों के तहत कॉल ड्राॅप 2% से अधिक नहीं होनी चाहिए और कॉल सेटिंग 95% से अधिक हो। ऐसा न होने पर जुर्माने की व्यवस्था है। लेकिन ड्राइव टेस्ट के डेटा को जुर्माने का आधार भी नहीं बनाया जाता। पिछले एक साल में ही कम से कम 50 शहरों में 15 से 20 हजार किमी के रूट पर कारें चलाकर फोन ऑपरेटरों के मोबाइलों पर कॉल लगाई गईं। ताकि यह जाना जा सके कि जो दावे टेलीकॉम प्रोवाइडर अपनी रिपोर्ट में करते हैं, उनमें कितनी सच्चाई है।
'ऑपरेटरों को आईना दिखाना चाहते हैं'
इस बारे में दैनिक भास्कर ने टेलीकॉम रेग्यूलेटरी अथॉरिटी (ट्राई) के अध्यक्ष आरएस शर्मा से पूछा तो उन्होंने कहा कि टेलीकॉम कम्पनियों से उनके नेटवर्क का अपार डाटा उन्हें टावरों से मिल रहा है। लेकिन, उसकी सत्यता की बारीकी से पड़ताल करना समंदर को छानने के समान है। ट्राई प्रमुख ने कहा कि सैम्पल को पेनल्टी का पैमाना नहीं बनाया जा सकता लेकिन उसके आंकड़ों से हम पारदर्शिता चाहते हैं और ऑपरेटरों को आईना दिखाना चाहते हैं।
'कॉल साइलेंट जोन में चली जाती है'
ड्राइव टेस्ट को हास्यास्पद बताते हुए टेलीकम्युनिकेशन एक्सपर्ट अनिल कुमार कहते हैं कि मोबाइल सेवा ऑपरेटरों ने कॉल ड्राॅप्स दर्ज न होने देने के लिए भी तरीके खोज लिए हैं। कॉल साइलेंट जोन में चली जाती है। कॉल लगाओ तो देर तक चुप्पी रहती है। कुछ देर बाद उस फोन पर नोटिफिकेशन चला जाता है। ये कॉल ड्राॅप्स नार्म्स को चकमा देने के तरीके ही हैं। दुनियाभर में कॉल ड्राॅप्स होते ही नहीं हैं तो वहां इसे जज करने के तरीके भी नहीं हैं।
भारत की निराली समस्या
यह भारत की निराली समस्या है, जो 3जी आने के बाद से शुरू हुई। इसका समाधान ड्राइव टेस्ट नहीं आप्टिकल फाइबर नेटवर्क बिछाने से ही होगा। दूरसंचार राज्यमंत्री मनोज सिन्हा का कहना है कि यह सुझाव अच्छा है। इसके लिए सरकार ट्राई एक्ट में संशोधन पर विचार करेगी। फिलहाल इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने एक स्थगन आदेश दिया हुआ है। फैसला होने पर सरकार उसका पूरा पालन करेगी।

रायपुर . मुख्य सचिव (सीएस) के शंकर नगर स्थित बी-5/9 बंगले में अब मंत्री जय सिंह अग्रवाल रहेंगे। ये बंगला पिछले 18 साल से प्रदेश के मुख्य सचिवों का आशियाना बनता रहा, इस बार इसकी पहचान बदल गई है।
पूर्व सीएस अजय सिंह को 2 जनवरी को पद से हटाने के अगले ही दिन उन्हें बंगला खाली करने का नोटिस जारी कर दिया गया था। अब मुख्य सचिव का नया बंगला ऑफिसर्स कॉलोनी में होगा। दरअसल, नई सरकार के गठन के बाद से ही मंत्रियों के लिए बंगले की खोज चल रही है। 11 में से 10 मंत्रियों को बंगला मिल गया है। पर मंत्री जयसिंह अग्रवाल आैर उमेश पटेल को पसंद का बंगला नहीं मिला था। इसलिए पूर्व सीएस का बंगला जय सिंह को दे दिया गया। अब सिर्फ मंत्री उमेश पटेल के लिए बंगले का अलॉटमेंट शेष है, बंगला न मिलने तक वे अपने ऑफिसर्स कॉलोनी स्थित बंगले में रहेंगे।
सीएस का नया पता सी-1/3 ऑफिसर्स कॉलोनी
जय सिंह अब विधानसभा अध्यक्ष डाॅ. चरणदास महंत के करीब रहेंगे। शंकर नगर से सीएस का बंगला हटने के बाद अब नए सीएस, सीएम से दूर हो गए हैं। दरअसल अब मुख्य सचिव का नया पता ऑफिसर्स कॉलोनी का बंगला नंबर सी-1/3 होगा। ऑफिसर्स काॅलोनी के इस बंगले में पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ.रमन सिंह के सलाहकार शिवराज सिंह रहा करते थे।

रायपुर . 5वीं विधानसभा का पहला सत्र शुरू हो चुका है, जो 11 जनवरी तक चलेगा। प्रदेश सरकार ने इसमें दो बड़े काम निपटाने की तैयारी की है। पहला- राज्य में मंत्रियों की संख्या बढ़ाने के लिए अशासकीय संकल्प लाएगी, इसमें मंत्रियों की संख्या 18 (20 प्रतिशत) तक करने का प्रस्ताव है। दूसरा- सप्लीमेंट्री बजट लाया जाएगा, यह 10-11 हजार करोड़ रुपए का हो सकता है। चर्चा के बाद इसे पारित किया जाएगा। अभी राज्य में मुख्यमंत्री समेत मंत्रियों की संख्या 13 (15 फीसदी) है। सरकार इसे बढ़ाकर 18 करना चाहती है। इसके लिए अशासकीय संकल्प लाया जाएगा। फिर इसे पारित कर केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। दरअसल, इसकी अनुमति केंद्र सरकार से ही मिलनी है। बड़े बहुमत (90 में से 68 सीटें जीतकर) से सरकार में काबिज होने के बाद कई वरिष्ठ विधायक मंत्री पद से वंचित हैं। सरकार उन्हें एडजस्ट करने के लिए संकल्प लाना चाहती है। केंद्र सरकार ने इसे माना तो राज्य में पांच और मंत्री बनाए जा सकेंगे। सोमवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण और कृतज्ञता ज्ञापन के बाद सरकार सप्लीमेंट्री बजट पेश करेगी। यह चालू वित्तीय वर्ष में सरकार का तीसरा अनुपूरक बजट होगा। इसकी जरूरत इसलिए पड़ी कि कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में किसानों का कर्ज माफ करने, किसानों को बोनस देने और शिक्षाकर्मियों को नियमित करने के वादे किए हैं। 
उन्हें पूरा करने के लिए सप्लीमेंट्री बजट की जरूरत है। इसके पहले भाजपा सरकार 4777 करोड़ और 2402 करोड़ रुपए के दो सप्लीमेंट्री बजट पास करा चुकी है। सरकार नए सप्लीमेंट्री बजट में करीब 6500 करोड़ किसानों का कर्ज माफ करने, 3000 करोड़ रुपए बोनस और लगभग 1850 करोड़ रुपए शिक्षाकर्मियों के लिए प्रावधान करना चाहती है।
कार्य मंत्रणा समिति में भूपेश और रमन समेत कई दिग्गज
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सदन में कार्य मंत्रणा समिति का ऐलान किया। समिति में पक्ष-विपक्ष के नेता शामिल हैं। महंत स्वयं समिति के पदेन अध्यक्ष हैं। समिति में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, मंत्री टीएस सिंहदेव, ताम्रध्वज साहू, रविंद्र चौबे, मोहम्मद अकबर, डॉ. शिव डहरिया के अलावा डॉ. रमन सिंह, धरमलाल कौशिक हैं। विशेष आमंत्रित सदस्यों में सत्यनारायण शर्मा, धनेंद्र साहू, अमरजीत भगत, लखेश्वर बघेल, बृजमोहन अग्रवाल, धरमजीत सिंह हैं।

भोपाल . सात जनवरी से शुरू हो रहे मध्यप्रदेश विधानसभा सत्र के पहले हॉर्स ट्रेडिंग की खबरों से सियासी गलियारों में शनिवार को सुबह से लेकर रात तक खलबली मची रही। कांग्रेस राजधानी के बाहरी हिस्सों के होटलों में रुके अपने विधायकों को एकजुट करने में जुटी रही। पार्टी महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह दिन में कई बार इन होटलों में विधायकों से मिलने पहुंचे। सूत्रों के अनुसार जिन विधायकों पर कांग्रेस को आशंका है कि वे अध्यक्ष के चुनाव में क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं, दिग्विजय उनसे ही बात करते रहे। वहीं सरकार को समर्थन देने वाले दो निर्दलीय विधायकों केदार डाबर और विक्रम सिंह राणा से दिनभर कांग्रेस नेता संपर्क करते रहे, पर देर रात तक दोनों विधायकों से संपर्क नहीं हो सका।
शेरा को बनाया जा सकता है मंत्री
कांग्रेस के बड़े नेताओं ने बुरहानपुर से निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह ठाकुर (शेरा) से संपर्क किया है और उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने का आश्वासन भी दिया गया है। इसके अलावा असंतुष्टों में पार्टी के करीब एक दर्जन ऐसे विधायक हैं जो पहली बार जीतकर आए हैं और उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के दिग्गजों को हराया है, इनमें कई विधायक बुंदेलखंड से भी हैं।
नाथ ने कहा- विधायक जानते हैं उन्हें क्या करना
दिग्विजय सिंह द्वारा भाजपा के दो पूर्व मंत्रियों नरोत्तम मिश्रा और भूपेंद्र सिंह पर लगाए गए हॉर्स ट्रेडिंग के आरोपों पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को जवाब दिया। पार्टी दफ्तर में भाजयुमो की बैठक में पहुंचे शिवराज ने कहा कि कांग्रेस सरकार अल्पमत की है। लेकिन यह भी सही है कि उनका संख्या बल भाजपा से ज्यादा है। इसलिए हमने पहले ही दिन स्पष्ट कर दिया था कि भाजपा सरकार नहीं बनाएगी। सीएम कमलनाथ ने कहा कि विरोधी दल कितना भी प्रयास कर लें, मध्यप्रदेश में विधायक समझदार हैं, उन्हें पता है क्या करना है।

भोपाल . खुशबू खान...हां, मैं उसी जूनियर महिला हॉकी टीम की सदस्य हूं जिसने अर्जेंटीना के यूथ ओलिंपिक में अपने देश का नाम रोशन किया था। अब भारतीय महिला हाॅकी की टीम में सिलेक्शन को लेकर प्रयास कर रही हूं। हमारा शहर देश के सबसे स्वच्छ शहर में दूसरे पायदान पर है। मेरा दर्द इतना है कि ओडीएफ का तमगा मिलने के बाद भी यहां कई जगह अनदेखी है। मैं और मेरा परिवार अाज भी खुले में टॉयलेट जाने को मजबूर है। क्योंकि ठीक एक साल पहले जनवरी में ही नगर निगम ने मेरे घर(जहांगीराबाद स्थित वेटनरी कॉलोनी परिसर) के सामने बने टॉयलेट को अतिक्रमण बताकर तोड़ दिया था। इंटरनेशनल खिलाड़ी होने के बावजूद निगम को मुझपर और मेरे परिवार पर तरस नहीं आया। निगम का अमला तो मेरे पूरे घर को ही तोड़ने पर आमदा था, लेकिन मैंने इसका विरोध किया और एडीएम दिशा नागवंशी, तत्कालीन कलेक्टर निशांत वरवड़े आैर भोपाल की चौपाल में अपनी परेशानी बताई। उन्हें बताया कि मैं अपनी प्रैक्टिस के लिए हॉकी कैंप में हिस्सा लेने के लिए शहर से बाहर रहती हूं। इस हर वक्त यह चिंता सताती है कि निगम मेरा आशियाना न तोड़ दे। इसलिए कहीं पर मुझे पक्का मकान दिला दिया जाए ताकि मै बेफिक्र होकर प्रैक्टिक कर सकूं। महापौर ने आश्वासन दिया था कि मुझे पक्का मकान टीटी नगर स्टेडियम के पास दिलाया जाएगा। बकायदा निगम के अपर आयुक्त प्रदीप जैन ने हाउसिंग फॉर ऑल के तहत मकान देने की पात्रता का सर्टिफिकेट भी दिया। उस बात को एक साल बीत चुका है। न मकान मिला और न ही घर के बाहर तोड़ा गया टॉयलेट निगम ने दोबारा बनाया।
खुशबू को मकान क्यों नहीं मिला, इसकी जांच होगी
शहर की बेटी खुशबू को मकान देने के लिए जो वादा मैंने किया था। उसे पूरा करुंगा। अभी तक मकान क्यों नहीं मिला। इसकी जानकारी भी ले रहा हूं। इसकी जांच होगी। खुशबू को जल्द घर दिलाने के लिए अफसरों से बात की जाएगी। आलोक शर्मा, महापौर

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