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  • पत्रकार प्रिया रमानी पर अकबर द्वारा लगाए गए मानहानि के मामले में सोमवार को हुई सुनवाई
  • सुनवाई के दौरान महिला संपादक ने अकबर को बेहतरीन शिक्षक बताया

नई दिल्ली.  एक महिला संपादक ने पूर्व विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर का समर्थन करते हुए उन्हें जेंटलमैन बताया। द संडे गार्डियन की संपादक जोयिता बसु ने अकबर के साथ लगभग 15 सालों तक काम किया। सोमवार को दिल्ली की एक अदालत में अकबर द्वारा पत्रकार प्रिया रमानी पर लगाए गए मानहानि केस में सुनवाई हुई। इस दौरान बसु ने अदालत में अपना बयान दर्ज कराया। इस मामले में अगली सुनवाई 7 दिसंबर को होगी।


बसु उन 6 लोगों में से एक हैं, जिन्हें प्रिया रमानी मानहानि मामले में अकबर की ओर से गवाह बनाया गया है। उन्होंने एडिशनल चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल को बताया कि रमानी के आरोपों वाले ट्वीट्स से अकबर की प्रतिष्ठा को काफी नुकसान पहुंचा है। इन्हें जानबूझ कर अकबर की छवि को नुकसान पहुंचाने और समाज में अपनी साख बनाने के उद्देश्य से किया गया था।


मेरे साथ अकबर का बर्ताव कभी गलत नहीं रहा: बसु
बसु ने कोर्ट में बताया, "मैंने 15 सालों तक उनके साथ काम किया। इस दौरान मेरे साथ उनका बर्ताव कभी गलत नहीं रहा। वे सही मायने में पेशेवर व्यक्ति थे और पूरे दफ्तर में कठिन से कठिन काम करने वाले लोगों में से थे। अकबर के लिए मेरे मन में हमेशा सम्मान रहा है।''


अकबर पर 17 महिलाओं ने लगाए उत्पीड़न के आरोप
अकबर पर प्रिया समेत 17 महिलाओं ने यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। आरोपों की शुरुआत 8 अक्टूबर को प्रिया रमानी के एक ट्वीट के बाद हुई थी। 17 अक्टूबर को अकबर ने विदेश राज्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

  • 28 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला मंदिर में हर उम्र की महिलाओं के प्रवेश की अनुमति दी थी
  • 10 से 50 साल की महिलाओं के सबरीमाला में प्रवेश पर थी राेक, कोर्ट के फैसले हो रहे प्रदर्शन

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर दिए गए अपने फैसले पर आज विचार कर सकता है। इस संबंध में अदालत में 48 रिव्यू पिटीशन दायर की गई हैं। इस मामले में 28 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच जजों की बेंच ने 4-1 से फैसला दिया था। इसमें सभी आयु वर्ग की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी गई थी। 

 पांच जजों की बेंच के फैसले पर पुनर्विचार के मांग वाली सभी याचिकाएं चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस आरएफ नरीमन, जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस इंदु मल्होत्रा की बेंच के सामने रखी जाएंगी। इन याचिकाओं के अलावा, इस फैसले पर पुनर्विचार की मांग वाली तीन अलग-अलग याचिकाएं चीफ जस्टिस गोगोई, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस केएम जोसेफ की बेंच के सामने खुली अदालत में सुनवाई के लिए रखी जाएंगी। शीर्ष अदालत ने 9 अक्टूबर को एक संगठन की पुनर्विचार याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार किया था। 

 

फैसले के पक्ष और विपक्ष में हो रहे प्रदर्शन
सबरीमाला मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केरल में विरोध-प्रदर्शन हुए। कई संगठन कोर्ट के फैसले के खिलाफ तो कई इसके पक्ष में प्रदर्शन कर रहे हैं। 

 

17 नवंबर से 2 महीने के लिए खुलेंगे द्वार
सबरीमाला स्थित भगवान अयप्पा का मंदिर 17 नवंबर को दो महीना के लिए खुलेगा। केरल सरकार इस सप्ताह शुरू हो रहे तीर्थयात्रा से पहले सबरीमाला मंदिर से जुड़े अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा के लिए एक सर्वदलीय बैठक कर सकती है।

  • आग से इतनी गर्मी कि वाहन, लाेहा तक पिघले
  • 1400 वर्ग किमी इलाके में फैली आग, तेज हवा के कारण आग 3 दिन तक बुझना मुश्किल 

पैराडाइज. कैलिफोर्निया के जंगलों में लगी आग को अमेरिकी इतिहास की सबसे भीषण आग करार दिया गया है। अाग से अब तक 44 लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे बुरा तो यह कि आग से बच निकलने की कोशिश करते लोग कारों और घरों में ही जलकर खाक हो गए। जांचकर्ताओं को बाद में भी सिर्फ हड्डियों का चूरा मिला। 228 लोग लापता बताए जा रहे हैं। 27 हजार की आबादी वाला एक कस्बा जलकर खाक हो गया। मृतकों की पहचान के लिए मोबाइल डीएनए लैब और फोरेंसिक एंथ्रोपोलॉजिस्ट की मदद ली जा रही है।

 1933 में लॉस एंजिलिस के ग्रिफिथ पार्क में लगी आग के बाद कैलिफोर्निया के जंगल में लगी सबसे बड़ी आग है। विशेषज्ञों ने बताया कि जंगल में आग हर साल लगती है। पर इतनी विकराल होने की सबसे बड़ी वजह इस सीजन में बारिश न होना है। इससे जमीन और हवा की नमी सूख गई। ऊपर से गर्म हवाओं ने सूखी घास और सूखे पेड़ों के सहारे इस आग को तेजी से फैलाने में घी का काम किया। आग के कारण इतनी गर्मी हो रही है कि इसकी जद में आ रहे वाहन अौर लोहे तक पिघल रहे हैं।

 

तीन लाख लोगों ने घर छोड़ा
तेजी से फैल रही आग के चलते अब तक 3 लाख लोगों को अपना घर छोड़कर दूसरे शहरों में जाना पड़ा है। आग के दायरे में रह रहे 1.4 लाख लोग अब भी घर छोड़ने की कतार में है। लॉस एंजिल्स फायर डिपार्टमेंट के चीफ के मुताबिक, अगले तीन दिन तक आग बुझाना मुश्किल होगा। 


कैलिफोर्निया फायर विभाग के मुताबिक, आग कैंप, पैराडाइज, वूलसे से लेकर लॉस एंजिल्स तक 1400 वर्ग किमी से ज्यादा के दायरे में लगी हुई है। इसकी जद में 57 हजार इमारतें, ब्रिज आ चुके हैं। 

हॉलीवुड हस्तियों के मालिबू रिजॉर्ट की ओर बढ़ी आग
आग हॉलीवुड हस्तियों के पसंदीदा मालिबू रिजॉर्ट तक पहुंच गई है। यहां मौजूद माइली साइरस, जेरार्ड बटलर के घर जल चुके हैं। बुटे कस्बे में 132 साल पुराना लकड़ी का गोल्ड रश-एरा ब्रिज जला। 8500 फायरफाइटर्स 30 हेलिकॉप्टर के साथ आग को काबू करने में जुटे हुए हैं। गवर्नर ने इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की अपील की।

 

इस साल आग की 7 हजार से ज्यादा घटनाएं

  • कैलिफोर्निया में इस साल 7000 से ज्यादा आग की घटनाएं हो चुकी हैं। 14 लाख एकड़ जंगल जल चुका है। 
  • बीते 10 साल में करीब 90 लाख एकड़ खाक हुआ। इससे पहले 2008 में 16 लाख एकड़ जंगल एक साल में जला था। 
  • उत्तरी कैलिफोर्निया की एक लाख 12 हजार एकड़ जमीन आग की चपेट में है। फायर डिपार्टमेंट सिर्फ 25% आग पर ही काबू पा सका है। 
  • कैलिफोर्निया के दक्षिण में भड़की आग रविवार तक 83 हजार एकड़ के इलाके में फैल चुकी थी। वहां भी 10% आग ही काबू में आ सकी। 

नई दिल्ली. अक्टूबर में खुदरा महंगाई दर (रिटेल) घटकर 3.31% रह गई। यह एक साल में सबसे कम है। इससे पहले सितंबर 2017 में यह 3.28% थी। इस साल सितंबर में खुदरा महंगाई 3.77% थी। खाने-पीने की वस्तुएं सस्ती होने से महंगाई दर में कमी आई। 

 खाद्य महंगाई दर 0.5% (सितंबर) के मुकाबले अक्टूबर में -0.86% रही। सब्जियों की महंगाई दर अक्टूबर में 8.06% कम हुई। सितंबर में यह 4.15% कम हुई थी। फलों की महंगाई अक्टूबर में 0.35% कम हुई। इस दौरान दालें, अंडे और दूध जैसी प्रोटीन वाली वस्तुएं भी सस्ती हुईं। 

 अप्रैल-सितंबर में औसत महंगाई दर 4.4% रही 

ईंधन और बिजली की महंगाई दर में इजाफा हुआ है। यह अक्टूबर में 8.55% रही। पिछले महीने 8.47% रही थी। चालू वित्त वर्ष (2018-19) की पहली छमाही में रिटेल महंगाई दर औसत 4.4% रही।

 अगस्त में खुदरा महंगाई दर 3.69% रही थी। सितंबर और अक्टूबर में रिजर्व बैंक के 4% के लक्ष्य से नीचे है। आरबीआई ब्याज दरें तय करते वक्त खुदरा महंगाई को ही ध्यान में रखता है। दुनिया के ज्यादातर देशों में खुदरा महंगाई के आधार पर ही मौद्रिक नीतियां बनाई जाती हैं

  • मुंबई में भी पेट्रोल में 13 पैसे की कमी, 82.94 रुपए प्रति लीटर हुआ रेट 
  • दिल्ली, मुंबई में डीजल 12 पैसे सस्ता हुआ

नई दिल्ली. पेट्रोल-डीजल मंगलवार को लगातार छठे दिन सस्ते हुए। दिल्ली में पेट्रोल का रेट 77.43 रुपए और मुंबई में 82.94 रुपए हो गया। दोनों शहरों में 13 पैसे कम हुए। डीजल की कीमत 12 पैसे कम हुई। चार अक्टूबर के उच्चतम स्तर से पेट्रोल 6.57 रुपए और डीजल 17 अक्टूबर के उच्चतम स्तर से 3.50 रुपए सस्ता हो चुका है।

दिल्ली में डीजल का रेट 72.19 रुपए हुआ

  1.  

    मेट्रो शहरों में पेट्रोल

    शहर सोमवार को रेट (रुपए प्रति लीटर) मंगलवार को रेट (रुपए प्रति लीटर) कमी
    दिल्ली 77.56 77.43 13 पैसे
    मुंबई 83.07 82.94 13 पैसे

     

  2.  

    मेट्रो शहरों में डीजल

    शहर सोमवार को रेट (रुपए प्रति लीटर) मंगलवार को रेट (रुपए प्रति लीटर) कमी
    दिल्ली 72.31 72.19 12 पैसे
    मुंबई 75.76 75.64 12 पैसे

     

  3. कच्चे तेल का उत्पादन घटाएंगे ओपेक देश

     

    कच्चे तेल का उत्पादन करने वाले देश दाम बढ़ाने के लिए रोजाना 10 लाख बैरल प्रोडक्शन घटा सकते हैं। क्रूड के दाम 7 महीने के निचले स्तर पर जाने के बाद रविवार को ओपेक और दूसरे तेल उत्पादक देशों की बैठक हुई, जिसमें प्रोडक्शन घटाने पर विचार हुआ।

     

  4.  

    एंजेल ब्रोकिंग के ऊर्जा मामलों के विशेषज्ञ अनुज गुप्ता ने बताया कि ओपेक देशों द्वारा उत्पादन में कटौती करने से क्रूड के दाम में तेजी आने के आसार हैं। हालांकि, पेट्रोल-डीजल के दाम पर ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा, क्योंकि पिछले दिनों कच्चे तेल के दाम में काफी गिरावट आ चुकी है। लेकिन, अंतराराष्ट्रीय बाजार में क्रूड के दामों में तेजी जारी रही तो पेट्रोल-डीजल के दाम भी बढ़ेंगे।

     

  5. अगले साल 65 डॉलर तक गिर सकते हैं क्रूड के दाम

     

    ईरान ने अक्टूबर में रोजाना औसतन 17 लाख बैरल तेल निर्यात किया। अमेरिकी प्रतिबंध की वजह से दिसंबर तक यह 11 लाख बैरल रह सकता है। इन्वेस्टमेंट बैंक गोल्डमैन साक्स ने अनुमान जताया है कि शॉर्ट टर्म में डिमांड सप्लाई से ज्यादा रहेगी। दिसंबर तक क्रूड के दाम 80 डॉलर तक रह सकते हैं। 2019 में इसकी डिमांड कम रहने से दाम 65 डॉलर तक गिर सकते हैं।

सैन फ्रांसिस्को. अमेजन के नए हेडक्वार्टर न्यूयॉर्क और उत्तरी वर्जीनिया में बनेंगे। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में सोमवार को ऐसा कहा गया। मंगलवार को इसकी आधिकारिक घोषणा होने की उम्मीद है। रिटेल कंपनी का मुख्यालय फिलहाल अमेरिका के सिएटल शहर में है। सितंबर 2017 से कंपनी दूसरा हेडक्वार्टर बनाने के लिए लोकेशन की तलाश कर रही थी। अमेजन नए हेडक्वार्टर के निर्माण पर 36,500 करोड़ रुपए (5 अरब डॉलर) खर्च करेगी। इससे अगले 10 से 15 साल में 50,000 ऊंचे वेतन वाले रोजगार के मौके मिलेंगे।

 

जनवरी में 20 शहर शॉर्टलिस्ट हुए थे

नए हेडक्वार्टर के लिए अमेजन को 238 शहरों से प्रस्ताव मिले थे। कंपनी ने इस साल जनवरी में 20 शहर शॉर्टलिस्ट किए थे। अमेजन के अधिकारियों ने पूरे अमेरिका और कनाडा के टोरंटो शहर का दौरा कर लोकेशन का सर्वे किया था। पिछले दिनों कई रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया कि दूसरा मुख्यालय दो लोकेशन में बांटा जाएगा।

सेंट लूसिया. आईसीसी महिला टी-20 विश्व कप में ग्रुप ए के मैच में दक्षिण अफ्रीका ने शबनम इस्माल की शानदार गेंदबाजी के दम पर श्रीलंका को सात विकेट से हरा दिया। इस मैच में शबनम ने चार ओवर में 20 गेंदें डॉट फेंकीं। उन्होंने 10 रन देकर तीन विकेट भी हासिल किए। इसमें से छह रन वाइड के भी शामिल हैं। उन्हें मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। इस टूर्नामेंट में दक्षिण अफ्रीका का यह पहला मुकाबला था। इस जीत के बाद उसके दो अंक हो गए हैं।

 दक्षिण अफ्रीका ने गेंद पहले लक्ष्य हासिल किया

  1.  

    इस मैच में दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीता और गेंदबाजी का फैसला किया। श्रीलंका ने 20 ओवर में 8 विकेट पर 99 रन बनाए। द. अफ्रीका ने 18.3 ओवर में 3 विकेट पर 102 रन बनाए। इस जीत में मारिजाने कैप ने 38 और कप्तान डेन वान निकर्क ने 33 रन का योगदान दिया।

     

  2.  

    इस्माइल ने अपने पहले ओवर में 5 गेंदें डॉट फेंकीं और एक रन दिया। दूसरे ओवर में 8 गेंदें फेंकी, क्योंकि दो गेंदें वाइड थीं। इस ओवर में 4 गेंदें डॉट फेंकीं और एक विकेट लिया। दूसरी वाइड को विकेटकीपर लिजले ली पकड़ नहीं पाईं और गेंद सीमा रेखा के पार चली गई।

     

  3.  

    इस्माइल के तीसरे ओवर की चार गेंदें डॉट रहीं। इस ओवर में उन्होंने दो रन दिए। पारी का आखिरी ओवर भी उन्होंने फेंका। इसमें उनकी पहली गेंद डॉट रही। दूसरी और चौथी पर 1-1 रन दिए। तीसरी और पांचवीं पर विकेट लिए। छठी गेंद पर एक रन बाई का गया।

     

  4.  

    श्रीलंका की शुरुआत खराब हुई। पहले विकेट के रूप में कप्तान चमारी अटापट्टू तीसरे ओवर की चौथी गेंद पर आउट हो गईं। टीम का स्कोर  5 रन था। चमारी 3 रन बना पाईं। चार गेंद बाद इस्माइल ने यशोदा मेंडिस का विकेट लिया। तब भी श्रीलंका का स्कोर 5 रन ही था।

     

  5.  

    इसके बाद शशिकला श्रीवर्धने ने हसिनी परेरा के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 21 रन जोड़े। परेरा के आउट होने के बाद शशिकला ओशादी रानासिंघे के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 18 रन ही जोड़ पाईं थीं, कि तुमी सेखुकहुने ने उन्हें 21 के स्कोर पर बोल्ड कर दिया।

     

  6.  

    टीम के खाते में सिर्फ चार रन ही और जुड़े थे कि रानासिंघे भी पवेलियन लौट गईं। इसके बाद निशांका डि सिल्वा और इशानी कौशल्या टीम ने का स्कोर 67 रन किया। इसी स्कोर पर मसाबा क्लास ने निशांका को 10 रन के निजी स्कोर पर बोल्ड कर दिया।

     

  7.  

    इसके बाद डिलानी सुरंगिका ने टीम का स्कोर 100 के पार पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन असफल रहीं। वे 20 रन बनाकर नाबाद रहीं। श्रीलंका की 7 खिलाड़ी दहाई का आंकड़ा नहीं छू पाईं। श्रीपाली वीरककोडी बिना खाता खोले पवेलियन लौटीं।

  • एस्कोर्ट्स मुजेसर से बल्लभगढ़ तक हाई स्पीड में मेट्रो का किया अंतिम ट्रॉयल

फरीदाबाद. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 नवंबर काे दोपहर 1.11 बजे गुड़गांव के सुल्तानपुर से रिमोट के जरिए बल्लभगढ़ मेट्राे सेवा का शुभारंभ करेंगे। इस कार्यक्रम का यहां लाइव प्रसारण किया जाएगा। तैयारियों को लेकर सोमवार को बल्लभगढ़ के विधायक मूलचंद शर्मा, हुडा के मुख्य प्रशासक जी. गणेशन, डीसी अतुल कुमार, नगर निगम के चीफ इंजीनियर डीआर भास्कर समेत अन्य अधिकारियों ने मेट्रो स्टेशन का  दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया।  

 सोमवार को एस्कोर्ट्स मुजेसर से बल्लभगढ़ तक हाई स्पीड में मेट्रो का अंतिम ट्रॉयल किया गया। ट्रॉयल पूरी तरह से सफल रहा। करीब 95 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से 4 से 5 बार ट्रॉयल किया गया। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण बल्लभगढ़ में भी किया जाएगा।

 कार्यक्रम स्थल पर प्रोजेक्टर के जरिए प्रसारण होगा। लाइव प्रसारण दोपहर 12.30 बजे से शुरू कर दिया जाएगा। प्रधानमंत्री 12.30 बजे मंच पर पहुंच जाएंगे। करीब एक घंटे 1.30 बजे तक प्रधानमंत्री मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम के दौरान हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स के राज्यमंत्री हरदीप सिंह पुरी, केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर और डीएमआरसी के मैनेजिंग डायरेक्टर मग्गू सिंह, विधायक मूलचंद शर्मा शिरकत करेंगे। 

 12 से 15 हजार यात्री करेंगे सफर : रेलवे सूत्रों के मुताबिक बल्लभगढ़ रेलवे स्टेशन से ट्रेन के जरिए रोज करीब 13 हजार दैनिक यात्रियों का दिल्ली आना-जाना है। जबकि रोडवेज बसों से करीब 10 से 12 हजार यात्री आते जाते हैं। मेट्रो सेवा शुरू होने से रेलवे और रोडवेज बसों के करीब 8 से 10 हजार यात्री मेट्रो की ओर मुड़ेंगे।

मेट्रो अधिकारियों का अनुमान है कि बल्लभगढ़ से रोज 12 से 15 हजार यात्री मेट्रो से सफर करेंगे। इनमें निजी साधनों से दिल्ली जाने वाले लोग भी शामिल होंगे। इस मेट्रो का फायदा बल्लभगढ़ ब्लॉक से जुड़े 67 ग्राम पंचायतों के यात्रियों को भी होगा। 

 छह से सात मिनट की रहेगी फ्रीक्वेंसी : मेट्रो सूत्रों का कहना है कि बल्लभगढ़ मेट्रो रेल की फ्रीक्वेंसी छह से आठ मिनट के बीच होगी। अभी वाईएमसीए से चलने वाली मेट्रो रेल की फ्रीक्वेंसी पीक आवर्स (सुबह 8 से 11 बजे, शाम 5 से 8 बजे) में 6 मिनट 40 सेकेंड और नॉन पीक आवर्स में 7 मिनट 30 सेकेंड की होती है।बल्लभगढ़ मेट्रो स्टेशन पहला एेसा स्टेशन होगा जिसके 300 मीटर के दायरे में लोगों को रोडवेज, रेलवे और मेट्रो परिवहन की सुविधा मिलेगी।

 

रायपुर. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ पहुंचते ही पीएम मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि गरीबों के गद्दे-तकिए से पैसा निकालकर अंबानी की जेब भरने का काम नरेंद्र मोदी ने किया है।  उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 30 हजार करोड़ रुपए की चोरी की गई है। राहुल गांधी रायपुर एयरपोर्ट के बाहर मीडिया से बात कर रहे थे। पीएम मोदी ने सोमवार को बिलासपुर की सभा में कहा था कि नोटबंदी तकियों और गद्दों में भरे नोट को बाहर निकालने के लिए किया था। 

 राहुल गांधी ने कहा कि बस्तर में वोटिंग कम हुई है, लेकिन कांग्रेस की लहर चल रही है। हम पहले चरण में भी आगे बढ़ेंगे और पूरे छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनेगी। इससे पहले रायपुर पहुंचे कांग्रेस अध्यक्ष ने एयरपोर्ट पर ही कांग्रेसी नेताओं के साथ बैठक की। बैठक में पहले चरण के मतदान की रिपोर्ट नेताओं ने राहुल गांधी को दी। 

 छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय दौरे पर राहुल गांधी  प्रदेश में दूसरे चरण में 72 सीटों पर होने वाले मतदान से पहले चुनावी सभाएं करेंगे। इस दौरान उनकी कांग्रेस प्रत्याशियाें के पक्ष में कई जगहों पर सभाएं होंगी। वहीं दूसरी ओर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और नितिन गडकरी का छत्तीसगढ़ दौरा रद्द हो गया है। 

 

राहुल गांधी 13 नवंबर मंगलवार को रायपुर से हेलिकाप्टर से दोपहर 12 महासमुंद, दोपहर 1.30 बजे बलौदाबाजार, दोपहर 3 बजे जांजगीर-चांपा और शाम 4.30 बजे खरसिया, रायगढ़ की सभा में शामिल होंगे। अगले दिन 14 नवंबर को वे 11.30 बजे हेलिकाप्टर से 12 बजे रंजना, कटघोरा पहुंचेंगे। फिर वहां से दोपहर 2 बजे तखतपुर, 3.30 बजे कवर्धा, शाम 5 बजे भिलाई में सभा करेंगे। 

 

इसके बाद वे रायपुर आकर नियमित विमान सेवा से रायपुर से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। वहीं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का दौरा रद्द हो गया है। शाह की जहां चुनावी सभा थी, वहीं गडकरी को दुर्ग के चरौंदा में होने वाले एक कार्यक्रम में शामिल होना था।

 

शाह अौर गडकरी का दौरा हुअा रद्द

वहीं दूसरी ओर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का छत्तीसगढ़ दौरा रद्द हो गया है। शाह की जहां चुनावी सभा थी, वहीं गडकरी को दुर्ग के चरौंदा में होने वाले एक कार्यक्रम में शामिल होना था।

 

दो चरणों में होंगे मतदान

छत्तीसगढ़ में दो चरण में विधानसभा चुनाव होने हैं। पहले चरण का मतदान सोमवार 12 नवंबर को हो गया है। इसमें बस्तर और राजनांदगांव संभाग की 18 सीटों पर वोटिंग हुई। वहीं शेष 72 सीटों के लिए 20 नवंबर को मतदान होगा। मतगणना 11 दिसंबर को होनी है।

  • जातिवाद, एंटीइंकम्बेंसी की वजह से बागियों को क्षेत्रों में मजबूती मिल रही
  • दिग्विजय सिंह का कहना है कि भाजपा के मुकाबले उनकी पार्टी में बागी कम, कहा- हमें चिंता नहीं

भोपाल .  मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में नाम वापसी की आखिरी तारीख 14 नवंबर को सिर्फ एक दिन बचा है और अभी तक अपनी पार्टियों के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंकने वाले कई बागी पटरी पर नहीं लौट पाए हैं। इस कारण भाजपा-कांग्रेस दोनों का ही टेंशन बढ़ गया है। कांग्रेस को सबसे ज्यादा परेशानी मालवा-निमाड़ और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में हो रही है। राज्य में 28 नवंबर को मतदान होगा और परिणाम 11 दिसंबर को आएंगे।

 

 

यहां करीब दो दर्जन बागी ऐसे हैं, जो पार्टी प्रत्याशियों को सीधी चुनौती दे रहे हैं। हालांकि पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह का कहना है कि भाजपा के मुकाबले उनकी पार्टी में बागी कम हैं और जो हैं उन्हें भी एक-दो दिन में मना लेंगे। वहीं बागियों और दमदार निर्दलीय प्रत्याशियों के कारण भाजपा के 14 मंत्रियों की राह मुश्किल हो रही है। जातिवाद, एंटीइंकम्बेंसी के कारण यहां बागियों को ताकत मिली है। ज्यादातर मंत्री ऐसे हैं, जो कई चुनाव से जीतते आ रहे हैं। इसलिए इनकी सीटों पर पार्टी पीएम मोदी, अमित शाह के दौरे रखने की तैयारियों में जुटी है।

 

      एंटी इंकम्बेंसी के कारण सीट बचाने की जुगत में गली-गली प्रचार

 

      कांग्रेस का सिरदर्द

 खरगोन : भगवानपुरा सीट से विजय सिंह सोलंकी के सामने केदार डाबर बागी बनकर चुनौती दे रहे हैं। डाबर के पिता चिड़ाभाई चार बार विधायक रहे हैं, इसलिए उनकी क्षेत्र में अच्छी खासी पैठ है।

  • बड़वानी : रमेश पटेल के सामने बागी राजेंद्र मंडलोई निर्दलीय खड़े हैं। भाजपा ने प्रेम सिंह पटेल को उतारा है जो रमेश के चाचा हैं।
  • पंधाना : यहां छाया मोरे के सामने बागी रूपाली बारे निर्दलीय लड़ रही हैं। मोरे पंधाना की नहीं हैं, इसलिए यहां उनका विरोध है। वहीं बारे के पिता यहां से दो बार चुनाव लड़े, इसलिए उनका जनसंपर्क अच्छा है।
  • बुरहानपुर : बागी सुरेंद्र सिंह उर्फ शेरा मैदान में हैं। वे रवींद्र महाराज को चुनौती दे रहे हैं। शेरा के दो भाई शिवकुमार और महेंद्र सिंह सांसद रह चुके हैं, इसलिए महाजन के खिलाफ असंतोष है।
  • इंदौर-5 : सत्यनारायण पटेल के सामने पार्टी के मजबूत नेता छोटे यादव निर्दलीय उतरे हैं। वे पटेल को बाहरी कहकर विरोध कर रहे हैं।
  • भोपाल मध्य : कांग्रेस से बागी रईस बबलू सपा से उतरे हैं। उनकी दावेदारी ने आरिफ मसूद का गणित बिगाड़ा है। 
  • जावरा : जिला पंचायत उपाध्यक्ष रहे किसान नेता डीपी धाकड़ निर्दलीय उतरे हैं। पार्टी ने केके सिंह को टिकट दिया है। जो कि महेंद्र सिंह कालूखेड़ा के भाई हैं।
  • उज्जैन दक्षिण : प्रत्याशी राजेंद्र वशिष्ठ के सामने पार्टी के लिए जय सिंह दरबार निर्दलीय मैदान में हैं। 
  • जावद : समंदर पटेल निर्दलीय हैं, वे कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार अहीर को चुनौती दे रहे हैं। पटेल का नाम अंतिम समय में कटा, इसलिए वे विरोध में उतरे। 
  • ग्वालियर ग्रामीण : साहिब सिंह गुर्जर जो जिला पंचायत के सदस्य हैं, गुर्जर बाहुल्य इस सीट से वे कांग्रेस से टिकट न मिलने के कारण बसपा से चुनाव लड़ रहे हैं। 
  • चंदेरी : भाजपा से पूर्व विधायक रहे राजकुमार सिंह यादव के बसपा से चुनाव लड़ने के कारण कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों का चुनावी गणित बिगड़ गया है। कांग्रस के वर्तमान विधायक गोपाल सिंह चौहान को टिकट मिला है, जो पार्टी में अंतर्विरोध को झेल रहे हैं। 
  • सेवढ़ा : कांग्रेस से बागी हुए दामोदर सिंह यादव केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाह के दल से चुनाव लड़ रहे हैं। 
  • महाराजपुर : राजेश मेहतो कांग्रेस के पुराने नेता हैं। टिकट न मिलने से वे बसपा से चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस ने नए चेहरे नीरज दीक्षित को चुनौती दे रहे हैं। 
  • राजनगर : कांग्रेस के बागी नितिन चतुर्वेदी मैदान में हैं। यहां से उनके पिता कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पुत्र की फील्डिंग में लगे हैं जबकि वे दिग्विजय की समन्वय समिति के सदस्य थे।
  • पथरिया :  युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अनुरागवर्धन हजारी टिकट न मिलने से सपा से चुनाव लड़ रहे हैं। यहां से कांग्रेस गौरव परटले को टिकट दिया है। यहां से भाजपा से बागी हुए पूर्व मंत्री रामकृष्ण कुसमारिया मैदान में है।

      भाजपा की मुश्किल

 गौरीशंकर बिसेन : पांच बार विधायक बिसेन के सामने कांग्रेस ने पूर्व सांसद विश्वेश्वर भगत हैं। दोनों पंवार जाति के प्रभावशाली व्यक्ति हैं। पिछले चुनाव में 44 फीसदी वोट लेकर दूसरे नंबर पर रहीं अनुभा मुंजारे फिर मैदान में हैं। इनके पति व पूर्व विधायक कंकर मुंजारे सटी हुई सीट परसवाड़ा से मैदान में हैं। वर्ष 2013 के चुनाव में अनुभा के कारण बिसेन बमुश्किल 2500 वोटों से जीत पाए थे।

  • जयंत मलैया : कुर्मी वर्ग के बड़े नेता व पांच बार के भाजपा सांसद रहे डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया बागी होकर चुनौती दे रहे हैं। 2013 में मलैया 4 हजार 953 वोटों से जीते थे। इस बार कांग्रेस ने दमोह में युवा चेहरा राहुल लोधी दिया है। उनके चचेरे भाई को पड़ोस की सीट बड़ा मलहरा सीट से टिकट मिला।
  • ललिता यादव : छतरपुर से विधायक रहीं, लेकिन इस बार सीट बदल कर बड़ा मलहरा से चुनाव लड़ रही हैं। यहां भाजपा ने लगातार दो बार की विधायक रेखा यादव का टिकट काटा है जो उमा भारती खेमे से थीं। रेखा यादव विरोध भी कर रही हैं। 
  • दीपक जोशी : हाटपिपल्या से कांग्रेस ने खाती समाज को बल देते हुए मनोज चौधरी को टिकट दिया। जोशी इसी वर्ग के कारण सीट बदलना चाहते थे। जो नहीं हुआ।
  • अर्चना चिटनीस : ऐन वक्त पर कांग्रेस ने हामिद काजी का टिकट बदलकर रविंद्र महाजन को उतारा है। महाराष्ट्रीय वैश्य के सामने आने के बाद हिंदू वोट बंटेगा, जिसका फायदा कांग्रेस उठा सकती है। काजी महाजन के पक्ष में खड़े हैं।
  • गोपाल भार्गव : कांग्रेस उम्मीदवार कमलेश साहू आरएसएस के स्वयंसेवक के साथ रेहली में भाजपा सांसद प्रहलाद पटेल के सांसद प्रतिनिधि रहे। अप्रैल में भाजपा छोड़कर कांग्रेस ज्वाइन की। हार्दिक पटेल के कार्यक्रम में गए। क्षेत्र में पटेल समुदाय के बड़े नेता जीवन पटेल ने समर्थन दिया। इसलिए भार्गव की टेंशन बढ़ी है। 
  • राजेंद्र शुक्ला : समदड़िया ग्रुप को जमीन देने के मामले में पहले से ही सुर्खियों में हैं। अब भाजपा छोड़कर कांग्रेस में गए अभय मिश्रा शुक्ला के सामने उम्मीदवार हैं। सूत्रों की मानें तो जातिगत के हिसाब से पहले ब्राह्मण वोट एकतरफ शुक्ला को मिलता था। इस बार बंट सकता है।
  • रुस्तम सिंह : मुरैना सीट त्रिकोणीय संघर्ष में आ गई है। कांग्रेस ने रघुराज सिंह कंसाना को टिकट दिया और दिमनी से बसपा के विधायक चुने गए बलबीर सिंह दंडोतिया मुरैना से फिर बसपा प्रत्याशी बने हैं। 2013 के चुनाव में रुस्तम सिंह सिर्फ 1704 वोटों से जीत पाए थे। इस बार उनके एक बयान चर्चा में है जिसमें उन्होंने कहा था कि गुर्जर एक हो जाओ नहीं तो ब्राह्मण के हाथ में सीट चली जाएगी।
  • संजय पाठक : कांग्रेस उम्मीदवार पद्मा शुक्ला से 2013 में महज 929 वोटों से जीते पाठक फिर इस बार आमने-सामने हैं। पिछले चुनाव में पद्मा भाजपा से थीं, इस बार कांग्रेस से हैं। पाठक कांग्रेस से भाजपा में चले गए। इस बार क्षेत्र में उनका विरोध भी प्रभाव डाल रहा है।
  • शरद जैन : भाजपा के बागी पूर्व युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष रहे धीरज पटेरिया मैदान में कूद गए हैं। कांग्रेस ने विनय सक्सेना को और सपाक्स ने आशीष जैन को टिकट दिया है। जैन वोट बंटते हैं तो शरद जैन मुश्किल में रहेंगे।
  • सुरेंद्र पटवा : क्षेत्र में विरोध है। कांग्रेस से सुरेश पचौरी सामने हैं। टिकट बांटने के दौरान ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को एक रोड-शो करना पड़ा।
  • रामपाल सिंह : रघुवंशी समाज नाराज है। वे सीट बदलकर उदयपुरा जाना चाहते थे, लेकिन पार्टी तैयार नहीं हुई। सपाक्स ने माधुरी रघुवंशी को टिकट दिया है।
  • उमाशंकर गुप्ता : कांग्रेस से नाराज संजीव सक्सेना के मानने के बाद अब गुप्ता की क्षेत्र में चुनौती बढ़ी है। कर्मचारी बहुल इस दक्षिण -पश्चिम सीट में एंटी इनकंबेंसी भी है।
  • बालकृष्ण पाटीदार : किसान और पाटीदार समाज का विरोध तेज होने पर मुश्किल होगी।
  • नारायण सिंह कुशवाहा : ग्वालियर दक्षिण से कांग्रेस प्रवीण पाठक के सामने  उतरे हैं। यहां उन्हें पूर्व महापौर और बागी समीक्षा गुप्ता निर्दलीय होकर चुनौती दे रही हैं। 

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