ईश्वर दुबे
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Bhilai
नई दिल्ली|संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में आज पश्चिम एशिया में जारी संकट को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में घमासान देखने को मिला है। विदेश मंत्री की तरफ से सदन में पश्चिम एशिया में व्याप्त संकट पर बयान दिया गया। लेकिन इसके बाद से विपक्ष सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस सांसद और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, 'पश्चिम एशिया संकट से कितना नुकसान होगा? एक बड़े बदलाव की लड़ाई चल रही है। इससे हमारी अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान होगा। आपने शेयर बाजार देखा। प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका के साथ समझौता कर लिया है। देश को बड़ा झटका लगने वाला है। तो फिर इस पर चर्चा करने में उन्हें क्या दिक्कत है?'
नई दिल्ली|विपक्षी पार्टियां मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने के लिए संसद में प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस प्रस्ताव का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है और इसे इसी हफ्ते जमा किया जा सकता है। यह पहली बार है जब विपक्षी दल एकजुट होकर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ ऐसा कड़ा कदम उठा रहे हैं।
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक वरिष्ठ सांसद ने बताया कि यह पूरी तरह से विपक्षी दलों की एकजुटता का नतीजा है। उन्होंने कहा कि ड्राफ्ट तैयार करने और इसकी योजना बनाने में सभी समान विचारधारा वाली पार्टियों ने मिलकर काम किया है। संसद के दोनों सदनों में इस योजना को लागू करने के लिए भी सभी दल साथ मिलकर काम करेंगे। टीएमसी नेता ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने अपने गरिमामय पद का अपमान किया है। कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक की अन्य पार्टियों ने भी इस नोटिस का समर्थन करने की बात कही है।
अब विपक्षी सांसद दोनों सदनों के सदस्यों के हस्ताक्षर इकट्ठा करेंगे। नियमों के अनुसार, इस तरह के नोटिस के लिए लोकसभा के कम से कम 100 सांसदों या राज्यसभा के कम से कम 50 सांसदों के हस्ताक्षर होना जरूरी है। मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के जज को हटाने जैसी ही होती है। उन्हें केवल साबित हुए गलत व्यवहार या काम करने में अक्षमता के आधार पर ही हटाया जा सकता है।
यह प्रस्ताव संसद के किसी भी सदन में पेश किया
नई दिल्ली|केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) सहित चार एजेंसियों में प्रतिनियुक्ति की अवधि बढ़ा दी है। अब इन एजेंसियों में प्रतिनियुक्ति पर आने वाले कार्मिक पांच वर्ष की बजाए, सात साल तक तैनात रहेंगे। बाकी दो एजेंसियों में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) शामिल हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय में पुलिस 2 प्रभाग (कार्मिक-नीति अनुभाग) की तरफ से पांच मार्च को उक्त निर्देश जारी किए गए हैं। बता दें कि एनएसजी द्वारा गृह मंत्रालय से अनुरोध किया गया था कि केंद्रीय एजेंसियों में प्रतिनियुक्ति पर आने वाले कार्मिकों के कार्यकाल की अवधि पांच वर्ष से बढ़ाकर सात साल कर दी जाए। इस मामले को लेकर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों 'सीएपीएफ' और असम राइफल 'एआर' के साथ परामर्श किया गया। उसमें यह बात सामने आई कि प्रतिनियुक्ति अवधि बढ़ाए जाने से एनएसजी में कार्मिकों के संस्थागत ज्ञान को बनाए रखने में मदद मिलेगी। इसी तरह से दूसरी एजेंसियों को लेकर फीडबैक मिला है। इसके मद्देनजर यह निर्णय लिया गया कि 'सीएपीएफ' और 'एआर' कर्मियों को प्रारंभिक नियुक्ति के समय ही सात वर्ष की अवधि के लिए एनएसजी सहित चारों केंद्रीय एजेंसियों में प्रतिनियुक्त किया जाएगा। इसके लिए मंत्रालय द्वारा 22 नवंबर 2016 के नीतिगत दिशानिर्देशों में संशोधन किए गए हैं। पैराग्राफ 3 (बी) (2) में 'प्रतिनियुक्ति की अवधि' शीर्षक के तहत कुछ प्रावधानों में बदलाव किया गया है। विशेष कार्यक्षेत्र वाली जॉब, जैसे नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और एनएसजी में अब प्रतिनियुक्ति की अवधि सात वर्ष कर दी गई है। यह अवधि उक्त एजेंसियों में प्रवेश करने के समय से लागू होगी। इन संगठनों को उपयुक्त प्रतिस्थापन नियुक्त करने के लिए काफी पहले से ही अग्रिम कदम उठाने की आवश्यकता होती है। ये आदेश केंद्रीय गृह मंत्री की स्वीकृति से जारी किए गए हैं।
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने अदालत के आदेशों का पालन न करने और अवमानना याचिका दायर होने पर देरी से अपील दाखिल करने की प्रवृत्ति पर कड़ी नाराजगी जता दी है। शीर्ष अदालत ने कहा है कि यदि इसतरह के मामलों में सख्ती नहीं दिखाई गई, तब न्यायपालिका में लोगों का भरोसा कमजोर पड़ सकता है। जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्ला और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने कहा कि हाल के वर्षों में देखने में आया हैं कि अदालत के आदेशों का लंबे समय तक पालन नहीं होता और जब अवमानना याचिका दायर होती है, तब उसके बाद काफी देरी के साथ अपील या पुनर्विचार याचिका दाखिल होती है। शीर्ष अदालत ने कहा कि अपील में देरी अपवाद होनी चाहिए, लेकिन अब यह करीब-करीब नियम बनती जा रही है। सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि इस तरह की प्रवृत्ति को स्वीकार नहीं कर सकते है। शीर्ष अदालत के अनुसार, जब कोई पक्ष जानबूझकर अदालत के आदेशों का पालन नहीं करता, इस आचरण से न्यायपालिका की गरिमा और कानून के शासन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इस तरह के मामलों में यह आचरण कई बार आपराधिक अवमानना की सीमा तक पहुंच सकता है। अदालत ने कहा कि यदि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट इन मामलों में दृढ़ता नहीं दिखाते, तब देश के आम नागरिकों का न्यायपालिका में अटूट विश्वास कमजोर पड़ सकता है।
अदालत के अनुसार, आदेश की जानकारी होने के बावजूद यदि कोई पक्ष जानबूझकर उस आदेश का पालन नहीं करता, तब वहां अवमानना के दायरे में आएगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अवमानना की कार्यवाही केवल अदालत में पक्षकार रहे व्यक्तियों तक सीमित नहीं होगी। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी छत्तीसगढ़ सरकार के अधिकारियों के खिलाफ दायर अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान की। मामला कर्मचारियों की सेवाओं के नियमितीकरण से जुड़े आदेश के पालन न करने से जुड़ा था। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार के अधिकारियों को आदेश लागू करने के लिए अंतिम मौका देकर 15 दिन का समय दिया है।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ‘कृषि और ग्रामीण परिवर्तन’ विषय पर बजट के बाद आयोजित वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के कृषि क्षेत्र को नई ऊर्जा से भरना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के बजट में कृषि और ग्रामीण विकास को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं और वेबिनार में सामने आए सुझाव इन प्रावधानों को तेजी से जमीन पर उतारने में मदद करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैश्विक बाजार तेजी से बदल रहे हैं और दुनिया में कृषि उत्पादों की मांग भी नए रूप में सामने आ रही है। ऐसे में भारतीय किसानों को ध्यान में रखते हुए खेती को अधिक से अधिक निर्यात उन्मुख बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत की विविध जलवायु परिस्थितियां और अनेक एग्रो-क्लाइमेटिक जोन देश को कृषि उत्पादन में विशेष बढ़त देते हैं, जिनका बेहतर उपयोग किया जाना चाहिए।उन्होंने बताया कि केंद्रीय बजट में हाई-वैल्यू एग्रीकल्चर पर विशेष जोर दिया गया है। इसके तहत ऐसे कृषि उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है जिनकी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अधिक मांग है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, कि केरला और तमिलनाडु के किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए इस बार नारियल उत्पादन को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। इसके अलावा पूर्वोत्तर क्षेत्र की फसलों को भी बढ़ावा देने का प्रस्ताव बजट में शामिल किया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बजट के प्रावधानों का पूरा लाभ देश को मिले, इसके लिए विशेषज्ञों के अनुभव और सुझाव बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बजट में आवंटित हर रुपये का लाभ
नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना का एक सुखोई एसयू-30एमकेआई लड़ाकू विमान गुरुवार रात असम के कार्बी आंगलोंग जिले में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दुखद हादसे में वायुसेना के दो जांबाज अधिकारियों, स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरगकर का निधन हो गया है। वायुसेना ने आधिकारिक तौर पर इस क्षति की पुष्टि करते हुए बताया कि विमान एक नियमित प्रशिक्षण मिशन पर था, जब यह हादसा हुआ। इससे पहले विमान रडार से गायब हो गया था।
घटनाक्रम के अनुसार, इस दो सीटों वाले लड़ाकू विमान ने असम के जोरहाट से अपनी उड़ान भरी थी।
भूकंप ने पहाड़ी इलाके के निवासियों में दहशत, जानमाल की हानि की सूचना नहीं
जम्मू । रविवार तड़के सुबह जम्मू-कश्मीर का डोडा ज़िला भूकंप के झटकों से दहल गया। रिक्टर स्केल पर 4.2 मैग्नीट्यूड की तीव्रता वाले इस भूकंप ने पहाड़ी इलाके के निवासियों में दहशत पैदा कर दी, हालांकि राहत की बात यह रही कि अब तक किसी जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। जैसे ही सुबह हुई, परेशान लोकल लोग हालात का अंदाज़ा लगाने के लिए अपने घरों से बाहर निकले, उन्हें हिमालय की ठंडी हवा के बीच अपने पहाड़ी गांवों को सही-सलामत पाकर राहत मिली। मौसम विभाग ने भूकंप की शुरुआत के लिए सटीक कोऑर्डिनेट्स दिए लैटीट्यूड 33.08 डिग्री नॉर्थ और लॉन्गिट्यूड 76.17 डिग्री ईस्ट, जिसका एपिसेंटर धरती की सतह से सिर्फ़ पाँच किलोमीटर नीचे था। इस कम गहराई ने सेंसिटिव डोडा घाटी में झटकों को और बढ़ा दिया, जो मॉनसून के दौरान लैंडस्लाइड के लिए जाने जाने वाले अपने नाज़ुक इलाके के लिए जानी जाती है। इलाके की मॉनिटरिंग कर रहे सीस्मोलॉजिस्ट ने इस घटना की वजह इंडियन-यूरेशियन प्लेट बाउंड्री पर चल रहे टेक्टोनिक स्ट्रेस को बताया। यह एक हॉटस्पॉट है जो अक्सर केंद्र शासित प्रदेश में हल्के झटके देता है। किसी चोट, बिल्डिंग गिरने या इंफ्रास्ट्रक्चर में रुकावट की कोई खबर नहीं होने पर, अधिकारियों ने लगातार सावधानी बरतने की अपील की और लोगों को खड़ी ढलानों से बचने और आफ्टरशॉक के लिए अलर्ट रहने की सलाह दी। डोडा, एक दूर का ज़िला है जहाँ हरे-भरे जंगल और बर्फ से ढकी चोटियाँ हैं, यहां पहले भी ऐसे भूकंप आए हैं, जहाँ अवेयरनेस ड्रिल के ज़रिए लोगों को मज़बूत बनाया गया है। जब राहत टीमों ने इलाके को स्कैन किया, तो यह घटना इस इलाके की भूकंपीय कमज़ोरी की एक साफ़ याद दिलाती है, जिससे पहले से चेतावनी देने वाले सिस्टम को अपग्रेड करने की मांग उठी।
जम्मू। एक बार फिर पाकिस्तान की ओर से नापाक हरकत की गई, जबकि जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास पाकिस्तानी ड्रोन भेजा गया। रविवार तड़के डिगवार इलाके में तैनात भारतीय सेना के जवानों ने उक्त संदिग्ध ड्रोन को देखते ही तुरंत जवाबी फायरिंग की।
जानकारी अनुसार पाकिस्तानी ड्रोन रविवार सुबह करीब 6 बजकर 10 मिनट पर भारतीय क्षेत्र में दाखिल होता हुआ दिखाई दिया, जिसके बाद सेना ने दर्जनभर से अधिक राउंड फायर करके वापस लौटने पर मजबूर कर दिया। इस संबंध में सैन्य अधिकारियों ने मीडिया को बताया, कि भारतीय सीमा पर घुसा ड्रोन सेना की गोलीबारी से बच निकला। आसमान में मंडराने के बाद ड्रोन पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) की ओर वापस चला गया। यह दूसरी बार हुआ जबकि तीन दिनों के भीतर सीमा पार से ड्रोन गतिविधि देखी गई है, जिसके चलते भारतीय सेना को कड़े कदम उठाने पड़े हैं। यहां बताते चलें कि 27 फरवरी को भी इसी क्षेत्र में पाकिस्तानी ड्रोन की घुसपैठ हुई थी, जिस पर सेना ने कार्रवाई की थी। ऐसे में मौजूदा घटनाक्रम सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि ड्रोन का इस्तेमाल अक्सर हथियार या नशीले पदार्थ गिराने या फिर जासूसी करने के लिए किया जाता है।
काकीनाडा (आंध्र प्रदेश): काकीनाडा जिले में पटाखा फैक्ट्री में हुए धमाके में 20 लोगों की मौत के बाद आंध्र प्रदेश सरकार ने कई अधिकारियों को निलंबित कर दिया. सरकार इस घटना के लिए RDO, DSP, जिला श्रम अधिकारी और अग्निशमन अधिकारी को जिम्मेदार माना है. वहीं, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मृतकों के परिवारों को 20-20 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है. उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार 2 लाख रुपये मुआवजे के तौर पर देगी.
मुख्यमंत्री नायडू ने शनिवार रात काकीनाडा सरकारी जनरल हॉस्पिटल में भर्ती घायलों से मुलाकात की. इसके बाद मीडिया से बात करते हुए कहा, "यह घटना बहुत दुखद है. सभी पीड़ित आर्थिक रूप से कमजोर तबके के हैं. मरने वालों में 12 अनुसूचित जाति के लोग और 8 महिलाएं हैं. हम इस घटना को बहुत गंभीरता से ले रहे हैं. हाल ही में ऐसी ही एक घटना हुई थी और हमने जांच और कार्रवाई के आदेश दिए थे. इसके बावजूद, ऐसी घटना दोबारा होना बहुत दुखद है. हम घायलों को सबसे अच्छा इलाज दिलाने की कोशिश कर रहे हैं. इस हादसे में एक पति-पत्नी की भी मौत हो गई. मरने वालों के बच्चों को उनकी पढ़ाई के लिए आवासीय स्कूलों में एडमिशन दिलाया जाएगा."
नई दिल्ली। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए साझा सैन्य हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में बिगड़ते हालातों के बीच भारत के विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने ईरान, इजराइल और सभी प्रमुख खाड़ी देशों के नेतृत्व के साथ उच्च-स्तरीय फोन कॉल्स की एक श्रृंखला शुरू की है। इसका उद्देश्य न केवल हिंसा को रोकना है, बल्कि वहां रहने वाले लाखों भारतीयों की सुरक्षा की गारंटी लेना भी है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जयशंकर ने हिंसा को रोकने के लिए बातचीत और डिप्लोमेसी पर जोर दिया, साथ ही इस अस्थिर क्षेत्र में लाखों भारतीयों की भलाई का भरोसा भी दिलाया है। उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और इजराइली समकक्ष गिदोन सार से सीधे बात की। जयशंकर ने ईरान में बढ़ती उथल-पुथल पर गहरी चिंता व्यक्त की। इजराइल से उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत तनाव कम करने के लिए बातचीत और कूटनीति पर जोर देता है। उनकी बातचीत सऊदी अरब के प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद, कुवैत के शेख जर्राह जाबेर अल-अहमद अल-सबाह, बहरीन के अब्दुल्लातिफ बिन राशिद अल ज़यानी, कतर के पीएम मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसी
होली पर्व की शुभकामनाओं का हुआ परस्पर आदान-प्रदान
होली पर्व की शुभकामनाओं का हुआ परस्पर आदान-प्रदान
सुप्रीम कोर्ट ने एनसीईआरटी की कक्षा आठ की सामाजिक विज्ञान की किताब में न्यायपालिका से जुड़ी सामग्री पर गंभीर आपत्ति जताई है। प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि वह किसी को भी न्यायपालिका की संस्था को बदनाम करने की इजाजत नहीं देंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कानून अपना काम करेगा और जरूरत पड़ी तो अदालत स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई करेगी। वहीं, जस्टिस बागची ने इसे बुनियादी ढांचे के खिलाफ बताया।मामला उस पाठ से जुड़ा है जिसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से संबंधित एक हिस्सा जोड़ा गया है। वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने इस मुद्दे को अदालत के सामने उठाया। उन्होंने कहा कि स्कूल के बच्चों को इस तरह की सामग्री पढ़ाया जाना चिंताजनक है। इस पर सीजेआई ने कहा कि उन्हें इस विषय पर कई फोन और संदेश मिले हैं और वह पूरी तरह से मामले से अवगत हैं।
नई दिल्ली|तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल, असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में अप्रैल और मई में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार चुनाव तैयारियों की समीक्षा के लिए पुडुचेरी और तमिलनाडु के दो दिवसीय महत्वपूर्ण दौरे पर जा रहे हैं। ज्ञानेश कुमार बुधवार दोपहर करीब 2 बजे पुडुचेरी पहुंचेंगे, जहां वे अपने मुख्य सचिव शरथ चौहान और पुलिस महानिदेशक शालिनी सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। चर्चा मुख्य रूप से सुरक्षा व्यवस्था, रसद संबंधी तैयारियों और केंद्र शासित प्रदेश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के उपायों पर केंद्रित होगी।पुडुचेरी और तमिलनाडु के दौरे पर मुख्य चुनाव आयुक्त मुख्य चुनाव आयुक्त के दौरे से पहले, पुडुचेरी पुलिस ने मंगलवार को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ चुनाव संबंधी सुरक्षा प्रोटोकॉल और प्रवर्तन उपायों पर चर्चा करने के लिए एक बैठक बुलाई।पुडुचेरी पुलिस मुख्यालय में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता डीआईजी सत्या सुंदरम ने की और इसमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया।अधिकारियों ने चुनाव सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की, जिनमें कानून व्यवस्था प्रबंधन, संवेदनशील बूथों की निगरानी, तैनाती योजना और आदर्श आचार संहिता के लागू होने के बाद उसका पालन करना शामिल है।चुनावी व्यवस्था से संबंधित प्रतिक्रिया प्राप्त करने और चिंताओं को दूर करने के लिए मुख्य चुनाव आयोग द्वारा पुडुचेरी में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करने की भी उम्मीद है।पुडुचेरी की यात्रा के बाद, वह गुरुवार और शुक्रवार को तमिलनाडु की यात्रा करेंगे। उनके साथ सात उप चुनाव आयुक्त भी होंगे।26 फरवरी को चेन्नई में, वह तमिलनाडु की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अर्चना पटनायक और वरिष्ठ चुनाव अधिकारियों से मुलाकात करेंगे ताकि राज्य की तैयारियों का आकलन किया जा सके।27 फरवरी को, मुख्य चुनाव आयोग तमिलनाडु में वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ परामर्श करेगा।यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पिछले सप्ताह उप चुनाव आयुक्तों ने राज्य में प्रारंभिक निरीक्षण पूरा कर लिया था।मुख्य चुनाव आयुक्त की समीक्षा को चुनाव तिथियों की औपचारिक घोषणा से पहले एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है, जिसकी उम्मीद जल्द ही की जा रही है।