ईश्वर दुबे
संपादक - न्यूज़ क्रिएशन
+91 98278-13148
newscreation2017@gmail.com
Shop No f188 first floor akash ganga press complex
Bhilai
भूकंप ने पहाड़ी इलाके के निवासियों में दहशत, जानमाल की हानि की सूचना नहीं
जम्मू । रविवार तड़के सुबह जम्मू-कश्मीर का डोडा ज़िला भूकंप के झटकों से दहल गया। रिक्टर स्केल पर 4.2 मैग्नीट्यूड की तीव्रता वाले इस भूकंप ने पहाड़ी इलाके के निवासियों में दहशत पैदा कर दी, हालांकि राहत की बात यह रही कि अब तक किसी जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। जैसे ही सुबह हुई, परेशान लोकल लोग हालात का अंदाज़ा लगाने के लिए अपने घरों से बाहर निकले, उन्हें हिमालय की ठंडी हवा के बीच अपने पहाड़ी गांवों को सही-सलामत पाकर राहत मिली। मौसम विभाग ने भूकंप की शुरुआत के लिए सटीक कोऑर्डिनेट्स दिए लैटीट्यूड 33.08 डिग्री नॉर्थ और लॉन्गिट्यूड 76.17 डिग्री ईस्ट, जिसका एपिसेंटर धरती की सतह से सिर्फ़ पाँच किलोमीटर नीचे था। इस कम गहराई ने सेंसिटिव डोडा घाटी में झटकों को और बढ़ा दिया, जो मॉनसून के दौरान लैंडस्लाइड के लिए जाने जाने वाले अपने नाज़ुक इलाके के लिए जानी जाती है। इलाके की मॉनिटरिंग कर रहे सीस्मोलॉजिस्ट ने इस घटना की वजह इंडियन-यूरेशियन प्लेट बाउंड्री पर चल रहे टेक्टोनिक स्ट्रेस को बताया। यह एक हॉटस्पॉट है जो अक्सर केंद्र शासित प्रदेश में हल्के झटके देता है। किसी चोट, बिल्डिंग गिरने या इंफ्रास्ट्रक्चर में रुकावट की कोई खबर नहीं होने पर, अधिकारियों ने लगातार सावधानी बरतने की अपील की और लोगों को खड़ी ढलानों से बचने और आफ्टरशॉक के लिए अलर्ट रहने की सलाह दी। डोडा, एक दूर का ज़िला है जहाँ हरे-भरे जंगल और बर्फ से ढकी चोटियाँ हैं, यहां पहले भी ऐसे भूकंप आए हैं, जहाँ अवेयरनेस ड्रिल के ज़रिए लोगों को मज़बूत बनाया गया है। जब राहत टीमों ने इलाके को स्कैन किया, तो यह घटना इस इलाके की भूकंपीय कमज़ोरी की एक साफ़ याद दिलाती है, जिससे पहले से चेतावनी देने वाले सिस्टम को अपग्रेड करने की मांग उठी।
जम्मू। एक बार फिर पाकिस्तान की ओर से नापाक हरकत की गई, जबकि जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास पाकिस्तानी ड्रोन भेजा गया। रविवार तड़के डिगवार इलाके में तैनात भारतीय सेना के जवानों ने उक्त संदिग्ध ड्रोन को देखते ही तुरंत जवाबी फायरिंग की।
जानकारी अनुसार पाकिस्तानी ड्रोन रविवार सुबह करीब 6 बजकर 10 मिनट पर भारतीय क्षेत्र में दाखिल होता हुआ दिखाई दिया, जिसके बाद सेना ने दर्जनभर से अधिक राउंड फायर करके वापस लौटने पर मजबूर कर दिया। इस संबंध में सैन्य अधिकारियों ने मीडिया को बताया, कि भारतीय सीमा पर घुसा ड्रोन सेना की गोलीबारी से बच निकला। आसमान में मंडराने के बाद ड्रोन पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) की ओर वापस चला गया। यह दूसरी बार हुआ जबकि तीन दिनों के भीतर सीमा पार से ड्रोन गतिविधि देखी गई है, जिसके चलते भारतीय सेना को कड़े कदम उठाने पड़े हैं। यहां बताते चलें कि 27 फरवरी को भी इसी क्षेत्र में पाकिस्तानी ड्रोन की घुसपैठ हुई थी, जिस पर सेना ने कार्रवाई की थी। ऐसे में मौजूदा घटनाक्रम सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि ड्रोन का इस्तेमाल अक्सर हथियार या नशीले पदार्थ गिराने या फिर जासूसी करने के लिए किया जाता है।
काकीनाडा (आंध्र प्रदेश): काकीनाडा जिले में पटाखा फैक्ट्री में हुए धमाके में 20 लोगों की मौत के बाद आंध्र प्रदेश सरकार ने कई अधिकारियों को निलंबित कर दिया. सरकार इस घटना के लिए RDO, DSP, जिला श्रम अधिकारी और अग्निशमन अधिकारी को जिम्मेदार माना है. वहीं, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मृतकों के परिवारों को 20-20 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है. उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार 2 लाख रुपये मुआवजे के तौर पर देगी.
मुख्यमंत्री नायडू ने शनिवार रात काकीनाडा सरकारी जनरल हॉस्पिटल में भर्ती घायलों से मुलाकात की. इसके बाद मीडिया से बात करते हुए कहा, "यह घटना बहुत दुखद है. सभी पीड़ित आर्थिक रूप से कमजोर तबके के हैं. मरने वालों में 12 अनुसूचित जाति के लोग और 8 महिलाएं हैं. हम इस घटना को बहुत गंभीरता से ले रहे हैं. हाल ही में ऐसी ही एक घटना हुई थी और हमने जांच और कार्रवाई के आदेश दिए थे. इसके बावजूद, ऐसी घटना दोबारा होना बहुत दुखद है. हम घायलों को सबसे अच्छा इलाज दिलाने की कोशिश कर रहे हैं. इस हादसे में एक पति-पत्नी की भी मौत हो गई. मरने वालों के बच्चों को उनकी पढ़ाई के लिए आवासीय स्कूलों में एडमिशन दिलाया जाएगा."
नई दिल्ली। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए साझा सैन्य हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में बिगड़ते हालातों के बीच भारत के विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने ईरान, इजराइल और सभी प्रमुख खाड़ी देशों के नेतृत्व के साथ उच्च-स्तरीय फोन कॉल्स की एक श्रृंखला शुरू की है। इसका उद्देश्य न केवल हिंसा को रोकना है, बल्कि वहां रहने वाले लाखों भारतीयों की सुरक्षा की गारंटी लेना भी है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जयशंकर ने हिंसा को रोकने के लिए बातचीत और डिप्लोमेसी पर जोर दिया, साथ ही इस अस्थिर क्षेत्र में लाखों भारतीयों की भलाई का भरोसा भी दिलाया है। उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और इजराइली समकक्ष गिदोन सार से सीधे बात की। जयशंकर ने ईरान में बढ़ती उथल-पुथल पर गहरी चिंता व्यक्त की। इजराइल से उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत तनाव कम करने के लिए बातचीत और कूटनीति पर जोर देता है। उनकी बातचीत सऊदी अरब के प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद, कुवैत के शेख जर्राह जाबेर अल-अहमद अल-सबाह, बहरीन के अब्दुल्लातिफ बिन राशिद अल ज़यानी, कतर के पीएम मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसी
होली पर्व की शुभकामनाओं का हुआ परस्पर आदान-प्रदान
होली पर्व की शुभकामनाओं का हुआ परस्पर आदान-प्रदान
सुप्रीम कोर्ट ने एनसीईआरटी की कक्षा आठ की सामाजिक विज्ञान की किताब में न्यायपालिका से जुड़ी सामग्री पर गंभीर आपत्ति जताई है। प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि वह किसी को भी न्यायपालिका की संस्था को बदनाम करने की इजाजत नहीं देंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कानून अपना काम करेगा और जरूरत पड़ी तो अदालत स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई करेगी। वहीं, जस्टिस बागची ने इसे बुनियादी ढांचे के खिलाफ बताया।मामला उस पाठ से जुड़ा है जिसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से संबंधित एक हिस्सा जोड़ा गया है। वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने इस मुद्दे को अदालत के सामने उठाया। उन्होंने कहा कि स्कूल के बच्चों को इस तरह की सामग्री पढ़ाया जाना चिंताजनक है। इस पर सीजेआई ने कहा कि उन्हें इस विषय पर कई फोन और संदेश मिले हैं और वह पूरी तरह से मामले से अवगत हैं।
नई दिल्ली|तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल, असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में अप्रैल और मई में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार चुनाव तैयारियों की समीक्षा के लिए पुडुचेरी और तमिलनाडु के दो दिवसीय महत्वपूर्ण दौरे पर जा रहे हैं। ज्ञानेश कुमार बुधवार दोपहर करीब 2 बजे पुडुचेरी पहुंचेंगे, जहां वे अपने मुख्य सचिव शरथ चौहान और पुलिस महानिदेशक शालिनी सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। चर्चा मुख्य रूप से सुरक्षा व्यवस्था, रसद संबंधी तैयारियों और केंद्र शासित प्रदेश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के उपायों पर केंद्रित होगी।पुडुचेरी और तमिलनाडु के दौरे पर मुख्य चुनाव आयुक्त मुख्य चुनाव आयुक्त के दौरे से पहले, पुडुचेरी पुलिस ने मंगलवार को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ चुनाव संबंधी सुरक्षा प्रोटोकॉल और प्रवर्तन उपायों पर चर्चा करने के लिए एक बैठक बुलाई।पुडुचेरी पुलिस मुख्यालय में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता डीआईजी सत्या सुंदरम ने की और इसमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया।अधिकारियों ने चुनाव सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की, जिनमें कानून व्यवस्था प्रबंधन, संवेदनशील बूथों की निगरानी, तैनाती योजना और आदर्श आचार संहिता के लागू होने के बाद उसका पालन करना शामिल है।चुनावी व्यवस्था से संबंधित प्रतिक्रिया प्राप्त करने और चिंताओं को दूर करने के लिए मुख्य चुनाव आयोग द्वारा पुडुचेरी में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करने की भी उम्मीद है।पुडुचेरी की यात्रा के बाद, वह गुरुवार और शुक्रवार को तमिलनाडु की यात्रा करेंगे। उनके साथ सात उप चुनाव आयुक्त भी होंगे।26 फरवरी को चेन्नई में, वह तमिलनाडु की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अर्चना पटनायक और वरिष्ठ चुनाव अधिकारियों से मुलाकात करेंगे ताकि राज्य की तैयारियों का आकलन किया जा सके।27 फरवरी को, मुख्य चुनाव आयोग तमिलनाडु में वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ परामर्श करेगा।यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पिछले सप्ताह उप चुनाव आयुक्तों ने राज्य में प्रारंभिक निरीक्षण पूरा कर लिया था।मुख्य चुनाव आयुक्त की समीक्षा को चुनाव तिथियों की औपचारिक घोषणा से पहले एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है, जिसकी उम्मीद जल्द ही की जा रही है।
बृहन्मुंबई| नगर निगम (बीएमसी) ने बुधवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपना शिक्षा बजट पेश किया। इस बार कुल बजट 4,248.08 करोड़ रुपये रखा गया है, जो पिछले साल 2025-26 के 3,674 करोड़ रुपये से ज्यादा है। खास बात यह रही कि चार साल बाद यह बजट किसी प्रशासक की जगह चुने गए नगरसेवकों की आम सभा के सामने पेश किया गया। यह बजट अतिरिक्त नगर आयुक्त (पूर्वी उपनगर) डॉ. अविनाश ढाकने ने पेश किया।पूरे शिक्षा बजट को दो हिस्सों में बांटा गया है ताकि रोजमर्रा के खर्च और स्कूलों के विकास दोनों पर ध्यान दिया जा सके। राजस्व खर्च 3,758.08 करोड़ रुपये, इसमें शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन, स्कूलों की देखभाल और प्रशासनिक खर्च शामिल हैं। पूंजीगत खर्च 490 करोड़ रुपये यह रकम नए स्कूल बनाने और पुराने स्कूलों के बड़े सुधार कार्यों पर खर्च होगी।
Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश पुलिस प्रसाशन ने एक बड़ा और शख्त कदम उठाते हुए 2021 बैच की आईपीएस अधिकारी अदिति सिंह की जिम्मेदारियां उनकी बार-बार की छुट्टियों के दौरान एक अधीनस्थ अधिकारी को सौंपने का निर्देश दिया है. वर्तमान में अदिति सिंह धर्मशाला में स्टेट विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरों(SV&ACB) की नोर्दर्न रेंज में एसपी के पद पर कार्यरत थी. बीते महीनों में उन्होंने बार-बार छुट्टियां ली, जिस वजह से हिमाचल प्रदेश पुलिस प्रसाशन ने बड़ा निर्णय लिया है.
25 दिनों तक छुट्टी पर रहीं अदिति सिंह
राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) अशोक तिवारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार आईपीएस अधिकारी अदिति सिंह 8 जनवरी से 22 फरवरी के बीच कुल 25 दिनों तक छुट्टी पर रहीं. डीजीपी ने पाया कि इतनी लंबी और बार-बार की छुट्टियों की वजह से उनके कार्यालय का कामकाज प्रभावित हो रहा था. प्रशासनिक कार्यों में आ रही बाधा को देखते हुए ये निर्णय लिया गया है.
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नमो भारत ट्रेन सर्विस और मेरठ मेट्रो को हरी झंडी दिखाई. इस कार्यक्रम के दौरान वो एक जनसभा को संबोधित करेंगे और पश्चिमी UP जिले में 12,000 रुपये करोड़ से ज्यादा के प्रोजेक्ट्स भी लॉन्च करेंगे. दिल्ली से मेरठ के बीच की दूरी 85 किलोमीटर की है. दिल्ली से मेरठ आने में पहले 3 से साढ़े तीन घंटे लगा करते थे. अब दूरी भरे ही कम न हुई हो मगर सफर के बीच समय में कमी भी जरूर आएगी.
दिल्ली एनसीआर के लोग मेरठ में कम कीमत में किराए के घर लेकर इस मेट्रो के जरिए सफर कर सकते हैं. क्योंकि दोनों ही जगहों के किराए में काफी अंतर है. 180 km प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड के साथ, नमो भारत भारत का पहला रीजनल रैपिड ट्रांज़िट सिस्टम है, जो साहिबाबाद, गाजियाबाद, मोदीनगर और मेरठ जैसे बड़े शहरी सेंटर्स को दिल्ली से हाई स्पीड से जोड़ता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेरठ साउथ स्टेशन तक मेट्रो की सवारी भी की.
Delhi Lashkar Module : दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बड़ा खुलासा किया है। राजधानी में पकड़े गए लश्कर-ए-तैयबा के संदिग्ध मॉड्यूल की जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी Inter-Services Intelligence (आईएसआई) की साजिश के तहत बांग्लादेशी मूल के युवकों का नेटवर्क तैयार किया गया था।
पुलिस के मुताबिक इस नेटवर्क का संचालन बांग्लादेश में बैठा लश्कर का कमांडर कर रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि मॉड्यूल के निशाने पर देश के चार बड़े मेट्रो शहर — Delhi, Mumbai, Kolkata और Chennai — थे। सूत्रों के अनुसार कुछ जगहों की रेकी भी की जा चुकी थी और होली के मौके पर हमले की तैयारी थी।
खुफिया इनपुट मिलने के बाद स्पेशल सेल ने कार्रवाई तेज कर मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया। जांच से जुड़े अधिकारियों का दावा है कि बांग्लादेशी हैंडलर शब्बीर अहमद लोन सीधे Lashkar-e-Taiba प्रमुख Hafiz Saeed और आतंकी सरगना Zaki-ur-Rehman Lakhvi के संपर्क में था।
पुलिस का कहना है कि आईएसआई भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के जरिए लोकल मॉड्यूल खड़ा कर रही थी। इसके लिए फंडिंग की जा रही थी ताकि बड़े शहरों में समन्वित हमले किए जा सकें। शब्बीर इस नेटवर्क में आईएसआई और बांग्लादेशी मूल के आतंकी सैदुल इस्लाम के बीच कड़ी का काम कर रहा था।
स्पेशल सेल के अनुसार शब्बीर अहमद लोन वर्ष 2007 में आत्मघाती हमले की साजिश में एके-47 और हैंड ग्रेनेड के साथ पकड़ा गया था। सजा पूरी करने के बाद 2018 में जेल से बाहर आने के बाद उसने दोबारा नेटवर्क को सक्रिय किया और सोशल मीडिया के जरिए युवकों को जोड़ना शुरू किया। जांच एजेंसियों को उसके डिजिटल ट्रेल से कई अहम सुराग मिले हैं।
मुंबई। महाराष्ट्र आतंकवाद विरोधी दस्ते ने संदिग्ध आतंकी गतिविधियों की खुफिया जानकारी के मद्देनजर दो जिलों में ताबड़तोड़ तलाशी अभियान चलाया। एटीएस ने यवतमाल और अहिल्यानगर जिलों के 21 ठिकानों पर छापेमारी करते हुए पूछताछ के लिए कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
दरअसल, एटीएस को खुफिया जानकारी मिली थी कि कुछ युवाओं को आतंकी संगठनों से संपर्क करके सक्रिय करने की कोशिश की जा रही है। एक अधिकारी ने बताया कि एटीएस ने आधी रात के आसपास शुरू किए गए छापों में दोनों जिलों में 20 से अधिक स्थानों की तलाशी ली और एक दर्जन से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
एटीएस ने यवतमाल जिले के पुसद और उमरखेड़ में 14 जगह और अहिल्यानगर (अहमदनगर) में सात जगहों पर सर्च ऑपरेशन चलाया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि राज्य में युवाओं के कट्टरपंथीकरण के बारे में मिली विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर एटीएस ने जिला पुलिस टीम के साथ मिलकर यवतमाल के पुसाद और उमरखेड़ शहरों में अभियान चलाया।
अधिकारी ने बताया कि संदिग्धों से जुड़े घरों, कार्यालयों और अन्य स्थानों सहित 14 जगहों पर तलाशी जारी है और टीमों ने आपत्तिजनक दस्तावेज, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं और सीसीटीवी फुटेज की जांच की है।
उन्होंने बताया कि एटीएस ने तलाशी के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए हैं। अधिकारी ने बताया कि संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है और अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि इस अभियान के लिए बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को तैनात किया गया है। अधिकारी ने आगे बताया कि मध्य महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले में सात स्थानों पर इसी तरह की छापेमारी की गई और पुलिस ने संदिग्धों से आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को नई दिल्ली में भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 का उद्घाटन करेंगे. आज से शुरू हो रहे इस पांच दिवसीय एक्सपो इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में 13 देशों के पवेलियन होंगे जो एआई इकोसिस्टम में इंटरनेशनल सहयोग दिखाएंगे. यह एक्सपो समिट के साथ उसी जगह पर होगा.
70,000 स्क्वेयर मीटर से अधिक क्षेत्र में फैले में इस कार्यक्रम में ग्लोबल टेक्नोलॉजी फर्म, स्टार्टअप, एकेडेमिया और रिसर्च इंस्टीट्यूशन, यूनियन मिनिस्ट्री, राज्य सरकारें और इंटरनेशनल पार्टनर एक साथ आएंगे. इस समारोह में 13 देशों के पवेलियन भी होंगे, जो एआई इकोसिस्टम में इंटरनेशनल सहयोग दिखाएंगे.
इनमें ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स, स्विट्जरलैंड, सर्बिया, एस्टोनिया, ताजिकिस्तान और अफ्रीकी देशों के पवेलियन शामिल हैं. एक्सपो में 300 से अधिक क्यूरेटेड एग्जिबिशन पवेलियन और लाइव डेमोंस्ट्रेशन होंगे. ये तीन थीम वाले चक्रों - पीपल, प्लैनेट और प्रोग्रेस में बने होंगे.
इसके अलावा प्रदर्शनी में 600 से अधिक उच्च क्षमता स्टार्टअप भी होंगे, जिनमें से कई ग्लोबल लेवल पर काम के और लोगों के लिए बड़े पैमाने पर जनसंख्या-स्तरीय समाधान बना रहे हैं. ये स्टार्टअप ऐसे वर्किंग सॉल्यूशन दिखाएंगे जो असल दुनिया में पहले से ही इस्तेमाल किए जा रहे हैं. इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों समेत 2.5 लाख से अधिक विजिटरों के आने की उम्मीद है.
इस इवेंट का मकसद ग्लोबल एआई इकोसिस्टम में नई पार्टनरशिप को बढ़ावा देना और बिजनेस के मौके बनाना है. 500 से अधिक सेशन ऑर्गनाइज किए जाएंगे, जिसमें 3250 से अधिक विजनरी स्पीकर और पैनल मेंबर शामिल होंगे.
ये सेशन अलग-अलग सेक्टर में एआई के बदलाव लाने वाले असर को मानने और भविष्य में क्या कदम उठाने चाहिए, इस पर बात करने पर फोकस करेंगे ताकि एआई से दुनिया के हर नागरिक को फायदा हो. पीएमओ के बयान में कहा गया, 'यह एक्सपो एआई के एक्शन का एक नेशनल डेमोंस्ट्रेशन होगा, जहाँ पॉलिसी प्रैक्टिस से मिलती है, इनोवेशन स्केल से मिलता है और टेक्नोलॉजी आम नागरिक से मिलती है.'