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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवार भगवान शिव जी का दिन माना गया है। इस दिन सुबह जल्दी उठकर भोलेनाथ के दर्शन करने के बाद शिव चालीसा या शिवाष्टक का पाठ करते हैं तो शिव जी प्रसन्न होकर सभी समस्याएं दूर कर दे‍ते है।

खासकर मार्गशीर्ष माह में (margashirsha month remedies) सोमवार के दिन शिव उपासना का श्रेष्ठतम दिन माना गया है। भगवान शिव सरल उपायों से जल्दी प्रसन्न होने वाले देवता है, उनकी उपासना से जीवन की समस्या अपने आप हल होती जाती हैं। निम्न उपायों को मार्गशीर्ष सोमवार के दिन आजमाएं और देखिए कमाल...

1. मार्गशीर्ष सोमवार Margashirsha Monday के दिन शिव जी पर गंगा जल चढ़ाएं। अगर कोई विशेष शिव मंत्र नहीं आता है तो मात्र 'ॐ नम: शिवाय' का मंत्र बोलकर शिव जी की आराधना करें, यह मंत्र भी अन्य मंत्रों जितना ही प्रभावशाली है।

2. मार्गशीर्ष सोमवार की सुबह शिव जी के मंदिर में 'गौरी-शंकर रुद्राक्ष' चढ़ाने से विवाह बाधा और दांपत्य जीवन में आने वाली परेशानी दूर हो जाती है।

3. मार्गशीर्ष सोमवार के दिन सुबह शिव मंदिर Lord Shiv Temple में जाकर शिवलिंग पर दूध चढ़ाएं और यह दूध किसी तांबे के बर्तन में लाकर 'ॐ नम: शिवाय:' का जाप करते हुए अपने व्यापारिक स्थान में पूर्ण श्रद्धा के साथ छिड़क दें, आपके व्यवसाय में वृद्धि होगी।

4. बिल्वपत्र पर सफेद चंदन की बिंदी लगाएं और अपनी इच्छा बोलकर शिवलिंग पर अर्पित करें।

5. आज शिव मंदिर में जाकर रुद्राक्ष की माला से 'ॐ नमो धनदाय स्वाहा' मंत्र का 11 माला जप करें। इससे धन वृद्धि होगी।

6. शिव पुराण में शिव जी को प्रसन्न करके उनसे आशीष लेने का सबसे सरल उपाय दिया गया है, उसके अनुसार सोमवार के दिन एक दीपक पूरी श्रद्धा से भगवान शिव जी को अर्पित करना है।

7. मार्गशीर्ष सोमवार को गोधूलि बेला की संजा के समय एक घी का दीपक तैयार करके उसमें एक लौंग का जोड़ा डालकर शिव मंत्र का 108 बार उच्चारण करके भगवान शिव के समक्ष जलाएं और आर्थिक संकट दूर करने की प्रार्थना करें। यह कार्य आप किसी भी मार्गशीर्ष माह के सोमवार से आरंभ कर 11 सोमवार तक नियमित करें। निश्चित ही आपके घोर से घोर आर्थिक संकट दूर होंगे और धन प्राप्ति के मार्ग खुलेंगे।

फवाद अफजल खान एक पाकिस्तानी गायक, मॉडल और अभिनेता हैं जो पाकिस्तानी फिल्मों और धारावाहिकों में दिखाई देते हैं।उनका जन्म लाहौर, पाकिस्तान में हुआ था। उन्होंने अपना प्रारंभिक जीवन ग्रीस, सऊदी अरब और यूनाइटेड किंगडम में बिताया और 12 साल की उम्र में लाहौर लौट आए। उन्होंने लाहौर ग्रामर स्कूल से अपना ए-लेवल पूरा किया।बाद में उन्होंने अपने स्नातक के लिए नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ कंप्यूटर एंड इमर्जिंग साइंसेज, लाहौर में प्रवेश लिया। जहां उन्होंने टेलीकॉम इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की। उन्होंने हाई स्कूल के एक नाटक में अपनी पहली सार्वजनिक उपस्थिति दर्ज की।

नाटक में फवाद का प्रदर्शन इतना अच्छा था कि अंजुम शहजाद (निर्देशक) प्रभावित हुईं और उन्होंने फवाद को टीवी पर भी प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने 20 साल की उम्र में गिटार, बास और ड्रम सीखा।फवाद 1998 में 17 साल की उम्र में सदफ से मिले, और 2005 में लाहौर में एक इस्लामी शादी समारोह में उनसे शादी की। इस जोड़े का एक बेटा है जिसका नाम अयान खान है।

महिलाओं पर अपमानजनक टिप्पणी किये जाने के मामले में क्षत्रिय समाज में आक्रोश

रायसेन। मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री बिसाहूलाल द्वारा एक कार्यक्रम के दौरान मंच से क्षत्रिय समाज की महिलाओं पर अपमानजनक टिप्पणी किये जाने के मामले में क्षत्रिय समाज का गुस्सा कम होने का नाम नही ले रहा हैं। रायसेन सहित पूरे मध्यप्रदेश के क्षत्रिय समाज में इस घटना को लेकर आक्रोश व्याप्त है। मप्र सरकार के जिम्मेदार मंत्री द्वारा की गई यह अभद्र टिप्पणी दर्शाती है की बिसाहूलाल कितने गैर जिम्मेदार एवं किस मानसिकता के व्यक्ति हैं। इसलिए हल्की मानसिकता के व्यक्ति को मंत्री पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है जिसके मन में महिलाओं के प्रति सम्मान का भाव नहीं है। रायसेन जिला मुख्यालय पर आज क्षत्रिय समाज एवं करणी सेना के संयुक्त तत्वाधान रायसेन सागर तिराहे पर तत्तावधान में मंत्री बिसाहूलाल के इस्तीफे को लेकर विरोध स्वरूप उनके पुतले का दहन कर मुख्यमंत्त्री के नाम से ज्ञापन दिया गया । इस मोके पर बड़ी संख्या में राजपूत क्षत्रिय समाज के लोग मौजूद रहे।

शिवराज सिंह कुशवाह, पूर्व हिंदू उत्सव समिति अध्यक्ष रायसेन ने कहा कि
 मप्र सरकार के जिम्मेदार कैबिनेट मंत्री महिलाओं के संदर्भ में जब ऐसी मानसिकता रहते हैं जो उनके बयान से साफ जाहिर हो रही है इसलिए छतरी राजपूत समाज ने मध्य प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से उनके इस्तीफे की मांग की है जब तक उनका इस्तीफा नहीं हो जाता तब तक उनका जगह-जगह घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा वही रायसेन जिले में मंत्री बिठाऊ लालू को घुसने नहीं दिया जाएगा समाज के लोगों ने बताया कि ऐसे ओछी मानसिकता के लोग कोरोना वायरस से भी ज्यादा खतरनाक है जो समाज में समानता फैलाने का काम कर रहे हैं।

साँची रायसेन.  सांची,,, भगवान बुद्ध के परम शिष्यों की पावन अस्थियों को आज निकाला गया तथा पूजा अर्चना के उपरांत जनता के दर्शनार्थ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बौद्ध मंदिर में रखा गया ।दो दिवसीय महाबोधि महोत्सव का आज समापन किया जायेगा ।
जानकारी के अनुसार आज प्रातः भगवान बुद्ध के परम शिष्यों की पवित्र अस्थियों को निकाला गया पवित्र अस्थियों की स्वास्थ्य मंत्री डॉ प्रभूराम चौधरी ने पूजा अर्चना की । इस अवसर पर महाबोधि सोसायटी श्रीलंका के प्रभारी पूज्य वानगल विमलतिस्स नायक थैरो कलेक्टर अरविंद कुमार दुबे अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अनुराधा शंकर सिंह एसडीएम एल के खरे सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे । स्वास्थ्य मंत्री श्री चौधरी ने पूजा अर्चना उपरांत किन्हीं कारणों से महाबोधि सोसायटी श्रीलंका जापान के अध्यक्ष पूज्य उपतिस्स नायक थैरो इस समारोह में शामिल नहीं हो सके उनसे वीडियो कालिंग कर बात भी की तथा कुशलक्षेम जानी । इसके पहले डा चौधरी ने कहा कि यह स्थान विश्व में अपनी प्रसिद्धि से जाना जाता है यह वही स्थल है जहां से विश्व को शांति का संदेश दिया गया था हजारों साल गुजरने के बाद भी आज हमारी धरोहर सुरक्षित है यह क्षेत्र शांति का क्षेत्र कहलाता है इसीलिए इस नगर को विश्व में शांति का टापू कहा जाता है इस नगर के विकास के लिए प्रदेश सरकार तथा भारत सरकार द्वारा लगातार योजनाये  बनाई जा रही है तत्पश्चात  पावन अस्थियों को स्तूप क्रं 1 की सुरक्षा व्यवस्था के साथ परिक्रमा कराई गई तथा बौद्ध मंदिर में दर्शनार्थियों के दर्शन के लिए रखा गया इस अवसर पर देश-विदेश के हजारों की संख्या में लोग सांची पहुंचे तथा पावन अस्थियों के दर्शन किए । इसी के साथ पर्यटन विकास विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय महाबोधि महोत्सव भी जारी है इस महोत्सव समारोह में आज दूसरे दिन भी विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में लोगों की संख्या काफी कम रह गई जबकि इसके पूर्व वर्षों में इस समारोह ने काफी ऊंचाई छू ली थी परन्तु दो वर्ष यह समारोह कोरोना काल में आयोजित नहीं हो सका था आज शाम सांस्कृतिक कार्यक्रम उपरांत समापन हो जायेगा । इस महोत्सव को लेकर नगर को दुल्हन बना दिया गया तथा स्तूप मार्ग पूरी तरह खचाखच भरा रहा स्तूप पहुंच मार्ग के मुख्य चौराहे पर बड़ी संख्या में पुलिस तैनात की गई थी जो यहां आने जाने वालों को सुरक्षित रोड क्रासिंग कराते हुए भी देखा गया हालांकि इसी मार्ग से राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरा है जिससे बड़ी संख्या में छोटे बड़े वाहनों की आवाजाही लगी रहती है यहां व्यवस्था सुचारू बनाने स्थानीय प्रशासन की ओर से मुख्य चौराहे पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है जहां से वाहनों के धीमी गति तथा बीच मार्ग में वाहनों के खड़े न करने तथा पर्यटकों को आने जाने पर सुरक्षित रहकर मार्ग क्रास करने के साथ ही अपने बच्चों का ध्यान रखने जैसे एनांउंसमेंट के माध्यम से लगातार सूचना जारी रही । आज इस समारोह के दौरान पुरातत्व विभाग द्वारा तथा पुरातत्व संग्रहालय में लिए जाने वाले शुल्क को निशुल्क किया गया है  हालांकि पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष पर्यटकों की संख्या में काफी कमी दिखाई दी जबकि बाहरी दुकानों को बड़ी संख्या में लगाया गया था इसी के साथ स्तूप मार्ग  पर अनेकों समाज सेवियों ने निशुल्क भोजन पानी की व्यवस्था की थी ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े भी निशुल्क बांटने का सिलसिला जारी रहा ।

भोपाल । उर्जा मंत्रालय की उस योजना में शहर के बकायेदारों ने ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई है, जिसमें बकाया वसूलने के लिए 40 फीसदी की छूट दी जा रही है। इसके चलते बिजली कंपनी बकाए को बिल में जोडऩे वाली है। दिसंबर में जारी होने वाले बिलों में बकाया दिखने लगेगा। इस बकाए को 15 दिसंबर तक भरने का मौका है। बकाया स्थगित होने से वह बिल में नहीं दिख रहा था। बिल में नहीं दिखने के कारण उसमें भरने में रुचि नहीं दिखाई।
कोविड-19 के संक्रमण के चलते बड़ी संख्या में लोगों की आर्थिक हालत खराब हो गई थी। बिजली के बिल माफ करने की मांग उठने लगी थी। लोगों की स्थिति को देखते हुए सरकार ने बकाये को स्थगित (फ्रीज) कर दिया था। यह बकाया उन बकायेदारों का फ्रीज किया गया था, जिनका लोड 1 हजार वाट था। 31 अगस्त 2020 की स्थिति तक का पूरा बकाया स्थगित हो गया था। सरकार के इस फैसले से शहर के हजारों लोगों को इसका फायदा मिला था। लेकिन अब बिजली कंपनियों की हाल खराब है। इसके चलते सरकार ने इस पैसे को वसूलने का फैसला लिया है। समाधान योजना लागू की है। एक मुश्त जमा करने पर 40 फीसदी की छूट दी जा रही है और ब्याज पूरा माफ किया जा रहा है। ऊर्जा विभाग की गाइड लाइन जारी होने के बाद बिजली कंपनी ने बकायेदारों को नोटिस भेजने शुरू कर दिए थे, लेकिन बकाया भरने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। क्योंकि वह बकाया बिल में नहीं दिख रहा है। बकायेदारों को राशि बिल में दिख सके, उससे अगले महीने से जोड़ दिया जाएगा। शहर में 1 दिसंबर से नई बिलिंग साइकिल शुरू होनी है।
इस गाइड लाइन के तहत मिलेगा योजना का लाभ
-बकाए की स्थगित राशि का एक मुश्त जमा करते हैं तो बिल में 40 फीसदी की छूट मिलेगी। ब्याज पूरा माफ हो जाएगा। जैसे कि 10 हजार का बकाया स्थगित हुआ था। एक मुश्त जमा करने पर 6 हजार ही जमा करने पड़ेंगे। बकाए का 6 किश्तों में जमा करना चाहते हैं तो बकाये पर छूट 25 फीसदी मिलेगी। अधिभार की राशि 100 फीसद माफ किया जाएगा। मूल बिल में 25 फीसदी की माफी मिलेगी। 10 हजार का बिल बकाया है तो 2 हजार 500 रुपए की माफी मिलेगी। 7 हजार 500 रुपए 6 किस्तों में जमा करना होगा। बकायेदार को जो माफी दी जा रही है, उसका आधा पैसा बिजली कंपनी व आधा सरकार वहन करेगी। इस योजना का लाभ 15 दिंसबर तक ले सकते हैं। 31 अगस्त 2020 तक स्थगित राशि पर ही योजना का लाभ मिलेगा। हजार वाट लोड वाले उपभोक्ताओं की राशि को स्थिगित किया गया था।

भोपाल । कोरोना महामारी संक्रमण के चलते पूरा देश लॉकडाउन था। महामारी से स्थिति काबू होते ही लॉकडाउन के बाद पूरा देश अनलॉक होना शुरू हो गया और पलायन कर गए मजदूर और ग्रामीण किसी तरह जद्दोजहद करते हुए अपने गांव पहुंचे। जहां उन्हें मनरेगा के तहत कार्य तो मिला, लेकिन अब गांवों में कोई काम नहीं बचा, वहीं किए गए कार्यो का कई मजदूरों को भुगतान तक नहीं किया गया। जिसके कारण एक बार फिर ग्रामीण जहां से आए थे काम की तलाश में फिर से वहीं के लिए लौटने लगे हैं। आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों के ग्रामीण दूसरे जिले, महानगर, राज्यों में काम की तालाश में पलायन शुरू कर दिए है।
जानकारी अनुसार प्रदेश के कई जिलों के ग्रामीण क्षेत्र से एक बार फिर बड़ी संख्या में ग्रामीणों का पलायन शुरू हो गया है। कई जिलो के ग्रामीण प्रतिवर्ष काम की तलाश में पड़ोसी जिले, महानगर समेत अन्य राज्यों में काम की तलाश में जाना शुरू कर दिए है। महामारी की स्थिति सामान्य होते ही बस स्टेंड में पलायन करने वालों को देखा जा सकता है। सब कुछ सामान्य होने के चलते श्रमिकों की संख्या तेजी से बढऩे की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन दावा कर रहा है कि मजदूरों के लिए गांवों में पर्याप्त कार्य है। लेकिन पलायन कर रहे मजदूरों को देखकर नहीं लगता है कि लोगों के कार्य है। यहां कराए गए कार्यो की भी मजदूरी समय पर नहीं मिल रही है। जिससे इन्हेंं अपने परिवार का पालन पोषण करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सैकड़ों की संख्या में हो रहा पलायन
बता दे कि सरकार भले ही गांव में ही रोजगार देने की योजनाओं के साथ अनेक दावे करे लेकिन धरातल पर तो इन योजनाओं की तस्वीर कुछ और ही दिखती है। रोजगार के अभाव में ग्रामीणों के पलायन की कुछ ऐसे ही तस्वीरें सामने आई हैं, जिन्हें देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि सैकड़ो की संख्या में हर रोज महिला, पुरुष, बूढ़े और जवान सभी काम की तलाश में अन्य राज्यों और महानगरों की ओर निकल पड़े है। रोजाना ऐसे परिवार निवास बस स्टैंड व आसपास के सड़क किनारे अपने परिवार के साथ अपना जरूरतमंद समान रखे बस का इंतजार करते देखे जा सकते हैं।
मनरेगा भी नहीं रोक पाई पलायन
ग्रामीणों को गांव में ही रोजगार देने की गारंटी देने वाली रोजगार गांरटी योजना भी मजदूरों को जीविकोपार्जन के पर्याप्त अवसर प्रदान नहीं कर पा रही है। जिसका खामियाजा रोज कमाने खाने वाले ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। गांवों में पर्याप्त कार्य ना मिलने के कारण मनरेगा से ग्रामीणों का मोहभंग हो चुका है। ग्रामीणों को मनरेगा में किए गए कार्य की राशि उनके खाते में आते-आते महिनों बीत जाते है, लेकिन ग्रामीणों को तो रोज कमाना ओर खाना पड़ता है। जिसके कारण ग्रामीण काम की तालाश में पलायन कर रहे है।

कानपुर । भारतीय टीम ने ग्रीनपार्क स्टेडियम में खेले जा रहे पहले क्रिकेट टेस्ट मैच में मेहमान टीम न्यूजीलैंड को जीत के लिए 284 रनों का लक्ष्य दिया है। इसका पीछा करते हुए कीवी टीम ने चौथे दिन का खेल समाप्त होने के समय तक अपनी दूसरी पारी में एक विकेट के नुकसान पर केवल चार रन ही बनाये थे। लक्ष्य का पीछा करते हुए कीवी पारी की शुरूआत खराब रही और टीम ने तीसरे ओवर की आखिरी गेंद पर ही अपना विकेट गंवा लिया। विल यंग अश्विन की गेंद पर 2 रन बनाकर एलबीडब्ल्यू आउट हो गए। टॉम लेथम दो और समरविली शून्य पर खेल रहे थे।


इससे पहले भारतीय टीम ने अपनी दूसरी पारी सात विकेट पर 234 रनों पर घोषित कर दी थी। भारतीय टीम ने पहली पारी में 345 जबकि न्यूजीलैंड ने पहली पारी मे 296  रन बनाये थे। इस प्रकार पहली पारी के आधार पर भारतीय टीम को 49 रनों की बढ़त हासिल थी। भारतीय टीम की ओर से जहां पहली पारी में श्रेयस अय्यर ने शतक लगाया था वही कीवी टीम की ओर से टॉम लैथम के 95 रन की शानदार पारी खेली थी।
वहीं दूसरी पारी में भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल दूसरे ही ओवर में एक रन बनाकर पवेलियन लौट गये। उनके जोड़ीदार मयंक अग्रवाल भी 17 रन ही बना पाये। चेतेश्वर पुजारा 22 और कप्तान आजिंग्य रहाणे 4 रन बनाकर आउट हुए। रहाणे पहली पारी की तरह ही दूसरी पारी में भी नाकाम रहे। इसके बाद विकेटकीपर बल्लेबाज ऋद्धिमान साहा ने अपना अर्धशतक पूरा किया और अक्षर पटेल के साथ साझेदारी निभाई। साहा ने 61 रन बनाए तो वहीं अक्षर ने 28 रन की पारी खेली।


श्रेयस अय्यर ने दूसरी पारी में भी अच्छी बल्लेबाजी कर 65 रन बनाये। वह साउथी की गेंद पर टॉम ब्लंडेल के हाथों कैच आउट हो गए। अश्विन 5 चौकों की मदद से 32 रन बनाकर जेमीसन की गेंद पर बोल्ड हुए। वहीं ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा दूसरी पारी में खाता खोले बिना ही पेवेलियन लौट गये। वहीं  तीसरे दिन भारतीय टीम के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कीवी टीम को पहली पारी में 296 रनों पर समेट कर दिया था। भारत की ओर से स्पिनर अक्षर पटेल ने पांच विकेट लिए। अक्षर ने दूसरे सत्र में अच्छी गेंदबाजी करते हुए कीवी टीम को दबाव में ला दिया था। उन्होंने आखिरी सत्र में भी दो विकेट लिये। इसके अलावा अनुभवी तेज गेंदबाज उमेश यादव ने मेहमान टीम के कप्तान केन विलियमसन को शुरुआत में ही आउट कर दिया था।

नई दिल्ली । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को कहा कि हिंदुओं के बिना भारत नहीं है और भारत के बिना हिंदू नहीं हैं। उन्होंने आगे जोर देकर कहा कि भारत और हिंदुओं को अलग नहीं किया जा सकता है। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक कार्यक्रम में भागवत ने कहा कि हिंदुओं के बिना कोई भारत नहीं है और भारत के बिना कोई हिंदू नहीं है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि 'हिंदुस्तान' एक हिंदू राष्ट्र है जिसका उद्गम हिंदुत्व था तथा हिंदू एवं भारत अविभाज्य हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदू यदि हिंदू बने रहना चाहते हैं तो भारत को 'अखंड' बनना ही होगा। भागवत ने मध्यप्रदेश के ग्वालियर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ''हिंदुस्तान एक हिंदू राष्ट्र है और उसका उद्गम हिंदुत्व था ।

हिंदू भारत से अविभाज्य हैं और भारत हिंदू से अविभाज्य है।'' उन्होंने यह भी कहा कि यदि भारत को अपनी पहचान बनाये रखनी है तो उसे हिंदू बने रहना होगा तथा हिंदू यदि हिंदू बने रहना चाहते हैं तो भारत को 'अखंड' बनना ही होगा। संघ प्रमुख ने कहा, 'इतिहास गवाह है कि जब भी हिंदू 'भाव' (पहचान) को भूले, देश के सामने संकट खड़ा हो गया और वह टूट गया लेकिन अब (हिंदू का) पुनरूत्थान हो रहा है तथा भारत की प्रतिष्ठा वैश्विक रूप से बढ़ रही है। दुनिया भारत को निहार रही है और उसके लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर काम करना चाहिए।

उन्होंने कहा, 'यदि भारत को भारत बने रहना है तो उसे हिंदू बने रहना होगा और यदि हिंदू हिंदू बने रहना चाहते है तो भारत को अखंड होना ही होगा। यह हिंदुस्तान है जहां हिंदू रह रहे हैं और अपनी परंपराओं का पालन कर रहे हैं। जिस किसी बात को हिंदू कहा जाता है, उसका विकास इसी भूमि में हुआ।' भागवत ने कहा कि हिंदुओं के बिना भारत नहीं है और भारत के बिना हिंदु नहीं है। उन्होंने कहा, 'भारत का विभाजन हुआ और पाकिस्तान बना क्योंकि हम उस भाव (पहचान) को भूल गये कि हम हिंदू हैं। और इसे मुसलमान भी भूल गये। ब्रिटिश ने हिंदुत्व की पहचान को तोड़ दिया तथा भाषा एवं धर्म के आधार पर बांट दिया।

यरुशलम। इजराइल ने कोरोना वायरस के नए स्वरूप ओमीक्रोन के प्रसार को रोकने के लिए रविवार को विदेशी नागरिकों के देश में प्रवेश पर रोक और संक्रमितों के संपर्क में आने वालों का पता लगाने के लिए विवादित प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने यहां जारी बयान में बताया कि मंत्रिमंडल ने वायरस के प्रसार को रोकने के लिए कई कदमों को मंजूरी दी है जिनमें 50 अफ्रीकी देशों की यात्रा को लाल सूची में डालना, विदेशी नागरिकों को देश में आने से रोकना और विदेश यात्रा से आने वाले सभी इजराइलियों के लिए पृथक-वास को अनिवार्य बनाना शामिल है। बयान में कहा गया कि मंत्रिमंडल ने शीन बेट इंटर्नल सिक्योरिटी एजेंसी की विवादित फोन निगरानी प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल को भी मंजूरी दी है जिसमें इजराइल में ओमीक्रोन से संक्रमण की पुष्टि होने पर उस व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों का पता लगाया जाएगा। इजराइली अधिकार समूहों ने हालांकि मोबाइल फोन निगरानी प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल को मंजूरी देने की आलोचना की है और इसे निजता के अधिकार का हनन करार दिया है।

नई दिल्ली । बिहार में प्रति हजार पुरुषों पर बेटियों (महिलाओं) की आबादी 1090 हो गयी है। बिहार ने राज्य सरकार द्वारा संचालित महिला सशक्तीकरण योजनाओं सहित विभिन्न योजनाओं के लगातार जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन के कारण लिंगानुपात (प्रति हजार पुरुषों पर महिलाओं की संख्या) में विकसित व पड़ोसी राज्यों को पीछे छोड़ दिया है।

बिहार में बालिकाओं के जन्म, शिक्षा, रोजगार, सुरक्षा सहित विविध विषयों को लेकर कई योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। राष्ट्रीय पारिवारिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस)-5 के आंकड़ों के अनुसार विकसित राज्यों महाराष्ट्र में प्रति हजार पुरुषों पर 966, गुजरात में 965, आंध्रप्रदेश में 1045, गोवा में 1027, तेलंगाना में 1049, तमिलनाडु में 1088 है, जो बिहार से कम है। वहीं, पड़ोसी राज्यों में उत्तरप्रदेश में प्रति हजार पुरुषों पर महिलाओं की संख्या 1017, झारखंड में 1050, पश्चिम बंगाल में 1049, मध्यप्रदेश में 970 व ओडिशा में 1063 है। हालांकि, लक्ष्यद्वीप में प्रति हजार पुरुषों पर 1187, केरल में 1121 व पुडुचेरी में 1112 महिलाएं हैं। बिहार में राज्य सरकार की प्रोत्साहन योजनाओं ने महिलाओं की संख्या बढ़ाने में व्यापक प्रभाव डाला है। भ्रूण जांच पर सख्ती बरते जाने के कारण गर्भस्थ शिशु के लिंग का निर्धारण कर पाना मुश्किल हो गया है। वहीं, कन्या विवाह योजना के कारण बालिका शिशु के विवाह को लेकर बड़ी बाधाएं दूर हो गयी हैं।

इसके तहत बीपीएल परिवार की दो कन्याओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत इंटर उत्तीर्ण अविवाहित छात्राओं को 25 हजार रुपये और स्नातक की सभी छात्राओं को 50 हजार रुपये भुगतान किया जा रहा है। वहीं, विद्यालयों में छात्राओं की उपस्थिति बढ़ाने व शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने को लेकर बालिका पोशाक योजना, बालिका साइकिल योजना, सेनेटरी नैपकीन वितरण योजना लागू की गयी है। इसके साथ ही, राज्य के हरेक पंचायत में छात्राओं की शिक्षा के लिए प्लस टू (इंटर स्तरीय) विद्यालयों की स्थापना की गयी है। महिलाओं में नेतृत्वक्षमता के विकास और उन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए पंचायत व नगर निकाय में 50 फीसदी आरक्षण दिया गया है। वहीं, राज्य में सरकारी नौकरियों में 35 फीसदी आरक्षण महिलाओं को दिया गया है। महिला सुरक्षा को लेकर विशेष महिला पुलिस बल, महिला बटालियन का गठन किया गया है।

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