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रायपुर, 21 जुलाई 2026/राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहां लोकभवन में राज्य महिला आयोग की नव नियुक्त अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने सौजन्य भेंट की

रायपुर, 21 जुलाई 2026/राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहां लोकभवन में प्रमुख लोकायुक्त श्री इंदर सिंह उबोवेजा ने भेंट की। उन्होंने राज्यपाल को छत्तीसगढ़ लोक आयोग के गतिविधियों की जानकारी दी और आयोग का वर्ष 2025-26 का वार्षिक प्रतिवेदन सौंपा।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ लोक आयोग के सचिव श्री दीपक अग्रवाल, उप सचिव सुश्री चित्रलेखा सोनवानी, कानूनी सलाहकार श्री अजीत कुमार राजभानु एवं आयोग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की

रायपुर, 21 जुलाई 2026/ मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के समस्त विभागों के भार सादक सचिवों की बैठक ली। बैठक में विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा है कि सेवा निवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के विभिन्न प्रकरणों के निराकरण की प्रक्रिया दो वर्ष से ही प्रारंभ कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए है कि सेवा निवृत्त होने वाले अधिकारी कर्मचारियों की सूची विभागावार अद्यतन कर ली जाए।

मुख्य सचिव ने विभागीय सचिवों को उनके विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए है। बैठक में ई-ऑफिस, आधार बेस अटेंडेंस, लोक सेवा गारंटी, सूचना के अधिकार, सुघ्घर छत्तीसगढ़, नियद नेल्लानार योजना, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति, डी रेगुलेशन ई-गजट, सेवा सेतु, ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं, पीएम सूर्य घर बिजली सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि आई-गॉट के तहत विभागवार चिन्हित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की मॉनिटरिंग की जाये। अधिकारी-कर्मचारियों को आई-गॉट के तहत विभाग की आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण दिलाने कहा है। मुख्य सचिव ने कहा है कि सभी विभागों की योजनाओं एवं सेवाओं को ऑनलाइन किया जाए।

बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमख सचिव श्रीमती शहला निगार, मुख्यमंत्री एवं खनिज विभाग के सचिव श्री पी.दयानंद, मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री सारांश मित्तर, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह, गृह विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, सामान्य प्रशासन एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस.प्रकाश, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव सुश्री आर.शंगीता, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव श्री बसवराजु एस., राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव श्री भुवनेश यादव, सुशासन एवं अभिसरण विभाग के संयुक्त सचिव श्री मयंक अग्रवाल सहित राज्य शासन के अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे।


रायपुर, 21 जुलाई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 22 जुलाई 2026 को पूर्वान्ह 11.30 बजे से मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित हैं। यह बैठक मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद कक्ष में होगी।

कोसापालन ने बदली वनांचल के ग्रामीणों की तकदीर

​रायपुर,21 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ के वनांचल जिले नारायणपुर में रेशम विकास एवं विस्तार योजनाएं ग्रामीणों के जीवन में एक स्वर्णिम बदलाव की नई कहानी लिख रही हैं। जिला प्रशासन और कलेक्टर के कुशल मार्गदर्शन में संचालित मलबरी और टसर रेशम योजनाओं ने न केवल स्थानीय स्तर पर आजीविका के नए द्वार खोले हैं, बल्कि महिलाओं और युवाओं को अपने ही गांव में सम्मानजनक रोजगार देकर आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है।
​आज नारायणपुर में रेशम उत्पादन केवल कृषि-सहायक गतिविधि नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता का एक मजबूत स्तंभ बन चुका है।

मलबरी रेशम: स्व-सहायता समूहों के लिए आय का स्थायी जरिया

​नारायणपुर और कुसरतराई में स्थित दो मलबरी केंद्रों में लगभग 22.5 एकड़ क्षेत्र में पौधारोपण विकसित किया गया है। यहाँ महिला स्व-सहायता समूहों के सदस्य उन्नत तकनीकों से रेशम कृमिपालन कर रहे हैं। वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित 4,400 किलोग्राम ककून उत्पादन लक्ष्य के मुकाबले 4,180 किलोग्राम का सफल उत्पादन हासिल किया गया। इस गतिविधि से जुड़े 47 हितग्राहियों के बैंक खातों में 7.72 लाख रूपए से अधिक की राशि सीधे अंतरित की गई। कृमिपालन के साथ-साथ पौधारोपण संरक्षण और निराई-गुड़ाई जैसे कार्यों ने ग्रामीणों को पूरे साल रोजगार से जोड़े रखा।

टसर रेशम: लक्ष्य से परे जाकर रचा नया कीर्तिमान

​जिले के चार प्रमुख टसर केंद्रों—नारायणपुर, कुसरतराई, गोटाजुन्हरी और एडका के 62 हेक्टेयर क्षेत्र में संचालित टसर कृमिपालन ने इस वर्ष सफलता के नए आयाम छुए हैं। वर्ष 2025-26 में 8.52 लाख कोसाफल उत्पादन के लक्ष्य के मुकाबले 9.73 लाख से अधिक कोसाफल का बम्पर उत्पादन दर्ज किया गया। इस उल्लेखनीय उपलब्धि से जुड़े 64 हितग्राहियों को लगभग 36.97 लाख रूपए की सीधी आय अर्जित हुई।

प्रशिक्षण, पारदर्शिता और विश्वास: सफलता के तीन स्तंभ

​रेशम विभाग द्वारा ग्रामीणों को सिर्फ संसाधन ही नहीं, बल्कि सही समय पर तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है।कृमियों को बीमारियों से बचाने और गुणवत्तापूर्ण ककून तैयार करने के लिए सतत तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।उत्पादन का सीधा और पारदर्शी भुगतान सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों का भरोसा मजबूत हुआ है। इसी तरह स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने इस पूरी प्रक्रिया में अग्रणी भूमिका निभाकर अपने परिवारों की आर्थिक स्थिति को संवारा है।
​ नारायणपुर का यह मॉडल यह साबित करता है कि यदि स्थानीय संसाधनों का सही उपयोग, प्रशासनिक मार्गदर्शन और ग्रामीणों की मेहनत एक साथ मिल जाए, तो सुदूर वनांचल क्षेत्रों में भी विकास और आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिखी जा सकती है।​आने वाले समय में इन योजनाओं का विस्तार न केवल अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को गरीबी से बाहर निकालेगा, बल्कि नारायणपुर को राज्य के रेशम मानचित्र पर एक विशिष्ट और गौरवशाली पहचान भी दिलाएगा।

Over 1.64 lakh students participated in Gau Vigyan exam; Chhattisgarh expands Gaushala aid, Surabhi Gaudham scheme and Bastar dairy initiative

Raipur, July ,2026/ Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai on Monday said cow conservation can become a people's movement only through active public participation, urging every family to take a pledge for cow protection and service. Addressing the Gau Seva Sangam and Gau Vigyan Examination Prize Distribution ceremony at the Krishak Sabhagar, Indira Gandhi Krishi Vishwavidyalaya (IGKV) in Raipur, he launched the statewide 'Mera Parivar Gauvrati Parivar' campaign and unveiled a poster for a tree plantation drive linked to environmental conservation.

Shri Sai honoured current year's Gau Vigyan examination toppers and said the participation of more than 1.64 lakh school and college students reflected growing awareness among the younger generation about Indian culture, scientific thinking and environmental conservation. The winners received cash prizes of Rs 51,000 for first place, Rs 31,000 for second and Rs 11,000 for third.

Chief Minister said the state has increased fodder assistance for registered ‘gaushalas’ from Rs 20 to Rs 35 per cow per day, while the Surabhi Gaudham Yojana is developing modern cattle shelters with veterinary and other facilities. He also said ‘gobar’- and ‘gomutra’-based products are creating rural livelihood opportunities, with the government planning training and support for their production.

Shri Sai also highlighted the Nyota Bhoj initiative as an example of community participation, saying people are celebrating occasions such as birthdays, wedding anniversaries and parents' death anniversaries by sharing meals with students in government schools. Along with the Shala Pravesh Utsav, the initiative is strengthening ties between schools and local communities while providing children with additional nutrition.


Highlighting dairy development, Shri Sai said the government, with support from the National Dairy Development Board (NDDB), has launched a scheme to provide indigenous cows in Bastar, where improved security has opened new avenues for agriculture and animal husbandry. The government is also considering extending the scheme to more livestock farmers, particularly members of the Yadav community, to strengthen the dairy sector.

School Education Minister Shri Gajendra Yadav said that the Gau Vigyan examination is helping connect students with Indian culture and values. Gau Seva activities' national coordinator Shri Ajit Mahapatra said that the initiative is promoting scientific understanding of cows alongside India's knowledge tradition.

The event was attended by Chhattisgarh State Gau Seva Commission Vice-Chairman Shri Rajiv Lochan Ji Maharaj, Chhattisgarh State Education Commission Chairman Shri Sudhir Gautam, Shri Chandrashekar Dewangan, Shri Atmbodh Agrawal, Shri Manoj Pandey, Shri Gopal Yadav and other dignitaries were present on occasion.

'मेरा परिवार गौव्रति परिवार' अभियान का शुभारंभ, गौ विज्ञान परीक्षा के मेधावी विद्यार्थियों को किया सम्मानित

1.64 लाख से अधिक विद्यार्थियों की सहभागिता को बताया नई पीढ़ी में भारतीय संस्कृति और वैज्ञानिक सोच का सकारात्मक संकेत

सुरभि गौधाम योजना, गौशालाओं को बढ़ी सहायता और डेयरी विकास से गौपालन को मिलेगा नया विस्तार

रायपुर,  जुलाई 2026/गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।

इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशव्यापी 'मेरा परिवार गौव्रति परिवार' अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

नई पीढ़ी में भारतीय संस्कृति और वैज्ञानिक दृष्टि का सुंदर समन्वय

मुख्यमंत्री ने कहा कि गौमाता केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि कृषि, स्वास्थ्य, पर्यावरण और ग्रामीण समृद्धि की महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि बच्चों में गाय के वैज्ञानिक, सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व की समझ विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित गौ विज्ञान परीक्षा अत्यंत सराहनीय पहल है।

उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस वर्ष प्रदेश के स्कूलों एवं महाविद्यालयों के 1 लाख 64 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। इतनी बड़ी संख्या में युवाओं की सहभागिता यह दर्शाती है कि नई पीढ़ी भारतीय संस्कृति, जीवन मूल्यों और प्रकृति संरक्षण के प्रति सजग हो रही है। मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि वे समाज में गौ संरक्षण और संवर्धन के प्रभावी दूत बनेंगे।

गौ संरक्षण को जनभागीदारी से मिलेगा स्थायी आधार

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गौ संरक्षण के उद्देश्य को पूर्ण करने के लिए समाज के प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने परिवारों और आसपास के लोगों को गौसेवा एवं गौ संरक्षण के प्रति जागरूक करें तथा इस अभियान को घर-घर तक पहुंचाएं।

न्योता भोज जैसी पहल सामाजिक सहभागिता का उदाहरण

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नए शिक्षा सत्र के साथ प्रदेश में शाला प्रवेश उत्सव और न्योता भोज जैसी अभिनव पहल संचालित की जा रही हैं। जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ अथवा माता-पिता की पुण्यतिथि जैसे विशेष अवसरों पर विद्यालयों में बच्चों के साथ भोजन कराने की परंपरा समाज और विद्यालय के बीच आत्मीय संबंध मजबूत कर रही है। इससे बच्चों को अतिरिक्त पोषण भी प्राप्त हो रहा है तथा समाज की भागीदारी भी बढ़ रही है।

गोबर आधारित उत्पाद बन रहे रोजगार का नया माध्यम

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गाय से प्राप्त दूध, दही, गोबर और गोमूत्र सहित प्रत्येक उत्पाद मानव जीवन के लिए उपयोगी है। आज गोबर से अनेक उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं, जो स्वरोजगार और ग्रामीण उद्यमिता के नए अवसर प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार गोबर एवं गोमूत्र आधारित उत्पादों के निर्माण तथा प्रशिक्षण की व्यवस्था भी करेगी, जिससे गौपालन आय का सशक्त माध्यम बन सके।

गौ संरक्षण के लिए सरकार के प्रभावी कदम

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार गौ संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। पंजीकृत गौशालाओं में प्रति गाय चारे के लिए दी जाने वाली सहायता राशि 20 रुपये से बढ़ाकर 35 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है। साथ ही सुरभि गौधाम योजना के माध्यम से आधुनिक सुविधाओं से युक्त गौधाम विकसित किए जा रहे हैं, जहां पशु चिकित्सक, चरवाहे तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

छत्तीसगढ़ के CCTNS डैशबोर्ड स्कोर में सुधार के दिए कड़े निर्देश

रायपुर,  जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकास शील ने आज मंत्रालय महानदी भवन में गृह विभाग के अंतर्गत राष्ट्रीय अपराध और अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एवं सिस्टम (CCTNS) के डैशबोर्ड की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में राज्य के कमजोर बिंदुओं को चिन्हित कर उनमें त्वरित सुधार करने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के डीजीपी श्री अरुण देव गौतम भी विशेष रूप से मौजूद थे।

स्टेट स्कोरकार्ड में मिले 64.97 अंक, प्रशासनिक सुधार में पूर्ण अंक

बैठक के दौरान अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा जारी नवीनतम स्टेट स्कोरकार्ड में छत्तीसगढ़ को 100 में से 64.97 अंक प्राप्त हुए हैं। हालांकि राज्य ने 'प्रशासनिक सुधार' और 'मेडलीगल रिपोर्ट पोर्टल' के क्रियान्वयन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पूर्ण अंक हासिल किए हैं।

जीरो एफआईआर और ई-चार्जशीट को सुदृढ़ करने पर जोर

मुख्य सचिव श्री विकास शील ने कानून व्यवस्था और डिजिटल पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया कि जीरो एफआईआर और ई-चार्जशीट की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाया जाए। न्यायालयों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गवाही प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए 'न्याय श्रुति प्रणाली' को शीघ्र अति शीघ्र प्रारंभ किया जाए। मामलों के त्वरित निपटारे के लिए निर्धारित 60 एवं 90 दिवस के भीतर हर हाल में न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया जाए। डिजिटल साक्ष्यों की महत्ता को देखते हुए ई-साक्ष्य (E-Evidence) के उपयोग को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए।

डैशबोर्ड की समीक्षा के दौरान पुलिस और गृह विभाग के समन्वय पर विशेष बल दिया गया। इस उच्च स्तरीय बैठक में गृह विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, गृह विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता सहित कई अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे

राजनांदगांव में 4,120 घरों में लगे रूफटॉप सोलर संयंत्र, 1,155 परिवारों का बिजली बिल हुआ शून्य

प्रदेश में क्रियान्वयन के मामले में पांचवें स्थान पर राजनांदगांव, ग्राम पंचायतों में नियमित हो रही 'पीएम सूर्य सभा'

रायपुर,  जुलाई 2026/ प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ में स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ-साथ आम नागरिकों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। राजनांदगांव जिला इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है। योजनागत उपलब्धियों के आधार पर राजनांदगांव प्रदेश में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है।

जिले में अब तक योजना के अंतर्गत 8 हजार 256 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 4 हजार 120 हितग्राहियों के घरों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि शेष प्रकरणों में दस्तावेजों के सत्यापन, संयंत्र स्थापना एवं अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं तेजी से पूरी की जा रही हैं।

योजना के तहत अब तक 3 हजार 205 हितग्राहियों को शासन की ओर से सब्सिडी का लाभ मिल चुका है। वहीं 1 हजार 155 परिवारों का बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो गया है। ये परिवार अब अपनी आवश्यकता के अनुरूप सौर ऊर्जा का उपयोग कर बिजली खर्च में उल्लेखनीय बचत कर रहे हैं। कई हितग्राही अतिरिक्त उत्पादित बिजली को ग्रिड में भेजकर ऊर्जा उत्पादन में भी भागीदार बन रहे हैं।

योजना का लाभ प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिले की सभी जनपद पंचायतों की ग्राम पंचायतों में नियमित रूप से 'पीएम सूर्य सभा' आयोजित की जा रही है। इन सभाओं में नागरिकों को योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, सब्सिडी की जानकारी तथा रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापना की पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया जा रहा है। पात्र हितग्राहियों के आवेदन भी मौके पर ही प्राप्त किए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार शासन द्वारा सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। योजना का उद्देश्य घरेलू बिजली व्यय में कमी लाने, स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने, कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने तथा ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करना है।

राजनांदगांव जिले की उपलब्धियां इस बात का प्रमाण हैं कि प्रभावी जनजागरूकता, समयबद्ध क्रियान्वयन और हितग्राही-केंद्रित प्रयासों से प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में ऊर्जा क्रांति का आधार बन रही है।

 

भिलाई नगर  जुलाई 2026:- सर्व समाज कल्याण समिति के अध्यक्ष एवं हैवी ट्रांसपोर्ट कंपनी के डायरेक्टर इंद्रजीत सिंह छोटू का जन्मदिन आज आर्य नगर, कोहका स्थित बीरा जी के अंगना परिसर में अत्यंत हर्षोल्लास और गरिमामयी वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर सुबह से ही उन्हें शुभकामनाएं देने वालों का तांता लगा रहा।अपने इस विशेष दिन की शुरुआत इंद्रजीत सिंह छोटू ने भारतीय परंपरा और संस्कारों के साथ की। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने से पहले उन्होंने अपनी पूजनीय माता जी के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लिया। इसके पश्चात, उन्होंने गुरुद्वारा साहिब जाकर माथा टेका और गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष शीश नवाकर समाज की खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की।बीरा जी के अंगना परिसर में आयोजित मुख्य समारोह में सामाजिक समरसता का एक अनूठा नजारा देखने को मिला। उनके जन्मदिन के मौके पर बधाई देने के लिए विभिन्न समाजों के प्रमुख पदाधिकारी, ट्रांसपोर्ट जगत से जुड़ी जानी-मानी हस्तियां, अलग-अलग राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूहों की महिलाएं उपस्थित हुईं। सभी ने फूलों के गुलदस्ते और माला पहनाकर उन्हें दीर्घायु होने की शुभकामनाएं दीं।सुबह से शुरू हुआ केक कटिंग और बधाई देने का यह सिलसिला देर शाम तक अनवरत चलता रहा।

आयोजन स्थल पर आगंतुकों के लिए भोजन के साथ चाय नाश्ता की व्यवस्था रखी गई। इस दौरान उपस्थित जनसमुदाय और शुभचिंतकों का आभार व्यक्त करते हुए इंद्रजीत सिंह छोटू ने कहा कि आप सभी का यही अपार स्नेह और विश्वास मुझे हमेशा जनसेवा और समाज कल्याण के कार्यों के लिए प्रेरित करता रहेगा।

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