ईश्वर दुबे
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Bhilai
Raipur, July 14, 2026/ The state government has upgraded Rajim Nagar Panchayat to a Municipal Council, fulfilling a long-pending demand of the town's residents. The Urban Administration and Development Department has issued a notification to this effect. The existing jurisdiction of Rajim Nagar Panchayat will constitute the limits of the newly constituted Municipal Council.
Welcoming the decision, Deputy Chief Minister and Urban Administration and Development Minister Shri Arun Sao said the upgradation would provide fresh impetus to Rajim's planned urban development and enable greater investment in civic infrastructure. He said the move would accelerate the development of roads, drains, drinking water supply, sanitation, street lighting, parks, community buildings and other basic urban amenities, while ensuring more effective implementation of central and state government schemes for the benefit of residents.
182 हेक्टेयर में बढ़ेगी सिंचाई क्षमता
रायपुर, 14 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले के किसानों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। राज्य शासन के जल संसाधन विभाग ने विकासखण्ड खड़गंवा के अंतर्गत आने वाले गज्जूपानी जलाशय के जीर्णाेद्धार के लिए तीन करोड़ आठ लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस जलाशय के के जीर्णाेद्धार 182 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाइ्र की सुविधाए मिलेगी।
मुख्य नहर और बांध का होगा कायाकल्प
इस स्वीकृत राशि से गज्जूपानी जलाशय के मुख्य बांध और उसकी नहरों के जीर्णाेद्धार व मरम्मत का कार्य किया जाएगा। लंबे समय से बेहतर रखरखाव की बांट जोह रहे इस जलाशय की नहरों के सुदृढ़ीकरण से पानी की बर्बादी रुकेगी और अंतिम छोर (टेलर एंड) तक पानी आसानी से पहुंच सकेगा।
182 हेक्टेयर क्षेत्र को मिलेगी संजीवनी
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस योजना के तहत प्रस्तावित सभी कार्य समय सीमा के भीतर पूरे कर लिए जाएंगे। कार्य पूर्ण होने के बाद क्षेत्र के किसानों को खरीफ और रबी फसलों के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा। इस जीर्णाेद्धार कार्य से क्षेत्र के कुल 182 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की बेहतर और सुनिश्चित सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे स्थानीय कृषि उत्पादन और किसानों की आय में सीधे तौर पर बढ़ोतरी होगी।
[3:43 PM, 7/14/2026] +91 94255 58741: डबरी निर्माण से बदली बस्तर के किसान सोनधर की तकदीर
जल संरक्षण के साथ आजीविका को मिली नई उड़ान
रायपुर, 14 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना “विकसित भारत -गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)” ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण और आजीविका संवर्धन का एक बड़ा जरिया बनकर उभर रही है। इस योजना के तहत बस्तर जिले के विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत खोटलापाल में कराए गए डबरी (छोटे तालाब) निर्माण कार्य ने न केवल जल संकट को दूर किया है, बल्कि स्थानीय किसान की जिंदगी में भी समृद्धि के नए रंग भर दिए हैं। ग्राम खोटलापाल निवासी किसान श्री सोनधर की भूमि पर निर्मित यह डबरी आज पूरे क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और ग्रामीण विकास का एक उत्कृष्ट उदाहरण बन चुकी है।
सिंचाई के संकट से मिली मुक्ति, अब ले रहे हैं अतिरिक्त फसलें
सोनधर ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि पहले वर्षा का अधिकांश पानी बहकर बर्बाद हो जाता था, जिसके कारण गर्मी के मौसम में खेतों की सिंचाई के लिए भारी संकट का सामना करना पड़ता था। लेकिन डबरी निर्माण के बाद अब बारिश के पानी का प्रभावी ढंग से संचयन हो रहा है। खेतों को अब समय पर सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल रहा है।
डबरी में पानी की उपलब्धता से सोनधर को अब साल में अतिरिक्त फसल लेने का सुनहरा अवसर मिला है। पानी की प्रचुरता से पशुपालन और बाड़ी (सब्जी उत्पादन) विकास जैसी गतिविधियों को भी नया जीवन मिला है।
सिर्फ सिंचाई नहीं, मछली पालन से बढ़ी अतिरिक्त आय
यह डबरी केवल खेतों की प्यास बुझाने तक सीमित नहीं है, बल्कि सोनधर के लिए आजीविका का एक मजबूत अतिरिक्त साधन भी बन गई है। लाभार्थी किसान श्री सोनधर ने कहा कि अब इस डबरी में सफलतापूर्वक मछली पालन किया जा रहा है, जिससे परिवार को हर साल अच्छी अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। आने वाले समय में यहाँ बतख पालन शुरू करने की भी योजना है, जिससे आमदनी के स्रोत और बढ़ेंगे।
भूजल स्तर में सुधार और स्थानीय स्तर पर रोजगार
इस डबरी निर्माण का सकारात्मक प्रभाव केवल एक किसान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका लाभ पूरे ग्रामीण परिवेश को मिल रहा है। डबरी के कारण आसपास के क्षेत्र का भूजल स्तर (वाटर टेबल) सुधरा है, जिससे निकटवर्ती कुओं और हैंडपंपों में पानी की उपलब्धता बढ़ गई है। खेतों की मिट्टी में नमी बनी रहने से आसपास की फसलों को भी लाभ हो रहा है। डबरी निर्माण के दौरान ग्राम पंचायत के जॉब कार्डधारी ग्रामीणों को गाँव में ही रोजगार मिला, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े और काम की तलाश में होने वाले पलायन पर प्रभावी रोक लगी।
आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
खोटलापाल में हुआ यह सफल प्रयोग यह साबित करता है कि यदि जल संरक्षण के कार्यों को जनभागीदारी और सरकारी योजनाओं के समन्वय से लागू किया जाए, तो खेती, पर्यावरण और ग्रामीण आजीविकाकृतीनों को एक साथ सशक्त और आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।
रायपुर, 14 जुलाई 2026/ विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी जी राम जी) के अंतर्गत सारंगढ़,-बिलाईगढ़ जिले के जनपद पंचायत सारंगढ़ की ग्राम पंचायत गोड़म में सीएलएफ क्लस्टर से जुड़ी स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा लगभग 30 हजार सीड बॉल तैयार किए गए।
मानव श्रृंखला बनाकर बीज रोपण उत्सव मनाया
इन सीड बॉल का वितरण जिला पंचायत अध्यक्ष, कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, क्लस्टर के सरपंचों, अन्य अधिकारियों तथा स्व-सहायता समूह की दीदियों की उपस्थिति में क्लस्टर अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों को किया गया। इस दौरान सभी ने मिलकर मानव श्रृंखला का निर्माण कर बीज रोपण उत्सव मनाया और लोगों को वीबी जीरामजी अंतर्गत पौधारोपण करने एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
तालाबों एवं डबरियों की मेड़ों सहित उपयुक्त स्थलों पर होगा रोपण
इस अवसर पर निर्देश दिए गए कि सीड बॉल का उपयोग वीबी- जीरामजी के अंतर्गत निर्मित तालाबों की मेड़ों, डबरियों की मेड़ों तथा अन्य उपयुक्त स्थलों पर रोपण के लिए किया जाएगा, ताकि वर्षा ऋतु में हरित आवरण बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण तथा जल संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
वीबी - जीरामजी के उद्देश्यों एवं जनभागीदारी आधारित विकास कार्यों की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं ग्रामीणों को वीबी - जीरामजी योजना के उद्देश्यों, जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन तथा जनभागीदारी आधारित विकास कार्यों की जानकारी भी दी गई। सभी से अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाकर इसे जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया गया।
वीबी-जी राम जी योजना के अंतर्गत बालोद जिले में 2.85 लाख जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण, 19.23 लाख घनमीटर अतिरिक्त जल संचयन क्षमता विकसित
रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग, तालाब, डबरी, रिचार्ज शाफ्ट, चेकडैम एवं भू-जल पुनर्भरण कार्यों से जल सुरक्षा की दिशा में उल्लेखनीय पहल
रायपुर, 14 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं उप मुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत संचालित ‘मोर गांव-मोर पानी’ महाअभियान प्रदेशभर में जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप दे रहा है। अभियान के माध्यम से रोजगार सृजन के साथ-साथ जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन एवं हरित विकास के कार्यों को व्यापक गति मिली है।
इसी क्रम में बालोद जिले में जिला प्रशासन द्वारा सभी ग्राम पंचायतों, शासकीय कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, स्व-सहायता समूहों तथा सामाजिक संगठनों की सक्रिय सहभागिता से जल संरक्षण के विविध कार्य किए जा रहे हैं। अभियान का उद्देश्य “जहाँ वर्षा हो, जब वर्षा हो – वहीं वर्षा जल का संचयन हो” की अवधारणा को व्यवहार में उतारना है।
अभियान के अंतर्गत प्रत्येक शासकीय भवन में रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग तथा सतही वर्षा जल संचयन के लिए रिचार्ज शाफ्ट, डबरी, तालाब एवं ट्रेंच का निर्माण किया गया है। साथ ही हैंडपंपों एवं प्रधानमंत्री आवासों में सोख्ता गड्ढों तथा वर्षा जल संचयन प्रणालियों की स्थापना को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
भू-जल संवर्धन के लिए रिचार्ज पिट, इंजेक्शन वेल, निष्क्रिय बोरवेलों का रिचार्ज, तालाबों का जीर्णोद्धार एवं गहरीकरण, चेकडैम, वाटर एब्जॉर्बिंग ट्रेंच सहित विभिन्न जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण एवं पुनर्जीवन किया गया है।
जिले में वीबीजी-रामजी (मनरेगा), वन विभाग, जिला खनिज न्यास (डीएमएफ), विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं तथा जनभागीदारी के माध्यम से अब तक 2.85 लाख जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण किया जा चुका है, जिनसे लगभग 19.23 लाख घनमीटर अतिरिक्त जल संचयन क्षमता विकसित हुई है। इससे भू-जल स्तर में वृद्धि, भूमि की नमी का संरक्षण, खरीफ एवं रबी दोनों फसलों के लिए सिंचाई सुविधा में सुधार तथा किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।
अभियान की सफलता का सबसे महत्वपूर्ण आधार जनभागीदारी है। जनप्रतिनिधियों, महिला स्व-सहायता समूहों, ग्राम विकास समितियों, महिला कमांडो, ग्रीन आर्मी तथा स्कूल एवं कॉलेज के विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी से तालाबों एवं जलाशयों की स्वच्छता, घर-घर जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण के प्रति जनजागरूकता तथा व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण एवं सीड बॉल अभियान संचालित किया जा रहा है। जुलाई माह में अब तक 3 लाख से अधिक सीड बॉल का रोपण किया जा चुका है तथा 2 लाख पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
राज्य शासन द्वारा वीबी- जी राम जी योजना के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों में जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, हरित विकास एवं ग्रामीण आजीविका संवर्धन के कार्यों को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है। ‘जल संरक्षण – जन सहभागिता से जल समृद्धि की ओर’ की भावना के साथ जिला प्रशासन बालोद जल-सुरक्षित, हरित एवं समृद्ध ग्रामीण विकास के लक्ष्य की दिशा में सतत कार्य कर रहा है।
19 हजार 805 ग्रामों का सर्वेक्षण संपन्न, शेष क्षेत्रों में कार्य युद्ध स्तर पर जारी
रायपुर, 13 जुलाई 2026 छत्तीसगढ़ राज्य में राजस्व ग्राम सर्वेक्षण अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में भू-संपत्तियों का सटीक डिजिटल रिकॉर्ड (नक्शे) तैयार करना और नागरिकों को उनकी भूमि/मकान का कानूनी मालिकाना हक (स्वामित्व) प्रदान करना है। यह भूमि संबंधी विवादों को कम करने और योजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए बेहद कारगर है। राजस्व विभाग ने प्रदेश के सभी 33 जिलों में फैले कुल 20 हजार 551 राजस्व ग्रामों में से 19 हजार 805 ग्रामों (लगभग 96.37 प्रतिशत) का विस्तृत सर्वेक्षण कार्य सफलतापूर्वक संपन्न कर लिया है। यह आंकड़ा राज्य में भूमि सुधार और डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है।
19 हजार 805 ग्रामों का सर्वेक्षण पूर्ण
छत्तीसगढ़ राज्य में ग्रामीण विकास, भूमि प्रबंधन और पारदर्शी राजस्व प्रणाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित राजस्व ग्राम सर्वेक्षण अभियान बड़ी सफलता की ओर अग्रसर है। भूमि प्रबंधन और डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में राज्य ने एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है, जिसके तहत प्रदेश के कुल लक्षित 20 हजार 551 राजस्व ग्रामों में से 19 हजार 805 ग्रामों (96.37 प्रतिशत) का सर्वेक्षण कार्य सफलतापूर्वक संपन्न कर लिया गया है। वर्तमान में पूरे प्रदेश में केवल 746 ग्राम (3.63 प्रतिशत) ही असर्वेक्षित श्रेणी में शेष बचे हैं। इन शेष ग्रामों में भी विकास की प्रक्रिया तेजी से गतिमान है, जहाँ 371 ग्रामों में सर्वेक्षण का कार्य प्रक्रियाधीन है, वहीं केवल 375 ग्रामों में विभिन्न भौगोलिक व प्रशासनिक कारणों से सर्वेक्षण कार्य प्रारंभ किया जाना शेष है।
मैदानी और विकसित क्षेत्रों में सर्वेक्षण का कार्य लगभग शत-प्रतिशत पूरा किया जा चुका है। रायपुर जिले में 545 ग्रामों का, महासमुंद जिले में 1153 ग्रामों का, राजनांदगांव जिले में 694 ग्रामों का सर्वेक्षण का कार्य लगभग शत-प्रतिशत पूरा किया जा चुका है। इसी प्रकार कबीरधाम जिले के 1011 ग्रामों का, बिलासपुर जिले के 708 ग्रामों का, जांजगीर-चांपा जिले के 450 ग्रामों का, सक्ती जिले के 465 ग्रामों का और सूरजपुर जिले के 552 ग्रामों का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर मिसाल कायम की है।
आधुनिक तकनीकों के माध्यम से कार्य में तेजी
वहीं दूसरी ओर, बस्तर संभाग के दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों में भौगोलिक एवं तकनीकी चुनौतियों के कारण कुछ कार्य अभी भी शेष है। आंकड़ों के अनुसार, नारायणपुर में सर्वाधिक 240 ग्राम, सुकमा में 111 ग्राम और बीजापुर में 95 ग्राम वर्तमान में असर्वेक्षित श्रेणी में हैं। हालांकि, विभाग इन क्षेत्रों में विशेष रणनीतियों और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से कार्य को तेजी से आगे बढ़ा रहा है, जिसमें से कुल 371 ग्रामों में सर्वेक्षण की प्रक्रिया वर्तमान में भी गतिमान है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों को लाभ
इस व्यापक सर्वेक्षण के पूर्ण होने से ग्रामीण क्षेत्रों में एक नए युग की शुरुआत होगी। डिजिटल और अद्यतित (Updated) भूमि रिकॉर्ड होने से भूमि संबंधी आपसी विवादों और मुकदमों में भारी कमी आएगी। किसानों को बैंकों से ऋण प्राप्त करने, फसल बीमा और शासकीय योजनाओं (जैसे किसान न्याय योजना) का लाभ प्राप्त करने में सुगमता होगी। इसी तरह राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता आएगी और बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी।
छत्तीसगढ़ सरकार का यह प्रयास ग्रामीण सशक्तिकरण की रीढ़ साबित हो रहा है। विभाग के आला अधिकारियों के अनुसार, शेष बचे 375 ग्रामों में भी जल्द ही सर्वेक्षण का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य आगामी महीनों में छत्तीसगढ़ को शत-प्रतिशत डिजिटल और त्रुटिहीन राजस्व रिकॉर्ड वाला आदर्श राज्य बनाना है।
राज्य शासन ने जारी की अधिसूचना
रायपुर. 14 जुलाई 2026. राज्य शासन ने राजिमवासियों की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी करते हुए राजिम नगर पंचायत का नगर पालिका के रूप में उन्नयन कर दिया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। राजिम नगर पंचायत की सीमाएं ही राजिम नगर पालिका की सीमाएं होंगी। राज्य शासन के इस निर्णय से पूरे शहर में खुशी एवं उत्साह का वातावरण है।
उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने राजिम नगर पंचायत के नगर पालिका के रूप में उन्नयन पर कहा कि राज्य शासन के इस निर्णय से राजिम के सुनियोजित विकास को नई दिशा मिलेगी तथा शहरी सुविधाओं के विस्तार के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध होंगे। इससे राजिम में सड़क, नाली, पेयजल, स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट, उद्यान, सामुदायिक भवन सहित विभिन्न आधारभूत सुविधाओं के विकास को और ज्यादा गति मिलेगी। साथ ही राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ भी अधिक प्रभावी ढंग से नगरवासियों तक पहुंचेगा।
Chhattisgarh Tourism Board Earns National Recognition Among 21 Participating States
Raipur, Chhattisgarh Tourism has achieved another national milestone by winning the "Best Decoration of Stall and Appearance" award at the Travel and Tourism Fair (TTF) Kolkata 2026. The Chhattisgarh Tourism Board received the honour for its creative and impactful pavilion among 21 participating states, reflecting the successful presentation of the state's rich tribal heritage, cultural attractions, natural destinations and modern tourism vision.
Held from July 10 to 12 at the Biswa Bangla Mela Prangan in Kolkata, the three-day tourism fair saw the Chhattisgarh pavilion emerge as a major attraction for visitors, tour operators, tourism professionals and investors. The pavilion showcased Bastar's tribal culture, Chitrakote and Tirathgarh waterfalls, Kanger Valley National Park, Sirpur, Bhoramdeo, religious and eco-tourism destinations, tourism resorts and the state's diverse tourism circuits through modern presentations.
Chairman of the Chhattisgarh Tourism Board Shri Neelu Sharma, Tourism Secretary Shri S. Bharathidasan and Managing Director Shri Vivek Acharya participated in several B2B meetings with national and international tour operators, travel agencies, hotel groups and investors. Discussions focused on tourism investment, joint tourism packages, marketing partnerships, expansion into new tourism markets, increasing tourist arrivals, and creating new opportunities for collaboration and investment.
Nearly 28 registered tour operators, hotel operators, homestay operators and tourism entrepreneurs from Chhattisgarh and other states also participated in the event, providing an effective platform to showcase the state's tourism products and build new business partnerships.
During the inaugural session, Goa Tourism Minister Shri Rohan A. Khaunte, Uttarakhand Tourism Minister Shri Satpal Maharaj, West Bengal Tourism Minister Dr Shankar Ghosh and Consul General of Thailand Ms Siriporn Tantipanyathep visited the Chhattisgarh pavilion and appreciated the state's natural beauty, tribal culture, religious heritage and tourism potential.
Chairman of the Chhattisgarh Tourism Board Shri Neelu Sharma said the award reflects the state's growing tourism profile under the leadership of Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai and Tourism and Culture Minister Shri Rajesh Agrawal. Tourism Secretary Shri S. Bharathidasan said sustained promotion at national and international platforms will boost tourism, investment and employment, while Managing Director Shri Vivek Acharya described the recognition as a result of the collective efforts of all tourism stakeholders and a major step towards establishing Chhattisgarh as a leading tourism destination.
Raipur, Prime Minister Shri Narendra Modi presented a Bastar Dhokra Tree of Life metal sculpture from Chhattisgarh to New Zealand Prime Minister Mr Christopher Luxon as a diplomatic gift, highlighting India’s rich cultural heritage and bringing global recognition to the state’s centuries-old tribal craft.
The gesture has been hailed as a matter of pride for Chhattisgarh, with the traditional Bastar Dhokra art representing the state’s tribal culture, craftsmanship and artistic legacy on the international stage.
Chhattisgarh government, under Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai, has been promoting the preservation and global outreach of the state’s tribal arts and traditional crafts through various initiatives, while the Culture Department, guided by Culture Minister Shri Rajesh Agrawal, has been working to document, preserve and popularise the state’s cultural heritage.
As per officials, Bastar’s Dhokra art, crafted using the ancient lost-wax casting technique, is among the world’s oldest metal craft traditions. The Tree of Life sculpture symbolises interconnectedness, prosperity, harmony between humans and nature, and reflects India’s philosophy of coexistence.
The motif also resonates with New Zealand's Māori concept of Whakapapa, representing the deep connection between life, nature and ancestry. Like the Dhokra Tree of Life, which depicts all living beings as part of an interconnected with all life forms, Whakapapa also views people, land, rivers, forests and ancestors as part of a continuous lineage, making both traditions powerful expressions of humanity's enduring bond with nature and shared heritage.
Prime Minister Shri Narendra Modi's selection of this sculpture as an international diplomatic gift is a significant recognition of Chhattisgarh's cultural strength on the global stage. It is expected to boost the morale of the state's tribal artists and artisans, open new markets for local handicrafts, and give Chhattisgarh's rich art, culture and tribal heritage greater international recognition.
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को मिल रही नई दिशा, नियमित सहायता राशि से बदल रहा परिवारों का जीवन
रायपुर, जुलाई 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक सम्मान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना हजारों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से संचालित इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत नियमित रूप से मिल रही आर्थिक सहायता महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास को भी नई मजबूती प्रदान कर रही है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के विकासखंड गौरेला के ग्राम पंचायत डुमरिया की श्रीमती बसंती धुर्वे इसका प्रेरणादायक उदाहरण है।
श्रीमती बसंती धुर्वे ने बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना की 29वीं किस्त की राशि उनके बैंक खाते में प्राप्त हो गई है। इस राशि से उन्हें दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति, घरेलू खर्चों के बेहतर प्रबंधन तथा परिवार की जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि नियमित आर्थिक सहायता मिलने से अब वे अधिक आत्मविश्वास के साथ परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में सहभागी बन रही हैं।
श्रीमती बसंती धुर्वे का कहना है कि महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को सम्मान, आत्मनिर्भरता और स्वाभिमान के साथ जीवन जीने का अवसर भी प्रदान कर रही है। योजना से मिलने वाली राशि महिलाओं को छोटी-छोटी आवश्यकताओं के लिए दूसरों पर निर्भर रहने से मुक्त कर रही है तथा उन्हें परिवार के निर्णयों में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर मिल रहा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए ऐसी जनकल्याणकारी योजना लागू की है, जिसका लाभ सीधे महिलाओं तक पहुंच रहा है। यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ उनके जीवन में आत्मविश्वास, सुरक्षा और सम्मान की भावना भी विकसित कर रही है।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रभावी क्रियान्वयन के कारण महतारी वंदन योजना का लाभ प्रदेशभर की लाखों महिलाओं तक नियमित रूप से पहुंच रहा है। योजना महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को मजबूत करने, परिवारों की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ बनाने तथा समावेशी विकास के राज्य सरकार के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
महतारी वंदन योजना आज प्रदेश की महिलाओं के लिए केवल एक आर्थिक सहायता ही नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भरता, सम्मान और सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम बनकर उभरी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने, उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाने और उनके जीवन स्तर में सतत सुधार लाने की दिशा में निरंतर प्रभावी कार्य कर रही है।
वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी हुए समारोह में शामिल
सुनियोजित एवं जनोन्मुखी विकास कार्यों को मिलेगी नई गति
रायपुर, जुलाई 2026/ रायपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) के नवनियुक्त उपाध्यक्ष डॉ. जय प्रकाश शर्मा ने सोमवार को रायपुर विकास प्राधिकरण कार्यालय में विधिवत रूप से अपना पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
कार्यभार ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने डॉ. जय प्रकाश शर्मा को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि रायपुर के सुनियोजित एवं समग्र विकास में रायपुर विकास प्राधिकरण की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्हें विश्वास है कि डॉ. शर्मा के अनुभव, प्रशासनिक क्षमता और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता से प्राधिकरण की विकास परियोजनाओं को नई गति मिलेगी तथा नागरिकों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
समारोह में रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री नंद कुमार साहू ने कहा कि डॉ. शर्मा के प्रशासनिक अनुभव, चिकित्सा क्षेत्र में लंबे समय तक किए गए कार्य तथा सामाजिक सरोकारों का लाभ रायपुर विकास प्राधिकरण को मिलेगा। उनके नेतृत्व में प्राधिकरण की विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनहितकारी कार्यों को नई दिशा एवं गति मिलेगी। उन्होंने आरडीए के माध्यम से आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प भी दोहराया।
पदभार ग्रहण करने के बाद डॉ. जय प्रकाश शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और राज्य शासन की जनकल्याणकारी नीतियों के अनुरूप रायपुर विकास प्राधिकरण की योजनाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं जनहितैषी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि रायपुर शहर के सुनियोजित विकास, आधुनिक अधोसंरचना के विस्तार, गुणवत्तापूर्ण नागरिक सुविधाओं तथा हितग्राही सेवाओं को और अधिक सुलभ एवं प्रभावी बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों एवं हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित कर समयबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री राम प्रताप सिंह, रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अवनीश शरण सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।