ईश्वर दुबे
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पर्यटन मंडल मुख्यालय में योजनाओं और परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा, आगामी पर्यटन गतिविधियों के रोडमैप पर हुआ मंथन
रायपुर, जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के संचालक मंडल की 38 वीं बैठक सोमवार को रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड मुख्यालय में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। बैठक में पर्यटन क्षेत्र के समग्र विकास, वर्तमान योजनाओं की प्रगति, नई पर्यटन पहलों तथा आगामी गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में लिए गए निर्णयों को प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम है।
बैठक की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा ने की। इस अवसर पर पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन (भा.प्र.से.), छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य (भा.व.से.), अवर सचिव श्रीमती रुचि शर्मा, उपमहाप्रबंधक श्रीमती पूनम शर्मा, संस्कृति विभाग के संचालक श्री संजय कन्नौजे विभिन्न विभागों के शासकीय सदस्य तथा पर्यटन मंडल के विभिन्न शाखा प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक की शुरुआत पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधारोपण और हरित पहल के संकल्प के साथ हुई। प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य ने टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा तथा पर्यटन सचिव डॉ. एस. भारतीदासन को पौधा भेंट कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। वहीं, उपमहाप्रबंधक श्रीमती पूनम शर्मा ने विभिन्न विभागों के शासकीय सदस्यों का पौधा भेंट कर स्वागत किया।
बैठक के दौरान पर्यटन मंडल द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं विकास परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। परियोजनाओं के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन, पर्यटन अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण, पर्यटक सुविधाओं के विस्तार तथा प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों को और अधिक आकर्षक एवं सुविधायुक्त बनाने के संबंध में विचार-विमर्श किया गया। साथ ही आगामी पर्यटन कार्यक्रमों, प्रचार-प्रसार गतिविधियों, निवेश संभावनाओं तथा पर्यटन को रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने के विभिन्न पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि प्रदेश की प्राकृतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक एवं जनजातीय पर्यटन संपदा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए समन्वित प्रयास किए जाएंगे। पर्यटन स्थलों पर मूलभूत सुविधाओं के विस्तार, पर्यटक अनुभव को बेहतर बनाने तथा स्थानीय समुदाय की सहभागिता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों के माध्यम से छत्तीसगढ़ के पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देने, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को गति प्रदान करने तथा भविष्य में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने की रणनीति पर सर्वसम्मति बनी। संचालक मंडल ने विश्वास व्यक्त किया कि इन निर्णयों से प्रदेश की पर्यटन पहचान और अधिक सशक्त होगी तथा छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख पर्यटन राज्यों में अपनी विशिष्ट पहचान को और मजबूत करेगा।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद स्वीकृति आदेश जारी
रायपुर. जुलाई 2026. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सारंगढ़ नगर पालिका में उद्यान के निर्माण के लिए 95 लाख 30 हजार रुपए मंजूर किए हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा सारंगढ़ में उद्यान निर्माण की घोषणा के अनुपालन में विभाग द्वारा चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट से अधोसंरचना मद से यह राशि स्वीकृत की गई है।
उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने संचालनालय से इसकी मंजूरी के आदेश जारी कर दिए हैं। श्री साव ने उद्यान का निर्माण पूर्ण गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।
बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र के 11 विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षों के निर्माण हेतु 3 करोड़ की राशि स्वीकृत दी
रायपुर, जुलाई 2026/ राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कारों का समावेश ही एक समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ की सच्ची नींव है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार राज्य में गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और संस्कारयुक्त शिक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है, ताकि आने वाली पीढ़ी अपनी संस्कृति से जुड़कर एक जिम्मेदार नागरिक बन सके। राज्य के विद्यालयों में छात्रों को भारतीय ज्ञान-परंपरा, नैतिक मूल्यों और अनुशासन से जोड़ने के लिए शालाओं में प्रार्थना, सरस्वती वंदना और श्लोक का समावेश किया गया है। उन्होंने बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र के 11 विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षों के निर्माण हेतु 3 करोड़ की राशि स्वीकृत
रायपुर जिले के तिल्दा विकासखंड के शासकीय बीएनबी हायर सेकेंडरी स्कूल में विकासखंड स्तरीय शालेय प्रवेश उत्सव उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, जिला पंचायत प्रतिनिधियों एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति रही। इस अवसर पर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और नैतिक मूल्यों के साथ जीवन पथ पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।
संकल्प से ही प्राप्त होती है सिद्धि
देश के पूर्व राष्ट्रपति, भारतरत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी के विचारों को रेखांकित करते हुए राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि सपने वे नहीं जो हम सोते हुए देखते हैं, सपने तो वे हैं जो हमें सोने ही नहीं देते। सफलता की आधारशिला बड़े सपनों और दृढ़ संकल्प पर टिकी होती है। जिस प्रकार एक अभिभावक अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का, शिक्षक अपने विद्यालय की उत्कृष्टता का और जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र के विकास का सपना देखते हैं; ठीक उसी प्रकार विद्यार्थियों को भी उच्च लक्ष्य निर्धारित कर लगातार मेहनत करनी चाहिए। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संकल्प से सिद्धि के मंत्र को दोहराते हुए विद्यार्थियों को निरंतर प्रयासरत रहने का आह्वान किया।
दृष्टिकोण बदलता है जीवन की दिशा
कार्यक्रम में स्वामी विवेकानंद के संदेश उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य हासिल न हो जाए का स्मरण कराते हुए विद्यार्थियों में असीम ऊर्जा और सकारात्मक दृष्टिकोण का संचार किया गया। एक प्रेरक प्रसंग के माध्यम से मंत्री श्री वर्मा ने स्पष्ट किया कि एक ही कार्य को करने वाले लोगों का दृष्टिकोण अलग-अलग हो सकता है। जैसे बाँध निर्माण में लगे तीन मजदूरों में से सकारात्मक सोच वाले मजदूर ने अपने कार्य को जन-कल्याण और समृद्धि से जोड़कर देखा, ठीक उसी तरह विद्यार्थियों को भी अपनी पढ़ाई का उद्देश्य तय करना होगा। जब दृष्टिकोण स्पष्ट होता है, तो लक्ष्य प्राप्ति निश्चित हो जाती है।
नई शिक्षा नीति 2020- भारतीय ज्ञान परंपरा और संस्कारों का समावेश
मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि विष्णु देव साय सरकार द्वारा शिक्षा के सर्वांगीण विकास के लिए उठाए जा रहे है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत राज्य में शिक्षा को आधुनिक तकनीक के साथ-साथ भारतीय ज्ञान परंपरा (वेद, शास्त्र, रामायण एवं हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर) से जोड़ा गया है। शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहकर बच्चों में नैतिक मूल्य, विनम्रता, अनुशासन और अपने माता-पिता व बुजुर्गों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने का माध्यम बन रही है।
बलौदाबाजार के विद्यालयों को मॉडल बनाने 3 करोड़ रुपए की स्वीकृति
क्षेत्रीय अधोसंरचना विकास पर राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र के विद्यालयों को सर्वसुविधायुक्त मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है। बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र के 11 विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षों के निर्माण हेतु 3 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। बाउंड्री वॉल, शौचालय, शुद्ध पेयजल, विद्युत व्यवस्था और बैठक व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जा रहा है। बीएनबी हायर सेकेंडरी स्कूल परिसर में विद्यार्थियों के सांस्कृतिक व बौद्धिक विकास हेतु एक आधुनिक एवं भव्य रंगमंच के निर्माण की भी स्वीकृति दी गई।
Chief Minister Welcomes New Students at State-Level Shala Pravesh Utsav
Raipur, July, 2026/Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai attended the State-Level Shala Pravesh Utsav 2026–27 at Swami Atmanand Government English Medium Utkrist Vidyalaya, Jamgaon (M), in Patan development block of Durg district on July 20. Addressing the gathering, he said education is not merely about securing good marks in examinations but about nurturing moral values, scientific thinking, social responsibility and a spirit of nation-building. He described quality education as the strongest foundation for a cultured society, a strong nation, and a developed Chhattisgarh, adding that the state government is committed to ensuring that no child is deprived of opportunities due to a lack of resources by providing quality education, modern infrastructure, technological resources, and equal opportunities.
The Chief Minister announced four major education and sports infrastructure projects for Durg district. These include a modern composite office building for the offices of the Joint Director of Education, District Education Officer and Block Education Officer; a fully equipped auditorium in Durg city; a football ground with an athletics track; and separate 100-seat hostels for boys and girls preparing for competitive examinations such as NEET and JEE. He said these initiatives would provide a stronger environment for nurturing talent in education and sports.
Highlighting the state's education reforms, Shri Sai said the government is modernising the education system and making it more inclusive through smart classrooms, timely distribution of free textbooks and uniforms, additional nutritious meals, regular parent-teacher meetings, Nyota Bhoj, and other initiatives rooted in Indian culture. He said the rationalisation initiative has ensured that no school in the state is without teachers. At the same time, education hubs are being developed in remote areas such as Jagargunda in Bastar to provide students with facilities comparable to those in major cities. He also noted that Chhattisgarh now has 15 medical colleges, 24 Nalanda campuses and a 200-seat hostel facility for students studying in Delhi.
Chief Minister Shri Sai warmly welcomed children enrolling in school for the first time by applying a ceremonial tilak and offering sweets. He distributed free textbooks, school uniforms, and school bags to selected students in Classes I, VI, and IX, and bicycles to Class IX girls to encourage them to continue their education.
Congratulating students who excelled in the National Means-cum-Merit Scholarship Examination 2025–26, the Chief Minister said talent is not limited by geography or circumstances but requires the right opportunities and proper guidance. He later honoured state toppers Kumari Payal Rajni, who secured first place, Naitik Aamte, who secured seventh place, and Kumari Shraddha Indoriya, who secured tenth place, and wished them success in their future endeavours.
The Chief Minister also visited the school's astronomy laboratory and appreciated the space science and astronomy models prepared by students. He said scientific thinking and innovation would define India's future, and that the state government is continuously promoting interest in science and technology among students.
Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai and School Education Minister Shri Gajendra Yadav planted jackfruit, Sindoori and Maulshri saplings under the 'Ek Ped Maa Ke Naam' campaign to promote environmental conservation. The Chief Minister also joined schoolchildren for the Nyota Bhoj and interacted with them about their studies, interests and future aspirations.
अंबिकापुर स्थित निवास पर क्षेत्रवासियों से सीधे संवाद, विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश
रायपुर, जुलाई 2026। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने अंबिकापुर स्थित अपने निवास पर आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे क्षेत्रवासियों की समस्याएं एवं मांगें गंभीरता से सुनीं। इस दौरान उन्होंने प्रत्येक आवेदक से आत्मीय संवाद करते हुए उनकी समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
जनदर्शन के दौरान नागरिकों ने सड़क, पेयजल, विद्युत, राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य जनसुविधाओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपनी समस्याएं और सुझाव मंत्री के समक्ष रखे। श्री अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त आवेदनों पर संवेदनशीलता के साथ शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आम नागरिकों को समयबद्ध राहत मिल सके।
श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि शासन की प्राथमिकता आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान करना और विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जनदर्शन आम नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद का सशक्त माध्यम है, जिससे लोगों की समस्याओं को सीधे समझकर उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों की अपेक्षाओं पर खरा उतरना और क्षेत्र के समग्र विकास के संकल्प को साकार करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी भावना के साथ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा विकास कार्यों को गति देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
जनदर्शन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। लोगों ने अपनी समस्याओं को सीधे मंत्री के समक्ष रखने और उनके त्वरित समाधान के लिए दिए गए निर्देशों पर संतोष व्यक्त करते हुए शासन की इस जनसुनवाई व्यवस्था की सराहना की।
विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव है गुणवत्तापूर्ण शिक्षा : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में नवप्रवेशी बच्चों का किया आत्मीय स्वागत
दुर्ग जिले को शिक्षा एवं खेल अधोसंरचना की चार बड़ी सौगातें : नीट-जेईई के विद्यार्थियों के लिए छात्रावास, आधुनिक कम्पोजिट कार्यालय भवन, ऑडिटोरियम एवं एथलेटिक्स ट्रैक की घोषणा
रायपुर जुलाई 2026/ शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक लाना नहीं, बल्कि बच्चों में नैतिक मूल्यों, वैज्ञानिक सोच, सामाजिक संवेदनशीलता और राष्ट्रभावना का विकास करना है। शिक्षा संस्कारित समाज, सशक्त राष्ट्र और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे मजबूत आधारशिला है। राज्य सरकार का संकल्प है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा संसाधनों या अवसरों के अभाव में अपने सपनों से वंचित न रहे। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक अधोसंरचना, तकनीकी संसाधन और समान अवसर उपलब्ध कराकर प्रदेश की नई पीढ़ी को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, जामगांव (एम) में आयोजित राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव 2026-27 को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम के प्रारंभ में विद्यालय में पहली बार प्रवेश लेने वाले नन्हे बच्चों का तिलक लगाकर एवं मुंह मीठा कराकर आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने बच्चों को स्नेह पूर्वक आशीर्वाद देते हुए कहा कि वे मन लगाकर अध्ययन करें, बड़े सपने देखें और अपने ज्ञान, प्रतिभा एवं संस्कारों से परिवार, समाज, प्रदेश और देश का नाम रोशन करें। उन्होंने कहा कि बच्चों की मुस्कान और उनकी आंखों में बसे सपने ही विकसित छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कक्षा पहली, छठवीं एवं नवमी के चयनित विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य-पुस्तकें, गणवेश एवं स्कूल बैग वितरित किए। साथ ही कक्षा नवमी की छात्राओं को साइकिल प्रदान कर उन्हें उच्च शिक्षा के लिए निरंतर आगे बढ़ने का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने राष्ट्रीय साधन सह प्रवीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए कहा कि प्रतिभा किसी क्षेत्र या परिस्थिति की मोहताज नहीं होती, आवश्यकता केवल सही अवसर और उचित मार्गदर्शन की होती है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को केवल बेहतर बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उसे भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक और समावेशी बना रही है। प्रदेश के विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, समय पर निःशुल्क पुस्तक एवं गणवेश वितरण, अतिरिक्त पौष्टिक आहार, नियमित पालक-शिक्षक बैठक, न्योता भोज और भारतीय संस्कृति पर आधारित विभिन्न नवाचारों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास का वातावरण तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने युक्तियुक्तकरण के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार किए हैं। आज प्रदेश का कोई भी विद्यालय शिक्षक विहीन नहीं है। दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। बस्तर के जगरगुंडा जैसे क्षेत्रों में एजुकेशन हब विकसित किए जा रहे हैं, ताकि वहां के बच्चों को भी बड़े शहरों जैसी शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, 24 नालंदा परिसर विकसित किए जा चुके हैं तथा दिल्ली में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए 200 सीटों की छात्रावास सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
भिलाई नगर जुलाई 2026:- सर्व समाज कल्याण समिति के अध्यक्ष एवं हैवी ट्रांसपोर्ट कंपनी के डायरेक्टर इंद्रजीत सिंह छोटू का जन्मदिन आज आर्य नगर, कोहका स्थित बीरा जी के अंगना परिसर में अत्यंत हर्षोल्लास और गरिमामयी वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर सुबह से ही उन्हें शुभकामनाएं देने वालों का तांता लगा रहा।अपने इस विशेष दिन की शुरुआत इंद्रजीत सिंह छोटू ने भारतीय परंपरा और संस्कारों के साथ की। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने से पहले उन्होंने अपनी पूजनीय माता जी के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लिया। इसके पश्चात, उन्होंने गुरुद्वारा साहिब जाकर माथा टेका और गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष शीश नवाकर समाज की खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की।बीरा जी के अंगना परिसर में आयोजित मुख्य समारोह में सामाजिक समरसता का एक अनूठा नजारा देखने को मिला। उनके जन्मदिन के मौके पर बधाई देने के लिए विभिन्न समाजों के प्रमुख पदाधिकारी, ट्रांसपोर्ट जगत से जुड़ी जानी-मानी हस्तियां, अलग-अलग राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूहों की महिलाएं उपस्थित हुईं। सभी ने फूलों के गुलदस्ते और माला पहनाकर उन्हें दीर्घायु होने की शुभकामनाएं दीं।सुबह से शुरू हुआ केक कटिंग और बधाई देने का यह सिलसिला देर शाम तक अनवरत चलता रहा।
आयोजन स्थल पर आगंतुकों के लिए भोजन के साथ चाय नाश्ता की व्यवस्था रखी गई। इस दौरान उपस्थित जनसमुदाय और शुभचिंतकों का आभार व्यक्त करते हुए इंद्रजीत सिंह छोटू ने कहा कि आप सभी का यही अपार स्नेह और विश्वास मुझे हमेशा जनसेवा और समाज कल्याण के कार्यों के लिए प्रेरित करता रहेगा।
महतारी वंदन योजना से बढ़ा आत्मविश्वास और आर्थिक संबल, नियमित आर्थिक सहायता ने छोटे व्यवसाय को दी नई गति
रायपुर, 20 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देने के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना प्रदेश की लाखों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित इस महत्वाकांक्षी योजना से महिलाओं को न केवल नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है, बल्कि वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। गौरेला विकासखंड के ग्राम तवाडबरा की श्रीमती ज्ञानवती बैगा इसकी प्रेरणादायक मिसाल है।
श्रीमती ज्ञानवती बैगा अपने परिवार की आजीविका को मजबूत करने के लिए अमलेश्वर महादेव मंदिर के सामने नारियल की छोटी दुकान संचालित करती हैं। इस व्यवसाय से होने वाली आय से वे परिवार की दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करने के साथ-साथ घरेलू जिम्मेदारियों का भी सफलतापूर्वक निर्वहन कर रही हैं। सीमित संसाधनों के बीच परिवार का पालन-पोषण करने वाली ज्ञानवती बैगा के लिए महतारी वंदन योजना आर्थिक संबल बनकर सामने आई है।
उन्होंने बताया कि उन्हें योजना की 29वीं किस्त प्राप्त हो चुकी है। इस राशि का उपयोग उन्होंने अपने नारियल व्यवसाय के लिए आवश्यक सामग्री खरीदने में किया, जिससे उनके छोटे व्यवसाय को निरंतर गति मिली। नियमित आर्थिक सहायता मिलने से अब उन्हें व्यवसाय चलाने के लिए पूंजी की चिंता कम हो गई है और वे पहले की तुलना में अधिक आत्मविश्वास के साथ अपना काम कर पा रही हैं।
श्रीमती ज्ञानवती बैगा का कहना है कि महतारी वंदन योजना ने उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनने का विश्वास दिया है। अब वे घर के खर्च और अपने व्यवसाय दोनों का बेहतर ढंग से संचालन कर पा रही हैं। योजना से मिलने वाली नियमित सहायता ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दिया है और भविष्य के प्रति उनका विश्वास भी मजबूत हुआ है।
उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई महतारी वंदन योजना वास्तव में महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है। यह योजना परिवारों की आर्थिक मजबूती के साथ-साथ महिलाओं के आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाई प्रदान कर रही है।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रभावी ढंग से संचालित महतारी वंदन योजना प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। नियमित आर्थिक सहायता के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने, छोटे व्यवसायों को आगे बढ़ाने तथा परिवार की आय में भागीदारी निभाने का अवसर मिल रहा है। ज्ञानवती बैगा जैसी अनेक महिलाओं की सफलता की कहानियां इस बात का प्रमाण हैं कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के जीवन में आत्मविश्वास, सम्मान और स्वावलंबन का नया अध्याय भी लिख रही है।
जी. आर. ए. स्कूल जूनाडीह, लखनपुर में पौधारोपण कार्यक्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने किया पौधारोपण, विद्यार्थियों से प्रकृति संरक्षण का संकल्प लेने का किया आह्वान
रायपुर, 20 जुलाई 2026। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल आज सरगुजा जिले के लखनपुर स्थित जी.आर.ए. स्कूल, जूनाडीह में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा विद्यार्थियों, शिक्षकों और उपस्थित जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर हरित एवं स्वच्छ भविष्य के निर्माण का संकल्प लिया।
इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रकृति का संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार का दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। आज लगाया गया एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, हरियाली और सुरक्षित भविष्य की अमूल्य धरोहर बनता है। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आग्रह किया।
श्री अग्रवाल ने अपने संबोधन में आगे कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि मानव जीवन के आधार हैं। जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की वर्तमान आवश्यकता को देखते हुए प्रत्येक व्यक्ति को पौधारोपण को जनआंदोलन बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पौधा लगाना जितना महत्वपूर्ण है, उससे कहीं अधिक आवश्यक उसकी नियमित देखभाल करना है, ताकि वह एक सशक्त वृक्ष बनकर समाज और प्रकृति की सेवा कर सके।
उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी पर्यावरण संरक्षण की सबसे बड़ी शक्ति है। यदि विद्यार्थी अपने जीवन में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करेंगे और प्रत्येक वर्ष कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करेंगे, तो आने वाले वर्षों में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिलेगा। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रकृति से जुड़ने, पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने तथा जीवन में अनुशासन, परिश्रम और सकारात्मक सोच के साथ निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि हरित वातावरण स्वस्थ समाज की पहचान है। वृक्षारोपण के माध्यम से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है, बल्कि जैव विविधता का संरक्षण, जल स्रोतों का संवर्धन और प्राकृतिक संतुलन भी मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि आज का यह सामूहिक प्रयास भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरित और स्वस्थ परिवेश सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम के अंत में श्री अग्रवाल ने विद्यालय परिवार द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विद्यार्थी शिक्षा के साथ-साथ प्रकृति संरक्षण के संदेशवाहक बनकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में राम-नामी सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री घोषित, संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने बताया पूरे प्रदेश के लिए गर्व का क्षण
श्री अग्रवाल ने निर्देशक श्री भरतबाला गणपति एवं पूरी टीम को दी शुभकामनाएं, कहा - प्रदेश की लोक विरासत को मिली नई पहचान
रायपुर, 20 जुलाई 2026। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में डॉक्यूमेंट्री फिल्म ’’राम-नामी’’ को ’’सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री फिल्म’’ का सम्मान प्राप्त होने पर छत्तीसगढ़ में हर्ष का वातावरण है। इस उपलब्धि को प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और आध्यात्मिक धरोहर के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने डॉक्यूमेंट्री के निर्देशक श्री भरतबाला गणपति एवं पूरी टीम को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी है।
संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में डॉक्यूमेंट्री फिल्म राम-नामी को सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का सम्मान प्राप्त होना छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए अत्यंत गर्व और हर्ष का विषय है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल एक फिल्म की उपलब्धि नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं, सांस्कृतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान है।
उन्होंने कहा कि रामनामी समाज अपनी विशिष्ट परंपराओं, भगवान श्रीराम के प्रति अटूट आस्था, सादगीपूर्ण जीवन शैली तथा लोक संस्कृति के संरक्षण के लिए पूरे देश में विशिष्ट पहचान रखता है। शरीर पर श्रीराम नाम अंकित कराने की अद्वितीय परंपरा, भक्ति, समरसता और आध्यात्मिक जीवन मूल्यों का संदेश देने वाला यह समाज छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर का अमूल्य हिस्सा है। डॉक्यूमेंट्री राम-नामी ने इन परंपराओं और जीवन मूल्यों को अत्यंत संवेदनशील एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत कर देश-दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है।
संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह सम्मान छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं और सांस्कृतिक अस्मिता को राष्ट्रीय पटल पर नई प्रतिष्ठा प्रदान करेगा। साथ ही यह उपलब्धि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रचार-प्रसार को नई गति देगी तथा आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस उपलब्धि से छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, जनजातीय एवं पारंपरिक विरासत, लोककलाओं और आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति देश-विदेश में लोगों की रुचि और बढ़ेगी। इससे प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर नई प्रतिष्ठा मिलेगी तथा सांस्कृतिक पर्यटन को भी प्रोत्साहन प्राप्त होगा।
संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने निर्देशक श्री भरतबाला गणपति तथा पूरी निर्माण टीम को इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि उनकी यह सफलता छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाली प्रेरणादायी उपलब्धि है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी प्रदेश की लोक संस्कृति और परंपराओं पर आधारित ऐसे उत्कृष्ट रचनात्मक प्रयास निरंतर होते रहेंगे, जिससे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सशक्त होकर उभरेगी।