newscreation

newscreation

रायपुर, 15 जुलाई 2026/ सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण की दिशा में लगातार की जा रही कार्रवाई का एक और प्रभावी उदाहरण सामने आया है। गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में ना नवपदस्थ कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. के निर्देशानुसार जिला खनिज विभाग ने अवैध खनिज परिवहन के विरुद्ध विशेष अभियान चलाते हुए रेत एवं गिट्टी के अवैध परिवहन में संलिप्त छह ट्रैक्टरों को जब्त किया। यह कार्रवाई सीएम हेल्पलाइन (टोल फ्री नंबर-1076) में प्राप्त शिकायत के आधार पर तत्काल जांच के बाद की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकायत मिलते ही कलेक्टर ने जिला खनिज विभाग को त्वरित जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। निर्देशों के पालन में जिला खनिज उड़नदस्ता दल ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान कोलबिर्रा एवं रुमगा क्षेत्र से रेत से भरे तीन ट्रैक्टर, खंता एवं पिपरिया क्षेत्र से रेत से भरे दो ट्रैक्टर तथा सधवानी क्षेत्र से गिट्टी से भरा एक ट्रैक्टर अवैध परिवहन करते हुए पकड़ा गया। सभी छह वाहनों को मौके पर जब्त कर नियमानुसार कार्रवाई की गई।
खनिज विभाग ने संबंधित वाहन स्वामियों के विरुद्ध खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अर्थदंड एवं समझौता राशि खनिज मद में जमा किए जाने के बाद ही नियमानुसार जब्त वाहनों को मुक्त किया जाएगा। कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई जारी रखने के निर्देश भी दिए, ताकि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ शासन के राजस्व हितों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।
उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सतत निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि अवैध खनिज गतिविधियों की जानकारी मिलने पर सीएम हेल्पलाइन अथवा संबंधित विभाग को सूचित करें, ताकि तत्काल कार्रवाई कर नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जा सके।
इस कार्रवाई में सहायक खनि अधिकारी श्री आदित्य मानकर, खनि निरीक्षक श्री सुजीत कंवर, खनिज सिपाही श्री शिवकुमार लहरे तथा नगर सैनिक श्री सतीश साहू की सक्रिय भूमिका रही।

गोंचा पर्व की तैयारियों में तुपकी निर्माण से बढ़ी आजीविका, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का भी बन रहा माध्यम

रायपुर, 15 जुलाई 2026/ महतारी वंदन योजना महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं दे रही, बल्कि उनकी पारंपरिक आजीविकाओं और स्थानीय संस्कृति को भी नई ऊर्जा प्रदान कर रही है। प्रदेश के बस्तर अंचल में इसका एक प्रेरक उदाहरण देखने को मिला है, जहां बस्तर जिला के जगदलपुर विकासखंड के ग्राम मांझीगुड़ा की श्रीमती चंदा ने योजना से प्राप्त राशि का उपयोग गोंचा पर्व में उपयोग होने वाली पारंपरिक तुपकी के निर्माण में किया है। इससे न केवल उनके परिवार की आय बढ़ने की उम्मीद है, बल्कि बस्तर की सांस्कृतिक धरोहर को भी नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिल रही है।

बस्तर का प्रसिद्ध गोंचा पर्व धार्मिक आस्था, लोक परंपरा और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। पर्व की तैयारियों के बीच चंदा अपने पति श्री चिगडू और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर बड़ी संख्या में तुपकी तैयार कर रही हैं। गोंचा पर्व के दौरान इन तुपकियों की विशेष मांग रहती है, जिससे परिवार को अतिरिक्त आय प्राप्त होती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
तुपकी बांस से बनाया जाने वाला बस्तर का पारंपरिक यंत्र है, जिसमें मलाग्नी वृक्ष के बीज (पेंगू) का उपयोग कर बन्दूक जैसी ध्वनि उत्पन्न की जाती है। भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान श्रद्धालु इसी तुपकी से पारंपरिक सलामी देते हैं। यह परंपरा वर्षों से बस्तर की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा रही है और आज भी पूरे उत्साह एवं श्रद्धा के साथ निभाई जाती है।

श्रीमती चंदा बताती हैं कि महतारी वंदन योजना से प्रत्येक माह मिलने वाली राशि ने उन्हें आर्थिक आत्मविश्वास दिया। इसी सहायता से उन्होंने तुपकी निर्माण के लिए आवश्यक बांस और अन्य सामग्री खरीदी। अब पूरा परिवार इस कार्य में जुटा है और गोंचा पर्व के दौरान अच्छी आय होने की उम्मीद है।

उनका कहना है कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने और अपनी पारंपरिक कला एवं कौशल को आजीविका से जोड़ने का अवसर भी है। इससे परिवार की आय बढ़ रही है और बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण भी हो रहा है।

गौरतलब है कि योजना के प्रारंभ से अब तक 29 किस्तों के माध्यम से 18 हजार 805 करोड़ रुपये
से अधिक की राशि महिलाओं को सीधे उनके खातों में उपलब्ध कराई जा चुकी है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में योजना के लिए 8,200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने अभियान की उपलब्धियां पर आधारित पुस्तिका की भेंट

 

मध्यप्रदेश विज्ञान क्षेत्र में अग्रणी : केन्द्रीय मंत्री श्री शेखावत
मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री श्री शेखावत ने किया अंतरिक्ष अन्वेषण दीर्घा का शुभारंभ
आंचलिक विज्ञान केन्द्र भोपाल में मुख्यमंत्री ने की विद्यार्थियों से चर्चा

 

कुण्डलिया वृहद सिंचाई परियोजना 2031 तक निरंतर रखने के लिए 245 करोड़ 45 लाख रूपये की स्वीकृति
मूंग उपार्जन के लिए 1,587 करोड़ रूपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराए जाने का निर्णय
नगरीय क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास के लिए 8 हजार 445 करोड़ रूपये की स्वीकृति
टेक-होम राशन के उत्पादन एवं प्रदाय की व्यवस्था महिला एवं बाल विकास विभाग को हस्तांतरित किये जाने का निर्णय
वाणिज्यिक कर विभाग के कार्यालय संचालन के लिए 521 करोड़ 4 लाख रुपये की स्वीकृति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय

Raipur, July , 2026/Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai on Tuesday told the Chhattisgarh Assembly that after suffering decades of Maoist violence that disrupted development, education and normal life, Bastar has entered a new phase of peace, security and inclusive growth through coordinated efforts of the Centre and the state, the courage of security forces and the support of local communities.

Extending gratitude to the Union government for its support, he said the success was the result of a sustained strategy combining security operations with development initiatives, while paying tribute to security personnel who laid down their lives in the anti-Maoist campaign. He also praised the Central Armed Police Forces, Chhattisgarh Police, district police, special security units and other agencies for their professionalism and dedication.

Shri Sai said the Centre, under Prime Minister Shri Narendra Modi, adopted an integrated security-and-development strategy for Maoist-affected regions, while Union Home Minister Shri Amit Shah ensured regular review of operations, better coordination and adequate resources. Following a high-level meeting of police chiefs of Maoist-affected states in Raipur on August 24, 2024, a time-bound action plan was implemented. Alongside intensified security operations, the state introduced a comprehensive rehabilitation policy offering financial assistance, land, skill training and self-employment opportunities to surrendered Maoists, encouraging many to return to the mainstream. Chief Minister said the government simultaneously expanded welfare schemes and infrastructure in areas where security improved, laying the foundation for lasting peace and public confidence.

Shri Sai said the government's focus has now shifted to the long-term development of Bastar through 'Bastar Roadmap 2.0', aimed at transforming the region into the country's leading tribal division. Under 'Niyad Nellanar 2.0' and the 'Bastar Munne Abhiyan' a total 31 government schemes and 14 community services are being implemented in saturation mode, benefiting over 39 lakh people across 5,542 villages. Security camps are being developed into 'Shaheed Gundadhur Seva Deras', serving as integrated centres for public services, livelihoods and citizen welfare.

Chief Minister said the Mukhyamantri Swasth Bastar Abhiyan has completed health screening of over 34 lakh people, creating digital health profiles to improve healthcare delivery. Under the Niyad Nellanar scheme, 43 individual and community welfare schemes across 17 departments have been implemented in 525 villages located within a 10-km radius of security camps, strengthening public trust in governance.

Highlighting welfare achievements, Shri Sai said 6.79 lakh ration cards, 17 lakh Jan Dhan accounts, 24.66 lakh Aadhaar cards, 22 lakh Ayushman cards, 1.18 lakh individual forest rights titles, and 3.89 lakh Kisan Credit Cards have been issued in Bastar division.

He said 1.76 lakh Pradhan Mantri Awas houses have been sanctioned in Bastar, besides 15,000 houses for families affected by Maoist violence and surrendered Maoists. Of the 458 schools that had shut down in 240 Maoist-affected villages, a total 421 schools have reopened, while 36 new schools have been sanctioned.

The Chief Minister said work on the Rs 3,513-crore Jagdalpur-Raoghat rail project is progressing, air connectivity at Jagdalpur has been expanded, and the Raipur-Visakhapatnam Expressway is nearing completion, which is expected to boost connectivity, tourism, trade and investment.

सुरक्षा बलों के साहस, स्थानीय जनसहयोग और पुनर्वास नीति से मिली निर्णायक सफलता - मुख्यमंत्री

दूरस्थ अंचलों तक पहुंचीं सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और जनकल्याण की योजनाएं, शासन पर बढ़ा लोगों का विश्वास - मुख्यमंत्री श्री साय

बस्तर को देश का अग्रणी जनजातीय संभाग बनाने की दिशा में तेजी से बढ़ रहे कदम : मुख्यमंत्री

बस्तर रोडमैप 2.0 के माध्यम से पर्यटन, आजीविका, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना के समग्र विकास पर विशेष फोकस - मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर  जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा में नक्सलवाद से मुक्ति के लिए केंद्र सरकार के ऐतिहासिक सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ ने दशकों तक नक्सल हिंसा के रूप में एक गंभीर चुनौती का सामना किया है। अब केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस तथा बस्तर की जनता के विश्वास और सहयोग से प्रदेश इस चुनौती से निर्णायक रूप से मुक्त होकर शांति, सुरक्षा और विकास के नए युग में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने कहा कि यह सफलता अनेक वर्षों के सतत प्रयासों, सुनियोजित रणनीति, सुरक्षा बलों के पराक्रम तथा आम नागरिकों के सहयोग का परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष में सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका त्याग और समर्पण सदैव राष्ट्र को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, छत्तीसगढ़ पुलिस, जिला पुलिस बल, विशेष सुरक्षा इकाइयों तथा अभियान में सहभागी सभी सुरक्षा एजेंसियों के साहस, समर्पण और व्यावसायिक दक्षता की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए समन्वित सुरक्षा एवं विकास आधारित रणनीति अपनाई। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में सुरक्षा अभियानों की सतत समीक्षा, संसाधनों की उपलब्धता तथा केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया गया, जिससे अभियान को अपेक्षित गति मिली।

उन्होंने कहा कि 24 अगस्त 2024 को रायपुर में आयोजित नक्सल प्रभावित राज्यों के पुलिस महानिदेशकों की उच्च स्तरीय बैठक के बाद नक्सलवाद के समूल उन्मूलन के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की गई। इसके अनुरूप सुरक्षा अभियानों को गति देने के साथ-साथ विकास कार्यों का भी समानांतर विस्तार किया गया।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने भी अभियान की नियमित समीक्षा की। स्वयं उन्होंने बस्तर क्षेत्र का लगातार दौरा कर सुरक्षा बलों का उत्साहवर्धन किया तथा विभिन्न गांवों में पहुंचकर स्थानीय नागरिकों से संवाद स्थापित किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने सुरक्षा अभियानों के साथ-साथ समाज के उन लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने पर भी विशेष बल दिया, जिन्होंने हिंसा का मार्ग छोड़कर सामान्य जीवन अपनाने की इच्छा व्यक्त की। इसी उद्देश्य से आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास के लिए व्यापक और मानवीय नीति लागू की गई।

उन्होंने कहा कि पुनर्वास नीति के अंतर्गत आत्मसमर्पित व्यक्तियों को आर्थिक सहायता, भूमि, कौशल विकास प्रशिक्षण, स्वरोजगार तथा सम्मानजनक जीवन के अवसर उपलब्ध कराए गए। इससे बड़ी संख्या में लोगों ने हिंसा का मार्ग छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नीति केवल पुनर्वास तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विधानसभा में कहा कि नक्सलवाद से मुक्ति का अभियान केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके साथ-साथ विकास को भी समान प्राथमिकता दी गई। राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि जिन क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो रही है, वहां शासन की योजनाएं और बुनियादी सुविधाएं भी तेजी से पहुंचें, ताकि लोगों के जीवन में स्थायी और सकारात्मक परिवर्तन आए।

डॉ. ममता साहू ने संभाली छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की कमान

रायपुर, जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ शासन द्वारा नियुक्त डॉ. ममता साहू ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष के रूप में विधिवत पदभार ग्रहण किया।

शास्त्री चौक स्थित राज्य महिला आयोग कार्यालय में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में उन्होंने कार्यभार संभालते हुए महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण, उनकी समस्याओं के त्वरित निराकरण तथा महिला सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।

पदभार ग्रहण करने के बाद डॉ. ममता साहू ने आयोग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से परिचय प्राप्त किया और सभी से समर्पण, पारदर्शिता तथा संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की अपेक्षा की। उन्होंने आयोग के विभिन्न कक्षों का निरीक्षण कर कार्यालयीन व्यवस्थाओं का अवलोकन भी किया।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग महिलाओं को न्याय दिलाने, उनकी शिकायतों के प्रभावी एवं समयबद्ध निराकरण तथा उनके सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि आयोग महिलाओं के हितों से जुड़े मामलों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास करेगा।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत, राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती सरला कोसरिया, नगर निगम रायपुर के पार्षद महेश ध्रुव, दुर्गेश राव, श्रीमती रजनी शेंगडे, जितेन्द्र साहू, कृष्णा साहू, श्रीमती सीमा डहरिया, गीतेश साहू सहित आयोग के सचिव, सहायक संचालक, लेखाधिकारी एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

डिजिटल एवं पारदर्शी व्यवस्था से सीधे खातों में अंतरित हुई प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि, वनवासी परिवारों की आजीविका और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिला नया संबल

रायपुर,  जुलाई 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप वनवासी एवं तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वर्ष 2023 के तेन्दूपत्ता संग्रहण की प्रोत्साहन पारिश्रमिक (बोनस) राशि का ऑनलाइन भुगतान किया गया। गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के मरवाही वनमंडल अंतर्गत पेण्ड्रारोड जिला लघु वनोपज सहकारी संघ के माध्यम से 9 प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियों के 10 हजार 160 हितग्राहियों के बैंक खातों में 1 करोड़ 39 लाख 36 हजार 718 रुपये की राशि एमएफपी कलेक्शन एंड पेमेंट सिस्टम के माध्यम से सीधे अंतरित की गई।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार वनवासी समुदायों की आजीविका को सुदृढ़ करने, उन्हें समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा लघु वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में जिले में 6593 मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहण के आधार पर बोनस राशि का वितरण किया गया। पूरी भुगतान प्रक्रिया डिजिटल एवं पारदर्शी माध्यम से संपन्न होने से हितग्राहियों को बिना किसी विलंब के सीधे उनके बैंक खातों में राशि प्राप्त हुई, जिससे संग्राहकों में प्रसन्नता का वातावरण है।

वनमंडल अधिकारी एवं पदेन प्रबंध संचालक श्रीमती ग्रीष्मी चांद के मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान से हजारों वनवासी परिवारों को आर्थिक राहत मिली है। प्राप्त बोनस राशि का उपयोग हितग्राही कृषि कार्यों, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य आवश्यक घरेलू जरूरतों की पूर्ति में कर सकेंगे, जिससे उनके जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार आएगा।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 के तेन्दूपत्ता संग्रहण के लिए पारिश्रमिक का भुगतान 4 हजार रुपये प्रति मानक बोरा की दर से पहले ही किया जा चुका था। अब प्रोत्साहन पारिश्रमिक (बोनस) राशि के भुगतान से तेन्दूपत्ता संग्राहकों को अतिरिक्त आर्थिक संबल प्राप्त हुआ है। इससे न केवल वनवासी परिवारों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी एवं हितग्राही-केंद्रित नीतियों का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रहा है। तेन्दूपत्ता संग्राहकों को समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से बोनस राशि उपलब्ध कराना इसी प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है, जो वनवासी समुदाय के जीवन में खुशहाली और आत्मनिर्भरता का नया अध्याय जोड़ रहा है।

Raipur, July 2026 / Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai on Tuesday attended the prayer meeting – Dashgatra of world-renowned Pandavani exponent Padma Shri, Padma Bhushan and Padma Vibhushan late Dr Teejan Bai at her native village Ganiyari in Durg district, where he announced a series of measures to preserve her legacy.

The Chief Minister paid floral tributes to her portrait, expressed condolences to her bereaved family and met her son Shri Dilharan Pardhi and other family members.

Announcing initiatives in her memory, the Chief Minister said the state government will institute the 'Dr Teejan Bai Lok Kala Alankaran', to be conferred annually during the Rajyotsava on artists for outstanding contributions to folk art. He also announced that the Government Higher Secondary School in Ganiyari will be renamed after late Dr Teejan Bai so that students can draw inspiration from her life and achievements.

Shri Sai said the state government would permanently preserve the memories of the legendary folk artiste by keeping her Tambura, the symbol of her lifelong artistic journey, in the museum at Raipur with due honour, enabling future generations to connect with her invaluable cultural legacy.

Describing late Dr Teejan Bai as a cultural icon of not just Chhattisgarh but the entire country, Shri Sai said she took the state's folk tradition to the global stage through her exceptional talent, lifelong dedication and the Kapalik style of Pandavani. He said her contribution to folk art and culture would continue to inspire future generations.

The prayer meeting was also addressed by MP Shri Vijay Baghel, Tourism, Culture, Religious Trusts and Endowments Minister Shri Rajesh Agrawal, and MLA Padma Shri Shri Anuj Sharma, who paid tribute to late Dr Teejan Bai and recalled her unparalleled contribution to folk art. Those present observed a two-minute silence in her memory.

Among those present were Padma Shri Shri R.S. Barle, School Education Minister Shri Gajendra Yadav, MLA Shri Doman Lal Korsewada, Chhattisgarh Film Development Corporation chairperson Ms Mona Sen, artists from across the state, local panchayat representatives and a large number of citizens.

Page 5 of 6445

Ads

R.O.NO. 13895/62 Advertisement Carousel

MP info RSS Feed

फेसबुक