ईश्वर दुबे
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Bhilai
जांजगीर-चांपा। आकशीय बिजली की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। घटना चंद्रपुर थाना क्षेत्र के ग्राम चंदली बिलाईगढ़ की बताई जा रही है। मामले की सूचना पर पहुंची पुलिस ने पंचनामा के बाद शव को पीएम के लिए रवाना कर दिया।
जानकारी के अनुसार रविवार की दोपहर जिले के कई जगहों में गरज के साथ बूंदा बांदी हुई, जिसका असर चंद्रपुर क्षेत्र में भी दिखा। चंद्रपुर निवासी राजू यादव उम्र 25 वर्ष रविवार की दोपहर मांड नदी बिलाईगढ़ में ट्रैक्टर में रेत लोड कर रहा था। इसी दौरान आकाशीय बिजली उस पर गिर गई, जिसके चलते उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम किया है।


दुर्ग जिले के पाटन में आयोजित स्वामी आत्मानंद जयंती समारोह में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने स्वामी आत्मानंद जी के यशस्वी क्षणों को साझा किया। उन्होंने कहा कि वर्धा आश्रम में स्वामी जी के पिता बुनियादी शिक्षक थे, गांधी जी का प्रेम स्वामी जी को खूब मिला। जब वे 4 साल के थे तो गांधी जी के भजन रघुपति राघव राजाराम में हारमोनियम पर संगत देते थे। बाद में स्वामी विवेकानंद के विचारों का भी उन पर गहरा असर हुआ और उन्होंने अपना पूरा जीवन दरिद्र नारायण की सेवा में बिता दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ईशोपनिषद पर स्वामी जी की व्याख्या अद्भुत है। उनके गीता तत्व चिंतक की रिकॉर्डिंग उपलब्ध है। इसे सुनना ज्ञान के सागर में डूबने जैसा है। जब वे राम नाम संकीर्तन करते थे तो उनकी सुमधुर आवाज में इसे सुनना दैवीय अनुभव होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगली बार जब हम इकट्ठा होंगे तो इसे सुनेंगे और आप भी इसे महसूस करेंगे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नारायणपुर आश्रम की स्थापना के संबंध में भी विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि उस समय स्वामी आत्मानंद तेजी से सेवा का अद्भुत कार्य कर रहे थे। जब बेलूर मठ में स्वामी वीरेश्वरानंद जी की अंतिम यात्रा पर देश की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी स्वामी जी से मिली तो कहा कि नारायणपुर में आपके आश्रम की गतिविधि संचालित होगी तो इस वन्य क्षेत्र में सेवा के कार्यों का विस्तार होगा। इसके बाद आश्रम की रूपरेखा तैयार हुई और सेवा का कार्य वहां प्रारम्भ हुआ।
7 बच्चे थे, सारे मेरिट में आये-
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर एक रोचक वाकया बताया। उन्होंने कहा कि जब पहली बार आश्रमठ के बच्चे पांचवी पहुंचे तब पहले से लेकर 7वें स्थान तक यहीं के बच्चे मेरिट में आये। किसी ने पूछा कि आठवें स्थान से कैसे चूक गए तब बताया कि पहली बैच में केवल 7 बच्चे ही थे।
बच्चों को सौंपे जाति प्रमाण पत्र-
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 3 बच्चों को जाति प्रमाण पत्र सौंपे। रायपुर मेडिकल कॉलेज में चयनित मानसी वर्मा का सम्मान भी उन्होंने किया।
5 करोड़ 75 लाख के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन
प्रमुख कार्यों में 1 करोड़ 24 लाख रुपये की लागत से वार्ड क्रमांक 3 में सामुदायिक भवन निर्माण कार्य, 41 लाख रुपये की लागत से वार्ड क्रमांक 2 में पुष्पवाटिका सौंदर्यीकरण कार्य, वार्ड क्रमांक 14 में भी 46 लाख रुपये की लागत से पुष्पवाटिका सौंदर्यीकरण कार्य, वार्ड क्रमांक 14 में 24 लाख रुपये की लागत से मरही तालाब में पाथवे और पिचिंग कार्य, वार्ड क्रमांक 15 में 34 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक भवन जीर्णोद्धार कार्य, वार्ड क्रमांक 13 में 53 लाख रुपये की लागत से स्टेडियम जीर्णोद्धार कार्य, वार्ड क्रमांक 2 में 23 लाख रुपये की लागत से मुक्तिधाम सौंदर्यीकरण कार्य, वार्ड क्रमांक 2 में 20 लाख रुपये की लागत से सतनाम भवन में हॉल निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्य, वार्ड क्रमांक 3 में 5 लाख रुपये की लागत से भोई कहार समाज सामुदायिक भवन निर्माण, वार्ड क्रमांक 6 में 5 लाख रुपये की लागत से विप्र समाज भवन अहाता निर्माण कार्य, वार्ड क्रमांक 15 में 24 लाख रुपये की लागत से गौठान निर्माण कार्य शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 22 लाख रुपये से विभिन्न वार्डों में विद्युतीकरण कार्य तथा 39 लाख रुपये की लागत से डामरीकरण एवं सीसी रोड निर्माण कार्य शामिल हैं। इसके साथ ही 20 लाख रुपये की लागत से देवांगन समाज भवन में शेड निर्माण कार्य तथा शहीद वीरनारायण भवन में 15 लाख रुपये की लागत से चेक टाइल्स तथा ऊपर भवन बनाने भूमिपूजन किया गया।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का त्रिआयामी कार्यक्रम
चांपा। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ द्वारा टाऊन पूर्व माध्यमिक शाला मे नवरात्र के पंचम दिवस पर कन्या पूजन,कन्या भोज तथा शाला के शिक्षक शिक्षिकाओं को सम्मानित किया गया। इस त्रिआयामी कार्यक्रम मे राष्ट्रीय शिक्षा रत्न तथा राज्यपाल से सम्मानित शिक्षक राजेंद्र जायसवाल पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रदीप नामदेव तथा महिला नेत्री पूनम राय मंचस्थ थे।
मां सरस्वती की प्रतिमा का पूजा अर्चना से कार्यक्रम की शुरुआत हुई तत्पश्चात स्कूल के शिक्षक शिक्षिकाओं सर्व श्री शिव जायसवाल श्रीमती गीताजंली परिहार श्रीमती मिथिलेश पाण्डेय राजेन्द्र जायसवाल श्रीमती रागिनी चतुर्वेदी श्रीमती सावित्री देवागंन श्रीमती मेनका सोनी कु.नेहा खटकी तथा गुप्तेश देवागंन को श्री फल एवं कलम भेंट कर सम्मानित किया गया। तत्पश्चात आराधना श्रीवास कविता थवाईत संगीता पाण्डेय तनु चंद्रवंशी चंदा पाण्डेय रमा देवांगन तथा सुषमा चंद्रवंशी ने स्कूल की कन्याओं के पैरो मे महावर लगाने के बाद पूजन किया फिर अपने हाथों से भोजन परोसते हुए कन्याओं को भोज कराया और उन्हें श्रृंगार सामग्री के साथ पेन स्टील के प्लेट और नगद राशि भेंट करते हुए देवी स्वरुपा कन्याओं से आशीर्वाद लिया। कार्यक्रम का संचालन अनंत थवाईत तथा आभार प्रगट कृष्णा देवांगन ने किया। इस अवसर पर गणेश श्रीवास पंकज राय फिरत राम धीवर राजेश थावाणी नरेन्द्र ताम्रकार आदि अपस्थित थे नंदकुमार देवांगन तथा गोविंद देवांगन के विशेष सहयोग से उक्त कार्यक्रम संपन्न हुआ।
नरवा विकास कार्यक्रम के तहत एक दिवसीय कार्यशाला
जांजगीर-चांपा। कलेक्टर जनक प्रसाद पाठक ने कहा कि नरवा विकास राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना है। इसका उद्देश्य नाले के पानी को सहेजना और स्ट्रक्टर के माध्यम से उसका रिचार्ज कर भूमिगत जलस्तर को बढ़ाना और सिंचाई सुविधाओं का विकास करना है। वे आज जिला पंचायत के सभाकक्ष मंे नरवा विकास कार्यक्रम के तहत आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कलेक्टर ने कहा कि नाले के पानी को रोकने के लिए नए स्टाप डेम का निर्माण नहीं करना है, पूर्व में निर्मित स्टाप डेम्प का उपयोग पानी रोकने और रिचार्ज के लिए किया जाए। श्री पाठक ने कहा कि नरवा विकास के लिए यू और व्ही आकार के मिट्टी का स्ट्रक्चर बनाना है। जिनका वित्तीय स्त्रोत मनरेगा है। उन्होंने कहा कि पानी रिचार्ज कीट का उपयोग को नरवा विकास कार्यक्रम के लिए कार्यशाला में बताये जा रहे सभी तकनीकी स्टेप को क्रमबद्ध अपनाये और वाटर रिचार्ज के लिए उपयोगी स्ट्रक्टर बनायें। ताकि इस योजना के उद्देश्य की पूर्ति हो सके। उन्होंने कहा कि नाले में बड़े स्ट्रक्चर के निर्माण के लिए आवश्यकता अनुसार वित्तीय साधन उपलब्ध कराये जाएंगे। श्री पाठक ने कहा कि स्ट्रक्चर निर्माण के पूर्व सर्वे टीम नालों में मौका निरीक्षण करें और नाला बंधान के लिए उपयोगी स्पाट का चयन करें। ताकि नरवा बंधान के मूल उद्देश्य वाटर रिचार्ज और सिंचाई के साधनों का समुचित विकास सुनिश्चित हो सके।
चांपा। सरस्वती शिक्षा संस्थान के निर्देशानुसार सरस्वती शिशु मंदिर तिलकनगर बिलासपुर में आयोजित संभाग स्तरीय विज्ञान मेला एवं वैदिक गणित प्रश्नमंच प्रतियोगिता में सरस्वती शिशु मंदिर चांपा के बाल किशोर एवं तरूण वर्ग के विद्यार्थियों ने विभिन्न्ा विधाओं में भाग लेकर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
विज्ञान एवं वैदिक गणित प्रतियोगिता में शिवन नृसिंह, अविनाश बरेठ, अंजली श्रीवास और शीला देवांगन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसी प्रकार रोशनी मानिकपुरी, जया कश्यप, सुरभि जायसवाल, शान्तनु जाना, आयुष शर्मा, यशवर्धन पटेल, प्राची सिंह, नंदिनी श्रीवास, यस्मिता देवांगन और गौरव चंद्रा ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। इनकी सफलता पर विद्यालय के प्राचार्य राजेन्द्र सिंह ठाकुर, व्यवस्था प्रमुख अश्विनी कश्यप, ललित सेंगर, किशोर शर्मा, ज्योति प्रकाश साहू, संजीव बरेठ, ओमप्रकाश राठौर, मनोज यादव, विश्वनाथ पटेल, रोशन देवांगन कौशिल्या देवांगन, मिनी देवांगन, ललिता तिवारी, पुरूषोŸाम देवांगन, कविता सोनी, पूनम राठौर, पार्वती विश्वकर्मा, लक्ष्मीन देवांगन, ममता देवांगन ने हर्ष व्यक्त करते हुए इनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।
कलेक्टर के निर्देश और राज्यसभा सांसद की अनुशंसा का पीएचई पर असर नहीं
हसौद। ग्राम पंचायत रनपोटा के ग्रामीण बरसात के मौसम में भी जलसंकट से जूझ रहे हैं। नलजल योजना बंद होने के चलते ग्रामीण बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।
ग्राम पंचायत के सरपंच व ग्रामीणों ने रनपोटा में पेयजल समस्या दूर करने के लिए बोर खनन व पाइप लाइन विस्तार करने की मांग बीते 25 सितम्बर को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर की थी। इस कलेक्टर ने पेयजल की समस्या दूर करने पीएचई को निर्देश दिया था। इसके बावजूद अब तक ग्रामीणों की समस्या दूर करने ध्यान नहीं दिया गया। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पीएचई के अफसर अपने कर्तव्यों के प्रति कितने सजग है। राज्यसभा सांसद छाया वर्मा ने भी अनुशंसा की थी। फिर भी पीएचई की लापरवाही बरकरार है। शासन ग्रामीणों को पेयजल सप्लाई के लिए नल जल योजना संचालित करने के लिए लाखों रुपये पानी की तरह बहा रही है लेकिन अब भी ग्रामीणों को नल से पानी नही मिल रहा है। ग्राम पंचायत रनपोटा में नलजल योजना के लिए टंकी का निर्माण कराया गया है, ताकि पूरे पंचायत में पाइप लाइन का विस्तार कर लोगों के घर तक पानी पहुंचाया जा सके। लेकिन स्थानीय लोग वर्षों से पानी का इंतजार कर रहे हैं। जिसमें पीएचई विभाग की उदासीनता भी दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हम लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। इसके बाद भी पानी की समस्या को दूर करने कोई पहल नही की जा रही है। नलजल योजना से कुछ उम्मीद थी जो प्रशासनिक लापरवाही के कारण शुरू नही की गई है। कई सालों से नलजल योजनाएं शोपीस बनी हैं। जिसका उपयोग लोग नही कर पा रहे हैं।
नहीं मिली मंजूरी
रनपोटा गांव में पाइप लाइन का विस्तार करने के लिए शासन को इस्टीमेट भेजा गया है। इसे अब तक मंजूरी नहीं मिली है। स्वीकृति के बाद काम शुरू किया जाएगा।
- एचएस मरकाम, ईई पीएचई्र
वर्ष 2002 में नगरपालिका परिषद की बैठक में पारित हुआ था यह प्रस्ताव
नपा की कमान संभालने के बावजूद वर्तमान परिषद ने उक्त प्रस्ताव को नहीं किया शून्य
जांजगीर-चांपा। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे गोडसे के नाम से यदि चौक बनाने नगरपालिका परिषद में प्रस्ताव पारित कर दिया जाए तो इसे आप क्या कहेंगे। चौकिए नहीं यह सही है। हालांकि यह मामला काफी पुराना है लेकिन अभी नगरपालिका चुनाव के नजदीक आते ही यह मामला फिर से गरमाने लगा है।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में अभी नाथुराम गोडसे का मामला काफी गरमाया हुआ है। खुद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मुद्दे को लेकर विपक्ष को घेरा था। ऐसे में चांपा नगरपालिका का यह मामला सामने आने के बाद भाजपा और कांग्रेस सवालों के घेरे में है। इस मामले में जब एक स्वतंत्र पत्रकार ने नगरपालिका अध्यक्ष राजेश अग्रवाल से बात की तो अध्यक्ष ने गोडसे के बजाय गाडसे नाम से प्रस्ताव पारित होने का हवाला देकर चलता कर दिया, जबकि वास्तव में गाडसे नामक किसी भी शख्स की जानकारी अधिकांश लोगों को नहीं है। आपकों बता दें कि 26 अप्र्रैल 2002 को नगपालिका परिषद की एक बैठक हुई, जिसमें कंडिका क्रमांक 04 में आरके मेडिकल के सामने चौक का नाम बदलकर गाडसे अंग्रेजी में गोडसे करने का प्रस्ताव पारित हुआ था। जानकारी के अनुसार उस समय नगरपालिका में भाजपा के अनुपम श्रीवास्तव अध्यक्ष थे। तो वहीं कांग्रेस विपक्ष में था। लोगों का कहना है कि उस समय जब यह प्रस्ताव पारित हुआ तो कांग्रेस विपक्ष में था और वर्तमान नपाध्यक्ष उस समय पार्षद थे। लोगों का यहां तक कहना है कि अभी जब नगरपालिका में कांग्रेस की सरकार है तो भी परिषद की बैठक आयोजित कर उक्त प्रस्ताव को शून्य घोषित नहीं किया गया। इससे नपा के जनप्रतिनिधि एकबार फिर कटघरे में है। यही वजह है कि इस बार भाजपा व कांग्रेस के बजाय चांपा में निर्दलीय अध्यक्ष की हवा चलने लगी है।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती के उपलक्ष्य में 04 अक्टूबर से प्रदेश के मुखिया श्री भूपेश बघेल के कुशल नेतृत्व में कंडेल नहर सत्याग्रह की स्मृति में कंडेल से ‘गांधी विचार पदयात्रा‘ शुरू की गई। इस मौके पर कंडेल में आयोजित आमसभा में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को याद करते हुए उनके परिजनों को शाल एवं श्रीफल देकर मुख्यमंत्री ने सम्मानित भी किया। इनमें स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पंडित सुन्दर लाल शर्मा के परपोते श्री आशीष चंद्र शर्मा भी शामिल हैं।
ज्ञात हो कि राजिम के निकट ग्राम चंदसूर में जन्में पंडित सुन्दरलाल शर्मा 1905 में बंगाल विभाजन के बाद जो स्वदेशी आंदोलन चला पंडित सुन्दरलाल शर्मा ने उसी के तहत् रायपुर में 1906 में खादी केन्द्र की स्थापना की। कंडेल में 1920 में हुए कंडेल नहर सत्याग्रह में बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव के साथ पंडित सुन्दरलाल शर्मा का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने इसके साथ ही हरिजनोद्धार का महत्वपूर्ण कार्य किया। जिसकी महात्मा गांधी ने 1933 में छत्तीसगढ़ में दूसरे प्रवास के दौरान मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए उन्हें अपना सामाजिक गुरू माना। इनका असहयोग आंदोलन में भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने छत्तीसगढ़ में सामाजिक चेतना का स्वर घर-घर पहंुचाने का अविस्मरणीय कार्य किया। वे न केवल आंदोलनकारी थे वरन् वे साहित्यकार, लेखक, चिंतक भी रहे। उन्होंने छत्तीसगढ़ी रामायण की रचना कर छत्तीसगढ़ के साहित्य में अमूल्य योगदान दिए हैं।



मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल कल रात राजधानी रायपुर के देवपुरी स्थित गोदड़ीवाला धाम में आयोजित संत बाबा हरदास राम के 28वें बर्सी महोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने सिंधी समाज द्वारा असहाय, गरीबों, वृद्धजनों और मानवता की सेवा के लिए किए जा रहे कार्यो की सराहना की। महोत्सव का आयोजन संत बाबा हरदास राम सेवा मंडल और ब्रम्ह स्वरूप संत बाबा गेलाराम ट्रस्ट द्वारा किया गया।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने महोत्सव को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में सरकार द्वारा हर समाज और वर्ग की भलाई के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। उन्हें आगे बढ़ाने के लिए नित नये कार्यक्रमों को लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस तारतम्य में राज्य के समग्र विकास के लिए सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ’नरवा, गरवा, घुरूवा और बाड़ी’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में ग्लोबल वार्मिंग की समस्या पूरी दुनिया के लिए एक गंभीर चुनौती है। राज्य में चलायी जा रही यह योजना ग्लोबल वार्मिंग की समस्या को दूर करने में भी काफी मददगार साबित होगी। साथ ही इससे ग्रामोत्थान के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने यह भी बताया कि इसके तहत छत्तीसगढ़ में एक हजार 28 नालों को पुनर्जीवित करने की कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। बरसात के पश्चात इसका तेजी से क्रियान्वयन किया जाएगा। जल संरक्षण के क्षेत्र में इससे काफी मदद मिलेगी। इसी तरह गांव-गांव में गौठान के निर्माण से पशुओं की सही देखभाल सहित उनका संवर्धन सुनिश्चित होगा, जैविक खाद बनेगा और गांव-गांव में रोजगार बढ़ेगा। जैविक खेती से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सहित दूसरे प्रांतों से आए सिंधी समाज के नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल तथा विधानसभा अध्यक्ष श्री चरण दास महंत ने आज शारदीय नवरात्रि के सप्तमी पर डोंगरगढ़ के मां बम्लेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने मां बम्लेश्वरी से प्रदेशवासियों की खुशहाली और समृद्धि के लिए आशीर्वाद मांगा। मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के साथ डोंगरगढ़ विधायक श्री भुनेश्वर बघेल, डोंगरगांव विधायक श्री दलेश्वर साहू, जिला पंचायत राजनांदगांव की अध्यक्ष श्रीमती चित्रलेखा वर्मा, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री नवाज खान सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी मां बम्लेश्वरी की पूजा-अर्चना की।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल तथा विधानसभा अध्यक्ष श्री चरण दास महंत ने आज शारदीय नवरात्रि की सप्तमी पर रतनपुर स्थित शक्ति पीठ मां महामाया देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर बिलासपुर विधायक श्री शैलेष पाण्डेय और तखतपुर विधायक श्रीमती रश्मी सिंह भी उपस्थित थीं।
शहर के बापू बालोद्यान में मनाई गई बापू व शास्त्री की जयंती
चांपा। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती बापू बाल उद्यान में मनाई गई। चांपा नगर कांग्रेस कमेटी द्वारा स्थानीय बापू बालोद्यान में गांधी जयंती एवं पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री की जयंती मनाई गई। सर्वप्रथम बापू एवं शास्त्री जी के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित किया गया। तत्पश्चात समवेत स्वर से गांधी भजन गाया गया।
गांधी एक महात्मा विषय पर परिचर्चा प्रारंभ की गई जिसमें डॉक्टर एचपी सराफ ने आपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि गांधी एक अवतरित पुरुष थे जिनका जन्म भारत भूमि में विश्व कल्याण के लिए हुआ था। नगर पालिका अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने कहा कि गांधी आजादी की नींव रखने वाले एक महान योद्धा थे जिन्होंने अपने तपोबल से देश को आजाद कराया। जिला कांग्रेस के प्रवक्ता नागेन्द्र गुप्ता ने कहा गांधी अपने अहिंसा के बल पर देश और दुनिया को शांति के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। उनकी हिंसा मुक्त भारत की कल्पना को साकार करने के लिए हमें संकल्पित होना होगा। कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेसजनों का प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही नगर के पत्रकारों का भी प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मान किया गया एवं कार्यक्रम स्थल में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया जिसमें 50 व्यक्तियों ने अपने स्वास्थ्य परीक्षण कराया। कार्यक्रम का संचालन ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अवधेश गुप्ता ने किया एवं आभार पूर्व नगर अध्यक्ष नारायण सोनी ने किया। कार्यक्रम में नपा उपाध्यक्ष विषम राठौर, किशन सोनी, उमेश तिवारी, उपकार सिंह, शिवदयाल, सत्यनारायण देवांगन, अब्दुल्ला भाई, लखन देवांगन, हरीश पांडेय, सुनील साधवानी, अंजुम अंसारी, समद खान, अवधेश यादव, मानिक मशीन, गुलशन सोनी, दाऊद मेमन, तपस दत्ता, इकबाल अंसारी, सुरेश देवांगन, शांति सोनी, गीता सोनी, सर्मिष्ठा कंसारी, राजेश देवांगन, राजीव मिश्रा, शैलेष शर्मा, राकेश शर्मा, विष्णु गाना, कस्तूरचंद देवांगन, अर्जुन बड़वानी, रितेश शर्मा, विजय सोनी, दिलचंद देवांगन, दुर्गा कुर्रे, सुधीर बाजपेयी, राजेंद्र देवांगन, राज अग्रवाल, पंकज शुक्ला, आशीष कसेर, ओमप्रकाश देवांगन, सांचौर दीवान, अनिल बनकर, टुकू केवट सहित क्षेत्रवासियों ने स्वास्थ्य शिविर का लाभ लिया।
परिचय और संभल एनजीओ के जांबाजों ने दी नई जिंदगी, तीन महीने तक की सेवा
चांपा से लगे ग्राम उमरेली का है पीडि़त, अभी जिला अस्पताल कोरबा में चल रहा इलाज
जांजगीर-चांपा। जिसका कोई नहीं होता, उसका भगवान होता है और भगवान इंसान को माध्यम बनाकर जरूरतमंद की सहायता के लिए भेज देता है। कुछ इसी तरह का वाक्या ग्राम उमरेली निवासी संजय केवट के साथ हुआ। जब एक हादसे में उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई, तब उसकी किसी ने मदद नहीं की। यहां तक उसे संबलपुर स्टेशन के बाहर फेंक दिया गया था, लेकिन भगवान की तरह आकर कुछ लोगों ने उसे नई जिंदगी देने की कोशिश की।
संजय केंवट संबलपुर रेलवे स्टेशन के बाहर जख्मी अवस्था में पड़ा था, जिसे अनदेखा करते हुए लोग निकल जा रहे थे। लेकिन सबलपुर के परिचय और संभल नामक समाजसेवी संगठन से जुड़े लोगों की नजर उस पर पड़ी तो उनसे रहा नहीं गया और वो संजय केवट को अस्पताल ले गए। लेकिन वहां उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ, जिसे देखते हुए दोनों समाजसेवी संगठन के लोगों ने वीर सुरेंद्र साय निजी हॉस्पिटल में उसे भर्ती कराया। वहां उसकी हालत में थोड़ा सुधार होने पर उसे एनजीओ के विपिन बिहारी पांडा ने उमरेली पहुंचाया। जहां से उसे इलाज के लिए कोरबा के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। संजय कंेवट के मुताबिक वह बीते 8-10 सालों से अपना गांव छोड़कर मजदूरी की तलाश में जम्मू कश्मीर गया था और वहीं रहता है। उसने बताया कि बारिश से बचने के लिए वह जम्मू के एक ढाबे में शरण ली थी। इसी दौरान दीवार ढहकर उस पर गिर गई। इस वजह से उसके रीढ़ की हड्डी टूट गई। तब कुछ लोगों ने उसे वहां के अस्पताल में भर्ती कराया और उसके वहां मालिक को मामले की सूचना दी। संजय के मुताबिक, इसी अवस्था में उसे चांपा का टिकट देकर ट्रेन में बिठा दिया। तब संजय केंवट चांपा के बजाय संबलपुर पहुंच गया। उसके मुताबिक संबलपुर में उसे ट्रेन से उतारकर स्टेशन के बाहर फेंक दिया था। तब इन दोनों संस्था के लोगों ने उसकी काफी मदद की। संजय ने बताया कि तीन महीने तक इन दोनों संगठनों ने उसका सहयोग किया।
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जवारा कलश यात्रा जब निकलती है तो इस मंदिर की पूजा करके ही आगे बढ़ती है
नवरात्रि विशेष
चांपा। शहर में ग्राम देवता के रुप मे ठाकुरदेव, हरचन लाल, ठकुराईन दाई तथा वनदुर्गा की की पूजा होती है और शहर की कुल देवी के रुप मे समलेश्वरी देवी की पूजा होती है। इन सब के बीच बैगिन दाई का भी एक अलग ही महत्व है। बैगिन दाई का यह छोटा सा मंदिर कदंब चौक स्थित गिरधारी लाल सलूजा के मकान से लगा हुआ है
कदंब चौक निवासी अनंत थवाईत ने बताया कि इस मंदिर में वैसे तो कोई मूर्ति नहीं है। मंदिर के गर्भगृह में एक पत्थर है जिस पर सिंदूर बदंन का लेप लगा हुआ है। नवरात्रि पर इस मंदिर का विशेष महत्व है। जब समलेश्वरी मंदिर से मांदर झांझ मंजीरा की धुन पर पारंपरिक जसगीत के साथ जवांरा कलश यात्रा विसर्जन के लिए रामबांधा तालाब की ओर निकलती है तो इस मंदिर में पूजा किए बिना आगे नही बढ़ती। यहां पर बैगाओं द्वारा देवी दाई की मान मनौव्वल करते हुए आगे बढ़ने के लिए विनती करते हुए देखा जा सकता है। अनंत थवाईत ने बताया कि इस बैगिन दाई मंदिर में नियमित पूजा करने के लिए कोई पुजारी नियुक्त नहीं है किन्तु यहां पंजाबी महिला श्रीमती बिन्दु सलूजा द्वारा नियमित रुप से सुबह शाम पूजा की जाती है। भारतीय जीवन बीमा निगम में कार्यरत रजनीश सलुजा की धर्मपत्नी पूर्वपार्षद बिन्दु सलूजा को इस मंदिर में पूजा अर्चना की प्रेरणा कैसे मिली। इस सवाल पर वे बताती है कि जब उसकी शादी हुई और यहां आई तो देखा इस मंदिर की पूछपरख केवल नवरात्रि मे ही होती थी। बाकी दिनों मंे नहीं। बस यही बात उसके मेरे मन मे खटक गई और फिर यहां उसने सुबह शाम पूजा करना चालू कर दी। बिन्दु सलूजा का कहना है कि इस मंदिर में साफ सफाई पूजा आदि करने से उसे आत्मिक शांति मिलती है और उसके अदंर उर्जा का संचार होता है। विजय सलुजा द्वारा इस मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया गया। उसके पहले उसने मंदिर में बैगिन दाई लिखा देखा था इस आधार पर उसने वही लिखा है। कई लोग इसे ठाकुरदेव का मंदिर भी मानते है।