ईश्वर दुबे
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स्वास्थ्य मंत्री श्री सिंहदेव ने किया अत्याधुनिक नई एमआरआई मशीन का लोकार्पण
बाहर के मरीज भी वहां जाकर करा सकते हैं एमआरआई
रायपुर. स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने आज यहां डीकेएस अस्पताल में अत्याधुनिक नई एमआरआई मशीन का लोकार्पण किया। आधुनिक तकनीकों से लैस तीन टेसला क्षमता की इस मशीन से लोगों को काफी कम दर पर एक हजार 850 रूपए में एमआरआई की सुविधा मिलेगी। डीकेएस अस्पताल के साथ ही बाहर के मरीज भी यहां आकर एमआरआई करवा सकते हैं। नई मशीन के उद्घाटन के अवसर पर विधायकगण सर्वश्री सत्यनारायण शर्मा, कुलदीप जुनेजा, विकास उपाध्याय, स्वास्थ्य विभाग की सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह और संचालक, चिकित्सा शिक्षा डॉ. एस.एल. आदिले मौजूद थे।
डीकेएस अस्पताल में अत्याधुनिक एमआरआई मशीन का लोकार्पण करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि आज इस मशीन के शुरू होने से लोगों को काफी कम दर पर एमआरआई की सुविधा मिलेगी। इस गुणवत्ता और क्षमता की रायपुर में बहुत कम मशीनें हैं। डीकेएस अस्पताल में इलाज करा रहे लोगों के साथ ही बाहर के मरीज भी यहां आकर एमआरआई सुविधा का लाभ ले सकते हैं। शासकीय स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक, सुलभ, सस्ता और बेहतर बनाने की दिशा में हम लगातार काम कर रहे हैं। करीब 11 करोड़ रूपए की लागत से स्थापित यह अत्याधुनिक मशीन इसी दिशा में एक कोशिश है। एमआरआई मशीन का उद्घाटन करने आए श्री सिंहदेव ने यहां इलाज के लिए पहुंचे मरीजों से बातकर उनका हाल-चाल पूछा। श्री सिंहदेव ने उनसे यहां उपचार की व्यवस्था के बारे में भी जानकारी ली।
साईंस कालेज, दुर्ग में महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित
दुर्ग. महात्मा गांधी के विचार हर युग में प्रासंगिक है। हमें गांधी जी के बताये गये मार्ग का अनुसरण कर स्वयं के जीवन को खुशहाल बनाने का प्रयत्न करना चाहिए। ये उद्गार हेमचंद यादव विष्वविद्यालय, दुर्ग की कुलपति डाॅ. अरूणा पल्टा ने आज शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग के रवीन्द्रनाथ टैगोर सभागार में व्यक्त किये। डाॅ. पल्टा आज महाविद्यालय में महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बड़ी संख्या के रूप में उपस्थित प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं को संबोधित कर रही थी। डाॅ. अरूणा पल्टा ने विद्यार्थियों को बाहरी स्वच्छता के साथ-साथ मानसिक स्वच्छता रखने पर भी बल दिया। महात्मा गांधी को मितव्ययी बताते हुए डाॅ. पल्टा ने कहा कि दुर्ग विष्वविद्यालय महात्मा गांधी पर आधारित राष्ट्रीय स्तर की आॅनलाईन निबंध प्रतियोगिता आयोजित करने जा रहा है। समीपस्थ ग्राम खपरी में एन.एस.एस. के माध्यम से दुर्ग विष्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले 18 चुनिंदा महाविद्यालयों द्वारा प्रतिदिन महात्मा गांधी पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। स्वच्छता अभियान के अंतर्गत साईंस कालेज, दुर्ग के भौतिक रूप से निरीक्षण के दौरान डाॅ. अरूणा पल्टा ने महाविद्यालय की प्रयोगषालाओं, व्याख्यान कक्षों, ग्रंथालय एवं अन्य जगहों का निरीक्षण कर महाविद्यालय की साफ-सफाई एवं प्रयोगषालाओं के रख-रखाव की प्रषंसा की।
कार्यक्रम के आरंभ में संचालक डाॅ. जय प्रकाष साव ने 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री की जयंती से संबंधित विवरण देते हुए बताया कि आज ही के दिन यूनेस्को द्वारा विष्व अहिंसा दिवस घोषित किया गया था। डाॅ. साव ने गांधी जी को सत्य एवं अहिंसा के मार्ग में चल कर संघर्ष का औजार बनाने वाला अनूठा व्यक्ति करार दिया। उन्होंने भारतीयता में विनम्रता का उल्लेख करते हुए कहा कि गांधी जी के जीवन में आश्रमों का विषेष स्थान रहा। महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. आर.एन. सिंह ने अपने स्वागत भाषण में डाॅ. अरूणा पल्टा का परिचय देते हुए उन्हें कर्मठ एवं कुशल प्रशासक बताया। डाॅ. सिंह ने गांधी जी एवं शास्त्री जी की सादगी का स्मरण करते हुए विद्यार्थियों से लक्ष्य युक्त अध्ययन का आव्हान किया।
सरस्वती वंदना के साथ आरंभ हुए कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि डाॅ. अरूणा पल्टा का पुष्प गुच्छ से स्वागत करने वालों में प्राचार्य डाॅ. आर.एन. सिंह, डाॅ. एम.ए. सिद्दीकी, डाॅ. अनुपमा अस्थाना, मुख्य लिपिक श्री संजय यादव एवं छात्रसंघ उपाध्यक्ष प्रगति अग्रवाल शामिल थे। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं कु. वर्षा वर्मा, कु. निषा सिंह, सोमनाथ साहू, कु. वैष्णवी तथा कु. काजल हरप्रीत ने गांधी जी के भजनों की मोहक प्रस्तुति दी। संगतकार के रूप में राजा जैन एवं भूपेन्द्र उपस्थित थे।
दुर्ग। महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर कार्यालय जिला पंचायत दुर्ग में श्रीमती माया बेलचंदन, अध्यक्ष जिला पंचातय दुर्ग की अध्यक्षता में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुकेश बेलचंदन, सदस्य जिला पंचायत दुर्ग, अजय कुमार मिश्रा, उपसंचालक, पंचायत, जिला पंचायत दुर्ग, जिला पंचायत के समस्त कर्मचारी एवं अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित स्टॉफ के द्वारा प्लास्टिक प्रतिबंध करने हेतु अपने घरों का कचरा न सड़क पर फेकेंगे और न किसी को फेकने, प्लास्टिक से बनी सिंगल यूज वस्तुओं के उपयोग के प्रतिबंध हेतु लोगों को जागरूक करने, पॉलिथिन से बने केरीबैग के स्थान पर कपड़े से बने थैले का उपयोग करने एवं अपने कार्यस्थल पर प्लॉस्टिक के बाटल के स्थान पर कांच एवं स्टील की बाटल व गिलास का उपयोग करने का संकल्प लिया गया साथ ही कुपोषण व एनीमिया के विरूद्ध लोगों में जनजागरूकता लाने एवं समझ विकसित करने के लिये सतत प्रयास एवं उनसेे जुड़े क्रियान्वित गतिविधियों में लोगों को जोडऩे का प्रयास करने हेतु शपथ लिया गया।
श्रीमती माया बेलचंदन द्वारा बताया गया कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी ने जिस भारत का सपना देखा था उसमें सिर्फ ण्राजनैतिक आजादी ही नहीं थी, बल्कि एक स्वच्छ एवं विकसित देश की कल्पना भी थी। अब हमारा कर्तव्य है कि गंदगी को दूर करके भारत माता की सेवा करे। इसी उद्देश्य को साकार करने के लिये सभी के द्वारा शपथ लिया गया।
श्री मुकेश बेलचंदन द्वारा एनीमिया मुक्ति के लिये सरकार द्वारा प्रदेश में संचालित अभियान अंतर्गत सरकार की ओर से हितग्राहियों को प्रदाय किये जाने वाले पौष्टिक आहार, परामर्श सेवाएं, आई.एफ.ए. गोली, कृमिनाशक दवा की जानकारी दी गई साथ ही सभी उपस्थित अधिकारी/कर्मचारियों से अपने नियमित आहार में अधिक कैलोरी, प्रोटीन, विटामिन एवं लौह तत्व युक्त खाद्य सामग्री, सब्जी भाजी को शामिल करने विचार रखे गये।
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दुर्ग। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 जयंती के अवसर पर केन्द्रीय जेल में होने वाले 06 दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ आज 02 अक्टूबर को किया गया। सर्वप्रथम अतिथिगण श्री मोहन सिंह कोर्राम मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, श्री राहुल शर्मा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं योगेश सिंह क्षत्री जेल अधीक्षक द्वारा जेल में स्थापित महात्मा गांधी की मूर्ति पर माल्यार्पण किया गया तथा भवन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री जी को पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्जवलित करते हुए कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। सर्वप्रथम मुख्य न्यायिक मजि. श्री मोहन सिंह कोर्राम के द्वारा गांधी जी के आदर्शों तथा विचारों पर प्रकाश डाला गया। जेल अधीक्षक श्री योगेश क्षत्री द्वारा महात्मा गांधी जी के सामाजिक आर्थिक विचारों प्रकाश डाला गया। बंदियों संदीप, विरेन्द्र कोशले व राजेश कुमार द्वारा गांधी जी के संक्षिप्त जीवन परिचय व स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान के संबंध में अवगत कराया गया। संतोष राय द्वारा वैष्णव जन तो तेणे कहिए जे जाने पिर पराई रे-भजन एवं घनश्याम, रोहित व होमलाल द्वारा रघुपति राघव का गायन किया गया। बंदियों को गांधी जी के जीवन से संबंधित पुस्तकों का वितरण किया गया। जेल बैंड द्वारा देशभक्ति गीतों पर प्रस्तुति दी एवं गांधी जी की फिल्म काा प्रदर्शन किया गया। गांधी जयंती के अवसर पर जेल अदालत एवं साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया जिसमें श्रीमान् मधुसूदन चन्द्राकर सप्तम अपर सत्र न्याया. दुर्ग एवं श्रीमान् अविनाश त्रिपाठी दशम् अपर सत्र न्याया. दुर्ग एवं श्रीमान् मोहन सिंह कोर्राम मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दुर्ग (छ.ग.) द्वारा 04 का प्रकरणों का निराकरण किया गया एवं शासन के आदेशानुसार 01 महिला आजीवन कारावास बंदिनी को इस जेल से रिहा किया गया। 02 अक्टूबर गांधी जयंती के समारोह में केन्द्रीय जेल दुर्ग के जेलर श्री एन. के. शर्मा कल्याण अधिकारी श्री रामपाल सिंह कंवर, अष्टकोण अधिकारी श्री योगेश बंजारे एवं सहायक जेल अधीक्षक श्री देवेन्द्र धु्रव व कर्मचारी गण उपस्थित थे।
कवर्धा। देवी उपासना और आराधना का पर्व नवरात्रि की धूम इन दिनों नगर सहित पूरे क्षेत्र में बना हुआ है। पुरानी कचहरी पारा में नवदुर्गा उत्सव समिति द्वारा लगातार 60 साल से नवरात्रि पर्व में देवी की प्रतिमा स्थापना की जा रही है। वहीं दूसरी ओर देवी मंदिरों में जगमगाते ज्योति कलश की तेज और जसगीतों की गूंज ने पूरे वातावरण को भक्ति रस से सराबोर कर दिया है।
समिति के संरक्षक एवं शिक्षक रमेश पांंडेय ने बताया कि मातारानी की स्थापना प्रारंभिक काल में मोहल्ले के युवा-बुजुर्गों तथा बच्चों के सहयोग से की जाती थी। उस समय मूर्तिकार सालिग राम देवांगन पूरी तरह तन्मय होकर जीवंत प्रतिमा बनाते थे, जो लोगों के आस्था का केंद्र बना रहता था। अधिक उम्र तथा उनके अस्वस्थ होने के समय तक वे मूर्तियां बनाते रहे। इसके बाद गजानन कुंभकार द्वारा प्रतिवर्ष मातारानी की मूर्ति बनाया जाने लगा, जो आज भी जारी है। दोनों मूर्तिकार कवर्धा नगर के सर्वश्रेष्ठ कलाकार माने जाते हैं।
प्रारंभिक काल के बच्चे अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों को निभाते हुए आज जीवन के हर क्षेत्र का अनुभव लेते हुए बुजुर्ग हो गये हैं। इनमें आत्मानन्द उपाध्याय, द्वारका सोनी, राधेश्याम सोनी, महानंद उपाध्याय, हरिलाल विश्वकर्मा आदि समिति संरक्षक के रूप में आज भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
1959 से हो रही है देवी उपासना
समिति के संरक्षक श्री पांडेय ने बताया कि दुर्गा उत्सव समिति द्वारा 61 वें साल 2019 में भी पूरी आस्था और विश्वास के साथ" आदिशक्ति" देवी मां की स्थापना की गई है। उन्होने बताया कि यहां प्रारंभिक काल से आज भी स्थापना से विसर्जन होने तक माता की सेवा शास्त्रोक्त विधि से किया जाता है। जो स्वयं में आकर्षण है।
पुलिस ने किया अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझने का दावा
कवर्धा। तरेगांव जंगल क्षेत्र के ग्राम लरबक्की में 27 सितंबर को हुई अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने का दावा पुलिस ने किया है। इस मामले में पुलिस ने मृतक का बेटा तीरथ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी ने अपने मामा के साथ मिलकर शराब के नशे में अपने ही पिता की हत्या कर दी थी।
थाना प्रभारी आनंद शुक्ला ने बताया कि आरोपियों ने मृतक मोहन सिंह ध्रुर्वे (55) लरबक्की के सिर में धारदार हथियार एवं किसी ठोस वस्तु से हमला कर हत्या कर दी थी और साक्ष्य छुपाने के नियत से शव को नीरा नदी में बहा दिया था। घटना की सूचना पर मृतक के भतीजा सेवक राम की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का अपराध दर्ज किया गया। मामले की विवेचना के दौरान उच्च अधिकारियों के कुशल मार्गदर्शन एवं पुलिस की टीम आरोपियों की पहचान कर उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचाने में सफलता पाई। तीरथ ने पूछताछ में अपराध कबूल कर लिया। तब उसे 2 अक्टूबर को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। यहां से माननीय न्यायालय ने आरोपी को जेल भेज दिया। पुलिस ने बताया कि मृतक मोहन सिंह पिता पुनवासी धुर्वे 55 साल को उसका बेटा तीरथ ने शराब पीने के बाद विवाद होने पर अपने मामा चमरू सिंह टेकाम के साथ मिलकर डंडा एवं पत्थर की चौकी से सिर में गंभीर चोट किया था। जिससे मोहन की मौके पर ही मौत हो गई थी। हत्या के अपराध से बचने के लिए आरोपियों ने लाश को रात में नदी के पानी में बहाने के लिए फेंक दिया था। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी एवं उप निरीक्षक आनंद शुक्ला, सहायक उपनिरीक्षक चंपालाल, राज कुमार चंद्रवंशी, राजकुमार ने सराहनीय योगदान दिया।
बच्चों और गर्भवती महिलाओं को खाना परोसकर कलेक्टर और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान शुरू किया
कवर्धा। महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर राज्य सरकार की प्रदेश व्यापी महत्वाकांक्षी तीन बड़े योजना और कार्यक्रम मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, एनीमिया जांच और सर्वभौम सार्वजनिक वितरण प्राणाली के तहत प्रत्येक परिवार को राशन देने की योजना शुरू हुई। जिला मुख्यालय कवर्धा से लेकर जिले के सभी विकासखण्ड मुख्यालयों और ग्राम पंचायतों में आमजनों की सहभागिता और जनप्रनिधियों की विशेष उपस्थिति में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, गर्भवती माताओं व 49 वर्ष महिलाओं को एनीमिया जांच कर कार्यक्रम को भव्य रूप दिया गया।
नगर के वीर सावरकर भवन में महिला एवं बाल विकास विभाग स्वास्थ्य विभाग के ंसंयुक्त तत्वावधान में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान और एनीमिया जांच का आयोजन किया गया। अतिथियों ने बच्चों और गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक भोजन परोस कर सुपोषण अभियान की शुरूआत की। कलेक्टर अवनीश ने बताया कि महात्मागांधी की 150 वीं जयंती पर प्रदेश व्यापी मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान और एनीमिया जांच सहित सर्वभौम पीडीएस के तहत प्रत्येक परिवारों का राशन देने की योजना शुभारंभ इस जिले में भी किया जा रहा है। तीन महत्वपूर्ण योजना और कार्यक्रम की शुरूआत जिले में होने से यहां आंगनबाड़ी बच्चों से लेकर महिलाओं और जिले के प्रत्येक परिवारों का लाभ मिलना शुरू होगा। जिले के प्रत्येक हाट-बाजारो में मुख्यमंत्री क्लीनिक योजना के तहत एनीमिया की विशेष जांच अभियान चल रहा है। जिला चिकित्सालय और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करते हुए डाक्टरों और एएनएम की विशेष भर्ती कर लोकहित के काम किए जा रहे हैं, जिससे जिले के प्रत्येक परिवारों को स्वास्थ्य लाभ मिलना शुरू हो गया है।
कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कुंदन कुमार, जिला पंचायत अध्यक्ष संतोष पटेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष सीमा अगम, नगर पालिका अध्यक्ष देवकुमारी चन्द्रवंशी, रामकृष्ण साहू, प्रमोद लूनिया, ऋषि शर्मा, राजकुमार तिवारी, आकाश केशरवानी, कवर्धा एसडीएम विपुल गुप्ता, महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी आनंद तिवारी, सीएमएचओ डॉ सुरेश तिवारी अनेक अधिकारी-कर्मचारियों के साथ उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री का संदेश पढ़कर सुनाया
इस अवसर पर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया। कुपोषण और एनीमिया मुक्त जिला बनाने के लिए कलेक्टर अवनीश कुमार शरण ने मुख्यमंत्री के संदेश को पढ़कर सुनाया और लोगों को संकल्प भी दिलाया। नाटकीयता के माध्यम से जिले को कुपोषण और एनीमिया मुक्त बनाने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुति दी गई।
कवर्धा व लोहारा उत्कृष्ट सुपोषण प्रदर्शनी से सम्मानित
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिले के सभी नौ परियोजना, कवर्धा सहसपुर लोहारा, पंडरिया, तरेगांव, बोड़ला, कुकदूर दशरंगपुर, चिल्फी और कुंडा द्वारा सुपोषण विषय पर विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें सहसपुर लोहारा और कवर्धा को उत्कृष्ट सुपोषण प्रदर्शनी के लिए सम्मानित किया गया। यहां आंगनबाड़ी बच्चों के बीच हमर सुघ्घर लइका प्रतियोगिता भी हुआ।
कवर्धा। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर कवर्धा में 8 किलोमीटर साइकिल रैली निकाली गई और स्वच्छता व सुपोषण का संदेश दिया गया। साईकिल रैली और सुपोषण रथ को कलेक्टर ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
सायकिल रैली कलेक्टर कार्यालय से शुरू हुई और रानी दुर्गावती चौक, राजमहल चौक, मठपारा, शहीद स्मारक चौक, बुढ़ा महादेव मंदिर, कचहरी पारा, राम मंदिर, बद्रीपान ठेला से होती हुई परमेश्वरी मंदिर, होलीक्रास, मिनीमाता चौक, रायपुर बायपास मार्ग, रॉयल सेलेब्रिसेन, गुरूद्वारा चौक, सिग्नल चौक से स्वामी करपात्रीजी मिनी स्टेडियम पर रैली का समापन हुआ। समापन अवसर पर कलेक्टर श्री शरण ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी जनों को राष्ट्रपिता की जीवन पर आधारित उत्प्रेरक, प्रेरणादायी, घटनाक्रम की जानकारी दी।
सायकल रैली से पूर्व जिला कार्यालय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर अवनीश कुमार शरण जिला पंचायत के सीईओ कुंदन कुमार, पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेंद सिंह, वनमंडलाधिकारी दिलराज प्रभाकर, अपर कलेक्टर जेके ध्रुव आदि लोगों ने बापू की जीवनी पर प्रकाश डाला गया। इस अवसर पर प्रमोद लूनिया, ऋषि शर्मा एवं सामाजिक संगठन, जनप्रतिनिधि, छात्र और स्काउट गाइड के छात्रों सहित अधिकारी-कर्मचारी उत्साह के साथ शामिल हुए।
चांपा. नगर मे ग्राम देवता के रुप मे ठाकुर देव,हरचन लाल,ठकुराईन दाई,तथा वनदुर्गा की की पूजा होती है और नगर की कुल देवी के रुप मे समलेश्वरी देवी की पूजा होती है इन सब के बीच बैगिन दाई का भी एक अलग महत्व है बैगिन दाई का यह छोटा सा मंदिर कदंब चौक स्थित गिरधारी लाल सलूजा के मकान से लगा हुआ है
कदंब चौक निवासी अनंत थवाईत ने बताया कि इस मंदिर मे वैसे तो कोई मूर्ति नहीं है मंदिर के गर्भगृह मे एक पत्थर है जिस पर सिंदूर बदंन का लेप लगा हुआ है
नवरात्रि पर इस मंदिर का विशेष महत्व है जब समलेश्वरी मंदिर से मांदर झांझ मंजीरा की धुन पर पारंपरिक जसगीत के साथ जवांरा कलश यात्रा विसर्जन के लिए रामबांधा तालाब की ओर निकलती है तो इस मंदिर मे पूजा किए बिना आगे नही बढ़ती यहां पर बैगाओं द्वारा देवी दाई की मान मनौव्वल करते हुए आगे बढ़ने के लिए विनती करते हुए देखा जा सकता है
पंजाबी महिला द्वारा नियमित पूजा
अनंत थवाईत ने बताया कि इस बैगिन दाई मंदिर मे नियमित पूजा करने के लिए कोई पुजारी नियुक्त नही है किन्तु यहां पंजाबी महिला श्रीमती बिन्दु सलूजा द्वारा नियमित रुप से सुबह शाम पूजा की जाती है भारतीय जीवन बीमा निगम मे कार्यरत रजनीश सलुजा की धर्म पत्नी पूर्व पार्षद बिन्दु सलूजा को इस मंदिर मे पूजा अर्चना की प्रेरणा कैसे मिली ?इस सवाल पर वे बताती है कि जब मेरी शादी हुई और यहाँ आई तो देखा इस मंदिर की पुछ परख केवल नवरात्रि मे ही होती थी बाकी दिनों मे नहीं बस यही बात मेरे मन मे खटक गई और फिर यहाँ सुबह शाम पूजा करना चालु कर दी
बिन्दु सलूजा का कहना है कि इस मंदिर मे साफ सफाई पूजा आदि करने से मुझे आत्मिक शांति मिलती है और मेरे अदंर उर्जा का संचार होता है
विजय सलुजा द्वारा इस मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया गया उसके पहले मैने मंदिर मे "बैगिनस दाई"लिखा देखा था इस आधार पर मैने वही लिखा है कई लोग इसे ठाकुर देव का मंदिर भी मानते हैं
जांजगीर चांपा । जिला के जनपद पंचायत जैजैपुर के अंतर्गत आयुर्वेद ग्राम पंचायत किकिरदा में पदस्थ पंचायत सचिव एवं सरपंच के खिलाफ में वहां के ग्रामीणों ने कलेक्टर महोदय के जनदर्शन के अलावा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से मिलकर लिखित में पंचायत सचिव एवं सरपंच के खिलाफ शिकायत किए हैं ।
गौरतलब है कि जनपद पंचायत जैजैपुर के अंतर्गत आयुर्वेद ग्राम पंचायत किकिरदा में पदस्थ पंचायत सचिव श्री सीताराम कर्ष एवं सरपंच चंद्रशेखर क्षत्रिय के खिलाफ में सोमवार को कलेक्टर जनदर्शन एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से मिलकर लिखित में शिकायत किये ।
जैजैपुर ब्लाक के अंतर्गत ग्राम पंचायत किकिरदा के आधा सैकड़ा से अधिक ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जनदर्शन में शिकायत किए । उसके समर्थन में विधानसभा जैजैपुर के विधायक श्री केशव प्रसाद चंद्रा जी और क्षेत्र क्रमांक 18 के जिला पंचायत सदस्य एवं पूर्व विधायक माननीय श्री चैन सिंह सामले जी शिकायत को समर्थन करते हुए अगवाई किए ।
शिकायतकर्ता ग्रामीणों ने बताया कि किकिरदा में पदस्थ पंचायत सचिव सीताराम कर्ष एवं सरपंच चंद्रशेखर क्षत्रिय के मनमानी पूर्ण रवैया एवं तानाशाही चरम सीमा के सातवें आसमान पर है । पंचायत सचिव श्री सीताराम कर्ष के द्वारा ग्राम सभा में शासन से प्राप्त विषय ( एजेंडो ) को आज तक नहीं बताते सिर्फ उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर करवाया जाता है ।विषय की जानकारी के अभाव में हितग्राही मूलक योजनाओं, ग्राम विकास की योजनाओं की जानकारी से वंचित हो रहे हैं । यदि कुछ जानकारी पूछने पर अभद्र पूर्ण व्यवहार करते हैं, तथा जनपद में बैठक के हवाला देकर चले जाते हैं । जिससे हम काफी उपेक्षित हैं । पेंशन हितग्राहियों की भुगतान भी समय पर नहीं करवाते । पिछले 5 माह से पेंशन नहीं मिला है । पात्र हितग्राहियों को पेंशन ,श्रद्धांजलि योजना राष्ट्रीय सहायता पेंशन योजना नहीं बनाते । प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत 50-50 रूपये का कोरा 2 - 2 स्टांप पेपर लिया जा रहा है ।हस्ताक्षर करवाकर अनावश्यक रूप से ले रहे हैं । उससे हम काफी दुखी हैं । इंदिरा आवास के अंतिम किस्त की भुगतान नहीं करवाए हैं । शौचालय की प्रोत्साहन राशि दिलवा नहीं रहे हैं । इसके साथ ही हैंडपंप खनन एवं निर्माण में ₹1500000 रुपये खर्च बता रहे हैं । बोर मरम्मत में ढाई लाख रुपए ,नाली निर्माण में 1500000 रुपए ,कूड़ेदान में ₹300000, डस्टबिन में ₹100000 ,और 4000000 के अहाता निर्माण को सिर्फ चार लाख में ठेका दे करके आंख बंद कर लिए थे । जिसके दीवाल में दरारें आ चुकी है ।और अनुसूचित जाति के प्रधानमंत्री आवास के लक्ष्य को सचिव द्वारा प्रस्ताव करके निरस्त किया गया है ।सचिव श्री सीताराम कर्ष एवमं सरपंच चंद्रशेखर छतरी के मनमानी रवैया से वहां के ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है । जिसकी लिखित शिकायत कलेक्टर महोदय एवं जिला पंचायत जांजगीर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से करते हुए उचित कार्रवाई की मांग किए हैं ।
लिखित में शिकायत मिली है ,नियमानुसार उचित कार्यवाही किया जाएगा ।
तीर्थराज अग्रवाल
मुख्य कार्यपालन अधिकारी
जिला पंचायत जांजगीर चांपा
जांजगीर चाम्पा. जिले के अकलतरा विकासखण्ड के प्राथमिक शाला खिसोरा आज में अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाया गया। बच्चों के दादियों का तिलक लगाकर एवं आरती उतारकर सम्मान किया गया। शिक्षिका अर्चना शर्मा के द्वारा हमारे जीवन मे हमारे बुजुर्गों का एवं उनके आशीर्वादों का बड़ा महत्व है। हम उनके आशीर्वाद से ही आगे बढ़ते है एवं अपने लक्ष्य को प्राप्त करते है। उन्होंने ने बताया कि
बुजुर्ग शब्द दिमाग में आते ही उम्र व विचारों से परिपक्व व्यक्ति की छवि सामने आती है । बुजुर्ग अनुभवों का वह खजाना है जो हमें जीवन पथ के कठिन मोड़ पर उचित दिशा निर्देश करते हैं । परिवार के बुजुर्ग लोगों में नाना-नानी, दादा-दादी, माँ-बाप, सास-ससुर आदि आते हैं । बुजुर्ग घर का मुखिया होता है इस कारण वह बच्चों, बहुओं, बेटे-बेटी को कोई गलत कार्य या बात करते हुए देखते हैं तो उन्हें सहन नहीं कर पाते हैं और उनके कार्यों में हस्तक्षेप करते हैं जिसे वे पसंद नहीं करते हैं । वे या तो उनकी बातों को अनदेखा कर देते हैं या उलटकर जवाब देते हैं । जिस बुजुर्ग ने अपनी परिवार रूपी बगिया के पौधों को अपने खून पसीने रूपी खाद से सींच कर पल्लवित किया है, उनके इस व्यवहार से उनके आत्म-सम्मान को ठेस पहुँचती है ।
समझने की जरूरत है एक-दूसरे को :
युवा पीढ़ी और बुजुर्गों के बीच दूरियाँ बढ़ने का एकमात्र कारण दोनों की सोच व समझ में तालमेल का अभाव है। दुनिया देख चुके अपने बड़े-बुजुर्गों को दरकिनार कर आजकल के युवा अपनी नई सोच से अपनी जिंदगी को सँवारना चाहते हैं। उनकी आजादी में रोक-टोक करने वाले बड़े-बुजुर्ग उन्हें नापसंद हैं। यही कारण है कि वे उन्हें अपने परिवार में देखना ही पसंद नहीं करते हैं।
युवा पीढ़ी की इस सोच के अनुसार बड़े-बुजुर्गों की जगह घर में नहीं बल्कि वृद्धाश्रमों में है। वहाँ उन्हें उनकी सोच के व हमउम्र लोग मिल जाएँगे, जो उनकी बातों को सुनेंगे और समझेंगे। वहाँ वे खुश रह सकते हैं परंतु ऐसा सोचने वाले युवाओं को क्या पता है कि हर माँ-बाप की खुशी अपने परिवार में और अपने बच्चों में होती है। उनसे दूर रहकर भला वो खुश कैसे रह सकते हैं?
परिवार की शान है बुजुर्ग :
बड़े-बुजुर्ग परिवार की शान है वो कोई कूड़ा-करकट नहीं हैं, जिसे कि परिवार से बाहर निकाल फेंका जाए। अपने प्यार से रिश्तों को सींचने वाले इन बुजुगों को भी बच्चों से प्यार व सम्मान चाहिए अपमान व तिरस्कार नहीं। अपने बच्चों की खातिर अपना जीवन दाँव पर लगा चुके इन बुजुर्गों को अब अपनों के प्यार की जरूरत है। यदि हम इन्हें सम्मान व अपने परिवार में स्थान देंगे तो शायद वृद्धाश्रम की अवधारणा ही इस समाज से समाप्त हो जाएगी। इस अवसर पर शाला के प्रभारी प्रधानपाठक कमल केशरवानी,दामोदर चौधरी, श्रद्धा डहरिया, सरिता जोगी बबिता कुर्रे, एवं शाला के सभी छात्र छात्राएं उपस्थित थे।
रायपुर। शारदीय नवरात्र के शुभ अवसर पर माता की आराधना में शहर सहित प्रदेश डूबा हुआ है। मां के 9 स्वरूपों में से चतुर्थी के अवसर पर विभिन्न माता देवालयों में पहुंचकर भक्तों ने आज माता के चौथे स्वरूप कुष्मांडा के उपासना की। पौराणिक जानकारी के अनुसार माता कुष्मांडा के उदर में त्रिविध तापों से युक्त शक्ति विद्यमान है। मां की उक्त शक्ति की आराधना जननी के रूप में की जाती है। मां कुष्मांडा को कुम्हड़े की बलि प्रिय है। 8 भुजाएं धारण करने वाली माता को अष्टभुजी माता के रूप में भी जगत जानता है। मां के विविध स्वरूपों की आराधना के साथ ही चौथे स्वरूप की आराधना से रोग शोक नष्ट होते हैं और आयु बल में वृद्धि होती है। शहर के प्राचीनतम मंदिर महामाया, शीतला मंदिर, धूमावती मंदिर, दंतेश्वरी मंदिर, कंकाली माता मंदिर सहित अन्य माता देवालयों में श्रद्धालुओं ने सुबह से ही पहुंचकर माता कुष्मांडा के स्वरूप की पूर्ण भक्तिभाव के साथ विधि-विधान से पूजा की।
शर्मा जी
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रायपुर. शिक्षा वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से एक व्यक्ति ज्ञान प्राप्त करता है या नए कौशल सीखता है; और विद्यालय के प्राचार्य ऐसे नायक हैं जो बच्चों को अच्छे शैक्षिक अभ्यासों के प्रावधान के माध्यम से प्रबुद्ध नागरिकों में बदलते हैं। छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा के परिदृश्य का पता लगाने के उद्देश्य से, 27 सितम्बर , 2019 को रायपुर के सयाजी होटल में 13 वीं स्कूल स्कूल लीडरशिप समिट का आयोजन किया गया। इस सम्मलेन का आयोजन ओपी जिंदल विश्वविद्यालय, रायगढ़, एवं एलेट्स द्वारा जिसे हाल ही में भारत के एक उभरते विश्वविद्यालय और भारत के सबसे भरोसेमंद तकनीकी विश्वविद्यालय के रूप में मान्यता दी गई है, उनके सहयोग से किया गया।
इस समिट का उद्घाटन ओपी जिंदल विश्वविद्यालय, रायगढ़ के कुलपति डॉ. आर.डी. पाटीदार ने विशिष्ट अतिथियों श्री शिव अनंत तायल (आईएएस), कमिश्नर, रायपुर नगर निगम, डॉ. बी. के. स्थापक, पूर्व-चांसलर, ओपी जिंदल विश्वविद्यालय, रायगढ़, डॉ. संजीव पी. साहनी, प्रिंसिपल डायरेक्टर, जिंदल इंस्टीट्यूट ऑफ बिहेवियरल साइंसेज, जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी, सोनीपत, हरियाणा और छत्तीसगढ़ के नामी स्कूलों के प्रिंसिपल की उपस्थिति में किया। डिजिटल लर्निंग मैगज़ीन के राष्ट्रीय प्रबंधक श्री चंदन आनंद ने अतिथियों का स्वागत किया और प्रतिभागियों को समिट के विषय और उद्देश्यों के बारे में बताया। डॉ. आर. डी. पाटीदार ने श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि महान स्कूलों में महान शिक्षक होंगे जो शिक्षण से प्यार करते हैं और महान विज़न के साथ अध्यापन कार्य करते हैं। हमारा विज़न एक सुंदर स्कूल बनाने के लिए होनी चाहिए, जहाँ खुश युवा जो पेशेवर रूप से कुशल एवं नैतिक रूप से ईमानदार हैं, बनाये जा सके। एक महान स्कूल ज्ञान और मूल्य प्रणाली के साथ छात्रों को बदल देगा। डॉ. बी. के. स्थापक ने कहा कि यह विचार करना महत्वपूर्ण है कि शिक्षा के अंत में छात्र अपने साथ क्या ले जा रहे हैं। उन्हें ज्ञान और मूल्यों को लेकर चलना चाहिए। ज्ञान और मूल्यों का संयोजन ही प्रबुद्ध नागरिकों को उत्पन्न कर सकता है। श्री शिव अनंत तायल ने मौजूदा स्कूलों के वर्तमान परिदृश्य, बच्चों पर प्रौद्योगिकियों के प्रभाव और स्कूल के नेताओं की भूमिकाओं के बारे में बात की। डॉ. संजीव साहनी ने 21 वीं सदी की शैक्षिक चुनौतियों और स्थायी भविष्य के लिए उनका सामना करने के तरीके पर चर्चा की। अतिथियों द्वारा डिजिटल लर्निंग पत्रिका को भी लॉन्च किया गया।
समिट के दूसरे सत्र के दौरान टोर्निस एन्थम और फरदोस स्कूल आफ म्यूजिक द्वारा इंडस्ट्री प्रेसेंटेशन्स दिए गए। ड्राफ्ट नई शिक्षा नीति : भारत की स्कूल शिक्षा प्रणाली के लिए एक नई और आगे की दृष्टि बनाने के लिए आवश्यक प्रमुख सुधार विषय पर एक पैनल डिस्कशन हुआ। डॉ. संजीव पी. साहनी ने तनाव प्रबंधन और प्रदर्शन बढ़ाने पर एक कार्यशाला का आयोजन किया, जिसका सभी प्रतिभागियों और प्रतिनिधियों ने आनंद लिया और सराहना की। तीसरे और चौथे सत्र के दौरान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बिग डेटा इन एजुकेशन , स्कूलों के बीच सहयोगात्मक और डिजिटल शिक्षा को सरल बनाने के लिए एडटेक सॉल्यूशन प्रोवाइडर्स, स्कूली शिक्षा में पुनर्परिभाषित मूल्यांकन और शारीरिक, मानसिक और सामाजिक कल्याण क्यों एक छात्र के समग्र विकास में आवश्यक तत्व थे विषयों पर परिचर्चा हुई। डॉ. आर.डी. पाटीदार ने यूनिवर्सिटी पर्सपेक्टिव पर एक प्रेजेंटेशन किया। समिट में 150 से अधिक संख्या में स्कूलों प्रिंसिपल एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे।
समिट के अंतिम सत्र में स्कूलों और स्कूलों के नायको को स्कूली शिक्षा और भारत के भविष्य के निर्माण में उनके अनुकरणीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया । स्कूल लीडरशिप समिट तकनीकी शिक्षा हस्तक्षेपों द्वारा सशक्त बेहतरीन प्रथाओं और नवाचारों पर विचार-विमर्श करने के लिए विभिन्न शिक्षा हितधारकों को एकत्रित करने में सफल रहा; और स्थायी भविष्य के लिए एक रास्ता दिखाने में भी सफल रहा। अंत में, आयोजकों ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, मीडिया, प्रायोजकों और सह-समन्वयकों का आभार व्यक्त किया।
रायपुर. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री लालबहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर विधानसभा परिसर स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष इन दोनों विभूतियों के चित्र पर राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके और मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत, नेता प्रतिपक्ष श्री धरमलाल कौशिक और संसदीय कार्य मंत्री श्री रविन्द्र चौबे सहित मंत्रिमंडल के सदस्य, सांसद और विधायकों ने भी दोनों विभूतियों को पुष्प अर्पित किए।