छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ (21107)

जांजगीर-चांपा। कलेक्टर जेपी पाठक ने विगत दिनों जिला कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में आयोजित दिशा समिति की बैठक में बिना किसी पूर्व सूचना के अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने पर नगर पंचायत डभरा के मुख्य नगर पालिका अधिकारी जमुना प्रसाद सूर्यवंशी और नगर पंचायत शिवरीनारायण के मुख्य नगर पालिका अधिकारी अभिषेक मिश्रा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कलेक्टर श्री पाठक ने बताया कि उनके अनाधिकृत रूप से अनुपस्थिति को कर्तव्य के प्रति लापरवाही और उदासीनता, स्वैच्छाचारिता एवं वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना माना है। उन्होंने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम के विपरीत मानते हुए नगर पंचायत डभरा के मुख्य नगर पालिका अधिकारी जमुना प्रसाद सूर्यवंशी और नगर पंचायत शिवरीनारायण के मुख्य नगर पालिका अधिकारी अभिषेक मिश्रा को तीन दिवस के भीतर कलेक्टर के समक्ष उपस्थित होकर कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के निर्देश दिये हैं।

जांजगीर-चांपा। सक्ती में नवपदस्थ एसडीएम डॉ सुभाष सिंह राज के प्रयास से तहसील जैजैपुर में टावर लाइन एवं भू-अर्जन से संबंधित मुआवजा राशि का निरंतर चेक के माध्यम से भुगतान किया जा रहा हैं।
पदग्रहण करने के बाद नवपदस्थ एसडीएम सुभाष सिंह राज ने मुआवजा के पेंडिंग मामलों को लेकर अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर नाराजगी जताई थी। एसडीएम के निर्देश पर कर्मचारियों द्वारा रविवार को भी काम कर मुआवजा  प्रकरण के  पेंडिंग कार्यों को निपटारा किया गया, जिसमे तहसील जैजैपुर अंतर्गत तमिलनाडू पावर ग्रीड के प्रभावित कृषकों का मुआवजा राशि का भुगतान 13 सितंबर को किया गया। इसमें 628 कृषकों को कुल राशि 4,31,9075  रुपये का वितरण करना है जिसमे  ग्राम पंचायत घिवरा, मल्दाकला, पेंड्री, झरप, नगारीडीह, हसौद, अमोन्दा, धमनी, के किसानों को तहसील कार्यालय जैजैपुर में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सक्ती डॉ. सुभाष सिंह राज द्वारा उपस्थित होकर प्रभावित किसानों को मुआवजा  राशि का चेक वितरण किया गया। जिनमें टावर से प्रभावित किसानों ने उपस्थित होकर चेक प्राप्त किया।

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ में संविधान के तय मानकों के विपरीत जाकर 82 फीसदी आरक्षण प्रदान करने के मामले में बिलासपुर हाईकोर्ट ने दो जनहित याचिकाओं को स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई के लिए 10 दिन का समय दिया है।
हाईकोर्ट चीफ जस्टिस और जस्टिस पीपी साहू की डबल बेंच ने आरक्षण के मुद्दे पर जांजगीर चांपा निवासी वेदप्रकाश सिंह ठाकुर ने वकील अनीश तिवारी के सहयोग से दायर रिट याचिका पर सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए राज्य शासन को 10 दिन के भीतर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल आरक्षण संबंधी मामले में हाईकोर्ट ने तात्कालिक कोई राहत प्रदान नहीं की है। इसके लिए हाईकोर्ट ने राज्य शासन को जवाब पेश करने के लिए 10 दिन का समय दिया है। राज्य शासन के द्वारा जवाब पेश करने के बाद इस मामले में अगली सुनवाई होगी। महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा ने हाईकोर्ट में शासन की तरफ से पक्ष रखा है।

महीने भर बाद भी ट्रांसफर के बाद जमे हुए है बीएमओ
जांजगीर-चांपा। प्रभारी खंड चिकित्सा अधिकारी का ट्रांसफर के बाद भी मालखरौदा का मोह नहीं छूट रहा है। यही वजह है कि तबादला आदेश जारी होने के करीब महीने भर बाद भी बीएमओ डॉ. केएल उरांव अब भी मालखरौदा में जमे हुए हैं। यह मामला गरमाने के बाद सीएमएचओ ने बीते 11 सितंबर को उन्हें कार्यमुक्त कर दिया है।
आपकों बता दें कि मालखरौदा में कोई भी बीएमओ नहीं टिक पा रहा है। इसकी वजह चाहे जो भी हो, महीना दो महीना में यहां से बीएमओ की अदला बदली हो रही है। शासन ने बीते 23 अगस्त को आदेश जारी करते हुए मालखरौदा बीएमओ डॉ. केएल उरांव का तबादला जिला अस्पताल बिलासपुर किया है, लेकिन लगता है बीएमओ मालखरौदा छोड़ने के मूड में नहीं है। इसके चलते आदेश जारी होने के बाद अब तक यहां जमे हुए हैं। बीएमओ को कार्यमुक्त नहीं करने को लेकर सीएमएचओ पर भी ऊंगली उठ रही थी, जिसे ध्यान में रखते हुए सीएमएचओ डॉ. एसआर जोशी ने उन्हें बीते 11 सितंबर को कार्यमुक्त कर दिया। इधर, मालखरौदा बीएमओ डॉ. केएल उरांव का कहना है कि चार्जशीट का हिसाब किताब बाकी है। इसके चलते सात दिन का समय मांगा गया है। इस संबंध में सीएमएचओ का पक्ष लेने उनसे संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने मोबाइल ही रिसीव नहीं किया।

आज से ठीक 23 साल पहले चांपा में ंहुआ था भीषण अहमदाबाद रेल हादसा
दुर्घटना में घायल लोगों की मदद करने चांपा के लोगों ने लगा दिया था जी जान
जांजगीर-चांपा।  आज से ठीक तेइस वर्ष पहले आज ही के दिन यानी 14 सितंबर 1997 को जब पूरा चांपा शहर गणेश उत्साह में डूबा था, तभी शाम साढ़े पांच बजे चांपा से ऐसी खबर आई, जिससे पूरा देश दहल गया। हसदेव रेलवे पुल चांपा में अहमदाबाद एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त होकर नदी में गिर गई। ट्रेन की पांच बोगी के दुर्घटनाग्रस्त होने से सैकड़ों लोग काल के गाल में समा गए।
इस जबरदस्त दुर्घटना में मरने वालों की अधिकारिक पुष्टि भले ही 87 की जाती है, लेकिन वास्तव में सैकड़ों लोग दुनिया से अलविदा कह गए। इधर, इस भ्यंकर दुर्घटना की खबर मिलते ही चांपा शहर के लोग जिस स्थिति में थे, उसी स्थिति में पुल की ओर घायलों की मदद करने भागे। सैकड़ों घायलों को तुरंत सरस्वती शिशु मंदिर, लायंस स्कूल, बीडीएम चिकित्सालय चांपा में त्वरित उपचार के लिए भर्ती किया गया। लायंस क्लब, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, चांपा सेवा संस्थान, अक्षर साहित्य परिषद, स्वर्णकार समाज, देवांगन समाज, अग्रवाल समाज, प्रगतिशील स्वर्णकार संघ के अतिरिक्त अन्य संगठनों ने तन, मन, धन से दुर्घटनाग्रस्त लोगों की सहायता की तो वहीं घर-घर से भोजना इत्यादि की व्यवस्था की गई थी। नगर के साहित्यकार शशिभूषण सोनी ने बताया कि चौदह सितंबर की तेईस वर्ष पहले की वह दर्दनाक हादसा, लोगों की चीख-पुकार और हसदेव नदी के पुल के ऊपर दो बोगियां लटक रही थी। उसमें बैठे लोगों की चीख-पुकार मची हुई थी। अक्षर साहित्य परिषद् के साथियों ने लोगों को बाहर निकाला और उन्हें आवश्यक उपचार के लिए निकटतम स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। कुछेक लोगों का कहना था कि दुर्घटनाग्रस्त अहमदाबाद एक्सप्रेस में लगभग 400 लोग मारे गए होंगें। चांपावासियों ने तन, मन, धन से सेवाएं की। इतना ही नहीं उनकी आत्मा की शान्ति के लिए अनुष्ठानिक कार्य भी किया गया था।
आंख खुली तो बेड पर पाया
इस घटना के प्रत्यक्षदर्शी पंडित दयाशंकर पांडेय, राजेश्वर मिश्रा आज भी रेलवे स्टेशन चांपा में फलों का व्यवसाय करते हैं। वे उसी दिन उसी एक्सप्रेस ट्रेन से बिलासपुर से चांपा आ रहें थे। उन्होंने बताया कि अहमदाबाद एक्सप्रेस ट्रेन के हसदेव नदी पर पहुंचते ही जोर की आवाज़ हुई और सीने में जोर की चोट लगी और मैं बेहोश हो गया। जब वो होश में आया तब बिसाहूदास महंत अस्पताल के बेड में अपने आप को पाकर भयभीत हो गया। उन्होंने कहा कि उस खौफनाक मंजर की याद आते ही तन बदन सिहर उठता है।
रात भर करतीं रहीं सेवा
उस समय की वार्ड पार्षद और सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती शशिप्रभा सोनी ने बताया की नगर की महिलाएं दुर्घटनाग्रस्त लोगों की सहानुभूति और सहायता के लिए रात-भर सेवा कार्यों में जुटी रही। पंडित रामगोपाल गौरहा, डाक्टर सत्यप़काश गुप्ता एवं हरिहर प्रसाद सराफ ने बताया कि उस समय स्वयं बिना मान-सम्मान किए नगरवासियों और शहरों-कस्बों के लोगों ने एकजुटता और भाईचारे को ध्यान में रखते हुए जो सेवाभावना का परिचय दिया है वह सांप्रदायिकता का एक उदाहरण प्रस्तुत करता है।
गणेश उत्सव में रमे थे सभी
पूर्व माध्यमिक शाला बिंझरा कोरबा में प्रधान पाठक के रूप में पदस्थ सर्वेश कुमार सोनी चौदह सितंबर की उस खौफनाक मंजर की याद आते ही सिहर उठा। उन्होंने पीडि़तों की सेवा और मृत्यु पश्चात मृतात्मा की शान्ति के लिए चांपावासियों के द्वारा किए गए अनुष्ठान कार्यों की सराहना की। चांपा नगर का गणेशोत्सव छत्तीसगढ़ अंचल में सुप्रसिद्ध है। इस घटना के कई वर्ष बीत जाने के बाद भी चांपा में गणेशोत्सव अत्यंत सादगीपूर्वक मनाया जाता है। अधिकतर लोगों से पूछताछ करने पर लोग इस खौफ़नाक मंज़र का दृश्यम बताने में हिचकते हैं और उनका दिल को दहल जाता है।

नशे के चक्कर में हुए उधार को चुकाने नाबालिग सहित युवक चोरी करते पकड़ाए
जांजगीर-चांपा। बम्हनीडीह क्षेत्र में चोरी की वारदात थमने का नाम नहीं ले रही है। चोरों ने पुलिस के नाक में दम कर रखा है। बीती रात बम्हनीडीह पुलिस को चोरी के मामले में बड़ी सफलता मिली है।
गस्त में निकली पुलिस ने दो चोरों को एक दुकान में चोरी करते रंगे हाथ पकड़ लिया। चोर इतने शातिर है कि दुकान में घुसते साथ ही उन्होंने दुकान में लगे सीसी टीवी कैमरे को फोड़ दिया, फिर दुकान में रखी नगदी रकम में अपना हाथ साफ कर दिया। इतने में भी उनका मन नहीं भरा तो दुकान से लगी दूसरी दुकान को अपना शिकार बनाने के लिए दीवार में छेद कर रहे थे। मामला बम्हनीडीह बस स्टैंड चौक का है। चौक में ही गांव के सम्मु खान की मुर्गी (चिकन) दुकान है, जिसका ताला तोड़ कर चोर चोरी की घटना को अंजाम दे रहे थे। गस्त में निकली पुलिस ने रात तकरीबन एक बजे चौक में छीनी हथौड़ी से दीवार तोड़ने की आवाज सुनी, जिस पर उन्हें संदेह हुआ। क्योंकि आवाज जिस दुकान से आ रही थी उसका शटर बंद था। आवाज अंदर से आ रही थी। जब पुलिस दुकान के पास जाकर देखी तो उस दुकान के शटर में लगा हुआ ताला टूटा था। रात्रि गस्त में तैनात आरक्षक ने तत्काल दुकान मालिक को दुकान बाहर लिखे मोबाइल नंबर पर संपर्क कर अवगत कराया। दुकान मालिक भी रात में तुरंत पुलिस की सूचना पर अपनी दुकान पहुंचा, जहां पुलिस पहले से मौजूद थी। पुलिस ने जब शटर उठाकर देखा तो अन्दर मौजूद दो चोर दीवार को छीनी हथौड़ी से छेद कर रहे थे। उन्होंने दुकान में लगे सीसी टीवी कैमरे को भी बुरी तरह से फोड़कर नष्ट कर दिया है। चोरों को रंगे हाथ पकड़ कर थाना लाया गया। चोर बम्हनीडीह के ही है। चोर में एक नाबालिक है तो दूसरे का नाम जुबैर अली पिता रमजान अली उम्र 19 वर्ष है। दोनों चोरों से मुर्गी दुकान से चोरी रकम 4800 रुपया नगद जब्त कर लिया गया है। साथ ही चोरी करने उपयोग में लाए गए सामान को भी जब्त कर लिया गया है। थाना लाने के बाद चोरों ने बताया कि उन्हें सिगरेट, गुटखा खाने की लत है, जिसके चलते उनका उधारी हो गया है। जिससे परेशान होकर उन्होंने चोरी करने का कदम उठाया। पुलिस चोरी के आरोपियों के खिलाफ चोरी की धारा 457, 380, 34 भादवि के तहत अपराध दर्ज कर न्यायालय दाखिल किया।

महावीर दिगंबर जैन मंदिर नैला में हुआ विविध कार्यक्रम
जांजगीर-चांपा। महावीर दिगंबर जैन मंदिर नैला में ऋषि पंचमी से प्रारंभ हुए दशलक्षण धर्म, पर्यूषण पर्व का आज अनंत चतुर्दशी के दिन भक्तिमय समापन हुआ। जैन समाज नैला, जांजगीर, चांपा, बम्हनीडीह एवं सक्ती के सभी सदस्यों ने प्रतिदिन अभिषेक, शांतिधारा, आरती, नित्य नियम पूजन एवं रात्रि में संगीतमय आरती, शास्त्र सभा एवम् सांस्कृतिक कार्यक्रम में परिवार सहित शामिल होकर धर्म लाभ प्राप्त किया।
पर्यूषण पर्व समाप्ति पश्चात भव्य शोभायात्रा नैला जैन मंदिर से प्रारंभ होकर नगर भ्रमण करते हुए वापस जैन मंदिर पहुंचेगी। इसके पश्चात सामूहिक क्षमा याचना का कार्यक्रम जैन मंदिर के स्वाध्याय हॉल में संपन्न होगा। आज अनंत चतुर्दशी पर्व एवं जैन धर्म के 12वें तीर्थंकर 1008 वासुपूज्य भगवान का मोक्ष कल्याणक महोत्सव जैन मंदिर नैला में संपन्न हुआ। आज 35 भक्तों ने पीले वस्त्र धारण कर अभिषेक, शांतिधारा, आरती एवं संगीतमय पूजा कर धर्म लाभ लिया। अनिल कुमार लुहाडि़या परिवार ने प्रथम तीर्थंकर ऋषभनाथ भगवान की धातु की प्रतिमा को पांडुक शीला में विराजमान किया। श्री यंत्र कुमार अजमेरा, अतिशय जैन, प्रभात जैन, अमित अजमेरा एवं राजेश लुहाडि़या ने चांदी के चार कलशों से श्रीजी का अभिषेक किया। शांतिधारा के पुण्यार्जक ताराचंद सुशील कुमार लुहाडि़या एवं रविन्द्र कुमार अतिशय जैन परिवार रहे। आरती यंत्र कुमार धीरज कुमार अजमेरा परिवार ने की। रूपेश कुमार मोदी चांपा परिवार द्वारा फूलमाला की बोली लेकर मोतियों की माला प्राप्त की गई। आज जैन मंदिर नैला में विराजमान 1008 वासुपुज्य भगवान की पूजन एवं निर्वाण महोत्सव संगीतमय पूजा संपन्न करायी गयी। निर्वाण लाडू चढ़ाने का सौभाग्य सरोज पाटनी हर्ष पाटनी परिवार को प्राप्त हुआ। अनंत चतुर्दशी के दिन ही भगवान वासूपुज्य को कठोर तप साधना करते हुए मोक्ष की प्राप्ति हुई थी। पर्युषण पर्व के दस दिनों के सभी कार्यक्रम निर्विघ्न संपन्न कराने में सुशील कुमार लुहाडि़या, सरोज पाटनी, धीरज अजमेरा, हर्ष पाटनी, सुरेश लुहाडि़या, अमित अजमेरा, संजय लुहाडि़या, वीर कुमार जैन, सुनील जैन चांपा, प्रभात जैन, प्रदीप जैन, पराग जैन, सुरेश खिलोसिया, रविन्द्र जैन, नूतन लुहाडि़या ने अपना सहयोग दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सफल आयोजन नेहा अजमेरा, रीना अजमेरा, शिल्पा लुहाडि़या, छबि लुहाडि़या, अंजना जैन, ममता जैन, सोनम पाटनी, रिंकी अजमेरा, निधि अजमेरा, अंजली जैन चांपा, ममता शिल्पी जैन चांपा, सुरभि जैन, धृति जैन, आयुषी जैन, मानसी जैन पीहू जैन द्वारा कराया गया। जैन समाज नैला के महिला मंडल की सदस्यों ने अन्न त्याग कर पानी एवं दुध तथा फल लेकर तप की आराधना की। जैन समाज नैला के अध्यक्ष आरके जैन ने दस दिनों तक निर्जला उपवास किया।

चाम्पा- वरिष्ठ पत्रकार कुलवन्त सिंह सलूजा को देश के सबसे बड़े पत्रकार यूनियन  आई. एफ. डब्ल्यू. जे. के नेशनल काउन्सलर के पद पर रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ जॉर्नलिस्ट यूनियन के प्रदेश की बैठक में सर्वसम्मति से सलूजा का नाम पारित किया गया छत्तीसगढ़ पत्रकार जगत के लिए यह गर्व का विषय है कि जांजगीर चाम्पा जिला में निर्भीक पत्रकारिता की पहचान बना चुके सलूजा को  आई एफ डब्ल्यू जे की नेशनल काउन्सलर के रूप मे सर्वसम्मति से चुने जाने पर  छत्तीसगढ़ प्रदेश के सभी पत्रकार जगत में हर्ष व्याप्त है  सलूजा को देश के सबसे बड़े पत्रकार यूनियन आई .एफ. डब्ल्यू .जे . के नेशनल  काउन्सलर चुने जाने पर देश ,प्रदेश,एवं जिले के पत्रकारों, नागरिकों की बधाइयाँ मिल रही है।

तेरस और चौदस को शवाब पर रहता था गणेशोत्सव
चांपा की छह दशक पुरानी परंपरा अब समाप्ति की ओर
जांजगीर-चांपा। पारंपरिक गणेश मेला अब विलुप्ति के कगार पर है। चांपा में यह परंपरा पिछले छह दशक से कायम है। गणेशोत्सव के दौरान तेरस व चौदस को यहां जगह-जगह छत्तीसगढ़ी नाचा होता था, वहीं दो दिन भव्य मेला भी लगता था। इसे देखने दीगर प्रदेश से भी लोग पहुंचते थे। गणेश स्थापना से विसर्जन तक रोज कई तरह के कार्यक्रम होते थे, लेकिन यहां का गणेशोत्सव अब अंतिम पड़ाव पर है।
कोसा, कांसा व कंचन की नगरी चांपा गणेशोत्सव के लिए काफी प्रसिद्ध है। यहां समिति के अलावा घर-घर विघ्रहर्ता की प्रतिमा स्थापित कर पूरे दस दिनों तक विधि विधान से पूजा अर्चना की जाती है। इसके अलावा गणेशोत्सव के आखिरी दो रात उत्सव अपने पूरे शवाब पर रहता था। शहर के लोग बताते हैं कि छह दशक पहले मालगुजार भिवेन्द्र बहादुर परिवार द्वारा पहली बार छत्तीसगढ़ी नाचा का आयोजन किया गया था। इसके बाद धनजी देवांगन, संतोषी मंदिर सहित कुछ जगहों में नाचा प्रारंभ हुआ। उस दौरान पुरूष ही महिला पात्रों का भी किरदार निभाते थे। धीरे-धीरे नाचा का विस्तार हुआ और इसमें युवती व महिलाओं का समावेश किया गया। धार्मिक आयोजन में जब से युवती व महिलाओं का नाचा शुरू हुआ, तब से रंग में भंग पडऩे लगा। नाचा देखने दीगर प्रदेश के लोग भी आते थे। सभी जगह के नाचा में लोगों की भीड़ खचाखच भरी रहती थी। डेढ़ दशक पहले तक शहर के करीब दो दर्जन जगहों में नाचा का आयोजन होता था, लेकिन नाचा में जब से अश्लील नृत्य शुरू हुआ, तब से विवाद बढ़ता चला गया। शराब के नशे में खासकर असामाजिक तत्व ऐसे नृत्य के मजे लुटते और गणेश समिति के सदस्यों द्वारा मना करने पर उनका इनसे विवाद होना आम था। हर साल विवाद बढ़ते क्रम में था, जिससे तंग आकर अधिकांश समितियों ने छत्तीसगढ़ी नाचा का आयोजन करना ही बंद कर दिया। यही वजह है कि छत्तीसगढ़ी नाचा व गणेश मेला अब विलुप्ति के कगार पर है। इधर, प्रशासन भी बीते कुछ सालों से सख्त नजर आ रहा है।
पस्त कर देती थी भीड़
शहर का गणेश मेला व नाचा देखने के लिए तेरस के दिन से ही बाहर के लोग पहुंच जाते थे। आखिरी दो रात जगह-जगह पुड़ी सब्जी सहित कई तरह के प्रसाद का वितरण भी किया जाता है। लोग रात 10 बजे तक मेले का लुत्फ उठाते थे। इसके बाद किसी एक जगह में बैठकर नाचा देखते थे। इस दौरान यदि कोई एक जगह बैठ जाता था, तो भीड़ के चलते वह वहां से उठ नहीं पाता था। कई लोग और भी जगह नाचा देखना चाहते थे, लेकिन भीड़ उन्हें पस्त कर देती थी।
कम हुई आवाजाही
पहले की अपेक्षा बाहरी लोगों की आवाजाही में भी कमी आई है, जिसका प्रमुख कारण असामाजिक तत्वों का उत्पात है। शराब के नशे में धुत ऐसे लोग बाहरी लोगों से दुर्व्यवहार व मारपीट करते थे। वहीं महिला व युवतियों के साथ छेडख़ानी भी होती थी, जिससे तंग आकर अब बाहरी लोग कम ही आते हैं। हालांकि बीते कुछ सालों से पुलिस व्यवस्था चुस्त होने के कारण ऐसे लोगों के मंसूबे पर पानी फिर रहा है। पहले की अपेक्षा अब विवाद भी कम होते हैं।

रायपुर-  नान घोटाला मामले में मुख्य अभियुक्त शिवशंकर भट्ट ने कोर्ट में दिए अपने शपथपत्र में कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं. भट्ट ने शपथपत्र में सिलसिलेवार ढंग से पिछली सरकार के कई प्रभावशाली चेहरों पर गंभीर आरोप लगाया है, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह समेत कई प्रभावशाली नेताओं और अधिकारियों के नाम शामिल हैं. भट्ट ने शपथपत्र में कहा है कि 2013 के चुनाव के पहले डा.रमन सिंह और पुन्नूलाल मोहिले ने नान के तत्कालीन चेयरमेन लीलाराम भोजवानी को चुनावी फंड के लिए आदेश दिया था, जिसके बाद बीजेपी के एकाउंटेंट जैन के पास पांच करोड़ रूपए जमा कराए गए थे.

यह राशि चना और दाल सप्लायर्स और कुछ बड़े राइस मिलर्स को मजबूर कर चुनावी चंदा के लिए हासिल किया गया था. भट्ट ने कहा है कि उसकी मौजूदगी में सप्लायर्स ने यह राशि खुद बीजेपी कार्यालय जाकर जमा किया था, उस वक्त वहां धरमलाल कौशिक, सच्चिदानंद उपासने समेत बड़े पदाधिकारी मौजूद थे. भट्ट ने यह भी बताया है कि अक्टूबर 2013 में लीलाराम भोजवानी के साथ वह पुन्नूलाल मोहिले के निवास में एक करोड़ रूपए चुनावी चंदा पहुंचाने गया था. इसके बाद फरवरी 2014 में नान के तत्कालीन एमडी कौशलेंद्र सिंह ने सीएम हाउस जाकर डाक्टर रमन सिंह की पत्नि वीणा सिंह को तीन करोड़ रूपए दिए गए थे. उस वक्त ही कौशलेंद्र सिंह ने वीणा सिंह की बहन रेणु सिंह के ऐश्वर्या रेसीडेंसी स्थित घर जाकर पांच लाख रूपए दिए. साथ ही कौशलेंद्र सिंह की ओर से समय-समय पर तत्कालीन मुख्यमंत्री के ओएसडी विक्रम सिसोदिया तक रकम पहुंचाई जाती रही.

 
भट्ट ने अपने शपथपत्र में बड़े पैमाने पर हुए घोटाले का जिक्र करते हुए कहा है कि साल 2013 में 21 लाख फर्जी राशन कार्ड तैयार किए गए थे.  कार्ड बनाने में पूर्व मुख्यमंत्री डाक्टर रमन सिंह, खाद्य मंत्री रहे पुन्नूलाल मोहिले और तत्कालीन चेयरमेन रहे लीलाराम भोजवानी का हाथ था. इस फर्जी राशन कार्ड के आधार पर तीन सालों तक चावल, चना-दाल, नमक, मिट्टी तेल, गैस एवं खाद्य पदार्थों की अफरा-तफरी बड़े पैमाने पर की गई. एक ही परिवार के तीन-तीन, चार-चार राशन कार्ड बनवा दिए गए थे.
 

खाद्य विभाग के अधिकारी ऐसा नहीं करना चाहते थे, लेकिन डाक्टर रमन सिंह, पुन्नूलाल मोहिले और लीलाराम भोजवानी ने कुछ अधिकारियों को डराया और धमकाया था. साथ ही काम नहीं करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई थी. शपथपत्र में शिवशंकर भट्ट ने बताया है कि फर्जी राशन कार्ड से लगभग 3 वर्षों तक चावल, चना-दाल, नमक, मिट्टी तेल, गैस एवं खाद्य पदार्थों की जमकर अफरा-तफरी की गई. चूंकि आदेश खाद्य विभाग की ओर से जारी किया गया था, इसलिए नान के अधिकारियों ने पास रोक-टोक का कोई कारण नहीं था. भट्ट ने कहा है कि 2013 का विधानसभा चुनाव भी नान से जुटाए गए फंड से रमन सिंह ने लड़ा है.

 

शिवशंकर भट्ट ने शपथ-पत्र में कहा, उसके बिंदुवार प्रमुख खुलासे-

– तात्कालीन मुख्यमंत्री रमन सिंह ने 10 लाख मिट्रिक टन चावल का अतिरिक्त उपार्जन का आदेश दिया.

– चुनाव 2013 में 21 लाख फर्जी राशन कार्ड बनाए गए थे.

– विधानसभा चुनाव-2013 के लिए राशि नान से जुटाई गई.

– 2013-14 चुनाव में प्रतिमाह नान 286 करोड़

 – एक ही परिवार के 3-3, 4-4 राशन कार्ड बनाए गए थे.

– फर्जी राशन कार्ड बनाने में मुख्य रूप से रमन सिंह, पुन्नूलाल मोहिल और लीलाराम भोजवानी का हाथ था.

– फर्जी राशन कार्ड मामलें जाँच की कार्यवाही भी रोकी गई.

– फर्जी कार्ड में किसी भी खाद्य अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने दी गई

– नान कर्मचारी त्रिनाथ रेड्डी की पत्नी की हत्या को आत्महत्या बताया गया.

– धान उपार्जन के लिए 2003-04 से लेकर 2014-15 तक 10 हजार करोड़ की अग्रिम सब्सिडी जारी की गई

– सब्सिडी की राशि रमन सिंह, पुन्नूलाल, भोजवानी और राधाकृष्ण गुप्ता ने आपस में बाँटी.

– भोजवानी के साथ 1 करोड़ रुपये चुनावी चंदा पुन्नूलाल मोहिले.

– कौशलेन्द्र सिंह के साथ 3 करोड़ रुपये सीएम हाउस में रमन सिंह को दिया.

– नान का संचालन रमन सिंह, कौशलेन्द्र सिंह, पुन्नूलाल मोहिले, लीलाराम भोजवानी और राधाकृष्ण गुप्ता गैंग बनाकर कर रहे थे.

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