छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ (21107)

रायपुर- अंतागढ़ टेपकांड मामले के मुख्य किरदार रहे मंतूराम पवार ने आज उप चुनाव के दौरान नाम वापस लेने वाले अन्य छह उम्मीदवारों के साथ प्रेस कांफ्रेंस कर कई बड़े खुलासे किए हैं. पवार ने कहा कि दिल्ली के मेदांता अस्पताल में उनकी तत्कालीन मुख्यमंत्री डा.रमन सिंह, उनके दामाद पुनीत गुप्ता के साथ मुलाकात हुई थी. यह मुलाकात फिरोज सिद्दीकी और संजय अग्रवाल ने कराई थी. इस दौरान कहा गया था कि जो भी आश्वासन दिया गया है, उसे पूरा किया जाएगा. पुनीत गुप्ता, राजेश मूणत के साथ बैठकर सब काम कर देंगे.  मंतूराम पवार ने कहा कि इस पूरे मामले में मैंने यदि पैसा लिया होता तो न्यायालय की शरण में नहीं गया होता. बल्कि लोग जैसे लोग घूम रहे हैं, वैसा घूमता. पैसा देने वाला कोई और, लेने वाला कोई और, खाने वाला कोई और, लेकिन बदनाम हो रहा है, तो मंतूराम पवार. उन्होंने कहा कि टेपकांड के खुलासे के बाद आज वाइस सैंपल की बात की जा रही है, लेकिन मैं कब से यह कह रहा हूं. मैंने कोर्ट से कहा है कि मैं वाइस सैम्पल देने तैयार है, जब भी बुला लो. जब मंतूराम वाइस सैम्पल देने तैयार है, तो फिर पुनीत गुप्ता क्यों नहीं दे रहे? अजीत जोगी क्यों नहीं दे रहे?  इसका मतलब है कि दाल काली नहीं बल्कि पूरी दाल ही काली है. मंतूराम पवार ने प्रेस कांप्रेंस में यह भी बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री डाक्टर रमन सिंह, राजेश मूणत, अमन सिंह और ओम प्रकाश गुप्ता के खिलाफ धमतरी थाने में बुधवार को एफआईआर दर्ज की गई है.

अंतागढ़ उप चुनाव में कोर्ट में धारा 164 के तहत दिए गए बयान के बाद बीजेपी ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया था. निष्कासन के बाद मंतूराम पवार ने आज प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि उप चुनाव के दौरान मुझे पर पड़ रहे दबाव की जानकारी मैंने कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल को राजेश तिवारी के माध्यम से जानकारी भेजी थी. मैंने कहा था कि मुझ पर दबाव है. मुझे बंधक बनाकर रखा गया है. जान से मारने की धमकी दी गई है, लेकिन मुझे यह नहीं पता की राजेश तिवारी ने ऊपर मैसेज दिया है या नहीं. पवार ने कहा कि – मुझे आज भी जान का खतरा है. बड़े बड़े राजनीतिज्ञ हैं, जो कुछ भी कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि यदि मेरे ऊपर या मेरे परिवार के ऊपर कुछ होता है. तो जिन-जिन लोगों का नाम आज ले रहे हैं, ये दोषी होंगे. इन पर कार्रवाई होनी चाहिए. हम आमने-सामने लड़ना चाह रहे हैं. यह हमारी सिद्धांत की लड़ाई है, आर-पार की लड़ाई है.

मंतूराम पवार ने कहा कि हमने हर बातों को जनता के सामने रखा. इससे बहुत सारे लोग कटघरे में खड़े हो गए. बहुत सारे नेता अपने चेहरे को छिपाने लग गए. लोग इसे बदलापुर की राजनीति के तौर पर देखते हैं, लेकिन आज यह सबको मानना होगा कि मंतूराम अकेला नहीं है. मेरे साथ उस समय बस्तर के 12 उम्मीदवार जिन्होंने नामांकन भरा था, उनमें से छह उम्मीदवार साथ हैं. ये आदिवासी लोग है. भोले-भाले लोग हैं, इमानदार है. ये चुनाव लड़ना चाहते थे. जनता के बीच जाकर सेवा करना चाहते थे. ये सब भी दुखी है, पीड़ित है, जिसकी वजह से आज यह सामने आए हैं. इनमें भीम सिंह उसेंडी, भोजराज नाग, देवनाथ हिड़को, महादेव मंडावी, शंकर लाल नेताम, विरेंद्र कुमार शामिल हैं. रघुनाथ उसेंडी की मृत्यु हो चुकी है. दो प्रत्याशी और है, जिनसे हमारा संपर्क हो रहा है. पवार ने कहा कि मैंने 20 तारीख को जब अपना नामांकन वापस लिया था, तब मैं वाकई चुनाव लड़ना चाहता था. नाम वापस लेने के पीछे मेरे सामने दो मजबूरी थी. एक मुझे लालच दिया गया और दूसरा मेरी जान के साथ खिलवाड़ शुरू कर दिया गया था. धमकी दी गई थी कि नाम वापस नहीं लोगे, तो कभी भी दुर्घटना हो सकती है. नक्सल क्षेत्र से हो, कभी भी इनकाउंटर कराया जा सकता है. उस दिन से में दबाव में थे. मेरा परिवार गांव में ही रहता है, उनकी रक्षा के लिए मैंने अपना नाम वापस ले लिया था.

मंतूराम पवार ने कहा कि डाक्टर रमन सिंह, अजीत जोगी ने मिलकर मुझे फंसाया. नाम वापसी के बाद मैं कितनी बार अजीत जोगी से मिला, उनसे कहा कि रमन सिंह से बात कराओ. न तो मुझे पैसा मिल रहा है, न ही पद. मुझे कैबिनेट का दर्जा नहीं दिया गया. विधानसभा-लोकसभा में टिकट की बात कही गई, लेकिन नहीं दी गई. जब से मैं नाम वापस लिया तब से मैं दबाव में था. मुझे कहा करते थे. यदि पार्टी के खिलाफ जाओगे तो आपके खिलाफ कार्यवाही होगी. मैं डाक्टर रमन सिंह से हर 15 दिन में मिलता था. मैंने उनसे कहा था कि आपने अजीत जोगी से कह दिया था कि पद पैसा देंगे, लेकिन लंबे समय तक टालते रहे. जितने भी डाक्यूमेंट बनते थे. चाहे शपथपत्र की बात हो या अन्य बात हो. मुझ पर दबाव डालकर कराते थे. मै देखा कि हमारे पास कोई दूसरा रास्ता नहीं है. मेरे ऊपर मेरा प्रतिद्वंदी विक्रम उसेंडी को प्रदेश अध्यक्ष बना दिया. मंतूराम पवार का बीजेपी में अपमान हुआ, जगह नहीं दी गई. कांग्रेस ने सम्मान दिया, बीजेपी ने धोखा दिया. मैंने अपने विवेक से सोचा की मैं न्यायालय की शरण में जाऊंगा. 7 तारीख को मैं कोर्ट गया और 164 में बयान दर्ज कराया. मुझे 10 तारीख को दादागिरी के साथ पार्टी से निकाला. यह है शुचिता की बात करने वाली पार्टी. मुझे रमन सिंह ने दादागिरी के जरिए पार्टी से हटाया.  आखिर मैं कब तक सकता. एक इमानदार आदमी, एक आदिवासी नेता. मुझे किसने बेचा, किसने खरीदा और खरीदने वाला कौन है? इसे मैंने उजागर किया है. बेचने वाला हमारा पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी, जिनसे हमारी बात होती थीऔर खरीदने वाला डाक्टर रमन सिंह है.  पवार ने कहा कि जब मैं  रमन सिंह के साथ बैठता था, तो पूछता था कि आपने पैसा किसे दिया. तब उन्होंने मुझसे पूछा कि नहीं मिला क्या. मैंने जवाब दिया कि नहीं मिला. मैंने पूछा कितना पैसा, तब उन्होंने कहा कि 7 करोड़ तो मैंने भिजवा दिया था. रमन सिंह से मेरी बंद कमरे में बात होती थी. दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए इसलिए ही हम जांच चाह रहे हैं.

पवार ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी और अमित जोगी ने बहुत दिनों से डाक्टर रमन सिंह के साथ पहले से ही आपसी तालमेल था. अजीत जोगी ने साल 2003 में हुए चुनाव के दौरान डाक्टर रमन सिंह के साथ मिलकर सरकार बनवाया था. 2008 और 2013 में दोनों मिलकर सरकार बनाए. 2018 में यह कामयाबी इसलिए नहीं मिल पाई क्योंकि अमित जोगी को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था. बेटे के साथ अजीत जोगी भी चले गए. इसके लिए मैं भूपेश बघेल को धन्यवाद दूंगा. उन्होंने पूरी मर्दानगी के साथ इन्हें बाहर किया था. यदि अजीत जोगी इनके साथ रहता, तो मैं दावा कर सकता हूं कि 2018 में कांग्रेस की सरकार नहीं बनती.

दुर्ग। अंतागढ़ चुनाव में खऱीद-फरोख्त का खुलासा करने वाले मंतूराम पवार को सरकार सुरक्षा मुहैया कराएगी. सीएम भूपेश बघेल ने दुर्ग में पत्रकारों से बात करते हुए इसकी जानकारी दी. सीएम भपेश बघेल दुर्ग जिले के भिलाई में स्थित एक स्कूल पहुंचे थे.

सीएम ने कहा कि मंतूराम को सुरक्षा दी जाएगी. भाजपा के जिस भ्रष्टाचार के खिलाफ दिल्ली के जंतर मंतर प्रदर्शन किया था, अब जाकर उसके भ्रष्टाचार में रमन सिंह का असली चेहरा सामने आ रहा है.

आपको बता दें मंतूराम पवार अंतागढ़ टेपकांड मामले में आरोपी हैं, उन्होंने न्यायालय में धारा 164 के तहत अपना इकबालिया बयान दर्ज कराया है. जिसमें उन्होंने पूर्व सीएम रमन सिंह, राजेश मूणत, अजीत जोगी और अमित जोगी के ऊपर अंतागढ़ उप चुनाव में खरीद फरोख्त का आरोप लगाया था.

बिलासपुर। अंतागढ़ टेप कांड का सबसे पहले खुलासा करने वाले अखबार इंडियन एक्सप्रेस को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. हाईकोर्ट ने इंडियन एक्सप्रेस के खिलाफ दाखिल किये गए अपराधिक मानहानि के मामले में निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगा दी है.

आपको बता दें अंतागढ़ उपचुनाव में नाम वापसी के अंतिम दिन कांग्रेस प्रत्याशी मंतुराम पवार ने अपना नामांकन वापस लेकर चौंका दिया था. मामले में खरीद-फरोख्त को लेकर इंडियन एक्सप्रेस ने एक ऑडियो टेप का ट्रांसक्रिप्शन को प्रकाशित किया था. जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी, तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के दामाद पुनीत गुप्ता और जोगी के पुत्र अमित जोगी की आवाज होने का दावा किया गया था.

खबर प्रकाशित होने के बाद अजीत जोगी ने इंडियन एक्सप्रेस को खबर का खंडन और माफी मांगने की नोटिस भेजी थी. जिसे अखबार द्वारा अस्वीकार कर दिया गया था. जिसके बाद जोगी ने इंडियन एक्सप्रेस के चेयरमैन, संपादक और रिपोर्टर को पक्षकार बनाते हुए आपराधिक मानहानि का अदालत में परिवाद पेश किया था. मामले में निचली अदालत ने इंडियन एक्सप्रेस को समंस जारी किया था. जिसके बाद अखबार ने हाईकोर्ट में निचली अदालत की कार्यवाही के खिलाफ याचिका दायर की थी. जिसकी सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने निचली अदालत की अग्रिम कार्यवाही पर रोक लगा दी है.

कई बड़े नेता चुनाव जीतने के बाद कभी चांपा का उद्धार करने नहीं सोचा
चांपा की अनेक ज्वलंत समस्याओं से हमेशा पक्ष और विपक्ष करता रहा है खुद को किनारा
-चांपा। चांपा नगरपालिका चुनाव में इस बार निर्दलीय अध्यक्ष बनने की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि शहर के विभिन्न ज्वलंत मुद्दों को लेकर हमेशा से पक्ष और विपक्ष खुद को किनारा करता रहा है। इसके चलते पक्ष और विपक्ष पर हमेशा आपस में भाईचारे का आरोप लगता रहा है। इसके अलावा 15 साल भाजपा और इस बार पांच साल कांग्रेस को मौका दिया गया। लेकिन दोनों ही दल के नेता जनता की अपेक्षाओं में खरा नहीं उतर पाए। इस वजह से यदि इस बार कोई साफ सुथरा चेहरा अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ता है तो उसके जीतने की संभावना काफी प्रबल हो जाता है।
आपकों बता दें कि कागज में भले ही जांजगीर-चांपा जिला अंकित है, लेकिन स्थानीय नेताओं की निष्क्रियता से हमेशा से चांपा उपेक्षित रहा है। इसी उदासीनता के चलते जांजगीर चांपा जिला के बजाय अब नेता व अफसर भी सिर्फ जांजगीर जिला संबोधित करने लगे हैं। यहां तक जिला मुख्यालय सिर्फ जांजगीर है जबकि चांपा के नसीब से सिर्फ बदहाली है। एक समय था जब चांपा की पहचान यहां की विभिन्न विशेषताओं से होती थी लेकिन अब चांपा की पहचान कीचड़ जीर्ण-शीर्ण स़ड़क और गड्ढे से हो रही है।ं चांपा नगरपालिका क्षेत्र के लिए बीते पांच सालों में करोड़ों के विकास कार्य सेंशन हुए, लेकिन चांपा नगरपालिका अध्यक्ष का दुर्भाग्य है कि 80 से 90 प्रतिशत कार्य अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। चांपा के गौरवपथ, रेलवे ओवरब्रिज, रामबांधा तालाब, पेयजल आपूर्ति आदि कई ज्वलंत मुद्दे है, जिसे लेकर चांपा की जनता भाजपा और कांग्रेस से चिढ़ी हुई है और वो इस बार चुनाव में दोनों को मजा चखाने के मूड में है। यह बात कई बार शहर के लोग सोशल मीडिया में बेबाक बोल चुके हैं। आपकों बता दें कि चांपा से कई बड़े नेता चुनाव जीत चुके है लेकिन कुर्सी मिलने के बाद किसी ने चांपा की ओर ध्यान नहीं दिया। इसके चलते आज चांपा की दशा बेहद चिंताजनक है।
रामबांधा तालाब बदहाल
चांपा के लिए रामबांधा तालाब हमेशा से सूर्खियों में रहा है। भाजपा के दौर में उसके सौंदर्यीकरण के नाम लाखों खर्च किया गया, लेकिन बदहाली दूर नहीं हुई। इसके बाद जब नपा में जब कांग्रेस की सत्ता आई तो रामबांधा तालाब सौंदर्यीकरण के लिए करीब आठ करोड़ सेंशन हुआ। इसके कार्य प्रारंभ को लेकर भी काफी राजनीति हुई तो वहीं तालाब के लिए रकम सेंशन कराने को लेकर नेताओं ने खूब वाहवाही लुटी। लेकिन तीन सालों से तालाब अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है तो उसकी सुध किसी को नहीं है, जबकि इतने बड़े तालाब को सूखा देने के बाद जिस तरह पानी की किल्लत हो रही है उसे लेकर शहर के लोग इन्हें कभी माफ नहीं करेंगे।
गौरवपथ का कबाड़ा
एक समय था जब चांपा के लोगों को गौरवपथ पर नाज था लेकिन जब से इस मार्ग में शराब दुकान शुरू हुई तब से इसकी उल्टी गिनती शुरू हो गई। उस समय नपाध्यक्ष पर ही शराब दुकान के लिए जगह मुहैया कराने का आरोप लगा। इसके बाद जब गौरवपथ से भारी वाहनों को गुजारने की अनुमति दी गई तब भी नपाध्यक्ष को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया गया। भारी वाहनों के चलते गौरवपथ का सत्यानाश हो गया। आज शहर का सबसे खराब मार्ग यही है। बीते दो सालों से शहर के लोग इस गौरवपथ की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं लेकिन दलगत राजनीति के चलते शहर के लोग त्राहि-त्राहि कर रहे हैं। इस बार चुनाव में यह अहम मुद्दा होगा।
ब्रिज की गंभीर समस्या
चांपा का गौरवपथ शहर के लिए ज्वलंत मुद्दा है लेकिन यह भी दलगत राजनीति की भेंट चढ़ गया है। सात साल बाद भी ब्रिज का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। इस ब्रिज की वजह से जहां कईयों की रोजी रोटी छीन गई तो फाटक बंद होने के बाद लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतें हो रही है। हालांकि अभी इस समस्या के लिए शहर के कुछ लोगों ने रेल प्रशासन को जगाने नगाड़ा बजाया था तो वहीं राज्य में जब भाजपा की सरकार थी तब पूर्व नपा उपाध्यक्ष ने भी आंदोलन किया था। लेकिन इसके बाद किसी ने इस ओर प्रयास नहीं किया। अभी ब्रिज की वजह से पूरा स्टेशन क्षेत्र को पार करने में पसीना छूट जा रहा है। इससे लोग आक्रोशित हैं।

पलारी थाना क्षेत्र के धमनी खैरी गांव के पास की घटना
जांजगीर-चांपा। शिवरीनारायण के महामाया हार्डवेयर व्यापारी के स्वयं के वाहन से रायपुर जाते समय लाखो रुपये की लूट के बाद हत्या कर दी गई। मौके से वाहन चालक फरार है। घटना पलारी थाना क्षेत्र के धमनी खैरी गांव पास की है। पलारी पुलिस जांच मे जुटी है।
पुलिस के अनुसार मृतक लोहा व्यापारी भुनेश्वर पिता स्व. रघुनाथ केशरवानी उम्र 55 वर्ष शिवरीनारायण जिला जांजगीर चांपा निवासी है, जिसकी लाश पलारी थानांतर्गत ग्राम धमनी खैरा मार्ग पर अपने वाहन में मिला है। जिसका अज्ञात आरोपियों ने हत्या कर दी है। व्यापारी स्वयं के माजदा गाड़ी में ड्राइवर के साथ सामान लाने रायपुर जा रहा था। रास्ते में आरोपियों ने इस घटना को अंजाम दिया है। ग्रामीणों की सूचना पर पलारी पुलिस मौके पर पहुंचकर विवेचना कर रही है। वही सामान लेने जा रहे गाड़ी का चालक मौके से फरार है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। बताया जा रहा है मृतक व्यापारी लाखो रुपये नगद लेकर सामान लेने जाता था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है की हत्या लूट के नियत से की गई है।
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शालेय शिक्षक संघ की प्रांतीय बैठक आयोजित
जांजगीर-चांपा। शालेय शिक्षाकर्मी संघ की प्रांतीय बैठक राजधानी रायपुर में हुई। बैठक में प्रांत भर से आये प्रांतीय पदाधिकारी एवं जिला पदाधिकारियों ने अपने जिले के मुद्दों एवं समस्याओं के संबंध में विचार रखा एवं शीघ्र निराकारण के लिए प्रांतीय कमेटी के समक्ष अपनी बात रखी।
इसमें मुख्य रूप से संविलियन से वंचित 8 वर्ष से कम की सेवा अवधि वाले शिक्षक पंचायत संवर्ग को शासन के वादे के अनुरूप 02 वर्ष की परीविक्षा अवधि समाप्ति के पश्चात शिक्षा विभाग में संविलियन किया जाए। सभी वर्गों के वेतन विसंगतियों को दूर करने के लिए क्रमोन्नत वेतनमान दिया जाए अथवा वेतनमान विकल्प के रूप में भूतलक्षी प्रभाव से समयमान वेतनमान के आधार पर समतुल्य वेतनमान का निर्धारण कर रिवाइसड एलपीसी जारी कराकर वेतनमान निर्धारण करने के लिए शासन स्तर पर पहल की जाए। प्रधानपाठक और प्राचार्य के पद पर पात्र सहायक शिक्षक और व्याख्याता के एलबी संवर्ग के पदोन्नति की प्रक्रिया शीघ्र प्रारम्भ किया जाए। बैठक में प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे, प्रांतीय सचिव धर्मेश शर्मा, चंद्रशेखर तिवारी, सुनील सिंह, गौतम शर्मा, विष्णु शर्मा, कैलाश रामटेके, अतुल अवस्थी, राजेश शर्मा, भोजराम पटेल, हिमान सिंह, दिनेश राजपूत, भानूप्रताप डहरिया, योगेंद्र शुक्ला, शंकर यादव, बुधेश्वर शर्मा, सतीश स्वर्णकार सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित थे।
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जांजगीर-चांपा। चांपा के शासकीय बीडीएम हॉस्पिटल में चिकित्सकों की कमी मरीज हलाकान हैं। डॉक्टर नहीं होने के कारण अस्पताल का ज्यादातर बेड खाली है। अस्पताल में चिकित्सकों की भर्ती के लिए कांग्रेस नेता गोपाल गुलशन सोनी ने आज जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तीर्थराज अग्रवाल से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन दिया। श्री सोनी ने जिला पंचायत सीईओ का इस ओर ध्यान आकर्षित करते हुए व्यवस्था दुरूस्त करने की मांग की, जिस पर जिला पंचायत सीईओ ने सकारात्मक पहल करने का भरोसा दिलाया।

घुठिया गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने किया उनका आत्मीय स्वागत
जांजगीर-चांपा। ग्राम पंचायत घुठिया-कुदरी में सामुदायिक भवन एवं आहाता निर्माण के भूमि पूजन का कार्यक्रम प्रदेश कांग्रेस सचिव इंजी. रवि पाण्डेय के कमकमलों से हुआ। इस अवसर पर अवसर पर ग्राम घुठिया पहुंचने पर इंजी. पाण्डेय का ग्रामीणों के द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया।
भूमिपूजन अवसर पर ग्रामीणों को संबोधित करते हुए इंजी. पाण्डेय ने कहा कि घुठिया आपसी प्रेम, आपसी सौहार्द एवं आपसी भाई-चारा के नाम से जाना जाता है। हमें इस भाई चारे को बनाये रखना है और ग्राम का नाम जिले में रोशन करना है। सामुदायिक भवन के निर्माण पर सभी ग्रामवासियों को दुख-सुख में कार्यक्रम आयोजित करने की सुविधा मिलेगी। इस अवसर पर रामेश्वर सिंह कंवर सरपंच, सियाराम यादव पूर्व सरपंच, श्रवण सिंह सरपंच ग्रापं मड़वा, ओमप्रकाश कुर्रे सरपंच कुलीपोटा, तेरस यादव सरपंच लछनपुर, लक्ष्मीनारायण साहू सरपंच बसंतपुर, प्रभाकर तिवारी पूर्व सरपंच कन्हाईबंद, पवन कश्यप महामंत्री शहर कांग्रेस कमेटी, दुर्गाराम निवास यादव उपसरपंच, बोधीदास महंत, साधराम सोनझरी, अर्जुनलाल सोनझरी, सोहनलाल सोनझरी, दशरथ लाल यादव, आशीष कुमार यादव, साधराम उर्फ गोना, जगन्नाथ यादव, राजुकुमार यादव, रमेशकुमार सोनझरी, लक्ष्मीप्रसाद सोनझरी, छोटूयादव, समेदास महंत, छोटू कुर्रे, रविदास महंत, पैराडाईज टेलर्स, अभयराम यादव, शिवकुमार साहू, करणदास महंत, अभिमन्युदास महंत, लक्ष्मीकांत राठौर खरवानी, फिरतुराम यादव चांपा सहित ग्रामवासी उपस्थित थे।
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डेंगू से प्रभावित सात लोगों को किया गया रेफर
जांजगीर-चांपा। मालखरौदा क्षेत्र में डेंगू लोगों पर कहर बनकर टूट रहा है। अब तक डेंगू की चपेट में ंदस लोग आ गए हैं, जिनमें से सात लोगों को उपचार के लिए बिलासपुर रेफर किया गया है।ं इतनी संख्या में डेंगू होने से आम लोगों में भय की स्थिति बनी हुई है। हालांकि स्वास्थ्य अमला मामले को लेकर अलर्ट होने का दावा कर रहा है।
आपकों बता दें कि मालखरौदा सहित आसपास गांवों के लोग इन दिनों डेंगू के नाम सुनते ही दहशत में आ जा रहे हैं। क्योंकि एकसाथ दस लोेगों में डेंगू की पुष्टि होने के बाद सभी सहमे हुए हैं। जानकारी के अनुसार मुक्ता निवासी सकुंतला सिदार, चाररपारा निवासी उमेश भारती, इसी गाव के मुकेश भारती, संतोष भारती, पिहरीद निवासी चेतन बाई, बड़ेपारड़मुड़ा की अना राठौर, अंडा की दुलौरिन बाई, बड़े सीपत की रमा साहू में डेंगू की पुष्टि हुई है। मेडिकल आफिसर डॉ. संतोष पटेल का कहना है कि दस लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है, जिनमें ंसे सात लाोगों को उपचार के लिए बिलासपुर रेफर किया गया है।

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार संघ प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अरविंद अवस्थी ने जांजगीर-चांपा जिला इकाई के अध्यक्ष पद पर वरिष्ठ पत्रकार मनोज थवाईत को नियुक्त किया है।
मनोज थवाईत को जिला अध्यक्ष बनाए जाने पर श्रमजीवी पत्रकार संघ के सदस्यों एवं पत्रकार साथियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके कुशल नेतृत्व में संघ के संगठन को मजबूती मिलने तथा आने वाले दिनों में संगठन का विस्तार होने की बात कही है। वही मनोज थवाईत ने एक भेंट में अपनी इस नियुक्ति पर बताया कि वह विगत कई वर्षों से श्रमजीवी पत्रकार संघ में एक सक्रिय सदस्य के रूप में कार्य कर रहे हैं तथा संघ के प्रांतीय नेतृत्व ने उन पर जो विश्वास व्यक्त किया है निश्चित ही वे जांजगीर-चांपा जिले के सभी विकासखंडों में श्रमजीवी पत्रकार संघ के संगठन को मजबूत बनाने तथा पत्रकार साथियों को इससे जोड़ने के लिए यथासंभव प्रयास करेंगे।

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