ईश्वर दुबे
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Bhilai
जांजगीर-चांपा। रेस्ट हाउस को कुछ अफसर अपनी बफौती समझ लेते हैं। जब अफसरों को भवन अलॉट नहीं होता है तो उन्हें रेस्ट हाउस में आश्रय दिया जाता है। रेस्ट हाउस को जनप्रतिनिधियों के लिए सुरक्षित रखा जाता है लेकिन मालखरौदा के रेस्ट हाउस में कुछ अफसर लंबे समय से जमे हुए हैं। मामले में एसडीएम ने जांच करने की बात कही है।
जानकारी के अनुसार ब्लाक मुख्यालय मालखरौदा में इन दिनों अधिकारियों का कब्जा है। बताया जाता है विगत 6 माह से रेस्ट हाउस में नायब तहसीलदार अनुराग भट्ट तथा डिप्टी कलेक्टर सुमित गर्ग का कब्जा है। इन दिनों ये लोग यहां पदस्थ कर्मचारियों से खूब सेवा कराने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे है, जबकि जनप्रतिनिधि के आगमन पर उन्हें कमरा मिलना मुश्किल हो जाता है। इधर सक्ती एसडीएम सुभाष राज का कहना है कि मामले में जांच कराई जाएगी। अफसरों को यदि कमरा अलाटमेंट हो गया है और वो फिर भी रेस्ट हाउस नहीं छोड़ रहे हैं तो कार्रवाई की जाएगी।
प्रयास गौसेवा संस्थान के जांबाजों ने कलेक्टर को ज्ञापन देकर दी थी चेतावनी
जांजगीर-चांपा। चांपा के प्रयास गौसेवा संस्थान के जांबाजों ने आज एक दिवसीय भूख हड़ताल करते हुए शासन-प्रशासन को जगाने का प्रयास किया। आए दिन विभिन्न सड़कों पर डेरा जमाए मवेशियों की वजह से दुर्घटनाएं बढ़ रही है। ऐसे मवेशियों को सड़क से हटाकर व्यवस्थित किए जाने की गई।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का ड्रीम प्रोजेक्ट नरवा, गरवा, घुरवा, बारी का क्रियान्वयन शहरी क्षेत्र में नहीं हो पा रहा है, जिसके चलते सड़कों पर बैठे मवेशी जहां दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं तो वहीं इन मवेशियों की वजह से लोगों की भी जान जा रही है। आपकों बता दें कि प्रयास गौसेवा संस्थान विगत 4 वर्षों से गौसेवा के क्षेत्र में कर्मठ गौ सेवकों द्वारा दुर्घटना में घायल गायो का निःशुल्क इलाज के साथ ही गौसेवा के क्षेत्र में अनेक प्रयास किया जा रहा है। जिस तरह आए दिन सड़क पर बैठे मवेशियों के दुर्घटनाग्रस्त होने से चिंतित होकर इस संस्थान के लोगों ने कलेक्टर को ज्ञापन देकर इस समस्या का हल निकालने मांग की थी, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। आज चांपा में देना बैंक के सामने भूख हड़ताल किया। इस आंदोलन को चांपा के बहुत सारे लोगों ने समर्थन दिया। उन्होंने आंदोलन के जरिए जिले सहित चांपा नगर के मुख्यमार्ग व अन्य सभी मार्गों से सभी गायों व मवेशियों को उचित स्थान पर स्थान्तरित कर उनके चारा, पानी व चिकित्सा की उचित व्यवस्था करने की मांग की।
चांपा। शहर के रंगकर्मी अनंत थवाईत ने चांपा गोलीकांड मे शहीद हुए राजकरण दुग्गड़ की स्मृति मे नुक्कड़ नाटक का मंचन किया। अनंत थवाईत ने रामबांधा तालाब के रुप मे अभिनय करते हुए तालाब की बदहाली को लोगो के सामने रखा। जब उसने रोते बिलखते तालाब की भूमिका निभाते हुए मैं दुख ल काला बतावंव, काकर मेर गोहरावंव, सब झन ले पूछत हावंव मैं बंधवा तरिया गीत गाया तो उपस्थित लोग मंत्रमुग्ध हो गए।
इस करुणा भरी गीत के बाद रामबांधा तालाब की बदहाली की शुरुआत की। एक एक घटना को लोगो के सामने संवाद के माध्यम से प्रस्तुत करते हुए नाटक मे बताया गया कि नया जिला बनने के बाद सन उन्नीस सौ निनाबे मे नगर पालिका द्वारा बस स्टेंड आवासीय परिसर और उद्यान के लिए नजूल विभाग से रामबांधा तालाब की भूमि की मांग की गई थी जिस पर अधिवक्ता घनश्याम गोपाल ने आपत्ति लगाई थी लेकिन उनकी आपत्ति को न्यायालय कलेक्टर द्वारा खारिज कर दी गई थी और रामबांधा तालाब की लगभग तेरह एकड़ भूमि नगर पालिका को दिए जाने का आदेश देते हुए शर्त भी रखा गया था कि न्यायालय के आदेश के अनुसार सभी शर्तो का पालन छह महीने मे किया जाए अन्यथा यह आदेश निरस्त माना जाए। लेकिन नगर पालिका ने उक्त आदेश का पालन ही नहीं किया और भूमि आबंटन हो जाने की बात कहते न्यायालय और नगर की जनता से विश्वासघात करते हुए नियम विरुद्ध रामबांधा तालाब की भूमि पर पक्के भवनों के साथ ही अन्य निर्माण कार्य करा दिया। नाटक मंचन के दौरान शहीद स्मारक के पास नगर पालिका अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने नागरिकों को संबोधित किया और समस्यामूलक विषय रामबांधा तालाब पर नाटक मंचन के लिए अनंत थवाईत की प्रशंसा भी की। सुभाष चौक मे राजू महंत और राधाकृष्ण मंदिर चौक में कार्तिकेश्वर स्वर्णकार ने नागरिको को संबोधित किया। नगर के पांच स्थानों मे हुए इस नाटक मंचन के दौरान कमल देवागंन, पार्षद कृष्णा देवागंन विशेष रुप से उपस्थित थे। नाटक मंचन के लिए मो. इब्राहिम मेमन, पुरुषोत्तम शर्मा, सलीम मेमन, भवानी गुप्ता, राजेश थावाणी, नरेन्द्र ताम्रकार, करण भाटिया, रोहित कुर्रे आदि ने रंगकर्मी अनंत थवाईत की सराहना की। आपकों बता दें कि रंगकर्मी अनंत थवाईत ने नगर में पच्चीस वर्ष बाद नाटक का मंचन किया है।
अव्यवस्थित नाली निर्माण पर विरोध के बाद रोक, फिर नपा ने फेर लिया मुंह
पूरा मोहल्ला मलबा और गंदगी से अट गया, चुनाव में सबक सिखाने लामबंद मोहल्लेवासी
जांजगीर-चांपा। नगरपालिका के जिम्मेदारों की लापरवाही से वार्ड नंबर 23 के लोग खून के आंसू रोने मजबूर है। बताया जाता है बीते गर्मी के मौसम में गणेश होटल के पीछे मोहल्ले में नाली का निर्माण प्रारंभ हुआ, लेकिन ठेकेदार ने सड़क से काफी उपर ऐसी नाली बना दी, जिससे सभी दंग रह गए। इसका विरोध करने के बाद नपा ने काम रूकवा दिया, लेकिन इस लापरवाही से पूरा मोहल्ला गंदगी और मलबे से अट गया है।
अभी नगरपालिका चुनाव के लिए आरक्षण तय होने के बाद जिस तरह दावेदारों की कतार लग गई है लेकिन कुर्सी मिलने के बाद ये जनता के दुख दर्द पर कितना खरा उतरेंगे यह यक्ष सवाल है। चांपा नगरपालिका के वार्ड नंबर 23 के लोगों ने भी पांच साल पहले जिन्हें अपना प्रतिनिधि चुना था वही समय आने पर अपना रंग दिखाने कोई कसर नहीं छोड़े। मोहल्ले के कुछ लोगों ने बताया कि करीब पांच माह पहले पानी निकासी के लिए यहां नाली का निर्माण प्रारंभ हुआ था लेकिन ठेकेदार ने लापरवाही बरतते हुए सड़क और मकान से उपर नाली बना दी। इसका जब मोहल्ले के लोगों ने विरोध जताया और मामला मीडिया में आया, तब नगरपालिका ने काम बंद करा दिया। लेकिन इसके बाद नगरपालिका ने अधूरी बनी नाली को अपने हाल पर छोड़ दिया, जबकि व्यवस्थित नाली का नए सिरे से निर्माण कराया जाना था। इधर, नगरपालिका की लापरवाही से पूरा मोहल्ला मलबा, गंदगी और अव्यवस्था से अटा पड़ा है। बारिश का यह चार महीना यहां के लोग किस कदर गुजार रहे हैं इसका शब्दों में बया करना मुश्किल है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि इस समस्या से बार-बार नगरपालिका के अफसरों और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया, लेकिन उन्होंने इस ओर ध्यान ही नहीं दिया। यहां अव्यवस्था के चलते बारिश का पानी कई लोगों के घरों में ंघुस रहा है तो वहीं इस मोहल्ले में दाखिल होना भी मुश्किल है। फिर भी जैसे तैसे गुजारा किया जा रहा है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि जिस समस्या से वो गुजर रहे हैं उसका शायद अंदाजा भी नपा के जिम्मेदारों को नहीं है। उनका कहना है कि जब नपा के कर्ताधर्ता उनकी बातों को नहीं सुन रहे हैं तो इस बार चुनाव में सबक सिखाया जाएगा।
डेंगू की रोकथाम के लिए घर घर दस्तक दे रहा नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग भिलाई सेक्टर 1 और तालपुरी क्षेत्र में नष्ट किए डेंगू मच्छर पनपने के स्त्रोत
दुर्ग. डेंगू रोकथाम के लिए बनी ब्रीडिंग चेकर टीम ऐसे स्थलों से लार्वा खोजकर नष्ट कर रहीं जहां आमतौर पर लोगों को यकीन करना मुश्किल है कि यहां भी इनके पनपने की आशंका हो सकती है। भिलाई में सेक्टर 1 के निवासी श्री केएन राव ने अपने आंगन में खूबसूरत नीलकमल लगाया था। डेंगू की रोकथाम करने वाली ब्रीडिंग चेकर टीम जब पहुंची तो उसने उस छोटी सी टंकी का निरीक्षण भी किया जिसमें नीलकमल लगाया गया था। उन्होंने राव दंपत्ति को दिखाया कि किस प्रकार इसमें मच्छर के लार्वा पैदा हो रहे हैं। राव दंपत्ति ने कहा कि वे सोच भी नहीं सकते थे कि साफ पानी में भी लार्वा पनप सकते हैं। शहरों में नीलकमल, मनीप्लांट आदि पौधे लगाए जाते हैं जिसमें साफ पानी भरा होता है।बीते दिनों हुई बारिश के बाद इस संबंध में आशंका और बढ़ी है कि घर के कोनों पुराने टायर, घड़ों,गमलों,टंकियों में जलभराव फिर हो गया हो। ब्रीडिंग चेकर टीम द्वारा इन सबको बारीकी से देख कर डेंगू नियंत्रण के अपने कार्यक्रम पर प्रभावी रूप से अमल किया जा रहा है। इसके बाद ब्रीडिंग चेकर दस्ते द्वारा टब में टेमीफास दवा डाली गई और डेंगू बचाव के उपाय भी बताए गए।इस घटना के बाद राव दंपत्ति ने उनको आगाह करने के न केवल टीम का शुक्रिया अदा किया। श्रीमती राव ने कहा कि नील कमल तो फिर आ जाएगा मगर जिंदगी वापिस नहीं मिलेगी। इस परिवार की तरह ही कई लोगों ने सोचा ही नहीं होगा कि कमल और मनीप्लांट का जो पौधा उन्होंने अपने गार्डन और घर की खूबसूरती के लिए लगाया लगाया है वो डेंगू के मच्छर के प्रजनन की जगह होगा। श्रीमती राव ने कहा कि नील कमल तो फिर आ जाएगा मगर जिंदगी वापिस नहीं मिलेगी। इस दौरान एक घर से एक बाल्टी मिली जिसमें बारिश का पानी जमा हुआ था और सैकड़ों लार्वा मौजूद थे। ब्रीडिंग चेकर्स द्वारा आसपास के सभी लोगों को दिखाया गया कि ये लार्वा कैसे होते हैं। उनके लिए यकीन कर पाना मुश्किल था कि वो अपने घर में ही डेंगू के मच्छर के लिए दावत का इन्तजाम कर रहे हैं।
कैसे काम करता है ब्रीडिंग चेकर दस्ता
डीएमओ डॉ एस के मंडल ने बताया ब्रीडिंग चेकर्स दस्ते पहला उद्देश्य है सोर्स रिडक्शन अर्थात डेंगू के मच्छर का प्रजनन रोकना ताकि रोग का फैलाव रोका जा सके।इसके लिए टीम ने आस पास के सभी घरों में दस्तक दी और घर का हर वो कोना खंगाला जहाँ भी डेंगू के लार्वा होने की संभावना होती है। ब्रीडिंग चेकर्स घर घर जाकर साफ पानी की टंकियां,छतों में पड़े खाली मटके और बर्नियां, टायर, बोतलें , बाल्टियां कूलर आदि में जमा पानी की जांच करते हैं।जमा हुए पानी में लार्वा की मौजदूगी की जांच की जाती है। फिर उस पानी में टेमीफास दवा मिला दी जाती है ताकि लार्वा नष्ट हो जाए।साथ ही घर में चारों तरफ मच्छर नाशक दवा का छिड़काव किया जाता है। ब्रीडिंग चेकर्स के 4 दस्ते हर सुबह घर घर जाकर इस काम को अंजाम दे रहे हैं।
नगर निगम भिलाई द्वारा एक लाख से अधिक टेमीफास की बोतल का वितरण
नगर निगम भिलाई के स्वास्थ्य अधिकारी श्री धर्मेंद्र मिश्र ने बताया कि डेंगू के लार्वा नष्ट करने के लिए निगम द्वारा टेमीफास दवा को तरल घोल रूप में घर घर जाकर वितरित किया जा रहा है। अब तक 1 लाख से अधिक बोतलों का वितरण किया जा चुका है। इसके अलावा निगम के कर्मचारी व्यस्क मच्छर को नष्ट करने के लिए मेलाथियान का छिड़काव भी कर रहे हैं।
जागरूकता अभियान में शामिल होने आगे आ रहे हैं नागरिक
डेंगू के खिलाफ लड़ाई के लिए लोगों को एकजुट होना होगा। जब ब्रीडिंग चेकर दस्ता भिलाई सेक्टर 1 निवासी श्री नसीम के घर पंहुचा तो उन्होंने भी डेंगू के लिए जागरूकता अभियान में शामिल होने की इच्छा जाहिर की है।उन्होंने बताया कि वे एक रक्तदाता समूह से जुड़े हैं जिसमें 500 सेअधिक सदस्य हैं। सभी सदस्य नियमित रूप से रक्तदान करते तो कते ही हैं लेकिन अब वो अपने समूह के साथ मिलकर डेंगू के प्रति लोगों को जागरूक भी करेंगे। उन्होंने स्वयंसेवी समूहों, सामाजिक संगठनों और युवाओं से भी अपील की है कि इस अभियान में सहयोग करें ताकि बड़ी आबादी को कवर किया जा सके।
रुका हुआ साफ पानी है डेंगू का घर, लोगों को मिल रही सीख
सेक्टर 1 निवासी श्रीमती रंजीत कौर ने बताया कि पिछले साल उनकी बेटी को डेंगू हुआ था। उन्होंनेभी इस घटना से सबक लिया और अपने घर में जाकर जमा पानी,कूलर,मनी प्लांट की बोतल,फ्रिज के पीछे का का कंटेनर का पानी फेंका। सेक्टर-1 की ही शोभा दुबे ने बताया कि उनके पति को भी पिछले साल डेंगू हुआ था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जब उनको बचाव के उपाय बताए उन्होंने दुबारा चूक नहीं की। श्रीमती दुबे एक दिन के अंतराल में घर में साफ पानी के सभी बर्तनों, टंकियों कूलरों की सफाई कर पानी बदलती हैं और मच्छरदानी का उपयोग करती हैं। एक छोटी बच्ची परी भी इस अभियान में जुड़ीं, 7 साल की नन्हीं परी ने कहा कि वो अपने दोस्तों को बताएंगी कि डेंगू से बचने के लिए जब खेलने जाएं तो पूरी बाँह के कपड़े पहने और मच्छरदानी के अंदर सोएँ।
लंबे समय से खाली पड़े मकान हैं डेंगू मच्छर का ठिकाना
डॉ मंडल बताते हैं कि वर्षों से बंद पड़े सूने मकान इस अभियान में बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं। इन बंद घरों में अंधेरे कोनों, झाड़ियों पानी की टंकियों में डेंगू के मच्छर के पनपने लिए अनुकूल वातावरण होता है। इसलिए उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि अगर उनका का किसी परिचित का मकान वर्षों से खाली हैं तो घर की साफ सफाई करा लें। इन मकानों में अनिवार्य रूप से नल कनेक्शन कटवा लें ताकि पानी जमा न हो सके।
बारिश के बाद रखें सावधानी
बारिश के बाद अक्सर पुराने मटकों टायरों, आसपास के गड्ढों,कंस्ट्रक्शन साइटों में पानी जमा ही जाता है । लार्वा को पनपने से रोकने के लिए जला हुआ तेल या टेमीफास दवाई डालें। डॉ मंडल ने बताया कि आने वाले 2-3 महीनों में सजग रहना जरूरी है। रुक रुक कर हो रही बारिश भी एक चुनौती है। बारिश से दवा बह जाती है। इसलिए बारिश के फिर से मेलाथियान और टेमीफास का छिड़काव जरूरी है।
आम नागरिकों से है सहयोग की अपील
ब्रीडिंग चेकर दस्ते के सुपरवाईजर लकी दुबे बताते हैं कि कई बार उनको लोगों के रोष का सामना भी करना पड़ता है।ऐसी स्थिति में संयम बरकरार रखना पड़ता है। कई बार जब दस्ता दवा का छिड़काव करने या जांच करने पंहुचता है तो लोग कहते हैं परेशान करने आ जाते हो। हमको दवाई की बदबू आती है। इसके टीम सदस्य समझाते हैं कि ये अभियान उनकी सुरक्षा के लिए है। यह बात समझनी जरूरी है कि डेंगू से सुरक्षा का उपाय स्वयं घर से ही शुरू होता है। डेंगू से बचाव और रोकथाम के लिए शासन और प्रशासन के प्रयास तभी सफल होंगे जब नागरिकों का सहयोग मिलेगा।
मोबाइल मेडिकल यूनिट ने पिछले महीने साढ़े पांच हजार मरीजों का किया इलाज
स्लम एरिया में जाकर लोगों का उपचार कर रही टीम
दुर्ग. गवर्नेंस का एक माॅडल ऐसा होता है जिसमें नागरिक शासकीय संस्थाओं में पहुंचकर सेवाओं का लाभ लेते हैं। एक ऐसा माडल भी होता है जिसमें कोशिश की जाती है कि अधिकारी खुद लोगों तक पहुंचे, उनसे शासकीय सेवाओं से जुड़े फीडबैक लें, एवं उनकी समस्या हल करें। दुर्ग जिले में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशानुरूप प्रशासन मौके पर पहुंचकर लोगों को सेवाएं प्रदान करने की दिशा में कार्य कर रहा है। दीगर विभागों के साथ ही हेल्थ में भी इस पहल को अपनाया गया है। जिले में इसकी मिसाल स्लम एरिया में कार्य कर रही मोबाइल मेडिकल यूनिट हैं।
हेल्थ के मामले में सजग रहना और रिस्पांस टाइम सबसे अहम-
स्वास्थ्य विभाग की निरंतर समीक्षाओं में यह बात सामने आई कि स्वास्थ्य के मामले में रिस्पांस टाइम बेहद अहम है। मसलन कोई स्वास्थ्यगत समस्या प्रारंभिक रूप से पनपती है और इसकी उपेक्षा की जाए तो धीरे-धीरे बढ़ने लगती है। सही समय पर यह पकड़ में आ जाए तो इसे पूरी तरह से ठीक भी किया जा सकता है और नियंत्रित भी किया जा सकता है। अक्सर लक्षण गंभीर होने पर ही लोग अस्पतालों में चेकअप के लिए जाते हैं। स्लम एरिया में जहां जागरूकता की कमी है वहां यह पाया जाता है कि कई बार मरीज प्रारंभिक रूप से समस्या की उपेक्षा कर देते हैं और समस्या गंभीर होने पर इसका इलाज मुश्किल हो जाता है। मोबाइल मेडिकल यूनिट के कार्य करने से इस दिशा में लोगों का चिन्हांकन करना आसान हो गया है। मौके पर ही टेस्ट, वहीं पर दवाइयां- मोबाइल मेडिकल यूनिट में चिकित्सक के साथ ही लैब टेक्निशियन, फार्मासिस्ट एवं एएनएम होती हैं। ये लोगों को हेल्थ चेकअप के लिए प्रेरित करते हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. गंभीर सिंह ठाकुर ने बताया कि बीपी, शुगर, एनीमिया जैसी बीमारियों का चिन्हांकन इससे आसान हो जाता है। कभी-कभी यह होता है कि लोग सामान्य स्वास्थ्य जांच के लिए आते हैं और उनकी एनीमिया या डायबिटीज जैसी समस्या का पता चल जाता है। फिर इसका इलाज शुरू हो जाता है। डा. ठाकुर ने बताया कि जल्द चिन्हांकन से इलाज आसान हो जाता है। उदाहरण के लिए यदि टीम पाती है कि किसी व्यक्ति को लंबे समय से खांसी है तो इसके सैंपल एकत्र कर लेती है। इससे टीबी जैसे रोगों की रोकथाम में भी मदद मिलती है।
स्वास्थ्य जागरूकता भी-
मोबाइल मेडिकल यूनिट स्वास्थ्य जागरूकता के लिए भी कार्य करती हैं। ये विभिन्न बीमारियों से बचने के संबंध में एवं ऐसी बीमारियां हो जाने पर रखी जाने वाली सावधानियों के संबंध में पैंफलेट आदि भी वितरित करती हैं। डाक्टर ठाकुर ने यह भी बताया कि मेडिकल टीम के माध्यम से हमें उस क्षेत्र से जुड़े फीडबैक भी मिलते हैं। किसी खास तरह के रोगों के मरीजों की संख्या का चिन्हांकन होने से इसे पूरी तरह से क्षेत्र में समाप्त करने के लिए कार्ययोजना बनाने में आसानी होती है।
अगस्त माह में 5601 मरीजों ने कराया इलाज-
अगस्त माह में निगम क्षेत्रों में पांच हजार छह सौ एक मरीजों ने अपना इलाज मोबाइल मेडिकल यूनिटों के माध्यम से कराया। भिलाई में 36 जगहों पर मोबाइल मेडिकल यूनिट गई और 1843 मरीजों का इलाज किया। चरौदा में 24 जगहों पर यूनिट गई और यहां 2042 मरीजों का इलाज किया। दुर्ग में 21 जगहों पर मोबाइल मेडिकल यूनिट गई और 1716 मरीजों का इलाज किया। एनीमिया का पता चला, दवा अब चालू कर दूंगी- भिलाई में मोबाइल मेडिकल यूनिट में सर्दी-खांसी के इलाज के लिए पहुंची शकुंतला का चिकित्सकों ने एचबी काउंट भी टेस्ट किया। उनका हीमोग्लोबिन कम पाया गया और हीमोग्लोबिन की दवा भी प्रारंभ की गई। यहां की चिकित्सक ने बताया कि अनेक लोग तात्कालिक रिलीफ के लिए आते हैं लेकिन लक्षणों की जांच के दौरान बुनियादी समस्या भी समझ आती है और हम इनके ट्रीटमेंट के लिए आगे की दिशा में कार्रवाई करते हैं।
नवीनीकृत राशन कार्ड के वितरण कार्यक्रम छावनी में सम्मिलित हुए खाद्य मंत्री अमरजीत भगत
दुर्ग। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र अंतर्गत बीपीएल राशन कार्ड के पात्र हितग्राहियों को राशन कार्ड वितरण करने का कार्य प्रारंभ किया जा चुका है! आज राशन कार्ड वितरण समारोह में खाद्य मंत्री छत्तीसगढ़ शासन अमरजीत भगत खुर्सीपार क्षेत्र के वार्ड 28 छावनी मंगल बाजार पहुंचे जहां पर महापौर एवं विधायक देवेंद्र यादव ने मंत्री जी का भव्य स्वागत किया! इनके साथ ही माननीय खाद्य मंत्री श्री भगत जी का स्वागत निगम भिलाई के महापौर परिषद के सदस्य तथा खाद्य विभाग के प्रभारी लक्ष्मीपति राजू, वार्ड पार्षद तुलसी पटेल, महापौर परिषद के सदस्य दुर्गा प्रसाद साहू, पार्षद सत्येंद्र बंजारे वार्ड क्रमांक 38, खाद्य नियंत्रक भूपेंद्र मिश्रा, निगम के खाद्य विभाग के नोडल अधिकारी टी.पी. लहरें, कार्यपालन अभियंता संजय बागड़े ने किया!
बीपीएल राशन कार्ड प्राप्त करने के लिए कार्यक्रम में उपस्थित हितग्राही उर्मिला देवी, श्यामा बाई साहू, मीना साहू, चमेली साहू, गायत्री वैष्णव, सत्यवती बारले, अनारकली, कुंती बाई वर्मा, दलबीर कौर, वीणा मिश्रा, सुशीला वर्मा, नंदिनी साहू,रुकमणी बेनिया, दुर्गावती गुप्ता, कांति सोनी, शकुन वैद्य, शुभा चैरे तथा हीराबाई को मंत्री श्री अमरजीत भगत ने तथा महापौर एवं विधायक श्री देवेंद्र यादव ने राशन कार्ड प्रदाय कर शिवाजी नगर क्षेत्र में वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया तत्पश्चात उपस्थित शेष हितग्राहियों को बीपीएल राशन कार्ड का वितरण किया गया!
खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कहा की बीपीएल परिवार के साथ ही एपीएल परिवार को भी राशन कार्ड प्रदाय करने की योजना मे शामिल किया गया है, कुपोषण से निपटने के लिए ऐसे क्षेत्रों में चावल एवं गुढ़ भी प्रदाय किया जा रहा है, उन्होंने उपस्थित महिलाओं को नवीनीकृत राशन कार्ड प्राप्त करने पर बधाई दी। श्री देवेंद्र यादव ने अपने उद्बोधन में कहा शिवाजी नगर में टंकी की समस्या थी जिसका निर्माण हमने कराया साथ ही जल प्रदाय के लिए नल कनेक्शन को आसान किस्तों में विभाजित किया और आज बीपीएल के पात्र हितग्राहियों को राशन कार्ड का नवीनीकरण कर प्रदाय करने का कार्य कर रहे हैं व्यस्ततम कार्यक्रम के बीच खाद्य मंत्री श्री भगत जी हम सभी के मध्य राशन कार्ड वितरण कार्यक्रम में उपस्थित है मैं उनका आभार प्रकट करता हूं! निगम भिलाई क्षेत्र अंतर्गत बीपीएल राशन कार्ड नवीनीकरण के कुल 79462 पात्र हितग्राही है तथा जोन क्रमांक 4 शिवाजी नगर क्षेत्र के 12 वार्डों में बीपीएल राशन कार्ड नवीनीकरण के कुल 18801 पात्र हितग्राही है एवं विभिन्न शिविरों के माध्यम से निगम क्षेत्र में एपीएल राशन कार्ड के कुल 41313 फार्म वितरित किए जा चुके हैं! बीपीएल राशन कार्ड नवीनीकरण के वितरण समारोह में हितग्राही काफी उत्साहित नजर है आए, बारिश होने के बाद भी बड़ी संख्या में हितग्राही मौजूद रहे। राशन कार्ड वितरण कार्यक्रम में महापौर परिषद के सदस्य एवं निगम के खाद्य विभाग के प्रभारी लक्ष्मीपति राजू, महापौर परिषद के सदस्य दुर्गा प्रसाद साहू, वार्ड पार्षद तुलसी पटेल, पार्षद सत्येंद्र बंजारे, डीकॉम राजू, खाद्य विभाग से भूपेंद्र मिश्रा, पवित्रा अहिरवार, दीपा शर्मा निगम के खाद्य विभाग के नोडल अधिकारी टीपी लहरें, कार्यपालन अभियंता संजय बागड़े, सहायक अभियंता अखिलेश चंद्राकर, उप अभियंता रेवती रमन शर्मा एवं बड़ी संख्या में बीपीएल राशन कार्ड के हितग्राही मौजूद रहे।
जांजगीर-चांपा। मथुरा उप्र में आयोजित तृतीय सजल महोत्सव एवं हिन्दी भाषा संगोष्ठी समारोह में छत्तीसगढ़ के ख्यातिलब्ध सजलकार दिनेश रोहित चतुर्वेदी को उनकी सतत, उत्कृष्ट साहित्य साधना एवं हिन्दी सजल के उन्नयन के के लिए किये जा रहे सराहनीय कार्यों के लिए सजल रथी एवं सजल रत्न सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया।
समारोह में देश के 12 प्रदेशों से 170 से अधिक रचनाकारों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिसमें हिन्दी भाषा के उत्थान के प्रयासों पर विचार गोष्ठी एवं कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। उल्लेखनीय है कि अगले माह 13 अक्टूबर को दिनेश को नासिक में साहित्यभूषण से विभूषित किया जायेगा। दिनेश शहर के शाउमावि क्रमांक 1 जांजगीर में एक शिक्षक हैं जो एनसीसी का भी दायित्व सम्हाले हुए हैं। उनकी दो किताबें जीवित नदी एवं दर्द का अनुवाद प्रकाशित हो चुके हैं एवं चेतना के बीज प्रकाशनाधीन है। इस सम्मान से शील साहित्य परिषद के अध्यक्ष विजय दुबे, सचिव विजय राठौर, ईश्वरी यादव, कवि संगम के राष्ट्रीय मंत्री महेश शर्मा, बलदेव शर्मा, संतोष कश्यप, प्रमोद आदित्य, सतीश सिंह, भैयालाल नागवंशी, सुरेश पैगवार, आनंद पांडेय, दयानंद गोपाल, अंकित राठौर, उमाकांत टैगोर, पुनिता दरियाना, श्रद्धा महंत, डुगेन्द्र शुक्ला, गौरव राठौर, भूपेन्द्र राठौर, अनुराग तिवरी सहित समस्त साहित्यकारों में हर्ष व्याप्त है।
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कॉलेज के छात्र-छात्राओं का किया गया सम्मान
हसौद। शासकीय कॉलेज हसौद में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा कॉलेज में भारत माता, स्वामी विवेकानंद एवं बाबा साहब डॉक्टर बीआर अंबेडकर के तैलचित्र में पूजा अर्चना एवं श्रीफल तोड़ कर कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी प्रो. अजय बघेल ने की।
इसके बाद छात्र-छात्राओं द्वारा महाविद्यालय के सभी प्राध्यापकों का तालियों से स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कार्यक्रम अधिकारी प्रो. अजय बघेल ने कहा कि महाविद्यालय के सभी एनएसएस के छात्र छात्राओं के अथक प्रयास एवं मेहनत से इस कॉलेज का नाम जिला स्तर तथा विश्वविद्यालय स्तर पर प्रतिदिन ख्यातिलब्ध हो रहा है। इसका श्रेय महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं के कठिन परिश्रम का परिणाम है। इसी कड़ी में प्रोफेसर वाजपेई ने राष्ट्रीय सेवा योजना को एक विशेष घड़ी मानते हुए स्वच्छता संबंधित विशेष कार्यक्रम का एक माध्यम बताया। इसी क्रम में प्रोफेसर प्रकाश कुमार त्रिपाठी द्वारा राष्ट्रीय योजना को आत्मसात करने के लिए विशेष प्रेरित करते हुए पर्यावरण को संरक्षित करते हुए संस्थान सरलता से छात्र-छात्राओं को पेड़ पौधे लगाने के लिए प्रोफेसर साहू द्वारा छात्र-छात्राओं में विशेष और जनसंचार के साधन को विशेष छात्र-छात्राओं में प्रोत्साहन का एक माध्यम बताते हुए प्रोफेसर वीरेंद्र घृतलहरे ने छात्र छात्राओं के बौद्धिक विकास के लिए छात्र छात्राओं को एनएसएस में जुड़ने के लिए अधिक से अधिक प्रेरित किया। इसी कड़ी में राष्ट्रीय सेवा योजना के वरिष्ठ स्वयंसेवक गोपीचंद भार्गव द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना की मोटो में नहीं आप को विशेष संज्ञान में रखते हुए छात्र छात्राओं को उनके जीवन रुपी संघर्षकालीन समाधि एवं छात्र जीवन में राष्ट्रीय सेवा योजना को एक अच्छा प्लेटफार्म का माध्यम बताया। कार्यक्रम को प्रोफेसर जिवेेंद्र भारती ने भी संबोधित किया। इस दौरान छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में विशेष रूप से छात्र-छात्राओं में वरिष्ठ जगदीश कुर्रे, रमेश कुर्रे, श्रीराम बंजारे, रामकिशन घृतलहरे, श्रवण कुमार लहरें, रितेश साहू, तिलक साहू, शत्रुहन माली, गीतेश्वरी चंद्रा, रितु सहित छात्र छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
डीआरएम का पुतला दहन करते हुए किया जमकर प्रदर्शन
बिर्रा फाटक बंद करने और रेलवे क्षेत्र की जीर्ण-शीर्ण सड़क को लेकर लामबंद चांपा के लोग
चांपा। रेलवे अफसरों ने एकबार फिर वादाखिलाफी कर दिया, जिससे आक्रोशित होकर आज चांपा में रेलवे के खिलाफ जमकर हल्ला बोल किया। चांपा बचाओ संघर्ष समिति और चंेबर्स ने निर्माणाधीन ब्रिज स्थल के पास धरना प्रदर्शन करते हुए रेलवे के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए तो वहीं रेलवे डीआरएम के खिलाफ पुतला भी फूंका गया।
गौरतलब, है कि चांपा में ओवरब्रिज का निर्माण करीब सात साल पहले शुरू किया गया था। यह ब्रिज लोगों की सुविधा के लिए बनाया जा रहा है लेकिन रेलवे और राज्य अफसरों की लापरवाही के चलते शहर के लोगों की तकलीफ काफी हद तक बढ़ गई है। ऊपर से बिर्रा फाटक को बंद कर आवागमन अवरूद्ध कर दिया गया है, जिसके चलते लोगों को 100 मीटर दूरी के लिए भी 3 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा है। इसके अलावा रेलवे की लापरवाही से शहर के लोक निर्माण कार्यालय से अग्रसेन चौक और कोरबा रोड की हालत बहुत ही ज्यादा खराब है। बारिश में जहां बड़े बड़े गड्ढे जानलेवा साबित होता है तो वहीं बारिश थमने के बाद सूखी सड़क धूल की बारिश करने लगती है। इस समस्या से सभी बुरी तरह त्रस्त हो चुके हैं। इसके खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया गया था। इस आधार पर आज धरना प्रदर्शन करते हुए रेलवे के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए गए तो वहीं धरना के जरिए मौजूद लोगों ने रेलवे के खिलाफ अपनी भड़ास निकालने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इस धरना आंदोलन के जरिए रेलवे को आगाह किया गया कि यदि अब भी आम लोगों की समस्या दूर नहीं की गई तो अगले माह 10 अक्टूबर को रेल रोको जैसे उग्र आंदोलन किया जाएगा।
तब और हो गए आक्रोशित
रेलवे के खिलाफ आंदोलन की बात जैसे ही आम हुई, तब रेलवे के अफसरों के कान खड़े हो गए। आनन-फानन में उन्होंने आंदोलन से एक दिन पहले सोमवार को एसडीएम बजरंग दुबे, तहसीलदार रामविजय शर्मा और थानेदार राजेश चौधरी की उपस्थिति में चांपा बचाओ संघर्ष समिति व चेंबर्स पदाधिकारियों के बीच एक बैठक हुई, जिसमें बंद बिर्रा फाटक को खोलने और रेलवे परिक्षेत्र के सड़क को कायाकल्प करने की मांग रखी। इस पर रेलवे के अफसरों ने फिर लालीपाप पकड़ाने का प्रयास किया, लेकिन शहरवासी लिखित आश्वासन पर अड़ गए। आज सुबह भी 10 मिनट में लिखित आश्वासन का झुनझुना पकड़ाते रहे, तब शहर के लोेग और आक्रोशित हो गए।
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में नक्सलियों ने एक बड़े हमले को अंजाम दिया है। नक्सलियों ने रेलवे लाइन के कार्यों में लगे पेट्रोल टैंकर को विस्फोट से उड़ा दिया है। बताया जा रहा है कि रेल लाइन में निर्माण कार्य चालू था। सुरक्षा के लिए जवान तैनात किए गए थे। इसी दौरान नक्सलियों ने इस हमले को अंजाम दिया।
Chhattisgarh: 3 civilians killed in IED blast planted by naxals, in Kanker district, today. pic.twitter.com/qXIL01Yuxt
— ANI (@ANI) September 24, 2019
इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (बस्तर रेंज) विवेकानंद सिन्हा ने बताया कि यह घटना कोसरोन्दा और तुमपाल गांवों के बीच सुबह करीब 11 बजे हुई जब डीजल से भरा टैंकर रोवाघाट इलाके में रेल ट्रैक बिछाने के काम में लगा हुआ था। उन्होंने बताया कि इस हमले में ड्राइवर समेत तीन लोगों की मौत हो गई।
उन्होंने आगे बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही, सुरक्षाबलों ने घटनास्थल पर पहुंचकर तलाशी अभियान शुरू कर दिया।