ईश्वर दुबे
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Bhilai
रायपुर . मुख्य सचिव (सीएस) के शंकर नगर स्थित बी-5/9 बंगले में अब मंत्री जय सिंह अग्रवाल रहेंगे। ये बंगला पिछले 18 साल से प्रदेश के मुख्य सचिवों का आशियाना बनता रहा, इस बार इसकी पहचान बदल गई है।
पूर्व सीएस अजय सिंह को 2 जनवरी को पद से हटाने के अगले ही दिन उन्हें बंगला खाली करने का नोटिस जारी कर दिया गया था। अब मुख्य सचिव का नया बंगला ऑफिसर्स कॉलोनी में होगा। दरअसल, नई सरकार के गठन के बाद से ही मंत्रियों के लिए बंगले की खोज चल रही है। 11 में से 10 मंत्रियों को बंगला मिल गया है। पर मंत्री जयसिंह अग्रवाल आैर उमेश पटेल को पसंद का बंगला नहीं मिला था। इसलिए पूर्व सीएस का बंगला जय सिंह को दे दिया गया। अब सिर्फ मंत्री उमेश पटेल के लिए बंगले का अलॉटमेंट शेष है, बंगला न मिलने तक वे अपने ऑफिसर्स कॉलोनी स्थित बंगले में रहेंगे।
सीएस का नया पता सी-1/3 ऑफिसर्स कॉलोनी
जय सिंह अब विधानसभा अध्यक्ष डाॅ. चरणदास महंत के करीब रहेंगे। शंकर नगर से सीएस का बंगला हटने के बाद अब नए सीएस, सीएम से दूर हो गए हैं। दरअसल अब मुख्य सचिव का नया पता ऑफिसर्स कॉलोनी का बंगला नंबर सी-1/3 होगा। ऑफिसर्स काॅलोनी के इस बंगले में पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ.रमन सिंह के सलाहकार शिवराज सिंह रहा करते थे।
रायपुर . 5वीं विधानसभा का पहला सत्र शुरू हो चुका है, जो 11 जनवरी तक चलेगा। प्रदेश सरकार ने इसमें दो बड़े काम निपटाने की तैयारी की है। पहला- राज्य में मंत्रियों की संख्या बढ़ाने के लिए अशासकीय संकल्प लाएगी, इसमें मंत्रियों की संख्या 18 (20 प्रतिशत) तक करने का प्रस्ताव है। दूसरा- सप्लीमेंट्री बजट लाया जाएगा, यह 10-11 हजार करोड़ रुपए का हो सकता है। चर्चा के बाद इसे पारित किया जाएगा। अभी राज्य में मुख्यमंत्री समेत मंत्रियों की संख्या 13 (15 फीसदी) है। सरकार इसे बढ़ाकर 18 करना चाहती है। इसके लिए अशासकीय संकल्प लाया जाएगा। फिर इसे पारित कर केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। दरअसल, इसकी अनुमति केंद्र सरकार से ही मिलनी है। बड़े बहुमत (90 में से 68 सीटें जीतकर) से सरकार में काबिज होने के बाद कई वरिष्ठ विधायक मंत्री पद से वंचित हैं। सरकार उन्हें एडजस्ट करने के लिए संकल्प लाना चाहती है। केंद्र सरकार ने इसे माना तो राज्य में पांच और मंत्री बनाए जा सकेंगे। सोमवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण और कृतज्ञता ज्ञापन के बाद सरकार सप्लीमेंट्री बजट पेश करेगी। यह चालू वित्तीय वर्ष में सरकार का तीसरा अनुपूरक बजट होगा। इसकी जरूरत इसलिए पड़ी कि कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में किसानों का कर्ज माफ करने, किसानों को बोनस देने और शिक्षाकर्मियों को नियमित करने के वादे किए हैं।
उन्हें पूरा करने के लिए सप्लीमेंट्री बजट की जरूरत है। इसके पहले भाजपा सरकार 4777 करोड़ और 2402 करोड़ रुपए के दो सप्लीमेंट्री बजट पास करा चुकी है। सरकार नए सप्लीमेंट्री बजट में करीब 6500 करोड़ किसानों का कर्ज माफ करने, 3000 करोड़ रुपए बोनस और लगभग 1850 करोड़ रुपए शिक्षाकर्मियों के लिए प्रावधान करना चाहती है।
कार्य मंत्रणा समिति में भूपेश और रमन समेत कई दिग्गज
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सदन में कार्य मंत्रणा समिति का ऐलान किया। समिति में पक्ष-विपक्ष के नेता शामिल हैं। महंत स्वयं समिति के पदेन अध्यक्ष हैं। समिति में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, मंत्री टीएस सिंहदेव, ताम्रध्वज साहू, रविंद्र चौबे, मोहम्मद अकबर, डॉ. शिव डहरिया के अलावा डॉ. रमन सिंह, धरमलाल कौशिक हैं। विशेष आमंत्रित सदस्यों में सत्यनारायण शर्मा, धनेंद्र साहू, अमरजीत भगत, लखेश्वर बघेल, बृजमोहन अग्रवाल, धरमजीत सिंह हैं।
बिलासपुर. विधानसभा चुनाव के दौरान हजारों लोग वोट नहीं दे सके। उनकी शिकायत थी कि उनका नाम मतदाता सूची से काट दिया गया। उनकी शिकायत को अधिकारियों ने गंभीरता से नहीं लिया पर अब जब नाम जोड़ने के लिए चल रहे अभियान में हजारों लोग फॉर्म लेकर जा रहे हैं, तब तो यह साबित हो गया है कि वाकई में हजारों के नाम मतदाता सूची में कट गए थे। 26 दिसंबर से लेकर अब तक यानी 10 दिनों में साढ़े पांच हजार से ज्यादा लोग फॉर्म -6 ले चुके हैं।
घर-घर जाकर बीएलओ लेंगे मतदाताओं से आवेदन
लोकसभा चुनाव के मद्देनजर संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम जारी किया गया है। इसके तहत दो तरह की व्यवस्था की गई है। पहला ये कि प्रत्येक मतदान केंद्र में एक-एक अविहित अधिकारी तैनात किया गया है। अधिकारी को आवेदकों से आवेदन लेना है और उसे बीएलओ को देना है।
बीएलओ की जिम्मेदारी है कि वे अपने निर्धारित क्षेत्र में घर-घर जाएंगे और जिनका नाम मतदाता सूची में नहीं है, उनसे दस्तावेज व ताजा और अच्छी क्वालिटी का फोटो लेकर आवेदन भी लें। बिलासपुर विधानसभा में दो मतदान केंद्र बढ़ गए हैं। यानी अब मतदान केंद्रों की संख्या बढ़कर 228 हो चुकी है। प्रत्येक मतदान केंद्र में अविहित अधिकारी की ड्यूटी लगाई गई है।
वहीं बीएलओ तो पहले से ही हैं। अविहित अधिकारी सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक मतदान केंद्र में बैठ रहे हैं। हालांकि कुछ केंद्रों में अधिकारी के नहीं होने की शिकायत भी पहुंच रही है। वहीं फॉर्म की कमी भी बनी हुई है। सुपरवाइजर अविहित अधिकारी तक फॉर्म पहुंचा रहे हैं और वहां से फॉर्म आवेदकों को दिया जा रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक अब तक बिलासपुर विधानसभा के मतदान केंद्रों में मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए पांच हजार से ज्यादा फॉर्म 6 दिए जा चुके हैं। अभी फॉर्म सात की कमी है। इसकी व्यवस्था की जा रही है।
फॉर्म लेकर जा रहे, पर वापस नहीं मिल रहा
अविहित अधिकारियों की मांग पर सुपरवाइजर तहसील कार्यालय में फॉर्म लेने पहुंच रहे हैं। इस पर कर्मचारी उन्हें कह रहे हैं कि वे इतनी अधिक संख्या में फॉर्म लेकर जा रहे हैं, लेकिन उसी तेजी से भरे हुए फॉर्म नहीं आ रहे हैं। इस पर सुपरवाइजर कह रहे हैं कि लोग वापस नहीं दे रहे हैं।
2 लाख 17 हजार मतदाता, 61.33 फीसदी वोटिंग
बिलासपुर विधानसभा में 2 लाख 17 हजार 630 मतदाता हैं। विधानसभा चुनाव में 1 लाख 33 हजार 472 मतदाताओं ने वोट डाले थे। यानी 61.33 फीसदी वोटिंग हुई थी। वहीं हजारों लोगों ने वोट नहीं डाल पाने की शिकायत जिला निर्वाचन अधिकारी से लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी तक किया था।
रायपुर. विधायकों के विरोध के बावजूद धरमलाल कौशिक नेता प्रतिपक्ष चुन लिए गए। उनकी नियुक्ति भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और रामलाल के दखल के बाद हुई। पर्यवेक्षक थावरचंद गहलोत आैर अनिल जैन की मौजूदगी में हुई रायशुमारी में पार्टी का महज 15 सदस्यों वाला विधायक दल विभाजित नजर आया।
ऐसे में कौशिक के नाम पर सहमति नहीं बन पा रही थी। विधायक दल में दोफाड़ की नौबत देख राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को दखल देना पड़ा। शुक्रवार की सुबह दिल्ली से दोनों पर्यवेक्षक गहलोत और जैन के यहां आते ही कौशिक और अग्रवाल ने एयरपोर्ट में उनकी अगुवानी की। उसके बाद सभी पहले ठाकरे परिसर और फिर एकात्म परिसर आए। बैठक शुरू होते ही बड़े नेताआें के बीच खींचतान की खबरें बाहर आने लगीं।
कोरबा। 31 दिसंबर की रात जहां सारी दुनिया गुजरे वर्ष की विदाई और नए साल के जश्न में डूबी थी तब एक सनकी अपनी मां की हत्या कर उसका खून पी रहा था। उसने मां के शव के टुकड़ों को चूल्हे में जला दिया। गांव की ही एक महिला ने यह सब देखने का दावा कर पुलिस को खबर की।
हैवानियत से भरी यह वारदात छत्तीसगढ़ के पाली पुलिस थाना क्षेत्र के ग्राम रामाकछार की है। यहां रहने वाली एक महिला ने गुरुवार रात पुलिस सहायता केंद्र चैतमा पहुंचकर बताया कि वह अभी तक डर से चुप थी। उसने बताया कि गांव के रीवादहपारा में सुमरिया यादव (50) अपने पुत्र दिलीप यादव (25) के साथ निवास करती थी। 31 दिसंबर को दिलीप ने टांगी (कुल्हाड़ी) मारकर सुमरिया की बेरहमी से हत्या कर दी और उसका खून पीने लगा।
खून पीने के बाद उसकी लाश घसीटकर घर के भीतर ले गया। पहले तो उसने लाश के टांगी से टुकड़े-टुकड़े कर दिए, फिर कोई तांत्रिक क्रिया करने लगा। उसने लाश के टुकड़ों की पूजा भी की फिर उन टुकड़ों को जलते चूल्हे के हवाले कर दिया। इस जघन्य वारदात के बाद आरोपित फरार हो गया। पुलिस सहायता केंद्र पहुंची महिला की सूचना पर पुलिस ने दिलीप के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। उसकी तलाश कर रही है।
घर में जगह-जगह मिले खून के छींटे
महिला की सूचना के बाद पुलिस के आलाधिकारियों ने वारदात स्थल पर बारीकी से मुआयना किया। घर में जगह-जगह खून के छींटे मिले हैं। विशेषज्ञों की मदद से दिलीप यादव के घर पर हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार को बरामद कर लिया गया है।
भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र में एसएमएस 3 के प्रोजेक्ट एरिया में पिछले 5 वर्षों से पेटी कॉन्ट्रेक्टर के अधीन काम कर रहे श्रमिकों ने वेतन न मिलने से नाराज होकर शुक्रवार को हड़ताल कर दी। बाद में बीएसपी प्रबंधन द्वारा इन मजदूरों के वेतन के भुगतान का आश्वासन मिलने के बाद हड़ताल खत्म की गई।
भिलाई इस्पात संयंत्र में एचईसी, एल एण्ड टी, मुकुंद लिमिटेड व आर एन इलेक्ट्रिकल के ठेकेदार आरएन पाल के अधीन कई ठेका श्रमीक काम पर लगाए गए हैं। इन श्रमिकों को पिछले तीन माह से वेतन का भुगतान नहीं हुआ है। इसके साथ ही उन्हें किसी भी प्रकार का बोनस भी प्राप्त नहीं होता। इस बात से आक्रोशित मजदूरों ने शुक्रवार को एसएमएस 3 में काम ठप कर दिया और हड़ताल पर बैठ गए। मजदूरों ने हिंदुस्तान इस्पात ठेका श्रमिक यूनियन (सीटू) के दफ्तर पहुंच कर लिखित शिकायत की।
इसके बाद यूनियन प्रतिनिधियों ने पहल करते हुए तमाम जिम्मेदारों अधिकारियों सहित ठेका कंपनी के अधिकारियों से संपर्क किया। एचईसी के दफ्तर पहुंच कर ठेका श्रमीकों ने एडवाइजर से भी इस बारे में बात की गई। बीएसपी प्रबंधन की ओर से मजदूरों को जल्द ही वेतन भुगतान का आश्वासन मिलने के बाद हड़ताल खत्म की गई और मजदूरों ने काम शुरू किया।
सीटू ठेका यूनियन के अध्यक्ष जमील अहमद ने कहा कि श्रमिकों को समय पर वेतन भुगतान कराना भी ऑपरेटिंग अथॉरिटी की जिम्मेदारी है। ऑपरेटिंग अथॉरिटी केवल काम करवाने को अपनी जिम्मेदारी मान रहे हैं, जो कि गलत है। भिलाई इस्पात संयंत्र के हजारो ठेका श्रमीकों को वेतन नही मिलने के कारण हर एक दो दिन की आड़ में किसी न किसी विभाग में हड़ताल जैसी स्तिथि निर्मित हो रही है।
रायपुर, । चार साल पहले बंद केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से सम्बद्ध राज्य के सरकारी स्कूल फिर खुलेंगे। स्कूली शिक्षा का स्तर बढ़ाने के लिए राज्य सरकार एक बार फिर सीबीएसई स्कूल खोलने की तैयारी कर रही है। बताया जा रहा है कि प्रदेश के हर विकासखंड और जिला स्तर पर बेहतर मॉडल स्कूल के तौर पर सीबीएसई स्कूल को विकसित किया जाएगा। समग्र शिक्षा अभियान के तहत भी पहली से लेकर 12वीं तक के 17 नये स्कूल खोलने के लिए केंद्र सरकार से बजट मिला है।
सीबीएसई स्कूल के तौर पर इन्हें भी स्थापित किया जा सकता है। दिलचस्प बात यह है कि इसके पहले भी छत्तीसगढ़ में पिछली बार कांग्रेस की सरकार में प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने 50 सीबीएसई स्कूल खोले थे। अब सरकार फिर उसी राह पर चलने जा रही है। हालांकि सीबीएसई स्कूल खोलने के लिए यहां पर्याप्त शिक्षक की व्यवस्था करना बड़ी चुनौती होगी।
रायपुर में ये स्कूल थे संबद्ध
रायपुर में प्रोफेसर जेएन पाण्डेय सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल और दानी गर्ल्स सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल में एक कोर सीबीएसई से संबद्ध था। बाद में शिक्षकों की कमी और बच्चों का परिणाम प्रतिशत कमजोर आने के कारण भाजपा की डॉ. रमन सिंह की सरकार में इन स्कूलों को साल 2014 में बंद कर दिया था।
अभी सरकारी में सिर्फ केंद्रीय विद्यालयों में ही सीबीएसई
अभी प्रदेश में सिर्फ केंद्रीय विद्यालय सरकारी सीबीएसई स्कूल हैं। बाकी 56 सीबीएसई निजी स्कूल हैं । ऐसे में मध्यमवर्गीय परिवार के उन विद्यार्थियों को, जो सीबीएसई कोर में पढ़ाई करना चाहते हैं उनके लिए ये स्कूल वरदान साबित होंगे।
मॉडल स्कूल के बाद अंग्रेजी स्कूल
पिछली भाजपा की सरकार ने सीबीएसई स्कूलों को बंद करके हर जिले में अंग्रेजी मॉडल स्कूल खोले थे। बाद में इन स्कूलों को पीपीपी यानी पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप में शिफ्ट कर दिया था। साल 2017-18 के बजट में राज्य सरकार ने 292 अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोले थे।
छत्तीसगढ़ में इतने स्कूल चल रहे हैं
राज्य में हायर सेकेंडरी के कुल 3994 स्कूलों में 549600 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। इसी तरह 2636 हाई स्कूलों में 938068 विद्यार्थी और 33145 प्राइमरी और 16095 मिडिल स्कूलों में 37 लाख बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं।
सरकार की मंशा के अनुरूप प्रदेश में सरकारी सीबीएसई स्कूल खोलने के लिए प्रस्ताव को कहा गया है। इसके लिए जानकारी जुटाई जा रही है। प्रस्ताव बनाकर सरकार को देंगे।- गौरव द्विवेदी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एवं स्कूल शिक्षा , छत्तीसगढ़
रायपुर, । छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित अश्लील सीडी कांड के आरोपित भाजपा नेता कैलाश मुरारका ने सीबीआई कोर्ट में शपथ पत्र देकर खुलासा किया है कि सीडी बनाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह और एक निजी चैनल के मालिक सुरेश गोयल ने कहा था। मुरारका ने सीबीआई से इन दोनों की जांच की मांग भी की है। मुरारका ने कहा कि सीडी मामले की जानकारी पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह को पहले से ही थी। अगस्त 2018 में सीएम हाउस को पता लगा कि सुरेश गोयल ने लवली खनूजा से बातचीत में अश्लील सीडी के लिए 5 करोड़ रुपए का ऑफर दिया है।
सीएम हाउस के कहने पर वह मुंबई गया था, जहां रिंकू खनूजा ने उसे बताया कि उसके पास मंत्रियों की अश्लील सीडी थी ही नहीं, लेकिन सुरेश गोयल लवली खनूजा के साथ मिलकर कई वर्षों से रमन सिंह को ब्लैकमेल करके पैसा वसूल कर रहा है। रिंकू खनूजा ने उसे सुरेश गोयल के साथ टेलीफोन वार्तालाप की एक आडियो क्लिप भी दी थी। जिसकी ट्रांस्क्रिप्ट उसने शुक्रवार को कोर्ट में प्रस्तुत किया है।
मुरारका ने कोर्ट को बताया कि इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री के ओएसडी अरुण बिसेन ने विजय पांड्या के साथ दिल्ली में मुलाकात की थी। यह जानकारी सीबीआई टीम को भी दी थी, लेकिन कोई जांच नहीं हुई। सीबीआई जांच सही दिशा में नहीं है।
रायपुर, राज्य ब्यूरो। विधानसभा चुनाव में जन घोषणापत्र के बूते बड़े संख्याबल के साथ सत्ता में आई कांग्रेस यही फार्मूला लोकसभा चुनाव में भी आजमाने जा रही है। कांग्रेस अब लोकसभा चुनाव के लिए भी लोगों की राय से घोषणापत्र तैयार करने में जुट गई है।
आयोजन के प्रथम सत्र में हेल्थ केयर, कुपोषण और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के खराब कामकाज, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के कार्यान्वयन, भुखमरी से होने वाली मौतों, स्वास्थ्य सेवाओं तक आम आदमी की पहुंच, चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा के निजीकरण, आयुष्मान भारत मिशन की समस्याओं सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी। दूसरे सत्र में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग के संबंध में भी घोषणापत्र समिति आम
लोगों, शिक्षाविदों, स्वयंसेवी संगठनों की राय लेगी
दोपहर 2.30 बजे समिति वरिष्ठ नेताओं और वरिष्ठ पत्रकारों से भी घोषणापत्र पर राय लेगी। आयोजन में मुख्यमंत्री व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल, सीडब्ल्यूसी सदस्य, प्रदेश कांग्रेस कार्यसमिति के अध्यक्ष एवं लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू, पंचायत एवं स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंड़िया, प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री शैलेष नितिन त्रिवेदी, प्रभारी महामंत्री गिरीश देवांगन, मुख्यमंत्री के संसदीय सलाहकार राजेश तिवारी सहित अन्य कांग्रेस नेता निमंत्रण पर उपस्थित रहेंगे।
देश में 150 जगहों पर होंगे आयोजन
प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेष नितिन त्रिवेदी ने बताया कि जनआवाज के माध्यम से कांग्रेस समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित कर उनसे सुझाव लेना चाहती है। इसके लिए देश भर में 150 से अधिक स्थानों पर जन समुदाय और विभिन्न् संगठनांे के लोगों से मिलने का कार्यक्रम बनाया गया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मंशा और उनका दृढ़ विश्वास है कि एक राजनीतिक दल को संवेदनशीलता से देश की जनता की आवाज को सुनना चाहिए। दुर्भाग्य से आज सत्तारूढ़ एनडीए सरकार लोगों की आवाज को न सिर्फ कुचल रही है बल्कि जन भावना का दमन भी कर रही है। उन्होंने बताया कि अगले दो महीने में कांग्रेस की मेनिफेस्टों समिति के 20 समूहों में बंटे सदस्य सार्वजनिक चर्चा, बैठक, विभिन्न् क्षेत्रों के विशेषज्ञों से विचार विमर्श कर उनकी राय जानेंगे।
रायपुर. छत्तीसगढ़ की 5वीं विधानसभा का सत्र शुक्रवार से शुरू हो गया। पहले दिन की कार्यवाही बिना विपक्ष के ही शुरू हुई। नेता प्रतिपक्ष के चयन के चलते भाजपा की ओर से सिर्फ विधायक पुन्नू लाल मोहिले ही विधानसभा पहुंचे। इस दौरान विधायकों को शपथ दिलाई गई। कार्यवाही 7 जनवरी (सोमवार) तक के लिए स्थगित कर दी गई। विधानसभा का शीत सत्र 11 जनवरी तक चलेगा।
प्रोटेम स्पीकर ने सबसे पहले सीएम को दिलाई शपथ
सबसे पहले दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजली दी गई। इसके बाद प्रोटेम स्पीकर रामपुकार सिंह ने सदस्यों को शपथ दिलाई। सबसे पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शपथ ग्रहण की। उन्होंने राजभाषा छत्तीसगढ़ी में शपथ ली। खास बात यह रही कि विधानसभा में छत्तीसगढ़ी के साथ-साथ विधायकों और मंत्रियों ने अंग्रेजी, संस्कृत और हिंदी में भी शपथ ली। दुर्घटना में चोटिल होने की वजह से मोहले ने अपनी जगह पर ही बैठकर शपथ ली।
अंबिका सिंहदेव ने अंग्रेजी, चिंतामणि ने संस्कृत में ली शपथ
अंबिका सिंहदेव ने अंग्रेजी में शपथ ली, जबकि चिंतामणि महाराज ने संस्कृत में। इसके बाद प्रोटेम स्पीकर रामपुकार सिंह ने भी उन्हें संस्कृत में ही जवाब दिया। उन्होंने चिंतामणि महाराज को धन्यवादम कहा। मंत्री टीएस सिंहदेव, ताम्रध्वज साहू, अनिला भेड़िया, सत्यनारायण शर्मा, धनेन्द्र साहू, रश्मि सिंह, रामकुमार यादव, चरणदास महंत, केशव प्रसाद चंद्रा विनोद चंद्राकर, अनिता योगेन्द्र शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने भी छत्तीसगढ़ी में शपथ ली। बाकी के विधायकों को हिंदी में शपथ दिलाई गई।
विधानसभा अध्यक्ष ने दिलाई भाजपा विधायकों को शपथ
भाजपा के सभी विधायक देरी से विधानसभा पहुंचे। जिन्हें विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरण दास महंत ने शपथ दिलाई। भाजपा विधायक शिवरत शर्मा, धरमलाल कौशिश, रजनीश कुमार सिंह, डॉ. कृष्ण मूर्ती बांधी, सौरभ सिंह, बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ी में शपथ ग्रहण की। वहीं विधायक नारायण चंदेल, डमरूधर पुजारी, अजय चंद्राकर, रंजना दिपेंद्र साहू, विद्या रतन भासीन, पूर्व सीएम रमन सिंह, ननकीराम कंवर और बस्तर के अकेले विधायक भीमा मंडावी ने हिंदी में शपथ लिया है
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रकिया पूरी हुई। सिर्फ एक विधायक डॉ चरणदास महंत ने नामांकन दाखिल किया था। इसी के साथ उन्हें निर्विरोध इस पद पर चुन लिया गया।
सक्ती विधानसभा सीट से विधायक डॉ चरणदास महंत ने शुक्रवार को पांच सेट में अपना नामांकन दाखिल किया था। उनके अलावा और किसी भी दावेदार ने नामांकन दाखिल नहीं किया था। कांग्रेस की ओर से भूपेश बघेल, रविन्द्र चौबे, शिव डहरिया ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा और ताम्रध्वज साहू, प्रेमसाय सिंह और कवासी लखमा उनके समर्थक बने। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ की ओर से विधायक धर्मजीत सिंह ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा और रेणु जोगी ने समर्थन किया। भाजपा की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा था। शनिवार को विधानसभा के पहले सत्र की पहली बैठक के पहले दिन उन्हें निर्विरोध रूप से अध्यक्ष चुना गया और उन्होंने विधानसभा में अपनी आसंदी ग्रहण की।

डॉ महंत अपनी सौम्य छवि और सबको साथ लेकर चलने वाले व्यक्तित्व के लिए जाने जाते हैं। डॉ महंत कांग्रेस के एक अनुभवी नेता हैं और उनका राजनीतिक करियर भी काफी पुराना है। वे 1980 से 90 के बीच दो बार विधायक रहे। 1993 से 98 के बीच मध्यप्रदेश सरकार में मंत्री रहे। वर्ष 1998 में वे 12वीं लोकसभा के लिए चुने गए। डॉ महंत वर्ष 2006 से 2008 के बीच प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे। 2009 में वे पंद्रहवीं लोकसभा के लिए चुने गए थे। डॉ मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में वे खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री रहे। साल 2014 में वे कोरबा सीट से चुनाव हार गए थे। अभी वे चांपा-जांजगीर जिले की सक्ती विधानसभा सीट से विधायक हैं।
रायपुर। नवगठित 5वीं छत्तीसगढ़ विधानसभा का पहला शत्र आज से शुरू हुआ। इसी के साथ कांग्रेस के नेतृत्व में बनी सरकार ने काम काज शुरू कर दिया है। पहले दिन नव निर्वाचित विधायकों ने विधानसभा में पद और गोपनीयता की शपथ ली। इधर दूसरी तरफ भाजपा, नेता प्रतिपक्ष को लेकर उलझी रही और अंतत: विधायक दल की बैठक में धर्मलाल कौशिक को नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव पास हुआ। उधर विधानसभा में सदस्य शपथ ग्रहण कर रहे थे, इसी बीच नेता प्रतिपक्ष के नाम की घोषणा हुई। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धर्मलाल कौशिक अपनी शांत और सौम्य छवि के लिए जाने जाते हैं। वे छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने भाजपा विधायक दल की बैठक में इनके नाम की घोषणा की।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनने के लिए भाजपा के कई नेताओं ने अपनी दावेदारी रखी थी। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह सहित बृजमोहन अग्रवाल, अजय चंद्राकर और पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर ने अपनी दावेदारी पेश की थी। इस दावेदारी में धर्मलाल कौशिक का नाम अंतिम दौर में सामने आया था। विधायक दल की बैठक में ही उनके नाम पर मुहर लगी। भाजपा नेता धर्मलाल कौशिक बिल्हा से विधायक हैं। वे पेशे से अधिवक्ता रहे हैं और वर्ष 1990 में सबसे पहले भाजपा के बिल्हा मंडल में महामंत्री बनाए गए थे।
छत्तीसगढ़ के भिलाई में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. जहां एक मां ने अपने बेटे की हरकतों से तंग आकर उसे खुद पुलिस के हवाले कर दिया. दरअसल, वो मां अपने बेटे की चोरी की आदत और बुरी संगति से बहुत परेशान रहती थी. आए दिन उसे शमिंदगी का सामना करना पड़ता था. बेटे को सही रास्ते पर लाने के लिए खुद उस मां ने उसे सलाखों के पीछे भिजवा दिया.
मामला भिलाई के गुरु घासीदास नगर का है. जहां गीता दुबे नामक महिला अपने बेटे और बेटी के साथ रहती है. वह मेहनत-मजदूरी करके अपना घर चलाती है. कुछ समय पहले ही उसने अपनी बेटी की शादी कर दी थी. अब वो और उसका 19 वर्षीय बेटा साथ रहते हैं.
बीमारी के कारण करीब पांच साल पहले गीता के पति की मौत हो गई थी. तभी से परिवार का बोझ उसके कंधों पर आ गया. वो सुबह काम पर निकल जाती है और देर शाम को लौटती है. इसी दौरान उसका बेटा सूरज अपराधी किस्म के कुछ लोगों के संपर्क में आ गया. जहां वो चोरी करना सीखा गया और नशा भी करने लगा.
गीता ने बेटे को कई बार प्यार से समझाया. नहीं माना तो उसकी पिटाई भी की. लेकिन वो नहीं माना. उसे नशे की लत लग गई. लाख कोशिशों के बाद भी जब सूरज सीधे रास्ते पर नहीं आया तो उसकी मां ने उसे जेल भिजवाने में ही भलाई समझी.
इसी कोशिश में वह पुलिस थाने जा पहुंची. पहले पुलिस ने उसे घरेलू मामले का हवाला देकर बहला दिया. लेकिन इसके बाद भी गीता नहीं मानी. उसने आला अधिकारियों को अपने बेटे की हरकतों से अवगत कराया. तब जाकर थाना पुलिस हरकत में आई और उसके बेटे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.
रायपुर। राज्य की नई सरकार ने बुधवार की देर रात अभी तक का सबसे बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए अजय सिंह को मुख्य सचिव पद से हटा दिया। अब वरिष्ठ आईएएस सुनील कुजूर मूल निवासी छोटानागपुर (झारखंड) को छत्तीसगढ़ का नया मुख्य सचिव बनाया गया है। प्रदेश के 18 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि जब सरकार ने आदिवासी समाज के किसी अफसर को मुख्य सचिव नियुक्त किया है। इससे पहले मिंज व नारायण सिंह समेत एक दो अन्य अफसर अपर मुख्य सचिव के पद तक पहुंचे जरूर, लेकिन राज्य के मुख्य सचिव नहीं बन पाए थे।
बहरहाल, राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार 1983 बैच के आईएएस अधिकारी अजय सिंह को अब राजस्व मंडल बिलासपुर का अध्यक्ष बनाया गया है। 1986 बैच के आईएएस सुनील कुजूर अभी तक कृषि उत्पादन आयुक्त के साथ अपर मुख्य सचिव कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी तथा वाणिज्य एवं उद्योग और सार्वजनिक उपक्रम विभाग देख रहे थे।
राज्य सरकार ने अभी तक राजस्व मंडल बिलासपुर के अध्यक्ष का कार्यभार संभाल रहे वरिष्ठ आइएएस केडीपी राव को कृषि उत्पादन आयुक्त और अपर मुख्य सचिव कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी के पद पर पदस्थ किया है।
सुनील कुजूर के दूसरे विभाग अपर मुख्य सचिव वाणिज्य एवं उद्योग तथा सार्वजनिक उपक्रम विभाग का अतिरिक्त कार्यभार वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव अमिताभ जैन को सौंपा गया है। ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद प्रमुख पदों पर अधिकारियों की लगातार अदला बदली की जा रही है।
पुलिस महकमे में आमूलचूल बदलाव के बाद सरकार ने अब राज्य प्रशासन में सर्वोच्च स्तर का बदलाव किया है। हालांकि प्रदेश में नई सरकार के गठन के साथ ही मुख्य सचिव के तबादले के कयास लगाए जा रहे थे, फिर भी 15 दिनों के भीतर इस तरह का बड़ा फैसला एक बड़ा संदेश देने के लिए है।
आज ही बस्तर विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष आदिवासी समाज से बनाए जाने की भूपेश की घोषणा के बाद यह फैसला आदिवासियों के बीच सकारात्मक संदेश देने का सशक्त प्रयास है। दरअसल कांग्रेस अपने इस नारे को सार्थक करने में जी-जान से जुट गई है -'वक्त है बदलाव का।