छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ (21107)

रायपुर. रायपुर लोकसभा सीट पर कांग्रेस के प्रत्याशी को लेकर आम सहमति तक बन जाने की खबर है. दिल्ली के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मेयर प्रमोद दुबे के नाम पर पार्टी के बड़े नेताओं में रज़ामंदी हो गई है. हालांकि इस पर अंतिम निर्णय केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में ही होना है.

सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में कांग्रेस के बड़े नेताओं के बीच हुई चर्चा में प्रमोद दुबे के नाम पर सहमति बनी है. बताया जाता है कि बड़े नेताओं में रायपुर से चार नामों पर चर्चा हो रही थी. जिसमें प्रमोद दुबे भी शामिल थे. चर्चा थी कि ब्राह्मण वर्ग से सबसे मजबूत दावेदारी रायपुर से थे. जहां से तीन चार दावेदार रेस में थे. जिसमें महंत रामसुंदर दास, प्रमोद दुबे, पंकज शर्मा और राजेंद्र तिवारी का नाम चर्चाओं में था. ओबीसी का नाम होने की स्थिति में किरणमयी नायक या गिरीश देवांगन का नाम रेस में शामिल है .

हालांकि अभी केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में इन नामों का मिलान राहुल गांधी की टीम के सर्वे रिपोर्ट से किया जाएगा. उसके बाद भी नाम फाइनल होंगे. बैठक के बाद देर रात तक प्रत्शाशियों की घोषणा कभी भी की जा सकती है.

गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने छत्तीसगढ़ में तीन चरणों में चुनाव की घोषणा की है. जिसमें पहले चरण में बस्तर की सीट पर,  18 अप्रैल को द्वितीय चरण में राजनांदगांव, कांकेर और महासमुंद सीट पर और तीसरे चरण में 23 अप्रैल को रायपुर के साथ बिलासपुर, कोरबा, दुर्ग, रायगढ़, सरगुज़ा और जांजगीर लोकसभा सीटों में मतदान होगा. मतगणना 23 मई को होगी.

रायपुर- बीजेपी सत्ता में थी, तो रणबाकुंरे बन बेहतर राजनीतिक भविष्य की चाहत लिए पार्टी प्रवेश करने वाले रिटायर्ड डीजी राजीव श्रीवास्तव, रिटायर्ड आईएएस आर सी सिन्हा समेत एक दर्जन से ज्यादा रिटायर्ड अधिकारियों ने संगठन को अलविदा कह दिया है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी को भेजे गए इस्तीफा पत्र में पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़े जाने का जिक्र हैं, लेकिन वजह स्पष्ट नहीं की गई है. बता दें कि विधानसभा चुनाव के ठीक पहले बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में जोर-शोर से रिटायर्ड अधिकारियों का पार्टी प्रवेश कराया गया था. खूब हल्ला किया गया कि पार्टी की रीति-नीति से प्रभावित होकर सेवामुक्त हो चुके अधिकारी बीजेपी में आ रहे हैं, हालांकि अब जब सरकार बदल गई तो बदली फिजा में पार्टी छोड़ना ही रिटायर्ड अधिकारियों ने बेहतर समझा है.

पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने वाले रिटायर्ड डीजी राजीव श्रीवास्तव, रिटायर्ड आईएएस आर सी सिन्हा, एन के एस ठाकुर, विमल चंद गुप्ता, एनटीपीसी के पूर्व महाप्रबंधक एच के धागमवार, पूर्व वन अधिकारी आर के तिवारी, बंशीलाल कुर्रे, आर के शर्मा, भोजेंद्र उके, प्रदीप मिश्रा, शमशीर खान, अजीत चौबे, डा.हेमू यदू, घनश्याम शर्मा, डा.नीता शर्मा और सुभाष वर्मा के नाम शामिल हैं.

 

अध्यक्ष बनते ही विक्रम उसेंडी को झटका

लोकसभा चुनाव के ठीक पहले हाल ही में बीजेपी आलाकमान ने प्रदेश नेतृत्व बदलते हुए धरमलाल कौशिक की जगह विक्रम उसेंडी को कमान सौंपी थी. उसेंडी को लोकसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करने के साथ ही कमजोर होते कैडर को मजबूत करने की जवाबदारी दी गई थी, लेकिन नेतृत्व संभालते ही उन्हें यह पहला बड़ा झटका लगा है. जिस जोरशोर के साथ रिटायर्ड अधिकारियों का बीजेपी प्रवेश कराया गया, अब उन चेहरों ने ही पार्टी से अपने को किनारा कर लिया है. राजनीतिक प्रेक्षक मानते हैं कि लोकसभा चुनाव के ठीक पहले इस तरह से पार्टी छोड़ने की खबरें बीजेपी की सेहत के लिए ठीक नहीं है.

 

रायपुर/कोरबा। लोकसभा चुनाव को लेकर जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़(जे) के अध्यक्ष अमित जोगी ने बड़ा ऐलान कर दिया है. उन्होंने कहा कि मैं नहीं पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अजीत जोगी कोरबा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे. अमित जोगी ने यह बयान ऐसे वक्त में यह बयान दिया जब वे खुद बीते काफी दिनों से कोरबा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे.

अमित जोगी ने कहा कि हमारा बसपा के साथ गठबंधन है. गठबंधन और पार्टी कोर कमेटी ने फैसला किया है कि कोरबा सीट से विधायक अजीत जोगी चुनाव लड़े. यह निर्णय गठबंधन और पार्टी हित में है

लोकसभा चुनाव के तारीखों की घोषणा के बाद से ही सत्ताधारी भाजपा अलग-अलग रणनीति पर काम करने में जुट गई है। इस रणनीति में सबसे ज्यादा जोर प्रचार-प्रसार पर दिया जा रहा है। भाजपा ने एक प्रचार-प्रसार समिति का भी गठन किया है जो इस चुनाव के लिए प्रचार की रणनीति पर काम करेगी। लगभग दो महीने तक चलने वाले लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा के बड़े नेता 2000 से ज्यादा रैलियां करेंगे। खुद प्रधानमंत्री और भाजपा के स्टार प्रचारक नरेंद्र मोदी 200 से ज्यादा चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगे।  

 

 
नरेंद्र मोदी के अलावा पार्टी अध्यक्ष अमित शाह, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और योगी आदित्यनाथ के कंधो पर धुंआधार प्रचार की जिम्मेदारी होगी। इसके साथ ही पार्टी के अन्य बड़े नेता भी अलग-अलग जगहों पर प्रचार करेंगे। पार्टी अपने राज्य इकाई के नेताओं को अलग-अलग राज्यों में भी इस्तेमाल कर सकती है। भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी देश भर में प्रचार करेंगे। शिवराज सिंह चौहान, सुशील मोदी, केशव मौर्या जैसै नेताओं की राष्ट्रीय स्तर पर सेवाएं ले सकती है। 
 
भाजपा फिल्म और क्रिकेट जगत की भी बड़ी हस्तियों का चुनाव प्रचार में लाभ लेने की कोशिश में जुटी हुई है जिसमे गौतम गंभीर, विरेंद्र सहवाग, अक्षय कुमार, अजय देवगन, माधुरी दीक्षित आदि शामिल हैं। सुषमा स्वराज और अरुण जेटली स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं, अत: इन्हे पार्टी अलग-अलग संगठनों को साधने की जिम्मेदारी दे सकती है। 
प्रचार-प्रसार के दौरान भाजपा के निशाने पर मुख्य रूप से कांग्रेस ही रहेगी। भाजपा इस चुनाव में 'काग्रेस के 50 साल बनाम 5 साल' की लड़ाई के रूप में पेश करेगी जिसका थीम 'सत्ता भोग के 50 साल बनाम सेवा भाव के 50 महीने' रखा गया है। इसके साथ ही भाजपा चुनावों की हर चरण की समीक्षा करेगी और जरूरत के हिसाब से अपनी रणनीति में बदलाव भी कर सकती है। 

बिलासपुर। पूर्व मंत्री राजेश मूणत की जमानत याचिका पर अब एक सप्ताह के बाद सुनवाई होगी। अंतागढ़ टेप मामले में अग्रिम जमानत याचिका के लिए राजेश मूणत ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस याचिका में डिफाल्ट की वजह से अब याचिका पर सुनवाई एक सप्ताह के लिए टल गई है।

अंतागढ़ टेप मामले में राजेश मूणत सहित चार लोगों के खिलाफ रायपुर के पंडरी थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इस मामले में राजेश मूणत और पुनित गुप्ता की याचिका पहले ही जिला अदालत में खारिज हो चुकी है।

जिसके बाद राजेश मूणत और पुनित गुप्ता ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। आज उसी याचिका के आधार पर अग्रिम जमानत पर सुनवाई हुई। अब इस मामले में एक सप्ताह के बाद सुनवाई होगी।

रायपुर । लोकसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच एक सवाल लगातार उठ रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह चुनाव लड़ेंगे या नहीं। यही सवाल सोमवार को एकात्म परिसर में पत्रकारों ने भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ रमन सिंह से किया। डॉ रमन ने बड़े सधे अंदाज में कहा कि मैं चुनाव में टिकट बांटने के लिए अधिकृत नहीं हूं। अब तक मैंने अपनी जिम्मेदारी कभी तय नहीं की।

डॉ रमन ने कहा कि अभी तक केंद्रीय संगठन ने लोकसभा चुनाव लड़ने के बारे में न तो मुझसे पूछा है, न ही कोई जानकारी दी है। केंद्रीय संगठन जो भी फैसला करेगा, उसे मैं स्वीकार करूंगा। दरअसल, डॉ रमन के चुनाव लड़ने का सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाता है कि केंद्र में मोदी की दोबारा सरकार लाने के लिए एक-एक सांसद की जीत को पार्टी जरूरी मान रही है।

 

विधानसभा चुनाव में राजनांदगांव लोकसभा की सिर्फ एक विधानसभा में भाजपा की जीत हुई है। वह सीट पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह की राजनांदगांव विधानसभा है। यही नहीं पूर्व मुख्यमंत्री के गृह जिले कवर्धा की दो विधानसभा कवर्धा और पंडरिया में पार्टी उम्मीदवार की हार का अंतर करीब एक लाख वोट है।

ऐसे में डॉ रमन को राजनांदगांव से मजबूत उम्मीदवार के रूप में देखा जा रहा है। वर्तमान में राजनांदगांव लोकसभा से डॉ रमन के बेटे अभिषेक सिंह सांसद हैं। पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो अभिषेक के मुकाबले डॉ रमन मजबूत उम्मीदवार हो सकते हैं।

 

ऐसे में एक बड़ा वर्ग डॉ रमन को उम्मीदवार बनाने की वकालत कर रहा है। नये चेहरों पर पार्टी लगाएगी दांव पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कहा कि केंद्रीय संगठन ने लोकसभा उम्मीदवारों के चयन के लिए सर्वे कराया है। इसमें कुछ सीटों पर नए चेहरे उतारे जा सकते हैं।

पिछले तीन चुनाव में भाजपा ने पांच लोकसभा छोड़कर बाकी पर नए उम्मीदवारों को मैदान में उतारा और सफलता मिली है। ऐसे में यह संकेत मिल रहे हैं कि इस बार भी नये और युवा चेहरों पर पार्टी भरोसा कर सकती है।

 

70 दिन में जनता हो गई निराश लोकसभा चुनाव के मुद्दे पर डॉ रमन ने कहा कि भाजपा का एक ही मुद्दा है कि आखिर देश का नेतृत्व कौन करेगा। देश के मान, सम्मान और गौरव बढ़ाने का काम मोदी ने किया है। उनके अलावा विकल्प नहीं है। कांग्रेस ने लोगों को भ्रम में लाकर चुनाव जीता था, लेकिन जनता में 70 दिन में ही निराशा आ गई है।

बीजापुर। जिला मुख्यालय से 23 किमी दूर गंगालूर में बुरजी कैंप के पास शुक्रवार शाम करीब साढ़े चार बजे एक आईईडी विस्फोट में जवान दिलीप कुमार मिंज को मामूली चोट आई। मौके से एक आईईडी भी बरामद किया गया है। सूत्रों के मुताबिक गंगालूर के पेद्दापारा नदी में पुल बन रहा है और पुसनार सड़क का काम भी चल रहा है। इसे देखते बुरजी में सीएएफ का एक कैम्प भी लगाया गया है।

बताया गया है कि गश्ती दल सुबह सर्चिंग में पुसनार रोड की ओर गया था। शुक्रवार की शाम करीब साढ़े चार बजे जवान जब लौट रहे थे तो पेद्दापारा नदी के पास एक ब्लास्ट हुआ।

जवान दिलीप मिंज हालांकि ब्लास्ट की जद में नहीं आए लेकिन उनके सिर पर मामूली चोट लगी। उनका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज किया गया। फोर्स इस इलाके की सर्चिंग कर रही है। ज्ञात हो कि गंगालूर रोड का चौड़ीकरण किया जा रहा है और पेद्दापारा नदी में पुल का निर्माण शुरू किया गया है। पुसनार तक रोड बनाई जा रही है। इसके लिए सुरक्षा में जवानों को तैनात किया गया है।

रायपुर । राजधानी रायपुर में बीती रात भीषण आग से लगने से दो मासूम बच्चियों और एक युवक की मौत हो गई। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक आगजनी की घटना कोतवाली थाना क्षेत्र में हुई। दोनों बच्चियों की उम्र तीन साल और पांच साल है। पुलिस ने बताया कि आग लगने की घटना रात करीब चार बजे हुई। आग लगने के कारणों के बारे में अभी खुलासा नहीं हुआ है। कोतवाली थाना पुलिस घटना की जांच में लगी हुई है।

दीवार गिरने से तीन लोग दबे

वहीं अन्य हादसे में दीवार गिरने से तीन लोग गंभीर घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि रायपुर के राम नगर इलाके में दीवार गिरने से तीन लोग मलबे में दब गए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

 

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने सवर्ण आरक्षण लागू करने के लिए समिति का गठन कर दिया है। केंद्र सरकार ने संविधान के 103 वें संशोधन के जरिये शैक्षणिक संस्थाओं में प्रवेश तथा सरकारी नौकरियों में आर्थिक रूप से कमजोर सवर्ण वर्ग के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया है। इस मामले में विपक्ष लंबे समय से प्रदेश में सवर्ण आरक्षण लागू करने की मांग कर रहा है।

राज्य सरकार ने सवर्णों को दस फीसद आरक्षण देने समेत वर्ष 2011 की जनसंख्या के आधार पर राज्य में प्रचलित आरक्षण प्रतिशत को संशोधित करने और अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 फीसद आरक्षण का प्रावधान और परीक्षण करने के लिए समिति बनाई है। जीएडी के प्रमुख सचिव इस समिति के सदस्य सचिव हैं। उनके साथ ही सचिव विधि, राजस्व, आदिम जाति तथा सचिव समाज कल्याण को सदस्य नियुक्त किया गया है।

रायपुर। लोकसभा चुनाव से ऐन पहले छत्तीसगढ़ सरकार ने शराबबंदी के अध्ययन के लिए तीन कमेटियों का गठन किया है। रायपुर ग्रामीण के वरिष्ठ कांग्रेस विधायक सत्यनारायण शर्मा की अध्यक्षता में राजनीतिक समिति का गठन किया गया है। इस समिति में भाजपा के दो, बसपा के एक, जकांछ के एक और कांग्रेस के आठ विधायक सदस्य होंगे।

इसके अलावा सचिव वाणिज्यकर (आबकारी) के संयोजन में सामाजिक संगठनों और विशेषज्ञों की दो और कमेटियां बनाई गई हैं। शराबबंदी वाले राज्यों में शराबबंदी के बाद आए आर्थिक, सामाजिक, व्यावहारिक परिवर्तनों के अध्ययन के लिए गठित विशेषज्ञों के अध्ययन दल में देश के कई जाने माने विशेषज्ञों, सामाजिक और नशामुक्ति कार्यकर्ताओं, डॉक्टरों आदि को शामिल किया गया है।

सामाजिक संगठनों की कमेटी में प्रदेश के सभी समाजों के प्रमुखों को रखा जाना है। राजनीतिक समिति में विधायकों और सामाजिक समिति में सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के नाम अभी तय नहीं किए जा सके हैं। आचार संहिता लगने से पहले सरकार इन समितियों का एलान हर हाल में करना चाहती थी।

शुक्रवार को मंत्रालय में दिनभर इसकी कवायद चलती रही। आबकारी मंत्री कवासी लखमा पहले पहुंचे, बाद में मुख्यमंत्री भी मंत्रालय गए। इससे पहले लखमा ने वाणिज्यकर सचिव कमलप्रीत सिंह और अन्य अफसरों से चर्चा की। लखमा खुद फोन पर समाज प्रमुखों से बात कर नाम तय करते रहे। शराबबंदी छत्तीसगढ़ मंे एक बड़ा मुद्दा है। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में शराबबंदी का वादा किया था।

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