ईश्वर दुबे
संपादक - न्यूज़ क्रिएशन
+91 98278-13148
newscreation2017@gmail.com
Shop No f188 first floor akash ganga press complex
Bhilai
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार को कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के सांसद पुत्र अभिषेक सिंह के पनामा पेपर्स मामले सहित पूर्ववर्ती सरकार में हुए 'भ्रष्टाचार के सभी मामलों' की जांच कराई जाएगी और इस संदर्भ में बहुत जल्द आधिकारिक निर्णय लिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र से सुरक्षाबलों की वापसी अभी नहीं होगी। सभी से बातचीत के बाद इसपर फैसला लिया जाएगा।
रायपुर-अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया के छत्तीसगढ़ प्रवास के कार्यक्रम में आंशिक परिवर्तन किया गया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के छत्तीसगढ़ के प्रभारी सचिव डॉ चंदन यादव अब 24 दिसंबर सोमवार को शाम 7 बजे दिल्ली से रायपुर पहुंचेंगे. पीएल पुनिया 26 दिसंबर बुधवार को दोपहर 2.50 बजे रायपुर से दिल्ली के लिये रवाना होंगे.
रायपुर। दिल्ली से मंत्रियों के नाम तय होने के बाद प्रदेश में मंत्रिमंडल गठन की तैयारी तेज हो गई है. 25 दिसंबर को प्रातः 11 बजे नया मंत्री मंडल शपथ लेगा. इसे लेकर राजभवन द्वारा तैयारियां शुरु कर दी गई है. इसी दिन राज्यपाल मध्यप्रदेश में भी मंत्रियों को शपथ दिलाएंगी.इससे पहले 17 दिसंबर को सीएम भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. उनके साथ ही भूपेश के छोटे कैबिनेट ने भी शपथ ली थी. जिसमें टीएस सिंहदेव और ताम्रध्वज साहू को मंत्रीपद की शपथ दिलाई गई थी.
आपको बता दें कि संभावित मंत्रियों की सूची लेकर सीएम भूपेश बघेल, मंत्री टीएस सिंहदेव और ताम्रध्वज साहू की कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से लंबी चर्चा हुई थी. इस चर्चा में वरिष्ठ और अनुभवी नामों पर सहमति बनी जिसके बाद कल देर रात सीएम भूपेश बघेल अपने साथियों के साथ दिल्ली से वापस रायपुर लौटे थे.
रायपुर. किसानों की ऋण माफी को लेकर भूपेश बघेल के मंत्रिमंडल के प्रस्ताव पारित करने के साथ ही प्रक्रिया शुरू हो गई है. शासन ने धान खरीदी के दौरान ऋण माफी योजना के पात्र किसानों से अल्पकालीन कृषि ऋण की लिकिंग के जरिए वसूली पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दिया है.
सहकारिता विभाग की सचिव रीता शांडिल्य की ओर से शनिवार को सहकारी संस्थाएं पंजीयक और छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक के प्रबंध संचालक को जारी किए गए पत्र में राज्य शासन की ओर से राज्य ग्रामीण बैंक और सहकारी बैंक व प्राथमिक कृषि साख समितियों की ओर से वितरित और 30 नवंबर 2018 तक बकाया अल्पकालीन कृषि ऋण माफ करने के निर्णय की जानकारी देते हुए अल्पकालीन ऋण वसूली नहीं करने निर्देशित किया है.
(ईश्वर दुबे) प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय भूपेश बघेल के शपथ ग्रहण लेते ही प्रदेश की बागडोर उनके हाथों में है। भूपेश बघेल की पहचान एक तेज तर्रार नेता के रुप में है परंतु उनके व्यक्तित्व के कुछ अनछुये पहलू हैं जो बहुत ही कम लोगों को मालूम है। माननीय भूपेश बघेल को आध्यात्म में गहरी आस्था है तथा वे इस क्षेत्र में उच्च कोटि के साधक भी हैं भूपेश की धर्मपत्नी भी आध्यात्मिक एवं पूजा पाठ में रुचि रखती हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बूघेल को ऊर्जावान नेता के रुप में ख्याति मिली हुई है अब प्रदेश की जनता के विकास हेतु उनकी ऊर्जा का सदुपयोग होगा यह जनता के लिए बेहद शुभ संकेत है। प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल के निवास में धर्ममय वातावरण रहता है तथा वे अपने ईष्टदेव माता भुवनेश्वरी (दुर्गा) के परम भक्त भी हैं। नवरात्रि में निवास में ही ज्योत की स्थापना प्रतिवर्ष की जाती है तथा उनके पूरे परिवार में धर्ममय वातावरण है। भूपेश बघेल के आध्यात्मिक गुरु के रुप में भिलाई-3 सिरसागेट के गायत्री दुर्गा मंदिर के पुजारी स्वर्गारुढ स्व.कैलाशचंद्र तिवारी का उनके निवास में आना जाना लगा रहता था। उक्त समय मैं भी उनके शिष्य के रुप में पूजा पाठ का ज्ञान अर्जित कर रहा था। उनकी भविष्यवाणी भी मुझे अब एकाएक याद आती है जब भूपेश बघेल पाटन से चुनाव में विजय बघेल से हार गए थे। उनका कथन था कि एक कार्यकाल हार जाने के बाद भूपेश का राजयोग जागृत होगा और वे सत्ता के शीर्ष स्थान पर विराजमान होंगे। फिर वे कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष बनें तथा वर्तमान में तमाम झंझावातों को पार करके सत्ता के शीर्ष पर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रुप में विराजमान हैं। माता भुवनेश्वरी की भक्ति के प्रसाद के रुप में उन्हे शीर्ष पर की प्राप्ति हुई है जिसकी भविष्यवाणी पूर्व से ही कर दी गई थी,यही कारण है कि भूपेश बघेल के सामने कोई टिक नहीं पाये, भाजपा को 15 सीट में सीमित करते हुए इस ऊर्जावान नेता नें प्रदेश में इतिहास रच दिया। गृह ग्राम भिलाई-3 और पाटन विधानसभा क्षेत्र का हर बाशिन्दा आज गौरवान्वित है कि हमारे गृहग्राम का कोई व्यक्ति सत्ता के शीर्ष पद पर आसीन है जिसकी कल्पना भी किसी ने नहीं की थी। भूपेश बघेल की सबसे बड़ी पहचान उनकी स्पष्टवादिता एवं सहृदयता है, प्रदेश भर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जान फूंककर उनमें ऊर्जा का संचार करने में भूपेश की महती भूमिका रही है। उनकी ऊर्जा के केंद्र बिंदु के रुप में उनकी आध्यात्म के क्षेत्र में गहरी रुचि है। दुर्गा सप्तशती के पाठ में गहरी आस्था रखने वाले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की दिनचर्या में पूजा पाठ शामिल है। प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के पश्चात यदि वे रायपुर मुख्यमंत्री निवास में रहते हैं तो निसंदेह मुख्यमंत्री निवास रायपुर में भी उनकी आध्यात्मिक साधना का क्रम जारी रहेगा। गुरुदेव कैलाशचंद्र तिवारी के शिष्य के रुप में भूपेश बघेल ने सर्वत्र अपने माता पिता गुरुजनों का नाम रोशन किया है। अपने पिता को मुख्यमंत्री बनने के वचन को उन्होनें पूरा किया। राजनीति में ऊंची सोच रखने वाले प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के संघर्षों की गाथा किसी से छुपी नहीं है। उनका विशाल व्यक्तित्व है कि वे तमाम झंझावातों के बीच भी कदापि विचलित नहीं हुए। उनके जैसे जीवट व्यक्तित्व नें हमेशा ही संघर्ष करने की परंपरा को आत्मसात किया है। भिलाई-3 की जनता उनके संघर्षों की कहानी बयाँ करती है। चाहे वह भिलाई-3 सोमनी में राखड़ बांध का मामला हो या अन्य समस्या उन्होनें सदैव छत्तीसगढसासियों के लिए सड़क की लडाई लड़ी है। मुख्यमंत्री के रुप में उनके शपथ ग्रहण के पश्चात छत्तीसगढ सहित खासकर भिलाई-3 एवं पाटन क्षेत्र की जनता में अपने लाडले नेता के लिए सर्वत्र खुशियाँ मनाई गई। प्रदेश में खुशियों के संचार करने के लिए मुखिया भूपेश बघेल के लिए बुजुर्गों ने आशीर्वाद दिए और युवाओं ने उनके कंधा से कंधा मिलाकर कार्य करने का संकल्प लिया। प्रदेश के विकास के लिए उनकी ऊर्जा निश्चित ही नये सोपान तय करेगी एैसी आशा प्रदेश के हर नागरिक को है। ( लेखक- इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स के प्रदेश अध्यक्ष हैं)
छत्तीसगढ़ में 90 विधानसभा सीटों के चुनाव परिणाम साफ हो चुके हैं । इस बार राज्य में जहां भाजपा ने अपना जनाधार खोया तो वहीं कांग्रेस ने 68 सीटों के साथ जीत का विजय पताका फहराया। कांग्रेस की इस ऐतिहासिक जीत ने 15 साल से चल रहे रमन सिंह के शासन का अंत कर दिया है। भाजपा की झोली में महज 15, बीएसपी को 2 और जनता कांग्रेस को 5 सीटों में संतोष करना पड़ा। चुनाव रुझानों में भाजपा की हार देखने के बाद मुख्यमंत्री रमन सिंह ने राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को अपना इस्तीफा सौंप दिया और उन्होंने कहा कि वह भाजपा के खराब प्रदर्शन की जिम्मेदारी स्वीकार करते हैं। उन्होंने रायपुर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम (पार्टी) बैठेंगे और आत्ममंथन करेंगे।’’
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने सबको चौकाते हुए विधानसभा चुनावों में जीत की ओर बढ़ रही है। ऐसे में कांग्रेस के लिए बड़ा सवाल यही है कि आखिर राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। सूत्रों की मानें CM की रेस में प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष भूपेश बघेल का नाम सबसे आगे चल रहा है। यही सवाल पर प्रदेश प्रभारी पी एल पुनीया से पूछा गया तो उन्होंने इस बात से इनकार नहीं किया।
एफसीआई गोदाम में 11 दिसंबर को होने वाले मतगणना कार्य के दौरान गणना के सुपरवाइजर की सामान्य केलकुलेटर अपने साथ ले जा सकेंगे, राजनीतिक दलों के अभिकर्ताओं को इसकी अनुमति नहीं होगी। वहीं गणना में लगे अधिकारियों व कर्मचारियों को अंग्रेजी के अंकों का इस्तेमाल करते हुए गणना करने की समझाइश दी गई है ताकि असुविधा न हो। दूसरे चरण के प्रशिक्षण में रविवार को जिला निर्वाचन अधिकारी भीम सिंह ने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को गणना कार्य में जरा भी लापरवाही नहीं बरतने की सीख देते हुए गलती होने पर कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी।
कलेक्टोरेट सभाकक्ष राजनांदगांव में मतगणना कार्य के संबंध में लगे अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में रिटर्निंग एवं सहायक रिटर्निंग ऑफिसर, गणना पर्यवेक्षक, गणना सहायक, माइक्रो ऑब्जर्वर आदि अधिकारी-कर्मचारियों को पूरे मतगणना प्रक्रिया के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई। विधानसभा क्षेत्र डोंगरगढ़ के सामान्य प्रेक्षक वी संपत, उप जिला निर्वाचन अधिकारी ओंकार यदु, एडीएम एके वाजपेयी, आयुक्त नगर निगम अश्वनी देवांगन सहित अधिकारी उपस्थित थे।
पान, गुटखा भीतर नहीं ले सकते : मतगणना स्थल में किसी भी अधिकारी-कर्मचारी को मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा पान, गुटका, धूम्रपान पूर्णत: वर्जित होगा।
कोई भी बख्शे नहीं जाएंगे
कलेक्टर ने निर्वाचन कार्य में लगे सभी अधिकारी-कर्मचारियों को मतगणना के दौरान अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी सजगता एवं सावधानी के साथ करने को कहा। उन्होंने कहा कि मतगणना कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही एवं गलती बिल्कुल भी क्षम्य नहीं होगा। उन्होंने अधिकारी-कर्मचारियों को मतगणना के संबंध में निर्वाचन आयोग से प्राप्त निर्देशों के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारियां दी।
बिलासपुर. हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ टेक्नीकल एजुकेशन (भर्ती एवं सेवा शर्तें) नियम 2002 के तहत तीन साल की संविदा पर नियुक्त होने के बाद से प्रदेश के विभिन्न इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक कॉलेजों में सालों से कार्यरत 79 सहायक प्राध्यापकों को नियमित करने के आदेश दिए हैं। राज्य सरकार को हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी प्रस्तुत करने के तीन माह के भीतर नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य सरकार ने प्रदेश में संचालित इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्नीक कॉलेजों में रिक्त पदों पर नियुक्ति करने के लिए 8 जुलाई 2002 को छत्तीसगढ़ टेक्नीकल एजुकेशन तीन वर्षीय संविदा सेवा (भर्ती एवं सेवा शर्तें) नियम 2002 जारी किया। इस नियम के तहत नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया गया।
पूरी प्रक्रिया और आरक्षण रोस्टर का पालन करते हुए इंजीनियरिंग कॉलेजों में सहायक प्राध्यापकों और पॉलीटेक्नीक कॉलेजों में व्याख्याता के पदों पर तीन वर्ष के लिए संविदा पर नियुक्तियां की गई, इसमें गोपी साव, बीएस कंवर, डॉ. रानी पुष्पा बघेल, संजीव कुमार सिंह सहित सैकड़ों अभ्यर्थियों का चयन किया गया।
तीन वर्ष के लिए संविदा पर नियुक्त होने से बाद से वे लगातार कार्यरत हैं। राज्य सरकार ने इन पदों पर नियमित भर्ती करने के लिए 2015 में विज्ञापन जारी किया। हाईकोर्ट में इसके खिलाफ याचिकाएं प्रस्तुत की गईं। कुछ याचिकाओं में जहां 2015 में जारी विज्ञापन को निरस्त करने की मांग की गई थी, वहीं अन्य याचिकाकर्ताओं ने सालों से संविदा पर कार्यरत होने का हवाला देते हुए नियमित करने का निर्देश देने की मांग की थी।
सुनवाई के बाद सिंगल बेंच ने जनवरी 2017 में याचिकाएं खारिज कर दी थीं, इसके खिलाफ 79 अपील प्रस्तुत की गई थी। अपीलों पर चीफ जस्टिस अजय कुमार त्रिपाठी और जस्टिस पीपी साहू की बेंच में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने सिंगल बेंच के आदेश को निरस्त करते हुए अपील प्रस्तुत करने वाले 79 अभ्यर्थियों को नियमित करने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने आदेश की कॉपी प्रस्तुत करने के तीन माह के भीतर नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश भी दिए हैं।
हाईकोर्ट ने कहा है कि याचिकाकर्ताओं की नियुक्ति अधिसूचना के तहत विज्ञापन जारी करने के बाद सभी नियम, प्रक्रिया और आरक्षण रोस्टर का पालन करते हुए की गई थी। याचिकाकर्ता किराए पर कार्य नहीं कर रहे थे। कोर्ट की जिम्मेदारी है कि उनके पक्ष में रहे जिनके जीवन और आजीविका पर संकट है।
रायपुर . राज्य में पहली बार 1.07 लाख पोस्टल व सर्विस वोटों की गिनती की जाएगी। ऐसा इसलिए क्योंकि पहली बार इतनी संख्या में सरकारी कर्मचारियों ने डाक मतपत्रों व ईटीपीबीएस के जरिए मतदान किया है।
यही वजह है कि 11 दिसंबर को सुबह 7 बजे तक मतगणना स्थल तक डाक मतपत्रों को पहुंचाने के लिए सभी जिलों में डाकियों को स्पेशल पास भी दिए गए हैं। प्रदेश के बाहर सरकारी ड्यूटी में तैनात राज्य के मतदाताओं को पहली बार ईटीपीबीएस के तहत ऑनलाइन भेजे गए थे। राज्य के बाहर से इसके जरिए वोट देने वाले कर्मचारियों की तादाद 14,720 है। ईटीबीएस ऑनलाइन जारी करते वक्त ऐसे कर्मचारियों को एक पिन नंबर भी जारी किया गया था।
वहीं ऑनलाइन भेजे गए सर्विस वोटों के लिए एक बार कोड भी दिया गया है, जबकि चुनाव ड्यूटी करने वाले सरकारी कर्मचारियों में से 88,141 कर्मचारियों को डाक मतपत्र जारी किए थे। पिछले चुनाव में करीब 56 हजार कर्मचारियों को डाक मतपत्र जारी किए गए थे। इस बार 1.15 लाख आवेदन आए थे। इनमें से जानकारी अपूर्ण होने की वजह से करीब 8 हजार आवेदन निरस्त कर दिए गए थे। कर्मचारी के डाक के जरिए दिए गए पोस्टल बैलेट की गोपनीयता पूरी तरह सुरक्षित की जाती है। आम लोगों की तरह सरकारी कर्मचारी का वोट भी गोपनीय रहता है। इसके लिए काउंटिंग के दिन जब पोस्टल वोट गिने जाते हैं तो सबसे पहले घोषणा पत्र यानी सरकारी कर्मचारी के सर्टिफिकेट को एक बार देखकर सुनिश्चित करने के बाद उसे अलग रख दिया जाता है और वोटों को मिक्स करके गिना जाता है।
रायपुर . सीडी कांड मामले में मतगणना के दूसरे ही दिन बुधवार को सीबीआई स्पेशल कोर्ट में सुनवाई है। इसमें सीडी कांड के आरोपी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल, कारोबारी विजय भाटिया, पत्रकार विनोद वर्मा और भाजपा से निष्कासित कैलाश मुरारका पेश होंगे।
इस मामले में आरोपी विजय पांड्या की अब तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। कोर्ट ने उसके खिलाफ एक महीना पहले ही गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। सीबीआई उसकी तलाश कर रही है। आरोपी मामला फूटने के बाद से फरार है।
सीबीआई ने उसकी तलाश में रायपुर से लेकर मुंबई तक छापेमारी की है, पर कहीं भी वह नहीं मिला है। पांड्या पूरे मामले में मुख्य भूमिका है। उसने ही सीडी टेंपर करने के लिए स्टूडियो संचालक मानस साहू से मुलाकात कराई थी। जब पोर्न वीडियो को टेंपर किया जा रहा था, तो वह भी स्टूडियो में बैठा हुआ था। वह मृत कारोबारी रिंकू खनूजा का दोस्त है।
सभी आरोपियों को हर सुनवाई में उपस्थित होने और देश नहीं छोड़ने की शर्त पर कोर्ट ने जमानत दी है। इसलिए उन्हें हर पेशी में उपस्थित होना जरूरी है। अगर पेशी में उपस्थित नहीं हो पाए तो उसका पर्याप्त आधार कोर्ट में बताना होगा। आरोपी पांड्या की गिरफ्तारी नहीं होने के कारण कोर्ट ने भी चार्जशीट पर बहस शुरू नहीं की है।
आरोपी के पकड़े जाने पर ही सीबीआई के द्वारा पेश किए गए फाइनल चार्जशीट पर बहस होगी। सीबीआई और बचाव पक्ष के वकील आरोप पत्र पर बहस करेंगे। उसके बाद गवाही शुरू होगी। इस मामले में सौ लोगों को गवाह बनाया गया है। सभी को बारी-बारी कोर्ट बुलाया जाएगा। सीडी कांड में सीबीआई की जांच अभी भी जारी है। इसमें नया साक्ष्य मिलने पर सीबीआई पूरक चालान पेश कर सकती है। सबूत के आधार पर गवाहों को भी आरोपी बनाया जा सकता है। हालांकि रायपुर से सीबीआई के सभी अधिकारी और कर्मचारी लौट गए हैं। जांच टीम का कोई भी सदस्य यहां नहीं है।
ढाई माह पहले पेश हुई थी फाइनल चार्जशीट : सीबीआई ने 24 सितंबर को सीडी कांड की फाइनल चार्जशीट पेश की थी। सीबीआई ने अपनी पड़ताल के आधार पर पांच आरोपी बनाए हैं, जिनके खिलाफ चार्जशीट पेश की गई है। छठवें आरोपी की मौत के कारण उसके खिलाफ चार्जशीट पेश नहीं की गई। इसमें कैलाश मुरारका को मुख्य आरोपी बनाया गया है, जिसने पोर्न वीडियो में मंत्री राजेश मूणत का चेहरा लगाने के लिए पैसा दिया।
सीडी बनाने वह खुद मुंबई गया था। मृत कारोबारी रिंकू और फरार आरोपी पांड्या ने मिलकर सीडी बनाया था। पत्रकार विनोद वर्मा ने टेंपर सीडी की दिल्ली में एक हजार कॉपी कराई। उसमें से पांच सौ सीडी विजय भाटिया को दी गई, जिसे लेकर वे रायपुर आ गए। इसी सीडी को वायरल करने का आरोप प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल पर है। सीडी कांड में सभी ने मिलकर साजिश रची थी। दिल्ली के होटल में उनकी बैठक भी हुई थी। सभी के फुटेज सीबीआई ने कोर्ट में जमा किए है।