ईश्वर दुबे
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Bhilai
रायपुर– शहीद महेंद्र कर्मा के बेटे आशीष शर्मा को डिप्टी कलेक्टर बनाए जाने पर भाजपा नेताओं की आपत्ति को बेहद असंवेदनशील और क्रूर करार देते हुए प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री और कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा ने पहले भी शहीदों के अपमान करने की अपनी प्रवृत्ति बार-बार उजागर की है. शहादत का सम्मान करना भाजपा के चरित्र में ही नहीं है. 2013 में जीरम की शहादत के बाद शहीदों के परिवारजनों को भाजपा की रमन सिंह सरकार ने चतुर्थ श्रेणी पदों पर नियुक्ति का प्रस्ताव भेजकर शहादत का जो अपमान किया था, उसे शहीदों के परिवारजन और छत्तीसगढ़ की जनता अभी भूली नहीं है.
माओवादियों से मुठभेड़ के बाद शहीद हुए सीआरपीएफ के जवानों के शव दंतेवाड़ा में भाजपा की सरकार के कार्यकाल में कचरा गाड़ी में ढोए गए थे और शहीदों का फिर अपमान किया गया था. माओवादियों से मुठभेड़ की घटना में बड़े पैमाने पर केंद्रीय पुलिस बलों के जवानों की शहादत के बाद शव परीक्षण के लिए जवानों के शव लाए जाने पर मेकाहारा अस्पताल में शहीद जवानों की वर्दियां बेल्ट और अवशेष कूड़ेदान में फेंक कर शहादत का एक बार फिर भाजपा सरकार ने अपमान किया था. शहादत का अपमान और शहीदों के परिजनों की भावनाओं का निरादर भाजपा का वास्तविक चरित्र है. अपने ही नेता और देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई की शोक सभा में भाजपा के अट्टहास करते नेताओं के वीडियो और फोटोग्राफ पूरे छत्तीसगढ़ ने देखे हैं. छत्तीसगढ़ की नदियों में विसर्जन के लिए आए हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के अवशेषों को भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में बेहद अपमानजनक परिस्थितियों में रखा गया था.
इसकी सूचना मिलने पर अटल बिहारी बाजपेई की भतीजी करुणा शुक्ला की अगुवाई में कांग्रेस के नेता वहां गए तो आनन-फानन में भाजपा नेताओं ने अवशेषों को विसर्जित किया. जीरम के शहीदों के परिजन जब जीरम मामले की साजिश की जांच की मांग को लेकर तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष और वर्तमान मंत्री टीएस सिंहदेव के साथ मुख्यमंत्री रमन सिंह से मिले थे तो रमन सिंह जी केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से शहीदों के परिजनों को मिलाने की बात कही थी. बरसों बीत गए. अनेक बार राजनाथ सिंह छत्तीसगढ़ आए लेकिन भाजपा सरकार के मुखिया रमन सिंह ने शहीदों के परिजनों को केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से नहीं मिलवाया.
प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री और कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है आज ओपी चौधरी जैसे भाजपा नेता शहीदों के परिजनों को डिप्टी कलेक्टर नियुक्त किए जाने पर जितना ओछा और स्तरहीन बयान दे रहे हैं वह बेहद आपत्तिजनक और निंदनीय है. जीरम के शहीद नंद कुमार पटेल के बेटे और शहीद दिनेश पटेल के भाई वर्तमान मंत्री उमेश पटेल को हराने के लिए ओपी चौधरी ने खरसिया के विधानसभा चुनाव में जिस तरीके से पैसा खर्च किया मतदाताओं को कहर बरपाने की धमकियां दी और असामाजिक तत्व गुंडों की फौज लगाकर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और मतदाताओं पर जो हमला किया , लोकतांत्रिक प्रक्रिया से खिलवाड़ किया उसे खरसिया के मतदाता और छत्तीसगढ़ की जनता अभी भूले नहीं हैं. असल मे ओपी चौधरी ने नियुक्ति पर सवाल खड़ा कर भाजपा के वास्तविक चरित्र और सोच को ही आगे बढ़ाया है. भाजपा का चरित्र ही शहादत विरोधी है. कांग्रेस की सरकार शहादत का मर्म जानती है. हमने आतंकवाद, नक्सलवाद के कारण अपने नेताओं को खोया है.
रायपुर- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं. उन्होंने अपने सन्देश में कहा है कि भगवान शिव की आराधना का यह पर्व पूरे देश के साथ छत्तीसगढ़ में भी श्रद्धा- भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जाता है.
भगवान शिव दुःखों को हरने वाले और सभी का कल्याण करने वाले देवता हैं. उन्होंने इस अवसर पर प्रदेश के सुख -समृद्धि और खुशहाली की कामना की है.
कवर्धा- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कबीरधाम जिले के डोंगरिया में आयोजित किसान सम्मेलन व सम्मान समारोह में केंद्र की भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेश से काला धन लाने का वादा किया था और सरकार बनी तो सभी के खाते में 15 लाख रुपए देने की बात कही थी, लेकिन वहीं चुनाव आने वाला है किसी के खाते में एक रुपए नहीं आए है, इससे अच्छा तो कांग्रेस की सरकार है वादा करके 2 घंटे में किसानों का कर्ज माफ किया है.
भूपेश ने स्वच्छता अभियान पर सवाल उठाते हुए कहा कि गांधी जी का 50वीं वर्षगांठ मना रहे हैं. गांधी जी पहले गुजरात से आते हैं, उन्होंने कभी नहीं कहा कि झाड़ू लगाकर साफ-सफाई करो, लेकिन वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी गुजरात से आते हैं, लेकिन ये सभी को झाड़ू लगवा रहे हैं.

मोदी की सरकार आई है तो सभी को झाड़ू पकड़ा दिया. सचिन तेंदुलकर, हेमा मालिनी और कुछ बड़े लोगों को झाड़ू पकड़ा दिया है. पाकिस्तान हमले पर शंका हो रही है. पुलवामा हमले में 40 जवान शहीद हो गए और प्रधानमंत्री फोटो शूट करा रहे थे.
कांग्रेस की सरकार में कई हमले हुए तथा मुंबई हमले भी हुआ, जिसके बाद गृह मंत्री ने इस्तीफा दे दिया था लेकिन पुलवामा हमले को 20 दिन हो रही है एक भी मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया है. भाजपा की सरकार जुमलेबाजी की सरकार से बचके रहने की जरूरत है. कांग्रेस सरकार बनते ही 2 घंटे में किसानों का कर्ज माफ किया है और बचत पैसे 1 अप्रैल को किसानों की खाते में आएगा. और तेंदूपत्ता की खरीदी 4 हजार रुपए प्रति क्विंटल खरीदी करेगी.
कांग्रेस की सरकार गरीबों की सरकार है. गौ माता के नाम से वोट मांगते हैं और भाजपा की सरकार सेवा नहीं करती. राम मंदिर के नाम से वोट मांगते हैं लेकिन आज तक राम मंदिर नहीं बना पाए है. भाजपा गौ माता की नाम से वोट भी लेते हैं और नोट भी लेता है.
खाद्य एवं वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि पांच राज्यों में हुए चुनाव में कवर्धा विधानसभा में कांग्रेस पार्टी की सबसे ज्यादा मतों से जीत हुई. साथ ही जिले के दोनों विधानसभा सीट में कांग्रेस को भारी मतों से जीत दिलाने पर लोगों को बधाई दी.
राहुल गांधी ने कहा था कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती है तो 10 दिनों के भीतर ही किसानों का कर्जा माफी करेंगे और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 2 घंटे के भीतर 10 हजार करोड़ रुपए का कर्जा माफी किया है और 25 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कर रहा है, इसलिए मैं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को हिम्मतवाला कहता हूं, और हमने जो वादा किया था कि वो हम पूरा कर रहे हैं. अब बिजली बिल हाफ की योजना बन गई है. सभी गरीब परिवारों राशन कॉर्ड में 35 किलो चावल मिलेगा.
जिले में पहले बोर खनन में प्रतिबंध लगाई गई थी. प्रतिबंध के कारण लोग चोरी छिपे बोर खनन करा रहे थे. हमारी सरकार बनने के बाद बोर खनन का प्रतिबंध हटा दिया है, जब चाहे आप बोर खनन करा सकते हैं.
नरवा, घुरवा, गरवा और बारी की योजना की शुरुआत हो गई है. जिसके जिले के ग्राम बिरकोना से गौठान योजना का शुभारंभ किया गया है.
अकबर ने कहा हमको 5 साल में वादा को पूरा करना था लेकिन भूपेश बघेल ने पहले ही वादा को पूरा कर दिया है और आगे भी वादा पूरा करेंगे. हमारी प्राथमिकता घोषणा पत्र को पूरा करने की है. एक साल में कुछ छोटा मोटा काम नहीं हो तो परेशान मत होना और आने वाले साल में बहुत विकास का काम होगा.
रायपुर. कांग्रेस सरकार के 60 दिन पूरे होने पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया के जरिए प्रदेश के युवाओं से अपनी दिल की बात साझा की है. उन्होंने कहा कि सरकार के इन 60 दिनों के कार्यकाल में मैंने अपना हर एक पल छत्तीसगढ़ की जनता के लिए उपलब्ध रहने और ‘नवा छत्तीसगढ़’ गढ़ने के संकल्प को पूरा करने की प्रक्रिया में समर्पित करने का प्रयास किया है.
बघेल ने कहा कि मैं भी आप सभी की तरह एक साधारण किसान परिवार से संबंध रखता हूं. एक किसान का बेटा होने के कारण मैंने भी युवा अवस्था में कई तरह की चुनौतियों का सामना किया है. कॉलेज में दाखिले से लेकर अच्छे अंक प्राप्त करने तक, किसी भी प्रतिस्पर्धा में शामिल होकर उसमें सफलता प्राप्ति के प्रयास तक एवं अध्ययन उपरांत अपनी रोजी-रोटी के लिए संघर्ष से लेकर, पारिवारिक जिम्मेदारी को सम्भालने तक, लगभग हर स्तर पर संघर्ष से मेरी मुलाकात होती रही है. इसलिए आप सबके दर्द और संघर्ष को मैं बखूबी समझता हूँ और मुझे ऐसा लगता है कि बदलते सामाजिक परिवेश के चलते आपका संघर्ष और समर्पण मेरी उस समय की परिस्थितियों की तुलना में और भी कठिन होगा.
वर्ष 2018 प्रदेश में बदलाव की एक नई उम्मीद लेकर आया. यह वो वक्त था जब हमारा नवजात शिशु रुपी प्रदेश 18 वर्ष की आयु को पूर्ण कर वयस्क अवस्था में आ रहा था. वयस्क होने के साथ साथ जिस प्रकार से हर मनुष्य की नई आशाएं, नये सपने, नई आकांक्षाएं होतीं हैं, ठीक उसी प्रकार से हमारे छत्तीसगढ़ प्रदेश को भी नये बदलाव की आवश्यकता थी. इस बार पुनः उसी लोकतांत्रिक प्रक्रिया ने वयस्क छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी कांग्रेस पार्टी के कन्धों पर दी. जनादेश इतना प्रचंड था कि मानों छत्तीसगढ़ महतारी का संदेश स्पष्ट हो कि इस नये छत्तीसगढ़ की आकांक्षाएं, आशाएं एवं सपने केवल कांग्रेस पार्टी ही पूरा कर सकती है.
उन्होंने कहा कि नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने की चुनौती बहुत बड़ी है और यह मैं अकेले आप सबके सहयोग के बिना नहीं कर सकता. मैं छत्तीसगढ़ के युवाओं से आह्वाहन करता हूं कि वे आरोप-प्रत्यारोप छोड़ कर आगे आएं और नवा छत्तीसगढ़ के सपने को हम सब मिलकर साकार करें. किसी भी प्रदेश के विकास के लिए वहां के युवाओं में एक फौलादी जिगर, दृढ इच्छा शक्ति, पराक्रम, धैर्य और संयम की सख्त जरूरत होती है. कृपया आप मुझे अपना धैर्य और संयम प्रदान करें. मैं विश्वास दिलाता हूं कि सरकार संविधान के अनुरूप सबको समान अधिकार देकर सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय की दिशा में कार्य करना जारी रखेगी.
साथ ही, महिलाओं और बच्चों को उनकी सुरक्षा एवं संरक्षण के बारे में जागरूक करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा, कि पुलिस अधिकारियों को किसी शिकायत पर फौरन कार्रवाई करने और ऐसे मामलों से संवेदनशीलता के साथ निपटने को कहा है। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वर्षा मिश्रा को अभियान का राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी बनाया गया है, जिन्हें कोई भी फोन या ईमेल कर शिकायत दे सकता है।
सभी पुलिस अधीक्षकों को जिला स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करने और सभी थानों में महिला एवं बच्चों की शिकायतों की सुनवाई के लिए एक प्रकोष्ठ बनाने का निर्देश दिया गया है। इन प्रकोष्ठों में कम से कम एक महिला अधिकारी नियुक्त की जाएं।
रायपुर। भाजपा धर्म से धर्म और भाई से भाई को लड़ाने की साजिश कर रही है। यह कहना है कांग्रेस का। कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री शैलेश नितिन त्रिवेदी कहना है कि हिंदू संगठनों की जानकारियां तो पूर्ववर्ती भाजपा सरकार में भी पुलिस जुटाती रही है।
विभिन्न संगठनों के बारे में जानकारी एकत्र करना, तो पुलिस की कार्यप्रणाली का सामान्य हिस्सा है, लेकिन भाजपा शांत छत्तीसगढ़ में नफरत के बीज बाने की चाल चल रही है, जो कि अब बेनकाब हो गई है।
कांग्रेस ने पूर्ववर्ती भाजपा सरकार में 26 फरवरी 2015 को जारी पत्र की प्रति भी जारी की है, जिसमें भी हिंदू संगठनों की जानकारी सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों से मांगी गई थी। कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री त्रिवेदी का कहना है कि पुलिस की सामान्य प्रक्रिया के पत्र को भाजपा के लोगों ने जानबूझकर सोशल मीडिया में वायरल किया, ताकि साम्प्रदायिकता फैलाई जा सके। यह दो माह पहले प्रदेश में बनी कांग्रेस सरकार को बदनाम करने की साजिश थी।
भाजपा ने सोशल मीडिया पर पुलिस मुख्यालय की गुप्तावार्ता शाखा से पुलिस अधीक्षकों को जारी पत्र वायरल किया और कांग्रेस सरकार पर कई तरह के सवाल उठाए। त्रिवेदी का कहना है कि जब पूर्ववर्ती भाजपा सरकार में पुलिस ने हिंदू संगठनों की जानकारी एकत्र की, तब कोई आपत्ति नहीं थी।
कांग्रेस सरकार में पुलिस उसी प्रक्रिया का पालन कर रही है, तो वह हिंदू विरोधी कैसी हो गई? जिस तरह के बयान और ट्वीट कांग्रेस सरकार के लिए किए जा रहे हैं, क्या वे पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह पर लागू नहीं होते?
क्या रमन सरकार भी नक्सलियों और इस्लामी आतंकियों को डाटा बेचना चाहती थी? त्रिवेदी का कहना है कि भाजपा के डीएनए में ही साम्प्रदायिक सद्भावना बिगाड़ना है। उसकी हर सोच और उसका हर कदम देश की समरसता पर प्रहार करने वाला होता है।
देश और प्रदेश की जनता भाजपा के नापाक मंसूबों को समझ चुकी है। यही वजह है कि विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता ने भाजपा को नकार दिया था।
सीएम के पिता के मौखिक आदेश पर काम तो नहीं कर रहे एसपी
प्रदेश में जाति के आधार पर संगठनों की जानकारी मांगने के मुद्दे ने तूल पकड़ लिया है। भाजपा ने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके पिता पर निशाना साधा है। भाजपा ने गरियाबंद इसमें पूछा है-इस पत्र को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल देखें। अगर शासन के अधिकृत आदेश के बिना हिंदू संगठनों की जानकारी इकठ्ठा की जा रही थी, तब तो और गंभीर मामला बनता है। जिलों में एसपी ने सीएम के पिता के मौखिक आदेश पर तो यह कार्रवाई नहीं की थी।
भाजपा इस मामले में एसआइटी जांच की मांग करती है। भाजपा ने एक और ट्वीट किया। इसमें लिखा-यह सवाल इसलिए है क्योंकि सीएम के रिश्तेदारों का दखल बढ़ने संबंधी खबरें मीडिया में आयी हैं और सीनियर बघेल लगातार हिंदू विरोधी कृत्य में सक्रिय रहते हैं। क्या इस पर सरकार एसआइटी का गठन करेगी। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने भी सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने का आरोप भी लगाया था।
मुस्लिम व दूसरे संगठनों की भी जानकारी मांगी
पुलिस मुख्यालय की गुप्तवार्ता शाखा ने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों से केवल हिंदू ही नहीं, मुस्लिम, कर्मचारी, सामाजिक संगठनों की भी जानकारी मांगी है। सभी संगठनों के पदाधिकारियों का नाम व पता, राजनीतिक पार्टी से उनकी सम्बद्धता, समाज में उनका प्रभाव, संगठन का उद्देश्य व गतिविधियां और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी मांगी गई है।
हर वर्ष जुटाई जाती है जानकारी: एडीजी
गुप्तवार्ता शाखा के एडीजी संजय पिल्ले का कहना है कि पुलिस तो हर साल विभिन्न् संगठनों की जानकारी अपडेट करती है। इससे वर्तमान पदाधिकारियों का पता चल जाता है और नए संगठन बने हों, तो उनके बारे में भी जानकारी मिल जाती है। यह पुलिस की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है।
बेमेतरा। साजा तहसीलदार के शासकीय खाते से अज्ञात आरोपित ने 960700 का आहरण किए जाने की शिकायत सामने आया है। तहसीलदार साजा ने थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। तहसीलदार की रिपोर्ट पर थाना साजा में अज्ञात आरोपित के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जानकारी के अनुसार उक्त राशि चेक से आहरण किए जाने की बात कही जा रही है। चेक कोलकाता में लगाने की बात भी साजा थाना द्वारा कही जा रही है।
हालांकि अभी इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि इस तरह के फर्जीवाड़े को अंजाम किसने दिया है। वहीं इधर जो चेक क्रमांक तहसीलदार साजा को बैंक द्वारा आवंटित किया गया है उसी चेक नंबर से राशि की आहरण होने की बात कही जा रही है। जिस चेक से भुगतान किया जाना बैंक बता रही है वह चेक आज भी तहसीलदार साजा के पास सुरक्षित रखा हुआ है।
राशि दो चेक लगाकर आहरित किया गया है। फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब तहसीलदार साजा ने बैंक से भुगतान लेने के लिए चेक लगाया गया। तब खाते में राशि नहीं होने की जानकारी दी गई। राशि नहीं होने की बात के बाद जब स्टेटमेंट बैंक से निकाला गया। तब इसकी भनक मिल पाई।
रायपुर. राजधानी के पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय का 24वां दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया है. यह समारोह पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडोटोरियम में आयोजित हुआ है. राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल छात्रों को उनकी डिग्री दे रहे हैं.
वहीं दोपहर 3 बजे से कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय रायपुर का दीक्षांत समारोह शुरू होगा. जिसमें राज्यपाल के साथ उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, रायपुर ग्रामीण के विधायक शसत्यनारायण शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार ओम थानवी और महापौर नगर पालिक निगम रायपुर प्रमोद दुबे भी कार्यक्रम में शामिल होंगे.
रायपुर। एसीबी और ईओडब्ल्यू के प्रमुख रहे IPS अधिकारी मुकेश गुप्ता की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. भाजपा विधायक ननकी राम कंवर के बाद अब पूर्व विधायक और भाजपा सरकार में वित्त आयोग के अध्यक्ष रहे वीरेन्द्र पाण्डेय ने गुप्ता के खिलाफ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से शिकायत की है. उन्होंने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि मुकेश गुप्ता अभियुक्तों को बचाने, गवाहों पर दबाव डालने व सरकारी दस्तावेजों को नष्ट कर निर्दोषों को झूठे मामलों में फंसाते थे और उनका साथ एसपी रजनेश सिंह दिया करते थे. उन्होंने सीएम से की गई शिकायत में जांच की मांग की है.
पाण्डेय ने अपनी शिकायत में कई मामलों का जिक्र किया. उन्होने शिकायत में कहा है कि ईओडब्ल्यू में अपराध क्रमांक 53/2014 प्रथम इत्तिला पुस्तक में पृष्ठ क्रमांक 30, 31, 32, एवं 33 में दर्ज किया है. इसी तरह अपराध क्रमांक 54/2014 प्रथम इत्तिला पुस्तक के पृष्ठ क्रमांक 34, 35, 36 एवं 37 में दर्ज किया गया है. अपराध क्रमांक 55/2014 प्रथम इत्तिला पुस्तक के पृष्ठ क्रमांक 38, 39, 40 एवं 41 में दर्ज की गई है. अपराध क्रमांक 57/2014 प्रथम इत्तिला पुस्तक के पृष्ठ क्रमांक 42, 43, 44 एवं 45 में लेख किया गया है. उन्होंने लिखा है कि महत्वपूर्ण यह है कि अपराध क्रमांक 56/ 2014 को प्रथम इत्तिला पुस्तक के पृष्ठ क्रमांक 42, 43, 44, 45 में लेख किया जाना चाहिए था. किन्तु पूर्व में उसे अवैध रुप से विजय सिंह ठाकुर, गोविंद राम देवांगन, अबरार बेग, बीडीएस नरबरिया आदि से जिनके पास से करोड़ों रुपये संपत्ति जब्त किया गया था. उनके विरुद्ध कंप्यूटर से फर्जी एफआईआर दर्ज की गई (प्रथम इत्तिला पुस्तक की जगह) जब इन लोगों से रिश्वत प्राप्त हो गई तो वह कंप्यूटर की सादे कागज की फर्जी एफआईआर फाड़कर सादे कागज में फर्जी एफआईआर आलोक अग्रवाल के विरुद्ध कंप्यूटर से दर्ज की गई. यह ईओडब्ल्यू के कम्प्यूटर की एफएसएल की जांच से प्रमाणित हो जाएगा.
वीरेन्द्र पाण्डेय ने अपनी शिकायत में लिखा है कि दोनों अधिकारियों को तत्कालीन सरकार से राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था. वर्ष 2015 में ईओडब्ल्यू में संघारित प्रथम इत्तिला पुस्तक क्रमांक 1 से शुरु होनी चाहिए पूर्व में पृष्ठ क्रमांक 1 से 5 में एक झूठा मुकदमा मुकेश गुप्ता एवं रजनेश सिंंह ने कायम करवाया. कथित अभियुक्त से रिश्वत प्राप्त कर एफआईआर बुक को फाड़ दिया गया और दिनांक 1 जनवरी 2015 को अपराध क्रमांक 1/2015 प्रथम इत्तिला पुस्तक के पृष्ठ क्रमांक 6, 7, 8, 9 एवं 10. अपराध क्रमांक 2/15 प्रथम इत्तिला पुस्तक के पृष्ठ क्रमांक 12, 13, 14 एवं 15. अपराध क्रमांक 3/2015 प्रथम इत्तिला पुस्तक क्रमांक 16, 17 एवं 18. अपराध क्रमांक 4/2015 इत्तिला पुस्तक क्रमांक 19, 20, 21 एवं 22. अपराध क्रमांक 6/2015 प्रथम इत्तिला पुस्तक क्रमांक 23, 24, 25.
वहीं अपराध क्रमांक 5/2015 प्रथम इत्तिला पुस्तक में दर्ज नहीं है. इसे कंप्यूटर में सादे कागज में दर्ज किया गया है. आलोक अग्रवाल से रिश्वत की मांग की गई जिसे उसने देने से इंकार कर दिया साथ ही अबरार बेग, गोविन्द राय, विजय सिंह ठाकुर, गोविन्द राम देवांगन, बीडीएस नरबरिया जिनके पास पास से करोड़ों रुपये बरामद हुए, रिश्वत प्राप्त कर कंप्यूटर में लेख की गई प्रथम सूचना पत्र को फाड़कर फेंक दिया गया और बाद में पुनः कम्प्यूटर से अपराध क्रमांक 5/2015 की एफआईआर सादे कागज में दर्ज किया गया.
वीरेन्द्र पाण्डेय ने सभी मामलों के दस्तावेजों को सौंपते हुए लिखा है कि इन दस्तावेजों से यह स्पष्ट हो जाएगा कि मुकेश गुप्ता एवं रजनेश सिंह ने अधीनस्थ कर्मचारियों को डरा धमकाकर ईओडब्ल्यू थाने में संधारित प्रथम इत्तिला पुस्तिका में प्रथम सूचना दर्ज नहीं करायी. कूटरचित दस्तावेज तैयार कराये, यह जानते हुए कि वे कूटरचित हैं.
रायपुर. अंतागढ़ टेप कांड में एफआईआर दर्ज होने के बाद जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के सुप्रीमो अजीत जोगी के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को छत्तीसगढ़ का मोदी कहे जाने पर पलटवार करते हुए कहा कि मुझमें और मोदी में कोई समानता नहीं है, बल्कि जोगी और मोदी में बहुत समानता है. दोनों का न केवल सरनेम मिलता है, बल्कि दोनों लच्छेदार भाषण करते हैं, दोनों की बात में सच्चाई नहींं होती. दोनों के पास अमित हैं, जो हत्या के मामले में 10 महीने तक निरुद्ध रहे हैं.
उत्तरप्रदेश, बिहार और दिल्ली की यात्रा कर छत्तीसगढ़ लौटे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्रकारों से चर्चा में कहा है कि उनकी उत्तर प्रदेश और बिहार की यात्रा सार्थक रही है. तीन राज्यों में कांग्रेस की जीत का असर पूरे देश में है. उन्होंने कहा कि पूरा देश राहुल गांधी को मोदी के विकल्प के रुप में देख रही है.

अंतागढ़ टेप कांड के मामले में कहा कि जो एसआईटी का गठन हुआ है, उसके बाद कोई अधिक आवेदन देता है, तो अगर ऐसा ही उपयुक्त मानेगी तो उसे जांच में शामिल कर लेगी. वहीं सीडी कांड की जांच दूसरे प्रदेश में कराए जाने की भाजपा प्रदेश प्रभारी डॉ. अनिल जैन की मांग पर उन्होंने कहा कि अनिल जैन को कुछ समझ नहीं है. जो उनको बोला गया वह बोल दिया. जब जांच प्रक्रिया पूरी हो गई, कोर्ट में पेश हो गया, लोगों ने जमानत ले ली तो बचा क्या है. क्या उनको न्यायालय व्यवस्था में विश्वास नहीं है. जो मामला न्यायालय में हो उसे स्थानांतरित करने का सवाल ही पैदा नहीं होता.
कोलकाता में सीबीआई को लेकर सीएम ममता बैनर्जी के धरना दिए जाने पर भूपेश बघेल ने कहा कि बीजेपी लगातार संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने में लगी है, और सीबीआई के जितना नीचे गिरा सकते थे, गिरा चुके हैं. उसकी विश्वसनीयता अब समाप्त हो चुकी है. अब उसका दुरुपयोग किस प्रकार से कर रहे हैं वह कल पश्चिम बंगाल में दिखाई दी. जिस प्रकार से आईबी हो, सीबीआई हो, सीवीसी हो, सब का दुरुपयोग हो रहा है. वह पूरा देश देख रहा है. बदले की भावना से केंद्र सरकार कार्रवाई कर रही है. जहां तक सीबीआई चीफ का यह कहना छत्तीसगढ़ सरकार से बात की जाएगी, मुझे इसकी जानकारी नहीं है. लेकिन मैं बताना चाहूंगा कि बीजेपी की सरकार ने 2012 में ही गजट नोटिफिकेशन किया था. भारत सरकार के पास पत्र भेजा था वह दूर था, उसे हमने पूरा करने के लिए पत्र लिखा है तो पहले वह अपने आका से पूछ ले.
रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बीजेपी दफ्तर में पत्रकार को पीटने की घटना की निंदा करते हुए कहा कि उनका अब प्रजातंत्र में विश्वास नहीं रहा. बीजेपी अब अपनी हार की खीझ पत्रकारों पर निकाल रही है. उन्होंंने कहा कि ये बेदह गंभीर मामला है. यदि इस तरह से किया जाएगा तो प्रजातंत्र के चौथे स्थान पर हमला माना जाएगा. वैसे भी हम लोग पत्रकार सुरक्षा कानून लाने वाले हैंं. ये जो घटनाएं हुई हैं उसे लगता है कि और जल्द तेजी से करना पड़ेगा.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस दफ्तर में भी कई बार इस तरह की स्थिति बनी है. लेकिन कांग्रेस ने कभी पत्रकारों को नहीं रोका. कार्यकर्ता उलझ जाते हैं. उन्हें मनाया-समझाया जाता है. लेकिन बीजेपी के लोग खुद लड़ रहे हैं और पत्रकारों के साथ मारपीट कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन ने इस पर कार्यवाही की है.
उन्होंने बीजेपी से सवाल पूछा है कि क्या उनका प्रजातंत्र पर विश्वास नहीं है. जिस तरह से संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर कर रहे हैं, उसी तरह से चौथे स्तंभ को भी कमजोर किया जा रहा है. बस्तर में पत्रकारों के साथ क्या इन लोगों ने किया है, अब सरकार में नहीं है तब सारी खीझ पत्रकारों पर निकाल रहे हैं. भूपेश बघेल ने कहा कि बीजेपी के पास मौका है 5 साल में अपनी कमजोरी ढूंढे. लेकिन वे अपना गुस्सा, खीज पत्रकारों पर निकाल रहे हैं , यह बेहद गंभीर मामला है.
राजीव अग्रवाल को कार्यकर्ताओं द्वारा माला पहनाकर स्वागत किए जाने पर भूपेश ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि पत्रकारों को और मीडिया हाउस को यह समझ जाना चाहिए कि जो पत्रकारों को पिटेगा भाजपा के लोगे उसका सम्मान किया जाएगा यह तानाशाही प्रवृत्ति के लोग हैं. इनका असली चेहरा सामने आ चुका है.
रायपुर। भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से मारपीट और दुर्व्यवहार के मामले में अपनी मांगों को लेकर पत्रकारों का धरना प्रदर्शन जारी है. प्रेस क्लब के बाहर बड़ी संख्या में पत्रकार धरना पर बैठे हैं. धरना प्रदर्शन को समर्थन देने पूर्व पत्रकार और सरकार के मीडिया सलाहकार रुचिर गर्ग भी पहुंचे. वे भी पत्रकारों के साथ धरने में बैठे और उन्होंने घटना की जमकर भर्त्सना की. उन्होंने मौजूदा दौर में पत्रकारिता को सबसे ज्यादा चुनौती भरा कैरियर बताया और कहा कि समाज को भी इससे अवगत होना चाहिए.
उन्होंने कहा कि पत्रकार पर हमला हुआ रिपोर्टिंग के दौरान, रिपोर्टर को जिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा वह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है और जिस तरह गुंडागर्दी का सामना करना पड़ा उस पत्रकार को. ये घटनाएं बताती है कि एक रिपोर्टर जब फील्ड में जाता है तो उसे किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है किस तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. और ये पूरे समाज को जानना चाहिए कि पत्रकारिता दिन ब दिन कितना चुनौती पूर्ण पेशा होता जा रहा है. पत्रकारिता करना कितना कठिन होता जा रहा है वो कल की इस घटना से पता लगता है.

रुचिर गर्ग ने भाजपा कार्यालय में हुई घटना को लेकर कहा कि कल वो शायद सबसे सुरक्षित जगह में गया था. जहां हर तरह की सुरक्षा थी. जहां रिपोर्टिंग के लिए जाते हुए उसे यह नहीं लगा होगा कि उसे किसी तरह के हमले का सामना करना पड़ सकता है लेकिन वहां उसको एक ऐसी घटना का सामना करना पड़ा. जो इस बात को भी बता रही है कि समाज का एक तबका राजनीतिज्ञों का एक हिस्सा किस तरह से असहिष्णु होता जा रहा है. वो नहीं चाहता कि पत्रकार वहां आए और वहां का सच समाज को दिखाए. तो इन तमाम परिस्थितियों में जिस तरह से चुनौतियों का सामना हमारे पत्रकार साथी कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि मैं यहां पर अपनी ओर से एकजुटता दिखाने के लिए आया हूं. मैं चूंकि सरकार का एक हिस्सा भी हूं तो यह बताने भी आया हूं कि सरकार पत्रकारों की सुरक्षा के लिए बेहद चिंतित है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ से बाहर थे लेकिन वो इस पूरी घटना से अवगत थे. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश भी दिया कि पत्रकारों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाए. जो भी आवश्यक कार्रवाई हो उसे किया जाए. साथ ही उन्होंने कल ट्वीट कर के यह भी कहा है, उन्होंने पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर अपनी प्रतिबद्धता को भी दोहराया है. और यह कहा है कि उनकी सरकार पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है.
रुचिर गर्ग ने कहा कि हमें यह उम्मीद है ये सरकार एक ठोस पत्रकार सुरक्षा कानून लेकर आएगी. उन्होंने रायपुर प्रेस क्लब को शहर की ताकत बताते हुए कहा कि रायपुर प्रेस क्लब या उसके किसी सदस्य या किसी पत्रकार के साथ ऐसी कोई घटना होती है वो किसी तरह के हमले का शिकार होता है तो पूरा शहर उसके साथ है, पत्रकारों के साथ है रायपुर प्रेस क्लब के साथ है. हम यह उम्मीद करते हैं कि आने वाले दिनों में इस तरह की घटनाएं दोहराई ना जाए. यह हम सबके लिए एक सबक भी है.
रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय बजट पर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार पहले 2014 में किए गए जुमलें वादों का हिसाब दें. पांच साल में एक वादा पूरा किया नहीं दूसरे जुमला वादों की घोषणा कर दी. सीएम भूपेश बघेल ने ट्विटर पर हमला बोलते हुए लिखा कि 2014 की ‘जुमला-एक्सप्रेस’ के बाद अब 2019 में ‘जुमला-बुलेट-एक्सप्रेस’ की शुरुआत कर दी गई है. भूपेश ने कहा कि देश के हर वर्ग की हवा उड़ी हुई है और मोदी सरकार ‘उरी’ पर अटकी हुई है.
उन्होंने केंद्र सरकार से पहले 2014 के किए जुमलों का हिसाब मांगा है. कहा कि हर खाते में आने वाले 15 लाख का क्या हुआ? छग में कितनी स्मार्ट सिटी बनी? स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू क्यों नहीं हुई? हर साल 2 करोड़ नौकरी का क्या हुआ? नौकरी मांगने वाले नौकरी दे रहें है, -पर कहां? उन्होंने कहा कि अगले 5 साल में 1 लाख डिजिटल विलेज बनायेंगे, लेकिन पिछले 5 साल में कितने स्मार्ट सिटी बनायें? इनका तो पता ही नहीं है.
”2014 की ‘जुमला-एक्सप्रेस’ के बाद, 2019 में “जुमला-बुलेट-एक्सप्रेस”!! अगले 5 साल में 1 लाख डिजिटल विलेज बनायेंगे, -पिछले 5 साल में कितने स्मार्ट सिटी बनायें? नौकरी मांगने वाले नौकरी दे रहें है, -पर कहां? (NSSO के अनुसार बेरोजगारी दर पिछले 45 साल में सबसे ज्यादा) ”
”पहले 2014 के जुमलों का हिसाब दो- हर खाते में आने वाले 15 लाख का क्या हुआ? -छग में कितनी स्मार्ट सिटी बनी? -स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू क्यों नहीं हुई? -हर साल 2 करोड़ नौकरी का क्या हुआ? देश के हर वर्ग की हवा उड़ी हुई है और मोदी सरकार ‘उरी’ पर अटकी हुई है.”
