छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ (21107)

रायपुर. वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने आज मोदी सरकार के वर्तमान कार्यकाल का आखिरी बजट पेश किया है. केन्द्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कहा कि बजट सभी तबके का ख्याल रखा गया है.  फिर चाहे वह स्वच्छ भारत योजना, उज्जवला योजना, मनरेगा, आयुष्यमान भारत योजना हो या फिर आम आदमी को राहत देने टैक्स में 5 लाख तक छूट मिलने को.

 

रमन सिंह ने कहा कि 2 हेक्टयेर वाले किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये देने की घोषणा से देश के करीब 12 करोड़ किसानों को यह लाभ मिलेगा. राष्ट्रीय कामधेनु योजना के तहत प्रति किसान को 500 रुपए दिया जाएगा. प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को 3 हजार रुपए का प्रतिमाह लाभ मिलेगा. इसमें अनुसूचित जनजाति को छूट दी गई है. उन्होंने कहा कि महंगाई की दर कम की गई है जिससे 10 प्रतिशत से घटाकर 4.5 प्रातिशत किया गया. इस बजट में सभी वर्गों को साथ लेकर चलने से रमन सिंह ने प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री का धन्यवाद किया है.

कांग्रेस की प्रतिक्रिया पर बोले सीएम

रमन सिंह ने कांग्रेस के प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की सरकार ने घोषणा की थी अब वो अपनी वादों को पूरा करें, हमारी केंद्र सरकार ने तो आमजनों के लिए बजट दिया है. किसानों को राशि देने कि कॉन्ग समर्थन मूल्य ने पहले किया था. इनको वित्तीय प्रबंधन करना है. ये उनको सोचना था. वादे इन्होंने किए हैं. कांग्रेस अपने वादों से मुकर गई है. क्या वे अपनी सभी नीतियों को केंद्र पर सरकार ही लाएंगे. आपने घोषणा किया है तो आपको पहले वित्तीय प्रबंधन देखना था. वो चुनाव ही क्यों लड़े फिर.

उन्होंने कहा कि शराबबंदी को लेकर वादे किए थे, लेकिन अब फिर से सब बिचौलियों के हाथों में जा रहा है. छह महीने रुकिये फिर ये गांवों में घुस नहीं पाएंगे. जिन महिलाओं ने इन्हें शराबबंदी के नाम पर वोट दिए हैं वे ही इन्हें डंडे से मारेंगी.

रायपुर। ईओडब्ल्यू ने नान के दफ्तर में छापा मारा है.  मामला नान में हुए 36 हजार घोटाले का. घोटाले की जांच करने आज एसआईटी की टीम ने नान के दफ्तर में दबिश दी है. इस मामले की जांच ईओडब्ल्यू आईजी एसआरपी कल्लूरी के नेतृत्व में एसआईटी की कर रही है.

 

आपको बता दे कि तत्कालीन रमन सरकार के कार्यकाल में हुए हुए इस घोटाले की जांच ईओडब्ल्यू की ओर से की जा रही थी. इस मामले में दो आईएएस अफसर सहित 16 लोगों को आरोपी बनाया गया है. वहीं जब्त डायरी के पन्नों में सीएम मैडम, सीएम सर के नाम आने के बाद सियासत सालों से गरमाई हुई है. आरोप है कि छत्तीसगढ़ में राइस मिलरों से लाखों क्विंटल घटिया चावल लिया गया और इसके बदले करोड़ों रुपये की रिश्वतखोरी की गई. इसी तरह नागरिक आपूर्ति निगम के ट्रांसपोर्टेशन में भी भारी घोटाला किया गया. इस मामले में 27 लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज़ किया गया था. जिनमें से 16 के ख़िलाफ़ 15 जून 2015 को अभियोग पत्र पेश किया गया था. वहीं इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय की ओर से केस दर्ज कर जांच किया जा रहा है.

ईओडब्लू एसपी एलेसेला ने कहा कि जो हमे टास्क नान मामले को लेकर मिला है उसी के तहत नान के ऑफिस पहुचे थे. 2011 से लेकर 2014 के बीच भी जो भ्रस्टाचार हुआ था उसकी जांच चल रही है. कुछ दस्तावेजो मिसिंग है उन्ही को खंगालने की कवायद जारी है. जरूरत पड़ने पर सारे दस्तावेज सीज किये जायेंगे.

आईजी कल्लूरी के नेतृत्तव में एसआईटी की ये टीम कर है नान घोटाले की नए सिरे से जांच
1 एस.आर.पी.कल्लूरी पुलिस महानिरीक्षक, राज्य आर्थिक अपराध SIT अन्वेषण ब्यूरो एवं एंटी करप्शन ब्यूरो छ ग. प्रभारी
2.आई.कल्याण एलेसेला, पुलिस अधीक्षक नारायणपुर
3 मनोज कुमार खिलारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसीबी,रायपुर
4 उनेजा खातून अंसारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जशपुर
5 विश्वास चंद्राकर, उप पुलिस अधीक्षक, ई.ओ.डब्ल्यू. रायपुर सदस्य
6 अनिल बक्शी, उप पुलिस अधीक्षक, ई.ओ.डब्ल्यू. रायपुर सदस्य
7 एल.एस.कश्यप निरीक्षक, सी.आई.डी.रायपुर
8 बृजेश तिवारी, निरीक्षक, एसीबी,रायपुर
9 रमाकांत साहू, निरीक्षक, एसीबी,रायपुर
10 मोतीलाल पटेल, निरीक्षक, काकेर
11 फरहान कुरैशी, निरीक्षक, ईओडब्ल्यू रायपुर
12 एन.एन. चतुर्वेदी, विधि विशेषज्ञ, सेवानिवृत्त उप संचालक सदस्य

ये हैं वो 11 बिंदू जिसके अधार पर नए सिरे से एसआईटी ने जांच शुरू की है-

  1. प्रकरण में विवेचना जून 2014 से फरवरी, 2015 के बीच की अवधि मात्र की ही की गई है. उसके  पूर्व अवधि को अनुसंधान में शामिल नहीं किया गया है.
  2. शिवशंकर भट्ट से बरामद 113 पन्ने जिसमें अवैध लेनदेन का हिसाब होना बताया गया था. उनमें मात्र 6 पन्ने ही केस रिलेवेंट होने के कारण प्रकरण में संलग्न किए गए हैं. उन 6 पन्नों में वर्ष 2011 से 2013 के बीच की अवधि की जिलेवार करोड़ों की वसूली का वर्णन है. इन्हीं 6 पन्नों को चालन के साथ अभियोजन दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत किया गया है. शेष 107 पन्ने कार्यालय में रखे हैं. इन 107 पन्नों में उक्त तथ्यों के संबंध में इस अपराध में विवेचना नहीं की गई है.
  3. केके बारीक के कंप्यूटर से बरामद 127 पन्नों में अवैध लेनेदेन का विवरण होना दर्शाया गया है. उपरोक्त 127 पन्ने कार्यालय में रखे गए हैं. अपराध में इन पन्नों की विवेचना नहीं की गई है.
  4. गिरीश शर्मा के घर में छापेमारी में 1.70 लाख रुपए नगद, अनेक वाहन, दो आवास, शॉपिंग माल तथा एक प्लाट होने की खबर प्रकाशित कराई गई. किंतु इस संबंध में असमानुपातिक संपत्ति अर्जित करने संबंधी विषय पर विवेचना नहीं की गई है.
  5. त्रिनाथ रेड्डी के निवास से जब्त नगदी रकम (42000) एवं संपत्ति के दस्तावेज जब्त किए गए हैं एवं जब्ती पत्रक अभियोग पत्र में लगाया गया है. किंतु इस प्रकरण में असमानुपातिक संपत्ति अर्जित करने संबंधी विषय पर विवेचना नहीं की गई है.
  6. केके बारिक के निवास के जब्त नगदी रकम (31800) एवं संपत्ति के दस्तावेज जब्त किया जाकर उस जब्ती पत्रक को अभियोग पत्र में लागया गया है, परंतु प्रकरण में असमानुपातिक संपत्ति अर्जित करने संबंधी विषय पर विवेचना नहीं की गई है.
  7. जीतराम यादव के घर से जब्त 36 लाख रुपए के संबंध में प्रमाणित हुआ कि उक्त राशि शिवशंकर भट्ट की है, अतएव इन्हें एसीबी के बैंक अकाउंट की जब्ती की गई है. एव जब्ती पत्रक अभियोग पत्र में संलग्न किया गया है. किन्तु प्रकरण में समानुपातिक संपत्ति अर्जित करने संबंधी विषय पर विवेचना नहीं की गई है.
  8. अरविंद ध्रुव से जब्त दस्तावेज को अभियोजन पत्र में लगाया गया है. प्रकरण में असमानिपातिक संपत्ति अर्जिक करने संबंधी विषय पर विवेचना नहीं की गई है.
  9. गिरीश शर्मा, अरविंद शर्मा, जीतराम यादव, केके बारीक तथा त्रिनाथ रेड्डी से बड़ी धनराशि तथा संपत्तियां बरामद होने के कारण उन्हें आरंभ में अभियुक्त बनाया गया था. माननीय उच्च न्यायालय ने गिरीश शर्मा, अरविंद ध्रुव एवं जीतराम यादव को धारा 319 दप्रसं के अनुसार वर्तमान स्थिति में मुल्जिम के रूप में समंस करने पर रोक लगाई है. विवेचना में इन्हें गवाहों के रूप में प्रस्तुत किया गया है.
  10. भ्रष्ट्राचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 20 अंतगर्त यह उल्लेखित है कि यदि किसी लोकसेवक से भ्रष्ट्राचार की राशि जब्त की जाती हो तो यह उपधारणा की जाएगी कि यह राशि उसने स्वयं के लिए ली है. उस राशि को अन्य किसी व्यक्ति के लिए लेना बताकर वह अपने दायित्व से मुक्त नहीं हो सकता.
  11. गिरीश शर्मा के जब्त कंप्यूटर के प्रिंट आउट, चार पन्ने में अनेक प्रभावशाली व्यक्तियों को रिश्वत की राशि प्राप्त होने का उल्लेख है किन्तु उसकी कोई विवेचना नहीं की गई. न ही गिरीश शर्मा के कंप्यूटर की हार्डडिस्क जब्त की गई.

रायपुर। प्रदेश की नई सरकार ने संपत्तिकर को आधा करने की कवायद शुरू कर दी है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सभी 13 नगर निगमों, 44 नगर पालिकाओं और 111 नगर पंचायतों से विगत दो वर्षों की राजस्व वसूली की जानकारी मंगाई है।

सरकार यह देखेगी कि संपत्तिकर आधा करने पर निकायों की आय कितनी कम होगी और उसकी भरपाई किस स्रोत से की जा सकेगी? उसके आधार पर आगे निर्णय लिया जाएगा।

कांग्रेस ने अपने घोषणा-पत्र में संपत्तिकर को कम से कम 50 फीसद तक कम करने का वादा किया था। सत्ता में आने के बाद कांग्रेस ने इस पर काम शुरू कर दिया है।

नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी नगरीय निकायों से वित्तीय वर्ष 2017-18 और 2018-19 में संपत्तिकर, समेकित कर, जलकर, दुकान का किराया और अन्य मद से प्राप्त राजस्व की जानकारी मांगी है।

सभी निकायों से रिपोर्ट आने के बाद दो और तीन फरवरी को रायपुर में बैठक रखी गई है, जिसमें एक-एक नगरीय निकाय के राजस्व की समीक्षा होगी।

संपत्तिकर को आधा करने पर नगरीय निकायों के आय काफी प्रभावित होगी, क्योंकि इसी से निकायों को सबसे अधिक राजस्व की प्राप्ति होती है।

रायपुर नगर निगम की ही बात करें, तो राजस्व लगभग 26 करोड़ स्र्पये कम हो जाएगा। इस कारण निकायों के लिए आय के दूसरे स्त्रोत को बढ़ाना जरूरी हो जाएगा। इस पर ही मंथन होगा।

कांग्रेस सरकार ने संपत्तिकर को आधा करने के लिए विभाग को निर्देश दिया है। उस पर काम चल रहा है। दो व तीन फरवरी को नगरीय निकायों की बैठक भी बुलाई गई है, जिस पर चर्चा होगी।

महासमुंद. हैलो माई नेम इज बेंजामीन मैथ्यूज, आई एम एसपी फ्रॉम सेंट्रल क्राइम टीम। बेंजामीन जिस किसी से मिलता इसी नाम और पदनाम का उपयोग करता। झांसे में आई युवतियों का बेंजामीन फायदा उठाकर ठगी और दैहिक शोषण करता था। शिकायत पर बसना पुलिस ने बेंजामीन मैथ्यूज (34) को रायपुर के धनेली इलाके से गिरफ्तार किया है।
कई सिम कार्ड, फर्जी आईडी कार्ड, प्रेस कार्ड सहित तममा दस्तावेज मिले
दअरसल, कुछ दिनों पहले बसना पुलिस को केरल के एक गांव कंजीत्तूकारा, अय्यूर निवासी मैथ्यूज के खिलाफ एक महिला ने दैहिक शोषण और ठगी की शिकायत दर्ज कराई। साइबर टीम की मदद से पुलिस ने आरोपी को रायपुर के धनेली इलाके में एक कंस्ट्रक्शन साइट से गिरफ्तार किया।
पुलिस को आरोपी के कमरे से 25-30 नग सिम कार्ड, मेमोरी कार्ड, पेन ड्राइव, पुलिस व अन्य विभागों के फर्जी पत्र, खुद के नाम के चार अलग-अलग प्रकार के प्रेस कार्ड, राजनैतिक पार्टी के फर्जी आई कार्ड, फर्जी मेडल्स, 5 एटीएम कार्ड, 8 बैंकों के पासबुक, वर्दी में ली हुई फोटो मिली है।
आरोपी के पास जब्त सिमकार्ड, एटीएम, मेडल सहित अन्य दस्तावेज।
जांच के दौरान बसना पुलिस के सब इंस्पेक्टर हेमलाल नाग ने बेंजामीन को फोन लगाया और पूछताछ की। इस पर वह भड़क गया और एसपी से बात कर ट्रांसफर करा देने की धमकी दी। आरोपी राजधानी रायपुर में ही रह रहा था और यहीं से कॉल कर लोगों को शिकार बनाता।
इंदौर, रायपुर केरल में भी की थी शादी
बेंजामीन ने इंदौर में शेफाली पांडेय नाम की युवती से शादी की है, उसके दो बच्चे भी हैं। उसने रायपुर और केरल में भी शादी की है। एसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी ने कितने लोगों से ठगी की है, इसकी जांच की जा रही है। उसने पुलिस, सीआईएसएफ और नारकोटिक्स विभाग में नौकरी लगाने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी भी की है। आरोपी के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में भी अपराध दर्ज है।
मेरे अकाउंट में परेशानी है अपना दे दो, ऐसे करता था ठगी
बेंजामीन खुद को अफसर बताकर लड़कियों और महिलाओं से दोस्ती करता। झांसे में लेने के बाद कहता कि मेरे बैंक अकाउंट में परेशानी आ गई है, इसलिए अपना अकाउंट नंबर दे दो, जिसमें मैं अपनी सैलेरी डलवाउंगा। आरोपी इन सभी एकाउंट नंबर का उपयोग ठगी के पैसे मंगाने के लिए करता था।
रायपुर के स्टेशन रोड के गेस्ट हाउस में भी उधारी
साल 2016 में आरोपी बेंजामीन अहमदाबाद से रायपुर पहुंचा। उसने यहां के स्टेशन रोड स्थित पूजा गेस्ट हाउस के बैड नंबर 8 में वो रुकता था। यहां भी उसने खुद को क्राइम ब्रांच का अफसर बताया और पैसे नहीं दिए। पैसे नहीं चुका पाने के कारण उसने अपना सामान यहीं छोड़कर गायब हो गया। कुछ दिन वो आश्रय गृह में रहा। फिलहाल वह जहां रहता था, वो एक कंस्ट्रक्शन साइट थी।
फेसबुक पर दोस्ती कर लड़कियों को दिया झांसा
प्रार्थिया रितिका (बदला हुआ नाम) ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने फेसबुक पर रिक्वेस्ट भेजकर दोस्ती की। खुद को रायपुर क्राइम ब्रांच का वरिष्ठ अधिकारी बताया था। उसने अपने फेसबुक प्रोफाइल में भी साइबर एक्सपर्ट व पुलिस वर्दी में फोटो लगाकर रखा था।
आरोपी ने शादी का झांसा दिया और कई बार शारीरिक संबंध बनाया। उसने मेरा एटीएम कार्ड रखकर रकम भी निकाली। मुझे हैदराबाद, रायपुर, भिलाई, रांची, विशाखापट्टनम, उत्तर प्रदेश भी लेकर गया। जहां वो कई लोगों से मिलता, लेकिन मुझे उनसे अलग रखता।
इसके चलते मुझे और परिजनों, मित्रों को शक होने लगा। आरोपी के खिलाफ जानकारी जुटाई तो पता चला कि वह कोई अफसर नहीं है। जब मैंने उसकी शिकायत की बात कही तो उसने अश्लील वीडियो एवं फोटोग्रॉफ्स सोशल मीडिया में वायरल कर दिया।
साइबर एक्सपर्ट भी है आरोपी
बेंजामीन ने एथिकल हैकिंग का कोर्स भी किया है। यही कारण है कि उसने प्रार्थिया के वाट्सएप अकाउंट का क्लोन तैयार कर लिया था। साथ ही उसके मोबाइल को भी हैक कर लिया था। प्रार्थिया किसे फोन लगाती थी, उसके पास किसके फोन आते थे, सभी जानकारी उस तक पहुंच जाती थी।

दंतेवाड़ा. नक्सलियों ने बुधवार सुबह झीरम से छिंदनार जा रही स्वयं सहायता समूह की ओर से संचालित एक यात्री बस में आग लगा दी। नक्सलियों ने आगजनी से पहले बस में बैठे यात्रियों को नीचे उतार दिया। फिर उन्हें 100 मीटर अंदर जंगल में ले गए और सभी के मोबाइल छीन लिए। वारदात के बाद चालक और परिचालक सीआरपीएफ कैंप पहुंचे और सूचना दी।

5 मिनट में वारदात को दिया अंजाम, फिर इंद्रावती नदी पार कर भाग निकले

  1.  

    स्वयं सहायता समूह नवा कसोली की ओर से संचालित जन सुविधा एक्सप्रेस बुधवार सुबह झीरम से 7 यात्रियों को लेकर छिंछनार जा रही थी। अभी बस सुबह करीब 8.45 बजे कसोली-छिंदनार के बीच पहुंची ही थी कि 12 की संख्या में पहुंचे नक्सलियों ने उसे रुकवा लिया।

     

  2.  

    नक्सलियों ने बस में सवार सभी यात्रियों के मोबाइल छीन लिए और उन्हें बंधक बनाकर जंगल में 100 मीटर अंदर ले गए। इस दौरान बाहर सड़क पर खड़े नक्सलियों ने साथ लाए पेट्रोल और लकड़ियां डालकर बस को आग के हवाले कर दिया। इसके बाद इंद्रावती नदी की ओर भाग निकले।

     

  3.  

    जिस जगह पर नक्सलियों ने वारदात की वह सीआरपीएफ कैंप से महज 2 किमी की दूरी पर है। महज 5 मिनट में नक्सली वारदात को अंजाम देकर भाग निकले। इसके बाद बस का चालक और परिचालक सीआरपीएफ कैंप पहुंचे और जवानों व पुलिस को सूचना दी।

     

  4.  

    यात्रियों ने पुलिस को बताया कि नक्सलियों में 2 महिलाएं भी शामिल थीं। सबके पास चाकू और अन्य छोटे हथियार थे। एक नक्सली पिस्टल लिए हुए था। वारदात स्थल से छिंदनार महज एक किमी की दूरी पर है। सभी यात्री नक्सलियों के जाने के बाद पैदल ही वहां चले गए।

     

  5.  

    नक्सली हमेशा इस तरह की वारदात को रात के अंधेरे में ही अंजाम देते आए हैं। ऐसे में सुबह-सुबह हुई इस वारदात ने आसपास के लोगों में दहशत फैला दी है। बीच सड़क पर सीआरपीएफ कैंप के पास ही नक्सलियों ने बस में आगजनी की है। बस का संचालन करने वाला स्वयं सहायता समूह जिला पंचायत सदस्य चैतराम अटामि का है।

रायपुर। सवर्ण वर्ग के गरीब लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने और उनके सामाजिक आर्थिक विकास के मकसद से केंद्र सरकार ने 10 फीसद आरक्षण की घोषणा की है। लोकसभा और राज्य सभा में इस बावत बिल पास होने के बाद राष्ट्रपति ने भी इसे मंजूरी दे दी। अब आरक्षण नियमों में बदलाव कर इसे संवैधानिक रूप दिए जाने की तैयारी चल रही है। भाजपा शासित गुजरात देश का पहला राज्य बना है जहां यह व्यवस्था लागू कर दी गई है, लेकिन छत्तीसगढ़ की नव गठित कांग्रेस सरकार ने अभी सवर्ण आरक्षण को ना कहा है। कांग्रेस सरकार इसे भाजपा का चुनावी हथकंडा बता रही है।

 

विधि विधायी और संसदीय कार्य मंत्री रविन्द्र चौबे ने इस मसले पर राज्य सरकार की नीति साफ करते हुए कहा कि सवर्णों को आरक्षण की घोषणा पूरी तरह से भाजपा का चुनावी हथकंडा है।

 

अभी लोकसभा चुनावों का समय नजदीक आ रहा है, ऐसे में भाजपा सवर्णों को आरक्षण का प्रलोभन देकर चुनाव जीतना चाहती है। राज्य में नई आरक्षण व्यवस्था को लागू करने से पहले सरकार सतही स्तर पर पड़ताल करेगी। यहां दूसरे राज्यों के मुकाबले सामान्य वर्ग के लोगों की जनसंख्या कम है और अन्य राज्यों से यहां अलग स्थिति थी।

आदिवासी बाहुल्य राज्य में नई आरक्षण व्यवस्था की वजह से दूसरे जाति वर्गों में असंतोष उपज सकता है। ऐसे में सभी तरह की स्थितियों का आंकलन करने के बाद ही आरक्षण की नई व्यवस्था को यहां लागू किया जाएगा। फिलहाल इसपर मंथन चल रहा है।

 

रविन्द्र चौबे का कहना है कि न्यायालय के मुताबिक 50 फीसद से अधिक आरक्षण की व्यवस्था लागू होने पर कई तरह की कानूनी बाधाएं भी उत्पन्न होंगी। ऐसे में हम दूसरे राज्यों में नई आरक्षण व्यवस्था के लागू होने के बाद उनके प्रभावों का अध्ययन करेंगे। इसके बाद राज्य में नई आरक्षण व्यवस्था पर विचार किया जा सकेगा।

राज्य में सवर्णों की आबादी सिर्फ 8 फीसद

 

राज्य में अनुसूचित जनजाति वर्ग की आबादी 32 फीसद, अनुसूचित जाति वर्ग की आबादी 13 फीसद, अन्य पिछड़ा वर्ग की आबादी करीब 47 फीसद और सामान्य वर्ग की आबादी करीब 8 फीसद है। जाति वर्ग और आबादी के समीकरण के हिसाब से सरकार आरक्षण की धरातल पर स्थिति की पहले पड़ताल करेगी। इसके बाद ही इस संबंध में आगे की नीति तय करेगी।

उधर दूसरी तरफ भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस की सरकार केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना के चक्कर में सवर्ण वर्ग के गरीबों के हितों की अनदेखी कर रही है। नेता प्रतिपक्ष धरम लाल कौशिक ने कहा कि सवर्णों को आरक्षण किसी एक राज्य का मसला नहीं है।

 

पूरे देश में सवर्ण गरीबों की स्थिति एक जैसी है। उनकी स्थिति को बराबरी में लाने के लिए सभी राज्यों को यह व्यवस्था अपनानी चाहिए। राजनैति मुद्दा बनाने के बजाए नई आरक्षण नीति को कांग्रेस को सहृदयता के साथ स्वीकार करना चाहिए। इस बिल को संसद में पास कराने में कांग्रेस ने भी योगदान दिया है, फिर राज्य सरकार इस पर अलग से नीति कैसे बना सकती है।

कोरबा: जिले के कुसमुड़ा इलाके में एक अनोखा मामला सामने आया है। एक महिला ने शादी के एक महीने पहले बच्चे को जन्म दिया है। युवती की फरवरी में शादी होने वाली थी, लेकिन उससे पहले ही वह गर्भवती हो गई और आज उसने जिला अस्पताल में एक बच्चे को जन्म दिया है। इस घटना के बाद से पूरे परिवार के लोगों में हड़कंप मच गया है।

मामला कुसमुड़ा गांव का है। यहां रहने वाली युवती और गांव के ही एक युवक के बीच लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों ने प्यार की बात परिजनों को बताई, तो दोनों पक्ष के परिवार के सदस्यों ने मिलकर शादी करने का फैसला किया। फरवरी में दोनों की शादी होनी थी। लेकिन शादी तय होने के बाद भी दोनों का मिलना जुलना चालु रहा और इसी बीच दोनों के बीच शारीरिक संबंध बन गए। इसके बाद युवती गर्भवती हो गई और एक बच्चे को जन्म दिया।

इस विवाह को लेकर दोनों पक्ष राजी थी लेकिन वह यह नहीं जानते थे कि दोनों अपनी सीमा रेखा लांघ गए हैं। हालांकि शिशु के जन्म के बाद दोनों पक्षों ने विवाह के लिए सहमति जता दी है। युवती ने भी माना कि वह जज्बात पर काबू नहीं कर पाए पर अगले माह विधिवत रूप से वे सात फेरे लेंगे दोनों के परिवार को इस पर आपत्ति नहीं है। अपने ही माँ-बाप की शादी का गवाह बनने वाले शिशु विरले होते होंगे।

 

रायपुर: राजधानी रायपुर से एक बड़ी खबर सामने आई है। खबर है कि रायपुर सांसद रमेश बैस के बेटे रिंकू बैस ने पत्रकार पप्पू फरिश्ता की बेटी की पिटाई कर दी है। मामले को लेकर पप्पू फरिश्ता ने थाने में एफआईआर दर्ज कराया है। वहीं, बताया जा रहा है कि इस घटना के बाद से सांसद पुत्र रिंकू बैस फरार है। इस बात का खुलासा नहीं हो पाया है कि सांसद पुत्र ने पत्रकार की बेटी को क्यों पीटा है। वहीं, इस घटना के बाद से पूरे इलाके में गहमा गहमी का माहौल बना हुआ है। घटना की जानकारी होते ही लोग पत्रकार पप्पू फरिश्ता के घर पहुंच रहे हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक ऑक्सीजोन निर्माण की वजह से पूर्व में बना एक रास्ता सांसद रमेश बैस और उनके परिवार की तरफ से बन्द कर दिया गया था। जिसे लेकर पहले भी सांसद रमेश बैस के बेटे और पप्पू फरिश्ता के बेटे के बीच विवाद हुआ था। आज भी इवनिंग वाक के दौरान गेट खोलने को लेकर पप्पू फरिश्ता के बेटे ने विवाद शुरू किया , जिसके बाद सांसद रमेश बैस का बेटा भी वहां पहुंच गया। विवाद इतना बढ़ा की दोनों के बीच मारपीट शुरू हो गयी। इस मामले में SP नीतू कमल ने बताया कि शिकायत दोनों तरफ आए आई है, इस मामले में जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। इधर मामले की जांच के लिए मौके पर पुलिस की टीम पहुंच गई है।

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सत्ता में आने के बाद भूपेश सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं, जिसका लाभ प्रदेश जनता को मिल रहा है। इसी बड़ी में अब सरकार छत्तीसगढ़ में एक और नया बदलाव करने की ओर अग्रसर है। सरकार ने पीएम नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट आयुष्मान भारत पर फूल स्टॉप लगाने की तैयारी में है। स्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने साफ कहा कि वे इस योजना के पक्ष में नहीं हैं, सरकार आयुष्मान योजना की जगह पर यूनिवर्सल हेल्थकेयर स्कीम लाएगी। इसके लिए सरकार ने काम भी शुरू कर दिया है।

स्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने बताया कि पहले चरण में दवाएं और जांच निशुल्क होगी, दूसरे चरण में ऑपरेशन को भी शामिल किया जाएगा। योजना को लेकर बजट के लिए मंत्री स्तरीय चर्चा में विस्तृत बातचीत होगी, जिसके बाद 2019-20  के बजट में इसे लाने की हमारी कोशिश होगी। 

आगामी बजट में नई योजना पर मंथन के बाद इसे मूर्त रुप देने की तैयारी हो रही है, आयुष्मान योजना में ऐसी खामी है कि लोगों को इसका फायदा नहीं मिल पा रहा है। प्रदेश में राइट टू हेल्थ योजना लाना सभी लोगों के लिए बेहतर होगा।

छत्तीसगढ़ के जांगला से हुई थी आयुष्मान भारत की शुरूआत
आयुष्मान भारत योजना की शुरूआत पीएम नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के वनांचल में बसे गांव जांगला से 16 सितंबर 2018 को की थी। इस योजना का लाभ प्रदेश 40 लाख परिवारों को मिल रहा है, वहीं मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना का लाभ 25 लाख परिवारों को मिल रहा है। आयुष्मान भारत योजना के तहत लोगों को 5 लाख तक का मुफ्त इलाज प्रदान किया जाता है। इस योजना के तहत 608 सरकार और 464 निजी अस्पतालों में उपचार की सुविधा प्रदान की गई है।

रायपुर। पुलिस कर्मियों के साप्ताहिक अवकाश समेत दूसरी मांगों पर इन दिनों जमकर चर्चा हो रही है। डीजीपी डीएम अवस्थी हर सप्ताह अपने दफ्तर में राज्य भर के पुलिस कर्मियों और उनके परिजनों से मिलकर उनकी समस्या सुन रहे हैं। दो हफ्ते तक समस्या सुनने के बाद यह तथ्य सामने आया कि शिकायतें और समस्याएं बहुत ज्यादा हैं। सबसे बड़ी समस्या तो यही रही है कि पुलिस जवानों की सुनने की कभी कोशिश ही नहीं की गई। बेहद तनाव में वे ड्यूटी करते रहे और सरकार तथा अफसरों को उनकी पीड़ा समझने की फुर्सत नहीं रही।

अब नए डीजीपी ने जवानों की समस्या सुनने की शुरूआत की है। उन्होंने सभी आइजी से भी कहा है कि सप्ताह में दो दिन जवानों से मिलें और उनकी समस्या सुनें। नक्सल प्रभावित जिलों के कुछ एसपी लगातार जवानों से संवाद स्थापित करने में लगे हुए हैं।

इसी दौरान यह तथ्य सामने आया कि नक्सल इलाकों में पदस्थ जवानों के लिए वीकली ऑफ तो बेमानी है। दरअसल जंगल में बैरकों में रह रहे जवान बीमार होने पर भी वहां से निकलने के लिए फोर्स की तैनाती का इंतजार करते हैं। जगरगुंडा और पामेड़ जैसे थानों से तो कई बार हेलीकॉप्टर से उन्हें निकालना पड़ता है।

किसी एक जवान को छुट्टी पर जाना हो तो रोड ओपनिंग पार्टी से लेकर बम स्क्वायड तक लगाना पड़ता है। तो अगर एक दिन की छुट्टी मिली तो वे बैरक में ही रह जाएंगे। फिर छुट्टी का मतलब क्या होगा। इसीलिए नक्सल मोर्चे के पुलिस कर्मियों ने मांग की है कि उनके लिए महीने के चार हफ्तों की छुट्टी एकमुश्त चार दिन के लिए दी जाए।

अगर चार दिन की छुट्टी मिलती है तो वे पैदल चलकर निकल पाएंगे और एक-दो दिन के लिए परिवार से भी मिल पाएंगे। हालांकि पुलिस कर्मियों के कल्याण के लिए बनी कमेटी वीकली ऑफ पर क्या निर्णय देती है यह देखा जाना बाकी है। पुलिस कमेटी के निर्णय के बाद यह देखा जाएगा कि नक्सल मोर्चे के जवानों के लिए अलग से क्या किया जा सकता है।

शिकायतों के निराकरण का सिस्टम बनेगा

डीजीपी डीएम अवस्थी ने  से कहा कि हम जनसमस्या और शिकायत निवारण का एक तंत्र विकसित करना चाहते हैं। मैंने अपने दफ्तर में एक दिन जवानों और परिजनों से मिलने का निर्णय लिया तो पता चला कि समस्याएं ढेरों हैं। तीन हफ्ते में मैं करीब 12 सौ लोगों से मिला हूं। उनकी समस्याएं कई स्तरों की हैं।

कुछ ऐसी हैं जिनका निराकरण एसपी स्तर पर ही हो सकता है। कुछ समस्याएं आइजी सुलझा सकते हैं। इसीलिए मैंने कहा है कि एसपी हर मंगलवार को जवानों की शिकायत और समस्या सुनें।

अगर वहां निदान नहीं होता है तो बुधवार को जवान और उनके परिजन आइजी से मिल सकते हैं। फिर भी समस्या न सुलझी तो शुक्रवार को मैं उपलब्ध हूं। कोई जवान हर बात के लिए किराया खर्च कर रायपुर क्यों आए। अगर स्थानीय स्तर पर निदान हो सकता है तो वहीं किया जाएगा।

इसी हफ्ते आएगी चंपावत कमेटी की रिपोर्ट

  पुलिस कर्मियों की मांगों पर विचार करने के लिए नेहा चंपावत की अध्यक्षता में बनी कमेटी इसी हफ्ते अपनी रिपोर्ट सौंप देगी। डीजीपी अवस्थी ने कहा कि हम कमेटी की रिपोर्ट का परीक्षण करेंगे और उसे शासन को भेज देंगे।

जितनी जल्द संभव हो पुलिस कर्मियों की मांगों को पूरा करने की कोशिश की जाएगी। चंपावत कमेटी की तीन-चार बैठक हो चुकी है। अब रिपोर्ट आना ही शेष है। इस रिपोर्ट के बाद ही तय होगा कि वीकली ऑफ और अन्य समस्याओं को कैसे सुलझाया जाए।

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