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कक्षा 10वीं एवं 12वीं का परिणाम शत-प्रतिशत

विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर बढ़ाया जिले का गौरव

विद्यालय परिवार में खुशी का माहौल

रायपुर, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, नई दिल्ली द्वारा सत्र 2025-26 के लिए आयोजित कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया, जिसमें जिला सक्ती अंतर्गत जवाहर नवोदय विद्यालय चिस्दा के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए शत-प्रतिशत सफलता अर्जित की है। विद्यालय के शानदार परीक्षा परिणाम से विद्यार्थियों, पालकों एवं शिक्षकों में उत्साह का वातावरण है।
विद्यालय में कक्षा 12वीं के कुल 62 विद्यार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए, जिनमें 61 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी तथा 1 विद्यार्थी द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए। कॉमर्स संकाय में सतीश देवांगन ने 90.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। नीरज महिलांगो ने 89.2 प्रतिशत अंक के साथ द्वितीय स्थान एवं कुनकुना साहू ने 88 प्रतिशत अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान प्राप्त किया।
विज्ञान संकाय में प्रियाशी चंद्रा ने 87.7 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। हेमलता जायसवाल ने 86.8 प्रतिशत अंक के साथ द्वितीय स्थान तथा जयाशीष सोनी ने 86.7 प्रतिशत अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान हासिल किया।
इसी प्रकार कक्षा 10वीं में कुल 81 विद्यार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए, जिनमें 70 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी एवं 11 विद्यार्थी द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए। कक्षा 10वीं में अनुज मिश्रा ने 95.40 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। हिमांशु सांडे ने 94.8 प्रतिशत अंक के साथ द्वितीय स्थान तथा हेमराज खुटे ने 94 प्रतिशत अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान हासिल किया।
विद्यालय प्राचार्य अरविंद कुमार जायसवाल ने उत्कृष्ट एवं शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम के लिए सभी विद्यार्थियों, पालकों, शिक्षकों एवं विद्यालय परिवार को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना

कक्षा 6वीं में प्रवेश हेतु आवेदन आमंत्रित

20 जून 2026 तक विद्यालय में जमा किए जा सकेंगे आवेदन पत्र

26 जुलाई को आयोजित होगी चयन परीक्षा

रायपुर, मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना 2026-27 (पूर्व में जवाहर उत्कर्ष योजना) अंतर्गत कक्षा 6वीं में प्रवेश हेतु पात्र छात्र-छात्राओं से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। योजना के अंतर्गत ऐसे विद्यार्थी आवेदन करने के पात्र होंगे, जो छत्तीसगढ़ के मूल निवासी हों तथा अनुसूचित जाति अथवा अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबंधित हों।
योजना के लिए आवेदन करने वाले छात्र-छात्राएं सत्र 2025-26 में छत्तीसगढ़ के किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय में कक्षा 5वीं में नियमित अध्ययनरत हों तथा कक्षा 4थी की परीक्षा में न्यूनतम 80 प्रतिशत अंक अथवा समकक्ष ग्रेड प्राप्त किए हों। इसके साथ ही पालक की वार्षिक आय सभी स्रोतों से 2 लाख 50 हजार रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए।
आवेदन पत्र के साथ पालक का स्वघोषणा पत्र संलग्न करना अनिवार्य रहेगा।
ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत अथवा नगर पंचायत क्षेत्र के विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थी निर्धारित आवेदन पत्र 20 जून 2026 तक अपने विद्यालय में जमा कर सकेंगे। आवेदन पत्र के साथ पालकों की सहमति पत्र, आयकरदाता न होने का प्रमाण पत्र, संस्था का ग्रामीण क्षेत्र में स्थित होने का प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र तथा कक्षा 4थी एवं 5वीं की अंकसूची की छायाप्रति संलग्न करना आवश्यक होगा।
विद्यार्थी जिस जिले का मूल निवासी होगा, उसी जिले में आवेदन करने के लिए पात्र होगा। मूल निवास जिले से भिन्न जिले में प्रस्तुत आवेदन मान्य नहीं किए जाएंगे।

विद्यालय एवं विभागीय स्तर पर होगी आवेदन प्रक्रिया

आदिवासी विकास विभाग जिला सक्ती से प्राप्त जानकारी अनुसार विद्यार्थियों द्वारा आवेदन पत्र 20 जून 2026 तक विद्यालय में जमा किए जाएंगे। विद्यालय प्रमुख द्वारा आवेदन पत्रों का परीक्षण कर 27 जून 2026 तक संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत किया जाएगा। इसके पश्चात विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा प्राप्त आवेदनों की सूची तैयार कर 30 जून 2026 तक सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, जांजगीर-चांपा कार्यालय में भेजी जाएगी।
योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी www.tribal.cg.gov.in
पर उपलब्ध है।

26 जुलाई को होगी लिखित परीक्षा

योजना अंतर्गत विद्यार्थियों के चयन हेतु 26 जुलाई 2026, दिन रविवार को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी। शासन द्वारा संचालित यह योजना अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के प्रतिभावान विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

 

18 से 25 मई तक चलेगा “जनभागीदारी अभियान -
जनजातीय गरिमा उत्सव”

दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों तक पहुंचेंगी शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं

सेवा संतृप्ति, जनसुनवाई एवं जागरूकता कार्यक्रमों का होगा आयोजन

रायपुर, आदिवासी विकास विभाग द्वारा सर्व विभागों के समन्वय से “आदि कर्मयोगी अभियान” अंतर्गत “जनभागीदारी अभियान - जनजातीय गरिमा उत्सव” का आयोजन जिला स्तर पर 18 मई 2026 से 25 मई 2026 तक किया जाएगा। कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के मार्गदर्शन में सक्ति जिला में यह अभियान पीएम जनमन एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत चिन्हांकित ग्रामों में संचालित किया जाएगा।

अभियान का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर संचालित आईईसी कैम्पेन “जन भागीदारी – सबसे दूर, सबसे पहले” की थीम के अंतर्गत दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में जनसंपर्क स्थापित कर शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। अभियान के माध्यम से जनजातीय समुदायों को शासन की योजनाओं एवं सुविधाओं से सीधे जोड़ा जाएगा।

अभियान के दौरान सेवा संतृप्ति, स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता कार्यक्रम, विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनहितकारी योजनाओं की जानकारी तथा आदि कर्मयोगी अभियान अंतर्गत निर्मित सेवा केन्द्रों में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जनसुनवाई के माध्यम से प्राप्त शिकायतों एवं समस्याओं को सूचीबद्ध कर उनके त्वरित निराकरण हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

इसके साथ ही अभियान अंतर्गत संचालित समस्त गतिविधियों का प्रगति प्रतिवेदन भी तैयार किया जाएगा, जिससे योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं हितग्राहियों तक पहुंच की समीक्षा की जा सके।
कलेक्टर ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता कर इस जनहितैषी अभियान को सफल बनाएं तथा शासन की योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने में सहयोग प्रदान करें।

​प्रभारी सचिव हिमशिखर गुप्ता ने वीसी के जरिए परखी जमीनी हकीकत

जिले की प्रगति रिपोर्ट; जल जीवन मिशन, राजस्व मामलों और जनकल्याणकारी योजनाओं पर रहा विशेष फोकस

​रायपुर,सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के प्रभारी सचिव हिमशिखर गुप्ता ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से जिले में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों और फ्लैगशिप योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान कलेक्टर ने जिले की वर्तमान प्रगति और क्रियान्वयन की बिंदुवार जानकारी साझा की। इस उच्च स्तरीय वर्चुअल समीक्षा बैठक में जिले के तमाम वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

​राजस्व मामलों में तेजी और अधोसंरचना निर्माण के निर्देश

​प्रभारी सचिव ने राजस्व कार्यों के त्वरित निराकरण पर जोर देते हुए भू-अभिलेख, भू-अर्जन और डायवर्शन के नक्शा-खसरा को अनिवार्य रूप से ऑनलाइन रिकॉर्ड में अपडेट रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने जिले में निर्माणाधीन कलेक्ट्रेट, एसडीएम कार्यालय, जिला पंचायत, जिला अस्पताल और ट्राइबल हॉस्टल के जीर्णोद्धार कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की।

​पेयजल, मनरेगा और ग्रामीण विकास पर फोकस

​बैठक में जल जीवन मिशन, जल आवर्धन योजना और मल्टी विलेज पेयजल योजनाओं की समीक्षा की गई ताकि हर घर तक शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा मनरेगा के तहत रोजगार सृजन, पीएम ग्राम सड़क योजना, स्वामित्व योजना और 'लखपति दीदी' योजना के तहत महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की प्रगति को भी देखा गया।

​स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा की पड़ताल

जिले के अस्पतालों में डॉक्टरों की नियुक्ति, सरकारी अस्पतालों में सामान्य प्रसव व ऑपरेशन की संख्या बढ़ाने और बिलाईगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के जीर्णोद्धार पर चर्चा हुई। इसी तरह पीएमश्री स्कूल निर्माण और हाईस्कूल/हायर सेकेंडरी बोर्ड परीक्षाओं में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की कार्ययोजना पर चर्चा हुई। महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों का ई-केवाईसी (e-KYC) कार्य, किसान सम्मान निधि, एग्रीस्टेक पंजीयन और विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं की समीक्षा की गई।

​कृषि, आपूर्ति और कानून व्यवस्था की समीक्षा

​प्रभारी सचिव ने खरीफ सीजन के मद्देनजर रासायनिक खाद की उपलब्धता व भंडारण की जानकारी ली। साथ ही धान उठाव और भारतीय खाद्य निगम (FCI) में चावल भंडारण की स्थिति का जायजा लिया। जिले में पेट्रोल-डीजल की निर्बाध आपूर्ति, खनिज विभाग की गतिविधियों और डीएमएफ (DMF) राशि से संचालित कार्यों की भी समीक्षा की गई।
​ प्रभारी सचिव ने जिले में तीन नए कानूनों के क्रियान्वयन, उप जेल की स्थिति, सड़क सुरक्षा, आपराधिक आंकड़ों और नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की कड़ाई से समीक्षा की। मुख्यमंत्री घोषणा के कार्यों को समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। इसी तरह जिला खनिज न्यास (DMF) के सहयोग से युवाओं के लिए संचालित तेजस निःशुल्क फ्री कोचिंग, ग्राम सुखापाली की 25 एकड़ शासकीय भूमि पर हो रही सामूहिक अमरूद की विशेष खेती,​सपेरा बस्ती के 40 हितग्राहियों के लिए पीएम आवास निर्माण की प्रगति,​मकरी दरहा में पहुंच सीसी रोड, लातनाला पर एनीकट निर्माण और जिले के मॉडल आंगनबाड़ियों की स्थिति पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने सम्पूर्ण देश के नक्सलमुक्त होने के ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का हार्दिक अभिनंदन एवं आभार प्रकट किया

यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि यह बैठक बस्तर में आयोजित हो रही है, और बैठक से पूर्व ही पूरा बस्तर नक्सलमुक्त हो चुका है

Whole of the Government Approach के साथ सभी राज्य सरकारों और केन्द्र सरकार के सभी विभागों ने नक्सलमुक्त हुए क्षेत्रों में विकास पहुँचाने का कार्य भी किया

जब तक नक्सलमुक्त क्षेत्रों को विकास के मामले में देश के बाकी क्षेत्रों के समकक्ष नहीं ले आते, तब तक हमारी यह लड़ाई समाप्त नहीं होगी

यह पूरा क्षेत्र न केवल नक्सलमुक्त हुआ है, बल्कि विवादमुक्त भी हुआ है, मध्य क्षेत्र के राज्यों का आपस में एवं केंद्र के साथ कोई विवाद शेष नहीं, यह बहुत बड़ी उपलब्धि है

मोदी जी के नेतृत्व में क्षेत्रीय परिषद की बैठकें संवाद से समाधान का सशक्त मंच बनी हैं, इनमें निरंतरता आई है और इन्हें परिणामदायी बनाया गया है

2004-14 की तुलना में क्षेत्रीय परिषदों की बैठकों में लगभग तिगुनी वृद्धि हुई है, और चर्चित मुद्दों में भी 200% से अधिक की वृद्धि दर्ज हुई है

केन्द्रीय गृह मंत्री ने सभी मुख्यमंत्रियों एवं मुख्य सचिवों से कुपोषण के विरुद्ध भारत सरकार की लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ने का आह्वान किया

स्कूल ड्रॉपआउट दर में कमी, स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार, मिलावटखोरी पर रोक तथा POCSO एवं बलात्कार के मामलों में शत-प्रतिशत दोषसिद्धि दर सुनिश्चित की जाए

अदालतों में पाँच वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों के त्वरित निपटारे हेतु उच्च न्यायालयों को विशेष अदालतें गठित करनी चाहिए

चारों राज्य केन्द्रीय गृह मंत्रालय के प्रारूप के अनुरूप 1930 साइबर सुरक्षा हेल्पलाइन के कॉल सेंटर को अपडेट करें

जिस प्रकार हमने देश को नक्सलवाद से मुक्त किया है, उसी प्रकार 3 वर्ष में हर आपराधिक मुकदमे को सुप्रीम कोर्ट तक अंजाम देने का लक्ष्य 2029 से पूर्व पूरा करना है

रायपुर : केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के बस्तर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी सहित इन सदस्य राज्यों और केन्द्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। यह बैठक केन्द्रीय गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत अंतर-राज्य परिषद सचिवालय द्वारा छत्तीसगढ़ सरकार की मेज़बानी में आयोजित की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि यह बहुत हर्ष का विषय है कि यह बैठक बस्तर में आयोजित की जा रही है और इससे पहले ही आज पूरा बस्तर नक्सल मुक्त हो गया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि आज भारत के नक्सल मुक्त होने का संपूर्ण श्रेय हमारे सुरक्षाबलों के जवानों के परिश्रम और बहादुरी को जाता है। हमारी एजेंसियों ने बहुत सटीकता के साथ इनपुट एकत्र किए, सभी राज्यों के पुलिसबलों और केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) के साथ मिलकर हर इनपुट पर सटीक कार्रवाई करने से संबंधित समयबद्ध निर्णय किए। इसके साथ ही Whole of the Government Approach के साथ सभी राज्य सरकारों और केन्द्र सरकार के सभी विभागों ने नक्सलमुक्त हुए क्षेत्रों में विकास को पहुंचाने का काम किया।

श्री अमित शाह ने कहा कि हमारी लड़ाई समाप्त नहीं हुई है क्योंकि नक्सल प्रभावित क्षेत्र लगभग पांच दशक से विकास की दौड़ में पिछड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक इन क्षेत्रों को विकास के मामले में देश के बाकी क्षेत्रों के समकक्ष नहीं ले आते, तब तक हमा

260 खिलाड़ी ले रहे 8 खेलों का प्रशिक्षण, खेल के साथ योग और सामान्य ज्ञान पर भी जोर
रायपुर, जिला प्रशासन, खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयास से बीजापुर में आयोजित 15 दिवसीय ग्रीष्मकालीन खेल शिविर में बच्चों की खेल प्रतिभाओं को नई दिशा मिल रही है। एजुकेशन सिटी में आयोजित इस आवासीय शिविर में जिले के दूरस्थ क्षेत्रों से आए बच्चे उत्साह के साथ प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
कलेक्टर श्री विश्वदीप और जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती नम्रता चौबे के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य ग्रामीण और सुदूर अंचलों के बच्चों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराकर उनकी खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाना है।
शिविर में जिले के चारों विकासखंडों से आए 260 खिलाड़ी शामिल हैं। बीजापुर स्पोर्ट्स अकादमी के प्रशिक्षकों द्वारा बच्चों को दो पालियों में वालीबाल, फुटबॉल, सॉफ्टबॉल, तीरंदाजी, बैडमिंटन, तैराकी, एथलेटिक्स और कबड्डी सहित 8 खेलों का नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को खेलों के नियम, अनुशासन, फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली की जानकारी भी दी जा रही है। प्रतिदिन योग सत्र आयोजित कर बच्चों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
खेल गतिविधियों के साथ बच्चों को सेंट्रल लाइब्रेरी में सामान्य ज्ञान और शैक्षणिक गतिविधियों से भी जोड़ा जा रहा है, ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके।
शिविर में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को आगे चलकर स्पोर्ट्स अकादमी में प्रवेश देकर विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। यह ग्रीष्मकालीन खेल शिविर बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना भी विकसित कर रहा है।

ग्रामीणों तक पहुंचीं शासकीय योजनाएं, शिविर में ही हुआ समस्याओं का समाधान

रायपुर,सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत एर्राबोर में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ शिविर ग्रामीणों के लिए राहत और खुशियों का केंद्र बन गया। कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त किया।
शिविर का उद्देश्य शासन की योजनाओं और सेवाओं को सीधे ग्रामीणों तक पहुंचाना था। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर उपस्थित रहकर लोगों की समस्याएं सुनीं और त्वरित समाधान की प्रक्रिया शुरू की।
शिविर में विद्यार्थियों को जाति प्रमाण पत्र वितरित किए गए। वहीं गर्भवती महिलाओं की गोद भराई और 6 माह के बच्चों का अन्नप्राशन कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इससे कार्यक्रम में सामाजिक और मानवीय जुड़ाव का वातावरण देखने को मिला।
ग्रामीणों की सुविधा के लिए शिविर में राशन कार्ड ई-केवाईसी, महतारी वंदन योजना ई-केवाईसी, नया आधार कार्ड पंजीयन एवं अपडेट, बी-1 और किसान किताब वितरण तथा एग्री स्टेक पंजीयन जैसी जरूरी सेवाएं भी मौके पर उपलब्ध कराई गईं।
शिविर के दौरान विभिन्न विभागों को कुल 250 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें पंचायत विभाग के 165, कृषि विभाग के 22, विद्युत विभाग के 14 तथा राजस्व और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के 11-11 आवेदन शामिल रहे। सभी आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
कार्यक्रम में स्थानीय सरपंच श्रीमती लक्ष्मी कट्टम, पूर्व सरपंच, पंचगण, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सुशासन तिहार के माध्यम से प्रशासन और ग्रामीणों के बीच विश्वास और सहभागिता को नई मजबूती मिली है।

हितग्राहियों के चेहरे खिले

​रायपुर,मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप सारंगढ़ नगरपालिका क्षेत्र के राजापारा रंगमंच में मंगलवार को 'सुशासन तिहार शिविर' का भव्य आयोजन किया गया। इस शिविर ने आम जनता और प्रशासन के बीच की दूरी को मिटाते हुए एक ही छत के नीचे ढेरों सरकारी सुविधाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों तक पहुँचाया। शिविर में उमड़ी नगरवासियों की भारी भीड़ इस बात का प्रमाण रही कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं धरातल पर मजबूती से उतर रही हैं।
​शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बड़ी सौगातें दी गईं, जिसमें 6 हितग्राहियों को नए भवनों के निर्माण के लिए अनुज्ञा प्रमाण पत्र सौंपे गए, वहीं 3 हितग्राहियों को उनका आशियाना पूर्ण होने पर भवन पूर्णता प्रमाण पत्र वितरित किया गया। अपना पक्का आशियाना और कानूनी दस्तावेज पाकर हितग्राहियों के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने राज्य सरकार व जिला प्रशासन का सहृदय आभार व्यक्त किया।
​इसी तरह महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉल पर पारंपरिक और मंगलमयी माहौल देखने को मिला, जहाँ विभागीय सजगता के साथ 2 बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया और 2 गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की रस्म पूरी की गई। इसके साथ ही, उपस्थित महिलाओं और बच्चों को स्वास्थ्य, बेहतर पोषण और सही देखभाल के प्रति जागरूक करते हुए महत्वपूर्ण परामर्श भी दिए गए।
​प्रशासनिक मुस्तैदी दिखाते हुए खाद्य विभाग की ओर से मौके पर ही 2 हितग्राहियों को नए राशन कार्ड वितरित किए गए। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए 2 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड प्रदान किए गए और जरूरतमंद लोगों को फूड बास्केट का वितरण भी किया गया। स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल में पहुंचे बड़ी संख्या में नगरवासियों का ब्लड प्रेशर, शुगर एवं अन्य जरूरी स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें उचित चिकित्सीय सलाह दी गई।
​सुशासन का असली अर्थ चरितार्थ करते हुए विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने न केवल अपनी योजनाओं की जानकारी दी, बल्कि जनता से सीधे आवेदन और शिकायतें भी प्राप्त कीं। कई जटिल समस्याओं का विभागीय अधिकारियों द्वारा मौके पर ही त्वरित निराकरण कर आमजन को मार्गदर्शन दिया गया, जिससे लोगों को दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिली।
​इस जन-सरोकार के कार्यक्रम में स्थानीय पार्षदगण, जनप्रतिनिधि, नगरपालिका सीएमओ सहित विभिन्न विभागों के आला अधिकारी-कर्मचारी और भारी संख्या में सजग नागरिक उपस्थित रहे। शिविर के माध्यम से शासन की योजनाओं को सीधे अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान का यह प्रयास बेहद सफल और सराहनीय रहा।

बीजापुर के ग्राम गमपुर में स्वास्थ्य विभाग का विशेष अभियान बना ग्रामीणों के लिए राहत

रायपुर, दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्र ग्राम गमपुर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कठिन परिस्थितियों के बीच पहुंचकर जनसेवा का सराहनीय उदाहरण प्रस्तुत किया। बीजापुर जिले के उप स्वास्थ्य केंद्र डोडीतुमनार की टीम ने जंगल और खराब रास्तों की चुनौतियों के बावजूद गांव में यूनिवर्सल हेल्थ स्क्रीनिंग सर्वे सफलतापूर्वक पूरा किया। इस दौरान कुल 771 ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की गई।
स्वास्थ्य टीम ने ग्रामीणों की सामान्य स्वास्थ्य जांच के साथ मलेरिया, टीबी, एनीमिया, उच्च रक्तचाप और गर्भवती महिलाओं की विशेष जांच भी की। सर्वेक्षण के दौरान 5 मलेरिया मरीजों की पहचान कर तुरंत उपचार शुरू किया गया। वहीं 2 संभावित टीबी मरीजों और 1 हाई रिस्क गर्भवती महिला को आगे की जांच और उपचार के लिए उच्च स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।
जांच के दौरान 1 उच्च रक्तचाप और 2 एनीमिया से पीड़ित मरीजों को भी चिन्हित किया गया। उन्हें आवश्यक दवाएं और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श उपलब्ध कराया गया।
स्वास्थ्य टीम ने ग्रामीणों को साफ-सफाई, संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच और संक्रामक बीमारियों से बचाव के बारे में भी जागरूक किया। ग्रामीणों ने बताया कि पहली बार उनके गांव के पास इतने बड़े स्तर पर स्वास्थ्य जांच सुविधा उपलब्ध हुई है, जिससे लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है। टीम के लगातार प्रयासों से ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण सफलता मिल रही है।
ग्राम गमपुर में चलाया गया यह अभियान न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ, बल्कि यह भी दिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी स्वास्थ्य विभाग लोगों तक सेवाएं पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

 

पशुपालन से मजबूत होगी आजीविका, ग्रामीण परिवार को मिला आत्मनिर्भरता का सहारा
रायपुर,सुकमा जिले की जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत गोंदपल्ली के पटेलपारा निवासी श्री पोड़ियामी जोगा को सुशासन तिहार के माध्यम से बड़ी राहत मिली है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा उन्हें एक लाख 10 हजार रुपये की लागत से बकरी शेड निर्माण की सुविधा प्रदान की गई है। इससे उनके पशुपालन कार्य को नई मजबूती मिली है और आय बढ़ाने का रास्ता भी आसान हुआ है।
श्री पोड़ियामी जोगा ने सुशासन तिहार 2025 के दौरान आयोजित शिविर में बकरी शेड निर्माण के लिए आवेदन दिया था। आवेदन मिलते ही प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शीघ्र स्वीकृति प्रदान की और तय समय-सीमा में बकरी शेड का निर्माण पूरा कराया गया।
बकरी शेड बनने से अब पशुओं की देखभाल बेहतर तरीके से हो रही है। इससे पशुपालन कार्य में सुविधा बढ़ी है और भविष्य में आय में वृद्धि की उम्मीद भी मजबूत हुई है।
हितग्राही श्री जोगा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से जरूरतमंद लोगों की समस्याओं का तेजी से समाधान हो रहा है और ग्रामीणों को योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है।

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