ईश्वर दुबे
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जल जीवन मिशन की नल जल योजनाओं के सुचारू संचालन-संधारण के लिए जल कर हेतु पंचायतों और ग्रामीणों को प्रेरित करने कहा
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की
रायपुर. 7 जून 2026. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने संभागीय मुख्यालय जगदलपुर में लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर निर्माण कार्यों और योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों और विकास योजनाओं की जानकारी लेकर अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने और निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। सांसद श्री महेश कश्यप, महापौर श्री संजय पांडे, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी कार्यों को पूर्ण करने की तिथि विभागीय अधिकारियों द्वारा निर्धारित की गई है, इन कार्यों को समय पर पूर्ण कराने की जिम्मेदारी भी अधिकारियों की है। उन्होंने अधिकारियों को अपनी तकनीकी और प्रशासनिक क्षमता का पूरा उपयोग करते हुए लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि किसी भी परियोजना का डीपीआर तैयार करते समय संभावित समस्याओं फारेस्ट-क्लीयरेंस, भू-अर्जन, विद्युत पोल शिफ्टिंग, अतिक्रमण हटाने इत्यादि का समाधान पहले से सुनिश्चित कर लें, ताकि निर्माण कार्यो में अनावश्यक विलंब न हो।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के हितग्राहियों की काउंसलिंग कर जनप्रतिनिधियों एवं वार्ड पार्षदों के सहयोग से जरूरतमंद परिवारों को आवास निर्माण के लिए प्रेरित करने तथा निर्माणाधीन आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वच्छता दीदियों के साथ नियमित संवाद स्थापित कर उनका उत्साहवर्धन करने और समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण एवं सुरक्षा किट प्रदान करने को कहा। उन्होंने शहर की नालियों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने तथा वर्षा ऋतु से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगरीय निकायों में निजी क्षेत्र की भागीदारी से रेन वॉटर हार्वेस्टिंग को प्राथमिकता देने, जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और तालाबों की सफाई में नवाचार अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने राजस्व बढ़ाने तथा नवीन राजस्व स्रोत विकसित करने के भी निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए जल जीवन मिशन के कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराने को कहा। उन्होंने ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित नल जल योजनाओं के सुचारू संचालन के लिए ग्रामीणों को हर महीने निर्धारित जल कर जमा करने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा, ताकि जल प्रदाय योजनाओं का बेहतर संचालन-संधारण किया जा सके। उन्होंने बरसात के पहले जल स्रोतों के क्लोरीनेशन और पानी टंकियों की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान से जल संरक्षण बना जनआंदोलन, रोजगार और ग्रामीण समृद्धि को मिली नई गति
रायपुर, 7 जून। जलवायु परिवर्तन, अनिश्चित वर्षा और बढ़ते जल संकट के बीच छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण को लेकर एक व्यापक जनअभियान आकार ले रहा है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत संचालित ‘मोर गांव-मोर पानी’ महाअभियान के माध्यम से प्रदेशभर में जल संरक्षण, रोजगार सृजन, हरित विकास और आजीविका संवर्धन को एक साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। जल संरक्षण अब केवल सरकारी योजनाओं का विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह जनभागीदारी से संचालित एक व्यापक सामाजिक पहल के रूप में विकसित हो रहा है।
अभियान के अंतर्गत प्रदेश में लगभग 1610 करोड़ रुपये की लागत से एक लाख से अधिक जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें तालाब, डबरियां, चेकडैम, जल संवर्धन संरचनाएं, स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच, खेत तालाब और अन्य जल संरक्षण कार्य शामिल हैं। इन परिसंपत्तियों का उद्देश्य वर्षा जल को अधिकतम मात्रा में भूमि में रोकना, भू-जल पुनर्भरण को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता को सुदृढ़ करना है।
इन कार्यों के माध्यम से प्रदेश में प्रतिदिन 11 लाख से अधिक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध हो रहा है, जिनमें 57 प्रतिशत महिलाएं हैं। इस प्रकार जल संरक्षण का यह अभियान प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का माध्यम भी बन रहा है।
जल संरक्षण से आजीविका का सृजन
राज्य सरकार ने जल संरक्षण को सीधे ग्रामीण आजीविका से जोड़ने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। समाज के संवेदनशील और कमजोर वर्गों की निजी भूमि पर 13,065 आजीविका डबरियों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। इन परिसंपत्तियों के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को मत्स्य पालन, बागवानी, सब्जी उत्पादन और अन्य आयवर्धक गतिविधियों के अवसर मिल रहे हैं।
इसी प्रकार ‘नवा तरिया-आय के जरिया’ पहल के अंतर्गत 624 सामुदायिक तालाब विकसित किए जा रहे हैं। इन जल संरचनाओं को स्वयं सहायता समूहों, विशेषकर महिला समूहों की आजीविका से जोड़ने की पहल की गई है, जिससे जल संरक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण का एक प्रभावी मॉडल विकसित हो रहा है।
पहाड़ियों पर ट्रेंच, मैदानों में जल संचयन
प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में ढलान और पहाड़ी भूभागों पर स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच (SCT) का निर्माण किया जा रहा है। ये संरचनाएं वर्षा जल के तेज बहाव को रोककर उसे भूमि में समाहित होने का अवसर देती हैं। इससे मिट्टी का कटाव कम होता है, भू-जल स्तर में सुधार होता है और वृक्षारोपण को आवश्यक नमी उपलब्ध होती है। जल संरक्षण और वृक्षारोपण के इस समन्वित प्रयास से हरित आवरण में वृद्धि हो रही है तथा पर्यावरणीय संतुलन को मजबूती मिल रही है।
तकनीक से जल संरक्षण को नई दिशा
‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान की एक प्रमुख विशेषता आधुनिक तकनीकों का उपयोग है। कार्यों की वैज्ञानिक योजना और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के लिए GIS आधारित युक्तधारा प्लानिंग, CLART एप तथा वाटरशेड सिद्धांतों का उपयोग किया जा रहा है।
भू-जल स्तर की निगरानी के लिए जलदूत प्रणाली लागू की गई है, जिसके माध्यम से खुले कुओं के जल स्तर का नियमित मापन किया जा रहा है। ग्राम पंचायत स्तर पर जल स्तर की जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित कर जल बजट तैयार करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
पारदर्शिता और जनभागीदारी का मॉडल
मनरेगा के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में क्यूआर कोड आधारित सूचना प्रणाली विकसित की गई है। इसके माध्यम से ग्रामीण अपने गांव में स्वीकृत और पूर्ण कार्यों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। रोजगार दिवस, आवास दिवस, सामाजिक अंकेक्षण और जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से भी लोगों की भागीदारी और निगरानी को बढ़ावा दिया जा रहा है।
भागीदारी से साझेदारी की ओर
जनप्रतिनिधियों, पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों, युवाओं, सामाजिक संगठनों और ग्रामीण समुदाय की सक्रिय भागीदारी से जल संरक्षण का यह अभियान जनआंदोलन का रूप ले चुका है। ग्राम सभाओं, जागरूकता अभियानों और सामुदायिक प्रयासों के माध्यम से जल संरक्षण को लोगों के दैनिक व्यवहार का हिस्सा बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
छत्तीसगढ़ का ‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान आज यह दिखा रहा है कि जल संरक्षण, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, तकनीकी नवाचार और सामुदायिक भागीदारी को एक साथ जोड़कर ग्रामीण विकास का एक स्थायी और समावेशी मॉडल विकसित किया जा सकता है। यह अभियान केवल पानी बचाने का प्रयास नहीं, बल्कि गांवों में समृद्धि, आत्मनिर्भरता और पर्यावरणीय संतुलन की नई नींव रख रहा है।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने सायकल चलाकर फिट रहने और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
युवा वर्ष के लिए उच्च शिक्षा सहित संबंधित विभाग करें आवश्यक तैयारी
महाविद्यालयों में कृषि पाठ्यक्रम को लोकप्रिय बनाने का कार्य सराहनीय
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उच्च शिक्षा क्षेत्र में उपलब्धियों के लिए दी बधाई
उच्च शिक्षा विभाग की हुई समीक्षा
पेक्स में गड़बड़ी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, समिति पूर्ववत् रहेगी संचालित
किसान हित में वर्ष का अंत 31 मार्च के बजाय 31 मई तक, ताकि किसान न हो पायें लोन डिफॉल्टर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक पेड़ माँ के नाम अंतर्गत अपेक्स बैंक परिसर में लगाया आम का पौधा
अपेक्स बैंक द्वारा प्रदेश के सभी जिला सहकारी बैंकों एवं पेक्स में चलाया जा रहा पौधरोपण महा अभियान
विश्व पर्यावरण दिवस पर लगाये एक लाख पौधे
मध्यप्रदेश है असीम अवसरों की धरती, यहां निवेश बड़े फायदे का सौदा
इंदौर प्राचीन काल में भी था उन्नत व्यापार-व्यवसाय का बड़ा केन्द्र
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरिबियन व्यापार एवं निवेश फोरम-2026 के डिजिटल प्लेटफार्म और वेबसाइट का किया शुभारंभ
भारत-लैटिन अमेरिकी देशों के साझा व्यापार-व्यवसाय पर केन्द्रित मैगजीन द बिजनेस टायकून्स का किया विमोचन
अगले 5 साल में 6 प्रमुख औद्योगिक कॉरिडोर करेंगे विकसित
मध्यप्रदेश में 1.25 लाख एकड़ से अधिक का रेडी-टू-यूज़ लैंड बैंक उपलब्ध
मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंडिया-एलएसी ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट फोरम-2026 के उद्घाटन सत्र में हुए शामिल
समाज की प्रगति और राष्ट्र निर्माण में सहभागिता पर किया विस्तृत उद्बोधन
रायपुर, श्री चौधरी ने कहा कि कोई भी समाज तभी आगे बढ़ता है जब वह शिक्षा, संगठन, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व को प्राथमिकता देता है। उन्होंने समाज के युवाओं से शिक्षा, नवाचार और नेतृत्व के क्षेत्र में आगे बढ़कर राज्य एवं राष्ट्र के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी आज धमतरी जिले के ग्राम छाती में आयोजित चंद्रनाहू (चंद्राकर) कुर्मी-क्षत्रिय समाज के कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने समाजजनों को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ एवं देश के विकास में समाज की भूमिका और योगदान को और अधिक प्रभावी बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से अपने विचार साझा किए।
श्री चौधरी ने कहा कि भारत आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। ऐसे समय में समाज के प्रत्येक वर्ग की जिम्मेदारी है कि वह राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में अपनी सकारात्मक और रचनात्मक भूमिका निभाए। उन्होंने समाज की गौरवशाली परंपराओं, सामाजिक योगदान और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए आने वाली पीढ़ियों को संस्कारवान एवं सक्षम बनाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में समाज के पदाधिकारियों, वरिष्ठजनों, युवाओं एवं बड़ी संख्या में समाजजनों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के अंत में समाज के विकास और राष्ट्र की उन्नति के संकल्प के साथ उत्साहपूर्ण वातावरण में “राजा रामचंद्र की जय” एवं “छत्रपति शिवाजी महाराज की जय” के उद्घोष किए गए।
सुपेबेड़ा की पेयजल समस्या के स्थायी समाधान हेतु तेल नदी पर एनीकट निर्माण के लिए 7 करोड़ रुपये स्वीकृत
अवैध रेत उत्खनन पर कड़ी कार्रवाई, नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश
रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता के आधार पर खाद-बीज उपलब्ध कराया जाए तथा इसकी जवाबदेही संबंधित कलेक्टरों की होगी। मुख्यमंत्री ने कृषि अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गांव-गांव जाकर किसानों को नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के लाभों की जानकारी दें ताकि आधुनिक कृषि तकनीकों का अधिकतम उपयोग हो सके। उन्होंने अवैध रेत उत्खनन के विरुद्ध तत्काल और प्रभावी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री साय आज गरियाबंद जिला पंचायत कार्यालय के सभाकक्ष में रायपुर संभाग के जिलों की संभागीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। लगभग साढ़े तीन घंटे तक चली इस मैराथन समीक्षा बैठक में रायपुर, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद और बलौदाबाजार जिलों के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विकास योजनाओं, कानून-व्यवस्था, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने गरियाबंद जिले के सुपेबेड़ा क्षेत्र में पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए तेल नदी पर एनीकट निर्माण हेतु 7 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और पेयजल जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आम नागरिकों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होनी चाहिए तथा प्रशासन के प्रति जनता की शिकायतों को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य किया जाए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में तेजी लाने, टीबी मुक्त पंचायतों के निर्माण, आयुष्मान कार्डों का शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने, जल जीवन मिशन के कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के पात्र हितग्राहियों को लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार केवल शिकायतों के निराकरण का अभियान नहीं बल्कि शासन की योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने और जनता से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करने का माध्यम है। इसी उद्देश्य से वे स्वयं विभिन्न जिलों का दौरा कर योजनाओं के क्रियान्वयन का फीडबैक प्राप्त कर रहे हैं।
समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, आयुष्मान भारत योजना, जल जीवन मिशन, बिहान, तेंदूपत्ता संग्रहण, महतारी वंदन योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि तथा धान उपार्जन एवं उठाव की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान कार्ड बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पात्र नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण उपचार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
शिक्षा की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने स्कूलों में सीखने के स्तर में सुधार, नियमित मॉनिटरिंग तथा नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी है, वहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित तकनीकों का उपयोग कर शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और देश में लागू नए तीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए तथा सड़क सुरक्षा नियमों के पालन और नशा मुक्ति अभियान को भी प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाए।
बैठक में विधायक श्री रोहित साहू, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल, रायपुर संभागायुक्त श्री श्याम धावड़े, आईजी श्री अमरेश मिश्रा सहित संबंधित जिलों के जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से ऊर्जा आत्मनिर्भरता की नई क्रांतिः रायगढ़ बना अग्रणी जिला
रायपुर, राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज महाराष्ट्र मंडल रायपुर में छत्रपति शिवाजी महाराज राज्याभिषेक समारोह दिवस में उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन साहस, स्वाभिमान, सुशासन और राष्ट्रभक्ति का अद्वितीय उदाहरण है, जो आज भी युवा पीढ़ी को प्रेरणा देता है।
राज्यपाल ने कहा कि 6 जून 1674 को रायगढ़ दुर्ग में हुआ शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक केवल एक राजतिलक नहीं, बल्कि स्वतंत्र “हिंदवी स्वराज” की स्थापना का ऐतिहासिक क्षण था। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज ने अपने पराक्रम, दूरदर्शिता और कुशल नेतृत्व से स्वराज की मजबूत नींव रखी तथा करोड़ों भारतीयों में आत्मसम्मान और आत्मविश्वास का संचार किया। उन्होंने शिवाजी महाराज को कुशल प्रशासक, प्रजावत्सल शासक और धार्मिक सहिष्णुता का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनके द्वारा स्थापित अष्टप्रधान व्यवस्था, संगठित नौसेना तथा जनकल्याणकारी नीतियां आज भी प्रासंगिक हैं।
राज्यपाल ने महाराष्ट्र मंडल की 91 वर्षों की गौरवशाली सेवा यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि संस्था द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक और शैक्षणिक प्रकल्प समाज सेवा की उत्कृष्ट मिसाल हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महाराष्ट्र मंडल भविष्य में भी समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देता रहेगा।
श्री डेका ने कार्यक्रम में शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुति देने वाले चार बच्चों को पांच -पांच हजार रुपए की राशि पुरस्कार स्वरूप प्रदान की तथा महाराष्ट्र मंडल को एक एंबुलेंस प्रदान करने की भी घोषणा की। इस अवसर पर महापौर श्रीमती मीनल चौबे, महाराष्ट्र मंडल रायपुर के अध्यक्ष श्री अजय मधुकर काले सहित अन्य पदाधिकारी एवं महाराष्ट्रीयन समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।