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सोलन, हिमाचल प्रदेश । हिमचल उपचुनाव प्रचार ने अब तेजी पकड़ ली है। भाजपा प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने भाजपा नेता आशा परिहार से अर्की में उनके निजी निवास पर में मुलाकात की, उन्होंने आशा परिहार से कई मुद्दों पर चर्चा भी की। भाजपा प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने कहा कि भाजपा एक कार्यकर्ता आधारित राजनीत दल है और प्रत्येक कार्यकर्ता पार्टी की रीढ़ की हड्डी है। उन्होंने कहा कि आशा परिहार के पिता पूर्व मंत्री स्वर्गीय नागिन चंद्र पाल ने अर्की विधानसभा क्षेत्र के लिए बहुत काम किया है जिसे अर्की की जनता भुला नहीं सकती।
खन्ना ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के पास इन चुनावों में कोई भी मुद्दा नही है इस कारण वह झूठ बोल कर जनता को गुमराह करने का असफल प्रयास कर रही है। पूरे अर्की क्षेत्र में कार्यकर्ताओं में सकारात्मक ऊर्जा का संचालन है और कोई भी ऐसा नेता या कार्यकर्ता नहीं है जो कांग्रेस के संपर्क में है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेता केवल जनता का ध्यान भटकाने के लिए इस प्रकार की बयानबाजी कर रही है। इस बार अर्की में भजापा कई जीय निश्चित है और इसके लिए पार्टी का शीर्ष नेतृव धरातल पर काम कर रहे है। भाजपा विकास और जन सेवा के मुद्दे पर चुनाव लड़ रही है और कांग्रेस मुद्दे के बिना चुनावी रण में है।

नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल में जीत के बाद तृणमूल कांग्रेस के दूसरे राज्यों में विस्तार की कोशिशों से कांग्रेस खुश नहीं है। पार्टी का मानना है कि तृणमूल कांग्रेस की इन कोशिशों से विपक्षी एकता की कोशिशों को झटका लग सकता है। कांग्रेस के कई बड़े नेता पिछले कुछ माह में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए हैं। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक, पार्टी तृणमूल कांग्रेस के दूसरे राज्यों में विस्तार से ज्यादा नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल करने से नाराज है। हाल ही में असम की वरिष्ठ नेता सुष्मिता देव और गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री लिजिन्हो फ्लेरो अपने समर्थकों के साथ तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए हैं। कांग्रेस पार्टी नेता ने कहा कि सुष्मिता देव से ज्यादा कांग्रेस नेतृत्व को लिजिन्हो फ्लेरो को लेकर तृणमूल से नाराजगी है। क्योंकि, फ्लेरो के तृणमूल में जाने से पार्टी का चुनावी गणित बिगड़ गया है। इसके साथ पार्टी को डर है कि तृणमूल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी गठबंधन कर उसकी मुश्किल बढ़ा सकते हैं। गोवा में पंजाब, यूपी और उत्तराखंड के साथ विधानसभा चुनाव है। कांग्रेस को चुनाव में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी। वर्ष 2017 की तरह किसी तरह की लापरवाही न हो, इसलिए पार्टी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम को चुनाव पर्यवेक्षक भी नियुक्त किया है। पर तृणमूल ने पूरा गणित बिगाड़ दिया है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 17 सीट के साथ 30 फीसदी वोट मिला था। पर अपनी पहली कोशिश में ही आम आदमी पार्टी करीब साढ़े छह फीसदी वोट हासिल करने में सफल रही थी। गोवा कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि चुनाव से पहले फ्लेरो के भरोसेमंद कई और नेता पार्टी छोड़ सकते हैं। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि तृणमूल की नजर मेघालय पर भी है। मेघालय में भी पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा 13 विधायकों के साथ तृणमूल जा सकते थे। इसलिए, पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने फौरन संगमा को दिल्ली तलब कर उनकी नाराजगी को दूर किया, ताकि मेघालय में पार्टी को टूट से बचाया जा सके।

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में आतंक का खूनी खेल चल रहा है. आतंकी सेना की कार्रवाई से इतने बौखला गए हैं कि आम नागरिकों को, गैर कश्मीरियों को और खास तौर पर हिंदुओं को अपना निशाना बना रहे हैं.

आतंक पर प्रहार तो नागरिकों पर वार!
जम्मू कश्मीर में सेना (Indian Army) के ऑपरेशन ऑलआउट (Operation All Out) से बौखलाए आतंकी लगातार आम लोगों को अपनी गोली का निशाना बना रहे हैं. पहले गैर हिंदुओं को अपना निशाना बनाया और फिर गैर कश्मीरियों को. शनिवार को एक बार फिर आतंकियों ने दो अलग-अलग जगहों पर आम लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी. आतंक के क्रूर हाथों से मारे गए इन सभी का गुनाह इतना था कि वो पाकिस्तान समर्थक या कहें कि आतकंवाद के समर्थक नहीं थे. अब कश्मीर में आतंकी टारगेट किलिंग पर उतारू हो गए हैं.

कश्मीर में हो रही टारगेट किलिंग
टारगेट किलिंग भी किसकी? गोलगप्पे की रेहड़ी लगाने वाले एक आम दुकानदार की, एक दवा की दुकान चलाने वाले कश्मीरी पंडित की, स्कूल में पढ़ाने वाली टीचर की और लकड़ी का काम करने वाले एक गरीब कारपेंटर की. श्रीनगर के ईदगाह इलाके में आतंकियों ने बिहार के रहने वाले अरविंद कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी. वो गोलगप्पे बेचकर अपने घर का गुजारा चलाता था.अचानक कुछ आतंकी आए और अरविंद के सिर में गोली मारकर फरार हो गए. इलाज के लिए उसे नजदीकी अस्पताल भी ले जाया गया, लेकिन ज्यादा खून बहने की वजह से उसकी मौत हो गई.

बिहार का रहने वाला था अरविंद
अरविंद का परिवार बिहार के बांका में रहता है. अरविंद अपने माता-पिता और 3 भाइयों को छोड़कर अपने भाई के साथ श्रीनगर में काम तलाशने आया था लेकिन आतंकियों ने 22 साल के इस रेहड़ी लगाने वाले दुकानदार को मार दिया. वजह बस इतनी कि उसने अपने ही देश के एक हिस्से में यानी कश्मीर में जाकर गोलगप्पे बेचने की हिमाकत की. वहीं पुलवामा में भी यूपी के रहने वाले सगीर अहमद की आतंकवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी.

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस घटना पर शोक जताया है. उन्होंने कहा कि मैं अरविंद कुमार शाह और सगीर अहमद की निर्मम हत्याओं की कड़ी निंदा करता हूं. जिन परिवारों ने अपनों को खोया है, उनके प्रति मेरी हार्दिक संवेदना है. इस दुख की घड़ी में केंद्र शासित प्रदेश शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़ा है. इन जघन्य हमलों के अपराधियों को जल्द ही दंडित किया जाएगा. हमने आतंकवादियों को कुचलने की अपनी कोशिशों को तेज कर दिया है. निर्दोष नागरिकों को मारने के लिए उन्हें बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी. मैं लोगों से एक स्वर में बोलने और आतंक के खिलाफ लड़ाई में साथ आने की अपील करता हूं.

इससे पहले श्रीनगर के लालबाग इलाके में गोलगप्पे बेचने वाले वीरेंद्र पासवान की हत्या कर दी गई थी. आतंकियों ने कश्मीर के सबसे मशहूर फार्मासिस्ट माखनलाल बिंदरू की दुकान पर गोली मारकर हत्या कर दी थी. उसके एक दिन बाद ईदगाह इलाके में ही स्कूल प्रिंसिपल सुपिंदर कौर और टीचर दीपक चंद की हत्या कर दी थी. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2021 में अब तक कुल 30 नागरिकों को आतंकवादियों ने मार दिया है.

 

कोट्टयम/इडुकी. दक्षिण और मध्य केरल (Kerala) में शनिवार से हो रही तेज बारिश (Rain) के चलते अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है जबक‍ि कोट्टायम (Kottayam) और इडुक्की जिलों (Idukki districts) के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (Landslides) में 22 लोगों के लापता होने की आशंका है. केरल में बारिश के कारण बिगड़े हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने राहत और बचाव कार्य के लिए सेना की मदद मांगी है. देश के इस दक्षिणी राज्य में बारिश के चलते हुई घटनाओं में कई लोगों के घायल होने की भी जानकारी मिल रही है. बारिश के कारण राज्‍य में बनी बाढ़ की स्थिति को देखते हुए निचले इलाकों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्‍थानों पर भेजा गया है.केरल के मुख्‍यमंत्री पिनाराई विजयन ने राज्‍य में बारिश के कारण बिगड़े हालात को देखते हुए शनिवार रात एक आपातकालीन बैठक बुलाई. बैठक के दौरान उन्‍होंने कहा कि राज्‍य के कुछ हिस्‍सों में स्थिति वास्‍तव में काफी गंभीर है. हम लोगों की जान बचाने की हर संभव कोशिश करेंगे. हमने सेना, नौसेना और वायु सेना से मदद मांगी है. जिलों में राहत शिविर बनाए गए हैं. मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार सभी बांधों के जल स्तर की निगरानी कर रही है. मूसलाधार बारिश से तीन जिले- कोट्टायम, पथानामथिट्टा और इडुक्की सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं. कोट्टायम और इडुक्की जिलों की सीमा से लगे पहाड़ी इलाकों में हुए भूस्खलन में कम से कम 22 लोगों के लापता होने की आशंका है. इडुक्की में बारिश के कारण आई बाढ़ में एक कार के बह जाने के बाद उसमें से दो शव निकाले गए हैं. पुलिस का कहना है क‍ि दोनों शवों की अबतक पहचान नहीं हो सकी है. पठानमथिट्टा और कोट्टायम से बारिश से अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है.

साल 2018 और 2019 जैसी बन रही बाढ़ की स्थिति
कोट्टयम, इडुकी और पथनमथिट्टा जिलों के पहाड़ी इलाकों में कुछ ऐसी ही स्थिति उत्पन्न हो गई है जैसी स्थिति वर्ष 2018 और 2019 की विनाशकारी बाढ़ के दौरान उत्पन्न हुई थी. हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और डरने की जरूरत नहीं है. दावे के बावजूद राज्य पुलिस और दमकल विभाग की राहत टीम बाढ़ और खराब मौसम की वजह से प्रभावित इलाकों तक नहीं पहुंच पा रही है. केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा कि स्थिति गंभीर है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि नवीनतम मौसम पूर्वानुमान संकेत दे रहा है कि हालात अब इससे अधिक खराब नहीं होंगे.

पांच जिलों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की ओर से दी गयी नवीनतम जानकारी के मुताबिक पथनमथिट्टा, कोट्टयम, एर्णाकुलम, इडुक्की और त्रिशूर जिलों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है. कोट्टयम और पथनमथिट्टा जिला बारिश से सबसे अधिक प्रभावित है जहां पर शुक्रवार रात से ही बारिश हो रही है.

थल सेना मदद के लिए तैनात, नौसेना और वायु सेना भी तैयार
रक्षा प्रवक्ता ने कहा, “आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एमआई-17 और सारंग हेलीकॉप्टर पहले ही तैयार रखे गए हैं. केरल में मौसम की स्थिति को देखते हुए वायुसेना की दक्षिणी कमान के सभी अड्डों को हाई अलर्ट पर रखा गया है.” प्रवक्ता ने बताया, भारतीय थलसेना पहले ही बाढ़ प्रभावित इलाकों में सैनिकों की तैनाती कर चुकी है.

भोपाल । राजधानी भोपाल को हिल स्टेशन पचमढ़ी, छिंदवाड़ा को जोडऩे वाले होशंगाबाद में तवा नदी का पुल 19 अक्टूबर से बंद रहेगा। तवा नदी के पुल से दो माह तक सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन बंद रहेगा। मरम्मत कार्य पूरा होने तक होशंगाबाद-पिपरिया स्टेट हाईवे-67 पर वाहनों को डायवर्ट रूट से निकाला जाएगा। पचमढ़ी, पिपरिया, मढ़ई घूमने आने-जाने वाले सैलानी व अन्य लोगों के वाहनों व बसों को बांद्राभान, सांगाखेड़ा बाबई के रास्ते निकाला जाएगा। जबलपुर, छिंदवाड़ा, पिपरिया की ओर आने-जाने वाले भारी वाहनों को सांडिया, बरेली या शाहगंज होते निकलना पड़ेगा। होशंगाबाद कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने प्रतिबंध के आदेश जारी किए हैं।
तवा नदी पर पुल होशंगाबाद से पिपरिया होते हुए छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, रायसेन, जबलपुर, रायसेन को जोडऩे वाला पुल है। बड़ी मात्रा में यहां से वाहन गुजरते है। लंबे समय से पुल क्षतिग्रस्त है। तवा पुल मरम्मत का कार्य मेसर्स मिश्रा कंस्ट्रक्शन कंपनी भोपाल करा रही है। जिसकी मरम्मत के लिए यातायात बंद किया है। 19 अक्टूबर से मरम्मत पूरी होने तक यातायात बंद रहेगा। संभवत: 2 माह तक तवा पुल पर पूरी तरह यातायात बंद रहेगा।
30 सितंबर को भारी वाहनों पर लगाई थी रोक
तवा पुल पर मरम्मत के लिए भारी वाहनों के निकलने पर रोक लगाई गई। 30 सितंबर को कलेक्टर ने आदेश जारी कर भारी वाहनों का रूट परिवर्तित कर पुल से निकलने पर प्रतिबंध लगाया। वन-वे कर केवल बाइक, फोर-व्हीलर वाहन और इमरजेंसी वाहनों के निकलने पर छूट रही। लेकिन वन-वे पर भी जाम की स्थिति रोजाना बनने से अब पूरी तरह से यातायात को प्रतिबंधित किया जा रहा है।

 

भोपाल । प्रदेश में खंडवा लोकसभा और रैगांव, जोबट और पृथ्वीपुर विधानसभा चुनावों के परिणाम घोषित होंने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग अगले माह पंचायत चुनाव कराने का एलान कर सकता है। राज्य निर्वाचन आयोग ने इसी महीने 21 अक्टूबर को सभी कलेक्टरों की बैठक बुलाई है। इसमें पंचायत चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की जाएगी। जिला पंचायत अध्यक्षों के आरक्षण अभी नहीं हुए है, आयोग ने सरकार से इसका ब्यौरा भी मांगा है।
मध्यप्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव न्यायालयीन प्रक्रिया के चलते उलझ गए है। ऐसे में अब सरकार पहले पंचायत चुनाव करा सकती है। अक्टूबर में संभावित कोरोना की तीसरी लहर का प्रकोप सामने नहीं आने के बाद अब सरकार दीपावली त्यौहार के बाद पंचायत चुनाव कराने के मूड में है। ग्राम पंचायतों और जनपद पंचायतों में आरक्षण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है अब जिला पंचायतों में अध्यक्ष के पदों का आरक्षण होना बाकी है। राज्य निर्वाचन आयोग ने राज्य सरकार से जिला पंचायत अध्यक्ष के पद के आरक्षण की जानकारी मांगी है। राज्य सरकार अगले महीने में अध्यक्ष पद के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी करा सकती है। वर्ष 2020 में पंचायत चुनावो के लिए मतदाता सूची के अपडेटेशन का काम पूरा हो चुका है। इसलिए राज्य सरकार इसी मतदाता सूची के आधार पर पंचायत चुनाव करवा सकती है।
3 चरणों में होंगे चुनाव
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव तीन चरणों में कराए जाएंगे। पहले चरण में 7 हजार 527 पंचायतों में चुनाव होगा। दूसरे चरण में 7 हजार 571 पंचायतों में और तीसरे चरण में 8 हजार 814 पंचायतों के चुनाव कराए जाएंगे। जिला पंचायत अध्यक्ष के 52 पदों के लिए चुनाव होंगे। वहीं 313 ग्राम पंचायतों में 23 हजार 912 सरपंच और 3 लाख 77 हजार 551 पंचों के चुनाव कराए जाएंगे। जिपं सदस्यों के 904 और जनपद पंचायत सदढस्य के 6 हजार 833 पदों के चुनाव होने है।
कलेक्टरों के साथ चर्चा 21 को
राज्य निर्वाचन आयुक्त बीपी सिंह ने प्रदेश के सभी 52 जिलों के कलेक्टरों की बैठक 21 अक्टूबर को बुलाई है। इसमें पंचायत चुनाव के लिए तैयारियों पर चर्चा की जाएगी। मतदान केन्द्रों की संख्या, मतदाता सूची की तैयारी और चुनाव के लिए ईवीएम की आवश्यकता तथा संवेदनशील केन्द्रों और सुरक्षा अमले की जरुरतों पर कलेक्टरों से चर्चा की जाएगी। जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव ईवीएम से कराए जाएंगे जबकि सरपंच के चुनाव बैलेट पेपर के जरिए कराए जाएंगे।

भोपाल । मध्य प्रदेश में होने वाले उपचुनाव का असर अधिकारियों-कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और पेंशनर की महंगाई राहत पर पड़ा है। सरकार ये भत्ते अब दीपावली के बाद बढ़ा सकती है। प्रदेश में आचार संहिता लागू है और इसकी वजह से सरकार अब कोई बड़ा और जनता को प्रभावित करने वाला फैसला नहीं ले सकती। उसे इस तरह के फैसलों के लिए चुनाव आयोग की अनुमति की जरूरत है।
जानकारी के मुताबिक, वित्त विभाग ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय को महंगाई भत्ता व राहत में वृद्धि करने का कोई भी प्रस्ताव अभी तक नहीं भेजा है। प्रदेश के अधिकारियों- कर्मचारियों का महंगाई भत्ता केंद्रीय कर्मचारियों की तुलना में 16 प्रतिशत कम है। गौरतलब है कि प्रदेश में कोरोना संकट के कारण वर्ष 2020 से महंगाई भत्ता नहीं बढ़ाया गया।
कांग्रेस सरकार ने बढ़ा दिया था 5 फीसदी
हालांकि, तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने पिछले साल मार्च में 12 प्रतिशत महंगाई भत्ते को बढ़ाकर 17 प्रतिशत करने का फैसला किया था। इसके आदेश भी जारी हो गए थे। लेकिन, उस पर अमल होने से पहले ही सत्ता परिवर्तन हो गया। दूसरी ओर, केंद्र सरकार ने भी कोरोना की स्थिति को देखते हुए महंगाई भत्ते की वृद्धि को टाल दिया। इसके आधार पर सरकार ने महंगाई भत्ते में पांच प्रतिशत की बढ़ोत्तरी को रद्द कर दिया था।
ये चाहते हैं कर्मचारी संगठन
दूसरी ओर, कर्मचारी संगठन लगातार सरकार पर दबाव बना रहे हैं। वे चाहते हैं कि स्थितियां सामान्य हो गई हैं और केंद्र सरकार की तरह महंगाई भत्ते में वृद्धि की जाए। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार की यह व्यवस्था है कि जैसे ही केंद्र सरकार महंगाई भत्ते को बढ़ाती है, वह भी बढ़ा देती है। लेकिन, इस बार ऐसा नहीं हुआ। हालांकि, इसे लेकर तैयारियां पहले से चल रही हैं। वित्त विभाग प्रस्ताव बनाकर मुख्यमंत्री सचिवालय को भी भेज चुका है। लेकिन, अभी तक अंतिम निर्णय नहीं हुआ। बता दें, राज्य सरकार के प्रवक्ता गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कुछ दिन पहले कहा था कि कर्मचारी धैर्य रखें, शुभ समाचार जल्दी मिलेगा। लेकिन, इस बीच उपचुनाव की आचार संहिता लग गई। अब माना जा रहा है कि महंगाई भत्ते में वृद्धि दीपावली के बाद ही हो पाएगी। अभी तक सरकार की ओर से मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय को इस तरह का कोई प्रस्ताव नहीं भेजा गया है।

भोपाल । उपचुनाव के घमासान में कांग्रेस प्रत्याशियों के पक्ष में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ रविवार से चुनाव प्रचार तेज करेंगे। कमलनाथ रविवार को छतरपुर जिले के खजुराहो पहुंचेंगे। उसके बाद निवाड़ी जिले की पृथ्वीपुर विधानसभा के जेरोन में सभा लेंगे। इस कार्यक्रम के बाद कमलनाथ मंडल-सेक्टर-बूथ के पदाधिकारियों की बैठक लेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे।20 अक्टूबर तक कमलनाथ की एक के बाद एक सभाएं हैं। कमलनाथ की सक्रियता से कांग्रेस में जोश भर गया है। खंडवा लोकसभा के साथ ही उपचुनाव वाले तीनों विधानसभा क्षेत्रों में जोरदार तैयारी चल रही है। रविवार को कमलनाथ दिनभर पृथ्वीपुर में रहेंगे। उसके बाद सोमवार को चुनाव प्रचार में खंडवा क्षेेत्र में कमलनाथ की चार सभाएं रखी गई हैं। विशेष तौर पर मांधाता और बागली विधानसभा में वे सभाएं लेने पहुंचेंगे।


खंडवा पर मुख्य फोकस
कांग्रेस के पास स्टार प्रचारकों में केवल अभी कमलनाथ ही मैदान में नजर आ रहे हैं। वे एक बार खंडवा का दौरा कर चुके हैं, लेकिन उसमें भी केवल सभा रखी गई थी। अब दूसरी बार वे 18 अक्टूबर को फिर खंडवा लोकसभा में कांग्रेस प्रत्याशी राजनारायण पुरणी के पक्ष में प्रचार करने पहुंचेंगे। इस दिन सुबह साढ़े 11 बजे वे बुरहानपुर जिले के नेपानगर के धूलकोट पहुंचेंगे। यहां से वे मांधाता विधानसभा के पुनासा पहुंचेंगे, जहां सभा रखी गई है। दूसरे दिन 19 अक्टूबर को वे सतना विधानसभा के दौरे पर रहेंगे। उसके बाद 20 तारीख को फिर खंडवा आएंगे और बागली विधानसभा के पूंजापुरा में सभा लेंगे। इसके बाद फिर दोपहर सवा 1 बजे पंधाना विधानसभा में एक सभा रखी गई है। फिलहाल दो दिन में उनकी चार सभाएं रखी गई हैं और इन सभाओं के माध्यम से कांग्रेस अपने पक्ष में माहौल खड़ा करना चाह रही है। फिलहाल तो कमलनाथ ही कांग्रेस के स्टार प्रचारक के रूप में नजर आ रहे हैं, क्योंकि कांग्रेस ने पहले से ही सभी पूर्व मंत्रियों को अपने-अपने क्षेत्र के हिसाब से अलग-अलग विधानसभा की जवाबदारी दे रखी है।


कांग्रेस ने हिंदुत्व के मुद्दे को बनाया हथियार
कांग्रेस भी भाजपा को टक्कर देने के लिए हिंदुत्व के मुद्दे को हथियार बना रही है। उसने उपचुनाव में बंटवाने के लिए श्रीराम लेखन की पुस्तिका छपवाई है। इसमें भगवान राम के साथ ही कांग्रेस नेताओं की फोटो छपी हैं, जिसके जरिए हिंदू वोटों की लॉबिंग की जाएगी। इंदौर संभाग की खंडवा लोकसभा और जोबट विधानसभा सीट समेत चार सीटों पर हो रहे उपचुनाव में जैसे जैसे मतदान की तारीख नजदीक आती जा रही है वैसे वैसे भाजपा और कांग्रेस के बीच चुनावी घमासान तेज होता जा रहा है। कांग्रेस उपचुनाव में राम के सहारे नैया पार लगाने की जुगत में लग गई है। यही वजह है कि चुनाव वाले क्षेत्रों में श्रीराम लेखन की पुस्तिकाएं बंटवाने जा रही है।


अयोध्या की फ्री में सैर
इस एक पुस्तक में 11 हजार बार राम का नाम लिखना होगा। जो लोग इसमें राम नाम लिखेंगे उन्हें अयोध्या की फ्री में सैर कराई जाएगी। इस पुस्तक पर भगवान राम के साथ कांग्रेस नेताओं की फोटो छपी हैं। इस पुस्तक को बांटने वाले कांग्रेस के प्रदेश सचिव विवेक खंडेलवाल का कहना है भाजपा सिर्फ वोट के लिए राम के नाम का उपयोग करती है, लेकिन असल राम राज्य तो कांग्रेस सरकार ही लाएगी। राम मंदिर की बात करने वाली भाजपा को भी मालूम है कि राम मंदिर का ताला स्वर्गीय राजीव गांधी ने ही खुलवाया था। इस पुस्तक को आम लोगों तक पहुंचाया जाएगा और उन्हें बताया जाएगा कि राम के नाम पर कांग्रेस वोट नहीं मांगती है बल्कि प्रभु श्रीराम के सुशासन को लागू करने का काम भी करती है।

नई दिल्ली । कोरोना महामारी की तीसरी लहर के खौफ के बीच दुनिया भर में लोग पुरानी जिंदगी में लौटने लगे हैं। दफ्तरों में लौटने लगे हैं, अपने काम-धंधे शुरू करने लगे हैं। लेकिन तकरीबन 18 महीने से ज्यादा वक्त तक घर बैठे रहे पायलट हवाई जहाज उड़ाना भूल गए हैं। जी हां ये हम नहीं खुद कई पायलट का कहना है। उनका कहना है कि इतने दिन घर पर बैठे रहने के बाद उन्हें हवाई जहाज उड़ाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसलिए कईयों को फिर से ट्रेनिंग करनी पड़ रही है। एजेंसी के मुताबिक, कोरोना महामारी के कारण महीनों घर पर बैठे पायलट हवाई जहाज उड़ाना तक भूल गए हैं। किसी को जहाज शुरू करने में दिक्कत हुई तो कोई लैडिंग करते वक्त दूसरा इंजन स्टार्ट करना भूल गया और फिर आनन-फानन में स्टेशन टीम की मदद लेनी पड़ी, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। ये दोनों गलतियां अमेरिका की एक प्रतिष्ठित एयरलाइंस के पायलट की ओर से की गई। अमेरिका की बड़ी-बड़ी एयरलाइंस को उड़ाने वाले पायलट पर एक सर्वे किया गया है। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट के अनुसार, कई पायलट्स के हाल लगभग यही थे। हैरत की बात ये है कि इसके पीछे कारण कोरोना के कारण उड़ाने बंद होना या प्रैक्टिस छूट जाना सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक दर्जनभर से ज्यादा ऐसी गलतियां हुई हैं जिसके कारण बड़ी घटना हो सकती थी। उड़ानों पर रोक के कारण दुनियाभर में करीब 1 लाख पायलट काम ही नहीं कर सके। अब करीब 18 महीने बाद वो एक बार फिर काम पर लौटे हैं, तो कईयों से उड़ान के दौरान भूल सामने आ रही है। एविएशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये बेहद गंभीर हालात हैं। ऐसी स्थिति में कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। तमाम कारणों के बाद इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गेनाइजेशन ने पायलट्स के लिए एक ट्रेनिंग सेशन शुरू करने की सोची है। हालांकि इस बात का भी खुलासा हुआ है कि एशिया समेत अन्य जगहों पर पायलट ने रिट्रेनिंग की, लेकिन ट्रेनिंग सेशन में भी उनसे कई गलतियां हुई है। यही कारण है कि ट्रेनिंग सेशन पूरा करने के बाद भी पायलट लगातार गलतियां कर रहे हैं।

नया खाई के मौके पर पैतृक गांव कुरूदडीह पहुंचे थे मुख्यमंत्री
रायपुर. नयाखाई के मौके पर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज अपने पैतृक ग्राम कुरूदडीह पहुंचे। यहां पर उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा की। अपने बचपन के दोस्त श्री नारायण निषाद से भी मिले पिछली बार चर्चा के दौरान नारायण ने मुख्यमंत्री से यूं ही कह दिया था कि कभी जब हेलीकॉप्टर में आप गांव में आए तो मुझे भी दिखाएं। मुख्यमंत्री ने आज कहा की आज मैं हेलीकॉप्टर से आया हूं मेरे साथ रायपुर चलो। उनके मित्र को चश्मा भी लग गया है। मुख्यमंत्री ने देखते ही उन्हें कहा कि तुम्हें चश्मा कब लग गया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर गांव के वरिष्ठ जनों एवं युवाओं से भी चर्चा की।

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