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308 करोड़ की लागत से 11.38 किमी लंबा फोरलेन बायपास बनेगा

रायपुर. लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज रायपुर-जगदलपुर मार्ग पर बहुप्रतीक्षित केशकाल घाट फोरलेन बायपास रुट का निरीक्षण किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के साथ बायपास के दोनों छोरों का निरीक्षण किया। उन्होंने बायपास का काम तत्काल प्रारंभ करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी भी इस दौरान मौजूद थे।

श्री बंसल ने बायपास के रास्ते में शेष बचे पेड़ों की कटाई तत्परता से करने के निर्देश वन मंडलाधिकारी को दिए हैं। उन्होंने बायपास से संबंधित मुआवजा प्रकरणों की जानकारी लेकर लंबित मामलों का निराकरण यथाशीघ्र करने को कहा। उन्होंने कहा कि बस्तर और छत्तीसगढ़ के लिए यह बायपास अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसका तेजी से निर्माण कर आवाजाही शुरू करना सरकार की प्राथमिकता में है।

2 वृहद और 2 मध्यम पुल भी बनेंगे

लोक निर्माण विभाग द्वारा 308 करोड़ रुपए की लागत से 11.38 किमी लंबे केशकाल घाट बायपास का निर्माण किया जा रहा है। इस बायपास में दो वृहद और दो मध्यम पुल भी बनाए जाएंगे।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से हॉकी इंडिया के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की

 

 

जनता के हित में नतीजे दें, संसाधनों का करें समुचित उपयोग
काम से बनाये अपनी पहचान
स्व-अनुशासन में रहें, निगम मंडल में अनुशासन के लिये नियमित मॉनिटरिंग करें
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निगम, मंडलों के नवनियुक्त पदाधिकारियों के उन्मुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र का किया शुभारंभ

 

जूनियर और युवक रेडक्रॉस शाखा की समीक्षा बैठक में हुए शामिल
राज्यपाल श्री पटेल ने अपने कारकेड को किया आधा

सुशासन तिहार में 11 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने लिया भाग, मौके पर हुआ समस्याओं का समाधान

रायपुर, 19 मई 2026/सुशासन तिहार के अंतर्गत बीजापुर जिले के भोपालपटनम विकासखंड के ग्राम पंचायत पामगल में आयोजित समाधान शिविर में ग्रामीणों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। शिविर में आसपास की 11 ग्राम पंचायतों से ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए।
शिविर में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए, जहां ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी दी गई और उनकी समस्याएं सुनकर निराकरण की प्रक्रिया शुरू की गई। ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक अपनी मांगें और शिकायतें अधिकारियों के सामने रखीं।
शिविर के दौरान मांग और शिकायत से जुड़े कुल 501 आवेदन प्राप्त हुए। सभी आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
शिक्षा, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, कृषि, उद्यानिकी और मत्स्य विभाग सहित कई विभागों ने मौके पर ही पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया। ग्रामीणों की सुविधा के लिए निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराकर आवश्यक परामर्श प्राप्त किया।
महिला एवं बाल विकास विभाग की गतिविधियां कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहीं। गर्भवती महिलाओं की गोद भराई रस्म आयोजित कर उन्हें पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी गई। वहीं छोटे बच्चों का अन्नप्राशन कार्यक्रम आयोजित कर शिशु पोषण और स्वस्थ विकास के प्रति जागरूक किया गया।
सुशासन तिहार के तहत आयोजित यह समाधान शिविर शासन और ग्रामीणों के बीच बेहतर संवाद का प्रभावी माध्यम बना। शिविर के जरिए लोगों को एक ही स्थान पर समस्याओं के समाधान के साथ विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ भी मिला।

अंतिम छोर के गांवों तक पहुंचीं योजनाएं

स्वास्थ्य शिविर और 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान में उमड़ा जनसैलाब


रायपुर,19 मई 2026/

​छत्तीसगढ़ में जनजातीय गौरव और जनभागीदारी को एक नया विस्तार देते हुए 'जनभागीदारी अभियान एवं जनजातीय गरिमा उत्सव 2026' के तहत दूरस्थ अंचलों में विकास की बयार बहने लगी है। सूबे के जनजातीय बहुल और दुर्गम गांवों में आज व्यापक स्तर पर संतृप्ति शिविर, स्वास्थ्य परीक्षण और वृक्षारोपण अभियानों का आयोजन किया गया। शासन की योजनाओं को हर ग्रामीण तक पहुंचाने के इस महाभियान में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

​गांवों में मुफ्त इलाज और आयुष्मान कार्ड की सौगात

​अंचल में आयोजित विशेष स्वास्थ्य शिविरों में ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी। डॉक्टरों की टीमों ने ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर बीपी और शुगर जैसी जांचें कीं, साथ ही जरूरतमंद मरीजों को मौके पर ही निःशुल्क दवाइयां बांटी गईं। शिविरों की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि यहाँ 'आयुष्मान भारत कार्ड' बनाने और उन्हें अपडेट करने की ऑन-स्पॉट सुविधा दी गई, जिससे गरीब परिवारों को सीधे स्वास्थ्य सुरक्षा का कवच मिला। चिकित्सा दलों ने ग्रामीणों को मौसमी बीमारियों से बचने, स्वच्छता बनाए रखने और सही पोषण की जानकारी भी दी।

​"सबसे दूर, सबसे पहले"

शासन की इसी सोच के साथ जिले के उन गांवों को प्राथमिकता दी जा रही है जो भौगोलिक रूप से सबसे दूर हैं। प्रशासन का लक्ष्य 25 मई तक हर पात्र व्यक्ति को शत-प्रतिशत लाभान्वित करना है।

'एक पेड़ माँ के नाम' का लिया संकल्प

​उत्सव के दौरान सिर्फ स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि प्रकृति को सहेजने का भी बड़ा संदेश दिया गया। प्रधानमंत्री के आह्वान पर "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के तहत गांवों में सामूहिक रूप से पौधरोपण किया गया। इस भावुक और पर्यावरण-हितैषी मुहिम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सरपंच-सचिवों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों और विभिन्न विभागों के शासकीय कर्मचारियों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर पौधे लगाए। खास बात यह रही कि सिर्फ पौधे रोपे नहीं गए, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण का सामूहिक संकल्प भी लिया गया।

​25 मई तक चलेगा महाभियान, प्रशासन की अपील

​जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री की मन्शा के अनुरूप जिले के सभी ग्रामों में आगामी 25 मई तक लगातार संतृप्ति शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। ​जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे इन शिविरों में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर न केवल अपने अधिकारों और योजनाओं का लाभ उठाएं, बल्कि इस जनभागीदारी अभियान को एक जन-आंदोलन का रूप देकर सफल बनाएं।

उप जेल बीजापुर में शिक्षा की नई शुरुआत

रायपुर, 19 मई 2026/बीजापुर उप जेल में शिक्षा के माध्यम से बंदियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की एक सराहनीय पहल शुरू की गई है। कलेक्टर श्री विश्वदीप के मार्गदर्शन में “उल्लास साक्षरता कार्यक्रम” के तहत असाक्षर कैदियों और बंदियों के लिए नवसाक्षरता अभियान का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी श्री लखनलाल धनेलिया विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इस अभियान के तहत बंदियों को पढ़ाई के लिए पेन, पेंसिल, पुस्तकें और व्हाइटबोर्ड जैसी अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई गई। कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों को साक्षर बनाकर उनमें आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और आत्मनिर्भरता विकसित करना है, ताकि वे भविष्य में समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।
जिला शिक्षा अधिकारी श्री लखनलाल धनेलिया ने कहा कि शिक्षा जीवन बदलने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बताया कि शासन का प्रयास है कि कोई भी व्यक्ति शिक्षा से वंचित न रहे। जेल में बंद असाक्षर लोगों को शिक्षित करना सामाजिक पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उप जेल प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बंदियों को नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित किया और शिक्षा के महत्व के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान बंदियों में सीखने को लेकर उत्साह और नई उम्मीद देखने को मिली।
“उल्लास साक्षरता कार्यक्रम” के माध्यम से उप जेल बीजापुर में शिक्षा का सकारात्मक वातावरण तैयार हुआ है। यह पहल बंदियों के जीवन में बदलाव लाने और उन्हें बेहतर भविष्य की ओर बढ़ाने का प्रेरणादायक प्रयास बन रही है।

"उजर 100" योजना से संवरेगा मेधावियों का भविष्य

एनएमडीसी मद से मिलेगी पूरी आर्थिक मदद

रायपुर,19 मई 2026/

बस्तर अंचल के प्रतिभावान और जरूरतमंद युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने के लिए दंतेवाड़ा जिला प्रशासन ने एक बेहद संवेदनशील और अनूठी शैक्षणिक पहल की है। जिले के आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी विद्यार्थियों को देश-प्रदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में उच्च शिक्षा दिलाने के उद्देश्य से “उजर 100” योजना शुरू की गई है।
​इस महत्वाकांक्षी योजना के सफल क्रियान्वयन, चयन प्रक्रिया और पात्रता नियमों को तय करने के लिए आज जिला पंचायत के सभाकक्ष में दोपहर 3 बजे एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें कार्ययोजना का खाका तैयार किया गया।

​100 सीटों का वर्गवार निर्धारण, स्थानीय को प्राथमिकता

​योजना के तहत कुल 100 सीटों का कोटा निर्धारित किया गया है। सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए इसमें वर्गवार सीटें तय की गई हैं। जिसमे ​अनुसूचित जनजाति (ST) के 76,​अनुसूचित जाति (SC) के 06,​अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के 14 और ​अनारक्षित (General) के 04 सीटें शामिल है। इसके साथ ही कुल सीटों में 6 प्रतिशत आरक्षण दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित रहेगा। योजना का लाभ केवल दंतेवाड़ा जिले के मूल निवासी छात्रों को ही मिलेगा, जिन्होंने प्रथम प्रयास में 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की हो।

​5 लाख की आय सीमा, लेकिन 'सुपर टैलेंटेड' बच्चों को पूरी छूट

​सामान्यतः योजना का लाभ उठाने के लिए परिवार की वार्षिक आय 5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। लेकिन प्रशासन ने प्रतिभा को नियमों में नहीं बांधा है। छत्तीसगढ़ बोर्ड (CGBSE) की प्रावीण्य सूची में जिले के शीर्ष 10 स्थान पाने वाले छात्रों और IIT, NIT, NEET, JEE, NDA व AIIMS जैसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय परीक्षाओं में चयन पाने वाले विद्यार्थियों पर आय की कोई सीमा लागू नहीं होगी। इसी तरह छत्तीसगढ़ बोर्ड के टॉप 100 या सीबीएसई के टॉप 20 छात्र, राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं में चयनित विद्यार्थी, नक्सल प्रभावित परिवारों के बच्चे, खनन प्रभावित ग्रामों के छात्र और बीपीएल (BPL) कार्डधारी परिवारों के होनहार बच्चे इस योजना में पहली प्राथमिकता पर होंगे।

​पढ़ाई से लेकर रहने-खाने का खर्च उठाएगी सरकार; सीधे खाते में आएगा पैसा

​"उजर 100" योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को कॉलेज की फीस, हॉस्टल, भोजन और अध्ययन सामग्री (किताबें-कॉपी) का पूरा खर्च दिया जाएगा। व्यावसायिक पाठ्यक्रमों (Professional Courses) की पूरी फीस सीधे संबंधित शिक्षण संस्थान को भेजी जाएगी। वहीं, हॉस्टल और किताबों का खर्च डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे छात्र के बैंक खाते में जमा किया जाएगा।
​काउंसिलिंग के लिए मिलेगी

हवाई यात्रा की सुविधा

​जिला प्रशासन ने मेधावियों के प्रोत्साहन के लिए बड़े कदम उठाए हैं। यदि जिले का कोई छात्र IIT, NIT, AIIMS, NEET या NDA जैसी परीक्षाओं में चुना जाता है, तो उसे संस्थान में रिपोर्टिंग या काउंसिलिंग के लिए जाने हेतु बस, रेल या हवाई यात्रा की मुफ्त सुविधा दी जाएगी। इसके अलावा शानदार प्रदर्शन करने वाले छात्रों को नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा। ड्रॉप लेकर तैयारी करने वाले छात्रों को विशेष परिस्थिति में कोचिंग सहायता भी मिलेगी।

​ऑफलाइन होंगे आवेदन, बनेगी वेटिंग लिस्ट

​चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी रखने के लिए आवेदन ऑफलाइन माध्यम से जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा में जमा किए जाएंगे। स्क्रूटनी, मेरिट लिस्ट और फिजिकल वेरिफिकेशन के बाद जिला स्तरीय कमेटी अंतिम मुहर लगाएगी। मुख्य सूची के साथ 50 विद्यार्थियों की एक प्रतीक्षा सूची (Waiting List) भी बनाई जाएगी, ताकि कोई सीट खाली रहने पर दूसरे हकदार को मौका मिल सके। ​"उजर 100" योजना दंतेवाड़ा के युवाओं के लिए मील का पत्थर साबित होगी। आर्थिक तंगी के कारण अब किसी भी होनहार का सपना नहीं टूटेगा। यहाँ के बच्चे अब राष्ट्रीय पटल पर जिले का नाम रोशन करेंगे।

धमतरी में बनने वाले दो फोरलेन सड़कों की जगह भी देखी, दोनों सड़कों का जल्द शुरू होगा काम

रायपुर. 19 मई 2026. लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज धमतरी शहर में बनने वाले दो फोरलेन सड़कों की जगह देखी। लोक निर्माण विभाग द्वारा रत्नाबांधा चौक से कांकेर बायपास तक पांच किलोमीटर तथा सिहावा चौक से नगरी रोड में पांच किलोमीटर सड़क का फोरलेन के रूप में उन्नयन किया जा रहा है। इन दोनों सड़कों का काम जल्दी ही शुरू होगा। श्री बंसल ने अच्छी गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए दोनों सड़कों के काम समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश कार्यपालन अभियंता को दिए।

विभागीय सचिव ने धमतरी जिले में कुरुद-चरमुड़िया-गोबरा-सिवनी-चिंवरी-सिर्री सड़क के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण कार्य का निरीक्षण किया। लोक निर्माण विभाग द्वारा 30 करोड़ 38 लाख रुपए से अधिक की लागत से इस 9.3 किमी सड़क का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण किया जा रहा है। इसे फरवरी-2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है।

श्री बंसल ने सिर्री-फुसेरा-करगा-चटौद सड़क चौड़ीकरण के कार्यों को भी देखा। उन्होंने अच्छी गुणवत्ता के साथ सड़क का काम तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। विभाग द्वारा 15 करोड़ 53 लाख रुपए की लागत से 9.6 किमी सड़क का चौड़ीकरण किया जा रहा है। धमतरी के कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा और लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी भी दोनों सड़कों के निरीक्षण के दौरान मौजूद थे।

महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रयासों से एक वर्षीय बालिका बनी प्रेरणा

रायपुर, 19 मई 2026/महिला एवं बाल विकास विभाग की सतत निगरानी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मेहनत और परिवार के सहयोग से बीजापुर जिले के विकासखंड भोपालपटनम के ग्राम पीलूर की एक वर्षीय बालिका शान्वी मड़े ने गंभीर कुपोषण को मात देकर सामान्य श्रेणी में स्थान प्राप्त किया है। शान्वी की यह सफलता क्षेत्र के अन्य परिवारों के लिए भी प्रेरणादायक बन गई है।
शान्वी की माता श्रीमती सरिता मड़े ने बताया कि बच्ची का स्वास्थ्य काफी कमजोर था और उसका वजन उम्र के अनुसार बहुत कम था। जांच में शान्वी गंभीर कुपोषण से पीड़ित पाई गई। उस समय उसका वजन 7.900 किलोग्राम था।
स्थिति को गंभीर देखते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने लगातार घर-घर जाकर परिवार को संतुलित आहार, स्तनपान, पूरक पोषण और नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व के बारे में समझाया। प्रारंभ में परिवार बच्ची को पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) ले जाने के लिए तैयार नहीं था, लेकिन लगातार समझाइश और मार्गदर्शन से परिवार सहमत हुआ।
परियोजना अधिकारी श्रीमती कल्पना रथ और सेक्टर सुपरवाइजर कु. उजाला बंजारे ने भी परिवार से मुलाकात कर आवश्यक परामर्श दिया। इसके बाद विगत 2 अप्रैल को शान्वी को एनआरसी में भर्ती कराया गया, जहां उसे चिकित्सकीय देखरेख, विशेष पोषण आहार और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया गया।
एनआरसी में उपचार और घर लौटने के बाद नियमित देखभाल तथा सही पोषण मिलने से शान्वी के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हुआ। वर्तमान में उसका वजन बढ़कर 9.200 किलोग्राम हो गया है तथा उसकी ऊंचाई 70.2 सेंटीमीटर दर्ज की गई है। अब शान्वी पूरी तरह सामान्य श्रेणी में पहुंच चुकी है।
शान्वी की यह कहानी बताती है कि समय पर पहचान, सही उपचार, पोषण संबंधी जागरूकता और परिवार के सहयोग से कुपोषण जैसी समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
स्वस्थ बचपन, खुशहाल भविष्य
शान्वी की सफलता आज पूरे क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक संदेश बन गई है कि सही देखभाल और पौष्टिक आहार से हर बच्चा स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की ओर बढ़ सकता है।

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