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तिरुवनंतपुरम । दक्षिण भारत में बारिस के कहर से हालात काफी खराब हो गए लेकिन अब कुछ राहत की उम्मीद की सकती है। अब केरल, तमिलनाडु, आंतरिक कर्नाटक और माहे के कुछ हिस्सों में हो रही बारिश में कमी आ सकती है। मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि पुड्डुचेरी, कराईकल के हिस्सों में भी हो रही बारिश में कमी आ सकती है। विभाग के अनुसार देश के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में 19 अक्टूबर तक पूर्वी क्षेत्र में 20 अक्टूबर तक और 18-21 अक्टूबर के दौरान पूर्वोत्तर क्षेत्र में तीव्र बारिश की गतिविधि जारी रहने की संभावना है। वहीं केरल के राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकारियों ने बताया कि उत्तर केरल-कर्नाटक के तटों पर पूर्वी मध्य अरब सागर से सटे दक्षिणपूर्व में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। उन्होंने अगले 24 घंटों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने तथा कुछेक जगहों पर भारी बारिश का अनुमान जताया है। बता दें केरल में सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), पुलिस और अग्निशमन बल के साथ ही स्थानीय लोगों ने रविवार सुबह कूट्टीकल और कोक्कायार पंचायत इलाकों में बचाव अभियान शुरू किया जहां शनिवार से भारी बारिश के साथ कई भूस्खलनों के कारण 12 से अधिक लोग लापता हैं। अधिकारियों ने बताया कि बचाव कार्यकर्ताओं ने रविवार सुबह कूट्टीकल से चार और शव बरामद किए जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। अभी तक शवों की पहचान नहीं की गई है। कूट्टीकल से शनिवार को दो महिलाओं और एक बच्चे का शव बरामद किया गया था।
शनिवार को बारिश से संबंधित एक अन्य घटना में 30 साल के एक पुरुष और एक महिला की उस समय मौत हो गई जब इडुक्की जिले के कंजार में उनकी कार बाढ़ में बह गई। बचाव प्रयासों के साथ समन्वय करने के लिए कोट्टयम में मौजूद राज्य के राजस्व मंत्री के. राजन ने बताया कि सरकारी एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि क्या मलबे में और लोग फंसे हुए हैं। कोच्चि में नौसेना का एक हेलीकॉप्टर राहत सामग्री के साथ पहले ही बारिश से प्रभावित इलाकों के लिए उड़ान भर चुका है। वायु सेना के दो एमआई-17 हेलीकॉप्टर पहुंच चुके हैं और एक हेलीकॉप्टर को तिरुवनंतपुरम में तैयार रखा गया है।
वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि केंद्र भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित केरल के लोगों को हर संभव सहायता मुहैया कराएगा। उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि सरकार ‘भारी बारिश और बाढ़ के मद्देनजर केरल के कुछ हिस्सों की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है।’ शाह ने कहा, ‘केंद्र सरकार जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए हर संभव सहायता मुहैया कराएगी। एनडीआरएफ की टीम पहले ही बचाव अभियान में मदद के लिए भेजी जा चुकी है। सभी की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करता हूं।’

 

नई दिल्‍ली. देश की राजधानी दिल्‍ली समेत आसपास के इलाकों में रात भर हुई झमाझम बारिश से मौसम (Delhi-NCR Weather News) सुहावना हो गया है. इसके अलावा पारा लुढ़कने के साथ ठंड भी बढ़ गयी है. वहीं, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आज यानी सोमवार के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया है. इससे साफ है कि आज भी दिल्‍ली-एनसीआर में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बने मौसम के एक सिस्टम के चलते दिल्ली के मौसम में ये बदलाव देखने को मिल रहा है. इसके अलावा हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में हो रही भारी बारिश (Heavy Rain) की वजह से ऊंचाई वाले पहाड़ों पर बर्फबारी शुरू हो गयी है, तो हरियाणा में बारिश ने धान और कपास के किसानों की चिंता बढ़ा दी है.

बहरहाल, दिल्‍ली-एनसीआर में रविवार की सुबह से शुरू हुआ हल्की बारिश का दौर दोपहर होते-होते तेज बारिश में बदल गया. इसके बाद रात भर रुक-रुककर बारिश होने से सड़कों पर पानी भरने के साथ कई इलाकों में जलजमाव (Waterlogging) हो गया है. यही नहीं, रविवार की शाम को भी बारिश की वजह से राजधानी की कई सड़कों पर पानी भरने के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी की दिक्‍कत हुई थी.

दिल्‍ली के अलावा ग्रेटर नोएडा, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद समेत कई इलाकों भी रात भर बारिश का दौर जारी रहने से मौसम ठंडा हो गया है. इस दौरान कई जगह अंडरपास में पानी भरने की जानकारी भी मिली है. वहीं, रविवार को भी पूरे दिन बारिश जारी रहने की संभावना है.
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो अगले 2 घंटों के दौरान पूरी दिल्ली के नोएडा, ग्रेटर नोएडा समेत हरियाणा के गुरुग्राम, औरंगाबाद, पलवल, फरीदाबाद, बल्लभगढ़, पानीपत और सोहाना के अलग-अलग इलाकों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है. इससे तापमान में भी कमी आएगी. इसके साथ ही रविवार से न्यूनतम तापमान में कमी से रातें सर्द होना शुरू हो जाएंगी.

हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश (Heavy Rain) के साथ ऊंचाई वाले पहाड़ों पर बर्फबारी शुरू हो गयी है. वहीं, हल्‍की बारिश और बूंदाबांदी से हरियाणा के किसानों टेंशन बढ़ गयी है.

 

नई दिल्ली । नदी चैनल में सीमित प्रारूप के कारण श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट कोलकाता (पूर्व में कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट) के हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स (एचडीसी) या कोलकाता डॉक सिस्टम (केडीएस) में उद्यम करने से पहले पड़ोसी बंदरगाहों पर कार्गो की आंशिक ऑफलोडिंग की आवश्यकता होती है। दो पोर्ट डिस्चार्ज के परिणामस्वरूप, पोतों को निष्‍फल माल भाड़ा (डेड फ्रेट) और अतिरिक्त स्टीमिंग समय लगता है। अंतर्निहित चैनल बाधाओं को दूर करने के लिए, एसएमपी कोलकाता ने सागर, सैंडहेड्स और एक्स प्वाइंट पर स्थित डीप ड्राफ्टेड एंकरेज में केप साइज या बेबी केप पोतों को लाने तथा फ्लोटिंग क्रेन या शिप क्रेन की तैनाती के माध्‍यम से पूरी तरह से लदे ड्राई बल्‍क पोतों के संचालन में सक्षम बनाने के लिए आयातकों के लिए अवसरों को खोलने का प्रयत्‍न किया है। रणनीतिक रूप से लाभप्रद इस स्थान के कारण, एचडीसी ने एलपीजी, आयातित पीओएल उत्पादों और अन्य तरल कार्गो के लिहाज से व्यापार से मांग में वृद्धि का अनुभव किया है।
बीपीसीएल, आईओसीएल, एचपीसीएल जैसी तेल विनिर्माण कंपनियों के वरिष्ठ प्रबंधन तथा एलपीजी और अन्य तरल उत्पादों के अग्रणी निजी आयातकों के साथ कई विचार-विमर्शों ने उन आंतरिक लाभों की ओर इंगित किया, जिनका उपयोग एसएमपी, कोलकाता के डीप ड्राफ्टेड एंकरेज पॉइंट्स पर एलपीजी/तरल कार्गो के जहाज-से-जहाज हस्‍तांतरण (एसटीएस) की सुविधा के विस्तार के माध्यम से किया जा सकता है। एकल बंदरगाह संचालन न केवल हल्दिया में प्रारूप प्रतिबंध से उबरने में सक्षम बनाएगा जिससे विफल माल भाड़ा (डेड फ्रेट) निष्‍प्रभावी होगा, बल्कि अधिक कार्गो की गतिशीलता में भी मदद करेगा, जिससे इकाई लागत कम हो जाएगी।

नई दिल्ली । वायुसेना प्रमुख वी आर चौधरी वायुसेना के लेह स्टेशन और उत्तरी सेक्टर के अग्रिम इलाकों में तैनाती वाले स्थानों के दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सेना की इकाइयों की अभियानगत तैयारियों का जायजा लिया। एयर चीफ मार्शल चौधरी ने एयरबेस पर मौजूद अधिकारियों तथा वहां तैनात इकाइयों के अधिकारियों के साथ बात की।
भारतीय वायुसेना ने रविवार को ट्वीट किया चीफ ऑफ एयर स्टाफ एयर चीफ मार्शल वी आर चौधरी 16 अक्टूबर को लेह में एयरफोर्स स्टेशन पर और उत्तरी सेक्टर के अग्रिम इलाकों में वायुसेना की तैनाती वाले स्थान पर पहुंचे। भारत और चीन की सेना के बीच पिछले वर्ष 5 मई को सीमा पर गतिरोध के हालात बने थे। पैंगांग झील के इलाकों में उनके बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसके बाद दोनों पक्षों ने वहां अपनी ओर से तैनाती बढ़ा दी थी।
सैन्य और राजनयिक स्तर की कई दौर की वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने अगस्त में गोगरा इलाके में सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया पूरी की। झील के उत्तरी और दक्षिणी तटों से सैनिकों की वापसी फरवरी में हो गई थी। संवेदनशील सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर प्रत्येक पक्ष के अभी 50,000 से 60,000 सैनिक तैनात हैं।

 

नई दिल्ली । दिल्ली की केजरीवाल सरकार के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की बढ़ती घटनाओं के कारण राष्ट्रीय राजधानी की वायु गुणवत्ता रविवार की सुबह 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुंचन गई है। उन्होंने इन राज्यों की सरकारों से 'जिम्मेदार' दृष्टिकोण अपनाने का अनुरोध किया। राय ने कहा कि यह सामान्य चलन है कि जैसे-जैसे पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में पराली जलाने की घटनाएं बढ़ती हैं, दिल्ली में वायु गुणवत्ता बिगड़ने लगती है। मंत्री ने कहा कि दो दिन पहले दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 171 था, लेकिन पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की घटनाएं बढ़ने के साथ ही एक्यूआई खराब होने लगा और रविवार को यह 284 रहा।
उन्होंने कहा, यह एक सामान्य प्रवृत्ति रही है। हमने पड़ोसी राज्यों से पराली जलाने की घटनाओं को नियंत्रित करने की अपील की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। पराली जलाने के विकल्प के रूप में हमने खेतों में बायो डीकंपोजर का छिड़काव शुरू कर दिया है, ऐसा ही पड़ोसी राज्यों को करना चाहिए। राय ने कहा, (पड़ोसी) राज्यों को पराली जलाने की घटनाओं को कम करने के लिए एक जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है। उन्हें अपने राज्यों में बायो-डीकंपोजर का छिड़काव करने की व्यवस्था करनी चाहिए ताकि प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके। विवार को सुबह 11 बजे दिल्ली में एक्यूआई 339 था, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। शून्य से 50 के बीच एक्यूआई अच्छा, 51 और 100 संतोषजनक, 101 और 200 मध्यम, 201 और 300 खराब, 301 और 400 बहुत खराब, और 401 और 500 गंभीर माना जाता है।

नई दिल्ली । मोदी सरकार नार्वे के सहयोग से देश के समुद्री क्षेत्रों में छोटे आकार की ‘क्रिल मछलियों’ को पकड़ने (क्रिल फिशिंग) की संभावना तलाश रही है।इस विषय पर नीति आयोग के माध्यम से प्रस्ताव तैयार किया गया है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधिकारी ने बताया,क्रिल फिशिंग की संभावना के विभिन्न पहलुओं पर पिछले कुछ वर्षों में विचार किया है। इस विषय पर तैयार मसौदा पत्र पर मंत्रिमंडल सचिवालय ने विचार कर कुछ सुझाव भी दिए।उन्होंने बताया कि इसके आधार पर क्रिल मछलियों को पकड़ने के संबंध में नार्वे से सहयोग की संभावना को लेकर नीति आयोग के सहयोग से प्रस्ताव तैयार किया गया है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) में भी कहा गया है कि क्रिल फिशिंग को समर्थन देने की संभावना तलाशी जा रही है।
गौरतलब है कि क्रिल छोटे आकार के क्रस्टेशिया प्राणी हैं, जो विश्व-भर के सागरों-महासागरों में मिलते हैं। समुद्र में क्रिल खाद्य शृंखला की सबसे निचली श्रेणियों में आती हैं। क्रिल समुद्र, नदियों, झीलों में तैरने वाले सूक्ष्मजीव प्लवक (प्लैंक्टन) खाते हैं, और फिर व्हेल, पेंगविन, सील जैसे बड़े आकार के समुद्री प्राणी क्रिल को खाते हैं। क्रिल तेजी से प्रजनन करके फिर अपनी संख्या की पूर्ति करते रहते हैं। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार, क्रिल फिशिंग को लेकर सबसे पहले अगस्त 2014 में प्रस्ताव आया था। इसमें कहा गया था कि पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय और विदेश मंत्रालय मिलकर क्रिल फिशिंग को लेकर विभिन्न देशों के अनुभवों का अध्ययन करे, ताकि उनके अनुभवों से सीखा जा सके। प्रस्ताव में कहा गया था कि उन संभावित देशों की पहचान होगी, जिससे भारत क्रिल फिशिंग को लेकर सहयोग कर सकता है तथा अंतरराष्ट्रीय संधियों के अनुरूप विधान तैयार कर सकता है। क्रिल फिशिंग को लेकर मंत्रालय की प्रस्तावित कार्य योजना के अनुसार, इस विषय पर जापान और नार्वे की विशेषज्ञता है और इनके अनुभवों के बारे में जानकारी जुटायी गई है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय क्रिल फिशिंग में रूचि को लेकर भारतीय उद्योगों के रुझान के बारे में जानकारी जुटा रहा है।
उल्लेखनीय है कि क्रिल मछलियां दिन के समय समुद्र में अधिक गहराई पर चली जाती हैं और रात्रि में सतह के पास आ जाती हैं।इस कारण से सतह और गहराई दोनों पर रहने वाली प्रजातियां इन्हें खाकर पोषित होती हैं। मत्स्य उद्योग में क्रिल बड़ी संख्या में दक्षिणी महासागर और जापान के आसपास के सागरों में पकड़ी जाती हैं। पकड़ी गई क्रिल का अधिकांश हिस्सा मछली पालन में मछलियों को खिलाने में किया जाता है। इसका कुछ अंश औषधि उद्योग में भी इस्तेमाल होता है।

नई दिल्ली । नदी चैनल में सीमित प्रारूप के कारण श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट कोलकाता (पूर्व में कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट) के हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स (एचडीसी) या कोलकाता डॉक सिस्टम (केडीएस) में उद्यम करने से पहले पड़ोसी बंदरगाहों पर कार्गो की आंशिक ऑफलोडिंग की आवश्यकता होती है। दो पोर्ट डिस्चार्ज के परिणामस्वरूप, पोतों को निष्‍फल माल भाड़ा (डेड फ्रेट) और अतिरिक्त स्टीमिंग समय लगता है। अंतर्निहित चैनल बाधाओं को दूर करने के लिए, एसएमपी कोलकाता ने सागर, सैंडहेड्स और एक्स प्वाइंट पर स्थित डीप ड्राफ्टेड एंकरेज में केप साइज या बेबी केप पोतों को लाने तथा फ्लोटिंग क्रेन या शिप क्रेन की तैनाती के माध्‍यम से पूरी तरह से लदे ड्राई बल्‍क पोतों के संचालन में सक्षम बनाने के लिए आयातकों के लिए अवसरों को खोलने का प्रयत्‍न किया है। रणनीतिक रूप से लाभप्रद इस स्थान के कारण, एचडीसी ने एलपीजी, आयातित पीओएल उत्पादों और अन्य तरल कार्गो के लिहाज से व्यापार से मांग में वृद्धि का अनुभव किया है।
बीपीसीएल, आईओसीएल, एचपीसीएल जैसी तेल विनिर्माण कंपनियों के वरिष्ठ प्रबंधन तथा एलपीजी और अन्य तरल उत्पादों के अग्रणी निजी आयातकों के साथ कई विचार-विमर्शों ने उन आंतरिक लाभों की ओर इंगित किया, जिनका उपयोग एसएमपी, कोलकाता के डीप ड्राफ्टेड एंकरेज पॉइंट्स पर एलपीजी/तरल कार्गो के जहाज-से-जहाज हस्‍तांतरण (एसटीएस) की सुविधा के विस्तार के माध्यम से किया जा सकता है। एकल बंदरगाह संचालन न केवल हल्दिया में प्रारूप प्रतिबंध से उबरने में सक्षम बनाएगा जिससे विफल माल भाड़ा (डेड फ्रेट) निष्‍प्रभावी होगा, बल्कि अधिक कार्गो की गतिशीलता में भी मदद करेगा, जिससे इकाई लागत कम हो जाएगी।

नई उद्योग नीति की बस्तर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने की सराहना

रायपुर : चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के स्वर्ण जयंती समारोह में हुए शामिल

विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा में शामिल होने के लिए जगदलपुर पहुंचे मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल कल रात बस्तर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री बघेल ने बस्तर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के पूर्व अध्यक्षों एवं सदस्यों को शाल एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर बस्तर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के 50 वर्ष पूरे होने पर स्मारिका का विमोचन भी किया गया। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल बस्तर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सदस्यों के साथ भोज में शामिल हुए। राज्य सरकार की नई उद्योग नीति की बस्तर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने सराहना की।
इस अवसर पर उद्योग मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री  कवासी लखमा, बस्तर सांसद  दीपक बैज, राज्यसभा सांसद श्रीमती फूलोदेवी नेताम, संसदीय सचिव एवं जगदलपुर विधायक  रेखचन्द जैन, क्रेडा के अध्यक्ष  मिथलेश स्वर्णकार, कोंडागांव विधायक  मोहन मरकाम, चित्रकोट विधायक राजमन बेंजाम, बस्तर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं बीजापुर विधायकविक्रम मंडावी, महापौर श्रीमती सफीरा साहू, नगर निगम अध्यक्ष श्रीमति कविता साहू, बस्तर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष  किशोर पारख के अलावा बस्तर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सदस्यगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने युवोदय के वॉलिंटियर्स के साथ बॉलीबाल खेल में हाथ आज़माया, किया उनका उत्साहवर्धन

रायपुर : लालबाग मैदान में हाई मास्ट लाइट का लोकार्पण

बॉलीबाल खेल में हाथ आज़माया और युवाओं का उत्साहवर्धन किया

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल दो दिवसीय बस्तर प्रवास के दौरान कल रात जगदलपुर शहर के ऐतिहासिक लालबाग मैदान में 87 लाख 37 हजार रूपये की लागत से स्थापित की गई हाईमास्ट लाइट का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री और विधायकों ने युवोदय के वॉलिंटियर्स के साथ बॉलीबाल खेल में हाथ आज़माया और युवाओं का उत्साहवर्धन किया।

दिवसीय बस्तर प्रवास के दौरान
इस दौरान बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री  कवासी लखमा, सांसद  दीपक बैज एवं राज्य सभा सांसद श्रीमती फूलोदेवी नेताम,संसदीय सचिव  रेखचन्द जैन, विधायक कोंडागाँव  मोहन मरकाम, हस्त शिल्प बोर्ड के अध्यक्ष  चंदन कश्यप, विधायक बीजापुर विधायक  विक्रम मण्डावी, विधायक दंतेवाडा श्रीमती देवती कर्मा, विधायक चित्रकोट  राजमन बेंजाम, महापौर श्रीमती सफीरा साहू, क्रेडा के अध्यक्ष  मिथलेश स्वर्णकार सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

रायपुर | राजधानी समेत प्रदेश के कुछ इलाकों में सोमवार की सुबह से ही बारिश हो रही है। मौसम विज्ञान विभाग के मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया कि एक निम्न दाब का क्षेत्र तेलंगाना और उसके आसपास स्थित है, इसके साथ ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती घेरा 5.8 किलोमीटर ऊंचाई पर स्थित है। इसके प्रभाव से सोमवार यानी 18 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छीटें पड़ने की संभावना है।

प्रदेश में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है। कई इलाकों में बिजली गिरने की चेतावनी मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश के कई इलाकों में बिजली गिरने की चेतावनी है। गौरतलब है कि प्रदेश में मानसून विदा ले चुका है और अब चक्रवात के असर से लगातार बारिश हो रही है।

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