ईश्वर दुबे
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खेल. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में चेतेश्वर पुजारा ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। वे तीन शतकों की मदद से सात पारियों में 521 रन बना चुके हैं। पुजारा को इस प्रदर्शन का फायदा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अगले सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में मिल सकता है। पुजारा फिलहाल 5 करोड़ वाली ए श्रेणी में हैं। उन्हें अगर ए+ श्रेणी में अपग्रेड किया गया तो सलाना 7 करोड़ रूपए मिलेंगे।
बीसीसीआई कॉन्ट्रेक्ट पॉलिसी में चार श्रेणियां
भारतीय टीम पहली बार ऑस्ट्रेलिया में सीरीज जीतने के कगार पर है। इसमें सबसे ज्यादा योगदान पुजारा की रहा है। ऐसे में बीसीसीआई उन्हें कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट में अपग्रेड कर सकता है। बीसीसीआई ने 2018 में नई कॉन्ट्रैक्ट पॉलिसी जारी की थी।
बीसीसीआई कॉन्ट्रेक्ट पॉलिसी के तहत चार श्रेणियों में खिलाड़ियों को रखा गया है। ए+ श्रेणी के क्रिकेटर्स को 7 करोड़, ए के 5 करोड़, बी के तीन और सी श्रेणी के क्रिकेटर्स को एक करोड़ रुपए मिलते हैं। फिलहाल ए+ श्रेणी में कप्तान विराट कोहली, रोहित शर्मा, जसप्रीत बुमराह, भुवनेश्वर कुमार और शिखर धवन हैं।
संभावना है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित प्रशासकों की समिति (सीओए) के प्रमुख विनोद राय मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद, कोहली और कोच रवि शास्त्री के सामने पुजारा की श्रेणी अपग्रेड करने का प्रस्ताव रख सकते हैं। उसके बाद ही बोर्ड इस मामले पर फैसला लेगा।
बीसीसीआई के एक पदाधिकारी ने कहा, "पुजारा के शानदार प्रदर्शन को ध्यान में रखा जाएगा। सीओए प्रमुख, टीम प्रबंधन और मुख्य चयनकर्ता से इस पर बात करेंगे। उसमें यह फैसला किया जाएगा कि क्या सभी फॉर्मेट के स्पेशलिस्ट खिलाड़ियों के लिए ए+ श्रेणी में कुछ रियायत हो सकती है?"
पदाधिकारी के मुताबिक, "पुजारा को ए+ श्रेणी में अपग्रेड करने से युवाओं को यह संदेश मिलेगा कि टेस्ट क्रिकेट में अच्छे प्रदर्शन को प्राथमिकता दी जाएगी।" अगर इसे लेकर सीएओ की सदस्य डायना एडुल्जी विरोध करती हैं तो क्या समस्या होगी? इस सवाल पर उन्होंने कुछ भी कहने से मना कर दिया।
टेस्ट क्रिकेट स्पेशलिस्ट पुजारा इस बार भी इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) नीलामी में नजरअंदाज कर दिए गए थे। टेस्ट में 18 शतक लगा चुके पुजारा को प्राथमिकता देने की बहस लंबे समय से चल रही है। वे वर्तमान भारतीय टीम में कोहली (25) के बाद सर्वाधिक टेस्ट शतक लगाने वाले दूसरे बल्लेबाज हैं।
नई दिल्ली . हमारे देश में प्रति मिनट करीब 70 हजार कॉल ड्रॉप हो रहे हैं। उपभोक्ताओं की इस परेशानी के बीच हास्यास्पद ये है कि 4जी और 5-जी के जमाने में ट्राई इसके लिए मैन्युअली फोन लगा-लगाकर कॉल ड्रॉप चेक कर रहा है। इसे ड्राइव टेस्ट कह रहे हैं। इसके लिए निजी कंपनी को ठेका दिया गया है।
टीमें शहरों के अलग-अलग हिस्सों जैसे फ्लाइओवर, नदी-नाले, रेलवे लाइन के आसपास जाती हैं और कारों में बैठकर अलग-अलग नंबरों पर फोन लगाती हैं। इनसे मिलने वाली इंटरनेट स्पीड, डेटा डाउनलोड और अपलोड स्पीड जैसी क्वालिटी को दर्ज किया जाता है। मजेदार बात यह है कि जिन नम्बरों पर फोन मिलाए जाते हैं वो भी टेलीकॉम कम्पनियों के बताए हुए होते हैं। दिलचस्प यह है कि कॉल ड्राॅप पकड़ने का यह तरीका दुनिया में कहीं नहीं अपनाया जाता।
2% कॉल ड्रॉप का नियम
नियमों के तहत कॉल ड्राॅप 2% से अधिक नहीं होनी चाहिए और कॉल सेटिंग 95% से अधिक हो। ऐसा न होने पर जुर्माने की व्यवस्था है। लेकिन ड्राइव टेस्ट के डेटा को जुर्माने का आधार भी नहीं बनाया जाता। पिछले एक साल में ही कम से कम 50 शहरों में 15 से 20 हजार किमी के रूट पर कारें चलाकर फोन ऑपरेटरों के मोबाइलों पर कॉल लगाई गईं। ताकि यह जाना जा सके कि जो दावे टेलीकॉम प्रोवाइडर अपनी रिपोर्ट में करते हैं, उनमें कितनी सच्चाई है।
'ऑपरेटरों को आईना दिखाना चाहते हैं'
इस बारे में दैनिक भास्कर ने टेलीकॉम रेग्यूलेटरी अथॉरिटी (ट्राई) के अध्यक्ष आरएस शर्मा से पूछा तो उन्होंने कहा कि टेलीकॉम कम्पनियों से उनके नेटवर्क का अपार डाटा उन्हें टावरों से मिल रहा है। लेकिन, उसकी सत्यता की बारीकी से पड़ताल करना समंदर को छानने के समान है। ट्राई प्रमुख ने कहा कि सैम्पल को पेनल्टी का पैमाना नहीं बनाया जा सकता लेकिन उसके आंकड़ों से हम पारदर्शिता चाहते हैं और ऑपरेटरों को आईना दिखाना चाहते हैं।
'कॉल साइलेंट जोन में चली जाती है'
ड्राइव टेस्ट को हास्यास्पद बताते हुए टेलीकम्युनिकेशन एक्सपर्ट अनिल कुमार कहते हैं कि मोबाइल सेवा ऑपरेटरों ने कॉल ड्राॅप्स दर्ज न होने देने के लिए भी तरीके खोज लिए हैं। कॉल साइलेंट जोन में चली जाती है। कॉल लगाओ तो देर तक चुप्पी रहती है। कुछ देर बाद उस फोन पर नोटिफिकेशन चला जाता है। ये कॉल ड्राॅप्स नार्म्स को चकमा देने के तरीके ही हैं। दुनियाभर में कॉल ड्राॅप्स होते ही नहीं हैं तो वहां इसे जज करने के तरीके भी नहीं हैं।
भारत की निराली समस्या
यह भारत की निराली समस्या है, जो 3जी आने के बाद से शुरू हुई। इसका समाधान ड्राइव टेस्ट नहीं आप्टिकल फाइबर नेटवर्क बिछाने से ही होगा। दूरसंचार राज्यमंत्री मनोज सिन्हा का कहना है कि यह सुझाव अच्छा है। इसके लिए सरकार ट्राई एक्ट में संशोधन पर विचार करेगी। फिलहाल इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने एक स्थगन आदेश दिया हुआ है। फैसला होने पर सरकार उसका पूरा पालन करेगी।
रायपुर . मुख्य सचिव (सीएस) के शंकर नगर स्थित बी-5/9 बंगले में अब मंत्री जय सिंह अग्रवाल रहेंगे। ये बंगला पिछले 18 साल से प्रदेश के मुख्य सचिवों का आशियाना बनता रहा, इस बार इसकी पहचान बदल गई है।
पूर्व सीएस अजय सिंह को 2 जनवरी को पद से हटाने के अगले ही दिन उन्हें बंगला खाली करने का नोटिस जारी कर दिया गया था। अब मुख्य सचिव का नया बंगला ऑफिसर्स कॉलोनी में होगा। दरअसल, नई सरकार के गठन के बाद से ही मंत्रियों के लिए बंगले की खोज चल रही है। 11 में से 10 मंत्रियों को बंगला मिल गया है। पर मंत्री जयसिंह अग्रवाल आैर उमेश पटेल को पसंद का बंगला नहीं मिला था। इसलिए पूर्व सीएस का बंगला जय सिंह को दे दिया गया। अब सिर्फ मंत्री उमेश पटेल के लिए बंगले का अलॉटमेंट शेष है, बंगला न मिलने तक वे अपने ऑफिसर्स कॉलोनी स्थित बंगले में रहेंगे।
सीएस का नया पता सी-1/3 ऑफिसर्स कॉलोनी
जय सिंह अब विधानसभा अध्यक्ष डाॅ. चरणदास महंत के करीब रहेंगे। शंकर नगर से सीएस का बंगला हटने के बाद अब नए सीएस, सीएम से दूर हो गए हैं। दरअसल अब मुख्य सचिव का नया पता ऑफिसर्स कॉलोनी का बंगला नंबर सी-1/3 होगा। ऑफिसर्स काॅलोनी के इस बंगले में पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ.रमन सिंह के सलाहकार शिवराज सिंह रहा करते थे।
रायपुर . 5वीं विधानसभा का पहला सत्र शुरू हो चुका है, जो 11 जनवरी तक चलेगा। प्रदेश सरकार ने इसमें दो बड़े काम निपटाने की तैयारी की है। पहला- राज्य में मंत्रियों की संख्या बढ़ाने के लिए अशासकीय संकल्प लाएगी, इसमें मंत्रियों की संख्या 18 (20 प्रतिशत) तक करने का प्रस्ताव है। दूसरा- सप्लीमेंट्री बजट लाया जाएगा, यह 10-11 हजार करोड़ रुपए का हो सकता है। चर्चा के बाद इसे पारित किया जाएगा। अभी राज्य में मुख्यमंत्री समेत मंत्रियों की संख्या 13 (15 फीसदी) है। सरकार इसे बढ़ाकर 18 करना चाहती है। इसके लिए अशासकीय संकल्प लाया जाएगा। फिर इसे पारित कर केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। दरअसल, इसकी अनुमति केंद्र सरकार से ही मिलनी है। बड़े बहुमत (90 में से 68 सीटें जीतकर) से सरकार में काबिज होने के बाद कई वरिष्ठ विधायक मंत्री पद से वंचित हैं। सरकार उन्हें एडजस्ट करने के लिए संकल्प लाना चाहती है। केंद्र सरकार ने इसे माना तो राज्य में पांच और मंत्री बनाए जा सकेंगे। सोमवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण और कृतज्ञता ज्ञापन के बाद सरकार सप्लीमेंट्री बजट पेश करेगी। यह चालू वित्तीय वर्ष में सरकार का तीसरा अनुपूरक बजट होगा। इसकी जरूरत इसलिए पड़ी कि कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में किसानों का कर्ज माफ करने, किसानों को बोनस देने और शिक्षाकर्मियों को नियमित करने के वादे किए हैं।
उन्हें पूरा करने के लिए सप्लीमेंट्री बजट की जरूरत है। इसके पहले भाजपा सरकार 4777 करोड़ और 2402 करोड़ रुपए के दो सप्लीमेंट्री बजट पास करा चुकी है। सरकार नए सप्लीमेंट्री बजट में करीब 6500 करोड़ किसानों का कर्ज माफ करने, 3000 करोड़ रुपए बोनस और लगभग 1850 करोड़ रुपए शिक्षाकर्मियों के लिए प्रावधान करना चाहती है।
कार्य मंत्रणा समिति में भूपेश और रमन समेत कई दिग्गज
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सदन में कार्य मंत्रणा समिति का ऐलान किया। समिति में पक्ष-विपक्ष के नेता शामिल हैं। महंत स्वयं समिति के पदेन अध्यक्ष हैं। समिति में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, मंत्री टीएस सिंहदेव, ताम्रध्वज साहू, रविंद्र चौबे, मोहम्मद अकबर, डॉ. शिव डहरिया के अलावा डॉ. रमन सिंह, धरमलाल कौशिक हैं। विशेष आमंत्रित सदस्यों में सत्यनारायण शर्मा, धनेंद्र साहू, अमरजीत भगत, लखेश्वर बघेल, बृजमोहन अग्रवाल, धरमजीत सिंह हैं।
भोपाल . सात जनवरी से शुरू हो रहे मध्यप्रदेश विधानसभा सत्र के पहले हॉर्स ट्रेडिंग की खबरों से सियासी गलियारों में शनिवार को सुबह से लेकर रात तक खलबली मची रही। कांग्रेस राजधानी के बाहरी हिस्सों के होटलों में रुके अपने विधायकों को एकजुट करने में जुटी रही। पार्टी महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह दिन में कई बार इन होटलों में विधायकों से मिलने पहुंचे। सूत्रों के अनुसार जिन विधायकों पर कांग्रेस को आशंका है कि वे अध्यक्ष के चुनाव में क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं, दिग्विजय उनसे ही बात करते रहे। वहीं सरकार को समर्थन देने वाले दो निर्दलीय विधायकों केदार डाबर और विक्रम सिंह राणा से दिनभर कांग्रेस नेता संपर्क करते रहे, पर देर रात तक दोनों विधायकों से संपर्क नहीं हो सका।
शेरा को बनाया जा सकता है मंत्री
कांग्रेस के बड़े नेताओं ने बुरहानपुर से निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह ठाकुर (शेरा) से संपर्क किया है और उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने का आश्वासन भी दिया गया है। इसके अलावा असंतुष्टों में पार्टी के करीब एक दर्जन ऐसे विधायक हैं जो पहली बार जीतकर आए हैं और उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के दिग्गजों को हराया है, इनमें कई विधायक बुंदेलखंड से भी हैं।
नाथ ने कहा- विधायक जानते हैं उन्हें क्या करना
दिग्विजय सिंह द्वारा भाजपा के दो पूर्व मंत्रियों नरोत्तम मिश्रा और भूपेंद्र सिंह पर लगाए गए हॉर्स ट्रेडिंग के आरोपों पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को जवाब दिया। पार्टी दफ्तर में भाजयुमो की बैठक में पहुंचे शिवराज ने कहा कि कांग्रेस सरकार अल्पमत की है। लेकिन यह भी सही है कि उनका संख्या बल भाजपा से ज्यादा है। इसलिए हमने पहले ही दिन स्पष्ट कर दिया था कि भाजपा सरकार नहीं बनाएगी। सीएम कमलनाथ ने कहा कि विरोधी दल कितना भी प्रयास कर लें, मध्यप्रदेश में विधायक समझदार हैं, उन्हें पता है क्या करना है।
भोपाल . खुशबू खान...हां, मैं उसी जूनियर महिला हॉकी टीम की सदस्य हूं जिसने अर्जेंटीना के यूथ ओलिंपिक में अपने देश का नाम रोशन किया था। अब भारतीय महिला हाॅकी की टीम में सिलेक्शन को लेकर प्रयास कर रही हूं। हमारा शहर देश के सबसे स्वच्छ शहर में दूसरे पायदान पर है। मेरा दर्द इतना है कि ओडीएफ का तमगा मिलने के बाद भी यहां कई जगह अनदेखी है। मैं और मेरा परिवार अाज भी खुले में टॉयलेट जाने को मजबूर है। क्योंकि ठीक एक साल पहले जनवरी में ही नगर निगम ने मेरे घर(जहांगीराबाद स्थित वेटनरी कॉलोनी परिसर) के सामने बने टॉयलेट को अतिक्रमण बताकर तोड़ दिया था। इंटरनेशनल खिलाड़ी होने के बावजूद निगम को मुझपर और मेरे परिवार पर तरस नहीं आया। निगम का अमला तो मेरे पूरे घर को ही तोड़ने पर आमदा था, लेकिन मैंने इसका विरोध किया और एडीएम दिशा नागवंशी, तत्कालीन कलेक्टर निशांत वरवड़े आैर भोपाल की चौपाल में अपनी परेशानी बताई। उन्हें बताया कि मैं अपनी प्रैक्टिस के लिए हॉकी कैंप में हिस्सा लेने के लिए शहर से बाहर रहती हूं। इस हर वक्त यह चिंता सताती है कि निगम मेरा आशियाना न तोड़ दे। इसलिए कहीं पर मुझे पक्का मकान दिला दिया जाए ताकि मै बेफिक्र होकर प्रैक्टिक कर सकूं। महापौर ने आश्वासन दिया था कि मुझे पक्का मकान टीटी नगर स्टेडियम के पास दिलाया जाएगा। बकायदा निगम के अपर आयुक्त प्रदीप जैन ने हाउसिंग फॉर ऑल के तहत मकान देने की पात्रता का सर्टिफिकेट भी दिया। उस बात को एक साल बीत चुका है। न मकान मिला और न ही घर के बाहर तोड़ा गया टॉयलेट निगम ने दोबारा बनाया।
खुशबू को मकान क्यों नहीं मिला, इसकी जांच होगी
शहर की बेटी खुशबू को मकान देने के लिए जो वादा मैंने किया था। उसे पूरा करुंगा। अभी तक मकान क्यों नहीं मिला। इसकी जानकारी भी ले रहा हूं। इसकी जांच होगी। खुशबू को जल्द घर दिलाने के लिए अफसरों से बात की जाएगी। आलोक शर्मा, महापौर
बिलासपुर. विधानसभा चुनाव के दौरान हजारों लोग वोट नहीं दे सके। उनकी शिकायत थी कि उनका नाम मतदाता सूची से काट दिया गया। उनकी शिकायत को अधिकारियों ने गंभीरता से नहीं लिया पर अब जब नाम जोड़ने के लिए चल रहे अभियान में हजारों लोग फॉर्म लेकर जा रहे हैं, तब तो यह साबित हो गया है कि वाकई में हजारों के नाम मतदाता सूची में कट गए थे। 26 दिसंबर से लेकर अब तक यानी 10 दिनों में साढ़े पांच हजार से ज्यादा लोग फॉर्म -6 ले चुके हैं।
घर-घर जाकर बीएलओ लेंगे मतदाताओं से आवेदन
लोकसभा चुनाव के मद्देनजर संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम जारी किया गया है। इसके तहत दो तरह की व्यवस्था की गई है। पहला ये कि प्रत्येक मतदान केंद्र में एक-एक अविहित अधिकारी तैनात किया गया है। अधिकारी को आवेदकों से आवेदन लेना है और उसे बीएलओ को देना है।
बीएलओ की जिम्मेदारी है कि वे अपने निर्धारित क्षेत्र में घर-घर जाएंगे और जिनका नाम मतदाता सूची में नहीं है, उनसे दस्तावेज व ताजा और अच्छी क्वालिटी का फोटो लेकर आवेदन भी लें। बिलासपुर विधानसभा में दो मतदान केंद्र बढ़ गए हैं। यानी अब मतदान केंद्रों की संख्या बढ़कर 228 हो चुकी है। प्रत्येक मतदान केंद्र में अविहित अधिकारी की ड्यूटी लगाई गई है।
वहीं बीएलओ तो पहले से ही हैं। अविहित अधिकारी सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक मतदान केंद्र में बैठ रहे हैं। हालांकि कुछ केंद्रों में अधिकारी के नहीं होने की शिकायत भी पहुंच रही है। वहीं फॉर्म की कमी भी बनी हुई है। सुपरवाइजर अविहित अधिकारी तक फॉर्म पहुंचा रहे हैं और वहां से फॉर्म आवेदकों को दिया जा रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक अब तक बिलासपुर विधानसभा के मतदान केंद्रों में मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए पांच हजार से ज्यादा फॉर्म 6 दिए जा चुके हैं। अभी फॉर्म सात की कमी है। इसकी व्यवस्था की जा रही है।
फॉर्म लेकर जा रहे, पर वापस नहीं मिल रहा
अविहित अधिकारियों की मांग पर सुपरवाइजर तहसील कार्यालय में फॉर्म लेने पहुंच रहे हैं। इस पर कर्मचारी उन्हें कह रहे हैं कि वे इतनी अधिक संख्या में फॉर्म लेकर जा रहे हैं, लेकिन उसी तेजी से भरे हुए फॉर्म नहीं आ रहे हैं। इस पर सुपरवाइजर कह रहे हैं कि लोग वापस नहीं दे रहे हैं।
2 लाख 17 हजार मतदाता, 61.33 फीसदी वोटिंग
बिलासपुर विधानसभा में 2 लाख 17 हजार 630 मतदाता हैं। विधानसभा चुनाव में 1 लाख 33 हजार 472 मतदाताओं ने वोट डाले थे। यानी 61.33 फीसदी वोटिंग हुई थी। वहीं हजारों लोगों ने वोट नहीं डाल पाने की शिकायत जिला निर्वाचन अधिकारी से लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी तक किया था।
लखनऊ. उत्तरप्रदेश पुलिस ने एक निजी टीवी चैनल के स्टिंग ऑपरेशन में फंसे तीन राज्यमंत्रियों के निजी सचिवों को गिरफ्तार कर लिया है। इन पर स्टिंग में तबादले, ठेका-पट्टा दिलाने के लिए डीलिंग करने का आरोप लगा था। राज्य सरकार ने इस मामले में तीनों को 27 दिसंबर को निलंबित कर दिया था। उसी दिन उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। सरकार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) से 10 दिन में जांच रिपोर्ट मांगी थी।
शुक्रवार रात हजरतगंज पुलिस ने राज्य के पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री ओमप्रकाश राजभर के निजी सचिव ओमप्रकाश कश्यप, खनन मंत्री अर्चना पांडेय के निजी सचिव एसपी त्रिपाठी और बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के निजी सचिव संतोष अवस्थी को उनके आवास से गिरफ्तार किया। बाद में उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया और जेल भेज दिया गया। आरोपियों की गिरफ्तारी एसआईटी की सिफारिश पर की गई।
भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरुकता का निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एडीजी (लखनऊ) राजीव कृष्णा की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया था। इसमें आईजी (एसटीएफ) और विशेष सचिव (आईटी) राकेश वर्मा शामिल थे। पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को अपने विभागों और कार्यालयों में भ्रष्टाचार के बारे में अधिकारियों और कर्मचारयों को जागरूक करने का निर्देश दिया था।
तीनों मंत्रियों ने ही कार्रवाई का निर्देश दिया
मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अपने निजी सचिव ओमप्रकाश के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। वहीं, राज्यमंत्री अर्चना पांडेय ने कहा था कि एसपी त्रिपाठी को जरूर सजा मिलनी चाहिए। स्टिंग में ओमप्रकाश बेसिक शिक्षा विभाग में तबादले के लिए रिश्वत मांगते नजर आए थे। स्कूलों में बैग और ड्रेस की सप्लाई के ठेके के लिए मंत्री अनुपमा जायसवाल के पति से डील कराने की बात भी की थी।
मुख्यमंत्री ने तीनों मंत्रियों को तलब किया था
अर्चना पांडेय के निजी सचिव एसपी त्रिपाठी भी सहारनपुर समेत छह जिलों में खनन पट्टा दिलाने के लिए डील करते स्टिंग में दिखाई दिए। तीसरा मामला राज्यमंत्री संदीप सिंह के निजी सचिव संतोष अवस्थी का था। अवस्थी को किताबों का ठेका दिलाने के लिए डील करते हुए दिखाया गया था। इसमें निजी सचिव अपने हिस्से की मांग कर रहे थे। तीनों ही मंत्रियों को मुख्यमंत्री ने भी तलब किया था।
दिल्ली में भी बारिश और कोहरे के चलते 20 से ज्यादा ट्रेनें लेट
श्रीनगर के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 24 घंटे सभी उड़ानें बंद रहीं
श्रीनगर/नई दिल्ली. पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड में रविवार को भी बर्फबारी और कुछ जगहों पर बारिश होने का अनुमान है। उधर, बेंगलुरु में रविवार को कोहरे के चलते सिंगापुर और गोवा से बेंगलुरु आने वाले दो विमानों का मार्ग बदलकर चेन्नई भेजा गया। करीब 50 उड़ानों में देरी हुई। दिल्ली में भी सुबह हुई बारिश और कोहरे के चलते 20 से ज्यादा ट्रेनें लेट चल रही हैं।
इससे पहले जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में जबरदस्त बर्फबारी के कारण शुक्रवार से शनिवार दोपहर तक (करीब 24 घंटे) श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सभी उड़ानें बंद रहीं। यहां गुलमर्ग में 60 सेमी बर्फबारी हुई। हिमाचल में भी बर्फबारी के कारण शिमला सहित कई इलाकों में यातायात रविवार को भी प्रभावित रहा। उत्तराखंड के उत्तरकाशी में शनिवार को भारी बर्फबारी हुई, जिसके चलते थल-मुंसियारी मार्ग बंद हो गया है। रातापानी और मुंसियारी के बीच कई गाड़ियां फंस गईं।
राजस्थान में बारिश, मध्यप्रदेश में शीतलहर
पांच दिन बाद शनिवार को राजस्थान में जयपुर समेत 10 से ज्यादा जिलों में तापमान 2 डिग्री तक गिरा। मौसम विभाग ने बताया कि राज्य के कुछ हिस्सों में रविवार को बारिश हो सकती है। मध्यप्रदेश और गुजरात में शीतलहर की चेतावनी जारी की गई है। पहाड़ों पर हुई बर्फबारी का मध्यप्रदेश में 48 से 72 घंटे बाद असर होता है।
हिमाचल में ऑरेंज अलर्ट, हरियाणा में बूंदाबांदी
मौसम विभाग ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में 9 जनवरी तक बर्फबारी जारी रहेगी। राज्य में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, हरियाणा के करनाल, सिरसा, हिसार आदि जिलों में शनिवार को हल्की बारिश हुई। रविवार को भी यहां बारिश होने का अनुमान है।
कोहरे की चपेट में बिहार
मौसम विभाग ने कहा है कि बिहार में 7 जनवरी को बारिश की संभावना है। 8 जनवरी से घना कोहरा छाने के आसार हैं। राज्य में उत्तरप्रदेश और नेपाल से आ रही ठंडी हवाओं का असर है। दिन में भी बादल छाने लगे हैं। दिनभर धुंध होने के कारण धूप भी कमजोर हुई है।
रायपुर. विधायकों के विरोध के बावजूद धरमलाल कौशिक नेता प्रतिपक्ष चुन लिए गए। उनकी नियुक्ति भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और रामलाल के दखल के बाद हुई। पर्यवेक्षक थावरचंद गहलोत आैर अनिल जैन की मौजूदगी में हुई रायशुमारी में पार्टी का महज 15 सदस्यों वाला विधायक दल विभाजित नजर आया।
ऐसे में कौशिक के नाम पर सहमति नहीं बन पा रही थी। विधायक दल में दोफाड़ की नौबत देख राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को दखल देना पड़ा। शुक्रवार की सुबह दिल्ली से दोनों पर्यवेक्षक गहलोत और जैन के यहां आते ही कौशिक और अग्रवाल ने एयरपोर्ट में उनकी अगुवानी की। उसके बाद सभी पहले ठाकरे परिसर और फिर एकात्म परिसर आए। बैठक शुरू होते ही बड़े नेताआें के बीच खींचतान की खबरें बाहर आने लगीं।