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बेंगलुरू। शराब कारोबारी विजय माल्या से जुड़ी कंपनी यूबीएचएल ने कर्नाटक उच्च न्यायालय के सामने दलील दी है कि अब निष्क्रिय हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस लिमिटेड से जुड़े कर्ज को चुकाने की खातिर कंपनी को बंद नहीं करें।
 
 
बैंकर और कर्ज देने वालों की तरफ से कंपनी को बंद करने का दबाव बनाया जाता रहा है ताकि माल्या द्वारा लिया गया कर्ज चुकता हो सके। माल्या पर बैंकों से धोखाधड़ी और धनशोधन के आरोप हैं।
पिछले साल फरवरी में कर्नाटक उच्च न्यायालय ने यूबी ग्रुप की मूल कंपनी यूनाइटेड ब्रीवरीज (होल्डिंग्स) लिमिटेड को बंद करने के आदेश दिए थे ताकि यूबीएचएल द्वारा संचालित किंगफिशर एयरलाइंस लिमिटेड से कर्ज की वसूली की जा सके। इस मामले में अगली सुनवाई 17 दिसंबर को होगी।

नयी दिल्ली। कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने मंगलवार को कहा कि कांग्रेस राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में सरकार बनाएगी और किसी को भी उनका जनादेश हड़पने का प्रयास नहीं करना चाहिए। सिलसिलेवार ट्वीट में पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि समूचे देश ने संविधान और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्य प्रदेश के मतदाताओं को मुबारकवाद दी है। 

उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस तीनों राज्यों में सरकार बनाएगी। ना तो भाजपा को और ना ही राज्यपालों को, किसी को भी तीनों राज्यों में जनादेश हड़पने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। भाजपा को अपनी हार स्वीकार करनी चाहिए।’ चिदंबरम ने कहा कि सबके लिए एक सीख है। कठिन मेहनत को कम करके मत आंकिए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हार नहीं मानी। भाजपा के धन और सत्ता बल के खिलाफ उन्होंने लड़ाई लड़ी और उन्हें जीत मिली। 

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के अच्छे प्रदर्शन का श्रेय पार्टी के नेता अपने अध्यक्ष राहुल गांधी को दे रहे हैं। जीत के बाद संवाददताओं को संबोधित करते हुए कहा कि हम जनता को इस समर्थन के लिए धन्यवाद करते है। कार्यकर्ताओं का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि विपरीत समय में आप ने जो हमारे लिए मेहनत किया है वह काबिल-ए-तारीफ है। राहुल ने MP, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के मुख्यमंत्रीयों का धन्यवाद करते हुए आगे कहा कि हम उनके कामों को आगे बढ़ाएंगे। इसके आलावा राहुल ने तेलंगाना और मिजोरम में जीतने वालों को बधाई दी। 




राहुल ने कहा कि आज पूरा विपक्ष एकजुट है और हम लोकसभा चुनाव में एक साथ लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि हम गठबंदन को लेकर उदार हैं। EVM पर बात करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इस पर सवाल सिर्फ भारत में नहीं बल्कि अन्य देशों में भी उठे हैं। उन्होंने कहा कि ईवीएम के चिप से छेड़छाड़ की जा सकती है। मोदी पर हमला करते हुए राहुल ने कहा कि रोजगार, भ्रष्टाचार, किसान के मुद्दे पर वो चुनकर आए थे पर उन्होंने इस पर कुछ भी नहीं किया। राफेल में बड़ा भ्रष्टाचार बताते हुए राहुल ने कहा कि इसका सच सामने आएगा।  
 
 
राहुल ने कहा कि मोदी भ्रष्टाचार के मुद्दे पर फेल पीएम है और वो रोजगार भी नहीं दे पाए। उन्होंने कहा कि मोदी की छवि जनता के मन में एक भ्रष्ट नेता के तौर पर बनी है। उन्होंने कहा कि मोदी की वादाख‍िलाफी से जनता नाराज है। 

र्व वित्त सचिव और वित्त आयोग के वर्तमान सदस्य शक्तिकांत दास को भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर के रूप में नियुक्त किया गया है। पिछले साल वह आर्थिक मामलों के सचिव पद से रिटायर हुए थे। मोदी सरकार द्वारा किए गए नोटबंदी के फैसले में भी इनकी प्रमुख भूमिका रही थी। 

बता दें कि सोमवार को RBI गवर्नर उर्जित पटेल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने ने कहा कि वह यह फैसला व्यक्तिगत कारणों से ले रहे हैं। भारतीय रिजर्व बैंक में वर्षों से विभिन्न पदों पर काम करना मेरे लिए सम्मान की बात रही।

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने प्रदेश विधानसभा चुनाव में मंगलवार को कांग्रेस के सबसे बड़ी पार्टी उभरकर आने की संभावना के मद्देनजर और निर्दलीयों के समर्थन से सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को पत्र लिखकर मिलने का वक्त मांगा। कांग्रेस के एक प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने राज्यपाल को लिखे पत्र में उनसे मिलने का वक्त मांगा है और प्रदेश के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरकर आने की संभावना और विजयी हुए निर्दलीय के समर्थन की बात करते हुए प्रदेश में सरकार बनाने का दावा पेश किया है।

पत्र में नाथ ने लिखा है, ‘कांग्रेस पार्टी विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरकर आ रही है। इसके अलावा कांग्रेस को सभी निर्दलियों का भी समर्थन हासिल है।’ इसके साथ ही कमलनाथ ने परिणामों की अधिकृत घोषणा के साथ ही वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के साथ राज्यपाल से मिलने का वक्त मांगते हुए प्रदेश में सरकार बनाने की अनुमति चाही है।

 

चुनाव आयोग के मुताबिक प्रदेश में 230 विधानसभा सीटों में से अब तक घोषित परिणामों के अनुसार 72 सीटों पर भाजपा, 73 सीटों पर कांग्रेस तथा तीन सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी घोषित हुए है। इसके अलावा रुझान के मुताबिक भाजपा 37, कांग्रेस 41, बसपा दो, सपा एक और निर्दलीय एक सीट पर आगे चल रहे हैं।

नयी दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें सिखाया कि ‘क्या नहीं करना चाहिए’ और उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनावों में मिली करारी हार से भी ‘काफी कुछ सीखा।’ राहुल ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री को विशाल जनादेश मिला था, लेकिन उन्होंने ‘देश की धड़कन’ सुनने से इनकार कर दिया। हिंदीभाषी राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के फिर से उदय के बाद एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा, ‘मैं कल अपनी मां से बात कर रहा था और मैं उनसे कह रहा था कि मेरे लिए सबसे अच्छी बात कुछ हुई है तो वह है 2014 का (लोकसभा) चुनाव। मैंने उस चुनाव से काफी कुछ सीखा है।’


राहुल (48) ने कहा कि 2014 के चुनाव से उन्हें जो सबसे अहम चीज सीखने को मिली, वह ‘विनम्रता’ है। उन्होंने कहा, ‘यह एक महान देश है और इस देश में सबसे अहम चीज है कि लोग क्या मानते हैं।’ कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि एक नेता के तौर पर यह समझना होता है कि लोग क्या महसूस कर रहे हैं और वह जिस चीज को महसूस करते हैं, उससे जुड़ाव पैदा करना होता है। उन्होंने कहा, ‘बेबाकी से कहूं तो नरेंद्र मोदी जी ने मुझे सबक सिखाया कि क्या नहीं करना चाहिए।’ 

 

राहुल ने कहा कि पांच साल पहले उन्हें (मोदी को) इस देश में बदलाव लाने का बड़ा मौका दिया गया। दुखद चीज यह है कि उन्होंने देश की धड़कन सुनने से मना कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी ने युवाओं और किसानों की आवाज सुनने से इनकार कर दिया। राहुल ने जोर देकर कहा, ‘थोड़ा अहंकार आ गया है। मेरा मानना है कि यह किसी नेता के लिए घातक होता है। उनके काम करने के तरीके से मैंने यह बात सीखी है। मेरे लिए इस देश के लोग ही सबसे अच्छे शिक्षक हैं।’

नई दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को मिली जीत पर बधाई दी। इसी के साथ उन्होंने कहा कि हाथी अब हाथ को समर्थन देगा। मायावती के समर्थन के बाद मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनना लगभग पूरी तरह से तय हो गया है। हालांकि, मायावती ने कहा कि मैं कांग्रेस की कई नीतियों से खुश नहीं हूं फिर भी कांग्रेस को सरकार बनाने के लिए समर्थन देने के लिए तैयार हूं, जरुरत पड़े तो राजस्थान में भी।

मायावती ने कहा कि हमारे पार्टी के लोगों का ये कहना है कि छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान की जनता बीजेपी सरकार की गलत कार्य प्रणाली की वजह से दुखी हो चुकी थी। इसी वजह से वह बीजेपी को सत्ता में आते हुए नहीं देखना चाहती थी, जिसका फायदा कांग्रेस को मिला और अब लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस इस जीत को भुनाने की कोशिश करेगी।

शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश सीएम पद से इस्तीफा देने के लिए राज्यपाल के पास जा रहे हैं। शिवराज सिंह ने कहा कि हम सरकार बनाने का दावा पेश नहीं करेंगे और हम संख्या बल के आगे सिर झुकाते हैं। 

शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार सुबह मीडिया से बातचीत में कहा कि हमारी पार्टी को बहुमत नहीं मिला है इसलिए हम सरकार बनाने का दावा पेश करने नहीं जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं अपना इस्तीफा गवर्नर को देने जा रहा हूं। और शिवराज सिंह यह कहते ही गवर्नर को इस्तीफा देने राजभवन गए और उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया है। शिवराज सिंह के इस्तीफे के बाद से यह साफ हो चुका है कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने जा रही है। आज कांग्रेस नेता राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।

एक ओर जहां जनमत आते ही अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपनी हार स्वीकरा करते हुए कल ही इस्तीफा सौंप दिया था लेकिन शिवराज सिंह मंगलवार रात सरकार बनाने की जुगत में लगे रहे। और जब उन्हें कहीं से भी कोई आस दिखाई नहीं दी तब उन्होंने बुधवार सुबह अपनी हार स्वीकारी और राज्यपाल को इस्तीफा देने सौंपे। शिवराज सिंह ने कांग्रेस पार्टी और कमलनाथ को शुभकामनाएं दीं और कहा कि हार की जिम्मेदारी सिर्फ मेरी है।  

बता दें कि 11 दिसंबर को आए परिणामों में शिवराज सरकार को जनता ने सिरे से खारिज कर दिया है। भाजपा को 109 सीट आई है जबकि कांग्रेस बहुमत 116 से महज दो कदम दूर 114 सीटों पर ही ठिठक गई है। शिवराज पिछले 13 सालों से मुख्यमंत्री पद पर थे। 

बता दें कि एग्जिट पोल में मध्य प्रदेश में सत्तारुढ़ भाजपा और विपक्षी दल कांग्रेस के बीच कड़े मुकाबले का अनुमान जताए गए थे जिसके बाद भाजपा ने इसे सच्चाई से दूर बताया था। भाजपा ने इस बार बढ़े हुए मतदान प्रतिशत को पार्टी के हक में बताया था। पार्टी ने कहा कि जो ढाई प्रतिशत मतदान बढ़ा है वह भाजपा सरकारों की नीतियों और योजनाओं को स्पष्ट समर्थन है और भाजपा पिछले विधानसभा चुनाव (165) से भी अधिक सीटें जीतने जा रही है। लेकिन वह 109 सीट पर ही ठिठक गई है। 

छत्तीसगढ़ में 90 विधानसभा सीटों के चुनाव परिणाम साफ हो चुके हैं । इस बार राज्य में जहां भाजपा ने अपना जनाधार खोया तो वहीं कांग्रेस ने 68 सीटों के साथ जीत का विजय पताका फहराया। कांग्रेस की इस ऐतिहासिक जीत ने 15 साल से चल रहे रमन सिंह के शासन का अंत कर दिया है। भाजपा की झोली में महज 15, बीएसपी को 2 और जनता कांग्रेस को 5 सीटों में संतोष करना पड़ा। चुनाव रुझानों में भाजपा की हार देखने के बाद मुख्यमंत्री रमन सिंह ने राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को अपना इस्तीफा सौंप दिया और उन्होंने कहा कि वह भाजपा के खराब प्रदर्शन की जिम्मेदारी स्वीकार करते हैं। उन्होंने रायपुर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम (पार्टी) बैठेंगे और आत्ममंथन करेंगे।’’ 

  
किसी प्रकार की कोई गड़बड़ न हो इसके लिए कांग्रेस ने विधायक दल के नेता के चुनाव की निगरानी के लिये लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को छत्तीसगढ़ में पर्यवेक्षक के तौर पर भेजा। गृह मंत्री रामसेवक पैकरा को कांग्रेस के प्रेमसाई सिंह टेकाम ने 44 हजार 105 मतों से पराजित किया। अन्य हारने वाले मंत्रियों में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री भैयालाल रजवाड़े, बस्तर क्षेत्र के दो प्रमुख मंत्री महेश गगडा और केदार कश्यप शामिल हैं। सहकारिता मंत्री दयालदास बघेल को भी हार का सामना करना पड़ा। निर्वाचन आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक अंबिकापुर सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी और विपक्ष के नेता टी.एस. सिंहदेव ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी भाजपा के अनुराग सिंह देव को 39624 मतों से पराजित किया है।

 वहीं, कुरूद विधानसभा सीट से मंत्री अजय चन्द्राकर ने निर्दलीय नीलम चन्द्राकर को 12317 मतों से पराजित किया है। कोंटा विधानसभा सीट से विधानसभा में विपक्ष के उप नेता और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कवासी लखमा ने भाजपा के धनीराम बारसे को 6709 मतों के अंतर से पराजित किया है। वहीं नारायणपुर सीट से कांग्रेस के चंदन कश्यप ने मंत्री केदार कश्यप को 2647 मतों से पराजित किया है। बीजापुर सीट में कांग्रेस के विक्रम मंडावी ने मंत्री महेश गागड़ा को 21584 मतों से पराजित किया है। निर्वाचन आयोग के अनुसार दुर्ग ग्रामीण सीट से कांग्रेस सांसद ताम्रध्वज साहू ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी भाजपा के जागेश्वर साहू को 27112 मतों से पराजित किया है।

 
वहीं, नवागढ़ सीट से कांग्रेस के गुरुदयाल सिंह बंजारे ने मंत्री दयालदास बघेल को 33200 मतों से हराया है। प्रतापपुर से कांग्रेस के प्रेमसाय सिंह टेकाम ने मंत्री रामसेवक पैकरा को 44105 मतों से हराया है। आयोग से मिली जानकारी के अनुसार बैकुंठपुर से कांग्रेस की अम्बिका सिंह देव ने मंत्री भईयालाल राजवाड़े को 5339 मतों से पराजित किया है। वहीं भिलाई नगर सीट से कांग्रेस के देवेन्द्र यादव ने मंत्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय को 2849 मतों से पराजित किया है। मरवाही सीट से जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रमुख अजीत जोगी ने भाजपा की अर्चना पोर्ते को 46462 मतों से पराजित किया है।

 वहीं, खरसिया सीट से कांग्रेस के उमेश पटेल ने भाजपा के ओपी चौधरी को 16967 मतों से पराजित किया है। चौधरी ने रायपुर कलेक्टर पद से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी में प्रवेश किया था। आयोग से मिली जानकारी के अनुसार कोटा से जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) की रेणू अजीत जोगी ने भाजपा के काशी राम साहू को 3026 मतों से पराजित किया है। पाटन से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने भाजपा के मोतीलाल साहू को 27477 मतों से हराया है। बिलासपुर सीट से कांग्रेस के शैलेश पांडे ने मंत्री अमर अग्रवाल को 11221 मतों से पराजित किया है।

  रायपुर नगर दक्षिण सीट से मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कांग्रेस के कन्हैया अग्रवाल को 17496 मतों से पराजित किया है। वहीं, कांग्रेस के विकास उपाध्याय ने मंत्री राजेश मूणत को 12212 मतों से पराजित किया है।  अधिकारियों ने बताया कि सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों की वोटों की गिनती के लिए 5184 गणनाकर्मी और 1500 माईक्रोऑब्जर्वर नियुक्त किये गये थे। छत्तीसगढ़ में 90 सीटों के लिए दो चरणों में 12 नवंबर और 20 नवंबर को मतदान कराया गया था। जिसमें राज्य के 76.60 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। 
 

 डॉ. रमन सिंह के लिए यह चुनाव बड़ी चुनौती के रूप में सामने आया है। 90 विधानसभा सीटों वाले छत्तीसगढ़ में 46 सीटों पर बहुमत हासिल करने वाला ही सूबे का सरदार बनेगा। सबसे पहले सुबह 8 बजे डाक मतपत्रों की गिनती शुरू हो चुकी है, उसके बाद 8.30 बजे से ईवीएम के मतों की गिनती होगी।  

 छत्तीसगढ़ में चला कांग्रेस का किसान दांव

छत्तीसगढ़ में किसानों की ऋण माफी समेत फसलों के उचित मूल्य के कांग्रेस के वादे का दांव सफल रहा। यहां भाजपा को राज्य की 90 में से 17 सीटें मिलीं जबकि कांग्रेस पहली बार दो तिहाई बहुमत से जीती। इस राज्य में अब तक हुए तीन चुनावों में दोनों दलों के बीच हार-जीत का अंतर एक फीसदी से कम रहा है। राज्य में मतदाताओं का गुस्सा इस कदर था कि रमन सिंह सरकार के पांच मंत्री ब्रजमोहन अग्रवाल, केदार कश्यप, महेश गगडा, दयालदास बघेल और अमर अग्रवाल चुनाव हार गए। राज्य में भाजपा की बड़ी हार का कारण अजित जोगी की जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ भी रही। पहली बार चुनाव में उतरी पार्टी को हालांकि खास कामयाबी तो नहीं मिली, लेकिन जोगी के अनुसार उनकी पार्टी भाजपा के वोट काटने में सफल रही।

 मैं हार की नैतिक जिम्मेदारी लेता हूं-रमन सिंह 


छत्तीसगढ़ में अप्रत्याशित हार से निराश रमन सिंह ने चुनाव के हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि मैं जनादेश का सम्मान करता हूं। साथ ही उन्होंने कांग्रेस को जीत की बधाई भी दी और कहा कि उम्मीद करता हूं कांग्रेस अपने वादे निभाएगी।  मैं छत्तीसगढ़ की जनता का आभार मानता हूं कि उन्होंने भाजपा को 15 साल उनकी सेवा करने का मौका दिया। जानकारी के मुताबिक रमन सिंह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा भेज दिया है। उन्होंने गवर्नर को अपना इस्तीफा भेज दिया है।

 

पीएल पूनिया बोले- हम जनता के विश्वास को जिम्मेदारी से पूरा करेंगे

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस प्रभारी पी एल पूनिया ने कहा कि हम नम्रता से लोगों द्वारा जनादेश स्वीकार करते हैं। उन्होंने कहा कि जनता ने हमें अधिकार नहीं दिया है बल्कि जिम्मेदारी दी है। राज्य की जनता ने हमारे घोषणापत्र में किए गए वादे पर विश्वास किया और अब हम उसे पूरी जिम्मेदारी से पूरा करेंगे। पूनिया बोले लोगों ने राहुल गांधी के शब्दों पर भरोसा किया और हमें एक एजेंडा दिया है। 
 ( ईश्वर दुबे). रायपुर। छतीसगढ़ में कांग्रेस की ऐतिहासिक जीत के महानायक हैं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेश बघेल। न डरे न झुके सिर्फ लड़ाई लड़ते रहे। प्रदेश की रमन सरकार ने उन्हें जमीन विवाद और सीडी कांड में फंसाया जबकि सर्वविदित है कि सीडी भाजपा के नेता ने ही बनवाया और सीबीआई जांच में उजागर भी हुआ। भूपेश बघेल ने जेल जाकर जनता को अपनी ओर आकर्षित किये और रमन सरकार के दमन को जनता ने नापसंद कर दिया। प्रदेश कांग्रेस की बागडोर वे जब से सम्हाले तभी से उन्होंने प्रदेश में जीत के लिए सबसे पहले अजीत जोगी को बाहर का रास्ता दिखाया जो कांग्रेस की जीत के लिए मील का पत्थर साबित हुआ। श्री जोगी की प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में लोकप्रियता है मसलन बहुल क्षेत्रों में उनके प्रति जनता में नकारात्मक सोच है तथापि जनता ने कांग्रेस को भरपूर साथ दिया। कांग्रेस के घोषणा पत्र में सभी वर्गों के लिए घोषणाएं की गई तथा इसके लिए नेता प्रतिपक्ष टी.एस. सिंहदेव सभी तबकों के लोगों से स्वयं बातचीत करके मुद्दों हेतु सलाह मशवरा किया गया जिससे कांग्रेस का घोषणा पत्र वस्तुतः जनता द्वारा प्रतिपादित घोषणा पत्र बन गया। जनता ने बीजेपी के अहंकार को तोड़ने का मन बना लिया क्योंकि जनता के हर वर्ग को राहत देने की बात चुनाव में कांग्रेस ने की और भाजपा अति आत्म विश्वास में रही कि सीडी कांड से कांग्रेस के मुखिया को बदनाम कर दिए अब उनकी जीत सुनिश्चित है जनता को मूर्ख समझने की भूल बीजेपी को भुगतना पड़ा। जेल जाने से भूपेश बघेल और भी बड़े नेता बनकर हीरो बन गए तथा संदेश गया कि जनता के लिए लड़ने वाला और डॉ रमन सिंह को टक्कर देने वाला कोई है तो वह है भूपेश बघेल। अपने पूरे कार्यकाल में वे सरकार के दमन के बावजूद सरकार के खिलाफ तीखा हमला करते रहे, जिससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार हुआ और सुनामी का रूप लेकर भाजपा की धज्जियां उड़ा दी और उनकी हार को शर्मनाक हार में बदल दिया। जनता ने मोबाइल, टिफिन, पैसा सबको नकारकर निःस्वार्थ भाव से कांग्रेस को मतदान किया। पूर्ण शराबबंदी, किसानों की कर्जमाफी, पुलिस के लिए घोषणा, सरकारी कर्मचारी, पत्रकार सभी प्रकार के लोगों को अपने पक्ष में ध्रुवीकरण करने का लाभ निःसंदेह जीत के रूप में मिला। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भूपेश के नेतृत्व में टीम भावना भी सामने आई तथा भितरघात करने वाले को पूर्व से ही बाहर जा राश्ता दिखा दिया गया। एक स्वच्छ और सशक्त नेतृत्व किसी ने कांग्रेस को प्रदान किया तो इसके लिए भूपेश को महानायक के रूप में स्वीकार करना ही होगा। मध्यप्रदेश में कमलनाथ जीत के महानायक हैं तो छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल की कुशल रणनीति के बल पर ही कांग्रेस की सरकार बन रही है। कांग्रेस आलाकमान भी भली भांति परिचित है कि झीरम कांड के बाद और अजीत जोगी के बाद शून्य से शिखर तक कांग्रेस को ले जाने वाले भुपेश बघेल ही हैं उनके कार्यकाल में ही राजीव भवन के रूप में कांग्रेस को हाईटेक कार्यालय मिला। एक ऊंची सोच रखने वाले सर्वमान्य नेता ने इतिहास रच दिया इसमें कोई दो मत नहीं होना चाहिए।

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