ईश्वर दुबे
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नयी दिल्ली। कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने मंगलवार को कहा कि कांग्रेस राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में सरकार बनाएगी और किसी को भी उनका जनादेश हड़पने का प्रयास नहीं करना चाहिए। सिलसिलेवार ट्वीट में पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि समूचे देश ने संविधान और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्य प्रदेश के मतदाताओं को मुबारकवाद दी है।
उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस तीनों राज्यों में सरकार बनाएगी। ना तो भाजपा को और ना ही राज्यपालों को, किसी को भी तीनों राज्यों में जनादेश हड़पने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। भाजपा को अपनी हार स्वीकार करनी चाहिए।’ चिदंबरम ने कहा कि सबके लिए एक सीख है। कठिन मेहनत को कम करके मत आंकिए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हार नहीं मानी। भाजपा के धन और सत्ता बल के खिलाफ उन्होंने लड़ाई लड़ी और उन्हें जीत मिली।
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के अच्छे प्रदर्शन का श्रेय पार्टी के नेता अपने अध्यक्ष राहुल गांधी को दे रहे हैं। जीत के बाद संवाददताओं को संबोधित करते हुए कहा कि हम जनता को इस समर्थन के लिए धन्यवाद करते है। कार्यकर्ताओं का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि विपरीत समय में आप ने जो हमारे लिए मेहनत किया है वह काबिल-ए-तारीफ है। राहुल ने MP, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के मुख्यमंत्रीयों का धन्यवाद करते हुए आगे कहा कि हम उनके कामों को आगे बढ़ाएंगे। इसके आलावा राहुल ने तेलंगाना और मिजोरम में जीतने वालों को बधाई दी।
र्व वित्त सचिव और वित्त आयोग के वर्तमान सदस्य शक्तिकांत दास को भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर के रूप में नियुक्त किया गया है। पिछले साल वह आर्थिक मामलों के सचिव पद से रिटायर हुए थे। मोदी सरकार द्वारा किए गए नोटबंदी के फैसले में भी इनकी प्रमुख भूमिका रही थी।
भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने प्रदेश विधानसभा चुनाव में मंगलवार को कांग्रेस के सबसे बड़ी पार्टी उभरकर आने की संभावना के मद्देनजर और निर्दलीयों के समर्थन से सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को पत्र लिखकर मिलने का वक्त मांगा। कांग्रेस के एक प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने राज्यपाल को लिखे पत्र में उनसे मिलने का वक्त मांगा है और प्रदेश के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरकर आने की संभावना और विजयी हुए निर्दलीय के समर्थन की बात करते हुए प्रदेश में सरकार बनाने का दावा पेश किया है।
पत्र में नाथ ने लिखा है, ‘कांग्रेस पार्टी विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरकर आ रही है। इसके अलावा कांग्रेस को सभी निर्दलियों का भी समर्थन हासिल है।’ इसके साथ ही कमलनाथ ने परिणामों की अधिकृत घोषणा के साथ ही वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के साथ राज्यपाल से मिलने का वक्त मांगते हुए प्रदेश में सरकार बनाने की अनुमति चाही है।
चुनाव आयोग के मुताबिक प्रदेश में 230 विधानसभा सीटों में से अब तक घोषित परिणामों के अनुसार 72 सीटों पर भाजपा, 73 सीटों पर कांग्रेस तथा तीन सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी घोषित हुए है। इसके अलावा रुझान के मुताबिक भाजपा 37, कांग्रेस 41, बसपा दो, सपा एक और निर्दलीय एक सीट पर आगे चल रहे हैं।
नयी दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें सिखाया कि ‘क्या नहीं करना चाहिए’ और उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनावों में मिली करारी हार से भी ‘काफी कुछ सीखा।’ राहुल ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री को विशाल जनादेश मिला था, लेकिन उन्होंने ‘देश की धड़कन’ सुनने से इनकार कर दिया। हिंदीभाषी राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के फिर से उदय के बाद एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा, ‘मैं कल अपनी मां से बात कर रहा था और मैं उनसे कह रहा था कि मेरे लिए सबसे अच्छी बात कुछ हुई है तो वह है 2014 का (लोकसभा) चुनाव। मैंने उस चुनाव से काफी कुछ सीखा है।’
राहुल (48) ने कहा कि 2014 के चुनाव से उन्हें जो सबसे अहम चीज सीखने को मिली, वह ‘विनम्रता’ है। उन्होंने कहा, ‘यह एक महान देश है और इस देश में सबसे अहम चीज है कि लोग क्या मानते हैं।’ कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि एक नेता के तौर पर यह समझना होता है कि लोग क्या महसूस कर रहे हैं और वह जिस चीज को महसूस करते हैं, उससे जुड़ाव पैदा करना होता है। उन्होंने कहा, ‘बेबाकी से कहूं तो नरेंद्र मोदी जी ने मुझे सबक सिखाया कि क्या नहीं करना चाहिए।’
राहुल ने कहा कि पांच साल पहले उन्हें (मोदी को) इस देश में बदलाव लाने का बड़ा मौका दिया गया। दुखद चीज यह है कि उन्होंने देश की धड़कन सुनने से मना कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी ने युवाओं और किसानों की आवाज सुनने से इनकार कर दिया। राहुल ने जोर देकर कहा, ‘थोड़ा अहंकार आ गया है। मेरा मानना है कि यह किसी नेता के लिए घातक होता है। उनके काम करने के तरीके से मैंने यह बात सीखी है। मेरे लिए इस देश के लोग ही सबसे अच्छे शिक्षक हैं।’
नई दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को मिली जीत पर बधाई दी। इसी के साथ उन्होंने कहा कि हाथी अब हाथ को समर्थन देगा। मायावती के समर्थन के बाद मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनना लगभग पूरी तरह से तय हो गया है। हालांकि, मायावती ने कहा कि मैं कांग्रेस की कई नीतियों से खुश नहीं हूं फिर भी कांग्रेस को सरकार बनाने के लिए समर्थन देने के लिए तैयार हूं, जरुरत पड़े तो राजस्थान में भी।
शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश सीएम पद से इस्तीफा देने के लिए राज्यपाल के पास जा रहे हैं। शिवराज सिंह ने कहा कि हम सरकार बनाने का दावा पेश नहीं करेंगे और हम संख्या बल के आगे सिर झुकाते हैं।
शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार सुबह मीडिया से बातचीत में कहा कि हमारी पार्टी को बहुमत नहीं मिला है इसलिए हम सरकार बनाने का दावा पेश करने नहीं जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं अपना इस्तीफा गवर्नर को देने जा रहा हूं। और शिवराज सिंह यह कहते ही गवर्नर को इस्तीफा देने राजभवन गए और उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया है। शिवराज सिंह के इस्तीफे के बाद से यह साफ हो चुका है कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने जा रही है। आज कांग्रेस नेता राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।
एक ओर जहां जनमत आते ही अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपनी हार स्वीकरा करते हुए कल ही इस्तीफा सौंप दिया था लेकिन शिवराज सिंह मंगलवार रात सरकार बनाने की जुगत में लगे रहे। और जब उन्हें कहीं से भी कोई आस दिखाई नहीं दी तब उन्होंने बुधवार सुबह अपनी हार स्वीकारी और राज्यपाल को इस्तीफा देने सौंपे। शिवराज सिंह ने कांग्रेस पार्टी और कमलनाथ को शुभकामनाएं दीं और कहा कि हार की जिम्मेदारी सिर्फ मेरी है।
बता दें कि 11 दिसंबर को आए परिणामों में शिवराज सरकार को जनता ने सिरे से खारिज कर दिया है। भाजपा को 109 सीट आई है जबकि कांग्रेस बहुमत 116 से महज दो कदम दूर 114 सीटों पर ही ठिठक गई है। शिवराज पिछले 13 सालों से मुख्यमंत्री पद पर थे।
बता दें कि एग्जिट पोल में मध्य प्रदेश में सत्तारुढ़ भाजपा और विपक्षी दल कांग्रेस के बीच कड़े मुकाबले का अनुमान जताए गए थे जिसके बाद भाजपा ने इसे सच्चाई से दूर बताया था। भाजपा ने इस बार बढ़े हुए मतदान प्रतिशत को पार्टी के हक में बताया था। पार्टी ने कहा कि जो ढाई प्रतिशत मतदान बढ़ा है वह भाजपा सरकारों की नीतियों और योजनाओं को स्पष्ट समर्थन है और भाजपा पिछले विधानसभा चुनाव (165) से भी अधिक सीटें जीतने जा रही है। लेकिन वह 109 सीट पर ही ठिठक गई है।
छत्तीसगढ़ में 90 विधानसभा सीटों के चुनाव परिणाम साफ हो चुके हैं । इस बार राज्य में जहां भाजपा ने अपना जनाधार खोया तो वहीं कांग्रेस ने 68 सीटों के साथ जीत का विजय पताका फहराया। कांग्रेस की इस ऐतिहासिक जीत ने 15 साल से चल रहे रमन सिंह के शासन का अंत कर दिया है। भाजपा की झोली में महज 15, बीएसपी को 2 और जनता कांग्रेस को 5 सीटों में संतोष करना पड़ा। चुनाव रुझानों में भाजपा की हार देखने के बाद मुख्यमंत्री रमन सिंह ने राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को अपना इस्तीफा सौंप दिया और उन्होंने कहा कि वह भाजपा के खराब प्रदर्शन की जिम्मेदारी स्वीकार करते हैं। उन्होंने रायपुर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम (पार्टी) बैठेंगे और आत्ममंथन करेंगे।’’