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 (ईश्वर दुबे) प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय भूपेश बघेल के शपथ ग्रहण लेते ही प्रदेश की बागडोर उनके हाथों में है। भूपेश बघेल की पहचान एक तेज तर्रार नेता के रुप में है परंतु उनके व्यक्तित्व के कुछ अनछुये पहलू हैं जो बहुत ही कम लोगों को मालूम है। माननीय भूपेश बघेल को आध्यात्म में गहरी आस्था है तथा वे इस क्षेत्र में उच्च कोटि के साधक भी हैं भूपेश की धर्मपत्नी भी आध्यात्मिक एवं पूजा पाठ में रुचि रखती हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बूघेल को ऊर्जावान नेता के रुप में ख्याति मिली हुई है अब प्रदेश की जनता के विकास हेतु उनकी ऊर्जा का सदुपयोग होगा यह जनता के लिए बेहद शुभ संकेत है। प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल के निवास में धर्ममय वातावरण रहता है तथा वे अपने ईष्टदेव माता भुवनेश्वरी (दुर्गा) के परम भक्त भी हैं। नवरात्रि में निवास में ही ज्योत की स्थापना प्रतिवर्ष की जाती है तथा उनके पूरे परिवार में धर्ममय वातावरण है। भूपेश बघेल के आध्यात्मिक गुरु के रुप में भिलाई-3 सिरसागेट के गायत्री दुर्गा मंदिर के पुजारी स्वर्गारुढ स्व.कैलाशचंद्र तिवारी का उनके निवास में आना जाना लगा रहता था। उक्त समय मैं भी उनके शिष्य के रुप में पूजा पाठ का ज्ञान अर्जित कर रहा था। उनकी भविष्यवाणी भी मुझे अब एकाएक याद आती है जब भूपेश बघेल पाटन से चुनाव में विजय बघेल से हार गए थे। उनका कथन था कि एक कार्यकाल हार जाने के बाद भूपेश का राजयोग जागृत होगा और वे सत्ता के शीर्ष स्थान पर विराजमान होंगे। फिर वे कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष बनें तथा वर्तमान में तमाम झंझावातों को पार करके सत्ता के शीर्ष पर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रुप में विराजमान हैं। माता भुवनेश्वरी की भक्ति के प्रसाद के रुप में उन्हे शीर्ष पर की प्राप्ति हुई है जिसकी भविष्यवाणी पूर्व से ही कर दी गई थी,यही कारण है कि भूपेश बघेल के सामने कोई टिक नहीं पाये, भाजपा को 15 सीट में सीमित करते हुए इस ऊर्जावान नेता नें प्रदेश में इतिहास रच दिया। गृह ग्राम भिलाई-3 और पाटन विधानसभा क्षेत्र का हर बाशिन्दा आज गौरवान्वित है कि हमारे गृहग्राम का कोई व्यक्ति सत्ता के शीर्ष पद पर आसीन है जिसकी कल्पना भी किसी ने नहीं की थी। भूपेश बघेल की सबसे बड़ी पहचान उनकी स्पष्टवादिता एवं सहृदयता है, प्रदेश भर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जान फूंककर उनमें ऊर्जा का संचार करने में भूपेश की महती भूमिका रही है। उनकी ऊर्जा के केंद्र बिंदु के रुप में उनकी आध्यात्म के क्षेत्र में गहरी रुचि है। दुर्गा सप्तशती के पाठ में गहरी आस्था रखने वाले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की दिनचर्या में पूजा पाठ शामिल है। प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के पश्चात यदि वे रायपुर मुख्यमंत्री निवास में रहते हैं तो निसंदेह मुख्यमंत्री निवास रायपुर में भी उनकी आध्यात्मिक साधना का क्रम जारी रहेगा। गुरुदेव कैलाशचंद्र तिवारी के शिष्य के रुप में भूपेश बघेल ने सर्वत्र अपने माता पिता गुरुजनों का नाम रोशन किया है। अपने पिता को मुख्यमंत्री बनने के वचन को उन्होनें पूरा किया। राजनीति में ऊंची सोच रखने वाले प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के संघर्षों की गाथा किसी से छुपी नहीं है। उनका विशाल व्यक्तित्व है कि वे तमाम झंझावातों के बीच भी कदापि विचलित नहीं हुए। उनके जैसे जीवट व्यक्तित्व नें हमेशा ही संघर्ष करने की परंपरा को आत्मसात किया है। भिलाई-3 की जनता उनके संघर्षों की कहानी बयाँ करती है। चाहे वह भिलाई-3 सोमनी में राखड़ बांध का मामला हो या अन्य समस्या उन्होनें सदैव छत्तीसगढसासियों के लिए सड़क की लडाई लड़ी है। मुख्यमंत्री के रुप में उनके शपथ ग्रहण के पश्चात छत्तीसगढ सहित खासकर भिलाई-3 एवं पाटन क्षेत्र की जनता में अपने लाडले नेता के लिए सर्वत्र खुशियाँ मनाई गई। प्रदेश में खुशियों के संचार करने के लिए मुखिया भूपेश बघेल के लिए बुजुर्गों ने आशीर्वाद दिए और युवाओं ने उनके कंधा से कंधा मिलाकर कार्य करने का संकल्प लिया। प्रदेश के विकास के लिए उनकी ऊर्जा निश्चित ही नये सोपान तय करेगी एैसी आशा प्रदेश के हर नागरिक को है। ( लेखक- इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स के प्रदेश अध्यक्ष हैं)

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2019 यानी टूर्नामेंट के 12वें संस्करण के लिए आज 346 खिलाड़ियों की नीलामी होगी। हालांकि, इनमें से ज्यादा से ज्यादा 70 खिलाड़ी ही खरीदे जा सकते हैं। किंग्स इलेवन पंजाब के पास सबसे ज्यादा 15 खिलाड़ियों को खरीदने का मौका है, जबकि चेन्नई सुपरकिंग्स सिर्फ दो ही खिलाड़ियों को खरीद पाएगी। चेन्नई के पास दो खिलाड़ियों को खरीदने के लिए 8.4 करोड़ रुपए हैं। वहीं, किंग्स इलेवन पंजाब को 36.20 करोड़ रुपए में ही 15 खिलाड़ी खरीदने होंगे। नीलामी में रखे गए खिलाड़ियों को दो ग्रुप कैप्ड और अनकैप्ड क्रिकेटर्स में बांटा गया है।

 

 

118 कैप्ड खिलाड़ियों को- दो करोड़, 1.5 करोड़, एक करोड़, 75 लाख और 50 लाख रुपए बेस प्राइस में रखा गया है। दो करोड़ रुपए बेस प्राइस में नौ खिलाड़ी हैं, वे सभी विदेशी हैं। 1.5 करोड़ रुपए बेस प्राइस में 10 खिलाड़ी हैं। अनकैप्ड खिलाड़ियों की संख्या 228 हैं। इन्हें तीन तरह- 40 लाख, 30 लाख और 20 लाख रुपए की बेस प्राइस में रखा गया है।

 

कैप्ड खिलाड़ी

बेस प्राइस कुल खिलाड़ी भारतीय विदेशी
2 करोड़ रुपए 09 00 09
1.5 करोड़ रुपए 10 01 09
एक करोड़ रुपए 19 04 15
75 लाख रुपए 18 02 16
50 लाख रुपए 62 18 44


अनकैप्ड खिलाड़ी

बेस प्राइस कुल खिलाड़ी भारतीय विदेशी
40 लाख रुपए 07 00 07
30 लाख रुपए 08 05 03
20 लाख रुपए 213 196 17

 

विदेशी क्रिकेटर्स को खरीदने की बात करें तो कोलकाता नाइटराइडर्स (केकेआर) सबसे ज्यादा पांच खिलाड़ियों को खरीद पाएगी। घरेलू खिलाड़ियों को खरीदने के मामले में  किंग्स इलेवन पंजाब पहले नंबर पर है। दूसरे नंबर पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) है।


चेन्नई सुपर किंग्स : आईपीएल-11 की चैम्पियन टीम चेन्नई सुपरकिंग्स ने पिछले संस्करण के 23 खिलाड़ियों को रिटेन किया है। इनमें 15 भारतीय और आठ विदेशी हैं। इसके लिए वह 73.6 करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है। अब उसके पास 8.4 करोड़ रुपए बचे हैं। इतनी धनराशि में वह सिर्फ दो भारतीय खिलाड़ियों को खरीद सकती है। 

 

सनराइजर्स हैदराबाद : इस साल आईपीएल का फाइनल खेलने वाली सनराइजर्स हैदराबाद ने अगले सत्र के लिए भी पुराने खिलाड़ियों पर ज्यादा भरोसा जताया है। उसने 20 खिलाड़ियों को रिटेन किया। इसके लिए उसने 72.3 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। अब उसके पर्स में 9.7 करोड़ रुपए बचे हैं। इतनी राशि में उसे ज्यादा से ज्यादा तीन भारतीय और दो विदेशी खिलाड़ी खरीदने हैं।

 

कोलकाता नाइटराइडर्स (केकेआर) : आईपीएल-11 के क्वालिफायर-2 तक पहुंचने वाली कोलकाता नाइटराइडर्स ने 2019 के लिए 13 खिलाड़ियों को रिटेन किया है। हालांकि, इसके लिए वह 66.8 करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है। अब वह ज्यादा से ज्यादा 12 खिलाड़ी और खरीद सकती है। इसमें सात भारतीय और पांच विदेशी हो सकते हैं। इसके लिए उसके पास 15.2 करोड़ रुपए हैं।

 

राजस्थान रॉयल्स (आरआर) : इस साल एलिमिनेटर राउंड में बाहर होने वाली राजस्थान रॉयल्स ने अगले संस्करण के लिए अपने 16 खिलाड़ियों को रिटेन किया। इसमें से 11 भारतीय और पांच विदेशी हैं। इसके लिए उसने 66.8 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। अब उसके खाते में 20.95 करोड़ रुपए बचे हैं। इतने रुपयों में उसके पास ज्यादा से ज्यादा छह भारतीय और तीन विदेशी खिलाड़ियों को खरीदने का मौका है।

 

मुंबई इंडियंस (एमआई) : तीन बार की चैम्पियन मुंबई इंडियंस इस साल क्वालिफायर में जगह नहीं बना पाई थी। हालांकि, उसका पुराने खिलाड़ियों पर भरोसा कायम है। उसने 18 खिलाड़ियों को रिटेन किया है। इसमें से 11 भारतीय और सात विदेशी हैं। इन खिलाड़ियों पर वह 70.85 करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है। अब उसके पर्स में 11.15 करोड़ रुपए की राशि बची है। इतने रुपए में वह अधिकतम छह भारतीय और एक विदेशी खिलाड़ी खरीद सकती है। 

 

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) : इस साल छठे स्थान पर रही रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 15 खिलाड़ियों को रिटेन किया है। इसमें नौ भारतीय और छह विदेशी शामिल हैं। उसने रिटेन करने पर 63.85 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। अब उसके खाते में 18.15 करोड़ रुपए बचे हैं। इतनी धनराशि में वह ज्यादा से ज्यादा आठ भारतीय और दो विदेशी खिलाड़ी खरीद सकती है। 

 

किंग्स इलेवन पंजाब (केएक्सआईपी) : इस साल टूर्नामेंट में किंग्स इलेवन पंजाब क्वालिफायर में जगह नहीं बना पाई थी। शायद यही वजह रही कि उसने खिलाड़ियों को रिटेन करने में ज्यादा विश्वास नहीं किया। उसने 10 खिलाड़ी ही रिटेन किए। इनमें से छह भारतीय और चार विदेशी हैं। इन्हें रिटेन करने के लिए उसने 45.8 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। अब उसके पास 36.2 करोड़ रुपए बचे हैं। इसमें वह अधिकतम 11 भारतीय और चार विदेशी खिलाड़ी ही खरीद सकती है।

 

दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) : दिल्ली डेयरडेविल्स का नया नाम दिल्ली कैपिटल्स हो गया है। उसने अपने 15 खिलाड़ियों को रिटेन किया है। इनमें से 10 भारतीय और पांच विदेशी हैं। वह इन क्रिकेटर्स पर 56.5 करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है। अब उसके पास 25.5 करोड़ रुपए बचे हुए हैं। इतनी धनराशि में से वह ज्यादा से ज्यादा सात भारतीय और तीन विदेशी खिलाड़ी और खरीद सकती है।

मुंबई। सारा अली खान का कहना है कि भले ही उन्होंने अभिनय को अपना पेशा चुना है लेकिन उनका मकसद जितना संभव हो सके, उतना सच्चा और जमीन से जुड़ा इंसान बनना है।‘‘केदारनाथ’’ से बॉलीवुड में कदम रख चुकी सारा अपनी दूसरी फिल्म ‘‘सिम्बा’’ के रिलीज होने का इंतजार कर रही हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर जल्द ही लोकप्रियता हासिल कर ली है।

 

  युवा अभिनेत्री ने कहा, ‘‘लोग इस बात की तारीफ करते हैं कि मैं सच्ची इंसान हूं। मेरी कोशिश सच्चा इंसान बनने की है। मैं ज्यादा नहीं सोचती और जैसी हूं वैसी बने रहने की कोशिश करती हूं। मैं गलतियां करती हूं। एक ही वक्त आपको तारीफ और आलोचना दोनों मिलती है और आपको उसे उसी तरह से लेना होता है।’’ सारा ने बताया कि एक परफॉर्मर के तौर पर वह नए-नए प्रयोग करना चाहती हैं।
 
 
उन्होंने कहा, ‘‘मैं देखूंगी कि मुझे कैसी पेशकश मिलती है और जो भी मुझे रोमांचित करेगा मैं उसे चुन लूंगी। बतौर अभिनेत्री मैं अलग-अलग तरह की फिल्में करना चाहती हूं। मैं हमेशा से अभिनय को पसंद करती हूं। मैं हमेशा फिल्म के सेट पर रहने के लिए उत्साहित रहती हूं। इसके बिना मेरी जिंदगी अधूरी है।’’ रोहित शेट्टी के निर्देशन वाली ‘‘सिम्बा’’ में रणवीर सिंह और सोनू सूद भी हैं। यह फिल्म 28 दिसंबर को रिलीज होगी। ऐसे कयास भी लगाए जा रहे हैं कि सारा इरफान खान की फिल्म ‘‘हिंदी मीडियम’’ के सीक्वल और वरुण धवन के साथ ‘‘रणभूमि’’ में दिखाई देंगी।

मुंबई। सुपरस्टार शाहरुख खान का कहना है कि वह चाहते हैं कि उनकी बेटी सुहाना फिल्मी करियर शुरू करने से पहले अभिनय की बारीकियों को सीखे। अभिनेता का कहना है कि वह नहीं चाहते हैं कि बिना बारीकियां सीखे उनकी बेटी खुद को क्षमतावान समझे। खान ने कहा कि सुहाना उनकी फिल्म ‘जीरो’ के सेट पर आती थी और देखती थी कि सेट पर चीजें कैसे काम करती हैं। 

अभिनेता ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा, ‘‘ जब हम लोग ‘जीरो’ फिल्म के एक गाने की शूटिंग आने वाले दो सप्ताह में शुरू करने वाले थे तो सुहाना ने मुझसे कहा था कि उसे लंदन वापस जाने में दो सप्ताह है। इस तरह अनुभव लेने के लिए वह जीरो के सेट पर आई।' उन्होंने कहा कि वह चाहते थे कि उनकी बेटी फिल्म के सेट को अच्छी तरह से देखने के साथ उनकी दो सह-कलाकारों कैटरीना कैफ और अनुष्का शर्मा से भी चीजें सीखे।

 

अभिनेता ने कहा, ‘‘ मैं चाहता था कि सुहाना मेरी दो सह-कलाकारों कैटरीना और अनुष्का को देखे क्योंकि वह दोनों अलग-अलग तरह की अभिनेत्रियां हैं। कैटरीना का अपना आकर्षण है और चीजों को करने का अनुष्का का अपना तरीका है। इसलिए मैं चाहता था कि सुहाना सेट पर समय व्यतीत करे। इसलिए सुहाना को सहायक निर्देशक बना दिया गया।' खान ने कहा कि सुहाना तीन से चार साल तक नाटक और थियेटर करेंगी।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत में, मैं मानता हूं कि हम अभिनय सीखते नहीं हैं, सिर्फ मान लेते हैं कि हम टैलेंटेड हैं। जैसे कि सिर्फ तेज गाड़ी चलाने से लोग यह मान लेते हैं कि आप फॉर्मूला वन ड्राइवर बनने जा रहे हैं। आपको यह सीखना पड़ता है। इसलिए मैं चाहता हूं कि सुहाना पहले औपचारिक प्रशिक्षण हासिल करे क्योंकि अनुभव काफी महत्व रखता है।' खान की फिल्म ‘‘जीरो’’ इसी शुक्रवार को रिलीज हो रही है। 

नयी दिल्ली। भाजपा के मंत्रियों और नेताओं ने सोमवार को देशभर में विभिन्न स्थानों पर कांग्रेस पर राफेल मुद्दे पर ‘दुस्साहस’ के साथ झूठ बोलने का आरोप लगाया, वहीं कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार के खिलाफ इस मामले में, उच्चतम न्यायालय में झूठा हलफनामा देने का आरोप लगाते हुए संसद के दोनों सदनों में विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव का नोटिस दिया। इसके बाद लोकसभा में भाजपा के तीन सदस्यों ने भी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव का नोटिस दिया।

मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर लखनऊ में थे। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की सुरक्षा के साथ खेल रहे लोगों के इशारे पर चलकर कांग्रेस पाप कर रही है, वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुवाहाटी में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राफेल सौदे पर ‘झूठे’ आरोपों के लिए कांग्रेस पार्टी और उसके अध्यक्ष को माफी मांगनी चाहिए। इस मुद्दे को लेकर सत्तारूढ़ पार्टी ने एक ही दिन में देश भर में 70 जगहों पर संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया था। पुणे में भाजपा सांसद पूनम महाजन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस बोफोर्स घोटाले से अपने दाग मिटाने के लिए झूठे आरोप लगा रही है।

मुंबई में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने जानबूझकर इस मामले में लोगों को गुमराह किया। उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी परिवार उच्चतम न्यायालय के फैसले को भी नहीं सुन रहा। कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने कोलकाता में इस तरह के आरोप लगाये। चंडीगढ़ में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कांग्रेस से माफी मांगने को कहा तो बेंगलुरु में भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने गांधी पर राफेल सौदे पर ‘तीन झूठ’ बोलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष को 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में पार्टी के पूर्व सांसद सज्जन कुमार को दोषी ठहराये जाने पर अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर इस्तीफा दे देना चाहिए।

उधर कांग्रेस ने सोमवार को संसद के दोनों सदनों में राफेल मुद्दे पर केंद्र सरकार के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव का नोटिस देकर इस बारे में जवाब देने की मांग की है कि सरकार ने उच्चतम न्यायालय में राफेल सौदे पर ‘गलत’ जानकारी क्यों दी। दूसरी तरफ इस मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद भाजपा ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर हमले तेज कर दिेये हैं और लोकसभा में भाजपा सदस्यों अनुराग ठाकुर, निशिकांत दुबे और संजय जायसवाल ने कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव का नोटिस दिया। उन्होंने कहा कि गांधी ने जुलाई में एक चर्चा के दौरान अपने भाषण में राफेल विमान सौदे पर झूठ बोला और सदन को गुमराह किया।

 

उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को राफेल सौदे में अनियमितताओं के आरोप वाली याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा था कि फैसला लेने की प्रक्रिया पर संदेह करने का कोई कारण नहीं है। शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में विमान सौदे पर कैग की रिपोर्ट का जिक्र किया था। उसने कहा कि कैग रिपोर्ट की पड़ताल संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) ने की थी। लेकिन कांग्रेस ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार ने फ्रांस से विमान सौदे को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान अदालत में गलत तथ्य पेश किये।

शनिवार को केंद्र ने शीर्ष अदालत से फैसले में सुधार की मांग करते हुए कहा कि उसके नोट को गलत तरह से लिये जाने से सार्वजनिक रूप से विवाद हुआ। केंद्र ने साफ किया कि उसने यह नहीं कहा कि कैग रिपोर्ट की पड़ताल पीएसी ने की या संशोधित अंश संसद के समक्ष रखा गया। सरकार ने साफ किया कि नोट में कहा गया था कि सरकार ने मूल्य का विवरण पहले ही कैग के साथ साझा कर दिया है, जो भूतकाल में लिखा था और तथ्यात्मक रूप से गलत है।

उत्तर प्रदेश में गठबंधन को लेकर सर्वाधिक सक्रिय समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ही नजर आ रहे हैं, उनके बयानों से लगता है कि वे किसी भी हालत में गठबंधन करने को तैयार हैं, जबकि संगठन की दृष्टि से भारतीय जनता पार्टी के बाद सर्वाधिक मजबूत समाजवादी पार्टी ही है। संघर्ष करने वाले मजबूत जमीनी युवा कार्यकर्ताओं वाली समाजवादी पार्टी से गठबंधन करने को कांग्रेस और बसपा के साथ अन्य छोटे दलों को अधिक रूचि दिखानी चाहिए थी पर, हो उल्टा रहा है, ऐसे में अखिलेश यादव का एक गलत निर्णय समाजवादी पार्टी को हाशिये पर पहुंचा सकता है।
 
 
मुलायम सिंह यादव की सूझ-बूझ वाली राजनैतिक चालों ने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की कमर तोड़ दी थी। बहुजन समाज पार्टी का उदय होने के बाद कांग्रेस उत्तर प्रदेश में संघर्ष करने लायक भी नहीं बची। दलित और मुस्लिम कांग्रेस के ही वोटर रहे हैं, इन दोनों को सपा-बसपा ने अपना स्थाई वोटर बना लिया, इसलिए कांग्रेस उत्तर प्रदेश से बाहर हो गई। मायावती को यह अच्छी तरह पता है कि उन्हें सबसे बड़ा खतरा कांग्रेस से ही है, इसलिए उनकी ओर से गठबंधन को लेकर उतावलापन कभी नहीं दिखता। मुलायम सिंह यादव की जगह अब अखिलेश यादव आ चुके हैं। अखिलेश यादव अपने पिता मुलायम सिंह यादव की तुलना में कांग्रेस को कुछ अधिक ही महत्व देते नजर आ रहे हैं। व्यक्ति को इतिहास से भी सबक लेना चाहिए, क्योंकि हर व्यक्ति अनुभव से सबक लेगा तो, जीवन अनुभव लेने में ही गुजर जायेगा, इसलिए अखिलेश यादव को व्यक्तिगत अनुभव करने की जगह पुरानी राजनैतिक घटनाओं का अध्ययन करना चाहिए और फिर उसके अनुसार गठबंधन पर विचार करना चाहिए।
 
गठबंधन की अवस्था में सर्वाधिक लाभ कांग्रेस को और सर्वाधिक नुकसान समाजवादी पार्टी को ही होना है। नुकसान तक बात सीमित नहीं रहनी है। समाजवादी पार्टी कांग्रेस की जगह हाशिये पर भी जा सकती है, क्योंकि कार्यकर्ता और समर्थक एक बार दूर चले जाते हैं तो वे पलट कर नहीं आते और गठबंधन हुआ तो, समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक दूर जाने स्वाभाविक हैं, साथ ही अखिलेश यादव गठबंधन कर के शिवपाल सिंह यादव की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया को भी भरपूर ऑक्सीजन उपलब्ध करा देंगे, उनका कार्यकर्ता प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया से जुड़ गया तो, निश्चित ही वह समाजवादी पार्टी की जगह ले लेगी।
 
मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के परिणामों से कांग्रेस का मनोबल बढ़ा हुआ है, फिर भी मान लीजिये कि गठबंधन होने की दशा में समाजवादी पार्टी को 30-35 सीटें मिलेंगी तो, शेष क्षेत्रों में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता कांग्रेस, बसपा और रालोद सहित गठबंधन के अन्य दलों के प्रत्याशियों को चुनाव लड़ायेंगे, उनके लिए संघर्ष करेंगे, उनके नारे लगायेंगे, ऐसा करने से अन्य दलों के प्रति कार्यकर्ताओं के अंदर जो ईर्ष्या का स्वाभाविक भाव होता है, वह समाप्त हो जायेगा, उन दलों के नेताओं और पदाधिकारियों के साथ रहने से व्यक्तिगत संबंध भी प्रगाढ़ होंगे, जिससे चुनाव में जो परिणाम आयें पर, बहुत सारे पदाधिकारी और कार्यकर्ता वहीं रह जायेंगे। 40-45 क्षेत्रों में साईकिल चुनाव-चिह्न दिखाई ही नहीं देगा, जिसका विपरीत असर आम जनता पर भी पड़ेगा, जिसका दुष्परिणाम विधान सभा चुनाव में देखने को मिलेगा, क्योंकि चुनाव-चिह्न न होने के कारण मुस्लिम वोटर कांग्रेस के पाले में हमेशा के लिए जा सकते हैं।
 
समाजवादी पार्टी के लिए लोकसभा चुनाव से ज्यादा जरूरी है विधान सभा चुनाव, पर लोकसभा चुनाव के कारण अखिलेश यादव विधान सभा चुनाव में युद्ध करने लायक नहीं बचेंगे। अगर, उन्हें यह लगता है कि लोकसभा चुनाव में त्याग कर के वे कांग्रेस का दिल जीत लेंगे तो, यह उनकी अपरिपक्वता ही कही जायेगी, क्योंकि विधान सभा चुनाव में कांग्रेस के पास खोने को कुछ नहीं होगा, सो उस समय वह और ज्यादा दबाव में रखना चाहेगी, उस दिन का इंतजार करने से अखिलेश यादव को बचना चाहिए।
 
इसके अलावा जहाँ समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी होंगे, वहां खतरा नहीं रहेगा पर जहाँ गठबंधन के प्रत्याशी होंगे, वहां साईकिल चुनाव-चिह्न न पाकर समाजवादी विचारधारा के लोग प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के साथ जा सकते हैं, ऐसे में गठबंधन भी निरर्थक हो जायेगा और समाजवादी पार्टी के पैरों के नीचे से जमीन भी खिसक जायेगी, इसलिए समाजवादी पार्टी को अपने दम पर चुनाव लड़ना चाहिए। हाँ, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी को एक-दूसरे से कोई खतरा नहीं है, इन दोनों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को दोनों ही नहीं तोड़ सकते, इन दोनों को आपस में गठबंधन कर लेना चाहिए, दो दलों के बीच में गठबंधन होने से दोनों के पास सीटें भी भरपूर रहेंगी लेकिन प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया इस अवस्था में भी नुकसान पहुंचायेगी, सो अपना अस्तित्व बचाये रखने के लिए सर्वाधिक अच्छी अवस्था यही है कि समाजवादी पार्टी अकेले चुनाव लड़े। भारतीय जनता पार्टी किसी भी अवस्था में पिछला प्रदर्शन नहीं दोहरा पायेगी, उसकी सीटें घटना स्वाभाविक है। समाजवादी पार्टी अकेले लड़ कर 25 सीटें तक ले गई तो, गठबंधन के सहारे मिलीं 25 सीटों से ज्यादा कीमती कही जायेंगी। बात फिलहाल सीटों की नहीं है, बात है अस्तित्व को बचाने की। समाजवादी पार्टी को भारतीय जनता पार्टी से कोई खतरा नहीं है, उसे खतरा कांग्रेस से ही है। नदी सागर में जायेगी तो, उसका विलीन होना स्वाभाविक ही है, इस बात को अखिलेश यादव समझते ही होंगे पर भाजपा को नुकसान पहुँचाने के लिए बलि देना चाहते हों तो, उनका गठबंधन करना सही रहेगा।
  
-बीपी गौतम

पर्थ। भारतीय टीम दूसरे क्रिकेट टेस्ट के पांचवें और अंतिम दिन मंगलवार को दूसरी पारी में 140 रन पर ढेर हो गई जिससे आस्ट्रेलिया ने 146 रन की जीत के साथ चार मैचों की श्रृंखला 1-1 से बराबर कर दी। भारतीय टीम 287 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए दूसरी पारी में 56 ओवर ही टिक सकी। भारत ने एडीलेड में पहला टेस्ट 31 रन से जीतकर बढ़त बनाई थी। भारत ने दिन की शुरूआत पांच विकेट पर 112 रन से की। टीम इंडिया ने अपने अंतिम पांच विकेट सिर्फ 28 रन पर गंवाए। आस्ट्रेलिया ने अंतिम दिन 65 मिनट में ही भारत के बचे हुए पांच विकेट हासिल कर लिए।

दक्षिण अफ्रीका में मार्च में गेंद से छेड़छाड़ प्रकरण के सामने आने के बाद आस्ट्रेलिया की यह पहली टेस्ट जीत है। आस्ट्रेलिया की ओर से नाथन लियोन (39 रन पर तीन विकेट) और मिशेल स्टार्क (46 रन पर तीन विकेट) ने तीन-तीन विकेट चटकाए जबकि जोश हेजलवुड (24 रन पर दो विकेट) और पैट कमिंस (25 रन पर दो विकेट) ने दो-दो विकेट हासिल किए। हनुमा विहारी (28) और ऋषभ पंत (30) ने आज भारत की पारी को आगे बढ़ाया। ये दोनों छह ओवर तक ही आस्ट्रेलिया के गेंदबाजों को सफलता से महरूम रख पाए। दोनों ने छठे विकेट के लिए 21 रन जोड़े।

विहारी आज आउट होने वाले पहले बल्लेबाज रहे। उन्होंने स्टार्क की गेंद पर प्वाइंट पर कैच थमाया। पंत भी इसके बाद लियोन की गेंद पर मिड आन पर कैच दे बैठे। पीटर हैंड्सकोंब ने उनका नीचा कैच लपका। उमेश यादव (02) ने स्टार्क को उन्हीं की गेंद पर कैच थमाया। इशांत शर्मा (00) कमिंस की गेंद पर विकेट के पीछे कैच दे बैठे। जसप्रीत बुमराह (00) इसके बाद कमिंस की गेंद को हवा में लहरा गए और इस तेज गेंदबाज ने कैच लपककर आस्ट्रेलिया को जीत दिलाई। आस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 326 रन बनाए थे जिसके जवाब में भारत ने कप्तान विराट कोहली के 25वें शतक की बदौलत 283 रन बनाए। पहली पारी में 43 रन की बढ़त हासिल करने के बाद आस्ट्रेलिया ने दूसरी पारी में 243 रन बनाकर भारत को 287 रन का लक्ष्य दिया। तीसरा टेस्ट मेलबर्न में 26 दिसंबर से शुरू होगा।

मुम्बई/पुणे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को एक दिवसीय दौरे पर महाराष्ट्र पहुंच गये हैं। मोदी यहां 41,000 करोड़ रुपए की आवासीय एवं बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे। मुम्बई पहुंचने के बाद मोदी एक टीवी चैनल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे और उसके बाद राजभवन में किताब ‘टाइमलेस लक्ष्मण’ को विमोचन करेंगे। इसके बाद मोदी ठाणे जिले में ठाणे-भिवंडी-कल्याण मेट्रो रेलमार्ग-पांच और दहीसर-मीरा भयंदर मेट्रो रेलमार्ग-नौ का शिलान्यास करेंगे।

इसके अलावा मोदी नवी मुंबई शहरी नियोजन प्राधिकरण और महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम की आवासीय योजना का भी शुभारंभ करेंगे। इसमें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18,000 करोड़ रुपये की लागत से 89,771 किफायती आवासों का निर्माण किया जाना है।

 

 

यहां से मोदी पुणे जाएंगे, जहां वह हिंजेवाड़ी और शिवाजी नगर के बीच तीसरी मेट्रो लाइन की आधारशिला रखेंगे। अधिकारी ने बताया कि मोदी मंगलवार रात पुणे से दिल्ली रवाना होंगे।

लंदन। ब्रिटेन में विपक्ष के नेता जेरेमी कोरबिन ने प्रधानमंत्री टेरेसा मे के खिलाफ संसद में गैर बाध्यकारी अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है। प्रस्ताव से पहले प्रधानमंत्री मे ने सांसदों से कहा था कि इस तरह बार-बार मतदान कराने से नये साल में उनके
टेरेसा मे ने कहा कि सौदे पर मतदान 14 जनवरी से शुरू हो रहे हफ्ते में होगा। हार की आशंका के बीच 11 दिसंबर को निर्धारित मतदान को टाल दिया गया था।

लेबर पार्टी के नेता कोरबिन ने संसद में प्रस्ताव रखने से पहले सोमवार को सांसदों से कहा, “अर्थपूर्ण मतदान के लिए हाउस ऑफ कॉमन्स को अनुमति देने में असफल रहीं प्रधानमंत्री में इस सदन को कोई विश्वास नहीं है।”

 

वाशिंगटन। अमेरिका ने श्रीलंकाई प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे की पुन: बहाली की मंगलवार को सराहना करते हुए उनके साथ काम करने की इच्छा जताई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रॉबर्ट पलाडिनो ने कहा, “हम खुश हैं कि श्रीलंका के नेतृत्व ने पिछले कई हफ्तों से चल रहे राजनीतिक संकट को संवैधानिक नियमों एवं विधि के शासन के अनुरूप सुलझा लिया है।”

 

उन्होंने कहा, “हिंद-प्रशांत में श्रीलंका एक महत्वपूर्ण साझेदार है और हम साझे हितों के द्विपक्षीय एवं क्षेत्रीय मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री विक्रमसिंघे और उनके मंत्रिमंडल के साथ काम करने को इच्छुक हैं।” श्रीलंकाई राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने अक्टूबर में विक्रमसिंघे को पद से हटा कर उनके स्थान पर पूर्व राजनीतिक दिग्गज महिंदा राजपक्षे को नियुक्त कर दिया था।

 

 

गौरतलब है कि राजपक्षे पर दशकों पुराने तमिल टाइगर चरमपंथ के हिंसक खात्मे का आरोप है लेकिन वह इसकी जवाबदेही के लिए अंतरराष्ट्रीय आह्ववानों को सिरे से नकार चुके हैं। विक्रमसिंघे की बर्खास्तगी से श्रीलंका के भीतर और बाहर भी हो-हल्ला मच गया था।

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