ईश्वर दुबे
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नयी दिल्ली : भारत सरकार इन दिनों देश में पोर्न वेबसाइट्स को लेकर काफी सख्त रवैया अपना रही है. सरकार ने कुछ दिनों पहले ही भारत में पोर्न साइट्स पर बैन लगा दिया था.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फेसबुक, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और याहू जैसी जानी-मानी कंपनियों ने भी अपनी वेबसाइट से चाइल्ड पोर्नोग्राफी से संबंधित 100 से ज्यादा कीवर्ड्स को ब्लॉक करना शुरू कर दिया है.
खबरों के अनुसार, कुछ महीने पहले सुप्रीम कोर्ट ने कई टेक कंपनियों पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था. इसकी वजह यह है कि ये कंपनियां चाइल्ड पोर्न कंट्रोल करने को लेकर अपने प्लान की जानकारी कोर्ट को नहीं दे रही थीं.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कदम पर काफी समय से काम चल रहा था. मामले को गंभीरता से लेते हुए मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेंशन टेक्नोलॉजी ने कीवर्ड्स को ब्लॉक करने का सुझाव पेश किया. जिससे इन वेबसाइट्स पर पोर्न या चाइल्ड पोर्न से संबंधित चीजें पेश नहीं की जायेंगी.
आपको बताते चलें कि ऐसे कीवर्ड्स को सर्च करने पर यूजर्स को चेतावनी दी जाएगी, जिसमें लिखा होगा कि यह कंटेंट कानून और प्लेटफॉर्म की पॉलिसी के खिलाफ है.
यहां यह जानना गौरतलब है कि मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स ने तीन महीने पहले ही साइबरक्राइम पोर्टल लॉन्च किया है. इस नये पोर्टल में बाल अपराधों को रोकने के लिए कई फीचर दिये गये हैं. इसमें ऑनलाइन सेक्सुअल एब्यूज, रेप, गैंग रेप, चाइल्ड एब्यूज और ऐसी ही किसी भी बाल अपराध की घटनाओं को रिपोर्ट किया जा सकता है.
अबु धाबी : क्लब विश्व कप का खिताब एक बार फिर रीयाल मैड्रिड के नाम दर्ज हो गया है. लुका मोड्रिच के शानदार प्रदर्शन की बदौलत रीयाल मैड्रिड ने शनिवार को मेजबान अल ऐन को 4-1 से हराया और यह खिताब अपने नाम किया. यूरोपीय चैंपियन मैड्रिड ने रिकार्ड सातवीं बार क्लब विश्व कप खिताब जीता. बेलोन डियोर पुरस्कार विजेता मोड्रिच ने 14वें मिनट में गोल दागकर रीयाल मैड्रिड को 1-0 से आगे किया जिसके बाद मार्कोस लारेंटे ने टीम की बढ़त को दोगुना कर दिया.
मोड्रिच ने 79वें मिनट में शानदार कार्नर किक पर सर्जियो रामोस के गोल में मदद की जिससे रीयाल मैड्रिड ने 3-0 की बढ़त बनाई. सुकासा शियोतानी ने अल ऐन की ओर से गोल दागा लेकिन उनके साथी याहिया नादेर ने इंजरी टाइम में आत्मघाती गोल दागकर रीयाल मैड्रिड की 4-1 से जीत सुनिश्चित की.
मेलबर्न : ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले ही रविंद्र जडेजा के कंधे में जकड़न थी. इस बात का खुलासा भारतीय कोच रवि शास्त्री ने रविवार को किया. उन्होंने कहा कि सीनियर स्पिनर रविंद्र जडेजा के कंधे में उस समय से जकड़न थी जब वह रणजी ट्राफी खेल रहे थे और आस्ट्रेलिया पहुंचने के चार दिन बाद उन्हें इंजेक्शन दिए गए थे. जडेजा की फिटनेस का मुद्दा हैरान करने वाला है क्योंकि पर्थ में दूसरे टेस्ट की 13 सदस्यीय टीम में उन्हें शामिल किया गया था.
ऑस्ट्रेलिया की दोनों पारियों में वह अधिकांश समय क्षेत्ररक्षण करते हुए भी दिखे जिससे भारतीय टीम के चोट प्रबंधन कार्यक्रम पर सवाल उठ रहे हैं। शास्त्री ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा, ‘‘जडेजा के साथ समस्या यह थी कि कंधे में जकड़ने के कारण आस्ट्रेलिया आने के चार दिन बाद उन्होंने इंजेक्शन लिया था.'' उन्होंने कहा, ‘‘इसका असर होने में कुछ समय लगा. जब वह भारत में था तब भी उसके कंधे में जकड़न थी लेकिन इसके बाद वह घरेलू क्रिकेट खेला. यहां आस्ट्रेलिया आने के बाद उसने एक बार फिर यही परेशानी महसूस की और उसे इंजेक्शन दिया गया.''
शास्त्री ने इस बयान में से सवाल उठने लगे हैं कि क्या शत प्रतिशत फिट नहीं होने के बावजूद खिलाड़ी को आस्ट्रेलिया दौरे पर लाया गया. कोच ने स्वीकार किया कि जडेजा के उबरने में उम्मीद से अधिक समय लगा. उन्होंने कहा, ‘‘इसमें (जडेजा के उबरने में) उम्मीद से अधिक समय लगा और हम सतर्कता बरतना चाहते थे. आप यह नहीं चाहते कि पांच या 10 ओवर फेंकने के बाद कोई गेंदबाजी बाहर हो जाए.''
शास्त्री ने कहा, ‘‘इसलिए अगर पर्थ की बात करें तो हमें लगता है कि वह 70 से 80 प्रतिशत फिट था और हम दूसरे टेस्ट में उसे लेकर जोखिम नहीं उठाना चाहते थे. अगर वह यहां (मेलबर्न में) 80 प्रतिशत फिट हुआ तो वह खेलेगा.'' शास्त्री ने कहा कि फिटनेस चिंता की बात है. रोहित शर्मा पीठ की चोट से उबर गए हैं और नेट अभ्यास शुरू कर दिया है जबकि अगले 48 घंटे में अश्विन पर नजर रखी जाएगी.
उन्होंने कहा, ‘‘फिटनेस (सबसे बड़ी चिंता है)। हमें अगले 24 घंटे में फिटनेस का आकलन करना होगा, एक समय में एक कदम उठाना होगा और हालात पर ध्यान देना होगा। हम अगले 48 घंटे में अश्विन पर नजर रखेंगे.'' मुख्य कोच ने कहा, ‘‘रोहित शर्मा काफी अच्छा लग रहा है और उसने काफी सुधार किया है लेकिन हम देखेंगे कि वह कल कैसा करता है। आज वह अच्छा लग रहा है। हार्दिक पंड्या फिट है.''
शास्त्री हालांकि यह खुलासा नहीं करना चाहते कि पंड्या अंतिम एकादश में जगह बनाएंगे या नहीं क्योंकि उन्होंने चोट से वापसी के बाद सिर्फ एक प्रथम श्रेणी मैच खेला है. उन्होंने कहा, ‘‘पंड्या के यहां आने से आपको विकल्प मिला है (पांच गेंदबाजों के साथ उतरने का)। लेकिन वह काफी प्रथम श्रेणी क्रिकेट नहीं खेला है. चोट के बाद वह सिर्फ एक मैच खेला है इसलिए उसके खेलने पर फैसला करने से पहले हमें काफी सतर्कता बरतनी होगी.''
मेलबॉर्न : भारतीय क्रिकेट टीम इन दिनों आस्ट्रेलिया दौरे पर है और 26 तारीख को टीम आस्ट्रेलिया के साथ तीसरा टेस्ट मैच खेलने वाली है. इससे पहले कल कप्तान विराट कोहली यहां अपनी पत्नी की नयी रिलीज फिल्म ‘जीरो’ देखने पहुंचे. फिल्म शुक्रवार 21 तारीख को रिलीज हुई है. इस फिल्म में अनुष्का शर्मा ने शाहरुख खान के अपोजिट एक साइंटिस्ट का किरदार निभाया है.
अनुष्का शर्मा और विराट कोहली ने काफी दिनों तक डेट करने के बाद शादी की और हमेशा एक दूसरे का साथ देते दिखते हैं. अनुष्का जहां ग्राउंड में आकर विराट का हौसला बढ़ाती हैं, वहीं विराट उनकी मूवी देखकर फीडबैक देते हैं.
लाहौर : पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने शनिवार को कहा कि वह नरेंद्र मोदी सरकार को दिखायेंगे कि अल्पसंख्यकों से कैसे व्यवहार करते हैं? पाकिस्तानी प्रधानमंत्री खान का यह बयान बॉलीवुड अभिनेता नसीरुद्दीन शाह की भारत में भीड़ द्वारा की जाने हिंसा को लेकर टिप्पणी को लेकर जारी विवाद के बीच आया है. नसीरुद्दीन शाह भारत में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मार डालने के मामलों को लेकर अपनी टिप्पणी के कारण विवादों में आ गये हैं.
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि कमजोर को न्याय नहीं दिया गया, तो इससे विद्रोह ही उत्पन्न होगा. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पूर्वी पाकिस्तान के लोगों को उनके अधिकार नहीं दिये गये, जो बांग्लादेश निर्माण के पीछे मुख्य कारण था.
वाशिंगटन : अमेरिका में सरकारी कामकाज आंशिक रूप से ठप हो गया है. सरकारी कामकाज के क्रिसमस तक ठप रहने की आशंका है. वाशिंगटन के अपने सबसे बुनियादी कार्यों में से एक (प्रबंधन और सरकार चलाने) को पूरा करने में असमर्थ रहने से गहरी शर्मिंदगी और चिंता पैदा हुई है. 2018 में यह तीसरा मौका है, जब अमेरिका में सरकारी कामकाज ठप हुआ है. ट्रंप ने अपनी फ्लोरिडा यात्रा रद्द कर दी है. उन्होंने कहा है कि वह व्हाइट हाउस में ही रहेंगे.
संघीय खर्च बिल पारित किये बगैर और मैक्सिको सीमा पर दीवार के निर्माण के लिए धन मुहैया कराने की राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मांग का समाधान किये बिना अमेरिकी कांग्रेस की कार्यवाही शुक्रवार को स्थगित हो जाने के बाद शनिवार को यह नौबत आयी. शनिवार को दिन में 12:01 बजे (जीएमटी समयानुसार 5:01 बजे) कई महत्वपूर्ण एजेंसियों का कामकाज बंद हो गया. इससे पहले कैपिटल हिल में व्हाइट हाउस के अधिकारियों और अमेरिकी कांग्रेस के दोनों दलों के नेताओं के बीच अंतिम क्षण तक चली बातचीत में वित्तपोषण को लेकर कोई सहमति नहीं बन पायी.
हालांकि, शुक्रवार को बंद को लंबा खींचने की बात करने वाले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को उम्मीद जतायी कि यह बंद ज्यादा लंबा नहीं चलेगा. ट्रंप ने ट्विटर पर एक वीडियो साझा करते हुए यह बात कही. ट्रंप ने ट्वीट किया, ‘मैं व्हाइट हाउस में हूं और कड़ी मेहनत कर रहा हूं. हम सीमा सुरक्षा (गिरोह, नशीले पदार्थ, मानव तस्करी और अन्य) की जरूरत पर डेमोक्रेटस से बातचीत कर रहे हैं, लेकिन इसमें समय लग सकता है.’
गौरतलब है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मैक्सिको-अमेरिका सीमा पर दीवार के निर्माण के लिए 5 अरब अमेरिकी डॉलर की मांग कर रहे हैं, लेकिन विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता इसका विरोध कर रहे हैं. समझौता नहीं हो पाने की वजह से दर्जनों एजेंसियों के लिए संघीय कोष 12 बजते ही खत्म हो गया.
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि यह बंद कितने समय के लिए है. बताया जा रहा है कि इस दौरान करीब 800,000 सरकारी कर्मचारियों को या तो छुट्टी दी जायेगी या फिर क्रिसमस की छुट्टियों के बीच बिना वेतन काम पर बुलाया जायेगा.
सेना और स्वास्थ्य और मानव सेवा मंत्रालय समेत सरकार के तकरीबन तीन चौथाई विभागों के लिए सितंबर, 2019 तक के लिए धन का इंतजाम है. शनिवार तक सिर्फ 25 फीसदी विभागों के लिए धन का इंतजाम नहीं हो सका.
नासा के ज्यादातर कर्मचारियों को छुट्टी पर भेजा जायेगा. वाणिज्य मंत्रालय, गृह सुरक्षा, न्याय, कृषि और विदेश मंत्रालय के कर्मचारियों को भी छुट्टी पर भेजा जायेगा. राष्ट्रीय उद्यान खुले रहेंगे, लेकिन ज्यादातर पार्क कर्मी घर पर रहेंगे. जहां ज्यादातर महत्वपूर्ण सुरक्षा कामकाज चालू रहेंगे, वहीं बजट को लेकर खींचतान और अनिश्चितता ने राजधानी में अराजकता की स्थिति पैदा कर दी है.
वाशिंगटन के अपने सबसे बुनियादी कार्यों में से एक (प्रबंधन और सरकार चलाने) को पूरा करने में असमर्थ रहने से गहरी शर्मिंदगी और चिंता पैदा हुई है. इससे पहले ट्रंप ने संकट के लिए राजनीतिक विरोधियों को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा, ‘हम बहुत लंबे समय तक कामकाज ठप रहने की स्थिति के लिए पूरी तरह से तैयार हैं.’
सीनेटरों ने बताया कि दोनों दलों के कांग्रेस के सदस्य पर्दे के पीछे व्हाइट हाउस के अधिकारियों के साथ बातचीत कर रहे थे, जिसमें उपराष्ट्रपति माइक पेंस, ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर और नव नियुक्त कार्यवाहक चीफ ऑफ स्टाफ मिक मुलवेनी शामिल थे. तीनों ने सफलता पाने के लिए कैपिटल हिल में रिपब्लिकन और डेमोक्रेट सांसदों के साथ कड़ी मशक्कत की, लेकिन यह शुक्रवार को नहीं हो पाया.
अहमदाबाद : अयोध्या में राम मंदिर बनाने की रणनीति पर चर्चा के लिए अहमदाबाद में एक अहम बैठक हुई है. बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के अलावा कुछ हिंदू संत भी मौजूद थे. बैठक में शाह ने संघ प्रमुख और हिंदू नेताओं को भरोसा दिया कि अयोध्या में मंदिर का निर्माण होगा. बताया जाता है कि अमित शाह और भागवत ने बंद कमरे में डेढ़ घंटे तक गुफ्तगू की.
अहमदाबाद से 210 किलोमीटर दूर स्थित राजकोट में शुक्रवार को हुई बैठक में शामिल कुछ नेताओं ने मीडिया को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि अयोध्या में विवादित राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद स्थल पर मंदिर निर्माण को लेकर आगे के रास्तों पर चर्चा हुई.
उन्होंने बताया कि अहमदाबाद से 210 किलोमीटर दूर राजकोट में दो दिवसीय हिंदू आचार्य सभा की बैठक में मौजूद भागवत और संतों ने स्पष्ट रूप से विचार व्यक्त किया कि मई, 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यकाल पूरा होने से पहले मंदिर का निर्माण शुरू हो जाना चाहिए.
बैठक में हिस्सा लेने वाले आचार्य सतगिरि महाराज ने कहा, ‘मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गयी. एक रास्ता विधिक रास्ता है. नेता अपना काम कर रहे हैं. संतों ने कहा कि वे राममंदिर निर्माण को जितना जल्दी संभव हो आगे बढ़ाना चाहते हैं.’ राजस्थान के जोधपुर के रहने वाले सतगिरि महाराज ने कहा, ‘मैं उम्मीद करता हूं कि वे दो-तीन महीने में कुछ करेंगे.’
सुप्रीम कोर्ट में बाबरी मस्जिद-रामजन्मभूमि मालिकाना हक विवाद पर जनवरी में सुनवाई की उम्मीद है. यह पूछे जाने पर कि क्या भाजपा को मंदिर का निर्माण वर्ष 2019 से पहले शुरू करने का एक अल्टीमेटम दिया गया, सतगिरि ने ना में जवाब दिया. सतगिरि ने कहा, ‘मोहनजी ने अपनी इच्छा व्यक्त की कि राममंदिर का निर्माण 2019 चुनाव से पहले शुरू होना चाहिए, लेकिन कोई अल्टीमेटम नहीं दिया गया.’
एक अन्य संत ने कहा कि शाह ने बैठक में विधिक मामले की जानकारी साझा की और सुप्रीम कोर्ट द्वारा मामले की सुनवाई जनवरी में लिये जाने की संभावना के बारे में बात की. संत ने कहा, ‘शाह ने हमें भरोसा दिया कि मंदिर का निर्माण उसी स्थल (अयोध्या में वहीं जो कि विवादों में है) पर होगा.’ एक तीसरे संत ने धैर्य रखने की बात की और कहा, ‘वे (आरएसएस और भाजपा) जो भी जरूरी है, करेंगे (मंदिर निर्माण के लिए).’
आरएसएस प्रवक्ता विजय ठाकुर ने कहा कि हिंदू आचार्य सभा का आयोजन प्रत्येक दो वर्ष पर होता है, जिसमें हिंदू समाज से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक और शैक्षणिक मुद्दों पर चर्चा होती है. हिंदू सभा में भागवत और शाह के अलावा राम माधव और सुब्रमण्यम स्वामी जैसे नेताओं ने भी हिस्सा लिया. स्वामी ने कहा कि दलीलें हिंदुओं के पक्ष में हैं कि उन्हें राम मंदिर के लिए जमीन मिल जायेगी, लेकिन सवाल यह है कि सुप्रीम कोर्ट मामले की सुनवाई कब करेगा.
उन्होंने कहा, ‘(पूर्व प्रधानमंत्री) नरसिंह राव ने कहा था कि यदि यह साबित हो जाता है कि उसी स्थान पर एक मंदिर था, तो हम जमीन हिंदुओं को दे देंगे, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने भी यह साबित किया है.’ उन्होंने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट ने भी फैसला दिया है कि नमाज के लिए मस्जिद जरूरी हिस्सा नहीं है, जो कि कहीं भी की जा सकती है. सभी चीजें और दलीलें हमारे पक्ष में है.’ उन्होंने कहा, ‘अब देखना है कि सुनवाई कब होती है और फैसला कब आता है.’
बैठक राजकोट में अर्ष विद्या मंदिर में हुई, जिसमें करीब 100 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया. आरएसएस सहित हिंदू संगठनों ने पिछले कुछ महीनों में मंदिर निर्माण जल्द करने को लेकर अपनी मांग तेज कर दी है और भागवत सहित कई इसके लिए कानून बनाने पर जोर दे रहे हैं.
हिंदू आचार्य सभा में पहुंचे अविचलदासजी महाराज ने कहा कि धर्म सभा में आचार्य सम्मेलन, कुंभ के लिए आमंत्रण और राम मंदिर के बारे में बात हुई है. राममंदिर पर अध्यादेश के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस सभा में इस तरह की कोई बात नहीं हुई.
धर्म सभा में राम मंदिर के मुद्दे के अलावा धर्मांतरण के मुद्दे पर भी खुल कर चर्चा हुई. मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव हारने के बाद भाजपा राम मंदिर के मुद्दे पर फूंक-फूंक कर रणनीति बनाने में लगी है, ताकि इसका फायदा 2019 के चुनाव में मिल पाये.
मुंबई : देश में सशक्त संविधान और कानून तो है पर लोगों में संवेदनशीलता की कमी के कारण यह सही तरीके से लागू नहीं हो पाता. उक्त बातें आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को कही, वे नूतन गुलगुले फाउंडेशन के एक समारोह में लोगों को संबोधित कर रहे थे.
पम्बा : सबरीमाला में प्रवेश को लेकर एक बार फिर तनाव की स्थिति बन गयी है. कारण है 11 महिलाओं द्वारा मंदिर में प्रवेश की अनुमति मांगना. तनाव तब उत्पन्न हुआ जब पम्बा में रविवार सुबह 50 वर्ष से कम आयु की 11 महिलाओं के एक समूह ने भगवान अयप्पा मंदिर में पहुंचने की कोशिश की. श्रद्धालुओं ने महिलाओं के इस कदम का विरोध किया. महिलाओं के समूह ने मंदिर परिसर से लगभग पांच किलोमीटर दूर पारंपरिक वन पथ के माध्यम से अयप्पा मंदिर पहुंचने की कोशिश की, लेकिन श्रद्धालुओं के विरोध की वजह से वे आगे नहीं बढ़ सकीं.
निषेधात्मक आदेश की अवहेलना करते हुए सैकड़ों श्रद्धालु यहां एकत्रित हुए और उन्होंने भगवान अयप्पा के भजन जोर-जोर से गाने शुरू कर दिए. चेन्नई के 'मानिथि' संगठन की ये महिलाएं लगातार विरोध के बाद सुबह पांच बजकर 20 मिनट से सड़क पर बैठीं हैं. पुलिस ने उनके आसपास घेरेबंदी कर दी है. इस समूह की संयोजक सेल्वी से पुलिस की बातचीत भी विफल रही क्योंकि उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वे दर्शन किए बिना नहीं लौटेंगी. सेल्वी ने पत्रकारों से कहा, ‘‘प्रदर्शन के मद्देनजर पुलिस हमें वापस जाने को कह रही है लेकिन हम दर्शन किए बिना नहीं जाएंगे. हम यहां तब तक इंतजार करेंगे जब तक हमें आगे नहीं जाने दिया जाता.'
गौरतलब है कि सबरीमाला मंदिर में 10-50 वर्ष की आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश पर पारंपरिक रूप से लगी रोक के खिलाफ आदेश देते हुए उच्चतम न्यायालय ने 28 सितंबर को सभी आयु वर्ग की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश और पूजा की अनुमति दे दी थी. तब से मंदिर में प्रवेश को लेकर कई बार प्रदर्शन हो चुके हैं. महिला का समूह केरल-तमिलनाडु सीमा पर इडुक्की-कम्बदु मार्ग से तड़के करीब साढ़े तीन बजे पम्बा पहुंचा था. स्थानीय टेलीविजन चैनलों के अनुसार उन्हें रास्ते में कई स्थानों पर विरोध का सामना करना पड़ा लेकिन वे पम्बा पहुंचने में कामयाब रहीं.
समूह की सदस्य तिलकवती ने कहा, "मंदिर में दर्शन नहीं होने तक हम प्रदर्शन जारी रखेंगे. पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए हमें वापस जाने को कहा है. लेकिन हम वापस नहीं जाएंगे." केरल सरकार के उच्चतम न्यायालय के 28 सितम्बर को दिए आदेश को लागू करने के निर्णय के बाद से श्रद्धालुओं ने सबरीमला मंदिर के पास व्यापक स्तर पर प्रदर्शन किए हैं. पहले भी कुछ महिलाएं मंदिर पहुंचने का असफल प्रयास कर चुकी हैं.
नयी दिल्ली : भगवान हनुमान की जाति और धर्म बताने के बाद अब एक नया बयान सामने आया है. अब उत्तर प्रदेश सरकार के कैबनेट मंत्री और पूर्व क्रिकेटर चेतन चौहान ने हनुमान जी को खिलाड़ी बताने का काम किया है. चौहान ने कहा कि हनुमान जी कुश्ती लड़ते थे वो खिलाड़ी थे उनकी कोई जाति नहीं थी वो खिलाड़ी थे और मैं भी खिलाड़ी हूं... चौहान ने अमरोहा में पत्रकरों के सवालो का जवाब देते हुए ये बातें कही. यदि आपको याद हो तो योगी सरकार में मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने पिछले दिनों कहा था कि मुझे लगता है कि हनुमान जी जाट थे.
यहां चर्चा कर दें कि सारा विवाद उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के उस बयान से शुरू हुआ था जिसमें उन्होंने में हनुमान जी को दलित बताया था. उन्होंने ने कहा था कि बजरंगबली एक ऐसे लोक देवता हैं जो स्वयं वनवासी हैं, गिर वासी हैं, दलित हैं और वंचित हैं.
हनुमान को बताया ‘मुसलमान'
उत्तर प्रदेश के भाजपा एमएलसी बुक्कल नवाब ने कुछ दिन पूर्व हुनमान जी को मुसलमान बताया था. उन्होंने कहा था हमारा मानना है कि हनुमान जी मुसलमान थे, इसलिए मुसलमानों के जो नाम होते हैं - रहमान, रमजान वो करीब-करीब उन्हीं पर रखे जाते हैं.
आदिवासी थे हनुमान
नेशनल कमीशन ऑफ शेड्यूल ट्राइब के चेयरमैन नंद कुमार साय ने सीएम योगी के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि वनवासी हम भी हैं और इसलिए मैं बता दूं कि लोग यह समझते हैं कि राम की सेना में वानर, भालू, गिद्ध थे. इस पर शोध करेंगे तो पायेंगे हमारी जनजाति में है. उरांव जनजाति में तिग्गा वानर है. जिस समाज से मैं हूं वानर गोत्र है.कई लोगों का गोत्र गिद्ध है. आप मानेंगे कि जंगलों में हमारे लोग रहते थे और वही भगवान राम के साथ बड़ी लड़ाई में शामिल हुए थे.