Google Analytics —— Meta Pixel
newscreation

newscreation

 

रायपुर. हवा में नमी कम होने के असर से रात की ठंड फिर बढ़ने लगी है। राजधानी में गुरुवार और शुक्रवार की रात ठंड महसूस हुई और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री से कुछ अधिक रिकार्ड किया गया। आउटर में यह एक डिग्री और कम रहा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार उत्तरी हवा के असर से अब ठंड बढ़ेगी। प्रदेश के उत्तरी हिस्से में असर ज्यादा है और सीजन में पहली बार अंबिकापुर में रात का तापमान 10 डिग्री के करीब पहुंच गया है। राजधानी सहित राज्यभर में पिछले दिनों रात का तापमान बढ़ने से ठंड कम हो गई थी। राजधानी में रात का तापमान दो दिन तक 20 डिग्री के आसपास रहा। यह सामान्य से 4 डिग्री तक ज्यादा था, लेकिन एक ही दिन में तापमान में लगभग ढाई डिग्री की गिरावट आई है। अब पारा सामान्य से बमुश्किल एक डिग्री ही अधिक है। इसकी वजह यह है कि हवा में नमी घटने लगी है, साथ ही उत्तर से आने वाली ठंडी हवा का प्रभाव भी बढ़ रहा है। 

अंबिकापुर में पारा 10 पर 
प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान 10.9 डिग्री अंबिकापुर में दर्ज किया गया। यह सामान्य के बराबर है। बिलासपुर में पारा भले ही 13.6 डिग्री दर्ज किया गया, लेकिन यह सामान्य से तीन डिग्री तक कम है, इसलिए वहां ज्यादा ठंड महसूस हो रही है। पेंड्रारोड, जगदलपुर, राजनांदगांव आदि जगहों पर पारा 12 से 15 डिग्री रहा। सभी जगह पारा सामान्य या उससे कुछ कम है। 

मुंबई. वो दिन जब सरहद पार से आए आतंकियों ने मुंबई को दहला दिया था। इस हमले ने मायानगरी को ऐसे जख्म दिए, जो शायद कभी भरने वाले नहीं हैं। हमले में 164 बेकसूर लोग आतंकियों की गोली का शिकार बने, जबकि सैकड़ों घायल हुए थे। देश पर हुए इस सबसे बड़े आतंकी हमले में शामिल 10 दहशतगर्दों में से एकमात्र जिंदा बचे आतंकी अजमल कसाब को 2012 में भारत ने फांसी दे दी। देविका रोटावन (तब 9 साल 11 महीने की थी) इस हमले की सबसे कम उम्र की गवाह बनी, जिसकी पहचान पर कसाब को फांसी हुई थी। मगर अफसोस कि कुछ लोग देविका को 'कसाब की बेटी' कहकर बुलाने लगे। देविका अब 18 साल की हो चुकी है। वो IPS अफसर बनकर आतंकियों से बदला लेना चाहती है। आइए जानते हैं देविका की जुबानी इस आतंकी हमले और 10 साल बाद उसकी जिंदगी में आए बदलाव की कहानी।
देविका कहती है, उस हमले के बाद से जिंदगी मानो ठहर सी गई। हमें रहने के लिए मकान नहीं मिल रहा था। लोगों को आतंकी हमला होने का डर सताता था। जहां भी रहते, वहां मुझे 'कसाब की बेटी' कहकर पुकारा जाता था। अगर आप किसी से पूछेंगे कि मुंबई हमले वाली लड़की कहां रहती है, तो वो आपको मुझे कसाब की बेटी कहकर ही मेरे पास लेकर आएंगे।
मैं और मेरे घरवाले उस रात को कभी भुला नहीं पाएंगे। मैं अपने पापा और भाई के साथ सीएसटी स्टेशन पहुंची थी। प्लेटफॉर्म नंबर 12 पर हम अपनी ट्रेन के आने का इंतजार कर रहे थे। इस बीच भाई टॉयलेट के लिए गया, तभी एकदम से फायरिंग शुरू हो गई।
मेरे पैर में गोली लग गई। तेज दर्द के कारण मैं कुछ ही देर बाद बेहोश हो गई। होश आया, तो कामा अस्पताल में खुद को पाया। मैं पापा को देखते ही रोने लगी। अस्पताल में महीनेभर तक मेरा इलाज चला। फिर मुझे जेजे अस्पताल में शिफ्ट किया गया। जहां कई सर्जरी हुई।
मेरे पापा के पास पाकिस्तान से फोन आते थे। हमें रुपए देकर बयान बदलने के लिए धमकाया जाता था। हम नहीं माने तो पूरे परिवार को जान से मारने तक धमकी दी गई। इसके बावजूद मैंने बैसाखी पर कोर्ट में कसाब के खिलाफ गवाही दी।
रिश्तेदारों ने दूरी बना ली
हालांकि, कोर्ट में गवाही देने के बाद देविका के रिश्तेदारों ने उसके भाई और पापा से दूरी बना ली। देविका ने बताया, वो हमें घर पर बुलाने से भी कतराने लगे। कहते थे आतंकियों के खिलाफ गवाही दी है, वो हमें भी जान से मार देंगे। देविका बताती है, तब हमें काफी बुरा लगता था। हमेशा यही सोचती थी कि हमने आखिर ऐसी कौन-सी गलती की है जिसकी हमें सजा मिल रही है। रिश्तेदारों के यहां अगर कोई फंक्शन भी हो रहा होता, तो हमें घर के बाहर ही रुकना पड़ता था। रिपोर्ट के मुताबिक, हमले के 4 साल बाद तक देविका को किसी भी स्कूल में एडमिशन नहीं मिला। अब 11वीं में पढ़ने वाली देविका का एकमात्र लक्ष्य IPS अफसर बनकर आतंकियों को सबक सिखाना है।
टीबी से ग्रसित हो गई देविका
देविका और उसके घरवालों की मदद को लेकर पहले सरकार और सामाजिक संस्थाओं ने तमाम दावे किए, लेकिन किसी ने कोई सहायता नहीं की। साल दर साल देविका के परिवार के हालात बिगड़ते गए। उसे टीबी हो गया और वह गंभीर हालत में संघर्ष करती रही। देविका के इलाज के दौरान उसका भाई जयेश भी संक्रमित हो गया और उसका भी ऑपरेशन हुआ।
ठप्प हो गया पिता का कारोबार
देविका के पिता नटवरलाल रोटावन का दक्षिण मुंबई के कलबादेवी इलाके में ड्रायफ्रूट का बिजनेस था। अच्छा-खासा बिजनेस चल रहा था, लेकिन लोगों ने आतंकियों के डर से पहले उनके साथ कारोबार करना कम किया फिर पूरी तरह से बंद कर दिया। इस कारण ड्रायफ्रूट का बिजनेस भी ठप्प हो गया।हालांकि, हमले के बाद फेमस हुई देविका को कई पुरस्कार समारोहों में बुलाया जाने लगा। इस दौरान कई शीर्ष पुलिस अफसरों से मुलाकात के बाद उसे भारतीय पुलिस सेवा में जाने की ठान ली। लेकिन पिता नटवरलाल कहते हैं, अवार्ड से पेट नहीं भरता है। मुझे इस बात की चिंता है कि मेरी बेटी से कौन ब्याह करेगा। लोग डरते हैं कि कहीं आतंकी उनके पीछे न पड़ जाएं। इसलिए हमलोगों से सबने दूरी बना ली है।

मुजफ्फरपुर. यहां की शिवांगी भारतीय नौसेना की दूसरी महिला पायलट होंगी। 26 नवंबर को नौसेना अकादमी, एझिमाला (केरल) में कोर्स पूरा कर 300 नए अफसर नौसेना में भर्ती हो जाएंगे। शिवांगी भी इनमें एक हैं। शिवांगी से पहले नौसेना में यूपी की शुभांगी स्वरूप महिला पायलट के तौर पर पिछले साल भर्ती हुई थीं। वह अभी ट्रेनिंग ले रही हैं।
शिवांगी भी नौसेना अकादमी से पासआउट होने के बाद सब-लेफ्टिनेंट बनकर वायुसेना अकादमी, हैदराबाद में फ्लाइंग की ट्रेनिंग लेंगी। शिवांगी के मुताबिक, "नौसेना में सबसे पहली महिला पायलटों में से एक होना चुनौतीपूर्ण है। हमारी सफलता ही नौसेना को यह भरोसा दिलाएगी कि महिला पायलटों की भर्ती का उनका फैसला सही है। यह आगे महिलाओं के पायलट बनने के सपने को भी साकार करने में मदद करेगा। हमें सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा तभी लड़कियां प्रेरित हो सकेंगी।"
ट्रेनिंग मुश्किल थी, पर बहुत कुछ सीखने को मिला
शिवांगी ने बताया कि नौसेना अकादमी में ट्रेनिंग सरल नहीं है। एक चीज जाे पूरे जीवन के लिए सीखी, वह यह कि अगर आप अपनी सीमाओं को बढ़ाएंगे, खुद पर विश्वास करेंगे तो कुछ भी नामुमकिन नहीं है। अगर आप मेहनत करते रहेंगे तो कुछ भी पा सकते हैं।
माता-पिता और दोस्तों के सहयोग से पूरा हुआ सपना
शिवांगी मुजफ्फरपुर के भगवानपुर की निवासी हैं। पिता हरिभूषण सिंह और मां प्रियंका मुजफ्फरपुर में ही रहते हैं। शिवांगी ने 12वीं तक की पढ़ाई मुजफ्फरपुर के डीएवी-बखरी से की। सिक्किम मनिपाल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से बीटेक किया। यहीं उन्हें नौसेना में भर्ती के लिए यूईएस (यूनिवर्सिटी एंट्री स्कीम) के बारे में पता चला। नौसेना कॉलेज में बच्चों को रिक्रूट करने पहुंची थी।
शिवांगी ने बताया कि रिक्रूटमेंट के दौरान नौसेना पर बनी डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई। नौसेना की व्हाइट ड्रेस और ट्रेनिंग टास्क देखकर तभी मन बना लिया कि भारतीय डिफेंस फोर्स ज्वाॅइन करुंगी। माता-पिता, भाई-बहन और दोस्तों ने मेरे निर्णय का समर्थन किया।

न्यूयॉर्क. अब जल्द ही आप चलते-फिरते होटल में सफर कर सकेंगे। टोरंटो का एप्रिली डिजाइन स्टूडियो ऑटोनॉमस ट्रेवल सुइट (एटीएस) तैयार करने में जुटा है। कारनुमा इस होटल को चलाने के लिए किसी ड्राइवर की जरूरत नहीं होगी। कंपनी का दावा है कि इससे ट्रेवलिंग कॉन्सेप्ट में क्रांतिकारी बदलाव आएंगे। इस चलते फिरते होटल से आप 10 घंटे की यात्रा कर सकेंगे।
स्टूडियो के मालिक स्टीव ली का कहना है कि रेडिकल इनोवेशन के लिए हम अवॉर्ड जीत चुके हैं। होटल कारोबार में डिजाइन को लेकर काफी प्रतियोगिता है। आने वाले वक्त में वही टिक पाएगा जो बेहतर तकनीक से कस्टमर को संतुष्ट करने में सक्षम होगा। ली के मुताबिक, मैं खुद एक आर्किटेक्ट हूं। मैं मानता हूं कि कार को महज एक व्हीकल नहीं, एक मोबाइल रूम की तरह होना चाहिए।
मोबाइल होटल में वो सारी सुविधाएं जो आप चाहते हैं
ली बताते हैं कि एटीएस को एक व्यक्ति, कपल और फैमिली के हिसाब से डिजाइन किया जाएगा। इसमें आप अपना पालतू जानवर भी ले जा सकेंगे। इसमें स्लीपिंग स्पेस, बाथरूम के अलावा वर्कस्पेस, किचन और एंटरटेनमेंट जोन की सुविधाएं भी मिलेंगी। एंटरटेनमेंट जोन में आप फिल्में और गेम खेल सकेंगे। होटल की खिड़कियां पैनारोमिक ग्लास की होंगी जो बटन दबाते ही खुल जाएंगी। एटीएस एक ऐप से कंट्रोल होगा।
चलने-रुकने की जगह डालनी होगी
एटीएस ड्राइवरलेस होगा। लिहाजा इसे चलाने के लिए आपको यात्रा शुरू और खत्म करने वाली जगह डालना होगी। अगर आप बीच में कहीं और मसलन मार्केट, जिम, रेस्त्रां में रुकना चाहते हैं जो उन्हें भी डाल सकेंगे। आपका सुइट इन जगहों पर अपने आप रुक जाएगा। ली कहते हैं कि एटीएस व्हीकल मेंटेनेंस, पानी की उपलब्धता और कचरे के निदान के लिए भी बेहतर साबित होगा।
बैटरी कम हुई तो रास्ते में ही बदल दी जाएगी
एटीएस बैटरी से चलेगा। अगर बैटरी कम हुई तो सर्विस व्हीकल द्वारा रास्ते में ही बदल दी जाएगी। अगर आप पूरी रात के लिए होटल में रुकना चाहते हैं तो जिम, रेस्त्रां, और मीटिंग रूम की सुविधाएं भी मिलेंगी। मोबाइल होटल सबसे पहले उन शहरों के लिए शुरू किया जाएगा जो 8 से 10 घंटे की दूरी पर हैं। लिहाजा ये फैसिलिटी न्यूयॉर्क, पिट्सबर्ग, बोस्टन और वॉशिंगटन डीसी में शुरू होगी।
10 साल में लॉन्च हो सकता है
एटीएस कब लॉन्च होगा, इस सवाल पर ली कहते हैं कि कंपनियां 2021 तक सेल्फ-ड्राइविंग कार बना सकती हैं। लेकिन हमें कार में कई सारी चीजें व्यवस्थित करनी हैं और उसे रोड पर चलने लायक बनाना है। लिहाजा इसमें कम से कम 10 साल का वक्त लग सकता है।

नई दिल्ली. इंग्लैंड के खिलाफ शुक्रवार को खेले गए महिला टी-20 विश्व कप के सेमीफाइनल में अनुभवी बल्लेबाज मिताली राज को बाहर रखने के कप्तान हरमनप्रीत कौर के फैसले की भारतीय क्रिकेट जगत में काफी आलोचना हो रही है। मिताली को बाहर बैठाने पर उनकी मैनेजर अनीशा गुप्ता ने हरमनप्रीत को झूठी और चालाक करार दिया। हालांकि, टीम की मैनेजर तृप्ति भट्टाचार्य ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि मिताली को बाहर रखने का फैसला सिर्फ हरमनप्रीत का नहीं, बल्कि सामूहिक था। कोच और चयनकर्ता ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत हासिल करने वाली टीम को ही इंग्लैंड के खिलाफ उतारने पर सहमत थे।
अभ्यास सत्र के बाद मिताली पर फैसला लिया गया था : तृप्ति भट्टाचार्य
अनीशा ने ट्वीट में लिखा, "दुर्भाग्यवश भारतीय टीम राजनीति में विश्वास करती है, न कि खेल में। भारत और आयरलैंड मैच में मिताली का अनुभव कितना काम आया था, इसे देखने के बाद भी टीम ने 'अपरिपक्व', 'झूठी' और 'चालाक' हरमनप्रीत को मन की करने दी।" यह ट्वीट एक असत्यापित टि्वटर अकाउंट से किया गया था। वेबसाइट ईएसपीएनक्रिकइंफो ने जब अनीशा से इस बारे में पूछा कि क्या यह उन्हीं का ट्विट हो तो मैनेजर ने हामी भरी और अपने बयान पर कायम रहीं। हालांकि उनका अकाउंट कुछ घंटे बाद डिलीट कर दिया गया।  वेबसाइट ने अनीशा के हवाले से लिखा, "मैं नहीं जानती की अंदर क्या चल रहा है, लेकिन मैचों का प्रसारण हो रहा है तो हम देख सकते हैं कि कौन प्रदर्शन कर रहा है और कौन नहीं। अच्छा प्रदर्शन करने के बाद भी मिताली के साथ क्या हो रहा है, इसे देखने की जरूरत है।" जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें अपने ट्वीट पर पछतावा है तो उन्होंने कहा, "हो सकता है कि मैं ज्यादा गुस्से में हूं, लेकिन यह बात सही जगह से आई है क्योंकि मैं गलत के साथ खड़ी नहीं रह सकती। जिस तरह का फेवरेटिजम दिखाया जा रहा है वो साफ तौर पर जाहिर है।" वहीं, तृप्ति ने रिपोर्ट में लिखा कि शुक्रवार शाम छह बजे अभ्यास सत्र के बाद कप्तान हरमनप्रीत, उप कप्तान स्मृति मंधाना, कोच रमेश पोवार और चयनकर्ता सुधा शाह ने आखिरी-11 की सूची को अंतिम रूप दिया था। ये सभी मिताली को बाहर रखने पर सहमत थे। तृप्ति ने मुताबिक, सुधा शाह आखिरी-11 को लेकर पूरी तरह संतुष्ट थीं और उन्होंने कोई आपत्ति नहीं जताई थी। हालांकि, तृप्ति की रिपोर्ट के बाद विवाद बढ़ सकता है, क्योंकि सेमीफाइनल तक पहुंचने के बाद भारत ने पहली बार फाइनल में पहुंचने का एक बढ़िया मौका खो दिया।

हेल्थ. मानव मस्तिष्क में 2 मिलीमीटर आकार के एक नए हिस्से की खोज की गई है। यह खोज करने वाले ऑस्ट्रेलियाई न्यूरोसाइंटिस्ट प्रो. जॉर्ज पेक्सिनोस के मुताबिक इसे ‘एंडोरेस्टिफॉर्म न्यूक्लियस' नाम दिया गया है।
प्रो. पेक्सिनोस और उनकी टीम ने इसकी खोज स्टेनिंग और इमेजिंग तकनीक से की है। दरअसल, मस्तिष्क की संरचना पर नया मैप बनाने के लिए वैज्ञानिक मानव मस्तिष्क की तस्वीरें ले रहे थे, तभी उन्हें यह अलग हिस्सा नजर आया। उन्होंने ‘एंडोरेस्टिफॉर्म न्यूक्लियस' की खोज से जुड़ी जानकारी अपनी किताब ‘ह्यूमन ब्रेन स्टेम’ में दी है।
एंडोरेस्टिफॉर्म नाम देने की वजह
यह हिस्सा उस जगह पाया गया है जहां मस्तिष्क स्पाइनल कॉर्ड से मिलता है। यह छोटा-सा हिस्सा मस्तिष्क के निचले सेरिबेलर पेंडुकल के अंदर है और इसे रेस्टिफॉर्म बॉडी भी कहा जाता है। इसीलिए इसे 'एंडोरेस्टिफॉर्म न्यूक्लियस' नाम दिया गया है।
दिमाग के खास हिस्से में है इसकी लोकेशन
ऑस्ट्रेलिया के न्यूरोसाइंस रिसर्च इंस्टीट्यूट के प्रो. पेक्सिनोस दुनिया के जाने माने ब्रेन कार्टोग्राफर हैं। प्रो. पेक्सिनोस के अनुसार ब्रेन में खोजे गए इस खास हिस्से के कार्य को लेकर अभी शोध जारी है। यह मस्तिष्क के उस हिस्से में पाया गया है जो सूचनाओं के आदान-प्रदान और शरीर का संतुलन बनाने में मदद करता है।
पार्किंसन और मोटर न्यूरॉन बीमारियों के उपचार में मदद
प्रो. पेक्सिनोस का मानना है कि खोज में सामने आया नया हिस्सा पार्किंसन और मोटर न्यूरॉन बीमारियों के इलाज में मदद कर सकता है। पार्किंसन मस्तिष्क से जुड़ी ऐसी बीमारी है जिसमें मरीज के शरीर में कंपन और अकड़न होती है। इससे उसे चलने और शारीरिक संतुलन बनाने में दिक्कत होती है। वहीं मोटर न्यूरॉन डिजीज में ब्रेन से जुड़ी नर्व डैमेज हो जाती हैं। शरीर के अंग धीरे-धीरे काम करना बंद कर देते हैं और व्यक्ति चल-फिर पाने की स्थिति में भी नहीं रह जाता।
दूसरे जानवरों के मस्तिष्क में नहीं है यह हिस्सा
प्रो. पेक्सिनोस के मुताबिक 'एंडोरेस्टिफॉर्म न्यूक्लियस' जैसी कोई भी संरचना बंदरों या दूसरे जानवरों में नहीं पाई गई है। हालांकि प्रो. पेक्सिनोस ने इंसानी प्रजाति के सबसे करीब माने जाने चिम्पांजी के मस्तिष्क का अध्ययन नहीं किया है। अब वे इसके अध्ययन की योजना बना रहे हैं।

अयोध्या. रविवार को यहां होने वाली धर्म सभा से पहले विश्व हिंदू परिषद ने कहा है कि यह हमारी अाखिरी बैठक होगी। इसके बाद और सभाएं या प्रदर्शन नहीं होंगे। न ही किसी को समझाया जाएगा। सीधे मंदिर निर्माण होगा। विहिप के संगठन सचिव भोलेंद्र ने कहा, ‘‘हमने पहले 1950 से 1985 तक 35 साल अदालती फैसले का इंतजार किया। इसके बाद 1985 से 2010 तक का समय हाईकोर्ट को फैसला देने में लग गया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने त्वरित सुनवाई की अर्जी दो मिनट में ठुकरा दी। दुर्भाग्य है कि 33 साल से रामलला टेंट में हैं। अब और इंतजार नहीं होगा।’’ इस बीच, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे शनिवार सुबह मुंबई से अयोध्या के लिए रवाना हो गए। उनकी पार्टी के कार्यकर्ता भी 2 स्पेशल ट्रेनों से अयोध्या पहुंच रहे हैं। उद्धव शनिवार को लक्ष्मण किले में संतों से मुलाकात करेंगे। शाम को सरयू आरती में शामिल होंगे। रविवार सुबह रामलला के दर्शन का कार्यक्रम है।
राम मंदिर के लिए धर्म सभा को पहली बार संघ का खुला समर्थन
रविवार को अयोध्या में धर्म सभा बुलाई गई है। विश्व हिंदू परिषद और कई हिंदू संगठन इसका हिस्सा हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने पहली बार इसे ना केवल खुला समर्थन दिया है, बल्कि प्रबंधन का जिम्मा भी संभाला है। राम मंदिर को लेकर 1992 के बाद एक बार फिर अयोध्या में हिंदू संगठनों का जमावड़ा हुआ है। सियासत गर्म है, लेकिन अयोध्या शांत नजर आती है। राम मंदिर विवाद से जुड़े लोग कहते हैं- हमें डर नहीं है। 1992 जैसा कुछ दिखाई नहीं देता।
24-25 नवंबर के लिए क्या हैं हिंदू संगठनों की तैयारियां?
शिवसेना: उद्धव 2 बजे लक्ष्मण किला में संत आशीर्वाद सम्मेलन में शामिल होंगे। यहां राम जन्मभूमि न्यास अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास, भाजपा सांसद लल्लू सिंह, भाजपा विधायक वेद प्रकाश गुप्ता को भी बुलाया गया है। 2 विशेष ट्रेनें शिवसैनिकों को लेकर पहुंचेंगी। इनमें करीब 4 हजार शिवसैनिकों के आने की उम्मीद है। उद्धव की रैली को प्रशासन ने अनुमति नहीं दी है।
रविवार को धर्म सभा की तैयारियां पूरी हो गई हैं। भक्तमाल बगिया में होने कार्यक्रम का प्रबंधन इस बार संघ देख रहा है, विहिप सहयोग कर रही है। 100 बीघे के इस आयोजन स्थल पर देशभर से करीब 2 लाख लोगों के आने का अनुमान है। इनमें साधु, संत, विहिप-भाजपा-संघ के कार्यकर्ता होंगे। हालांकि, सभा के मंच पर साधु-संत बैठेंगे, कोई राजनेता नहीं।
प्रशासन ने क्या इंतजाम किए?
अयोध्या और आस-पास के जिलों की पुलिस बुलाई गई है। 70 हजार जवानों की तैनाती की गई है।
पीएसी की 48 कंपनियां, आरएएफ की 5 कंपनियां भी अयोध्या में रहेंगी। एटीएस कमांडो भी तैनात किए गए हैं।
पूरी अयोध्या पर ड्रोन कैमरों से नजर रखी जाएगी। खुफिया विभाग के अफसर और उनकी टीमें पहले से ही एक्शन में आ चुकी हैं।
शिवसेना, विहिप, संघ और हिंदू संगठनों का जमावड़ा क्यों?
वरिष्ठ पत्रकार रतन मणि लाल और संजय भटनागर कहते हैं- शिवसेना के लिए राम मंदिर मुद्दा टेस्ट है। वह महाराष्ट्र से बाहर भी निकलना चाहती है। मंदिर मुद्दे पर शिवसेना ने बढ़त हासिल कर ली तो 2019 के चुनावों में भाजपा के सामने शर्तें रखने की स्थिति में होगी। बाल ठाकरे के निधन के बाद अब तक भाजपा ने शिवसेना के मुद्दे उठाए भी और बढ़त भी हासिल की।
दोनों ने कहा- जहां तक बात धर्म सभा की है, तो ये भाजपा के लिए परीक्षा की तरह है। भाजपा यह देखना चाह रही है कि मंदिर मुद्दे में कितना दम है। 2019 चुनाव में ये कितना असर डालेगा और 5 राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव के नतीजे भी यह बता देंगे कि मंदिर मुद्दा और धर्म सभा का क्या असर रहा।
शिवसेना ने कहा- विहिप से टकराव नहीं
शिवसेना सांसद संजय राउत ने उद्धव के दौरे से एक दिन पहले कहा- शिवसैनिक अयोध्या आ रहे हैं, लेकिन भक्तों के तौर पर। उद्धव भी आ रहे हैं। हमारा विहिप और संघ से कोई टकराव नहीं है। बस, हमें धर्म सभा की जानकारी पहले से नहीं थी। हमारे मकसद में अंतर नहीं है, बस कार्यक्रम की तारीखें अलग हैं। विहिप के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंपत राय ने कहा- हम संजय राउत के बयान से सहमत हैं। शिवसेना से टकराव जैसी कोई चीज नहीं है।
अयोध्यावासियों का क्या कहना है?
तुलसी वाटिका के सामने भगवानों के पोस्टरों की दुकान लगाने वाले शाह आलम ने कहा- हमारी तो कमाई ही राम से है। हमें रामभक्तों से कोई डर नहीं। उन्हीं के साथी जुबेर का कहना है कि यहां के लोगों से कोई डर नहीं। बाहरी लोगों से डर लगता है, जो राम के दर्शन नहीं.. राजनीति करने आते हैं।
बाबरी मस्जिद के पक्षकार हाजी महबूब ने कहा कि 1992 में हम अयोध्या में थे। अभी उस तरह का माहौल नहीं है। डर जैसी कोई बात नहीं है। अयोध्या में मुस्लिम उतने ही सुरक्षित हैं, जितना कि हिंदू। राम जन्मभूमि-बाबरी विवाद में मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने अपनी सुरक्षा बढ़ाए जाने पर कहा- दूसरे मुस्लिमों को भी सुरक्षा दी जानी चाहिए। राम मंदिर पर सियासत गरमाने के बीच शुक्रवार को कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर करीब 6 लाख श्रद्धालुओं ने अयोध्या में स्नान किया। अयोध्या की मस्जिदों में नमाज भी पढ़ी गई। अयोध्या वैसी ही थी, जैसी आम दिनों में रहती है। स्नान के बाद लोगों ने हनुमानगढ़ी में दर्शन किए और फिर राम लला के दर्शनों को गए। भीड़ की वजह से जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है, लेकिन लोगों से पूछने पर उन्होंने कहा- डर जैसी कोई बात नहीं है।

विदिशा (मध्य प्रदेश)। राफेल लड़ाकू विमान सौदे में अपने आरोप दोहराते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि विमान बनाने वाली सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को इस करार में ‘ऑफसेट पार्टनर’ नहीं बनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्योगपति अनिल अंबानी के पक्ष में सौदा कराया और उन्हें 30,000 करोड़ रुपए का फायदा पहुंचाया। राहुल ने कहा कि यहां तक कि यशवंत सिन्हा और अरूण शौरी जैसे भाजपा नेताओं ने भी कहा कि ‘‘राफेल सौदे में साफ भ्रष्टाचार हुआ है, प्रक्रिया का पालन नहीं होकर कुछ न कुछ तो यहां हुआ है।’’ 

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सीबीआई निदेशक आलोक कुमार वर्मा राफेल घोटाले की जांच करने वाले थे लेकिन रात के दो बजे उन्हें पद से हटा दिया गया। उन्होंने कहा, ‘‘यदि जांच हुई तो केवल दो नाम सामने आएंगे। नरेंद्र मोदी और अनिल अंबानी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मोदी जी सर्जिकल स्ट्राइक की बात करते हैं। सर्जिकल स्ट्राइक में जिन हेलीकाप्टरों में हमारे जवान गए थे, वह सरकारी कंपनी एचएएल ने बनाए थे लेकिन अनिल अंबानी को विमान बनाने का कोई अनुभव नहीं है।’’ राहुल ने कहा कि अनिल अंबानी पर सरकारी बैंकों का 45,000 करोड़ रुपए का कर्ज है जो कि उन्हें चुकाना है।
 
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान सरकार के कार्यकाल में हुए व्यापमं घोटाले से प्रदेश का शिक्षा ढांचा खत्म हो गया। इसमें 50 लोगों की मौत हो गई लेकिन कोई जेल नहीं गया। उन्होंने कहा कि ई-टेंडरिंग घोटाले में मुख्यमंत्री के रिश्तेदारों को ठेके दिए जाते हैं। राहुल ने राफेल लड़ाकू विमान सौदे में अनिल अंबानी की कंपनी को ‘ऑफसेट साझेदार’ बनाने की आलोचना करते हुए इस करार में भ्रष्टाचार के आरोप दोहराए।
 
देश में पैसे की कोई कमी नहीं, लेकिन ऊपर से नीचे तक होती है धन की चोरी: राहुल गांधी
 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर झूठ बोलने के आरोप लगाते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि देश में पैसे की कोई कमी नहीं है, लेकिन ऊपर से नीचे तक हर स्तर पर धन की चोरी कर ली जाती है।

लुंगलेई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस विकास की नहीं, लटकाने, अटकाने और भटकाने की संस्कृति वाली पार्टी है जिसके लिये भ्रष्टाचार ही राजनीति का आधार है, ऐसे में दोहरे इंजन वाले विकास को बढ़ावा देने के लिये लोगों से भाजपा को जनादेश देने की अपील की। मिजोरम में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हमारी यह प्रतिबद्धता है कि मिज़ो समाज को संविधान में जो भी अधिकार मिले हैं उनकी हर कीमत पर रक्षा की जाएगी।’’ 

 
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि मिजोरम से लेकर मध्य प्रदेश तक, छत्तीसगढ़ से लेकर राजस्थान तक कांग्रेस की यही कहानी है। भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के आरोपों से घिरी अपनी सरकार को बचाने के लिए कांग्रेस यहां भी इसी फॉर्मूले पर चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस विकास की नहीं, लटकाने,अटकाने और भटकाने की संस्कृति वाली पार्टी है जिसके लिये भ्रष्टाचार ही राजनीति का आधार है। उन्होंने कहा कि देश को कांग्रेस की ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति समझ में आ चुकी है और इसलिए अब वह कुछ राज्यों तक सिमट कर रह गई है।प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा सिर्फ और सिर्फ देश के विकास को ध्येय बनाकर आगे बढ़ रही है।
 
 उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के लिये एक्ट ईस्ट और एक्ट फास्ट नीति पर चलते हुए बीते साढ़े 4 वर्ष में उनकी सरकार ने पूर्वोत्तर के हर क्षेत्र को विकास से जोड़ा है।उन्होंने कहा कि भारत का संपूर्ण विकास तभी संभव है जब हमारा ये पूर्वी हिस्सा विकसित होगा। भाजपा पूर्वोत्तर के विकास के लिए समर्पित है। विशेषतौर पर सम्पर्क, राजमार्ग, रेलवे, एयरवे, वॉटरवे और आईवे पर जोर है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ परिवहन के जरिये बदलाव यहां के विकास के लिए हमारा एजेंडा है।’’ मिजोरम में सड़क एवं अन्य सुविधाओं को लेकर प्रदेश सरकार की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि मिजोरम में सड़कों का ये हाल तब है जब मुख्यमंत्री खुद पीडब्ल्यूडी के भी मंत्री हैं। बरसों से पीडब्ल्यूडी विभाग उन्हीं के पास है।
 
उन्होंने कहा कि सड़क के साथ-साथ बिजली की हालत भी खस्ता है और ये विभाग भी मुख्यमंत्री के पास है। गांव-गांव में लोग बिजली की कटौती से परेशान हैं। मोदी ने कहा कि सम्पर्क बेहतर होने से आपका जीवन तो आसान होता ही है, जीवन सुगमता तो बढ़ती ही है, इसका बहुत बड़ा प्रभाव पर्यटन क्षेत्र पर पड़ता है।कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर में अलग-अलग जगहों पर उन्हें जो स्थानीय वेशभूषा दी जाती है, उसको कांग्रेस के नेता विचित्र बताते हैं, अजीबो-गरीब बताते हैं। यहां आकर बड़ी-बड़ी बातें करने वाले कांग्रेस नेताओं की यही सच्चाई है।
 

भिलाई । छत्तीसगढ़ के राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अंतर्राष्ट्रीय कलाजगत में प्रसिद्धि बटोरने वाले कलाकार लिम्का बुक ऑफ द वल्र्ड रिकार्ड पुरस्कृत अंकुश देवांगन को भोपाल राजभवन की कलात्मक सजावट के लिए आमंत्रित किया है। राजभवन द्वारा महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने के समय संस्कृति विभाग से संजय झरबड़े तथा भिलाई से पूर्णानंद देवांगन उपस्थित थे, इस दौरान कलाकारों ने महात्मा गांधी की प्रतिमा उन्हें भेंट दी। भोपाल शहर मध्य भारत के प्रमुख सांस्कृतिक धरोहर एवं कलाकारों के गढ़ के रुप में जाना जाता है। जहां भारत भवन, मानव संग्रहालय जैसे अनेक अविस्मरणीय कलाकेन्द्र बने हैं, इन केन्द्रों में प्रतिवर्ष हजारों विदेशी पर्यटक आते हैं। इसके केन्द्र स्थल राजभवन में कलाकृति बनाने के लिए राज्य के कलाकारों को बुलाया जाना छत्तीसगढ़ी कलाजगत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। ज्ञातव्य हो कि आनंदीबेन पटेल छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश दोनों जगह की राज्यपाल हैं यहां वे अंकुश देवांगन द्वारा किए गये कार्यों से बेहद प्रभावित हुई हैं। उनके द्वारा किये गए देश भर में उल्लेखनीय कार्यों के अलावा पुरखौती मुक्तांगन की कलाओं ने राज्य का मान बढ़ाया हैै जिसके कारण संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ सरकार ने भी उनके नाम की संस्तुति की है। साथ ही बताया है कि उनके द्वारा किए गये कार्य न सिर्फ नायाब होते हैं, बल्कि करोड़ों रुपयों में बनने वाली कलाकृतियों को वे मात्र चंद मजदूरों की मेहनत पर बना देते हैं। संस्कृति विभाग नें बताया कि सुरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय क्राफ्ट मेला हरियाणा-2015 में राज्य शासन तथा लेबनान देश के सहप्रयोजन में उनके नेतृत्व में बनाये गये छत्तीसगढ़ी मड़ई-मेला का विहंगम दृश्य किसी भव्य फिल्मी सेट से कम नहीं था। इसे 45 वर्षों के इतिहास में अब तक का सर्वश्र्रेष्ठ मेला का पुरस्कार भी मिला है, वहीं इसमें उन्होंने शासन का करोड़ों रुपया भी बचाया था। अंकुश भिलाई ईस्पात संयंत्र में भी न्यूनतम व शून्य बजट पर एक से बढक़र एक कलाकृतियां बना चुके हैं। जिसमें सिविक सेंटर का कृष्ण-अर्जुन रथ, भिलाई होटल का नटराज, रुवाबांधा का पंथी चैक, दल्लीराजहरा में छ: मंजिली इमारत जितना विश्व का सबसे बड़ा लौहरथ, दुनिया की
सबसे छोटी मूर्तियां, चांवल के दानो पर पेन्टींग, दुर्गापुर स्टील प्लांट-पश्चिम बंगाल में अनेकानेक कृतियां प्रमुख है।
उनके द्वारा बनाये गये कालजयी कलाकृतियों की विशेषता है कि वे जिन शहरों में भी बनी हैं वहां की पहचान बन चुकी हैं। अब भोपाल की बारी है जहां कलात्मक अभिव्यक्तियों की प्रस्तुति के दौरान प्रख्यात माडर्न आर्ट चित्रकार-डी.एस. विद्यार्थी का सान्निध्य एवं निर्देशन उन्हें प्राप्त होगा। जिससे नयनाभिराम कृतियों के सृजन की वे उम्मीद करते हैं। इन निर्माणों में रेल्वे दुर्ग के सुप्रसिद्ध कलाकार अशोक देवांगन भी उनका साथ देंगे। भारतीय कलाजगत में अंकुश देवांगन द्वारा निरंतर उच्चतम प्रतिमानों को स्थापित करने पर भिलाई कलाजगत से स्वरकोकिला -रजनी रजक, रुपा साहू, शिखा साहू, समाजसेवी-विमान भट्टाचार्य, रमेश भारती, रंगकर्मी- राजेन्द्र रजक तथा प्रेमचंद साहू ने उन्हें बधाई और नये कार्यों के लिए शुभकामनाएं दी है।

Ads

R.O.NO. 13784/149 Advertisement Carousel

MP info RSS Feed

फेसबुक