ईश्वर दुबे
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Bhilai
मुंबई: अक्तूबर की दस्तक के साथ सिनेप्रेमियों को मनोरंजन की तगड़ी खुराक मिलने वाली है। थिएटर्स में भीड़ जुटेगी इसकी पूरी संभावना है, क्योंकि बहुप्रतीक्षित फिल्म 'कांतारा चैप्टर 1' 02 अक्तूबर को रिलीज हो रही है। इसके अलावा 'सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी' भी कतार में है। मगर, जिन्हें घर बैठे ओटीटी पर बढ़िया फिल्में और सीरीज का लुत्फ उठाना है, उन दर्शकों के लिए भी मनोरंजन की कमी नहीं रहने वाली। अक्तूबर के पहले सप्ताह काफी कुछ है खास। पढ़िए इस रिपोर्ट में...
'मद्रासी'
अक्तूबर की पहली तारीख को दर्शकों के बीच साउथ की फिल्म 'मद्रासी' पहुंच रही है। शिवकार्तिकेयन, रुक्मणि वसंत, विद्युत जामवाल और बीजू मोहन अभिनीत फिल्म थिएटर्स के बाद अब ओटीटी पर रिलीज हो रही है। यह फिल्म प्राइम वीडियो पर 01 अक्तूबर से स्ट्रीम होगी। यह एक साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म है।
मुंबई: एशिया कप 2025 के फाइनल मुकाबले में भारत की पाकिस्तान पर शानदार जीत के बाद हर कोई उत्साहित है। सभी ने अपने-अपने तरीके से इस जीत का जश्न मनाया और टीम इंडिया को बधाई दी। अभिनेता राघव जुयाल ने भारत की इस शानदार जीत को दुबई में लाइव देखा। अब भारत की जीत के इस यादगार पल को देखने के बाद राघव काफी उत्साहित हैं और उन्होंने अपनी खुशी बयां की है।
राघव ने जताई खुशी
भारत के फाइनल में जीत के बाद अपनी खुशी जाहिर करते हुए राघव ने इस पल को यादगार बताया। इस दौरान एएनआई से बात करते हुए राघव ने कहा, ‘आज बहुत अच्छा लगा। मैं अपने बच्चों को बताऊंगा कि मैं यह शानदार मैच देखने आया था। बिल्कुल कमाल हो गया।’ इस दौरान राघव के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दे रही थी। वो काफी उत्साहित नजर आए।
भारत ने 5 विकेट से दी पाकिस्तान को मात
रविवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 5 विकेट से हराकर एशिया कप का खिताब अपने नाम किया। यह नौवीं बार है जब भारत ने एशिया कप की ट्रॉफी अपने नाम की है। भारत की इस जीत के हीरो स्पिनर कुलदीप यादव और बाएं हाथ के बल्लेबाज तिलक वर्मा रहे।
‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ में हुई राघव की तारीफ
राघव जुयाल हाल ही में आर्यन खान के पहले शो ‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ में नजर आए थे। इस सीरीज में उन्होंने लक्ष्य लालवानी के दोस्त का किरदार निभाया है। सीरीज में राघव के काम की काफी तारीफ भी हुई है। इसके अलावा राघव साउथ स्टार नानी की आगामी फिल्म ‘द पैराडाइज’ में अहम भूमिका में नजर आएंगे।
मुंबई: ‘कल्कि 2898 एडी’ के सीक्वल से बाहर किए जाने की चर्चाओं के बीच अब दीपिका पादुकोण ने शाहरुख खान के साथ फिल्म करने की पुष्टि की है। दीपिका ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिेए इस बात की पुष्टि की है कि वो शाहरुख खान के साथ ‘किंग’ में काम कर रही हैं। ‘कल्कि 2’ से निकाले जाने के बाद यह खबर दीपिका के फैंस के लिए खुशखबरी लाई है।
मुंबई: अभिनेत्री लक्ष्मी मांचू ने तेलंगाना फिल्म चैंबर ऑफ कॉमर्स (टीएफसीसी) में औपचारिक रूप से एक शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि एक पत्रकार ने हाल ही में एक प्रचार कार्यक्रम के दौरान उनके रूप और उम्र को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की। अभिनेत्री ने पत्रकार पर 47 साल की उम्र में उनके पहनावे के बारे में सवाल करने पर अपमान और अनादर का आरोप लगाया है।
जवाबदेह ठहराए जाने की मांग की
मुंबई: पवन कल्याण अपनी अपकमिंग फिल्म 'दे कॉल हिम ओजी' को लेकर सुर्खियों में हैं। इस फिल्म को लेकर तेलंगाना में पहले से ही लोगों में उत्साह है। ऐसे में राज्य सरकार ने यहां आधिकारिक तौर पर टिकट की कीमत में इजाफा करने की मंजूरी दे दी है। सरकार ने फिल्म के सिनेमाघरों में रिलीज से पहले प्रसारण की इजाजत दी है।
सरकारी आदेश जारी
शुक्रवार को जारी एक सरकारी आदेश के अनुसार, सिनेमाघरों में रिलीज से एक दिन पहले, 24 सितंबर को 'ओजी' का विशेष प्रीमियर आयोजित करने की अनुमति दी गई है। इस शो के टिकटों की कीमत 800 रुपये होगी।
मुंबई: वेटरेन निर्माता-निर्देशक और अभिनेता टीनू आनंद ने बॉलीवुड में ‘शहंशाह’ और ‘कालिया’ जैसी कई फिल्में दी हैं। 79 साल की उम्र में भी अभिनेता फिल्मों में सक्रिय हैं। अब हाल ही में उन्होंने बॉलीवुड में बढ़ते पैपराजी कल्चर के बारे में बात की। साथ ही उन्होंने बताया कि कैसे एक्टर-एक्ट्रेस खुद को प्रमोट करने के लिए अपने आप ही फोटोग्राफर्स को बुल
मुंबई: यूटा के गवर्नर स्पेंसर कॉक्स ने हाल ही में बताया है कि चार्ली किर्क की हत्या में इस्तेमाल की गई बंदूक के साथ मिली एक बिना चली गोली के खोल पर एक इटेलियन सॉन्ग ‘बेला चाओ’ लिखा मिला। कुछ दिन पहले यूटा में रहने वाले 22 साल के टायलर रॉबिन्सन ने कथित तौर पर स्नाइपर शॉट से चार्ली किर्क की गोली मारकर हत्या कर दी है। टायरल को गिरफ्तार किया गया है।
सीरीज-वीडियो गेम में इस्तेमाल हुआ यह गाना
चार्ली किर्क की हत्या के मामले में अन्य गोली भी मिली, जो इस्तेमाल नहीं हुई, इस पर ही सॉन्ग ‘बेला चाओ’ लिखा था, यह इटेलियन सॉन्ग विरोध करने के लिए इस्तेमाल होता है। दमन करने वालों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए कई वर्षों से इस गाने का इस्तेमाल किया जा रहा है। बताते चलें कि ‘बेला चाओ’ 19वीं सदी का पॉपुलर इटेलियन सॉन्ग है। साल 2017 में सीरीज ‘मनी हाइस्ट’ में भी इस गाने को इस्तेमाल किया गया है। एक बैंक से रुपये चोरी करने की कहानी इसमें दिखाई गई थी। लेकिन इस पैसे का इस्तेमाल चोर, अच्छे कामों के लिए करते हैं। ‘मनी हाइस्ट’ के अलावा गाना ‘बेला चाओ’ एक वीडियो गेम फर्स्ट पर्सन शूटर गेम फॉर क्राई 6’ में भी सुनने को मिला था।
इतिहास से जुड़ते हैं गाने के तार
19वीं सदी में इटली में मजूदरों ने यह गीत सत्ता के विरोध में गाया था। द्वितीय विश्व युद्ध में नाजियों के
मुंबई: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता संजय दत्त की अनोखी स्टाइल और डायलॉग्स के दर्शक दीवाने हैं। फैंस उनकी एक झलक पाने को बेताब रहते हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें अभिनेता स्वैग अंदाज में दिख रहे हैं और अपने फैंस से रूबरू हो रहे हैं। इस वीडियो को देख नेटिजंस की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। देखें वीडियो।
क्या है वायरल वीडियो?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में अभिनेता संजय दत्त बारिश के मौसम में अपने फैंस से बात करते नजर आ रहे हैं। अभिनेता व्हाइट कलर का कुर्ता-पायजमा पहने दिख रहे हैं। उनके आस-पास भीड़ जमा है। वीडियो में दिखता है कि संजू बाबा प्रशंसकों से अपनी जंजीर दिखा कर कहते हैं, ‘ये देख रहा है क्या? ये देखे-ये देख पच्चास तोला।’ इसके बाद वो फैंस से पूछते हैं, ‘कितना?’, जिसपर जवाब आता है पच्चास।
फैंस ने दी प्रतिक्रिया
ये वीडियो वायरल होते ही नेटिजंस की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। एक यूजर ने कहा, ‘बाबा ने दहाड़ लगाई।’ दूसरे यूजर ने कमेंट सेक्शन में कहा, ‘संजू बाबा ऑन टॉप।’ वहीं एक और यूजर ने लिखा, ‘संजू बाबा फायर हैं।’ इसके अलावा अन्य यूजर्स संजय दत्त के इस वीडियो को काफी पसंद कर रहे हैं और वो लाल दिल वाला इमोजी लगाकर रिएक्ट कर रहे हैं।
संजय दत्त का वर्कफ्रंट
आपको बता दें कि संजय दत्त ने साल 1981 में फिल्म 'रॉकी' से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। हाल ही में उनकी फिल्में 'द भूतनी' और 'हाउसफुल 5' रिलीज हो चुकी है। इन दिनों दत्त कई प्रोजेक्ट्स के साथ जुड़े हैं। उनकी फिल्म 'अखंड 2', 'धुरंधर' और 'द राजा साब' इसी साल के अंत में रिलीज होने वाली हैं। वह कन्नड़ फिल्म 'केडी-द डेविल' का भी हिस्सा हैं, जो 2026
मुंबई: विनोद राठौड़ संगीत की दुनिया में उन चुनिंदा गायकों में शुमार हैं, जिन्होंने अपनी सुरों की जादूगरी और रूमानी आवाज से एक पीढ़ी को प्रभावित किया। गायक आज भी शाहरुख खान की 'बाजीगर' से लेकर संजय दत्त की 'मुन्नाभाई एमबीबीएस' तक में गाए गए गानों से दर्शकों के दिलों पर राज करते हैं। कुमार सानू और उदित नारायण जैसे दिग्गज गायकों के दौर में विनोद राठौड़ ने एक अलग मिशाल पेश की। सिंगर विनोद के संघर्षों ने उन्हें सुरों की बुलंदी तक पहुंचाया। आज 13 सितंबर को गायक अपना 63वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस अहम मौके पर हम जानेंगे विनोद राठौड़ के जीवन के उस सफर के बारे में, जिन्होंने उन्हें पहचान दिलाई।
संगीतज्ञ परिवार से आते हैं विनोद राठौड़
विनोद राठौड़ एक ऐसे परिवार से ताल्लुक रखते हैं, जिनका संगीत से गहरा लगाव था। गायक का जन्म
मुंबई: बीते दिनों अनुपर्णा रॉय ने अपनी फिल्म 'सॉन्ग्स ऑफ फॉरगॉटन ट्रीज' के लिए 82वें वेनिस फिल्म महोत्सव में सर्वश्रेष्ठ निर्देशक पुरस्कार जीतकर इतिहास रच दिया था। उसी दौरान उन्होंने मंच पर एक भावुक भाषण दिया और अपनी जीत को दुनिया भर की सभी महिलाओं को समर्पित किया। वहीं दूसरी ओर अनुपर्णा ने फिलिस्तीन पर भी टिप्पणी की थी, जिसने विवाद खड़ा कर दिया। अब इस मामले पर उन्होंने प्रतिक्रिया दी है। आइए जानते हैं उन्होंने क्या कहा।
अन्याय के खिलाफ होने का मतलब ये नहीं, कि…
एएनआई से बातचीत करते हुए अनुपर्णा रॉय ने कहा, "मैंने फिल्म फेस्टिवल में जो कुछ भी कहा, वह मेरे इरादे से था। यह दुनिया भर में हो रहे अन्याय की ओर इशारा करने के इरादे से कहा गया था। अगर मैं फिलिस्तीन का समर्थन करती हूं, अगर मैं अन्याय के खिलाफ खड़ी हूं, तो इससे मैं कम भारतीय नहीं हो जाती। लोग सोच रहे होंगे कि मैंने पहली बार इस बारे में बात की है, लेकिन ऐसा नहीं है। मैंने रूस में एक पुरस्कार प्राप्त करते समय फिलिस्तीन का जिक्र किया था। इसका मतलब यह नहीं है कि मैं नेपाल में हो रहे नरसंहारों
मुंबई: ‘दिल मद्रासी’ मूल रूप से तमिल फिल्म ‘मध्रासी’ का हिंदी वर्जन है। इसे एआर मुरगदास ने डायरेक्ट किया है और यह हल्की-फुल्की एक्शन-थ्रिलर के रूप में सामने आई है।
कहानी
रघुराम (शिवकार्तिकेयन) एक दुर्लभ मेडिकल कंडीशन और भ्रम विकार से जूझ रहा है। उसका अतीत दुखभरा है, लेकिन मालती (रुक्मिणी वसंत) उसके जीवन में थोड़ी खुशी और उम्मीद लेकर आती है। एनआईए अधिकारी प्रेम (बीजू मेनन) और उनकी टीम एक उत्तर भारतीय गिरोह को हथियार तस्करी में शामिल होने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं। रघुराम और प्रेम की मुलाकात तब होती है जब दोनों असफलताओं से गुजर रहे होते हैं। रघुराम का आत्महत्या का प्रयास और प्रेम का मिशन। इस मुठभेड़ से कहानी में ट्विस्ट और थोड़ी ड्रामा आती है, लेकिन पूरी तरह प्रभावशाली नहीं।
अभिनय
मुंबई: देओल परिवार से आने वाले अभय देओल ऐसे अभिनेता हैं, जो काफी सेलेक्टिव काम करते हैं। उन्होंने भले ही कम फिल्मों व वेब सीरीज में काम किया हो, लेकिन जितना भी किया है उसमें उनके अभिनय की तारीफ जरूर हुई है। इसके अलावा अभय अपने बयानों को लेकर भी चर्चाओं में रहते हैं। अब एक बार फिर अभिनेता ने शादी और बच्चों को लेकर अपनी राय रखी है।
मैं क्यों धरती पर लाऊं बच्चा
डॉ. जय मदान के साथ पॉडकास्ट में अपनी हालिया बातीचत के दौरान अभय देओल ने शादी और बच्चों को लेकर बात की। उन्होंने कहा कि मैं बच्चे नहीं चाहता। अगर मुझे घर बसाना होता, तो मैं खुद बच्चे पैदा करने के बजाय गोद लेना पसंद करता। क्योंकि, मुझे नहीं पता मैं बस दुनिया को देखता हूं और सोचता हूं, मैं इस धरती पर बच्चा क्यों लाऊं? हालांकि, अभय ने कहा कि मैं इस धरती पर खुश हूं। लेकिन इस पर इतनी बढ़ती आबादी का बोझ नहीं डाला जा सकता। जो पहले से ही बहुत ज्यादा है। उसमें और ज्यादा आबादी जोड़ने से बचने की कोशिश करना, यही तो है। मैं भी बच्चे नहीं चाहता। और तो और अगर मैं चाहता भी हूं, तो दुनिया को देखकर सोचता हूं कि मैं इस दुनिया में एक बच्चे को क्यों लाऊं?
पता नहीं मैं कैसा पिता बनूंगा
अपने पेरेंट बनने पर भी इस दौरान अभय देओल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि मैं न्याय कर पाऊंगा या नहीं। मैं अपनी भावनाओं को कैसे संभाल पाऊंगा? मुझे नहीं पता कि मैं कैसा महसूस करूंगा। मुझे लगता है कि अगर मेरा बच्चा होता तो मैं अभी जितना हूं, उससे ज्यादा कंट्रोल करने वाला और अधिकार जताने वाला होता। ऐसा हो सकता है। एक्टर ने कहा कि केयरिंग की भावना मुझमें मेरे परिवार में पली-बढ़ी है। खुद को संभालना एक मुश्किल स्थिति है। जैसे मैं अपनी सहज, स्वतंत्र और तनावमुक्त भावना को खोकर हमेशा तनावग्रस्त, सुरक्षात्मक और अधिकार जताने वाला हो जाऊं। इसलिए, मुझे लगता है कि हम बड़े होते हुए बहुत सुरक्षित थे। शायद मैं अपने बच्चे पर भी इसका प्रभाव डालूं।
बन टिक्की में नजर आए थे अभय
वर्कफ्रंट की बात करें तो अभय देओल आखिरी बार इसी साल आई फिल्म ‘बन टिक्की’ में नजर आए थे। इसमें उनके साथ शबाना आजमी और नुसरत भरूचा भी प्रमुख भूमिकाओं में नजर आए हैं।
मुंबई: भारतीय सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री भूमि पेडनेकर अक्सर सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय रखते हुए नजर आती हैं। सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों पर मुखर रहने वाली भूमि अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करती नजर आईं। स्विट्जरलैंड में आयोजित यंग ग्लोबल लीडर्स समिट 2025 में हिस्सा लेने वाली वो पहली भारतीय अभिनेत्री बन गई हैं। ये आयोजन विश्व आर्थिक मंच के तत्वावधान में हुआ, जहां दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों से आए युवा लीडर्स ने वैश्विक चुनौतियों और बदलाव की दिशा में अपने विचार शेयर किए।
भूमि ने भारत का किया प्रतिनिधित्व
भूमि पेडनेकर के करियर को अगर देखें तो उन्होंने हमेशा अपने काम से हटकर भी समाज के लिए योगदान दिया है। फिल्मों में सशक्त किरदार निभाने के अलावा वो लगातार पर्यावरण को लेकर सक्रिय रही हैं। जिनेवा के इस मंच पर उनकी मौजूदगी भारतीय फिल्म जगत के लिए गौरव की बात रही। भूमि ने सोशल मीडिया पर भी अपनी झलकियां साझा कीं, जिनमें वो इस प्रतिष्ठित सम्मेलन का हिस्सा बनती दिखीं।
जलवायु योद्धा के रूप में पहचान
भूमि को लंबे समय से 'क्लाइमेट वॉरियर' कहा जाता है। उन्होंने कई बार टिकाऊ जीवनशैली, नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया है। हाल ही में दिल्ली में हुए आई क्लाइमेट समिट 2025 में उन्होंने पॉप कल्चर और जलवायु परिवर्तन को जोड़ते हुए कहा था कि फिल्मों और कला के जरिए जागरूकता पैदा करना बेहद जरूरी है। उनका मानना है कि जब तक लोकप्रिय संस्कृति में बदलाव नहीं आएगा, तब तक समाज पर स्थायी असर डालना मुश्किल है।
पॉप कल्चर से बदलाव की कोशिश
मुंबई: बॉलीवुड की दुनिया में कई ऐसे कलाकार हैं जिन्होंने पर्दे पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाकर अपनी पहचान बनाई, लेकिन कुछ नाम ऐसे हैं जो कैमरे के पीछे खड़े होकर भी उतने ही चमके जितना कैमरे के सामने। राकेश रोशन उन्हीं में से एक हैं। 6 सितंबर 1949 को जन्मे इस अभिनेता-निर्देशक ने न सिर्फ अपनी मेहनत से इंडस्ट्री में जगह बनाई बल्कि अपने निर्देशन और फिल्मों की कहानियों से हिंदी सिनेमा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। आज जब वह 74 साल के हो चुके हैं, तो उनका सफर अपने आप में प्रेरणा है।
राकेश रोशन का शुरुआती सफर
राकेश रोशन का फिल्मी सफर उनके पिता से ही जुड़ता है। उनके पिता मशहूर संगीतकार रोशन थे, जिन्होंने हिंदी सिनेमा को कई यादगार धुनें दीं। संगीत से जुड़े माहौल में पले-बढ़े राकेश रोशन का झुकाव फिल्मों की तरफ होना स्वाभाविक था। करियर की शुरुआत उन्होंने मशहूर फिल्ममेकर मोहन कुमार के असिस्टेंट के तौर पर की। इसके बाद अभिनेता के रूप में उनका सफर 1970 में फिल्म 'घर-घर की कहानी' से शुरू हुआ।
80 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय किया