ईश्वर दुबे
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Bhilai
सुबह की शरुआत अगर अच्छी होती है तो पूरा दिन बेहतर गुजरता है। लेकिन अगर आप सुबह की शुरुआत गलत तरीके से करते हैं तो फिर पूरा दिन तनाव से भरा होता है साथ ही आप काफी कम प्रोडक्टिव होते हैं। इसी के साथ सुबह की अनहेल्दी शुरुआत आपको मोटा बना देती है। सुबह का सही रूटीन हेल्दी बॉडी और माइंड के लिए जरूरी है। ऐसे में हम कुछ ऐसी मिस्टेक के बारे में बता रहे हैं जिसकी वजह से आपका वजन बढ़ सकता है।
इम्यूनिटी मजबूत करने के लिए शरीर में हर विटामिन की जरूरत होती है। जैसे, अगर विटामिन डी की कमी हो जाए, तो आपकी हड्डियां बढ़ती उम्र के साथ कमजोर हो जाती हैं। वैसे तो सभी लोगों को विटामिन डी की जरूरत होती है लेकिन कुछ लोगों को विटामिन डी की ज्यादा जरूरत होती है। ऐसे लोगों को धूप सेंकने के अलावा विटामिन डी की गोलियां भी खानी चाहिए। सबसे पहले जान लेना चाहिए कि किन लोगों में विटामिन डी की कमी होती है।
ऑफिस जाने वाले लोग -
आप सोच रहे होंगे कि ऑफिस जाने वाले लोगों में विटामिन डी की कमी क्यों होती है? असल में ऑफिस जाने वालों को धूप सेंकने का टाइम नहीं मिल पाता इसलिए ज्यादातर डेस्क जॉब करने वाले लोगों में विटामिन डी की कमी होती है।
डार्क स्किन वाले लोग-
डार्क स्किन वाले लोगों या फिर काले लोगों में कीएपिडर्मल, त्वचा की सबसे पहली परत में अधिक मेलेनिन होता है, जिससे कि ऐसे लोगों को विटामिन डी की ज्यादा मात्रा की जरूरत होती है।
50 साल से ज्यादा उम्र वाले लोग -
50 साल के शरीर में वैसे कई विटामिन्स की कमी होने लगती है, लेकिन विटामिन डी की कमी होने से चिड़चिड़ापन, अनिद्रा, तनाव, अकेलापन या जोड़ों में दर्द होना जैसी समस्याएं होने लग जाती है।
नॉनवेज ज्यादा खाने वाले लोग -
ज्यादातर लोग जो हमेशा नॉनवेज खाते हैं, उनमें भी विटामिन डी की कमी होती है। नॉनवेज प्रोटीन का हाई सोर्स है लेकिन विटामिन डी की पूर्ति के लिए सब्जियां-फल और धूप सेंकना भी बेहद जरूरी
कोविड-19 के ओमिक्रॉन स्वरूप के हिस्से बीए.2 अब भी बड़े स्तर पर मौजूद है जबकि इंग्लैंड में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले कम हो गए हैं। एक ताजा अध्ययन में बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी गई। ओमिक्रॉन के इस स्वरूप को विशेषज्ञों ने कुछ आनुवंशिक बदलावों के कारण ''स्टील्थ वैरिएंट'' नाम दिया है। ब्रिटेन में 'सामुदायिक प्रसार का वास्तविक समय में आकलन' (रिएक्ट-1) अध्ययन के विशेषज्ञों ने आगाह किया कि ओमिक्रॉन से संक्रमित होने की दर अब भी बहुत अधिक है और बड़ी उम्र के वयस्कों में इसके मामले बढ़ने की संभावना चिंता का कारण हो सकती है। इम्पीरियल कॉलेज लंदन और इप्सोस एमओआरआई का विश्लेषण आठ फरवरी से एक मार्च के बीच लिए गए लार के करीब 95,000 नमूनों पर आधारित है। यह दिखाता है कि लंदन में बीए.2 से संक्रमित पाए जाने की दर अधिक है।
इम्पीरियल्स स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के रिएक्ट कार्यक्रम के निदेशक प्रोफेसर पॉल इलियट ने कहा, ''यह उत्साहजनक है कि इंग्लैंड में संक्रमण के मामले कम हो रहे हैं लेकिन इनकी संख्या अब भी बहुत अधिक है और बड़ी उम्र के वयस्कों में इनके मामले बढ़ने की संभावना चिंता की बात हो सकती है।''
उन्होंने कहा, ''अच्छी खबर यह है कि यह टीके की खुराक ले चुके लोग हैं, हालांकि संक्रमण के उच्च मामलों से और अधिक लोग बीमार पड़ेंगे इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि लोग संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जन स्वास्थ्य संबंधी दिशा निर्देश का पालन करते रहे।'' ब्रिटेन की स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी (यूकेएसए) की मुख्य कार्यकारी डॉ. जेनी हैरिस ने आगाह किया कि ताजा आंकड़ें दिखाते हैं कि महामारी अभी खत्म नहीं हुई है और अब भी एहतियात बरतने की जरूरत है।
किडनी हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग हैं। इसमें गड़बड़ी होने पर गंभीर समस्या हो सकती है। वहीं दोनों किडनी खराब हो जाएं तो जान भी जा सकती है। किडनी फेल होने पर इलाज काफी महंगा है और जिंदगी भी दांव पर लग जाती है। इसलिए जरूरी है कि हम ऐसी गलतियां न करें जिनसे इन पर खराब असर पड़े। बहुत से ऐसे काम है, जो किडनी को नुकसान पहुंचाते हैं। हमें इनके बारे में पता होता है फिर भी इस ओर ध्यान नहीं देते। यहां कुछ ऐसी ही गलतियां हैं जो हम जाने-अनजाने करते रहते हैं। चेक करें कहीं आप तो अपनी किडनीज को खतरे में नहीं डाल रहे।
यह बात कम लोग जानते हैं लेकिन देर तक बैठना आपकी किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है। हालांकि रिसर्चर्स को अब तक यह नहीं पता चल पाया है कि बैठे रहने से किडनी खराब होने का क्या कनेक्शन है। लेकिन अगर यह बात सामने आई है तो हमें सावधान रहना चाहिए। फिजिकली ऐक्टिव रहें, यह आपकी किडनी की हेल्थ के लिए भी अच्छा होता है।
यह बात आप पहले भी कई लोगों के मुंह से सुन या कहीं पढ़ चुके होंगे। दर्द निवारक दवाओं का किडनी पर खराब असर पड़ता है। जहां सिकाई या कुछ और घरेलू उपाय करने से काम बन जाए वहां दवा खाने से बचना चाहिए।
किडनी आपके शरीर से टॉक्सिन्स निकालती हैं। अगर आपको किडनी की प्रॉब्लम नहीं है तो रोजाना डेढ़ से 2 लीटर पानी जरूर पिएं। ऐसा करने से आप किडनी स्टोन से भी बचे रहेंगे।
कई लोगों की आदत होती है कि वे खाने के साथ नमक रखकर बैठते हैं। खाने में ज्यादा नमक लेने से ब्लड प्रेशर बढ़ता है इससे आपकी किडनी को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है और नुकसान पहुंचता है।
वजन कम करना किसी टास्क से कम नहीं है। एक्सरसाइज और बैलेंस डाइट के साथ वेट लॉस के लिए कुछ ऐसी इफेक्टिव चीजें हैं, जिनसे बहुत तेजी से वजन कम होता है। किशमिश और गुड़ का पानी भी कुछ ही हफ्तों में आपका वजन बहुत तेजी से कम करता है। इसमें आयरन और फ्लोरिन भरपूर मात्रा में होते हैं। इसके अलावा यह कई प्रकार के विटामिन्स और मिनरल्स का बहुत ही खास रोल होता है। इससे आपका कॉलेस्ट्राल लेवल कंट्रोल रहता हैं। वहीं, किशमिश में प्रोटीन, आयरन और फाइबर भरपूर होता है।
गुड़ का पानी और किशमिश का इस्तेमाल
4-5 किशमिश रात को एक कटोरी गर्म पानी में भिगो दें। सुबह एक गिलास पानी में गुड़ के छोटे-छोटे टुकड़े (5 ग्राम) डाल दें। सबसे पहले गुड़ को खाली पेट खाएं, फिर गुड़ का पानी पिएं। इसे रोजाना करने से मेटाबॉलिज्म बढ़ने के अलावा कैलोरीज भी घटती है। किशमिश खाने का दूसरा तरीका दही के साथ भी है। दही में 4-5 किशमिश के डालकर इसे खाना खाने के बाद खाएं। इससे डाइजेशन सिस्टम भी इम्प्रूव होता है। किशमिश और गुड़ को सुपरफूड वेट लॉस के अलावा सुपरफूड माना जाता है। इससे ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल रहता है. दोनों के कॉम्बिनेशन से आप कुछ ही दिनों में तेजी से वेट लॉस होता है।
मुंबई को भारत की आर्थिक राजधानी भी कहा जाता है। इसके अलावा मुंबई को सपनों की नगरी के रूप में भी जाना जाता है। यहां आए दिन लोग अपना करियर बनाने और सपनों को पूरा करने आते हैं। कई लोग यहां टूरिस्ट के रूप में भी आते हैं। मुंबई में घूमने के लिए कई खूबसूरत जगहें हैं। यहां ऐसे कई समुद्र तट हैं जो आपको मंत्रमुग्ध कर देंगे। यहां आप सूर्यास्त के सुंदर नजारों का लुत्फ उठा सकते हैं। शहर के जीवन की हलचल से एक ब्रेक लें। अपने परिवार और दोस्तों के साथ इन समुद्र तटों पर जाएं। मुंबई में ऐसे कई बीच हैं जहां आप घूमने का प्लान बना सकते हैं।
जुहू बीच- स्थानीय लोग और पर्यटक मुंबई के इस सबसे लोकप्रिय समुद्र तट पर घूमने जा सकते हैं। जुहू बीच जॉगर्स से लेकर क्रिकेट या फुटबॉल खेलने वाले बच्चों तक सभी को आकर्षित करता है। यहां वीकेंड के समय काफी भीड़ रहती है। ये अपने शांत वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। आप यहां भेलपुरी, सेवपुरी और पानीपुरी आदि का आनंद ले सकते हैं। इसके अलावा भी यहां कई अन्य स्ट्रीट फूड प्रसिद्ध है। इसके आसपास का इलाका मुंबई का एक पॉश इलाका भी है।
अक्सा बीच- अक्सा बीच मलाड के अक्सा गांव का एक लोकप्रिय क्षेत्र है। आप वीकेंड पर यहां अपने दोस्तों और परिवार के साथ एक अच्छा समय बिताने जा सकते हैं। ये एक बहुत ही साफ और खूबसूरत बीच है। बॉलीवुड के लोकप्रिय गीतों में भी इस बीच का जिक्र किया गया है। ये सबसे लंबे समुद्र तटों में से एक है। इसके पास कई विला, होटल, कॉटेज भी हैं। यहां आप प्रियजनों के साथ क्वालिटी टाइम बिता सकते हैं।
मध द्वीप- मध द्वीप मुंबई के सबसे प्रसिद्ध समुद्र तटों में से एक है। ये पार्टी करने के लिए एक शानदार स्थान है। यहां आप पहाड़ियों, पानी और हरियाली जैसे कई प्राकृतिक नजारों का लुत्फ उठा सकते हैं। वीडियो शूटिंग के लिए भी ये एक अच्छी स्ठान है।
वर्सोवा बीच- अंधेरी के पास स्थित वर्सोवा बीच सूर्योदय और सूर्यास्त के समय अरब सागर के मनोरम दृश्य प्रदान करता है। यहां आप अधितकर कपल्स को देखेंगे। इसे मुंबई के सबसे साफ समुद्र तटों में से एक माना जाता है। वर्सोवा बीच रेतीले और चट्टानी परिदृश्य का मिश्रण है।
मुंबई चौपाटी- पर्यटक और स्थानीय लोग समान रूप से इस रेतीले समुद्र तट की यात्रा करते हैं। सूर्यास्त के नजारों को देखने का यहां अलग ही आनंद है।
International Women's Day: हर साल 8 मार्च का दिन दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाया जाता है। ऐसे में आज के इस खास दिन बात करते हैं हडि्डयों से जुड़े एक ऐसे रोग की जो महिलाओं में सबसे ज्यादा होता है। इसका नाम है ऑस्टियोपोरोसिस। शरीर को आधार देने, मांसपेशियों को जोड़कर रखने और कैल्शियम के भंडारण में हड्डियों की अहम् भूमिका होती है। औरतों को ऑस्टियोपोरोसिस तथा ऑस्टियोमेलेशिया का जोखिम अधिक होता है।
ऑस्टियोपोरोसिस क्या है-
ऑस्टियोपोरोसिस हड्डी का एक चयापचय रोग है, जिसके कारण हड्डी के घनत्व में कमी हो जाती है। प्रभावित हड्डियों का घनत्व कम हो जाता है और हड्डियां अधिक नाजुक हो जाती हैं, और इसलिए इनके टूटने की संभावना अधिक होती है, जिसके परिणामस्वरूप फ्रैक्चर होते हैं।
ओस्टीयोमलेशिया क्या है-
ऑस्टियोमेलेशिया हड्डियों से जुड़ी बीमारी है। व्यस्कों में हड्डी के मुलायम होने को ओस्टीयोमलेशिया' कहते हैं। बच्चों में इस रोग को रिकेट्स कहते हैं। ये आमतौर पर विटामिन डी की कमी के कारण होता है। इस रोग के होने पर अस्थियों में खनिजन पर्याप्त मात्रा में नहीं होता। सही समय पर इसका इलाज ना किया जाए तो यह अपना भयावह रूप धारण कर सकती है। जिससे हड्डियों के मुड़ने व टूटने का डर रहता है।
महिलाओं में क्यों बना रहता है ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा ज्यादा-
एक सर्वे के मुताबिक, भारत में 5 युवा वयस्कों में से एक लो बोन मास का शिकार है। महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा ज्यादा होता है क्योंकि मेनोपॉज़ के बाद इस्ट्रोजेन घटने से हडि्डयां कमज़ोर पड़ने लगती हैं।
लो बोन मास का पता कैसे लगाएं-
इसके लिए डैक्सा स्कैन टैस्ट किया जाता है जो शरीर के खास भागों जैसे कि कूल्हे, मेरूदंड और कलाई आदि पर बोन मिनिरल कन्टेंट का पता लगाता है।
डॉ कौशल कांत मिश्रा, के अनुसार यह जरूरी नहीं है कि वृद्धावस्था बोन लॉस और ऑस्टियोपोरोसिस का कारण बने। आपकी उम्र चाहे कुछ भी हो, बोन लॉस से बचाव के उपाय किए जा सकते हैं।
हड्डियों की सेहत में सुधार लाने के लिए फॉलो करें ये टिप्स-
1) कम उम्र से करें शुरुआत –
ज्यादातर युवतियों में 25 से 30 वर्ष की अवस्था में पीक बोन मास होता है। जितना अधिक बोन मास होगा उतना ही ज्यादा व़द्धावस्था में हडि्डयां मजबूत बनी रहेंगी।
2) शराब और धूम्रपान से दूर रहने की कोशिश करें।
3) वज़न उठाने वाले व्यायाम करें –
इनसे मांसपेशियों के साथ-साथ आपकी हडि्डयां भी मजबूत बनती हैं और साथ ही, व्यायाम से आपको कार्डियोवास्क्युलर लाभ भी मिलते हैं।
4) संतुलित भोजन-
प्रोटीन युक्त खुराक का सेवन करें । प्रतिदिन 1000 मिलीग्राम कैल्शियम के सेवन की सलाह दी जाती है। इसे डेयरी और नॉन-डेयरी प्रोडक्ट्स से प्राप्त किया जा सकता है। दिनभर में समय-समय पर कैल्शियम के सेवन से इसका अवशोषण सही ढंग से होता है। फैटी फिश, अंडों, दूध, सॉय मिल्ट में विटामिन डी की मात्रा 800 IU प्रतिदिन है।
5) डॉक्टर से परामर्श लें-
यदि आप पहले से दवाओं का सेवन कर रहे हैं या ऐसी कोई स्थिति है जिसकी वजह से लो बोन मास का खतरा है, तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
ऑस्टियोपोरोसिस का पता लगाने के लिए क्या करें-
युवावस्था में ऑस्टियोपोरोसिस का पता लगाने के लिए मेडिकल हिस्ट्री के अलावा, शारीरिक जांच, डैक्सा स्कैन, लैब जांच और एक्स-रे आदि सहायक होते हैं।
खाने का स्वाद बढ़ाने वाले टमाटर के कई हेल्थ बेनिफिट्स भी हैं। इसका कई तरीकों से सेवन किया जा सकता है। इसमें टमाटर की चटनी, सब्जी, सूप या जूस भी शामिल है। साथ ही इसे सलाद के रूप में भी डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। टमाटर में विटामिन सी, विटामिन ए, कैल्शियम और पोटेशियम जैसे अहम तत्व प्रचुर मात्रा में मौजूद होते हैं। इतना ही नहीं नियमित रूप और सही तरीके से टमाटर का सेवन करके इम्यून सिस्टम को भी मजबूत किया जा सकता है। सुबह खाली पेट टमाटर से बनी चीजों को खाकर या पीकर भी हेल्दी रहा जा सकता है और ये तरीका बहुत लाभकारी साबित होता है। सुबह खाली पेट टमाटर के सेवन से मिलते कई फायदे।
इम्यूनिटी- कोरोना के इस काल में हम सभी इम्यूनिटी का क्या महत्व है ये जानते हैं। ऐसे में इसे बूस्ट करने के लिए ज्यादातर लोग तरह-तरह के तरीके अपना रहे हैं। इम्यूनिटी को बूस्ट करने के लिए आप टमाटर की मदद ले सकते हैं। टमाटर से शरीर में विटामिन सी की कमी को पूरा करके इम्यूनिटी बूस्ट की जा सकती है। सुबह खाली पेट टमाटर के जूस पीकर दिन की शुरुआत करें और हेल्दी रहे।
वजन कंट्रोल- जो लोग वजन घटाना चाहते हैं, उन्हें रोज सुबह खाली पेट दो गिलास टमाटर का जूस पीना चाहिए। ऐसा करने से वजन तेजी से कम होता है और कुछ ही दिनों में मोटापे से छुटकारा पाया जा सकता है। टमाटर का जूस पीने के अलावा इसकी स्किन का सेवन भी करें। विशेषज्ञों के मुताबिक टमाटर की स्किन में फाइटोकेमिकल्स होते हैं, जो शरीर के लिए बहुत अहम माने जाते हैं।
पेट की गर्मी- पेट में अगर गर्मी की दिक्कत हो जाए, तो कुछ भी खाने का मन नहीं करता है। अगर आपको पेट में गर्मी की समस्या महसूस हो रही है, तो सुबह खाली पेट टमाटर का बना जूस पिएं। इससे पेट में ठंडक महसूस होगी, साथ ही आप पूरे दिन अच्छा भी फील करेंगे। टमाटर को खाने से दिनभर आपके शरीर में एनर्जी भी बनी रहेगी।
आंखों की रोशनी- आंखों को हेल्दी रखने और इनकी रोशनी बढ़ाने के लिए डॉक्टर हरी सब्जियों का सेवन करने की सलाह देते हैं। आंखों की रोशनी को बढ़ाने के लिए खाली पेट टमाटर का सेवन करना बेस्ट रहता है। ऐसा करने से आंख ही नहीं स्किन बेनिफिट्स भी मिलते हैं। कहते हैं कि खाली पेट टमाटर का जूस पीने से स्किन प्रॉब्लम दूर होती है और वह ग्लो भी करती है।
काली मिर्च में पैपरीन नामक तत्व पाया जाता है। यह तत्व औषधीय गुणों से भरपूर है। इसमें आयरन, पोटैशियम, मैग्नीशियम, मैंग्नीज, जिंक, क्रोमियम, विटामिन ए जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। काली मिर्च को किसी भी तरह से खाने के बहुत फायदे हैं।
कब्ज दूर करे : कब्ज की समस्या है, तो आपको काली मिर्च जरूर खानी चाहिए। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए एक कप पानी में नींबू का रस और काली मिर्च का चूर्ण और नमक डालकर पीने से गैस व कब्ज की समस्या कुछ ही दिनों में ठीक हो जाती है।
स्टेमिना बढ़ाए : गुनगुने पानी के साथ काली मिर्च का सेवन करने से शरीरिक क्षमता बढ़ती है। साथ ही शरीर में पानी की कमी भी दूर होती है। कभी-कभी ऐसा होता है कि एसिडिटी रहने की वजह से शरीर में हमेशा थकान रहती है, इस थकान को दूर करने के लिए काली मिर्च बहुत फायदेमंद है।
डिहाइड्रेशन : आपको डिहाइड्रेशन की प्रॉब्लम है, तो काली मिर्च का गुनगुने पानी के साथ सेवन करने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती। इससे थकान भी नहीं होती। इससे आपकी स्किन ड्राय नहीं होगी। इस उपाय को सर्दी में जरूर फॉलो करना चाहिए।
वेट लॉस : काली मिर्च और गुनगुना पानी शरीर में बढ़ा हुआ फैट कम करता है। साथ ही यह कैलोरी को बर्न करके वजन कम करने में भी मदद करता है। काली मिर्च को गर्म दूध में मिलाकर पीने से वेट कंट्रोल में रहता है। सुबह खाली पेट दूध पीना चाहिए।
सामाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, यूक्रेन की कपंनी उक्रावतोडोर ने शुक्रवार देर रात को एक फेसबुक अपडेट में कहा कि, दुश्मन को खराब संचार मिले और वह आसानी से इलाके में नेविगेट नहीं कर सकें,आइये इसके लिए हम उन्हें सीधे नरक के रास्ते भेजने में मदद करते है।कंपनी ने एक सड़क चिन्ह को एडिट कर एक तस्वीर पोस्ट की है।
यूक्रेन और रूस के बीच हो रहे जंग का आज यानि रविवार को चौथा दिन है। कीव पर कब्जे के लिए रूस ने हमले और तेज कर दिए हैं। बता दें कि, रूसी हमलों में अब तक सैकड़ों नागरिकों की मौत ह गई है। इसी बीच यूक्रेन में सड़कों का निर्माण और रख-रखाव करने वाली कंपनी ने रूस को चखमा देने के लिए यूक्रेन के सभी सड़कों के साइन/संकेतों को हटा दिया है।बता दें कि, रूस की सेना इन्हीं सड़क संकेतों के उपयोग से यूक्रेन पर लगातार हमले और आक्रमण करने के लिए आसानी से अपना रास्ता खोज रही है।सामाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, यूक्रेन की कपंनी उक्रावतोडोर ने शुक्रवार देर रात को एक फेसबुक अपडेट में कहा कि, दुश्मन को खराब संचार मिले और वह आसानी से इलाके में नेविगेट नहीं कर सकें, आइये इसके लिए हम उन्हें सीधे नरक के रास्ते भेजने में मदद करते है। कंपनी ने एक सड़क चिन्ह को एडिट कर एक तस्वीर पोस्ट की है जिसमें यूक्रेन के आस-पास के शहरों के डायरेक्शन को गलियों में बदल दिया गया है। साथ ही लिखा गया है कि, गो फक योरसेल्फ, गो फक योरसेल्फ अगेन और गो फक योरसेल्फ रूस वापस जाओ। (Go f*** yourself", "Go f*** yourself again" and "Go f*** yourself go back to Russia) युद्ध के चौथे दिन रूस की सेना को यूक्रेन की राजधानी पर चौतरफा हमला करने के आदेश दिए है। वहीं यूक्रेनी सेना ने दावा किया है कि, उसने कीव पर रूसी सेना के हमले के प्रयास को नाकाम कर दिया है।
घी खाना कई मायनों में सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। इससे आपकी ओवरऑल हेल्थ सुधरती है साथ ही बालों और स्किन की क्वॉलिटी भी।
स्किन और बालों में : घी का एक चम्मच ही काफी होता है दाल से लेकर और दूसरे व्यंजनों को स्वादिष्ट बनाने के लिए लेकिन क्या आप जानते हैं इसके रोजाना सेवन से आप अपने हेल्थ के साथ-साथ स्किन और बालों को दुरुस्त रख सकते हैं। सीमित मात्रा में घी का सेवन किसी भी तरह से नुकसानदायक नहीं होता।
आंतों के लिए : आयुर्वेद की मानें तो घी के सेवन से आंतों की कार्य क्षमता में सुधार होता है। खराब खानपान, लाइफस्टाइल, बहुत ज्यादा दवाओं के सेवन से हमारी आंतों पर नकारात्मक असर पड़ता है तो इसे हेल्दी बनाए रखने के लिए घी का सेवन अच्छा होता है।
बढ़ती उम्र के लिए : घी ओमेगा-3 फैटी एसिड्स और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूरा होता है। इसके सेवन से बढ़ती उम्र के असर को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।
पाचन तंत्र की कार्य क्षमता के लिए : घी खाने से पेट में एसिड का स्राव सही तरीकेे से होता है जिससे भोजन आसानी से पच जाता है।
स्किन के लिए : घी स्किन को नौरिश करने का काम करता है। इसकी वजह से इसमें मौजूद ओमेगा 3 फैटी एसिड और एंटीऑक्सिडेंट। जो एजिंग प्रक्रिया को तो धीमा करता ही है। स्किन के साथ इसे आप बालों की क्वॉलिटी सुधारने में भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
कब्ज की समस्या के लिए : घी पूरे शरीर को आवश्यक चिकनाई प्रदान करता है और आंतों रास्ता साफ करता है जिससे कब्ज का समस्या नहीं होती और अगर है तो मल त्याग में बहुत परेशानी नहीं होती।
वजन और मोटापा के लिए : घी को अपने भोजन में शामिल करने से पेट लंबे समय तक भरा हुआ रहता है जिससे अनावश्यक भूख नहीं लगती जो ओवरइटिंग करने से रोकता है। इससे वजन और मोटापा दोनों कंट्रोल में रहते हैं।
एनर्जी के लिए : घी के सेवन से बॉडी में एनर्जी बनी रहती है। तो इसे आप ऐसे ही एक चम्मच खाएं या फिर खाने में हर तरह से फायदेमंद ही होता है।
पैरों में सूजन होने के कई कारण हैं इसमें अनहेल्दी जीवनशैली, डाइट, बढ़ती उम्र, फिजिकल एक्टिविटीज में कमी, पैर और टखने में चोट लगना आदि शामिल है इसके अलावा पैरों में ब्लड सर्कुलेशन सही तरीके से न होने के कारण भी इस समस्या का समाना करना पड़ता है | ऐसे में आप कई तरह के घरेलू उपचार भी आजमा सकते हैं | ये पैरों की सूजन से राहत दिलाने में मदद करेंगे | इसमें हेल्दी डाइट और कई अन्य घरेलू नुस्खे शामिल हैं |
सेंधा नमक : पैरों की सूजन को कम करने के लिए हल्के गर्म में पानी में सेंधा नमक मिलाएं | इसमें अपने पैरों को 15 से 20 मिनट के लिए रखें | इस नमक में मैग्नीशियम सल्फेट होता है | ये पानी में घुलने पर त्वचा के माध्यम से आपके शरीर में जाता है | ये दर्द और सूजन से राहत दिलाता है | ये आपके शरीर को आराम देता है | ये पैरों को सूजन से बचाने में मदद करता है |
पैरों की मालिश : पैरों की सूजन से राहत पाने के लिए मालिश एक अच्छा तरीका हो सकता है | ये सूजन को कम करता है | इसलिए आप पैरों की मसाज भी कर सकते हैं |
आइस पैक : कई बार पैर और टखने में चोट के कारण भी सूजन की समस्या का सामना करना पड़ता है | ऐसे में आप आइस पैक इस्तेमाल कर सकते हैं | ये उपचार तब भी काम करता है जब शराब के सेवन से सूजन आ जाती है | ठंडे पानी में पैर रखना शराब पीने से होने वाली सूजन का इलाज करने का एक और तरीका है | ये ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करता है |
पैरों को थोड़ी ऊंचाई पर रखें : पैरों की सूजन को कम करने के लिए आप पैरों को थोड़ा ऊंचाई पर रखकर बैठ सकते हैं | टखने या पैर में सूजन के लिए ये उपचार बहुत कारगर होता है | आप अपनी पीठ के बल लेट सकते हैं | पैरों को दीवार से सटाकर दिन में कई बार कुछ मिनट के लिए ये कर सकते हैं |
मैग्नीशियम से भरपूर फूड्स : मैग्नीशियम की कमी से शरीर में वॉटर रिटेंशन होता है | इसलिए अगर आप पैरों में सूजन की समस्या से जूझ रहे हों तो मैग्नीशियम से भरपूर फूड्स का सेवन कर सकते हैं | आप टोफू, पालक, काजू, बादाम, डार्क चॉकलेट, ब्रोकली और एवोकैडो आदि का सेवन कर सकते हैं |
भारतीय रसोई में काली मिर्च सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाले मसालों में से एक है | ये खाने के स्वाद और सुगंध दोनों को बढ़ाती है | कई तरह के व्यंजनों में काली मिर्च का इस्तेमाल किया जाता है | इसमें सब्जी, करी और काढ़ा आदि शामिल है | काली मिर्च मिनरल और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती हैं | ये हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छी होती है | स्वास्थ्य लाभों के लिए आप काली मिर्च की चाय का सेवन भी कर सकते हैं | इस चाय को आसानी से आप घर पर बना सकते हैं और इसके स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं | इसे आप घर कैसे बना सकते हैं और इसके फायदे क्या हैं आइए जानें |
काली मिर्च की चाय को बनाने का तरीका
इस चाय को बनाने के लिए आपको 2 कप पानी, 1 छोटा चम्मच काली मिर्च पाउडर, 1 बड़ा चम्मच शहद, 1 छोटा चम्मच नींबू का रस और 1 छोटा चम्मच कटे हुए अदरक की जरूरत होगी | इसके लिए सबसे पहले एक सॉस पैन में पानी डालें और उबाल आने दें | पैन में सभी सामग्री डालकर धीमी आंच पर पकाएं | इसे 3 से 5 मिनट तक पकने दें | स्वाद बढ़ाने के लिए आप इसमें शहद का इस्तेमाल भी कर सकते हैं |
इम्यून सिस्टम को बूस्ट करती है
काली मिर्च में पिपेरिन होता है | ये इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने के लिए जाना जाता है | साथ ही काली मिर्च में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं | ये शरीर में मौजूद फ्री रेडिकल्स से लड़ते हैं | ये स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को दूर रखने में मदद करते हैं |
सर्दी, खांसी से बचाता है
बदलते मौसम के दौरान अक्सर सर्दी, खांसी जैसी स्वास्थ्य समस्याओं को सामना करना पड़ता है | सर्दी-खांसी जैसी मौसमी स्वास्थ्य समस्याओं से बचने के लिए गर्मागर्म काली मिर्च की चाय का सेवन कर सकते हैं | ये अस्थमा से पीड़ित लोगों के लिए भी फायदेमंद है |
शरीर को डिटॉक्सीफाई करता है
काली मिर्च की चाय शरीर के सभी हानिकारक टॉक्सिन निकालने में भी मदद करती है | इससे शरीर के कामकाज में सुधार होता है | ये वजन घटाने में मदद करती है |
बता दें कि, राम रहीम को सजा से पहले भी कई धमकियां मिल रही हैं जिसको देखते हुए राम रहीम को अब कड़ी सुरक्षा में रखा जाएगा। 7 फरवरी को फरलो पर बाह आए राम रहीम इस समय अपने गुरुग्राम स्थित डेरे पर अपने परिवार के साथ रह रहे है।
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम फरलो पर 21 दिनों के लिए बाहर आए हुए है और अब उन्हें जेड प्लस सुरक्षा दी जाएगी। इसके लिए एडीजी सीआईडी की तरफ से रोहतक रेंज कमिश्नर को पत्र लिखा गया था जिसमें उनको गृह मंत्रालय से इनपुट मिले हैं कि राम रहीम को खालिस्तान समर्थित आतंकवादियों से खतरा है। बता दें कि, राम रहीम को सजा से पहले भी कई धमकियां मिल रही हैं जिसको देखते हुए राम रहीम को अब कड़ी सुरक्षा में रखा जाएगा। 7 फरवरी को फरलो पर बाह आए राम रहीम इस समय अपने गुरुग्राम स्थित डेरे पर अपने परिवार के साथ रह रहे है।जानकारी के लिए बता दें कि, राम रहीम को फरलो दिए जाने वाले मामले में भी बड़ा खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि, राम रहीम ने रोहतक की सुनरिया जेल के सुप्रिटेंडेंट को 31 जनवरी को पत्र लिखा था और तीन हफ्तों की फरलो दिए जाने की मांग की थी। इस पत्र में उन्होंने अपने परिवार के साथ गुरूग्राम में रहने की भी इच्छा जताई थी। राम रहीम के अनुसार, वह 4 साल 4 महीने तक जेल में बेद है और वह अपने परिवार से मिलने के लिए 21 दिन की फरलो की छुट्टी की मांग कर रहे थे।