ईश्वर दुबे
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Bhilai
भिलाई. भिलाई इस्पात संयंत्र के नगर सेवाएँ विभाग के अन्तर्गत उद्यानिकी विभाग द्वारा मैत्रीबाग में 01 से 07 अक्टूबर, 2019 तक “वन्य प्राणी जीवन सप्ताह” का आयोजन किया जा रहा है। वन्य प्राणी सप्ताह के दौरान बीएसपी एवं गैर बीएसपी के विभिन्न वर्गों में प्राइमरी, मिडिल एवं हाई स्कूल के विद्यार्थियों हेतु 02 अक्टूबर को वन्य प्राणियों से संबंधित ड्राइंग प्रतियोगिता तथा 03 अक्टूबर को भिलाई विद्यालय, सेक्टर 02 में वन्य प्राणियों के सरंक्षण में बच्चों का योगदान विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा। इस प्रतियोगिता में बीएसपी एवं गैर-बीएसपी के विभिन्न वर्गो में प्राइमरी, मिडिल एवं हाई स्कूल के बच्चे भाग ले सकते हैं। “वन्य प्राणी जीवन सप्ताह” के तहत 03 एवं 04 अक्टूबर को स्कूली बच्चों को मैत्री बाग में निःशुल्क भ्रमण कराया जायेगा। 04 अक्टूबर को वन्य प्राणी से संबंधित फोटोग्राफी प्रतियोगिता में स्वयं द्वारा लिये गए फोटोग्राफ जमा कर इस प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं। मैत्रीबाग के मोमबत्ती गार्डन में 06 अक्टूबर को वन्य प्राणी सप्ताह का समापन समारोह संध्या 04.00 बजे से 07.00 बजे तक आयोजित किया जायेगा। इस दौरान ड्राइंग प्रतियोगिता एवं फोटोग्राफी में भाग लिए सभी बच्चों की ड्राइंग एवं फोटोग्राफी में जमा किये गए फोटोग्राफ्स को मोमबत्ती गार्डन में प्रदर्शित किया जायेगा। 06 अक्टूबर को विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रत्येक वर्ग के विजेताओं को कार्यक्रम के मुख्य अतिथि द्वारा पुरस्कृत किया जायेगा। इसके अलावा इस दौरान स्कूली बच्चों द्वारा रंगारंग सांँस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया जायेगा। इस अवसर पर वनमंडलाधिकारी, दुर्ग श्री विवेक शुक्ला मुख्य अतिथि एवं संयंत्र के महाप्रबंधक (नगर प्रशासन) श्री पी के घोष विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
भिलाई. भिलाई इस्पात संयंत्र के कोक ओवन एवं सीसीडी विभाग में आज 28 सितम्बर, 2019 को महिला ठेका श्रमिकों के सुरक्षा की दिशा में एक नई पहल का शुभारंभ किया गया। इसके तहत सीओ एवं सीसीडी विभाग में कार्यरत् महिला ठेका श्रमिकों के लिए सुरक्षा की दृष्टि से डेªस कोड जिसमें सलवार कुर्ता के साथ जैकेट पहनना अनिवार्य किया गया है। संयंत्र के महाप्रबंधक प्रभारी (सेवाएँं) श्री एस एन आबिदी एवं महाप्रबंधक (सुरक्षा एवं अग्निशमन सेवाएँ) सुरेन्द्र सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में महाप्रबंधक (सीओ एवं सीसीडी) श्री जी ए राव ने महिला ठेका श्रमिकों के लिये नये डेªस कोड को लागू किया।
इस दौरान महिला ठेका श्रमिकों ने अपने अनुभव में इस नये डेªस कोड को कार्य करने के दौरान अत्यंत ही सुविधाजनक बताया है। इस डेªस कोड से सुरक्षित कार्य करना संभव हुआ।
इस डेªस कोड के अलावा सुरक्षा को सुदृढ़ करने के अनेक प्रयास किए गए हैं। जिसके तहत कोक ओवन एवं सीसीडी विभाग में सभी ठेका श्रमिकोें की सुरक्षा को मजबूती प्रदान करने के लिये सेकेण्ड स्टेज सुरक्षा प्रशिक्षण भी दिया जाता है। प्रत्येक महीने में कम से कम एक बार सुरक्षा संबंधी निदेर्शों की जानकारी प्रत्येक श्रमिकों को दी जाती है तथा विभाग में सभी श्रमिकों का उनके काम के समय स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं कल्याण को सुनिश्चित किया जाता है।
कानून व्यवस्था सबके लिए समान,सभी करें सम्मान : विभागाध्यक्ष चौहान
गरियाबंद। आईएसबीएम यूनिवर्सिटी परिसर में शुक्रवार को विज्ञान मेला का आयोजन किया गया। जिसमें एलएलबी के छात्र-छात्राओं ने हाईकोर्ट बिलासपुर का मॉडल बनाकर सबका ध्यान अपने ओर आकर्षित किया। विश्वविद्यालय के कुलाधिपति विनय एम अग्रवाल ने मॉडल की सराहना की। विधि विभाग के अध्यक्ष अर्जुन चौहान ने कहा कि कानून व्यवस्था सबके लिए समान है। सभी को इसका सम्मान करना चाहिए।विधि विभाग के विभागाध्यक्ष अर्जुन चौहान और प्राध्यापक कमलेश कुमार बिसेन के नेतृत्व में छात्र छात्राओं ने बिलासपुर हाई कोर्ट का मॉडल तैयार करवाया गया । इस मॉडल को बनाने में लुकेश्वर यादव का महत्वपूर्ण योगदान दिया। साथ ही साइंस विभाग के छात्र छात्राओं ने विज्ञान से सम्बंधित अनेक प्रदर्शनी का प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शित किया। जिसमें मुख्य रूप से यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति विनय एम अग्रवाल, रजिस्ट्रार डॉ. बीपी भोल , डॉ. एनके स्वामी (डीन), प्रो. ओपी वर्मा सहित अन्य प्राध्यापकगण मुख्य रूप से उपस्थित रहे।विधि विभाग के अध्यक्ष अर्जुन चौहान ने बताया कि एल एल बी के छात्र छात्राओं के द्वारा बिलासपुर हाई कोर्ट का बहुत ही आकर्षक मॉडल बनाया है,इसके लिए छात्र-छात्राओं की जितनी प्रशंसा की जाए वह कम है। हमारे विभाग का यह उद्देश्य छात्र-छात्राओं को कानून के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी देना है। लोग अपने अधिकारों और कर्तव्यो की जानकारी के अभाव में शोषित हो रहे है। हमारे छात्र-छात्राएं गांव -गांव जाकर सामाजिक जागरूकता फैलाने का काम करेंगे । हमारे देश की न्याय व्यवस्था बहुत ही मजबूत है, कानून के दायरे में रहकर सभी को कार्य करना चाहिए। कानून से लोगों को डरने के बजाए उसे समझना चाहिए, न्याय पर सबका समान अधिकार है।गरीब-अमीर सबके लिए एक ही न्याय है। उन्होंने छात्र छात्राओं को कानून से सम्बंधित अनेक जानकारी भी दिए। आयोजन के दौरान विधि के छात्र-छात्राओं को कानूनी जागरूकता के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई और कानूनी जागरूकता फैलाने के लिए भी प्रेरित किया गया। विधि विभाग के प्राध्यापक कमलेश कुमार बिसेन ने कहा कि विधि विभाग द्वारा निरन्तर जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि कानून सबका है सबको न्याय पाने का अधिकार है। किसी को किसी से डरने की जरूरत नही है। कानून सबके लिये समान है। विधि शास्त्र के प्राध्यापक कमलेश कुमार बिसेन ने कहा की हाई कोर्ट का आकर्षक मॉडल कम समय मे बना लेना बहुत ही जटिल कार्य है। इस अवसर पर विधि विभाग के छात्र सोमनाथ पटेल, पुरेन्द्र साहू, चेमन साहू,चंद्रशेखर साहू, निशा नेताम, नीलिमा सोनवानी, देवराज, प्रवीण सिन्हा, लोमश, अंशुल अग्रवाल, यशवंत साहू, आकाश एवं कृष्णकुमार राजपूत सहित सभी एलएलबी के छात्र- छात्राएं उपस्थित रहे। इतना कठिन और जटिल मॉडल को देखकर पूरे विश्विद्यालय परिसर में उपस्थित सभी लोगों ने मॉडल को बनाने वाले प्राध्यापक और छात्र छात्राओं की प्रशंसा की।
पिछले वर्ष चिन्हांकित अत्यधिक दुर्घटनाजन्य स्थल हुआ शून्य
गरियाबंद । सड़क सुरक्षा एक्शन प्लान वर्ष 2019 के लिए कलेक्टर श्याम धावड़े की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर पालिका परिषद गरियाबंद की अध्यक्ष मिलेश्वरी साहू, उपाध्यक्ष मुकेश दासवानी, पुलिस अधीक्षक एम.आर. आहिरे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर, अनुविभागीय अधिकारी जे.आर.चैरसिया, जिला परिवहन अधिकारी शैलाभ साहू , रक्षित निरीक्षक यातायात प्रभारी उमेश कुमार राय सहित संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
आज की बैठक में सड़क सुरक्षा एक्शन प्लान के अनुरूप सड़क दुर्घटना रोकने हेतु पुलिस विभाग द्वारा चिन्हांकित किये गये 5 अत्यधिक दुर्घटनाजन्य स्थल (ब्लैक स्पाॅट) में सड़क दुर्घटना शून्य रखने के बारे में गहन चर्चा हुई। पुलिस अधीक्षक श्री आहिरे ने बताया कि इन स्थानों में अब ब्लैक स्पाॅट शून्य कर दिया गया है अर्थात् इस वर्ष इन स्थानों में कोई भी दुर्घटना नहीं हुई है। उल्लेखनीय है कि सड़क सुरक्षा के लिए किये गये प्रयासों की वजह से वर्ष 2018 की तुलना में इस वर्ष 2019 में सड़क दुर्घटना से मृत्यु के मामलों में 7.27 प्रतिशत की कमी आई है।
कलेक्टर श्याम धावड़े ने इस वर्ष चिन्हांकित दुर्घटनाजन्य स्थल मालगांव-पैरी नदी से लोहा रपटा पुल, कचना धुरवा मंदिर, बरोण्डा मोड़, बोरसी चैक, पोल्ट्री फार्म से शराब दुकान फिंगेश्वर सहित विभिन्न मार्गो पर आवश्यकतानुसार सांकेतिक सूचनात्मक साईन बोर्ड लगाने के निर्देश दिये। इसके अलावा उन्होंने जिले के दुर्घटनाजन्य स्थलों में आवश्यकता के अनुसार रोड स्टड, रोड रिफ्लेक्टर, रम्बल स्ट्रीट तथा कैट्स-आई लगाने के निर्देश दिये हैं। श्री धावड़े ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कहा कि वाहन से दुर्घटना होने पर जिला अस्पताल में आने वाले घायलों का गंभीरता के साथ त्वरित उपचार किया जाना चाहिए। कलेक्टर ने कहा कि 02 अक्टूबर को होने वाले ग्राम सभा में यातायात नियमों की जानकारी दी जायेगी, साथ ही स्कूल और काॅलेजों में भी इस संबंध में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
गरियाबंद । न्यायालय तथा बाल अधिकार संरक्षण आयोग नई दिल्ली से प्राप्त निर्देशानुसार जेलोें मंे निवासरत बंदियों का उम्र सत्यापन कराया जाना है। उम्र निर्धारण के संबंध में संदेह अथवा प्रक्रियागत त्रुटि के कारण बच्चे जेलों में निरूद्ध हो जाते है। उनके उम्र का सत्यापन करने हेतु अधिवक्ताओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के पैनल को सम्मलित कर जेलांे का निरीक्षण प्रत्येक त्रैमास को किया जाना है। उक्त निर्देश के परिपालन में सचिव जिला बाल संरक्षण समिति, जगरानी एक्का एवं महिला एवं बाल विकास अधिकारी नीलम देवागंन के मार्गदर्शन में 27 सितम्बर को दोपहर 12 बजे उप जेल गरियाबंद का निरीक्षण नरोत्तम साहू सदस्य, किशोर न्याय बोर्ड बाल संरक्षण अधिकारी अनिल द्विवेदी, सामाजिक कार्यकर्ता लता नेताम एवं विधिक सह परिवीक्षा अधिकारी शरदचंद निषाद के द्वारा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण समिति द्वारा 04 बैरकों का निरीक्षण किया गया जिसमें उप जेल में 167 बंदी निरूद्ध पाये गये। निरीक्षण समिति द्वारा प्रत्येक बंदियों से मुलाकात कर उनके वास्तविक आयु की जानकारी लिया गया निरीक्षण के दौरान 02 कैदियों ने अपनी आयु 18 वर्ष से कम होना बताया। जबकि 03 कैदियों ने अपने घर में निवासरत स्वयं के बच्चों का पालन पोषण करने की असमर्थता की जानकारी दी। उक्त कैदियांे में से एक कैदी उड़ीसा राज्य के नवरंगपुर जिले का है। जिसने अपने तीनों बच्चों के उचित संरक्षण की फरियाद की। संबंधितों के बच्चों का सामाजिक गृह जांच करवाने का निर्णय समिति द्वारा लिया गया एवं उड़ीसा राज्य के बच्चों का संबंधित जिला नवरंगपुर (उड़ीसा) के जिला बाल संरक्षण इकाई से समन्वय करते हुये सामाजिक जाच करने एवं उचित संरक्षण की अग्रिम कार्यवाही करने का निर्णय लिया गया।
गरियाबन्द ।बीते देर रात वाहन में आग लगने से वाहन पूरी तरह जलकर राख हो गई जिसमें किसी के हताहत नही होने की जानकारी है जानकारी के अनुसार मनीष कुमार जैन पिता लाल जी जैन निवासी अमलीपदर गाड़ी डस्टर सीजी 05 एफआर 7711 डस्टर वाहन में रायपुर से अमलिपदर वापस जा रहे थे उसी दौरान मैनपुर से 15 किलोमीटर दूर बाजा घाटी कचना ध्रुवा मंदिर से 100 मीटर की दूरी मेन रोड़ में चलती गाड़ी में कुछ आवाज आने से वाहन को रोककर नीचे उतरे उसी वक्त शार्ट सर्किट के चलने गाड़ी में आग लग गई और देखते ही देखते पूरी वाहन जलकर राख हो गई ।घटना को रिपोर्ट मैनपुर थाने में दर्ज कर विवेचना किया जा रहा है ।घटना रात 11 बजे की बताई जा रही है ,वही उक्त वाहन को चालक नीरज यादव द्वारा चलाया जा रहा था ।
रायपुर. राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने आज यहां राजभवन में राज्यपाल के सचिव श्री सुरेन्द्र कुमार जायसवाल द्वारा लिखित ’’वीआईपी विजिट एवं सत्कार के आयाम’’ नामक पुस्तक का विमोचन किया। राज्यपाल ने कहा कि वीआईपी आगमन विषय पर लिखी गई यह पुस्तक वाकई सराहनीय है। इसमें विशिष्ट अतिथियों के आगमन की तैयारी से लेकर अन्य व्यवस्थाओं का विस्तृत वर्णन किया गया है। श्री जायसवाल इसके लिए बधाई के पात्र है।
इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव श्री जायसवाल ने बताया कि राज्य निर्माण के साथ प्रदेश में विशिष्ट अतिथियों का हमेशा आगमन होते रहता है। उनके लिए राजस्व अधिकारियों को जरूरी व्यवस्थाएं करनी पड़ती है। इन अवसरों पर राजस्व अधिकारियों को कुछ कठिनाईयों को सामना भी करना पड़ता है। इस पुस्तक में व्यवस्थाओं से संबंधित सारे बिन्दुओं को समाहित करने का प्रयास किया गया है, जिससे वीआईपी आगमन की त्रुटिरहित व्यवस्था की जा सके।
उल्लेखनीय है कि इस पुस्तक में विशिष्ट अतिथि के भ्रमण कार्यक्रम मिलने से लेकर निमंत्रण पत्र प्रारूप, उनका मुद्रण से वितरण तक की व्यवस्था से लेकर और स्वागत एवं विश्राम गृह का प्रबंध के बारे में बताया गया है। इसके साथ ही विशिष्ट अतिथि के सड़क, रेल या विमान-हेलीकॉप्टर से आगमन-प्रस्थान की व्यवस्था के बारे में मार्गदर्शी जानकारी दी गई है। यदि विशिष्ट अतिथि का कोई कार्यक्रम हो तो उनके आयोजन, कार्यक्रम स्थल और मंच और बैठक की व्यवस्था कैसी होनी चाहिए तथा उनसे जुड़ी अन्य बातों पर प्रकाश डाला गया है। सामान्यतः वीआईपी आगमन पर उनसे मिलने के लिए बड़ी संख्या में लोग आते हैं, अतः भेंटकर्ता की जानकारी सहित सारी व्यवस्थाओं की आवश्यक जानकारी भी इस पुस्तक में दी गई है। विशिष्ट अतिथि के प्रचार-प्रसार के लिए प्रिंट-इलेक्ट्रानिक मीडिया इच्छुक रहती है। इनसे जुड़े सारे इंतजाम को सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए आवश्यक सुझाव भी इस पुस्तक में दिए गए है। इस पुस्तक का प्राक्कथन अपर मुख्य सचिव श्री सी.के.खेतान ने लिखा है।
गौरतलब है कि इस पुस्तक के लेखक श्री सुरेन्द्र कुमार जायसवाल वर्तमान में राज्यपाल के सचिव के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बैचलर ऑफ लाइब्रेरी साईंस, एल.एल.बी., एम.ए. (इतिहास एवं समाजशास्त्र) तक शिक्षा प्राप्त की है। वे 1984 में राज्य प्रशासनिक सेवा में चयन के पश्चात सर्वप्रथम शहडोल में डिप्टी कलेक्टर के पद पर नियुक्त हुए। उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा में पदोन्नति के पश्चात महासमुंद और जशपुर में कलेक्टर के पद पर अपनी सेवाएं प्रदान की। उसके पश्चात राज्य कृषि विपणन मण्डी बोर्ड एवं छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित में प्रबंध संचालक एवं रजिस्ट्रार को-ऑपरेटिव सोसायटी तथा सामान्य प्रशासन विभाग में विशेष सचिव और आयुक्त-सह-संचालक पंचायत के पद पर कार्यरत रहे। इसके पहले श्री जायसवाल की ’’राजस्व प्रकरणों में आदेश लेखन’’ स्थानीय स्वशासन में वित्तीय समावेशन और विभिन्न अधिनियमों में राजस्व अधिकारियों के अधिकार एवं शक्तियां नामक पुस्तक प्रकाशित हो चुकी है। यह पुस्तक आनलाइन भी उपलब्ध होगी।
इस अवसर पर श्री जायसवाल की धर्मपत्नी श्रीमती रमा जायसवाल और उनकी पुत्री सुश्री अपराजिता जायसवाल, राज्यपाल के परिसहाय द्वय श्री अनंत श्रीवास्तव, श्री भोजराज पटेल, संचालक संपदा श्री जागेश्वर कौशल, राजभवन के नियंत्रक श्री हरवंश मिरी, पूर्व नियंत्रक श्री सुरेश अग्रवाल, पुस्तक के प्रकाशक श्री सुधीर शर्मा सहित राजभवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
भिलाई। संयुक्त राष्ट्र के वैश्विक पर्यावरण कार्यक्रम में संतोष रूंगटा समूह द्वारा संचालित रूंगटा कॉलेज आॅफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आरसीईटी) के शोधार्थी भी अपनी भागीदारी दे रहे हैं। हाल ही में सम्पन्न हुए संयुक्त राष्ट्र के सम्मेलन में वैश्विक पर्यावरण की सुरक्षा में भारत की भागीदारी को सराहा गया है। आरसीईटी के प्रशांत कुमार चौधरी एवं सत्य प्रकाश माखीजा को इसी विषय में सीएसवीटीयू ने पीएचडी प्रदान की है।
उल्लेखनीय है कि इस शोध केंद्र के विद्युत इंजीनियरिंग विभाग के अंतर्गत रिसर्च स्कॉलर प्रशांत कुमार चौधरी को 'इफिशिएंसी आॅप्टिमाइजेशन इन वेरिएबल फ्रीक्वेंसी इंडक्शन मोटर ड्राइव' विषय पर छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय द्वारा डॉक्टर आफ फिलासफी की उपाधि प्रदान की गई है। उन्होंने अपना शोध कार्य डॉ. सत्य प्रकाश दुबे डीन (अनुसंधान एवं विकास) के निर्देशन में पूर्ण किया।
आधुनिक औद्योगिक जगत में ऊर्जा की निरंतर आवश्यकता की आपूर्ति हेतु हमारे परंपरागत स्रोतों का तेजी से दोहन हो रहा है, ऐसी स्थिति में विद्युत मशीनों की दक्षता बढ़ाकर ऊर्जा खपत में कमी लाना समाज के लिए एक सार्थक प्रयास है। इंडस्ट्रीज में लगने वाले पंखे पंप कंप्रेसर आदि लोड के लिए नई कंट्रोल तकनीक से आॅप्टिमल फ्लक्स का निर्धारण कर मोटर की दक्षता बढ़ाई जाना प्रमाणित किया गया। उनकी इस शोध को ऊर्जा खपत में हुई बचत को कार्बन फुटप्रिंट के संदर्भ में औद्योगिक जगत के लिए लाभदायक प्रयास कहा जा सकता है ।
उल्लेखनीय है कि पूर्व में डॉ. एसपी दुबे के मार्गदर्शन में एक और रिसर्च स्कॉलर सत्य प्रकाश मखीजा ने मॉडलिंग, एनालिसिस एंड आॅप्टिमाइजेशन आफ हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी सिस्टम विषय पर छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। इन शोध कर्ताओं के रिसर्च पेपर कार्बन उत्सर्जन जैसे विषयों से जुड़े हैं और विश्व के अग्रणी शोध जर्नल में प्रकाशित हुए हैं।

राजेश्री महंत डॉ. रामसुन्दर दास ने कहा कि संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है। संस्कृत एक समृद्ध और वैज्ञानिक भाषा है। इसी भाषा में हमारे शास्त्रों की रचना हुई है। जिनमें हमारी समृद्ध विरासत परिलक्षित होती है। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम के निर्देश पर दूधाधारी मठ के सत्संग भवन में प्राच्य संस्कृत शिक्षकों के पांच दिवसीय प्रशिक्षण समापन अवसर पर महंत रामसुन्दर दास ने इस आशय के विचार व्यक्त किए।
महंत रामसुन्दर दास ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश आदि कवि महर्षि वाल्मीकी और महाकवि कालीदास जैसे महान रचनाकारों का क्षेत्र रहा है। हमारा छत्तीसगढ़, हमारी परम्परा, हमारी जीवन शैली में इस भाषा के ज्ञान का प्रभाव रहा है। उन्होंने कहा कि संस्कृत के प्रचार-प्रसार से हमारे प्रदेश की संस्कृति समृद्ध होगी। छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामंडलम द्वारा किए जाने वाले कार्य प्रशंसनीय है।
प्रशिक्षण का उद्घाटन संस्कृत महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रीमती राधा पाण्डेय द्वारा किया गया। प्रशिक्षण शिविर में डॉ. तोयनिधि वैष्णव ने प्रशिक्षणार्थियों को सम्बोधित किया। प्रशिक्षण शिविर 24 से 28 सितम्बर तक आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में डॉ. राघवेन्द्र शर्मा, सहायक प्राध्यापक द्वारा साहित्य धर्म शास्त्र, डॉ. आराधना कण्डे द्वारा आयुर्वेद, डॉ. बहुरन सिंह पटेल द्वारा व्याकरण, श्री ललित शर्मा द्वारा योग दर्शन, प्रधानाचार्य दूधाधारी श्री वैष्णव संस्कृत विद्यालय श्री कृष्ण वल्लभ शर्मा ने प्रवेशिका, डॉ. महेश चन्द्र शर्मा प्राचार्य उतई कॉलेज द्वारा प्रवचनम और डॉ. संतोष तिवारी द्वारा ज्योतिष विषय पर प्रशिक्षण दिया गया।
शिविर का सफल संयोजन सचिव छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामंडलम डॉ. सुरेश कुमार शर्मा ने किया और सहायक संचालक श्री लक्ष्मण प्रसाद साहू, व्याख्याता श्रीमती आशारानी चतुर्वेदी ने सह संयोजन किया। प्राचार्य दूधाधारी वैष्णव संस्कृत विद्यालय मठपारा श्री कृष्ण वल्लभ शर्मा ने सहयोग दिया। संस्कृत विद्यामंडलम के सचिव ने प्रशिक्षण में आए सभी आचार्यों को सक्रिय सहभागिता के लिए बधाई देते हुए संस्कृत विद्यालय में संस्कृत का वातावरण निर्मित करने की अपील की।

राजेश्री महंत डॉ. रामसुन्दर दास ने कहा कि संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है। संस्कृत एक समृद्ध और वैज्ञानिक भाषा है। इसी भाषा में हमारे शास्त्रों की रचना हुई है। जिनमें हमारी समृद्ध विरासत परिलक्षित होती है। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम के निर्देश पर दूधाधारी मठ के सत्संग भवन में प्राच्य संस्कृत शिक्षकों के पांच दिवसीय प्रशिक्षण समापन अवसर पर महंत रामसुन्दर दास ने इस आशय के विचार व्यक्त किए।
महंत रामसुन्दर दास ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश आदि कवि महर्षि वाल्मीकी और महाकवि कालीदास जैसे महान रचनाकारों का क्षेत्र रहा है। हमारा छत्तीसगढ़, हमारी परम्परा, हमारी जीवन शैली में इस भाषा के ज्ञान का प्रभाव रहा है। उन्होंने कहा कि संस्कृत के प्रचार-प्रसार से हमारे प्रदेश की संस्कृति समृद्ध होगी। छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामंडलम द्वारा किए जाने वाले कार्य प्रशंसनीय है।
प्रशिक्षण का उद्घाटन संस्कृत महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रीमती राधा पाण्डेय द्वारा किया गया। प्रशिक्षण शिविर में डॉ. तोयनिधि वैष्णव ने प्रशिक्षणार्थियों को सम्बोधित किया। प्रशिक्षण शिविर 24 से 28 सितम्बर तक आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में डॉ. राघवेन्द्र शर्मा, सहायक प्राध्यापक द्वारा साहित्य धर्म शास्त्र, डॉ. आराधना कण्डे द्वारा आयुर्वेद, डॉ. बहुरन सिंह पटेल द्वारा व्याकरण, श्री ललित शर्मा द्वारा योग दर्शन, प्रधानाचार्य दूधाधारी श्री वैष्णव संस्कृत विद्यालय श्री कृष्ण वल्लभ शर्मा ने प्रवेशिका, डॉ. महेश चन्द्र शर्मा प्राचार्य उतई कॉलेज द्वारा प्रवचनम और डॉ. संतोष तिवारी द्वारा ज्योतिष विषय पर प्रशिक्षण दिया गया।
शिविर का सफल संयोजन सचिव छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामंडलम डॉ. सुरेश कुमार शर्मा ने किया और सहायक संचालक श्री लक्ष्मण प्रसाद साहू, व्याख्याता श्रीमती आशारानी चतुर्वेदी ने सह संयोजन किया। प्राचार्य दूधाधारी वैष्णव संस्कृत विद्यालय मठपारा श्री कृष्ण वल्लभ शर्मा ने सहयोग दिया। संस्कृत विद्यामंडलम के सचिव ने प्रशिक्षण में आए सभी आचार्यों को सक्रिय सहभागिता के लिए बधाई देते हुए संस्कृत विद्यालय में संस्कृत का वातावरण निर्मित करने की अपील की।
रायपुर, 28 सितम्बर 2019
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्र कुमार ने आज नीर भवन में विभाग के ठेकेदारों की बैठक ली। मंत्री गुरू रूद्र ने ठेकेदारों से कहा कि सभी कार्यों को सरकार की मंशा के अनुरूप गुणवत्ता वाले और समय-सीमा में पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि सभी अपने संबंधित जिलों में ही कार्य करें। दूसरे जिले में कार्य करने से समस्या तो आती है साथ ही कार्य में गुणवत्ता की कमी भी रहती है। मंत्री गुरू रूद्र ने कहा कि प्रायः विधायकों और जनप्रतिनिधियों से कार्य की गुणवत्ता संबंधी शिकायतें प्राप्त होती रहती है।
उन्होंने कहा कि अपने कार्यों में गुणवत्ता रखें इससे आपके फर्म का ही नाम होगा। गुणवत्ताहीन कार्य करने वालों के प्रति कठोर कार्यवाही की जाएगी और उन्हें ब्लैक लिस्टेड कर दिया जाएगा। सभी लोग आपसी सामंजस्य बनाकर कार्य करें। सभी जिलों में पर्याप्त कार्य हैं। कार्यों का अतिक्रमण ना करें। उन्होंने कहा कि कार्य संबंधी होने वाली समस्याओं से अवगत कराएं। निश्चित तौर पर उन सभी का निराकरण किया जाएगा।
इस अवसर पर समय-सीमा में पेयजल योजनाओं की पूर्णता, कार्यों की गुणवत्ता, ऑन लाइन निविदा में शपथ पत्र के सत्यापन, निविदा में बाजार दर की तुलना में दरें उचित रखने और सभी ठेकेदार अपनी श्रेणी अनुसार कार्य करने आदि बिन्दुओं पर मुख्य रूप से चर्चा की गई। उल्लेखनीय है कि राज्य निर्माण के बाद पहली बार पीएचई मंत्री द्वारा ठेकेदारों की ऐसी बैठक ली तथा ठेकेदारों की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक संज्ञान में लेकर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर उपस्थित ठेकेदारों ने कार्य के दौरान आने वाली व्यवहारिक तकनीकी समस्याओं, ट्यूबवेल से संबंधित, जीएसटी संबंधी, कार्यों का आपसी अतिक्रमण, लंबित भुगतान, सीएसआर रिवीजन, शपथ पत्र की विभागीय जांच, टेंडर सेंक्शन संबंधी, वाटर क्वालिटी में नई तकनीकी इस्तेमाल करने आदि विषयों पर अपनी बात रखी। इस अवसर पर विभाग के प्रमुख अभियंता श्री टी.जी. कोसरिया और विभाग के कार्यपालन अभियंता सहित विभाग में कार्य करने वाले ठेकेदार बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
रायपुर, 28 सितम्बर 2019
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्र कुमार ने आज नीर भवन में विभाग के ठेकेदारों की बैठक ली। मंत्री गुरू रूद्र ने ठेकेदारों से कहा कि सभी कार्यों को सरकार की मंशा के अनुरूप गुणवत्ता वाले और समय-सीमा में पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि सभी अपने संबंधित जिलों में ही कार्य करें। दूसरे जिले में कार्य करने से समस्या तो आती है साथ ही कार्य में गुणवत्ता की कमी भी रहती है। मंत्री गुरू रूद्र ने कहा कि प्रायः विधायकों और जनप्रतिनिधियों से कार्य की गुणवत्ता संबंधी शिकायतें प्राप्त होती रहती है।
उन्होंने कहा कि अपने कार्यों में गुणवत्ता रखें इससे आपके फर्म का ही नाम होगा। गुणवत्ताहीन कार्य करने वालों के प्रति कठोर कार्यवाही की जाएगी और उन्हें ब्लैक लिस्टेड कर दिया जाएगा। सभी लोग आपसी सामंजस्य बनाकर कार्य करें। सभी जिलों में पर्याप्त कार्य हैं। कार्यों का अतिक्रमण ना करें। उन्होंने कहा कि कार्य संबंधी होने वाली समस्याओं से अवगत कराएं। निश्चित तौर पर उन सभी का निराकरण किया जाएगा।
इस अवसर पर समय-सीमा में पेयजल योजनाओं की पूर्णता, कार्यों की गुणवत्ता, ऑन लाइन निविदा में शपथ पत्र के सत्यापन, निविदा में बाजार दर की तुलना में दरें उचित रखने और सभी ठेकेदार अपनी श्रेणी अनुसार कार्य करने आदि बिन्दुओं पर मुख्य रूप से चर्चा की गई। उल्लेखनीय है कि राज्य निर्माण के बाद पहली बार पीएचई मंत्री द्वारा ठेकेदारों की ऐसी बैठक ली तथा ठेकेदारों की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक संज्ञान में लेकर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर उपस्थित ठेकेदारों ने कार्य के दौरान आने वाली व्यवहारिक तकनीकी समस्याओं, ट्यूबवेल से संबंधित, जीएसटी संबंधी, कार्यों का आपसी अतिक्रमण, लंबित भुगतान, सीएसआर रिवीजन, शपथ पत्र की विभागीय जांच, टेंडर सेंक्शन संबंधी, वाटर क्वालिटी में नई तकनीकी इस्तेमाल करने आदि विषयों पर अपनी बात रखी। इस अवसर पर विभाग के प्रमुख अभियंता श्री टी.जी. कोसरिया और विभाग के कार्यपालन अभियंता सहित विभाग में कार्य करने वाले ठेकेदार बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके से आज यहां राजभवन में विधानसभा प्रतिपक्ष के नेता श्री धरमलाल कौशिक के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने किसानों की समस्याओं के साथ अन्य जन समस्याओं को लेकर राज्यपाल का ध्यान आकर्षित किया। राज्यपाल ने उनकी समस्याओं का समाधान करने का आवश्वासन दिया।
इस अवसर पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल, पूर्व मंत्री एवं विधायक श्री बृजमोहन अग्रवाल, पूर्व सांसद द्वय श्री विक्रम उसेंड़ी, श्री अशोक शर्मा, पूर्व विधायक श्री श्रीचंद सुंदरानी, छत्तीसगढ़ राज्य पादप वनौषधि बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष श्री रामप्रताप सिंह, रायपुर विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, श्री विजय शर्मा, श्री नरेश गुप्ता सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।
राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके से आज यहां राजभवन में विधानसभा प्रतिपक्ष के नेता श्री धरमलाल कौशिक के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने किसानों की समस्याओं के साथ अन्य जन समस्याओं को लेकर राज्यपाल का ध्यान आकर्षित किया। राज्यपाल ने उनकी समस्याओं का समाधान करने का आवश्वासन दिया।
इस अवसर पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल, पूर्व मंत्री एवं विधायक श्री बृजमोहन अग्रवाल, पूर्व सांसद द्वय श्री विक्रम उसेंड़ी, श्री अशोक शर्मा, पूर्व विधायक श्री श्रीचंद सुंदरानी, छत्तीसगढ़ राज्य पादप वनौषधि बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष श्री रामप्रताप सिंह, रायपुर विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, श्री विजय शर्मा, श्री नरेश गुप्ता सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।