छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ (21107)

5 अक्टूबर को होगा  कवि सम्मेलन
दुर्ग। शहर के सबसे प्राचीन दुर्गोत्सव समिति श्री गंजपारा दुर्गोत्सव समिति पुरानी गंजमंडी का यह 52 वां वर्ष है। 29 सितम्बर से 7 अक्टूबर तक यहां उत्सव मनाया जाएगा। दुर्गोत्सव के संरक्षक मंडल एवं पदाधिकारी व सदस्यों की बैठक में तैयारी की चर्चा की गई। इस बार दुर्गोत्सव के दौरान वृन्दावन की प्रमुख मंदिर प्रेम मंदिर की झांकी बनाया गया है,  जिसमें वृन्दावन की मंदिर की तरह झांकी को तैयार किया गया जो दर्शनार्थियों के बीच काफ ी आकर्षण का केंद्र रहेगा।   निर्धारित  कार्यक्रम के अनुसार समिति द्वारा 29 सितंबर रविवार प्रात 9 बजे पुरानीगंज मंडी से माताजी की शोभायात्रा निकालकर प्रतिमा गंजमंडी में विराजित की जाएगी। समिति द्वारा इस वर्ष सांस्कृतिक आयोजन की श्रृंखला में 3 अक्टूबर गुरुवार रात्रि 9 बजे से पुरानी गंजमंडी में छत्तीसगढ़ी कार्यक्रम रंग सरोवर गरियाबंद की प्रस्तुति का आयोजन रखा गया। इसी क्रम में समिति अपनी परंपराओं के अनुकूल अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन 5 अक्टूबर शनिवार रात्रि 9 बजे पुरानी गंजमंडी में आयोजित है। जिसमें आमंत्रित कविगण दिनेश रघुवंशी ओज फ रीदाबाद, सुश्री सबीना अदीब गीत गजल लखनऊ, कुमारी कविता तिवारी वीर रस दिल्ली, अखिलेश द्विवेदी हास्य व्यंग, सुंदर मालेगांवी हास्य व्यंग, राम भदावर वीररस इटावा यूपी, अपनी कविताओं का पाठ करेंगे। 6 अक्टूबर रविवार  12 बजे अष्टमी हवन किया जाएगा। 8 अक्टूबर मंगलवार 12 बजे से मातारानी की प्रसादी महा भंडारा का आयोजन रखा गया है। 9 अक्टूबर बुधवार सुबह 10 बजे से माता रानी की विसर्जन यात्रा गंजपारा पुरानी गंजमंडी से नगर भ्रमण करते हुए विसर्जन हेतु प्रस्थान करेगी।

दुर्ग। अविश एडुकॉम ड्रीम जोन की स्टूडेन्ट हिमांशी छेत्री ने कैनवास पेन्टिंग वर्कशॉप का आयोजन किया। डिजाइनिंग के स्टूडेन्ट्स ने इसमें बड़ी संख्या में भागीदारी दी तथा अपनी कल्पना के रंग और आकार को कैनवास पर उतारा। टी शीला, दीपाली हिरावत एवं भरत केशवानी ने क्रमश: प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार पर कब्जा किया।
    हिमांशी ने बताया कि कला वह नहीं है जो आप देख पाते हैं। कला के माध्यम से कलाकार आपको वह दिखाता है जो वह दिखाना चाहता है। विभिन्न आकृतियों, आकारों एवं रंग संयोजन से कभी- कभी वह एक ऐसा सृजन करता है, जो आपको किसी और ही दुनिया में पहुंचा देता है। फैशन डिजाइनिंग हो या इंटीरियर डिजाइनिंग आपकी कल्पनाशीलता और लोगों के भावों को पकडऩे की आपकी क्षमता ही आपको सफ ल बनाती है। अविश एडुकॉम के संचालक नीलेश पारख ने बताया कि यह रंगों का एक अद्भुत संसार है, जो मूड ठीक कर सकता है। इसके साथ अनन्त प्रयोग किये जा सकते हैं। डिजाइन स्टूडेन्ट्स का इसी संसार से परिचय कराने के लिए प्रत्येक शनिवार को उन्हें इस तरह के एक्टिविटी में शामिल किया जाता है।

दुर्ग। रेलवे स्टेशन दुर्ग के बाहर गरीब, असहाय  एवं विकलांग जनों को 1 जनवरी 2017 से लगातार बिना नागा किये 1000 दिनों से नि:शुल्क भोजन कराती आ रही जन समर्पण सेवा संस्था दुर्ग। शहर के युवाओं का यह ग्रुप जो कि आज 1000 दिनों से प्रतिदिन 60 से 70 लोगो को नि:शुल्क भोजन के साथ- साथ उनकी जरूरत की सामग्री कम्बल, बर्तन, दवाई, रेनकोट, छाता जैसी विभिन्न सामग्री भी नि:शुल्क उप्लब्ध काराती आ रही है।
    आज के समय में एक समय का खाना खिलाना या मिलना लोगो को दूभर है, परिवार के बाहर वाले तो दूर परिवार के लोग भी भोजन खिला नही पाते, आज भी ना जाने कितने लोगो को एक वक्त का खाना बमुश्किल से मिलता है,125.करोड़ के देश में आज भी लाखों लोग मुश्किल से एक वक्त ही खाना खा पाते, दूसरे वक़्त का भोजन मिले उसकी कोई गारंटी नही है, एक वक्त उन्हें भूखे ही सोना पड़ता है, पर इस देश में जहा गरीबी भुखमरी मौजूद  है पर वही दूसरी ओर इस भारत देश और छत्तीसगढ़ प्रदेश में ऐसे लोग भी मौजूद हैं,जो इंसानियत और मानव सेवा के लिए अपना समय निकालकर सेवा भाव से परोपकार का कार्य कर रहे हैं।  कोई जरूरी नही की हर कार्य सरकार के भरोसे ही रहकर किया जाए, कुछ कार्य खुद से भी किया जा सकता है, अगर आप मे करने का जज्बा माद्दा हो ऐसा ही कुछ नजारा आज 1000 दिनों से दुर्ग रेलवे स्टेशन के बाहर देखने को मिलता है।  जन समर्पण सेवा संस्था के प्रमुख बंटी शर्मा ने बताया कि भोजन सेवा की शुरुआत 1 जनवरी 2017 से की गई है, जो कि आज 1000 दिन हो गए हैं, प्रतिदिन लगभग 60 से 70 गरीब, असहाय, विकलांग, एवं अनाथ जनों को भोजन वितरण किया जाता रहा है।  
    संस्था द्वारा प्रतिदिन रात्रि 8 बजे भोजन के साथ- साथ संस्था द्वारा इस 1000 दिनों में 37 ट्रायसिकल, 52 बैसाखी, लगभग 600 कम्बल, सैकड़ों बर्तन, कपड़े, दवाई, एवं जरूरत की विभिन्न सामग्री नि:शुल्क वितरण की गयी है।  भोजन सेवा को आज 1000 दिवस पूर्ण होने पर संस्था द्वारा सभी सहयोगियों को बधाई एवं आभार प्रेषित किया गया एवं आज दुर्ग रेल्वे स्टेशन एवं शहर के विभिन्न स्थानों में घूम-घूमकर सैकड़ों गरीब, असहाय, विकलांग, अनाथ जनों के साथ- साथ आम जनता को भी भोजन वितरण किया गया। साथ ही साथ सभी सहयोगियों को आमंत्रित कर सभी के साथ संस्था के सदस्यों ने भी आज गरीब, असहाय, विकलांग जनों के साथ भोजन किया।  साथ ही साथ आज गौ सेवा करते हुए शहर में सैकड़ों गायों को गुड़, चना, रोटी खिलाई गयी।   
    संस्था के इस कार्य में जुड़े सभी सदस्य अपना एवं अपने परिवार के सदस्यों का जन्म दिवस, शादी की सालगिरह भी इन गरीब,असहाय, विकलांग, एवं अनाथ जनों के बीच ही केक काटकर एवं मिष्ठान वितरण करके मनाया जाता है, दिन प्रतिदिन सहयोगियों के सहयोग बढ़ता जा रहा है, कुछ दिनों से शहर के प्रतिष्ठित लोगों के द्वारा अपने- अपने परिवार के सदस्यों का जन्मदिवस भी संस्था के साथ सहयोग करके गरीबों को भोजन खिलाकर मानाया जाता है।
Óदिव्यांग उपयोगी सामग्री का नि:शुल्क वितरणÓ
जनसमर्पण सेवा संस्था  व्दारा भोजन सेवा के साथ दुर्घटना एवं अन्य कारणों से दिव्यांग हुए लोगो के लिए उनकी जरूरत की सामग्री नि:शुल्क उपलब्ध कराने का एक छोटा सा प्रयास प्रारंभ किया गया है, जिसमें दिव्यांग जनों के लिए व्हीलचेयर, बैसाखी, स्टिक, कम्मोट चेयर, एवं अन्य उपयोगी सामग्री उपलब्ध है। संस्था प्रमुख बंटी शर्मा ने बताया कि गरीब, आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों की दुर्घटना या अन्य कारणों से शरीर के विभिन्न अंगों में चोंटें आ जाती है या लकवा जैसी बीमारी हो जाती है, जिसके कारण उनको दैनिक दिनचर्या में तकलीफ  होती है और उनकी तकलीफ  दूर हो, इसके लिए जो सामग्री की जरूरत होती है वो काफ ी महंगी होती है, जिसे वो क्रय नही कर पाते वैसे गरीब, असहाय, दिव्यांग जनों को उनकी जरूरत की सामग्री संस्था द्वारा श्री सत्तीचौरा मां दुर्गा मंदिर, गंजपारा, दुर्ग से नि:शुल्क उपलब्ध कराई जावेगी।   
    भोजन सेवा में अर्जित शुक्ला, शिशु शुक्ला, आशीष मेश्राम, प्रकाश कश्यप, समीर खान, आफ ताब खान, शब्बीर खान, अंजय ताम्रकार, आदित्य नारंग, शिबू मिर्जा, राहुल आढ़तिया, सुमित, सुधांशु गुप्ता, हर्ष जैन, संजय सेन, महेश गुप्ता, नारायण मरकाम, आदि संस्था के सदस्य उपस्थित होकर जरूरतमंद गरीब, असहाय, अनाथ, एवं विकलांग जनों को प्रतिदिन भोजन के साथ- साथ हलवा, पूड़ी, मिष्ठान, नमकीन, फ ल का वितरण किए ।

कहा ग्रामीण विकास सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है, करें लगातार मानिटरिंग
सैनेटरी नैपकिन और अगरबत्ती निर्माण में बिहान के स्वसहायता समूह सबसे अग्रणी
दुर्ग। नरवा, गरवा, घुरूवा, बाड़ी योजना के संबंध में मसूरी में प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों को बताया जा रहा है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत स्वयं प्रदेश में गौठान देखने अपने प्रदेश के मंत्रियों के साथ पहुंचे। पूरा देश इस मॉडल को देख रहा है। इसके बेहतर क्रियान्वयन की जिम्मेदारी आप लोगों पर है। आप जितनी अच्छी मानिटरिंग करेंगे, योजना उतनी ही सफ ल होकर उभरेगी। यह बात कमिश्नर दिलीप वासनीकर ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक में कही। उन्होंने कहा कि नरवा, गरूवा, घुरूवा, बाड़ी इस योजना के क्रियान्वयन के लिए तकनीकी रूप से स्पष्टता भी बेहद जरूरी है। इसके लिए लगातार मार्गदर्शन लें। जमीनी स्तर पर योजना के क्रियान्वयन में जो समस्या आ रही है उसके फ ीडबैक से शासन को अवगत कराएं ताकि इसे ठीक करने की कार्रवाई की जा सके।
सभी जिलों में गौठान की मानिटरिंग के लिए नियुक्त हो अधिकारी
योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि सभी जिलों में योजना के मानिटरिंग के लिए अधिकारी नियुक्त हों। संभाग के कुछ जिलों में ऐसी पहल की गई है जो बहुत अच्छी है। सुबह और शाम गौठान में पशुओं के स्वास्थ्य के संबंध में मानिटरिंग की रिपोर्ट ली जाए। इसके अलावा महीने भर में होने वाली गतिविधियों पर भी नजर रखी जाएए मार्गदर्शन दिया जाए ताकि गौठान गांव की आर्थिक विकास की प्रभावी ईकाई के रूप में उभर सके। उन्होंने कहा कि पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों की भी इसमें अहम भूमिका है क्योंकि जितने बेहतर तरीके से वे पशुओं के स्वास्थ्य का ध्यान रख पाएंगेए योजना से जुड़े हुए लाभ उतने ही मिल पाएंगे।
हाईवे के किनारे नाइट शेल्टर की तारिफ  भी
कमिश्नर ने कहा कि कुछ जिलों में हाईवे में बैठने वाले पशुओं को शेल्टर देने के लिए नाइट शेल्टर शहरों के समीप तैयार किए हैं। यह अच्छी पहल है। इस तरह की पहल को अन्य जिलों में भी कार्यान्वित किया जाना चाहिए। गौठानों में चारों की समुचित व्यवस्था रहेए इसका विशेष ध्यान रहे। उन्होंने चारागाहों में उगाये जा रहे नैपियर जैसी बेहतर चारा वाली घासों के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सितंबर महीने में अच्छी बारिश हुई है। यदि कहीं गौठान के कच्चे शेड गिर गए हों तो इसकी भी मरम्मत करा लें।
बिहान में हो रहे नवाचारों के बारे में पूछा
राजनांदगांव जिले के अधिकारियों ने बताया कि बिहान योजना के अंतर्गत इस बार यहां के स्वसहायतासमूहों ने अच्छी पहल की। उन्होंने गणेशोत्सव में उपयोग होने वाली मालाओं के फू लों से अगरबत्ती बनाई। अगरबत्ती बनाने वाले समूह विशेष रूप से सफ ल हैं। इसके अलावा सभी जिलों में सैनेटरी नैपकिन का निर्माण भी किया जा रहा है। राजनांदगांव में नवागांव में 15 समूह एक ही शेड के नीचे अलग.अलग तरह से उत्पाद बना रहे हैं। बेमेतरा में फेस क्रीमए बाडी लोशन और साबुन जैसी चीजें स्वसहायतासमूह बना रहे हैं और विक्रय कर रहे हैं। कमिश्नर ने कहा कि मत्स्यपालन जैसी चीजों को भी बढ़ावा देना चाहिए।
मनरेगा में हो रहा है बेहतर कार्य
कमिश्नर ने मनरेगा योजना की विशेष रूप से समीक्षा की और बेहतर कार्य दिवस के सृजन के लिए सभी जिलों के सीईओ को बधाई दी। उन्होंने इसके साथ ही मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना के कार्य भी जल्द पूरे कर लेने के निर्देश दिए।

रायपुर। दंतेवाड़ा उपचुनाव में कांग्रेस की जीत पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा की चुनाव बहुत बड़ी चुनौती थी हमने जनता के बीच सरकार के किये कामो को बताया जिसके बाद जनता ने हमे जीत दिलाई, इसके लिए मैं सभी कार्यकर्ताओ और क्षेत्र के जगरूप मतदाताओ को धन्यवाद देता हूं। मरकाम ने कहा की पिछली भाजपा सरकार ने पैसे का केवल बंदरबाट किया पर क्षेत्र की जनता ने देखा की वहां विकास नही हुआ इसलिए जनता ने उन्हें नकार दिया।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा हमने 11 हजार से अधिक मतो से जीत हासिल की है। इस जीत के कई मायने है, ये कार्यकर्ताओ की जीत है, महेंद्र कर्मा की शहादत की जीत है। कांग्रेस की सरकार ने जो पिछले दिनों काम किया है जेंट्स ने उस पर मुहर लगाई है।

भजपा का विकास का केंद्र भ्रष्टाचार रहा है। हमारी सरकार में विकास का केंद्र बिंदु गरीब और उपेक्षित व्यक्ति है। इसलिए डीएमएफ का फण्ड हमने आदिवासियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए खर्च किया। उनके पोषण में दिया।

हमने छत्तीसगढ़ के लोगों की जरूरतों को ध्यान में रख कर काम किया इस किये हमे इस बार 42 प्रतिशत मत मिला। जनता ने कांग्रेस के कार्यो को स्वीकार किया इस लिए हमे जीत मिली।

रायपुर। राज्य पुलिस अकादमी, चंदखुरी में रविवार को 9वां दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया. इस अवसर पर मौजूद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की, जिसमें पुलिस अकादमी में सीनियर ऑफिसर मेस और इंडोर प्रशिक्षण के लिए फारेंसिक साइंस लैब के अलावा आदर्श थाना खोलना शामिल है.

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दीक्षांत समारोह में प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों को बधाई देते हुए कहा कि आप जहां भी जाये वहां शानदार काम कर प्रदेश और देश का नाम रोशन करें. राज्य का विकास तभी संभव है जब यहां सुरक्षा रहे. सुरक्षा के साथ ही विकास भी आपके कंधे पर टिका हुआ है. आप लोगों ने सफलता से प्रशिक्षण पूरा किया है.

उन्होंने कहा कि पुलिस और चिकित्सक को जनता संकट के समय याद करती है. कई बार पुलिस की मौजूदगी से कई समस्या दूर हो जाती है. आप लोगो का सद्भावपूर्ण व्यवहार आम लोगों की आधी समस्या ऐसे ही दूर कर देती है. पुलिस बल के शामिल लोग असाधारण और असामान्य जीवन जीते है. आप लोगों के कारण ही हम सुरक्षित है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सली इलाके में आपका जोखिम और बढ़ जाता है. आम जनता की जितनी अपेक्षाएं आपसे रहती है, उतना सहयोग भी आपको मिलता रहा है. आप ऐसा नवाचार करें जिससे आम जनता को आप पर विश्वास बढ़े और अपराधियों को भय रहे. आप ने जो यहां सीखा है वो उपयोग में लाइए. आप फील्ड के जाए तो नई ऊर्जा आया संचार हो.

सीएम ने कहा कि पुलिस के लिए अपने कार्यस्थल पर पहुंचना बड़ी चुनौती होती है, पुलिस का व्यवहार बहुत मायने रखता है, नक्सल प्रभावित राज्य है इसलिये पुलिस का जोखिम और बढ़ जाता है, नक्सल मोर्चे पर बलिदान बेकार न जाये ये ध्यान रखना भी जरुरी, जो सीखा आपने उपयोग में लाइए.

चांपा। चांपा की बेटी रजिया यास्मिन को मुम्बई में गोल्ड मैडल से सम्मानित किया गया। यह सम्मान ब्यूटी पार्लर के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने पर प्रदान किया गया। आपकों बता दंे कि रजिया चांपा निवासी सलीम मुख्तार की पत्नी है।
उल्लेखनीय है कि रजिया यास्मिन को इंटरनेशनल ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण में छत्तीसगढ़ से चुना गया था। इंडिया के नामी ब्यूटी पार्लर अनुराग मैकअप मंत्रा इंटरनेशनल मेकअप गुरुकुल मुम्बई ने इंटरनेशनल प्रशिक्षण मुम्बई मे पन्द्रह दिवसीय आयोजन किया, जिसमें प्रशिक्षण के दौरान दबंग थ्री की नायिका त्रृप्ति शुक्ला को मेकअप करने के लिए चांपा की इस बेटी रजिया का चयन किया गया। मेकअप करने के बाद सभी ने रजिया यास्मिन को खूब तारीफ की। उन्होंने इसे सराहनीय बताते हुए मुम्बई ब्यूटी पार्लर अनुराग मेकअप ने इस बेटी को गोल्ड मैडल व प्रशिस्त पत्र से समान्नित भी किया। मुम्बई से प्रशिक्षण पूरी कर चांपा लौटने पर नगर के ब्यूटी पार्लर संचालित करने वाली महिला व समाज के लोगों ने चांपा रेलवे स्टेशन में उनका भव्य स्वागत किया।

जांजगीर-चांपा। शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ रविवार को होगा। इसके लिए मंदिरों में तैयारी लगभग पूरी हो गई है। मंदिरों की साफ सफाई कर रंगरोगन किया गया है तो वहीं मंदिर परिसरों में टेंट की व्यवस्था गई है।
चंद्रपुर की मां चंद्रहासिनी, अष्टभुजी, मां मनका दाई, पहियापाठ सहित चांपा की कुलदेवी मां समलेश्वरी मंदिर में भी तैयारी पूरी हो गई है। रविवार को शुभ मुहूर्त में ज्योतिकलश प्रज्जवलित की जाएगी। यहां भक्तों ने बड़ी संख्या में मनोकामना ज्योति कलश जलवाने के लिए रसीद कटवा लिया है। नवरात्रि के साथ ही पूरे नौ दिनों तक पूरा अंचल भक्तिमय वातावरण और मांदर की थाप से गूंजायमान रहेगा।

बम्हनीडीह विकासखंड का अजीबो गरीब गांव मौहाडीह
वीरान गांव के विकास के लिए कैसे हो गया लाखों सेंशन
जांजगीर-चांपा। जिले के बम्हनीडीह ब्लाक का एक ऐसा गांव मौहाडीह, जिसे षड्यंत्र कर रिकॉर्ड में वीरान घोषित कर दिया गया है, लेकिन धरातल पर इस गांव की आबादी 11 सौ से अधिक है। वीरान गांव होने के कारण यहां के ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं जबकि रिकार्ड में इस गांव के लिए लाखों रुपए सेंशन हो गया है। लेकिन वह राशि कहां गई किसी को नहीं पता।
ग्रामीणों के अनुसार ग्राम पंचायत सिलादेही के आश्रित ग्राम मौहाडीह को वर्ष 2011 में षड़यंत्रपूर्वक राजस्व रिकार्ड में वीरान घोषित कर दिया गया। इसके चलते शासन ने यहां विकास के लिए बजट देना बंद कर दिया। लेकिन तथ्यों के मुताबिक वर्ष 2011 से अब तक विकास कार्य के लिए लाखों रुपए सेंशन हुआ है। ऐसे में सवाल उठता है कि शासन-प्रशासन एक तरफ मौहाडीह को वीरान मानता है तो दूसरी तरफ विकास के लिए रकम भी जारी करता है। यह विरोधाभास लोगों के समझ से परे है। इस गांव के लोग अर्से से पक्की सड़क के लिए तरस रहे है तो वहीं बांस के सहारे बिजली का विस्तार किया गया है। गांव में पेयजल तक की समुचित व्यवस्था नहीं है। हमारी टीम जब वीरान गांव मौहाडीह का जायजा लेने पहुंची तो पूरा गांव एकजुट था। बड़ी संख्या में ग्रामीण हाथ में तख्ती लेकर मौहाडीह को अलग पंचायत घोषित करने नारेबाजी करने लगे। जिस तरह इस गांव को वीरान कर यहां के ग्रामीणों को नारकीय जीवन जीने मजबूर किया गया, उसमें अफसरों की अहम भूमिका है। अब देखना होगा कि यह मामला सामने आने के बाद इस गांव की तस्वीर बदलती है कि नहीं।
सवाल पर उलझे जिम्मेदार
बताया जाता है बहुत साल पहले हसदेव में बाढ़ आई थी, जिसके चलते पूरा मौहाडीह बह गया था। ऐसे में मौहाडीह गांव के लोग ग्राम पंचायत सिलादेही में पलायन कर गए। अभी ग्रामीण जिस गांव व स्थान को मौहाडीह बता रहे हैं वह वास्तव में सिलादेही की भूमि है। यह बात गांव की सरपंच और जनपद सीईओ ने भी बताई, लेकिन जब हमनें सरपंच और जनपद सीईओ से पूछा कि यदि मौहाडीह बाढ़ में बह गया है तो उस बहे हुए गांव के नाम पर विकास के लिए रकम कैसे जारी हुई। तो वहीं जिस स्थान को ग्रामीण मौहाडीह बता रहे हैं तो उसे सिलादेही ही क्यों नहीं घोषित किया जाता। इस सवाल पर सरपंच और जनपद सीईओ भी उलझ गए।  
क्या कहते हैं जिम्मेदार
इस पूरे मामले को लेकर सिलादेही की महिला सरपंच का कहना है कि गांव में मुक्तिधाम व आंगनबाड़ी सहित अन्य काम के लिए रकम जारी हुआ है। सरपंच का कहना है कि मौहाडीह गांव बहुत पहले वीरान घोषित हुआ है, जबकि वो बीते पांच साल से ही सरपंच है। पहले क्या हुआ वो नहीं जानती। बम्हनीडीह जनपद सीईओ एफआर साहू ने बाढ़ वाली बात बताई, लेकिन जब हमनें उक्त सवाल पूछे तो उन्होंने संतुष्टिपूर्वक जवाब देने के बाद पूरे मामले में जांच करने का हवाला दिया।

सोशल मीडिया में चांपा नगरपालिका चुनाव को लेकर जनता पक्ष-विपक्ष को कोस रही
शहर के कई बड़े चेहरे निर्दलीय चुनाव लड़ने की बना रहे योजना
चांपा। चांपा नगरपालिका चुनाव के लिए अध्यक्ष के बाद पार्षदों के लिए सीट आरक्षित होते ही राजनीतिकारों का गुणा-भाग शुरू हो गया है। एक सर्वे के मुताबिक अब की बार निर्दलीय सरकार की तर्ज पर स्वतंत्र पैनल बनने की खबर मिल रही है। यदि ऐसा होता है तो यह चांपा के इतिहास में यह पहली घटना होगी। हालांकि प्रमुख दल भाजपा और कांग्रेस से चुनाव लड़ने के लिए भी रणनीति बनने लगी है।
लोकसभा, विधानसभा के साथ ही नगरपालिका चुनाव के लिए चांपा जिले का अहम सीट है। इस सीट से चुनाव जीतकर देश के संसद तक कई नेता पहुंचे लेकिन सत्ता पाने के बाद नेताओं ने चांपा को भुला दिया। इसके चलते शहर का अपेक्षित उद्धार नहीं हो सका। यदि नगरपालिका चुनाव की बात की जाए तो 15 साल भाजपा के और 5 साल कांग्रेस के राज में जनता नाखुश ही रही। क्योंकि जनता नगरपालिका के कामकाज से पहले भी दुखी थी तो वहीं बीते पांच सालों में भी यही स्थिति रही। नगरपालिका के अडि़यल स्थानीय अमले ने शहर की जनता को रूलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। छोटे-छोटे काम के लिए जिस कदर शहर की जनता ने नगरपालिका का चक्कर लगाया है उससे उनके चप्पल भी घिस गए लेकिन समस्या जस की तस है। नगरपालिका के जनप्रतिनिधि तो अपने स्तर से जनता की समस्या का हल निकालने नपा अमले पर दबाव बनाते है लेकिन निकम्मे अमले पर उनका असर ही नहीं होता। जिसका असर नगरपालिका चुनाव में दिख सकता है। आपकों बता दें कि नगरपालिका चुनाव से पहले सीट आरक्षण के बाद जिस तरह निर्दलीय सरकार की सुगबुगाहट शुरू हो गई है यह ऐतिहासिक घटना की ओर इशारा कर रहा है। यदि सोशल मीडिया की बात की जाए तो बहुत सारे लोग अब की बार निर्दलीय सरकार की राग अलापने लगे हैं। सोशल मीडिया में जिस तरह आम जनता पक्ष-विपक्ष के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं उससे दोनों ही प्रमुख दलों की चिंता बढ़ गई है। ऐसी स्थिति में अध्यक्ष और पार्षद का निर्दलीय चुनाव लड़कर सरकार बनाने की रणनीति पर काम शुरू होने की खबरें आ रही है। खबरों के मुताबिक शहर के कई बड़े चेहरे इस बार दांव लगा सकते हैं जिसका खुलासा आने वाले दिनों में हो सकता है।
अभी जितना कभी नहीं हुआ
इसे नगरपालिका अध्यक्ष राजेश अग्रवाल का गुड लक कहे या फिर उनका चांपा के लिए समर्पित प्रयास क्योंकि उनके कार्यकाल में जितने कामों के लिए रकम सेंशन हुआ है वह बीते 15 सालों के बराबर है। शहर के रामबबांधा तालाब सौंदर्यीकरण के लिए करीब आठ करोड़ सेंशन हुआ है तो वहीं गौरवपथ के लिए भी करीब आठ करोड़ सेंशन हुआ है। शहर के स्टेशन रोड की बात करें तो इसके लिए भी इतनी ही राशि सेंशन हुई है। ये तीन कामों को ही मिला दिया जाए तो 24  करोड़ होता है। इसके अलावा भी करोड़ों का काम सेंशन हुआ है। हालांकि यह नपाध्यक्ष का बेड लक है कि कई काम अधूरे है। रामबांधा तालाब को लेकर भी शहर की जनता में नाराजगी है।

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