ईश्वर दुबे
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Bhilai
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज राजधानी रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय शहरी नवाचार कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए कहा कि रायपुर शहर को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लिए सबकी सहभागिता जरूरी है। इस एक दिवसीय कार्यशाला में शहर के विकास के लिए अपनी राय साझा करने देश-विदेश के नगरीय निकायों के प्रमुख बड़ी संख्या में शामिल हुए। श्री बघेल ने कार्यक्रम में रायपुर शहर की स्वच्छता के लिए कार्य करने वाले सफाई कर्मियों को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रायपुर नगर पालिक निगम के महापौर श्री प्रमोद दुबे ने किया।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने सम्बोधित करते हुए कहा कि रायपुर शहर तेजी से स्मार्ट सिटी की ओर अग्रसर है। इसे स्वच्छ, सुग्घर और सुंदर शहर के रूप में पहचान दिलाने में सभी लोगों की सहभागीता होनी चाहिए। हर व्यक्ति संकल्प ले कि शहर के गली-मोहल्लों में जहां-कहीं भी कचरा न फेंके और इसे हमेशा साफ-सुथरा रखें। साथ ही गली-मोहल्लों के नाली तथा सड़कों की नियमित रूप से साफ-सफाई रखने पर ध्यान दें। श्री बघेल ने कहा कि रायपुर शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए हर आवश्यक सुविधाओं तथा संसाधनों का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने इसे जल्द ही कचरा तथा प्लास्टिक मुक्त शहर के रूप में भी पहचान देने के लिए लोगों को संकल्प लेने के लिए कहा।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कार्यशाला में शहरों के विकास के लिए नवाचारों के संबंध में ऐसी तकनीक के उपयोग पर बल दिया कि इससे शहरों का समुचित रूप से विकास हो, पर इससे किसी तरह प्रदूषण न बढे़। मच्छरों का प्रकोप न हो और इसके कारण डेंगू व मलेरिया आदि से होने वाली मौतों की समस्या न हो। शहर का ऐसे स्मार्ट सिटी के रूप में विकास हो, जहां नागरिकों को सड़क किनारे रात गुजारनी न पड़े। श्री बघेल ने शहरों के समग्र रूप से विकास के लिए वहां नये-नये निर्माण के साथ-साथ संसाधनों के सही ढ़ंग से उपयोग पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि यहां उपलब्ध सुविधाओं का सही ढं़ग से इस्तेमाल करेंगे, तो उनका दूरगामी लाभ मिलेगा। उन्होंने रायपुर शहर में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखते हुए ठोस कचरा प्रबंधन के लिए नगर निगम के उपायों की भी सराहना की। श्री बघेल ने इस तरह रायपुर को तेजी से स्मार्ट सिटी के रूप में पहचान देने में सभी लोगों की भागीदारी के लिए विशेष रूप से आव्हान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महापौर श्री प्रमोद दुबे ने कहा कि छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर का स्मार्ट सिटी के रूप में तेजी से विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में सरकार की पहल पर यहां नागरिकों की सुविधाओं के लिए अधोसंरचना के निर्माण सहित सभी जरूरी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। रायपुर शहर में सुगम पेयजल की उपलब्धता के लिए घर-घर नल-जल पहंुचाने के लिए समुचित प्रयास हो रहे हैं। हाल ही में सात पानी टंकियों का निर्माण पूर्ण हो गया है। इसके अलावा दस पानी टंकियों का निर्माण भी स्वीकृत है। इससे रायपुर शहर टैंकर मुक्त शहर के रूप में पहचाना जाएगा। शासन की महत्वाकांक्षी सुराजी ग्राम योजना के तहत फुण्डहर में लगभग 20 एकड़ में आधुनिक गौठान का निर्माण किया जा रहा है। इसी तरह खारून नदी को स्वच्छ जल की नदी के रूप में पहचान देने के लिए पांच विभिन्न जगहों पर फिल्टर प्लांट लगाये जा रहे हैं। वार्डो के हर गली-मोहल्लों में बिजली, पानी तथा सड़कों और साफ-सफाई व्यवस्था के लिए हर संभव पहल की जा रही है। कार्यक्रम में स्मार्ट सिटी के प्रबंध संचालक श्री शिव अनंत तायल ने कार्यशाला के आयोजन के संबंध में जानकारी दी।
कार्यशाला में जर्मनी के कॉसुल जर्नल डॉ. जर्गन मोहरॉड, ट्युनेशिया के फर्स्ट सेक्रेटरी अली मेफताही, उत्तर प्रदेश पुलिस के स्पेशल डी.जी. महेन्द्र मोदी, उत्तराखण्ड मेट्रो के एम.डी. जितेन्द्र त्यागी, जम्मु कश्मीर के परिवहन सचिव अमित शर्मा, तेलंगाना नगरीय प्रशासन के निदेशक डॉ. टी.के. श्रीदेवी, उत्तराखण्ड के हेल्थ डायरेक्टर डॉ. मनु जैन, कर्णाटक के चीफ कंजर्वेटर फॅारेस्ट श्री राजकुमार श्रीवास्तव, इलेट्स के सी.ई.ओ. डॉ. रवि गुप्ता भी रायपुर में होंगे। इस कार्यशाला में छत्तीसगढ़ नगरीय प्रशासन की विशेष सचिव श्रीमती अलरमेल मंगईडी, कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन सहित संबंधित विभागों के उच्च अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज राजधानी रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय शहरी नवाचार कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए कहा कि रायपुर शहर को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लिए सबकी सहभागिता जरूरी है। इस एक दिवसीय कार्यशाला में शहर के विकास के लिए अपनी राय साझा करने देश-विदेश के नगरीय निकायों के प्रमुख बड़ी संख्या में शामिल हुए। श्री बघेल ने कार्यक्रम में रायपुर शहर की स्वच्छता के लिए कार्य करने वाले सफाई कर्मियों को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रायपुर नगर पालिक निगम के महापौर श्री प्रमोद दुबे ने किया।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने सम्बोधित करते हुए कहा कि रायपुर शहर तेजी से स्मार्ट सिटी की ओर अग्रसर है। इसे स्वच्छ, सुग्घर और सुंदर शहर के रूप में पहचान दिलाने में सभी लोगों की सहभागीता होनी चाहिए। हर व्यक्ति संकल्प ले कि शहर के गली-मोहल्लों में जहां-कहीं भी कचरा न फेंके और इसे हमेशा साफ-सुथरा रखें। साथ ही गली-मोहल्लों के नाली तथा सड़कों की नियमित रूप से साफ-सफाई रखने पर ध्यान दें। श्री बघेल ने कहा कि रायपुर शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए हर आवश्यक सुविधाओं तथा संसाधनों का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने इसे जल्द ही कचरा तथा प्लास्टिक मुक्त शहर के रूप में भी पहचान देने के लिए लोगों को संकल्प लेने के लिए कहा।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कार्यशाला में शहरों के विकास के लिए नवाचारों के संबंध में ऐसी तकनीक के उपयोग पर बल दिया कि इससे शहरों का समुचित रूप से विकास हो, पर इससे किसी तरह प्रदूषण न बढे़। मच्छरों का प्रकोप न हो और इसके कारण डेंगू व मलेरिया आदि से होने वाली मौतों की समस्या न हो। शहर का ऐसे स्मार्ट सिटी के रूप में विकास हो, जहां नागरिकों को सड़क किनारे रात गुजारनी न पड़े। श्री बघेल ने शहरों के समग्र रूप से विकास के लिए वहां नये-नये निर्माण के साथ-साथ संसाधनों के सही ढ़ंग से उपयोग पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि यहां उपलब्ध सुविधाओं का सही ढं़ग से इस्तेमाल करेंगे, तो उनका दूरगामी लाभ मिलेगा। उन्होंने रायपुर शहर में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखते हुए ठोस कचरा प्रबंधन के लिए नगर निगम के उपायों की भी सराहना की। श्री बघेल ने इस तरह रायपुर को तेजी से स्मार्ट सिटी के रूप में पहचान देने में सभी लोगों की भागीदारी के लिए विशेष रूप से आव्हान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महापौर श्री प्रमोद दुबे ने कहा कि छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर का स्मार्ट सिटी के रूप में तेजी से विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में सरकार की पहल पर यहां नागरिकों की सुविधाओं के लिए अधोसंरचना के निर्माण सहित सभी जरूरी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। रायपुर शहर में सुगम पेयजल की उपलब्धता के लिए घर-घर नल-जल पहंुचाने के लिए समुचित प्रयास हो रहे हैं। हाल ही में सात पानी टंकियों का निर्माण पूर्ण हो गया है। इसके अलावा दस पानी टंकियों का निर्माण भी स्वीकृत है। इससे रायपुर शहर टैंकर मुक्त शहर के रूप में पहचाना जाएगा। शासन की महत्वाकांक्षी सुराजी ग्राम योजना के तहत फुण्डहर में लगभग 20 एकड़ में आधुनिक गौठान का निर्माण किया जा रहा है। इसी तरह खारून नदी को स्वच्छ जल की नदी के रूप में पहचान देने के लिए पांच विभिन्न जगहों पर फिल्टर प्लांट लगाये जा रहे हैं। वार्डो के हर गली-मोहल्लों में बिजली, पानी तथा सड़कों और साफ-सफाई व्यवस्था के लिए हर संभव पहल की जा रही है। कार्यक्रम में स्मार्ट सिटी के प्रबंध संचालक श्री शिव अनंत तायल ने कार्यशाला के आयोजन के संबंध में जानकारी दी।
कार्यशाला में जर्मनी के कॉसुल जर्नल डॉ. जर्गन मोहरॉड, ट्युनेशिया के फर्स्ट सेक्रेटरी अली मेफताही, उत्तर प्रदेश पुलिस के स्पेशल डी.जी. महेन्द्र मोदी, उत्तराखण्ड मेट्रो के एम.डी. जितेन्द्र त्यागी, जम्मु कश्मीर के परिवहन सचिव अमित शर्मा, तेलंगाना नगरीय प्रशासन के निदेशक डॉ. टी.के. श्रीदेवी, उत्तराखण्ड के हेल्थ डायरेक्टर डॉ. मनु जैन, कर्णाटक के चीफ कंजर्वेटर फॅारेस्ट श्री राजकुमार श्रीवास्तव, इलेट्स के सी.ई.ओ. डॉ. रवि गुप्ता भी रायपुर में होंगे। इस कार्यशाला में छत्तीसगढ़ नगरीय प्रशासन की विशेष सचिव श्रीमती अलरमेल मंगईडी, कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन सहित संबंधित विभागों के उच्च अधिकारी उपस्थित थे।
2 अक्टूबर 2019 से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर राज्य शासन द्वारा स्थानीय नागरिकों को सुलभ प्रशासन एवं बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने हेतु वार्ड स्तर पर मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय योजना का शुभारंभ किया जा रहा है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों तक बाधारहित एवं त्वरित सुविधाओं की पहुंच को बढ़ाना है जिससे आमजन को कार्य के संबंध बार-बार निकाय जाने की आवश्यकता नहीं होगी। इस योजना के तहत क्षेत्र की साफ-सफाई, सड़क, नाली-पुलिया का संधारण, स्ट्रीट लाइट एवं अन्य नगरीय समस्याओं का निवारण किया जावेगा।
योजना अंतर्गत इन विषयों पर शिकायत एवं सुझााव दर्ज किए जाएंगे-
शासन द्वारा प्रदान की जा रही इस योजना का लाभ नागरिकों को निर्धारित दिवस से ही प्राप्त किया जावेगा।
मुंगेली। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने आज कलेक्टोरेट स्थित आगर संगोष्ठी कक्ष में छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 29 (क) के अंतर्गत बने नियम अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं महिलाओं के लिए वार्डो का आरक्षण नियम 1994 के तहत नगर पालिका मुंगेली, नगर पंचायत लोरमी, पथरिया एवं सरगांव के लिए वार्डो का आरक्षण किया गया। इस मौके पर अपर कलेक्टर श्री राजेश नशीने, उप जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आराध्या कमार, मुंगेली एसडीएम रूचि शर्मा सहित नगरीय निकाय के मुख्य नगर पालिका अधिकारी, राजनीतिक दलों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
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77 एमएलडी जल शोधन संयंत्र से ओवरहेड टंकियों में जल प्रदाय हुआ प्रारंभ
भिलाई । नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ओवरहेड टंकियों में 77 एमएलडी जल शोधन संयंत्र से जलापूर्ति प्रारंभ कर दी गई है सर्वप्रथम नेहरू नगर की टंकी में जल प्रदाय करने की बात जल कार्य के अधिकारियों द्वारा कही गई है! प्रारंभिक तौर पर सभी ओवरहेड टैंकों में लगभग एक 1 मीटर पानी टेस्टिंग के लिए दिया जाएगा! पाइप लाइन के माध्यम से प्रदाय की जाने वाली पानी टंकियों में पहुंचने पर उस पानी का सैंपल लेकर लैब में परीक्षण में किया जाएगा जिस टंकी में अशुद्ध पानी होगा उसे इसी स्तर पर खाली किया जाएगा तथा खाली करने के पश्चात पूर्ण रूप से टंकी को भरने का कार्य रात्रि कालीन किया जाएगा! लगभग 1:00 बजे शिवनाथ इंटक वेल से जलापूर्ति 77 एमएलडी के लिए शुरू की गई।
संपवेल तथा फिल्टर बेड की हुई सफाई शटडाउन के दौरान फिल्टर बेड तथा संपवेल की संपूर्ण रूप से सफाई की जा चुकी है सफाई के लगभग 25 कर्मचारियों द्वारा सफाई कार्य को अंजाम दिया गया!
विद्युत पैनल लग गए नए मोटर पंपों को विद्युत सप्लाई करने के लिए पैनल की बहुत अहम भूमिका होती है जोकि मोटर को जलने से भी बचाती है विद्युत पैनल को चार्ज करने के पश्चात पैनल सभी मोटर पंपों में विद्युत आपूर्ति देने का कार्य करती है जब कभी मोटर पंप में विद्युत संबंधी गड़बड़ी होती है तो विद्युत पैनल ट्रिप कर जाता है जिससे मोटर पंप जलने से बच जाती है।
66 एमएलडी को भी मुख्य पाइप लाइन से जोड़ा गया शिवनाथ इंटकवेल से आने वाले मुख्य पाइप लाइन जो 77 एमएलडी को जल प्रदाय करती है इसके साथ ही इसी मुख्य पाइप लाइन में 66 एमएलडी के पाइपलाइन को जोड़ा गया तथा इसमें वोल्व लगाया गया है यह कार्य इसी शटडाउन के दिनों में किया गया।
तीन मोटर पंप स्टैंडबाई मोड में 77 एमएलडी जल शोधन संयंत्र मे दो से तीन मोटर पंप से ही जलापूर्ति उच्चस्तरीय जलगार में की जाती है बाकी मोटर पंप स्टैंडबाई मॉड में रहेंगे किसी भी एक मोटर पंप के खराब होने पर अन्य मोटर पंप उपयोग में लाया जा सकेगा जिससे आने वाले दिनों में जलापूर्ति की समस्या से निजात मिलने की संभावना है!
प्रेशर मीटर एवं ग्लैंड पैकिंग सभी मोटर पंपों में लीकेज की समस्या न हो इसके लिए ग्लैंड पैकिंग की गई है इसके साथ ही जलापूर्ति के प्रवाह का पता लगाने के लिए प्रेशर मीटर लगाया गया है। मोटर पंपों की नो लोड पर की गई टेस्टिंग स्थापित किए गए नए मोटर पंपों को बिना जलापूर्ति के प्रत्येक मोटर को तकरीबन 1 घंटे चालू करके परीक्षण किया गया सभी मोटर पंप चालू हालत में पाए गए।
महापौर, आयुक्त एवं अधिकारियों की टीम करती रही सतत मॉनिटरिंग महापौर एवं भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव तथा निगमायुक्त ऋतुराज रघुवंशी पल-पल की खबर इस दौरान प्राप्त करते रहे तथा दिशा निर्देश देते रहे! जल कार्य के अधीक्षण अभियंता सत्येंद्र सिंह, कार्यपालन अभियंता टीके रणदिवे, सहायक अभियंता बृजेश वास्तव एवं प्रभारी उप अभियंता बसंत साहू एवं इनकी टीम ने कार्यस्थल पर मौजूद रहकर अपनी निगरानी में कार्य कराया ताकि कहीं चूक न हो।
जल प्रदाय के लिए की गई थी वैकल्पिक व्यवस्था शटडाउन के दौरान जल प्रदाय करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई थी विभागीय पानी टैंकर के साथ ही अन्य पानी टैंकरों को भी लगाया गया तथा पावर पंप, हस्त पंप,हाइड्रेंन आदि को जलापूर्ति के माध्यम के रूप में अपनाया गया! नागरिकों को जल सुविधा प्रदाय कह्यरने के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जोन वार जारी किया गया था। दिन-रात हुआ कार्य जल आपूर्ति जैसे आवश्यक कार्य को देखते हुए निगम का अमला एवं एजेंसी द्वारा सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए दिन और रात रहकर कार्य को संपादित किया गया !
जनरेटर का लिया गया सहारा चुकि पुराने विद्युत पैनल को हटाकर नया विद्युत पैनल लगाया जाना था इसलिए विद्युत को अवरुद्ध करके दो जनरेटर के माध्यम से विद्युत संबंधी संपूर्ण कार्य किया गया।
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पलारी। धमतरी से गुंडरदेही मार्ग पर ग्राम सनौद की घटना, शाम 4 बजे पायल बस ने बाइक सवार को ठोकर मारी, बाइक सवार जोरातराई धमतरी निवासी युवक तोषण राम साहू की मौके पर ही मौत हो गई ठोकर मारने के बाद बस सीधे झाडिय़ों में जा घुसी जिसमे सभी यात्री सुरक्षित रहे। ड्राइवर बस छोड़ फरार हो गया।बस धमतरी से दुर्ग जा रही थी व बाइक सवार गुंडरदेही से अपने घर जा रहा था। बाइक के परखच्चे उड़ गया, जिससे मौके पर ही बाइक सवार की मौत हो गई, आगे की कार्यवाही कर पुलिस ने मर्ग कायम किया।
चांपा। सांस्कृतिक नगरी नैला में श्री श्री दुर्गा पूजा उत्सव सेवा समिति द्वारा इस नवरात्र 100 फीट के विशाल रथ पर विराजमान हीरे-मोतियों और सोने-चांदी से सुसज्जित मॉ अम्बे की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी। हीरा, मोती और सोना-चांदी जडि़त प्रतिमा जहां मुख्य आकर्षण का केन्द्र होगी। वहीं 100 फीट लंबा और 80 फीट ऊंचा प्रवेश द्वार एवं मुंबई की आकर्षक लाइटिंग चार चांद लगाएगी। सिर्फ इतना ही नहीं, सांस्कृतिक नगरी नैला में इस नवरात्र गुजरात के प्रसिद्ध मॉ अम्बा देवी के मंदिर की झलक दिखेगी। दुर्गा उत्सव को लेकर आयोजन समिति ने जोरशोर से तैयारियां शुरू कर दी है।
क्वांर नवरात्रि की शुरूआत 29 सितम्बर से हो रही है। इस दौरान जिलेभर में जहां नौ दिनों तक देवी दुर्गा की आराधना होगी। वहीं नैला स्थित रेलवे स्टेशन के सामने रेलवे परिसर में मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा स्थापित कर दुर्गोत्सव मनाया जाएगा।
दरअसल, सांस्कृतिक नगरी नैला में श्री श्री दुर्गा पूजा उत्सव सेवा समिति द्वारा प्रत्येक वर्ष अलग-अलग रूप में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाती है। पूर्व के वर्षों में यहां शंख, दस और पांच रुपए के सिक्के, चांदी के सिक्के, सोने-चांदी, हीरा-मोती तथा नौरत्नों से जडि़त मां दुर्गा के नौ रूपों वाली भव्य प्रतिमा स्थापित की जा चुकी है। वर्ष 2017 में आयोजन समिति द्वारा भव्य पंडाल सजाकर सोने-चांदी, हीरा-मोती और 50, 200, 500 एवं 2000 रूपए के नए नोटों से सुसज्जित मां दुर्गा की भव्य एवं विशाल प्रतिमा स्थापित की गई थी।
साथ ही श्रीराधाकृष्ण, श्रीगणेश, श्रीनहरियाबाबा, श्रीद्वारिकाधीश, श्रीनाथ, श्रीबांकेबिहारी, श्रीतिरुपति बालाजी, श्रीसीताराम एवं श्रीश्याम प्रभु की भव्य एवं आकर्षक झांकी भी सजाई गई थी, जिसे देखने के लिए प्रदेश ही नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश, उड़ीसा, बिहार, उत्तरप्रदेश, दिल्ली, झारखंड सहित अन्य कई राज्यों के श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचे थे।
इसी क्रम में वर्ष 2018 में हीरा, मोती और सोना-चांदी जडि़त विशाल प्रतिमा स्थापित की गई थी। माहिष्मति साम्राज्य के विशाल महल की तरह 125 फीट चौड़ा तथा 100 फीट ऊंचा भव्य पण्डाल सजा था, जो रंगीन रोशनी में आकर्षण का केन्द्र रहा। बता दें कि आयोजन समिति द्वारा प्रत्येक वर्ष कुछ न कुछ नया करने का प्रयास किया जाता रहा है। इसी कड़ी में इस नवरात्र 100 फीट के विशाल रथ पर हीरे-मोतियों और सोने-चांदी से सुसज्जित मां अम्बे की भव्य प्रतिमा स्थापित करने की तैयारियां शुरू हो गई है।
आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि मां अम्बे के सारथी के रूप में भगवान शंकर विराजमान रहेंगे। वहीं सुख-समृद्धि एवं वैभव का प्रतीक सूरत (गुजरात) स्थित प्रसिद्ध मॉ अम्बा देवी के मंदिर की तर्ज 100 फीट लंबा और 80 फीट ऊंचा भव्य प्रवेश द्वार सजेगा। इसके अलावा मुंबई की आकर्षक लाइटिंग एवं कलकत्ता की सुंदर पुष्प सज्जा भी आकर्षण का केन्द्र होगी।
सोशल मिडिया मे उनका पत्र चर्चा का बना है विषय
चांपा। नगर भाजपा के वरिष्ठ नेता नंदकुमार देवांगन ने नगर पालिका चुनाव मे पार्टी द्वारा पालिका अध्यक्ष के लिए उम्मीदवार बनने के लिए ताल ठोकी है। पिछले दिनों भाजपा नेता नंदकुमार देवांगन ने पत्रकार वार्ता आयोजित कर कहा कि मैंने पार्टी के समाने अपनी बात रखते हुए नगर पालिका का चुनाव लडऩे की मंशा जाहिर कर दी है और मुझे पार्टी पर पूरा भरोसा है कि पार्टी मेरे राजनैतिक सामाजिक पृष्ठ भूमि को देखते हुए मुझे अपना उम्मीदवार बनाएगी। एक सवाल के जवाब मे उन्होंने कहा कि नगर पालिका परिषद मे कांग्रेस और भाजपा दोनों का कार्यकाल देखा हूं लेकिन दोनों के कार्य से मुझे कोई खास संतुष्टि नहीं हुई इसलिए इस बार मैने पार्टी के समक्ष अपनी दावेदारी ठोकी है यदि मौका मिला तो नगर हित मे विशेष कार्य करके दिखाऊंगा।
यदि पार्टी टिकट नहीं देती तब क्या करेंगे?
इस सवाल पर देवांगन ने कहा कि जिस तरह नगर मे एक सामाजिक राजनैतिक छबि मेरी है उससे मुझे पुरा विश्वास है कि पार्टी मुझे टिकट देगी अगर पार्टी टिकट नहीं देती तो नगर के विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों से विचार विमर्श करके आगे की रणनीति बनाई जाएगी . एक सवाल के जवाब मे देवांगन ने कहा कि यह बात सही है कि मेरी पहचान नगर मे एक समाज सेवक के रुप मे बनी है लेकिन मैं संगठन के पदाधिकारी के रुप मे कार्य कर चुका हूं भाजपा मंडल अध्यक्ष रहते नगर मे मैंने सक्रिय राजनीति की है।
अपनी दावेदारी को लेकर सोशल मीडिया मे खुला पत्र जारी किए जाने के सवाल पर नंदकुमार देवांगन ने कहा कि अपनों से अपनी बात रखने मे कोई बुराई नहीं है इसमें किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए मैने अपनी दावेदारी को लेकर जो पत्र जारी किया उससे मैने पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को जोडऩे का प्रयास किया है मै समझता हूं कि पार्टी हित मे सही कदम है।
उल्लेखनीय है कि नंदकुमार देवांगन जी राष्ट्रीय स्वयं सेवक से जुड़े हुए हैं और तृतीय वर्ष प्रशिक्षित हैं वे भाजपा मंडल अध्यक्ष भी रहें हैं इनके अलावा ले लायंस क्लब चांपा के अधयक्ष ,देवांगन संगठन के अध्यक्ष ,छग हाथ करघा संघ के संचालक मंडल के सदस्य, कैसा कपड़ा एसोसिएशन के अध्यक्ष के अलावा नगर के सामाजिक साहित्यिक संगठनों से भी सक्रिय रुप से जुड़े हुए हैं। अपनी उम्मीदवारी को लेकर उनके लिखे पत्र इन दिनों भाजपा के साथ साथ नगर मे भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
मुख्यमंत्री श्री बघेल की पहल पर लाइसेंस की प्रक्रिया हुई सरल व पारदर्शी
छत्तीसगढ़ के उद्योगों में कार्यरत ठेकेदारों को अब आसानी से न केवल लाईसेंस मिलेगा बल्कि लाईसेंस का हर साल नवीनीकरण कराने से मुक्ति मिलेगी। छत्तीसगढ़ में उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर ईज ऑफ डूईंग बिजनेस के तहत श्रम विभाग द्वारा विभागीय प्रक्रियाओं की जटिलता को समाप्त करते हुए लाईसेंस प्राप्त करने और उसके नवीनीकरण की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। अब प्रमुख नियोजको और ठेकेदारों को कार्यालय में जाकर आवेदन नही देना पड़ेगा बल्कि वे अपने संस्थान से ही ऑनलाईन आवेदन कर आवश्यक फीस, प्रतिभूति राशि ई-भुगतान के माध्यम से कर सकेंगे। ठेकेदारों एवं नियोजकों को पंजीयन प्रमाण-पत्र और लाइसेंस ऑनलाईन ही प्राप्त हो जाएगा।
इस नई व्यवस्था के लिए श्रम मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया के मार्गनिर्देशन पर संविदा श्रमिक (विनियमन और उत्पादन) अधिनियम 1970 के तहत निर्मित संविदा श्रमिक (विनियमन और उत्पादन) छत्तीसगढ़ नियम 1973 में आवश्यक संशोधन करते हुए प्रारूप का प्रकाशन राजपत्र में कर दिया गया है और इस संबंध में 30 दिवस के भीतर सुझाव आमंत्रित किए गए है। अब इस नई व्यवस्था से ठेकेदारों को न केवल लाईसेंस लेने में आसानी होगी बल्कि उन्हें अब लाइसेंस का हर साल नवीनीकरण कराने के लिए कार्यालयों का चक्कर नही लगाना पड़ेगा।
श्रम विभाग के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश के उद्योंगो में कार्यरत सभी छोटे-बड़े ठेकेदारों को श्रम विभाग से प्रतिवर्ष संविदा श्रमिक (विनियमन और उत्पादन) अधिनियम के तहत लाईसेंस नवीनीकरण कराना अनिवार्य था, जिससे बड़ी संख्या में ठेकेदारों को हर साल एक दिसंबर के पहले लाईसेंस का नवीनीकरण कराने के लिए कार्यालयों का चक्कर लगाना पड़ता था। नए प्रारूप में अब प्रमुख नियोजक के द्वारा लिए जाने वाले पंजीयन और ठेकेदारों द्वारा लिए जाने वाले लाईसेंस लेने की संपूर्ण प्रक्रिया को ऑनलाईन किया जाना प्रस्तावित किया गया है जिससे कामकाज में पारदर्शिता और सुगमता होगी। उन्होंने बताया कि अभी तक अधिनियम के तहत लाईसेंस की वैधता 31 दिसंबर को समाप्त हो जाती थी, नवीन प्रस्तावित संशोधन के परिणामस्वरूप एक बार ठेका लाइसेंस लेने पर उसकी वैधता आवेदक द्वारा आवेदित अवधि तक के लिए मान्य रहेगी। इससे ठेकेदारों को लाइसंेस का नवीनीकरण की आवश्यकता नही होगी।
प्रस्तावित संशोधन के अनुसार ठेकेदारों को आवेदित श्रमिक संख्या और अवधि के हिसाब से अनुज्ञप्ति शुल्क जमा करना होगा। पहले ठेकेदारों को एक लाइसेंस के लिए जमा की गई प्रतिभूति राशि का समायोजन ठेका समाप्त होने के पश्चात् दूसरे कार्य के लिए नए लाईसेंस में किए जाने का प्रावधान नही था, जिसमें संशोधन करते हुए अब उक्त प्रतिभूति राशि का ऑनलाईन समायोजन के प्रावधान प्रास्तावित किए गए है। इन नए नियमों के लागू हो जाने से संविदा श्रमिक अधिनियम के तहत लाईसेंस लेना आसान हो जाएगा साथ ही लाइसेंस के नवीनीकरण की आवश्यकता नही होगी।

राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज रायपुर जिले के गोबरा नवापारा में आयोजित किसान सम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने यहाँ लोकार्पण, भूमि-पूजन और पट्टा वितरण कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। कार्यक्रम का आयोजन गोबरा नवापारा के शासकीय हरिहर हाई स्कूल मैदान में किया गया।

इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में राज्य शासन के कृषि एवं जल संसाधन मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, नगरीय प्रशासन एवं श्रम मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, सांसद श्रीमती छाया वर्मा, विधायक गण सर्व श्री धनेन्द्र साहू,विकास उपाध्याय, श्रीमती अनिता शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शारदा वर्मा, नगर पालिका परिषद गोबरा नवापारा के अध्यक्ष श्री विजय गोयल सहित बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत अपने मंत्रीमंडल के सहयोगियों और मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के साथ आदर्श गौठान बनचरौदा देखने पहुंचे। श्री गहलोत और उनके साथ आए मंत्रीगणों ने महुएं पेड़ के छांव तले गौठान में एक साथ मौजूद सैकड़ों गायों, स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा गौठान के गोबर से बनाये पूजन सामग्री, सौंदर्य प्रसाधन, जैविक खाद, औषधि, कुटीर उद्योग के माध्यम से दोना-पत्तल तैयार करने के साथ आत्म निर्भरता की ओर ग्रामीण महिलाओं के बढ़ते कदम को देखकर सराहना की। रायपुर जिले के विकासखण्ड आरंग में सुराजी गांव योजना के तहत बनाए गए इस आदर्श गौठान के अवलोकन के दौरान राजस्थान के कृषि मंत्री श्री लालचंद कटारिया, गौ-पालन मंत्री श्री गोपाल बाड़िहया एवं विधायक श्री रोहित वोहरा भी उनके साथ थे।
राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री गहलोत ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर नरवा, गरूवा, घुरवा एवं बाड़ी विकास योजना के कार्यों को एक नवाचार बताते हुये छत्तीसगढ़ सरकार की मुक्तकंठ से प्रशंसा की और राजस्थान में भी नंदी गौशाला स्थापित कर इस नवाचार को अपनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी का सपना था कि वे कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ ही ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाये। उसे आर्थिक रूप से सक्षम बनाये। छत्तीसगढ़ में आने और गौठान के माध्यम से हो रहे कार्यों को देखने के बाद यह स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री बघेल गांधी जी के सपनों को सही मायने में साकार कर रहे है। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री श्री रविंद्र चौबे, नगरीय प्रशासन एवं श्रम मंत्री डॉ शिव कुमार डहरिया, अभनपुर विधायक एवं पूर्व मंत्री श्री धनेन्द्र साहू, धरसीवा विधायक श्रीमती अनिता योगेन्द्र शर्मा, रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शारदा देवी वर्मा, जनप्रतिनिधिगण, सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित थे।
ग्राम बनचरौदा के कार्यक्रम में पहुचे राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री गहलोत ने इस अवसर पर कहा कि गौठान बनाकर छत्तीसगढ़ की सरकार ने एक नया प्रयोग किया है। आवारा पशुओं के साथ किसानों के मवेशियों को गौठान के माध्यम से पेयजल, चिकित्सा और चारा उपलब्ध कराते हुये एक निश्चित स्थान पर रखने से पशु भी सुरक्षित है और पशुओं से होने वाली दुर्घटनाएं भी रूकेगी। गाय के गोबर से गांव की महिलाओं द्वारा जो उत्पाद बनाया जा रहा है उससे स्वरोजगार के साथ आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी उपलब्ध हुआ है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के विकास में सबकों भागीदार बनने की अपील की।
प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का ज्यादातर आर्थिक आधार कृषि है। नरवा, गरूवा, घुरवा एवं बाड़ी के माध्यम से किसान अपना जीवकोपार्जन बेहतर तरीके से कर सके और आर्थिक रूप से समृद्ध बन सके यही हमारी सरकार का प्रमुख उद्देश्य है। इस दिशा में सरकार द्वारा प्रदेश भर में गौठान से जैविक खाद का निर्माण कर खाद का उपयोग कृषि कार्यों और सब्जी उत्पादन में किया जा रहा है। नरवा योजना के माध्यम से जल सरंक्षण करने और सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने का कार्य संभव हो सका है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा गौठान में पशुओं को स्वच्छ पेयजल, बीमारी से उपचार की सुविधा, सोलर सिस्टम, चारा की व्यवस्था की जा रही है। श्री बघेल ने कहा कि आज राजस्थान के मुख्यमंत्री बनचरौदा में आपके कार्यों को देखने आये है। आने वाले समय में अन्य राज्यों सहित देश-विदेश के जनप्रतिनिधि और विद्ववजन भी आयेंगे। छत्तीसगढ़ में सुराजी गांव योजना के तहत नरवा, गरवा, घुरवा एवं बाड़ी विकास योजना की चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है। बनचरौदा एक स्वावलंबी गांव ,सुराजी गांव बन सके इसके लिये आप सभी गांववासियों की सहभागिता जरूरी है।
पहुना के रूप में हुआ आत्मीय स्वागत
राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत के साथ आए मंत्रीद्वय श्री लालचंद कटारिया और श्री गोपाल बाड़िहया एवं विधायक श्री रोहित वोहरा का छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और मंत्रीगण तथा बनचरौदा के ग्रामीणों ने उत्साह के साथ छत्तीसगढ़ी संस्कृति के प्रतीक खुमरी पहनाकर आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान अतिथियों को स्वल्पाहार के रूप में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजन-ठेठरी, खुरमी, अइरसा, बोबरा, करी लड्डू, आदि परोसा गया। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा गोबर से निर्मित उत्पादों की सूची का विमोचन तथा गोठान परिसर में पौधरोपण किया गया।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से कल उनके निवास कार्यालय में उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा और लोकसभा क्षेत्र बस्तर के सांसद श्री दीपक बैज के नेतृत्व में बस्तर से आए प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को परम्परागत रूप से पगड़ी पहनाकर बस्तर दशहरा के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने बस्तर से आए बस्तर दशहरा आयोजन समिति के पदाधिकारियों को आयोजन के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने बस्तर दशहरा में आमंत्रित करने के लिए आभार व्यक्त किया।
रायपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने एक दिवसीय प्रवास पर शुक्रवार को छत्तीसगढ़ पहुंचे. अपने प्रवास के दौरान गहलोत ने अभनपुर ब्लॉक के ग्राम वनचरौदा स्थित गौठान का निरीक्षण किया. इसके बाद गोबरा नवापारा में आयोजित किसान सम्मेलन में शामिल होंगे.
इससे पहले मुख्यमंत्री गहलोत के वनचरौदा पहुंचने पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ कृषि मंत्री रविंद्र चौबे, मंत्री शिव डहरिया, विधायक धनेंद्र साहू और मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रमोद शर्मा ने उनका छत्तीसगढ़ की पहचान खुमड़ी पहनाकर स्वागत किया. गहलोत के साथ राजस्थान के दो गौपालक और कृषि मंत्री आए हुए हैं.
दंतेवाड़ा. छत्तीसगढ़ विधानसभा (Chhattisgarh Assembly) की दंतेवाड़ा (Dantewada) सीट पर एक बार फिर से कांग्रेस (Congress) प्रत्याशी देवती कर्मा (Devati Karma) प्रतिनिधित्व करेंगी. इससे पहले देवती कर्मा 2013 से 2018 तक दंतेवाड़ा की विधायक रह चुकी हैं. उपचुनाव (By-Election) में दंतेवाड़ा की जनता ने कांग्रेस पर भरोसा जताया है. कांग्रेस प्रत्याशी देवती कर्मा को इस चुनाव में 11192 वोटों से बड़ी जीत मिली है. देवती कर्मा पहले राउंड से ही आगे रहीं. पहले राउंड में 17सौ वोटों से शुरू हुआ बढ़त का सिलसिला अंतिम राउंड तक बरकरार रहा.
दंतेवाड़ा उपचुनाव (Dantewada By-Election) में ईवीएम में पड़े वोटों की गिनती में कांग्रेस प्रत्याशी देवती कर्मा को कुल 50028 वोट मिले. देवती कर्मा को बीजेपी (BJP) प्रत्याशी ओजस्वी मंडावी से टक्टर मिली. ओजस्वी मंडावी को कुल 38836 वोट मिले. बीजेपी और कांग्रेस के अलावा उपचुनाव में 7 अन्य प्रत्याशी भी मैदान में थे. तीसरे नंबर पर सीपीआई के भीमसेन मंडावी रहे. भीमसेन को 7664 वोट मिले. चौथे नंबर पर नोटा रहा. नोटा को 5779 वोट मिले.
जोगी कांग्रेस और बसपा का बुरा हाल
दंतेवाड़ा उपचुनाव में अजीत जोगी की पार्टी के जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे (जोगी कांग्रेस) के प्रत्याशी सुजीत कर्मा को जनता ने बुरी तरह नाकार दिया. सुजीत कर्मा को 1393 वोट मिले. इनके अलावा बसपा के हेमंत पोयाम को 1252 वोट, नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के अजय नाग को 3457 वोट, आम आदमी पार्टी के बल्लूराम भावानी को 1533 वोट, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के योगेश मरकाम को 2119 वोट और निर्दलीय प्रत्याशी सुदरुराम कुंजाम को 2545 वोट मिले.
9 महीने पहले मिली थी हार
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2018 में दंतेवाड़ा सीट पर कांग्रेस को बीजेपी प्रत्याशी भीमा मंडावी से हार का सामना करना पड़ा था. बस्तर संभाग की ये इकलौती ऐसी सीट थी, जहां कांग्रेस को हार का समाना करना पड़ा था. हालांकि कांग्रेस प्रत्याशी देवती कर्मा और बीजेपी के भीमा मंडावी के बीच वोटों का अंतर 3 हजार से भी कम था. इसके बाद लोकसभा चुनाव 2019 में प्रचार से लौट रहे विधायक भीमा मंडावी की 9 अप्रैल को नक्सलियों ने हत्या कर दी. इसके बाद से ये सीट खाली थी. इस पर उपचुनाव में बीजेपी ने भीमा मंडावी की पत्नी ओजस्वी मंडावी और कांग्रेस ने देवती कर्मा को प्रत्याशी बनाया.