ईश्वर दुबे
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ठाकुरनगर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर शनिवार को तीखा हमला बोलते हुए उन पर भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ हिंसा की साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि वह (ममता) उनकी पार्टी को मिले लोगों के प्यार के कारण घबरा गई है। बनर्जी के गढ़ में लोकसभा चुनाव के लिए बिगुल बजाते हए मोदी ने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों पर कृषि कर्ज माफी के जरिए परेशान कृषक समुदाय को गुमराह करने का भी आरोप लगाया।
प्रधानमंत्री ने नागरिकता (संशोधन) विधेयक का भी जिक्र किया जिसमें पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के उन गैर मुस्लिम अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने की मांग की गई है जो धार्मिक उत्पीड़न के कारण अपने देश से भाग गए थे। अनुसूचित जाति मतुआ समुदाय के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, ‘अब मैं समझ सकता हूं कि क्यों दीदी (बनर्जी) और उनकी पार्टी हिंसा, निर्दोष लोगों की हत्या में शामिल है। वह हमारे लिए आपके प्यार से घबरा गई हैं।’ किसानों, कामकाजी और मध्यम वर्ग के कल्याण के लिए शुक्रवार को पेश किए बजट को ‘‘ऐतिहासिक कदम’’ बताते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के बाद इन वर्गों को वर्षों तक नजरअंदाज किया गया।
उन्होंने कहा कि हमने अपने बजट में कदमों की घोषणा की है जिससे 12 करोड़ छोटे किसानों, 30-40 करोड़ कामगारों और तीन करोड़ मध्यम वर्गीय लोगों को फायदा मिलेगा। रैली में भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने पर मोदी को भाषण को 14 मिनट में ही खत्म करना पड़ा। रैली से पहले प्रधानमंत्री मतुआ ठाकुरबाड़ी गए और समुदाय की नेता और मतुआ महासंघ के संस्थापक हरीशचंद्र ठाकुर की विधवा बारो मा का आशीर्वाद लिया।
नयी दिल्ली। कार्मिक मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार मध्य प्रदेश पुलिस के पूर्व प्रमुख ऋषि कुमार शुक्ला को दो साल के तय कार्यकाल के लिये शनिवार को केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का निदेशक नियुक्त किया गया। मध्य प्रदेश काडर के 1983 बैच के आईपीएस अधिकारी शुक्ला फिलहाल भोपाल में मध्य प्रदेश पुलिस आवास निगम के अध्यक्ष हैं। वह आलोक वर्मा का स्थान लेंगे, जिन्हें 10 जनवरी को सीबीआई निदेशक के पद से हटा दिया गया था। शुक्ला का हाल में मध्य प्रदेश पुलिस महानिदेशक पद से पुलिस आवास निगम में तबादला हुआ था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली चयन समिति की 24 जनवरी और एक फरवरी को हुई दो बैठकों के बाद उनकी नियुक्ति हुई है। शुक्रवार को चयन समिति की दूसरी बैठक के दौरान शुक्ला का नाम छांटा गया था। इस घटनाक्रम को अहम माना जा रहा है क्योंकि शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि वह अंतरिम सीबीआई निदेशक की नियुक्ति को लेकर ‘अनिच्छुक’ है और केन्द्र को ‘तत्काल’ केन्द्रीय जांच ब्यूरो के नियमित निदेशक की नियुक्ति करनी चाहिए।
शीर्ष अदालत ने कहा कि सीबीआई निदेशक का पद ‘संवेदनशील’ और ‘महत्वपूर्ण’ है और लंबे समय तक एजेंसी के अंतरिम निदेशक की नियुक्ति ठीक नहीं है। अदालत ने जानना चाहा कि सरकार ने अब तक इस पद पर नियुक्ति क्यों नहीं की है। आलोक वर्मा को हटाये जाने के बाद से सीबीआई प्रमुख का पद 10 जनवरी से ही खाली है। भ्रष्टाचार के आरोपों पर गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी राकेश अस्थाना के साथ वर्मा का टकराव हुआ था। वर्मा और अस्थाना दोनों ने एक दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाये थे।
वर्मा को हटाये जाने के बाद से एम नागेश्वर राव सीबीआई के अंतरिम प्रमुख के तौर पर कार्यरत हैं। शुक्रवार की बैठक प्रधानमंत्री के आवास पर हुई। यह बैठक एक घंटा से अधिक समय तक चली। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे बैठक में शामिल हुए। प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली समिति द्वारा सीबीआई निदेशक पद से हटाए जाने के बाद वर्मा को महानिदेशक दमकल सेवा, नागरिक सुरक्षा और गृह रक्षा बनाया गया था। हालांकि वर्मा ने इस पद को स्वीकार नहीं किया।
रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय बजट पर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार पहले 2014 में किए गए जुमलें वादों का हिसाब दें. पांच साल में एक वादा पूरा किया नहीं दूसरे जुमला वादों की घोषणा कर दी. सीएम भूपेश बघेल ने ट्विटर पर हमला बोलते हुए लिखा कि 2014 की ‘जुमला-एक्सप्रेस’ के बाद अब 2019 में ‘जुमला-बुलेट-एक्सप्रेस’ की शुरुआत कर दी गई है. भूपेश ने कहा कि देश के हर वर्ग की हवा उड़ी हुई है और मोदी सरकार ‘उरी’ पर अटकी हुई है.
उन्होंने केंद्र सरकार से पहले 2014 के किए जुमलों का हिसाब मांगा है. कहा कि हर खाते में आने वाले 15 लाख का क्या हुआ? छग में कितनी स्मार्ट सिटी बनी? स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू क्यों नहीं हुई? हर साल 2 करोड़ नौकरी का क्या हुआ? नौकरी मांगने वाले नौकरी दे रहें है, -पर कहां? उन्होंने कहा कि अगले 5 साल में 1 लाख डिजिटल विलेज बनायेंगे, लेकिन पिछले 5 साल में कितने स्मार्ट सिटी बनायें? इनका तो पता ही नहीं है.
”2014 की ‘जुमला-एक्सप्रेस’ के बाद, 2019 में “जुमला-बुलेट-एक्सप्रेस”!! अगले 5 साल में 1 लाख डिजिटल विलेज बनायेंगे, -पिछले 5 साल में कितने स्मार्ट सिटी बनायें? नौकरी मांगने वाले नौकरी दे रहें है, -पर कहां? (NSSO के अनुसार बेरोजगारी दर पिछले 45 साल में सबसे ज्यादा) ”
”पहले 2014 के जुमलों का हिसाब दो- हर खाते में आने वाले 15 लाख का क्या हुआ? -छग में कितनी स्मार्ट सिटी बनी? -स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू क्यों नहीं हुई? -हर साल 2 करोड़ नौकरी का क्या हुआ? देश के हर वर्ग की हवा उड़ी हुई है और मोदी सरकार ‘उरी’ पर अटकी हुई है.”

रायपुर. वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने आज मोदी सरकार के वर्तमान कार्यकाल का आखिरी बजट पेश किया है. केन्द्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कहा कि बजट सभी तबके का ख्याल रखा गया है. फिर चाहे वह स्वच्छ भारत योजना, उज्जवला योजना, मनरेगा, आयुष्यमान भारत योजना हो या फिर आम आदमी को राहत देने टैक्स में 5 लाख तक छूट मिलने को.
रमन सिंह ने कहा कि 2 हेक्टयेर वाले किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये देने की घोषणा से देश के करीब 12 करोड़ किसानों को यह लाभ मिलेगा. राष्ट्रीय कामधेनु योजना के तहत प्रति किसान को 500 रुपए दिया जाएगा. प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को 3 हजार रुपए का प्रतिमाह लाभ मिलेगा. इसमें अनुसूचित जनजाति को छूट दी गई है. उन्होंने कहा कि महंगाई की दर कम की गई है जिससे 10 प्रतिशत से घटाकर 4.5 प्रातिशत किया गया. इस बजट में सभी वर्गों को साथ लेकर चलने से रमन सिंह ने प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री का धन्यवाद किया है.
रमन सिंह ने कांग्रेस के प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की सरकार ने घोषणा की थी अब वो अपनी वादों को पूरा करें, हमारी केंद्र सरकार ने तो आमजनों के लिए बजट दिया है. किसानों को राशि देने कि कॉन्ग समर्थन मूल्य ने पहले किया था. इनको वित्तीय प्रबंधन करना है. ये उनको सोचना था. वादे इन्होंने किए हैं. कांग्रेस अपने वादों से मुकर गई है. क्या वे अपनी सभी नीतियों को केंद्र पर सरकार ही लाएंगे. आपने घोषणा किया है तो आपको पहले वित्तीय प्रबंधन देखना था. वो चुनाव ही क्यों लड़े फिर.
उन्होंने कहा कि शराबबंदी को लेकर वादे किए थे, लेकिन अब फिर से सब बिचौलियों के हाथों में जा रहा है. छह महीने रुकिये फिर ये गांवों में घुस नहीं पाएंगे. जिन महिलाओं ने इन्हें शराबबंदी के नाम पर वोट दिए हैं वे ही इन्हें डंडे से मारेंगी.
रायपुर। ईओडब्ल्यू ने नान के दफ्तर में छापा मारा है. मामला नान में हुए 36 हजार घोटाले का. घोटाले की जांच करने आज एसआईटी की टीम ने नान के दफ्तर में दबिश दी है. इस मामले की जांच ईओडब्ल्यू आईजी एसआरपी कल्लूरी के नेतृत्व में एसआईटी की कर रही है.
आपको बता दे कि तत्कालीन रमन सरकार के कार्यकाल में हुए हुए इस घोटाले की जांच ईओडब्ल्यू की ओर से की जा रही थी. इस मामले में दो आईएएस अफसर सहित 16 लोगों को आरोपी बनाया गया है. वहीं जब्त डायरी के पन्नों में सीएम मैडम, सीएम सर के नाम आने के बाद सियासत सालों से गरमाई हुई है. आरोप है कि छत्तीसगढ़ में राइस मिलरों से लाखों क्विंटल घटिया चावल लिया गया और इसके बदले करोड़ों रुपये की रिश्वतखोरी की गई. इसी तरह नागरिक आपूर्ति निगम के ट्रांसपोर्टेशन में भी भारी घोटाला किया गया. इस मामले में 27 लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज़ किया गया था. जिनमें से 16 के ख़िलाफ़ 15 जून 2015 को अभियोग पत्र पेश किया गया था. वहीं इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय की ओर से केस दर्ज कर जांच किया जा रहा है.

ईओडब्लू एसपी एलेसेला ने कहा कि जो हमे टास्क नान मामले को लेकर मिला है उसी के तहत नान के ऑफिस पहुचे थे. 2011 से लेकर 2014 के बीच भी जो भ्रस्टाचार हुआ था उसकी जांच चल रही है. कुछ दस्तावेजो मिसिंग है उन्ही को खंगालने की कवायद जारी है. जरूरत पड़ने पर सारे दस्तावेज सीज किये जायेंगे.
आईजी कल्लूरी के नेतृत्तव में एसआईटी की ये टीम कर है नान घोटाले की नए सिरे से जांच
1 एस.आर.पी.कल्लूरी पुलिस महानिरीक्षक, राज्य आर्थिक अपराध SIT अन्वेषण ब्यूरो एवं एंटी करप्शन ब्यूरो छ ग. प्रभारी
2.आई.कल्याण एलेसेला, पुलिस अधीक्षक नारायणपुर
3 मनोज कुमार खिलारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसीबी,रायपुर
4 उनेजा खातून अंसारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जशपुर
5 विश्वास चंद्राकर, उप पुलिस अधीक्षक, ई.ओ.डब्ल्यू. रायपुर सदस्य
6 अनिल बक्शी, उप पुलिस अधीक्षक, ई.ओ.डब्ल्यू. रायपुर सदस्य
7 एल.एस.कश्यप निरीक्षक, सी.आई.डी.रायपुर
8 बृजेश तिवारी, निरीक्षक, एसीबी,रायपुर
9 रमाकांत साहू, निरीक्षक, एसीबी,रायपुर
10 मोतीलाल पटेल, निरीक्षक, काकेर
11 फरहान कुरैशी, निरीक्षक, ईओडब्ल्यू रायपुर
12 एन.एन. चतुर्वेदी, विधि विशेषज्ञ, सेवानिवृत्त उप संचालक सदस्य
ये हैं वो 11 बिंदू जिसके अधार पर नए सिरे से एसआईटी ने जांच शुरू की है-
नयी दिल्ली। वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि हमारी सरकार दहाई अंक वाली मुद्रास्फीति पर लगाम कसने में सफल रही है। उन्होंने कहा कि हमने ‘कमरतोड़ महंगाई की कमर तोड़ी’ है और हमारे कार्यकाल में औसत मुद्रास्फीति 4.6 प्रतिशत रही। वर्ष 2019-20 के लिए अंतरिम बजट पेश करते हुए गोयल ने कहा कि संप्रग सरकार के 2009-2014 के शासन में मुद्रास्फीति औसतन 10.1 प्रतिशत पर रही थी।
गोयल ने संसद में कहा कि 2009-14 के दौरान मुख्य तौर पर खादद्य मुद्रास्फीति बढ़ी थी। इसे देखते हुए हमारी सरकार ने कमरतोड़ महंगाई की कमर तोड़ी। हम मुद्रास्फीति को 4.6 प्रतिशत के औसत पर लेकर आए जो किसी भी अन्य सरकार के पूरे कार्यकाल के मुद्रास्फीति आंकड़े से कम है। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2018 में मुद्रास्फीति 2.19 प्रतिशत रही।
उन्होंने कहा कि यदि हम महंगाई को कम नहीं करते तो हमारे परिवारों को खाना, यात्रा और आवास जैसी बुनियादी जरूरतों पर 35 से 40 प्रतिशत अधिक खर्च करना होता।
सरकार ने वेतनभोगी वर्ग को बड़ी राहत प्रदान करते हुए आज आयकर दरों में बड़ा बदलाव करने की घोषणा की। वित्त मंत्री ने कहा कि अब पांच लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को 2019-20 का बजट पेश करते हुए इस आशय की घोषणा की। उन्होंने कहा कि डेढ़ लाख रुपए तक की बचत पर भी कोई कर नहीं लगेगा। इस तरह कुल छूट साढ़े 6 लाख रुपए तक की आय पर मिल गयी। इसके अलावा उन्होंने स्टैंडर्ड डिडक्शन 40 हजार रुपए से बढ़ाकर 50 हजार रुपए करने की भी घोषणा की। इसके अलावा एफडी के ब्याज पर 40 हजार रुपए तक के ब्याज पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। अब तक 10 हजार रुपए के ब्याज पर कोई कर नहीं लगता था। वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने लोक सभा में अंतरिम बजट पेश करते हुए कहा कि इससे मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिलेगी।
नयी दिल्ली। राजग सरकार के कार्यकाल में अंतिम बजट को गरीब, किसान और युवाओं के सपनों एवं आकांक्षाओं को समर्पित बताते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि यह नये भारत के निर्माण को समर्पित मोदी सरकार के संकल्प एवं प्रतिबद्धता का प्रतीक है। वित्त मंत्री पीयूष गोयल द्वारा लोकसभा में 2019..20 का अंतरिम बजट पेश किये जाने के बाद अमित शाह ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ आज के बजट ने यह पुनः प्रमाणित किया है कि मोदी सरकार देश के गरीब, किसान और युवाओं के सपने एवं आकांक्षाओं को समर्पित सरकार है। इस सर्वग्राही बजट के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं उनकी पूरी सरकार को बधाई देता हूँ।’’ उन्होंने कहा कि यह फैसला किसान कि आय दो गुना करने के प्रयास में मील का पत्थर साबित होगी, इसके लिए वह भाजपा के करोड़ों कार्यकर्ताओं की ओर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का हृदय से अभिनंदन करते हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि ये बजट न्यू इंडिया के लक्ष्यों की प्राप्ति में देश के 130 करोड़ लोगों को नई ऊर्जा देगा। ये बजट सर्वव्यापी, सर्वस्पर्शी और सर्व-समावेशी है।
नयी दिल्ली। केंद्र सरकार की योजनाओं को लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालने वाला बताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि यह बजट गरीब को शक्ति देगा, किसान को मजबूती देगा, श्रमिकों को सम्मान देगा, मध्यम वर्ग के सपनों को साकार करेगा, ईमानदार आयकर दाताओं का गौरवगान करेगा, इंफ्रास्ट्रक्टर निर्माण को गति देगा और अर्थव्यवस्था को बल देगा। लोकसभा चुनाव से पहले अपनी सरकार द्वारा 2019-20 का अंतरिम बजट पेश किये जाने के बाद अपनी प्रतिक्रिया में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं ने देश के हर व्यक्ति के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाला है। हमारा पूरा प्रयास है कि किसानों को सशक्त करके उन्हें वे संसाधन दें, जिनसे वे अपनी आय दोगुनी कर सकें।
मोदी ने कहा कि ये बजट न्यू इंडिया के लक्ष्यों की प्राप्ति में देश के 130 करोड़ लोगों को नई ऊर्जा देगा। ये बजट सर्वव्यापी, सर्वस्पर्शी और सर्व-समावेशी है। उन्होंने कहा कि ये बजट गरीब को शक्ति देगा, किसान को मजबूती देगा, श्रमिकों को सम्मान देगा, मध्यम वर्ग के सपनों को साकार करेगा, ईमानदार आयकर दाताओं का गौरवगान करेगा, इंफ्रास्ट्रक्टर निर्माण को गति देगा और अर्थव्यवस्था को बल देगा। मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान निधि उन किसानों की मदद करेगी जिनके पास 5 एकड़ से कम भूमि है। यह योजना किसान कल्याण के मार्ग में एक ऐतिहासिक कदम है।
उन्होंने कहा कि देश में बढ़ते मध्यम वर्ग की आशा-आकांक्षा को कुछ हौंसला मिले, इसके लिए हमारी सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है। मैं मध्यम वर्ग को आयकर में मिली छूट के लिए बधाई देता हूं। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश का एक बहुत बड़ा वर्ग आज अपने सपनें साकार करने में और देश के विकास को गति देने में लगा हुआ है। उनके लिए सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। मोदी ने कहा कि इस बजट से 3 करोड़ से ज्यादा मध्यम वर्ग के टैक्स देने वालों को और 30-40 करोड़ श्रमिकों को सीधा लाभ मिलना तय हुआ है। प्रधानमंत्री ने कहा कि किसान उन्नति से लेकर, कारोबारियों की प्रगति तक, आयकर से लेकर आधारभूत संरचना तक, आवास से लेकर स्वास्थ्य सुविधा तक, इकोनॉमी को नई गति से लेकर न्यू इंडिया के निर्माण तक, सब पर ध्यान दिया गया है।
मोदी ने जोर देकर कहा कि सरकार के प्रयासों से आज देश में गरीबी रिकॉर्ड गति से कम हो रही है। लोकसभा चुनाव 2019 से पहले केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने पहले से चली आ रही परंपराओं का पालन करते हुए आज अंतरिम बजट पेश किया। वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने लोकसभा में सत्तारूढ़ सदस्यों द्वारा ‘मोदी, मोदी’ के नारों के बीच किसानों और करदाताओं को व्यापक राहत की घोषणा की।
रायपुर। प्रदेश की नई सरकार ने संपत्तिकर को आधा करने की कवायद शुरू कर दी है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सभी 13 नगर निगमों, 44 नगर पालिकाओं और 111 नगर पंचायतों से विगत दो वर्षों की राजस्व वसूली की जानकारी मंगाई है।
सरकार यह देखेगी कि संपत्तिकर आधा करने पर निकायों की आय कितनी कम होगी और उसकी भरपाई किस स्रोत से की जा सकेगी? उसके आधार पर आगे निर्णय लिया जाएगा।
कांग्रेस ने अपने घोषणा-पत्र में संपत्तिकर को कम से कम 50 फीसद तक कम करने का वादा किया था। सत्ता में आने के बाद कांग्रेस ने इस पर काम शुरू कर दिया है।
नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी नगरीय निकायों से वित्तीय वर्ष 2017-18 और 2018-19 में संपत्तिकर, समेकित कर, जलकर, दुकान का किराया और अन्य मद से प्राप्त राजस्व की जानकारी मांगी है।
सभी निकायों से रिपोर्ट आने के बाद दो और तीन फरवरी को रायपुर में बैठक रखी गई है, जिसमें एक-एक नगरीय निकाय के राजस्व की समीक्षा होगी।
संपत्तिकर को आधा करने पर नगरीय निकायों के आय काफी प्रभावित होगी, क्योंकि इसी से निकायों को सबसे अधिक राजस्व की प्राप्ति होती है।
रायपुर नगर निगम की ही बात करें, तो राजस्व लगभग 26 करोड़ स्र्पये कम हो जाएगा। इस कारण निकायों के लिए आय के दूसरे स्त्रोत को बढ़ाना जरूरी हो जाएगा। इस पर ही मंथन होगा।
कांग्रेस सरकार ने संपत्तिकर को आधा करने के लिए विभाग को निर्देश दिया है। उस पर काम चल रहा है। दो व तीन फरवरी को नगरीय निकायों की बैठक भी बुलाई गई है, जिस पर चर्चा होगी।