ईश्वर दुबे
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कोलकाता। चिटफंड घोटाले में सीबीआई के कोलकाता पुलिस प्रमुख से पूछताछ करने की कोशिश के खिलाफ धरने पर बैठीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि वह देश और संविधान बचाने के लिए ‘‘सत्याग्रह’’ जारी रखेंगी। मुख्यमंत्री कुछ वरिष्ठ मंत्रियों और पार्टी के सदस्यों के साथ बिना कुछ खाए रातभर अस्थायी मंच पर बैठी रहीं। बनर्जी ने धरना स्थल पर मौजूद पत्रकारों से कहा, ‘‘यह एक सत्याग्रह है और जब तक देश सुरक्षित नहीं हो जाता मैं इसे जारी रखूंगी।’’
नयी दिल्ली। केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी से राज्य के मौजूदा हालात का जायजा लेने को कहा है। अधिकारियों ने सोमवार को उक्त जानकारी दी। गौरलतब है कि शारदा पोंजी घोटाला मामले में कोलकाता पुलिस आयुक्त से पूछताछ करने पहुंचे सीबीआई के एक दल को दरवाजे पर ही रोकने और उसे हिरासत में लेने के बाद से राज्य में गंभीर स्थिति बनी हुई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी इस मामले को लेकर रविवार रात से धरने पर बैठी हुई हैं।
नयी दिल्ली। पश्चिम बंगाल में सीबीआई की कार्रवाई के विरोध में राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस सदस्यों के हंगामे के कारण उच्च सदन की बैठक सोमवार को शुरू होने के कुछ ही देर बाद दोपहर दो बजे तक के लिये स्थगित कर दी गई। तृणमूल के डेरेक ओ ब्रायन ने चिटफंड घोटाला मामले में सीबीआई की कोलकाता में कार्रवाई को नियम विरूद्ध बताते हुये सदन में इस पर चर्चा के लिए नोटिस दिए जाने का जिक्र किया। सभापति एम वेंकैया नायडू ने इस मामले को राष्ट्रपति अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान उठाने का परामर्श देते हुये नोटिस को अस्वीकार कर दिया। इस पर तृणमूल सदस्यों ने आसन के समीप आकर नारेबाजी शुरु कर दी। इसके तुरंत बाद सभापति ने सदन की बैठक को दोपहर दो बजे तक के लिये स्थगित कर दिया।
पश्चिम बंगाल मामले में केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में कहा कि भ्रष्टाचार की लड़ाई में राज्य सरकार हमारा सहयोग नहीं कर रही है। गृह मंत्री ने कहा कि कल CBI को कोलकता में कार्यवाई करने से रोका गया है। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है कि कोई सरकार अधिकारियों को बचाने में जुट गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने भारत के संघीय ढांचे को नुकसान पहुंचाया है। CRPF को कल एक्शन में भेजे जाने पर राजनाथ ने सफाई देते हुए कहा कि अधिकारियों की सुरक्षा को देखते हुए ऐसा किया गया।
नयी दिल्ली। चिटफंड घोटाला मामले में कोलकाता पुलिस आयुक्त से पूछताछ की सीबीआई की कोशिश के खिलाफ रविवार से धरने पर बैठीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को विपक्ष के नेताओं का भरपूर समर्थन मिल रहा है। केंद्र और ममता बनर्जी सरकार के बीच रविवार को पैदा हुई तनातनी की स्थिति के बीच तृणमूल कांग्रेस प्रमुख कोलकाता में मेट्रो सिनेमा के सामने धरने पर बैठी हुई हैं। बनर्जी को विपक्ष का भरपूर समर्थन मिल रहा है। इस बीच सीबीआई ने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाकर कोलकाता पुलिस प्रमुख राजीव कुमार पर मामले से जुड़े सबूत नष्ट करने और अदालत की अवमानना करने का आरोप लगाया है।
राष्ट्रीय लोक दल के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने ट्वीट किया, ‘बंगाल से मिल रही खबरों से हताश हूं। हर कीमत पर सत्ता फिर से हासिल करने को आमादा मोदी सरकार में संस्थाओं पर से भरोसा पूरी तरह उठ गया है। ममता जी इसका विरोध कर रही हैं और उन्हें इन कदमों के पीछे का मकसद समझने वालों का समर्थन प्राप्त है।’ ‘आप’ सांसद संजय सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने राज्यसभा में कामकाज निलंबित करने के लिए सदन में एक नोटिस दिया है और ‘सीबीआई के दुरुपयोग’ पर बहस करान की मांग की है।
तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि पश्चिम बंगाल में इस मामले को लेकर सभी विपक्षी दल सोमवार को निर्वाचन आयोग के पास जाएंगे। उन्होंने कहा कि सदन के भीतर और बाहर हम सब साथ रहेंगे। हम जो भी कदम उठाएंगे, साथ उठाएंगे। यह सीबीआई नहीं है, यह अमित शाह और मोदी का तोता है। उन्होंने कहा कि हमें संविधान, देश और संघीय संरचना को बचाना होगा। आज देर दिन में सभी विपक्षी दल निर्वाचन आयोग जाएंगे।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और तेदेपा प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू ने संवाददाताओं से कहा कि हम सोमवार को विपक्ष के नेताओं के साथ दिल्ली में चर्चा करेंगे और राष्ट्रव्यापी मुहिम पर एक कार्य योजना तैयार करेंगे। उन्होंने कहा, ‘तेदेपा सांसद अन्य विपक्षी नेताओं के साथ मिलकर सीबीआई संबंधी इस मामले का आज कड़ा विरोध करेंगे।’ लालू प्रसाद की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल के मनोज झा ने कहा कि विपक्ष का विरोध मोदी सरकार के गुरूर के खिलाफ है।
नयी दिल्ली। अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवादित स्थल के पास की भूमि अधिग्रहण करने संबंधी 1993 के केन्द्रीय कानून की संवैधानिक वैधता को सोमवार को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी गयी। स्वयं को राम लला का भक्त बताने का दावा करने वाले वकीलों के एक समूह ने यह याचिका दायर की है।
इस याचिका में दलील दी गयी है कि संसद राज्य की भूमि का अधिग्रहण करने के लिये कानून बनाने में सक्षम नहीं है। याचिका में कहा गया है कि राज्य की सीमा के भीतर धार्मिक संस्थाओं के प्रबंधन के लिये कानून बनाने का अधिकार राज्य विधानमंडल के पास है।
पटना. बिहार की राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में कांग्रेस की होने वाली ‘जन आकांक्षा रैली’ को लेकर पार्टी के नेता से लेकर कार्यकर्ता तक उत्साहित हैं। तीन फरवरी को होने वाली इस रैली को लेकर पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में तैयारियां जोरों पर हैं। इस रैली को कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी भी संबोधित करेंगे। कांग्रेस के ‘जन आकांक्षा रैली’ को सफल बनाने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं ने जिन पोस्टरों में पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी को भगवान राम के अवतार में दिखाया गया है वो अब राहुल के लिए परेशानी का सबब बन गया है।
दरअसल, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जो बैनर और पोस्टर शहर में लगाएं हैं उनमें से कई में राहुल गांधी को राम के अवतार में दिखाया गया है, जिसे लेकर राहुल गांधी के खिलाफ परिवाद पत्र दायर किया गया है।
शिकायतकर्ता राकेश दत्त मिश्रा, जो भारतीय जन क्रांति दल के महासचिव हैं, ने सीजेएम कोर्ट में इसे लेकर राहुल गांधी समेत, बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष मदन मोहन झा और पार्टी कार्यकर्ता विजय कुमार सिंह के खिलाफ परिवाद पत्र दायर किया हैं उन्होंने आरोप लगाया है कि राहुल को राम के अवतार में दिखाने से हिंदुओं की भावनाओं को चोट पहुंची है।
इस रैली में पांच राज्यों के लोग शामिल होंगे। कांग्रेस की इस अभूतपूर्व रैली में महागठबंधन के तमाम नेताओं को निमंत्रण दिया गया है, जिसे सभी ने स्वीकार भी कर लिया है।
आरजेडी के तेजस्वी यादव, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के जीतन राम मांझी और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के उपेंद्र कुशवाहा इस रैली में भाग लेंगे। तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे बिहार कांग्रेस प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि कांग्रेस की इस रैली में कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के भी भाग लेने की संभावना है।
रायपुर। भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से मारपीट और दुर्व्यवहार के मामले में अपनी मांगों को लेकर पत्रकारों का धरना प्रदर्शन जारी है. प्रेस क्लब के बाहर बड़ी संख्या में पत्रकार धरना पर बैठे हैं. धरना प्रदर्शन को समर्थन देने पूर्व पत्रकार और सरकार के मीडिया सलाहकार रुचिर गर्ग भी पहुंचे. वे भी पत्रकारों के साथ धरने में बैठे और उन्होंने घटना की जमकर भर्त्सना की. उन्होंने मौजूदा दौर में पत्रकारिता को सबसे ज्यादा चुनौती भरा कैरियर बताया और कहा कि समाज को भी इससे अवगत होना चाहिए.
उन्होंने कहा कि पत्रकार पर हमला हुआ रिपोर्टिंग के दौरान, रिपोर्टर को जिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा वह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है और जिस तरह गुंडागर्दी का सामना करना पड़ा उस पत्रकार को. ये घटनाएं बताती है कि एक रिपोर्टर जब फील्ड में जाता है तो उसे किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है किस तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. और ये पूरे समाज को जानना चाहिए कि पत्रकारिता दिन ब दिन कितना चुनौती पूर्ण पेशा होता जा रहा है. पत्रकारिता करना कितना कठिन होता जा रहा है वो कल की इस घटना से पता लगता है.

रुचिर गर्ग ने भाजपा कार्यालय में हुई घटना को लेकर कहा कि कल वो शायद सबसे सुरक्षित जगह में गया था. जहां हर तरह की सुरक्षा थी. जहां रिपोर्टिंग के लिए जाते हुए उसे यह नहीं लगा होगा कि उसे किसी तरह के हमले का सामना करना पड़ सकता है लेकिन वहां उसको एक ऐसी घटना का सामना करना पड़ा. जो इस बात को भी बता रही है कि समाज का एक तबका राजनीतिज्ञों का एक हिस्सा किस तरह से असहिष्णु होता जा रहा है. वो नहीं चाहता कि पत्रकार वहां आए और वहां का सच समाज को दिखाए. तो इन तमाम परिस्थितियों में जिस तरह से चुनौतियों का सामना हमारे पत्रकार साथी कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि मैं यहां पर अपनी ओर से एकजुटता दिखाने के लिए आया हूं. मैं चूंकि सरकार का एक हिस्सा भी हूं तो यह बताने भी आया हूं कि सरकार पत्रकारों की सुरक्षा के लिए बेहद चिंतित है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ से बाहर थे लेकिन वो इस पूरी घटना से अवगत थे. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश भी दिया कि पत्रकारों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाए. जो भी आवश्यक कार्रवाई हो उसे किया जाए. साथ ही उन्होंने कल ट्वीट कर के यह भी कहा है, उन्होंने पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर अपनी प्रतिबद्धता को भी दोहराया है. और यह कहा है कि उनकी सरकार पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है.
रुचिर गर्ग ने कहा कि हमें यह उम्मीद है ये सरकार एक ठोस पत्रकार सुरक्षा कानून लेकर आएगी. उन्होंने रायपुर प्रेस क्लब को शहर की ताकत बताते हुए कहा कि रायपुर प्रेस क्लब या उसके किसी सदस्य या किसी पत्रकार के साथ ऐसी कोई घटना होती है वो किसी तरह के हमले का शिकार होता है तो पूरा शहर उसके साथ है, पत्रकारों के साथ है रायपुर प्रेस क्लब के साथ है. हम यह उम्मीद करते हैं कि आने वाले दिनों में इस तरह की घटनाएं दोहराई ना जाए. यह हम सबके लिए एक सबक भी है.
इस योजना से ऐसे गरीब किसानों को भी राहत मिलेगी जिन्हें कभी कर्ज माफी का फायदा नहीं मिला।’’ पीएम मोदी ने कहा कि इतना ज्यादा खर्च करने पर भी हमारी सरकार 2008-09 के आम चुनावों से पहले कांग्रेस द्वारा कर्ज माफी
दुर्गापुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार ने अपने अंतरिम बजट में कांग्रेस की तरह कर्ज माफी की ‘‘ड्रामेबाजी’’ नहीं की क्योंकि इससे गरीब किसानों का फायदा नहीं होता और इसकी बजाय उन्हें स्थायी तौर पर हर साल 6,000 रुपए देने का प्रावधान किया। मोदी ने भाजपा की एक रैली में यहां कहा कि पिछली किसी भी सरकार ने आजादी के बाद किसानों के लिए इतनी बड़ी सहायता योजना नहीं शुरू की।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 12 करोड़ से अधिक छोटे किसानों को सालाना 6,000 रुपए दिए जाएंगे और यह रकम सीधा उनके बैंक खाते में भेजी जाएगा। मोदी ने कहा, ‘‘इसका मतलब है कि इस योजना पर एक साल में 75,000 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। हमारी सरकार की तैयारी है कि किसानों को इसकी पहली किस्त जल्द से जल्द मिले।
इस योजना से ऐसे गरीब किसानों को भी राहत मिलेगी जिन्हें कभी कर्ज माफी का फायदा नहीं मिला।’’ पीएम मोदी ने कहा कि इतना ज्यादा खर्च करने पर भी हमारी सरकार 2008-09 के आम चुनावों से पहले कांग्रेस द्वारा कर्ज माफी को लेकर मचाए गए ‘‘शोर’’ की तर्ज पर ‘‘ड्रामेबाजी’’ कर सकती थी, ‘‘लेकिन हमारी नीयत और नीति साफ है, जिसके कारण हम किसानों के लिए एक स्थायी योजना लेकर आए हैं।’’
रेलवे ने इस पूरे हादसे पर मुआवजे का ऐलान किया है। मृतकों के परिजनों को 5 लाख और गंभीर रूप से घायलों को 1 लाख मुआवजे का रेलवे ने ऐलान किया है। वहीं रेलवे ने जांच के आदेश भी दे दिए हैं।
बिहार के वैशाली जिला के सहदेई बुजुर्ग रेलवे स्टेशन के समीप रविवार तड़के करीब चार बजे 12487 जोगबनी-आनंद विहार टर्मिनल सीमांचल एक्सप्रेस ट्रेन के 11 डिब्बों के पटरी से उतर जाने सात लोगों की मौत हो गयी जबकि 29 अन्य घायल हो गए। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हादसे पर दुख जाहिर किया है। लेकिन वहीं गुस्साए ग्रामीणों ने प्रशासन पर पथराव किया है। पथराव में बचाव कार्य कर रहे एक कर्मचारी के सर पर चोट आई हैं। ग्रामीणों ने सरकार से सवाल किया हैं कब तब ऐसे रेल हादसे होते रहेंगे हमारे अपनों की जान यूं ही जाती रहेगी।
रेलवे ने इस पूरे हादसे पर मुआवजे का ऐलान किया है। मृतकों के परिजनों को 5 लाख और गंभीर रूप से घायलों को 1 लाख मुआवजे का रेलवे ने ऐलान किया है। वहीं रेलवे ने जांच के आदेश भी दे दिए हैं। रेलवे के मुताबिक प्रभावित यात्रियों के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।(खाद्य, सामान की पहचान, आगे की यात्रा आदि)।