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मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘हरियाणा भाजपा को अपना आशीर्वाद देने के लिए मैं जींद की जनता को बधाई देता हूं। यह ऐसी सीट थी जहां भाजपा पहले कभी नहीं जीत पायी। समाज के सभी वर्गों के बीच भाजपा के विकास एजेंडे को समर्थन मिलता देख मुझे खुशी हो रही है।’’ भाजपा के उम्मीदवार मिड्ढा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी नवगठित जेजेपी के दिग्विजय सिंह चौटाला को 12,935 वोटों के अंतर से हराकर यह सीट जीत ली है। परिवार में विवाद पैदा होने के बाद इंडियन नेशनल लोकदल विभाजित हो गया और जेजेपी अस्तित्व में आया है।
 
कांग्रेस उम्मीदवार रणदीप सिंह सुरजेवाला तीसरे स्थान पर रहे। सुरजेवाला फिलहाल कैथल से पार्टी विधायक हैं। मिड्ढा बीएएमएस डॉक्टर हैं और उनके पिता के निधन के बाद यह सीट खाली हुई थी। तत्पश्चात उस पर उपचुनाव कराया गया।

प्रयागराज। ज्योतिष पीठाधीश्वर स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के अयोध्या कूच करने के धर्मादेश के अगले दिन बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुम्भ मेला क्षेत्र आकर पुरी पीठाधीश्वर स्वामी निश्चलानंद सरस्वती से मुलाकात की और अयोध्या में राम मंदिर मुद्दे पर उनसे चर्चा की। स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने संवाददाताओं को बताया, “उन्होंने (योगी आदित्यनाथ) कहा कि मामला उच्चतम न्यायालय में है। अदालत के संविधान के अनुसार सरकार उस शिकंजे में फंसी हुई है जिसमें वह अलग से कोई निर्णय नहीं ले सकती।”

 

 हालांकि पुरी पीठाधीश्वर ने बताया, “श्री राम जन्मभूमि को लेकर मैंने कहा कि केस की आधारशिला जैसी होनी चाहिए, वैसी नहीं है। समस्या का समाधान शीघ्र होना चाहिए.. इसको लटकाने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि इससे आस्था को आघात पहुंचता है।” “इस पर उन्होंने (योगी आदित्यनाथ) कहा कि हम उसी ढंग का प्रयास करेंगे और आपकी भावना को पूर्ण रूप से स्थान देकर साकार करेंगे.. आपको प्रसन्नता होगी।” स्वामी निश्चलानंद सरस्वती से भेंट करने से पूर्व मुख्यमंत्री ने झूंसी स्थित आरएसएस कार्यालय में संघ प्रमुख मोहन भागवत से भेंट की। आरएसएस के एक पदाधिकारी ने बताया कि योगी की भागवत के साथ मुलाकात करीब डेढ़ घंटे चली।
 
मुख्यमंत्री योगी ने पुरी पीठाधीश्वर से भेंट करने के बाद महंत नृत्यगोपालदास जी महाराज से भी भेंट की और माना जाता है कि मुख्यमंत्री ने उन्हें राम जन्मभूमि मसले पर सरकार के रुख से अवगत कराया। योगी ने अपने कुम्भ दौरे के अंत में जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि जी महाराज से भेंट की और उनके साथ दोपहर का भोजन लिया। उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले ही 29 जनवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रिमंडल की बैठक यहां कुम्भ मेले में की थी और मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ संगम में डुबकी लगाई थी।
 

कोलकाता। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि हिंदुओं के धैर्य की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए और जिन्होंने अल्पसंख्यकों के खिलाफ असहिष्णुता का हवाला देकर राम मंदिर निर्माण का विरोध किया उन्हें पाकिस्तान जाना चाहिए और देखना चाहिए कि वहां पर कैसा लोकतंत्र है। सिंह ने दावा कि राम मंदिर मुद्दा तब ही सुलझ गया होता अगर सरदार वल्लभभाई पटेल देश के पहले प्रधानमंत्री बने होते क्योंकि जवाहरलाल नेहरू ने वोट बैंक की राजनीति की खातिर इस मुद्दे को ‘जानबूझकर’ जिंदा रखा। हिंदूवादी राग अलापने के लिए पहचाने जाने वाले भाजपा नेता ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण भाजपा के लिए कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है लेकिन इसके बजाय सभी हिंदुओं के देश में रहने का एजेंडा है।

केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ प्रदर्शन के लिए ‘छद्म धर्मनिरपेक्षों’ पर निशाना साधते हुए सिंह ने कहा कि जो देश में असहिष्णुता के बारे में चिल्ला रहे हैं वे असल में ‘‘असहिष्णुता का गिरोह’’ है जो देश को गंदा करने की कोशिश कर रहे हैं। सिंह ने पीटीआई- दिए एक साक्षात्कार में कहा, ‘चूंकि हम सहिष्णु हैं तो अन्य समुदाय इसका फायदा ले सकते हैं। कैसे भारत जैसे देश में जहां हिंदू बहुल है, उन्हें अपने देवताओं की प्रार्थना करने से रोका जा सकता है। अन्य समुदायों का हमें, हमारे देवताओं की प्रार्थना करने से रोकने का क्या अधिकार है? किसी भी चीज की अति खराब है लेकिन इससे हिंदुओं का धैर्य टूट सकता है। किसी को भी हिंदुओं के धैर्य की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए।’

राम मंदिर निर्माण के विरोध के बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्यमंत्री ने कहा, ‘भारत ऐसा लोकतंत्र है जिसका कोई भी विरोध कर सकता है। जो छद्म धर्मनिरपेक्ष है, वे इसका विरोध कर रहे हैं, जो जेएनयू में भारत के खिलाफ नारे लगा रहे थे, वे इसका विरोध कर रहे हैं। कुछ लोग असहिष्णुता की बात कर रहे हैं, उन्हें अपनी किस्मत को धन्यवाद देना चाहिए कि भारत एक हिंदू बहुल देश है। उन्हें पाकिस्तान जाना चाहिए और देखना चाहिए कि वहां किस तरह का लोकतंत्र है। उन्होंने देश की आबादी पर नियंत्रण लगाने के लिए सख्त नीतियों का भी आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि क्या वजह है कि जहां 99 फीसदी हिंदू आबादी है वहां आप सामाजिक संतुलन पाएंगे? क्या कारण है जहां मुस्लिम बहुमत में आए तो सामाजिक संतुलन टूट गया, लोगों ने डर में जीना शुरू कर दिया। विपक्षी एकता के बारे में सिंह ने कहा कि यह एकता नरेंद्र मोदी के भय से निकली है और उन्हें पूरा विश्वास है कि भाजपा बड़े बहुमत के साथ सत्ता में लौटेगी।

नयी दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए 10 फीसदी आरक्षण संबंधी सरकार के कदम को ‘ऐतिहासिक’ करार देते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि इससे उन गरीब युवक-युवतियों के साथ न्याय हुआ है जो गरीबी के अभिशाप के कारण खुद को वंचित महसूस कर रहे थे। उन्होंने संसद के बजट सत्र के पहले दिन दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में अपने अभिभाषण में यह भी कहा कि सरकार ने नाबालिग बच्चियों के साथ बलात्कार के जघन्य अपराध की सज़ा के लिए अपराधी को फांसी की सजा देने जैसा महत्वपूर्ण फैसला किया। साथ ही वह तीन तलाक से पीड़ित मुस्लिम महिलाओं के जीवन भयमुक्त बनाने के लिए प्रयास कर रही है।

कोविंद ने कहा कि बीते शीतकालीन सत्र में संसद द्वारा संविधान का 103वां संशोधन पारित करके, गरीबों को आरक्षण का लाभ पहुंचाने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। यह पहल, देश के उन गरीब युवक-युवतियों के साथ न्याय करने का प्रयास है जो गरीबी के अभिशाप के कारण वंचित महसूस कर रहे थे। उन्होंने नौजवानों के लिए उठाए गए सरकार के कदमों का उल्लेख करते हुए कहा, ‘नौजवानों को अपने व्यवसाय के लिए आसानी से ऋण प्राप्त हो, इसके लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत, बिना किसी गारंटी के 7 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के ऋण दिए गए हैं। इसका लाभ, ऋण प्राप्त करने वाले 15 करोड़ से ज्यादा लोगों ने उठाया है।’

 

राष्ट्रपति ने कहा कि उच्च स्तरीय प्रोफेशनल एजुकेशन (पेशेवर शिक्षा) के अवसरों को बढ़ाने के लिए सरकार नए शिक्षण संस्थानों की स्थापना कर रही है और 7 आईआईटी, 7 आईआईएम, 14 आईआईआईटी, एनआईटी और 4 एनआईडी की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसी नाबालिग के साथ बलात्कार करने के जघन्य अपराध की सज़ा के लिए सरकार ने अपराधी को फांसी की सजा देने का प्रावधान किया है। कई राज्यों में तेजी से सुनवाई के बाद, दोषियों को फांसी की सजा मिलने से, ऐसी विकृत सोच रखने वाले लोगों में कड़ा संदेश गया है।


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कोविंद ने कहा कि हमारी मुस्लिम बेटियों को डर और भय की ज़िन्दगी से मुक्ति दिलाने तथा उन्हें अन्य बेटियों के समान जीवन जीने के अधिकार देने हेतु मेरी सरकार, तीन तलाक से जुड़े कानून को संसद से पारित करवाने का लगातार प्रयास कर रही है।

नयी दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 'नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस' (एनएसएसओ) पर आधारित एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और दावा किया कि हर साल दो करोड़ नौकरियां देने का वादा करने वाले प्रधानमंत्री का रिपोर्ट कार्ड ‘राष्ट्रीय त्रासदी’ के रूप में सामने आया है। गांधी ने ट्वीट कर कहा, ‘‘नौकरी नहीं है। नेता ने हर साल दो करोड़ नौकरियों का वादा किया था। उनका लीक्ड रिपोर्ट कार्ड राष्ट्रीय त्रासदी के रूप में सामने आया है।’’ 

 

 
 
उन्होंने दावा किया, ‘‘बेरोजगारी की दर 45 वर्षों की सबसे उच्चतम स्तर पर है। 2017-18 में 6.5 करोड़ युवा बेरोजगार थे। नरेंद्र मोदी के जाने का समय आ गया है।’’ गांधी ने जो खबर शेयर की है उसमें दिए गए आंकड़ों के मुताबिक 2017-18 में बेरोजगारी की दर 6.1 फीसदी रही जो पिछले 45 वर्षों के दौरान उच्चतम स्तर है।

नयी दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बृहस्पतिवार को कहा कि आधुनिक लड़ाकू विमान राफेल को शामिल करने से वायुसेना की शक्ति में और बढ़ोतरी होने जा रही है। संसद के बजट सत्र के पहले दिन दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में अपने अभिभाषण में कोविंद ने कहा कि 2016 में पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों के विरूद्ध हुई सर्जिकल स्ट्राइक को देश की ‘नयी नीति, नयी रीति’ करार देते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि भारत हर देश के साथ अच्छे रिश्ते चाहता है, लेकिन हर चुनौती से निपटने के लिए खुद को मजबूत भी करते रहना चाहता है। उन्होंने कहा, ‘‘दशकों के अंतराल के बाद भारतीय वायुसेना, आने वाले महीनों में, नई पीढ़ी के अति आधुनिक लड़ाकू विमान-राफेल को शामिल करके, अपनी शक्ति को और सुदृढ़ करने जा रही है।  

 

 
 
गौरतलब है कि कांग्रेस राफेल विमान सौदे में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए नरेंद्र मोदी सरकार पर लगातार हमले कर रही है। दूसरी तरफ, सरकार ने उसके आरोपों को बार-बार खारिज किया है। सर्जिकल स्ट्राइक का उल्लेख करते हुए कोविेंद ने कहा, ‘‘विश्व पटल पर, जहां एक ओर भारत, हर देश के साथ मधुर संबंध का हिमायती है, वहीं हर पल हमें हर चुनौती से निपटने के लिए स्वयं को सशक्त भी करते रहना है। बदलते हुए भारत ने सीमा पार आतंकियों के ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक करके अपनी ‘नई नीति और नई रीति’ का परिचय दिया है।’’
 
 
राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘ पिछले वर्ष भारत उन चुनिंदा देशों की पंक्ति में शामिल हुआ है जिनके पास परमाणु त्रिकोण की क्षमता है। हमारी सेनाएं और उनका मनोबल, 21वीं सदी के भारत के सामर्थ्य का प्रतीक है।’’

नयी दिल्ली। गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के साथ राहुल गांधी की मुलाकात पर उत्पन्न विवाद पर कांग्रेस अध्यक्ष पर तीखा हमला करते हुए भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने बृहस्पतिवार को उन्हें ‘जन्मजात झूठा’ करार दिया। उन्होंने आश्चर्य से कहा कि कहीं वह ‘भारत के पहले झूठे नेता तो नहीं हैं।’ ईरानी पर पलटवार करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने कहा कि ईरानी ‘चुनावी हार की शिकार कुंठित नेता हैं जो पिछले 15 सालों से गांधी को कोस कर राजनीतिक तौर पर प्रासंगिक बने रहने का प्रयास कर रही हैं।’ उन्होंने कहा, ‘‘श्रीमती ईरानी को अहसास होना चाहिए कि वह केवल राहुल गांधी को कोस कर 2019 का चुनाव नहीं जीत सकती हैं। श्री गांधी को ‘भ्रष्ट जुमला पार्टी’ के दरबारी मसखरों से ईमानदारी के प्रमाणपत्र की जरुरत नहीं है।’’

 
 
पर्रिकर ने बुधवार को गांधी पर राफेल पर झूठा बयान देकर अपनी शिष्टाचार भेंट का ‘तुच्छ राजनीतिक लाभ’ के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। इस पर राहुल गांधी ने कहा था कि उन्होंने बातचीत के ब्योरे के बारे में कुछ नहीं कहा था और दावा किया कि भाजपा नेता भारी दबाव में हैं। ईरानी ने फेसबुक पर लिखा, ‘‘नि:संदेह, वह (राहुल गांधी) जन्मजात झूठे हैं। राजनीतिक व्यवस्था तेजी से अहसास कर रही है कि मूलभूत राजनीतिक शिष्टाचार के आधार पर भी उनसे सामाजिक संबंध रखना खतरनाक है।’’उन्होंने ‘क्या यह (राजवंश) जन्मजात झूठे हैं: भारत के पहले झूठे नेता’ नामक इस ब्लॉग में लिखा, ‘‘गहरी चिंता की वजह से वह गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के निवास पर शिष्टाचार भेंट करने गये। उन्होंने एक मनगढंत कहानी रची जिसके तहत उन्होंने आरोप लगाया कि मनोहर पर्रिकर ने राफेल से खुद को अलग कर लिया।’’
 
 
उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान गांधी ने अपने और फ्रांसीसी राष्ट्रपति एमैनुअल मैक्रों के बीच बातचीत की मनगढंत कहानी रची जिससे फ्रांसीसी सरकार ने तत्काल इनकार किया। ईरानी ने कहा, ‘‘इससे पहले, उन्होंने (राहुल गांधी) अपने और सुषमा स्वराज के बीच दुआ-सलाम को राजनीतिक दृष्टिकोण के वार्तालाप की मनगढंत कहानी के रुप में पेश किया था। उन्होंने अरुण जेटली के साथ भी बातचीत को लेकर ऐसी ही मनगढंत कहानी रची थी और दावा किया था कि मंत्री ने उनसे कहा कि उन्हें जम्मू कश्मीर के बारे में बहुत कम पता है।’’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘क्या वह भारत के पहले झूठे नेता हैं। काल्पनिक राफेल से लेकर ऋणमाफी घोटाले तक वह भ्रमित कर देने वाली वार्ता में फंस गये हैं।’’
नयी दिल्ली। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से जुड़े खनन मामले के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को राज्य में बसपा सुप्रीमो मायावती के शासन के दौरान बनाए गए स्मारकों के निर्माण में 111 करोड़ रुपये की कथित अनियमितताओं के सिलसिले में छापेमारी की। अधिकारियों ने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने 2014 की राज्य सतर्कता विभाग की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए इन मामलों की जांच के लिये धन शोधन निरोधक अधिनियम (पीएमएलए) के तहत एक आपराधिक मामला दर्ज किया है। उन्होंने कहा कि यह छापेमारी सात जगहों पर की गई और इनमें कुछ अधिकारियों और निजी लोगों के ठिकाने शामिल हैं। 
 
सतर्कता विभाग की शिकायत दंड प्रक्रिया संहिता और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गयी थी और यह स्मारकों के निर्माण में कथित वित्तीय अनियमितता से जुड़ा है जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के 2007 से 2012 के कार्यकाल के दौरान बसपा के संस्थापक कांशीराम और पार्टी के चुनाव चिन्ह ‘हाथी’ की प्रतिमाएं भी शामिल हैं। यह आरोप है कि इस कृत्य से “सरकारी खजाने को 111,44,35,066 रुपये का नुकसान हुआ और लोकसेवकों व निजी व्यक्तियों को अवैध फायदा हुआ।” मायावती के नेतृत्व वाली सरकार ने लखनऊ, नोएडा और राज्य में कुछ अन्य जगहों पर 2600 करोड़ रुपये की लागत से स्मारक, मूर्तियां और पार्क बनवाए थे।
 
उप्र लोकायुक्त ने पूर्व में मायावती के दो मंत्रिमंडलीय सहयोगियों- नसीमुद्दीन सिद्दकी और बाबू सिंह कुशवाहा के अलावा 12 बसपा विधायकों और कुछ अन्य को स्मारकों के लिये बलुआ पत्थरों की खरीद में कथित “गड़बड़ियों” में दोषी ठहराया था। लोकायुक्त की रिपोर्ट पर सतर्कता विभाग द्वारा उनके खिलाफ 2014 में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। 

जयपुर। रामगढ़ उपचुनाव में जीत के साथ ही राजस्थान की 200 सदस्यीय विधानसभा में सत्तारूढ़ कांग्रेस के पास 100 विधायक हो गए हैं। रामगढ़ सीट के लिए उपचुनाव सोमवार को हुआ। गुरुवार को हुई वोटों की गिनती में कांग्रेस प्रत्याशी शफिया जुबैर को कुल 83,311 मत मिले हैं। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वदी भाजपा के सुखवंत सिंह को 12,228 मतों से पराजित किया है। दूसरे स्थान पर रहे भाजपा के सुखवंत सिंह को 71,083 मत मिले। वहीं बसपा उम्मीदवार जगत सिंह 24,856 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

 

 
निर्वाचन विभाग के अनुसार जुबैर को 44.77 प्रतिशत मत मिले जबकि भाजपा प्रत्याशी को 38.20 प्रतिशत मत मिले। चुनाव में उतरे 20 उम्मीदवारों में से पूर्व केन्द्रीय मंत्री नटवर सिंह के पुत्र और बसपा उम्मीदवार जगत सिंह सहित 18 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। चुनाव में नोटा का प्रयोग करने वाले 241 मतदाताओं में एक मतपत्र का मतदाता भी शामिल है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट किया है, ‘‘आज मुझे बहुत खुशी है कि रामगढ़ की जनता ने सही फैसला किया है, सोच-समझकर किया है। मैं रामगढ़ के मतदाताओं को बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूँ, आभार प्रकट करता हूँ। मुझे बेहद प्रसन्नता है कि उन्होंने कांग्रेस को आशीर्वाद दिया है। यह फैसला ऐसे वक़्त किया है जब एक मैसेज देने की आवश्यकता थी।’’।

 

 
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि यह कांग्रेस में लोगों के विश्वास की जीत है। पायलट ने कहा कि राजस्थान की जनता ने एक बार फिर से कांग्रेस पर विश्वास जताया है। सरकार की गठन के बाद यह पहला चुनाव था। परिणाम से स्पष्ट है कि भाजपा ने अपना जनाधार खो दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनावों में समुदायों, धर्मों और मतों का ध्रुवीकरण करने की कोशिश की लेकिन वह विफल रही। उन्होंने कहा कि पार्टी को जीत दिलाकर विश्वास जताने के लिए वह रामगढ़ की जनता को धन्यवाद देते हैं।

जींद। हरियाणा में सत्तारूढ़ भाजपा के उम्मीदवार कृष्ण मिड्ढा ने जींद विधानसभा के लिए हुए उपचुनाव में अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी जननायक जनता पार्टी के उम्मीदवार दिग्विजय सिंह चौटाला को 12,000 से अधिक मतों से शिकस्त दी। भाजपा ने यह सीट मुख्य विपक्षी दल इनेलो से छीनीं है।

 

 
जींद के उपायुक्त सह निर्वाचन अधिकारी अमित खत्री ने बताया कि मिड्ढा ने यह चुनाव 12,935 मतों के अंतर से जीता है। कांग्रेस ने अपने वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला को उम्मीदवार बनाया था। वह तीसरे नंबर पर रहे। इनेलो विधायक हरिचंद मिड्ढा के निधन से यह सीट रिक्त हुई थी।

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