ईश्वर दुबे
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रायपुर। पुलिस कर्मियों के साप्ताहिक अवकाश समेत दूसरी मांगों पर इन दिनों जमकर चर्चा हो रही है। डीजीपी डीएम अवस्थी हर सप्ताह अपने दफ्तर में राज्य भर के पुलिस कर्मियों और उनके परिजनों से मिलकर उनकी समस्या सुन रहे हैं। दो हफ्ते तक समस्या सुनने के बाद यह तथ्य सामने आया कि शिकायतें और समस्याएं बहुत ज्यादा हैं। सबसे बड़ी समस्या तो यही रही है कि पुलिस जवानों की सुनने की कभी कोशिश ही नहीं की गई। बेहद तनाव में वे ड्यूटी करते रहे और सरकार तथा अफसरों को उनकी पीड़ा समझने की फुर्सत नहीं रही।
अब नए डीजीपी ने जवानों की समस्या सुनने की शुरूआत की है। उन्होंने सभी आइजी से भी कहा है कि सप्ताह में दो दिन जवानों से मिलें और उनकी समस्या सुनें। नक्सल प्रभावित जिलों के कुछ एसपी लगातार जवानों से संवाद स्थापित करने में लगे हुए हैं।
इसी दौरान यह तथ्य सामने आया कि नक्सल इलाकों में पदस्थ जवानों के लिए वीकली ऑफ तो बेमानी है। दरअसल जंगल में बैरकों में रह रहे जवान बीमार होने पर भी वहां से निकलने के लिए फोर्स की तैनाती का इंतजार करते हैं। जगरगुंडा और पामेड़ जैसे थानों से तो कई बार हेलीकॉप्टर से उन्हें निकालना पड़ता है।
किसी एक जवान को छुट्टी पर जाना हो तो रोड ओपनिंग पार्टी से लेकर बम स्क्वायड तक लगाना पड़ता है। तो अगर एक दिन की छुट्टी मिली तो वे बैरक में ही रह जाएंगे। फिर छुट्टी का मतलब क्या होगा। इसीलिए नक्सल मोर्चे के पुलिस कर्मियों ने मांग की है कि उनके लिए महीने के चार हफ्तों की छुट्टी एकमुश्त चार दिन के लिए दी जाए।
अगर चार दिन की छुट्टी मिलती है तो वे पैदल चलकर निकल पाएंगे और एक-दो दिन के लिए परिवार से भी मिल पाएंगे। हालांकि पुलिस कर्मियों के कल्याण के लिए बनी कमेटी वीकली ऑफ पर क्या निर्णय देती है यह देखा जाना बाकी है। पुलिस कमेटी के निर्णय के बाद यह देखा जाएगा कि नक्सल मोर्चे के जवानों के लिए अलग से क्या किया जा सकता है।
शिकायतों के निराकरण का सिस्टम बनेगा
डीजीपी डीएम अवस्थी ने से कहा कि हम जनसमस्या और शिकायत निवारण का एक तंत्र विकसित करना चाहते हैं। मैंने अपने दफ्तर में एक दिन जवानों और परिजनों से मिलने का निर्णय लिया तो पता चला कि समस्याएं ढेरों हैं। तीन हफ्ते में मैं करीब 12 सौ लोगों से मिला हूं। उनकी समस्याएं कई स्तरों की हैं।
कुछ ऐसी हैं जिनका निराकरण एसपी स्तर पर ही हो सकता है। कुछ समस्याएं आइजी सुलझा सकते हैं। इसीलिए मैंने कहा है कि एसपी हर मंगलवार को जवानों की शिकायत और समस्या सुनें।
अगर वहां निदान नहीं होता है तो बुधवार को जवान और उनके परिजन आइजी से मिल सकते हैं। फिर भी समस्या न सुलझी तो शुक्रवार को मैं उपलब्ध हूं। कोई जवान हर बात के लिए किराया खर्च कर रायपुर क्यों आए। अगर स्थानीय स्तर पर निदान हो सकता है तो वहीं किया जाएगा।
पुलिस कर्मियों की मांगों पर विचार करने के लिए नेहा चंपावत की अध्यक्षता में बनी कमेटी इसी हफ्ते अपनी रिपोर्ट सौंप देगी। डीजीपी अवस्थी ने कहा कि हम कमेटी की रिपोर्ट का परीक्षण करेंगे और उसे शासन को भेज देंगे।
जितनी जल्द संभव हो पुलिस कर्मियों की मांगों को पूरा करने की कोशिश की जाएगी। चंपावत कमेटी की तीन-चार बैठक हो चुकी है। अब रिपोर्ट आना ही शेष है। इस रिपोर्ट के बाद ही तय होगा कि वीकली ऑफ और अन्य समस्याओं को कैसे सुलझाया जाए।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नई सरकार बनने के बाद भाजपा के पूर्व विधायकों और कई दिग्गज नेताओं की सुरक्षा हटा दी गई है। प्रदेश में विधायकों को एक्स और वाई श्रेणी की सुरक्षा दी जाती है। जबकि नक्सल प्रभावित क्षेत्र के विधायकों, पूर्व विधायकों और राजनीतिक दलों के प्रमुख प्रतिनिधियों को वाई श्रेणी की सुरक्षा मिल रही थी लेकिन अब नई सरकार ने प्रोटेक्शन रिव्यू किए बिना ही सुरक्षा हटाने का निर्णय ले लिया।
नेता प्रतिपक्षव प्रदेश भाजपा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने इसकी शिकायत डीजीपी डीएम अवस्थी से की है। कौशिक ने कहा कि सरकार जानबूझकर संवेदनशील क्षेत्रों के पदाधिकारियों की सुरक्षा को हटा रही है। यह बदले की भावना ने किया जा रहा है, जिसका पार्टी विरोध करती है।
भाजपा सरकार में मंत्री रहे केदार कश्यप और महेश गागड़ा की सुरक्षा में कोई बदलाव नहीं किया गया। इनको जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिल रही थी।
अगर किसी के पास अतिरिक्त सुरक्षा रही होगी, तो उसे ही हटाया गया होगा। जबकि स्पेशल डीजी सिक्योरिटी संजय पिल्ले ने बताया कि प्रोटेक्शन रिव्यू कमेटी की कोई बैठक नहीं हुई है। ऐसे में किसी की सुरक्षा में कोई बदलाव नहीं किया जा सकता है।
रायपुर। प्रदेश के दो लाख से अधिक युवा बेरोजगारों की कुंडली मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को युवा कांग्रेस सौंपेगी। युवा कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के पहले प्रदेश में 'मैं भी बेरोजगार" अभियान चलाया था। अब लोकसभा चुनाव के लिए इस अभियान को फिर से शुरू करना है, इसलिए पहले आए बेरोजगारों के ब्योरे को सौंपकर उनके रोजगार की व्यवस्था करने की अपील मुख्यमंत्री से की जाएगी। मुख्यमंत्री से मिलने से पहले युवा कांग्रेस प्रदेश स्तरीय बैठक करेगी।
युवा कांग्रेस ने विधनसभा चुनाव के पहले 'मैं भी बेरोजगार" के पांच लाख से ज्यादा फॉर्म बांटे थे। कॉलेजों, सार्वजनिक स्थलों में स्टॉल लगाकर भी फॉर्म भराए गए थे। ऑनलाइन आवेदन भरने की भी व्यवस्था थी। युवा बेरोजगारों से उनका नाम, पता, मोबाइल नम्बर, शिक्षा की जानकारी ली गई है।
हर फॉर्म की नम्बरिंग भी की गई है। अभी युवा कांग्रेस प्रदेशभर से आए फॉर्म की कम्प्यूटर में इंट्री कर रही है। एक-दो दिन में यह काम पूरा हो जाएगा। संगठन के प्रदेश महामंत्री अशरफ हुसैन ने बताया कि दो लाख से अधिक युवाओं ने फॉर्म भरा है।
15 जनवरी के बाद युवा कांग्रेस के प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक रखी गई है, जिसमें मुख्यमंत्री से चर्चा के बिंदुओं पर बात होगी। मुख्यमंत्री को यह भी बताया जाएगा कि संगठन जल्द से युवा वोटरों को साधने के लिए फिर से 'मैं भी बेरोजगार" शुरू करने जा रहा है। अभियान को शुरू करने से पहले युवा कांग्रेस के लिए जरूरी है कि कांग्रेस सरकार युवाओं के लिए नौकरी का रास्ता खोले। उसके बाद ही युवा कांग्रेस फिर से युवाओं के बीच जा पाएगी।
इस्लामाबाद। अफगानिस्तान में दीर्घकालिक सैन्य अड्डे के निर्माण की अमेरिकी मांग देश में 17 साल लंबे युद्ध को खत्म करने के लिए तालिबान के साथ बातचीत में बाधक बन रही है। यहां मीडिया में आयी खबर में यह बात सामने आयी है। इस तरह की मीडिया रिपोर्ट ऐसे समय सामने आयी है जब अफगानिस्तान में सुलह के लिये अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि जलमय खलीलजाद ने बातचीत की मेज पर तालिबान को लाने के लिए प्रयासों को तेज किया।
सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कतर, रूस और ईरान पिछले कुछ महीने से तालिबान के साथ बातचीत में शामिल हैं। ‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की एक खबर में अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि अमेरिका अपनी मांग के बदले में शांति समझौते के बाद अफगानिस्तान को पुननिर्माण एवं पुनर्वास के लिये पर्याप्त वित्तीय सहायता देगा। तालिबान बार-बार अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की पूर्ण वापसी की मांग करता रहा है। हालांकि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में हुई हालिया वार्ता में कुछ सैन्य अड्डों को चालू रखने के अमेरिका के सुझाव पर उन्होंने अपना झुकाव दिखाया था।
अमेरिका तालिबान से यह गारंटी चाहता है कि अन्य देशों पर हमले की साजिश रचने के लिये अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान को पत्र लिखने के बाद अबु धाबी में हुई वार्ता में पाकिस्तान ने मध्यस्थता की थी। ट्रंप ने तालिबान को लेकर पाकिस्तान से मदद मांगी थी। बहरहाल अफगानिस्तान में 17 साल से चल रहे युद्ध के मद्देनजर राजनीतिक समाधान की मांग को लेकर हालिया दबाव ने अफगान शांति प्रक्रिया में सऊदी अरब और यूएई को एक ही मंच पर ला खड़ा किया है।
मॉस्को। दक्षिणी रूस में सोमवार तड़के एक बहुमंजिला आवासीय इमारत में हुए गैस विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार लोग लापता हो गए। आपातकालीन मंत्रालय ने बताया कि दक्षिणी रोस्तोव क्षेत्र के शख्ती शहर में नौ मंजिला इमारत में हुए विस्फोट में शीर्ष दो मंजिलों के कई अपार्टमेंट क्षतिग्रस्त हो गए।
आपातकानील मंत्रालय की प्रवक्ता मरीना चेरन्यावस्काया ने एएफपी को बताया कि चार लोगों का अब भी कुछ पता नहीं है और बचाव अभियान में 200 से ज्यादा कर्मियों को लगाया गया है।
जयपुर। राजस्थान के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने सोमवार को कहा कि देश में केवल कांग्रेस ही ऐसी पार्टी है जो केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा को चुनौती दे सकती है और उसे हरा सकती है। साथ ही पायलट ने विश्वास जताया कि कांग्रेस की अगुवाई वाला संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) केंद्र में अगली सरकार बनाएगा। पायलट ने कहा कि संवैधानिक संस्थानों को नष्ट करने में अपनी सारी ताकत लगा देने वालों को हराने के लिए राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय दलों को साथ आना होगा।
अपने निवास पर संवाददाताओं से बातचीत में पायलट ने कहा, ‘प्रमुख घटक दलों के टूटने से जहां राजग कमजोर हुआ है वहीं संप्रग के सहयोगी दलों ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में विश्वास जताया है।’ उन्होंने कहा कि 2019 के आम चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व में संप्रग सरकार बनाएगा। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का बसपा तथा अन्य दलों के साथ सीटों को लेकर गठजोड़ नहीं होने पर पायलट ने कहा कि कांग्रेस को कभी कमजोर नहीं आंकना चाहिए।
पायलट ने कहा कि उत्तर प्रदेश में हम सभी 80 सीटों पर लड़ेंगे। 2009 में कांग्रेस ने 22-23 सीटें जीतीं थीं तो कांग्रेस को कभी भी कमजोर नहीं आंकना चाहिए। जैसा राहुल गांधी ने कहा है कि वे उस गठबंधन का सम्मान करते हैं लेकिन कांग्रेस अपने दम पर लड़ेगी और अच्छी सीटें जीतेगी। पायलट ने कहा, ‘भाजपा को राष्ट्रीय स्तर पर अगर कोई पार्टी चुनौती देकर हरा सकती है तो वह कांग्रेस पार्टी है। सभी राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय दलों को देशहित में, हिंदुस्तान की भलाई के लिए, (संवैधानिक) संस्थानों को खत्म करने में लगी ताकतों को परास्त करने के लिए मिलकर काम करना होगा।’
कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष पायलट ने कहा कि बीते पांच साल में संप्रग का कुनबा लगातार बढ़ता रहा है वहीं राजग के घटक दल उससे छिटकते जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘(लोकसभा) चुनाव दूर नहीं है और जिस प्रकार से भाजपा के खेमे में खलबली मची है उससे साफ दिखता है कि भाजपा ये चुनाव हारने जा रही है। राजग का गठबंधन लगातार कमजोर हुआ है और बीते पांच साल में आठ से दस पार्टियां उसका साथ छोड़ चुकी हैं। चाहे वह देवेगौड़ा हों, शरद पवार हों, चंद्रबाबू नायडू हों या एम के स्टालिन... ये सभी राहुल गांधी के नेतृत्व में अपना भरोसा जता चुके हैं और 2019 में संप्रग की सरकार केंद्र में बनने जा रही है।’
लोकसभा चुनाव की तैयारियों के संबंध में उन्होंने कहा कि तीन राज्यों में जिस प्रकार से कांग्रेस की सरकारें बनी हैं... यह आने वाले लोकसभा चुनाव का भी संकेत है। 15 तारीख से हम लोग हर लोकसभा क्षेत्र के प्रमुख नेताओं तथा कार्यकर्ताओं से जयपुर में मुलाकात करेंगे और लोकसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों का पैनल तैयार कर बहुत जल्द दिल्ली भेजेंगे।