ईश्वर दुबे
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी को हरकत-उल-हर्ब ए इस्लाम के सक्रिय होने का अंदेशा
यूपी के अमरोहा पहुंची एनआईए टीम ने इनपुट के आधार पर जानकारियां जुटाईं
लखनऊ/ दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को उत्तरप्रदेश और दिल्ली में 16 जगहों पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान 10 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया।
एजेंसी को शक है कि आतंकी संगठन आईएसआईएस जैसा मॉड्यूल हरकत-उल-हर्ब ए इस्लाम सक्रिय हो रहा है। इसके बाद ही इनपुट के आधार पर उत्तरप्रदेश के अमरोहा के सैदपुरइम्मा गांव और दिल्ली के जाफराबाद में छापेमारी की गई। यूपी एटीएस के आईजी असीम अरुण ने बताया कि बुधवार को एनआईए के साथ संयुक्त ऑपरेशन चलाया गया। संदिग्धों पर एजेंसी की काफी वक्त से नजर थी। उन्होंने बताया कि उत्तर भारत में बम धमाकों की साजिश रचने के आरोप में अमरोहा से 5 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। वहीं, अन्य 5 को पूर्वोत्तर दिल्ली से हिरासत में लिया गया।
मऊ के घोसी से भाजपा सांसद हरिनारायण राजभर
लखनऊ। उत्तरप्रदेश के मऊ जिले के घोसी से भाजपा सांसद हरिनारायण राजभर ने रामलला के लिए प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत आवास मांगा। उन्होंने कहा- फैजाबाद के डीएम को भी मैं पत्र लिखूंगा कि प्रभु श्रीराम के लिए प्रधानमंत्री आवास मुहैया कराया जाए। मोदी सरकार की मंशा है कि कोई बिना छत के न रहे। प्रभु राम तिरपाल में हैं। उनको भी प्रधानमंत्री आवास मिलना चाहिए।
सांसद ने यह भी कहा कि बाबरी ढांचे को गिराने के लिए जिस तरह की कारसेवा हुई थी, ठीक उसी तरह की कारसेवा राम मंदिर निर्माण के लिए होनी चाहिए। यह भी कहा कि लोगों की आस्था का फैसला सुप्रीम कोर्ट और सरकार नहीं कर सकती।
सरकार और गृहमंत्री से नहीं मिला जवाब
उन्होंने बताया, 'Óसंसदीय बोर्ड की बैठक में भी हमने इस मुद्दे को उठाया था। पूछा था कि राम मंदिर का निर्माण कब तक होगा? कोई जवाब नहीं मिला। गृहमंत्री से भी मिला था, लेकिन उन्होंने भी कोई उचित जवाब नहीं दिया। देश में करोड़ों हिन्दुओं को राम मंदिर निर्माण के लिए खुद आगे आकर एक और कारसेवा करनी चाहिए।ÓÓ
खदान से पानी निकालने के लिए कर्मचारी 100 हॉर्स पावर की मशीन का इंतजार कर रहे हैं।
मेघालय की खदान के अंदर पानी भरने से फंसे बच्चे, राहुल का आरोप- उपकरणों की कमी के चलते बचाव का काम बाधित
मेघालय के अफसर ने कहा- रेस्क्यू के लिए हमारे पास पर्याप्त बल नहीं
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पुल पर फोटो खिंचवाना छोड़कर मेघालय की खदान में फंसे 15 नाबालिगों को बचाना चाहिए। मेघालय की कोयला खदान में पानी भरने से 13 दिसंबर से कई बच्चे फंसे हुए हैं।
Óबच्चे जीवन के लिए संघर्ष कर रहेÓ
राहुल ने ट्वीट किया, 15 नाबालिग पानी से भरी खदान में जिंदगी के लिए दो हफ्ते से संघर्ष कर रहे हैं। वहीं, प्रधानमंत्री बोगीबील पुल पर फोटो खिंचा रहे हैं। उनकी सरकार ने बचाव के लिए हाईप्रेशर पंप्स देने से इनकार कर दिया है। मैं पीएम से अपील करता हूं कि नाबालिगों को बचाएं।
राहुल ने रिपोट्र्स का हवाला देते हुए यह भी कहा कि उपकरणों की कमी के चलते 15 बच्चों को बचाने का काम बाधित हो रहा है। खदान में अचानक से लाइतीन नदी के पानी घुसने के चलते बच्चे उसमें फंसे हुए हैं।
उधर, मेघालय के एक गृह विभाग के वरिष्ठ अफसर ने बताया कि खदान ईस्ट जैंतिया हिल जिले में स्थित है, वहां पुलिस फोर्स को भेजा गया है। हमारे पास इस समस्या से निपटने के लिए पर्याप्त बल नहीं है।
मोदी ने कल किया था पुल का उद्घाटन
मोदी ने मंगलवार को असम के डिब्रूगढ़ में देश के सबसे लंबे रेल-रोड पुल बोगीबील का उद्घाटन किया था। यह ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तर और दक्षिण तट को जोड़ेगा। पुल की लंबाई 4.94 किमी है। पुल से मिलिट्री टैंक गुजर सकते हैं। जरूरत पडऩे पर लड़ाकू विमान भी पुल पर लैंड कर सकते हैं। मोदी ने कहा, यहां कुछ लोग ऐसे होंगे,जो 16 साल पहले भी यहां आए होंगे, जब अटलजी ने इसका शिलान्यास किया था। दुर्भाग्यवश 2004 में सरकार जाने के बाद कई प्रोजेक्टों की तरह यह भी अटक गया। अटलजी की सरकार को दोबारा मौका मिलता तो यह ब्रिज 2007-08 में ही बन जाता। 2014 में सरकार बनने के बाद हमने सारी बाधाओं को दूर किया और गति दी।ÓÓ
भाजपा महासचिव ने कहा- हमें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट फास्ट ट्रैक कोर्ट की तरह सुनवाई करेगा
रविशंकर प्रसाद ने कहा- सबरीमाला-समलैंगिकता पर जल्द फैसला आ सकता है तो राम मंदिर पर क्यों नहीं
उन्होंने कहा- बाबर का संविधान में जिक्र नहीं, हमें उनकी इबादत नहीं करनी चाहिए
नई दिल्ली। भाजपा महासचिव राम माधव ने बुधवार को कहा कि राम मंदिर पर अध्यादेश का विकल्प हमेशा खुला है। उन्होंने कहा कि अभी यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है। अदालत ने इसकी सुनवाई के लिए 4 जनवरी तय की है। हमें आशा है कि अदालत इस मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट की तरह सुनवाई करेगा और जल्द फैसला सुनाएगा। अगर ऐसा नहीं होता है, तो हम दूसरा रास्ता अपनाएंगे। इससे पहले केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी सुप्रीम कोर्ट से राम जन्मभूमि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट की तरह करने की मांग की।
Óसबरीमाला पर फैसला जल्द आ सकता है तो राम मंदिर पर क्यों नहीं?Ó रविशंकर प्रसाद मंगलवार को अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद की 15वीं नेशनल कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जब सबरीमाला मामले में जल्द फैसला आ सकता है, तो सालों से अटके इस मामले में क्यों नहीं?
प्रसाद ने कहा कि मैं कानून मंत्री के नाते नहीं, बल्कि एक आम नागरिक के तौर पर सुप्रीम कोर्ट से मामले पर जल्द फैसला देने की अपील करता हूं। कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एमआर शाह, इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस गोविन्द माथुर और जस्टिस एआर मसूदी भी मौजूद थे।
उन्होंने कहा, इस मामले में इतने सबूत हैं कि अच्छी बात हो सकती है। लेकिन लोग मेरे पास आते हैं और पूछते हैं कि समलैंगिकता पर 6 महीने में, सबरीमाला पर 5-6 महीने में, अर्बन नक्सल पर 2 महीने में फैसला हो जाता है। हमारे रामलला का विवाद 70 सालों से कोर्ट में अटका है। 10 साल से सुप्रीम कोर्ट के पास है, इसमें सुनवाई क्यों नहीं होती?ÓÓ
कानून मंत्री ने कहा , 'Óहम बाबर को क्यों पूजें, उसकी इबादत नहीं होनी चाहिए।ÓÓ उन्होंने संविधान की प्रति को दिखाते हुए कहा कि इसमें राम, कृष्ण और अकबर का भी जिक्र है, लेकिन बाबर का नहीं। उन्होंने कहा कि भारत में इस तरह की बात कर दो तो नया विवाद खड़ा हो जाता है।
अयोध्या विवाद पर 4 जनवरी को होनी है सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट अयोध्या में राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद विवाद पर 4 जनवरी को सुनवाई करेगा। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता में 3 जजों की बेंच इस मामले में सुनवाई करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर में इस मामले से जुड़ी याचिकाओं पर जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया था।
भोपाल/ग्वालियर. पहाड़ों में बर्फबारी होने से मैदानी इलाकों में गलन वाली सर्दी का असर बढ़ गया है। एक सप्ताह से प्रदेश के लगभग 42 जिलों में न्यूनतम पारा 10 डिग्री के नीचे चल रहा है। लिहाजा, लोग दिन और दिन ठंड में ठिठुर रहे हैं। सर्दी का सबसे ज्यादा असर ग्वालियर-चंबल संभाग समेत बुंदेलखंड के कुछ जिलों में देखा जा रहा है।
ग्वालियर में उत्तर से बर्फीली हवा आने के कारण दिन में भी सर्दी सता रही है। सोमवार को भी ग्वालियर-चंबल संभाग शीतलहर की चपेट में हैं। पर्यटन स्थल पचमढ़ी और खजुराहों में बीते एक सप्ताह से न्यूनतम पारा 2 डिग्री चल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले तीन दिन इसी तरह का मौसम बना रहेगा।
इंदौर में थोड़ी राहत : यहां मौसम का मिजाज एकदम से बदल गया है। दो दिन पहले तक जहां दिन-रात का तापमान सामान्य से कम चल रहा था। सुबह-शाम कंपकंपी का एहसास हो रहा था, वह मौसम अब बदल गया है। तापमान सामान्य से 2 डिग्री ज्यादा हो गया है। रविवार को अधिकतम तापमान 28.6 डिग्री दर्ज हुआ, वहीं शनिवार रात को 11.8 डिग्री न्यूनतम तापमान रहा। हालांकि मौसम विभाग का अनुमान है कि दो दिन बाद फिर ठंड लौटेगी। तापमान 7 से 8 डिग्री के बीच रहेगा। 31 दिसंबर तक मौसम कंपकंपाने वाला ही रहेगा।
सागर में तापमान 10 डिग्री से नीचे : शहर में लगातार 8 दिन से रात का तापमान 6 से 10 डिग्री के बीच बना हुआ है। इससे पहले 1996 में 9 से 14 दिसंबर तक छह दिन तक रात का तापमान 5.8 से 7.8 डिग्री के बीच रहा था। यहां 10 दिन पहले 13 दिसंबर से रात के तापमान के लुढ़कने का सिलसिला शुरू हुआ था। 14 दिसंबर को यह 10 डिग्री से नीचे 9.2 डिग्री, 15 को भी 9.2 डिग्री और फिर 16 दिसंबर को यह 9.2 डिग्री से गिरकर 6.5 डिग्री पर पहुंच गया। तब से यह शनिवार तक 10 डिग्री और इससे नीचे ही रहा। रविवार को भी रात का तापमान 10 डिग्री ही रहा।
खजुराहो में तापमान 2 डिग्री पर पहुंचा : एक सप्ताह से लगातार ही न्यूनतम तापमान 2 डिग्री के आसपास है। रविवार को दिन का अधिकतम तापमान 24.6 डिग्री और न्यूनतम 2.0 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि शनिवार को अधिकतम 24.4 और 2.0 डिग्री रिकाॅर्ड किया गया था। अधिकतम तापमान में 0.2 की गिरावट हुई है।
भोपाल : पिछले सीजन में 25 जनवरी को रात का तापमान 6.6 डिग्री दर्ज किया गया था। यानी यह रात सबसे सर्द थी। लेकिन इस बार दिसंबर में ही दो बार रात का तापमान 19 और 20 दिसंबर को इससे कम 6.0 और 6.2 डिग्री तक पहुंच चुका है। यानी इस बार दिसंबर पिछले सीजन के जनवरी से भी ज्यादा ठंडा है। दरअसल, अभी सुबह 6.30 बजे के बाद सूर्योदय हो रहा है। सूरज उगने के बाद भी पारा 8 डिग्री पर रहता है। तापमान सामान्य से 3-4 डिग्री कम किया जा रहा है। ऐसा मौसम जनवरी में ही होता है, लेकिन इस बार दिसंबर में ऐसे हालात बने। लगातार दस दिन से रात का तापमान सामान्य से कम है।
दिन के तापमान में तीन दिन से इजाफा : दिन के तापमान में तो तीन दिन से इजाफा हो रहा है, लेकिन रात का तापमान 7-8 डिग्री के आसपास ही बना हुआ है। शाम 5 बजे के बाद मौसम में ठंडक हो जाती है। सुबह 7 बजे तक पारा तेजी से लुढ़क रहा है। इस वजह से सुबह सात बजे तक ठंडक बनी रहती है। रविवार को भी रात का तापमान 8.1 डिग्री दर्ज किया गया। इसमें सिर्फ 0.1 डिग्री की बढ़ोतरी हुई। ठंडक के कारण पिछले 72 घंटे में भी इसमें सिर्फ 1.1 डिग्री का इजाफा हो सका।
पहली बार के विधायक नहीं बनेंगे मंत्री
विजयलक्ष्मी साधौ बन सकती हैं विस अध्यक्ष
भोपाल. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री कमलनाथ के मंत्रीमंडिल पर मोहर लगा दी है। इधर, भोपाल में मंगलवार को होने वाले मुख्यमंत्री कमलनाथ के मंत्रिमंडल के शपथग्रहण समारोह की तैयारियां अंतिम दौर में हैं। चार दिन से दिल्ली गए कमलनाथ आज रात भोपाल वापस आ जाएंगे। इसके बाद ही मंत्रिमंडल के नामों का खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
मंत्रिमंडल गठन को लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ 4 दिन से दिल्ली में हैं। वे गुरुवार को दिल्ली पहुंच गए थे। उन्होंने राहुल गांधी के अलावा प्रदेश के दिग्गज नेताओं दिग्विजय सिंह, अरुण यादव और ज्योतिरादित्य सिंधिया से भी चर्चा की। इन चार दिनों में कमलनाथ चार बार राहुल गांधी और तीन बार ज्योतिरादित्य सिंधिया से मिले हैं। सूत्रों का कहना है कि इन मुलाकातों के बीच एक बार राहुल गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया की भी लगभग एक घंटे चर्चा हुई है। विधानसभा अध्यक्ष का नाम आज तय होने की संभावना है। इस पद के लिए वरिष्ठ सदस्यों में डॉ. गोविंद सिंह, केपी सिंह और डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ के नाम की चर्चा है। यह माना जा रहा है कि साधौ को अध्यक्ष बनाए जाने पर सहमति बन सकती है।
पहली बार के विधायक मंत्रिमंडल में नहीं: मंत्रिमंडल के गठन को लेकर शनिवार को भी दिल्ली में मुख्यमंत्री कमलनाथ की पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से चर्चा की। कमलनाथ, एके अंटोनी, भंवर जितेंद्र सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया और दीपक बावरिया के बीच देर रात तक चर्चा जारी रही। सूत्रों के मुताबिक पहली बार के किसी भी विधायक को मंत्री नहीं बनाया जाने पर नेताओं के बीच सहमति बन चुकी है। दिल्ली में कांग्रेस नेताओं के बीच विभागों के बंटवारे को लेकर भी चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार प्रमुख विभागों के बंटवारे में भी गुटीय संतुलन का ध्यान रखा जा रहा है।
सात जनवरी को पहला सत्र: विधानसभा का नया सत्र 7 जनवरी से शुरू होने वाला है जो 11 जनवरी तक होगा चलेगा। इस सत्र में सभी नए विधायक शपथ लेंगे। 90 विधायक पहली बार सत्र में शामिल होंगे।
कल दोपहर से राजभवन रोड पर वाहन प्रतिबंधित : प्रदेश के नए मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह मंगलवार दोपहर एक बजे से पांच बजे तक राजभवन में होगा। इसके लिए पुलिस ने ट्रैफिक व्यवस्था में कुछ बदलाव किए हैं। मालवीय नगर तिराहा, मछलीघर तिराहा, कंट्रोल रूम तिराहा से राजभवन की ओर केवल कार्यक्रम में आने वाले वाहनों को ही प्रवेश दिया जाएगा। इस बीच अन्य सभी तरह के वाहनों के लिए राजभवन जाने वाला मार्ग प्रतिबंधित रहेगा।
पंडित अभिषेक गौतम को शहीदों के नाम और चित्र बनवाने में 14 दिन लगे
वे अब शहीद जवानों के घर भी जा रहे हैं, 5 परिवारों से मिल भी चुके
बीकानेर (परिमल हर्ष). उत्तरप्रदेश के हापुड़ के रहने वाले पंडित अभिषेक गौतम ने अपने शरीर पर कारगिल में शहीद हुए 580 जवानों के नाम गुदवाए हैं। उन्होंने इंडिया गेट, शहीद स्मारक, स्वतंत्रता सेनानियों समेत 11 महान हस्तियों के चित्र भी अंकित करवाए हैं। अभिषेक कहते हैं कि इस काम से मुझे सुकून मिला है। मेरी तरफ से उनके लिए यह श्रद्धांजलि है। मेरी कोशिश शहीद जवानों के परिवार वालों से मिलने की है। अभिषेक के इस काम की वजह से लोग उन्हें चलता-फिरता वॉर मेमोरियल कहने लगे हैं।
एमबीए किया है अभिषेक ने
अभिषेक बताते हैं कि उन्होंने कारगिल दिवस ( 26 जुलाई) से अपने शरीर पर शहीद जवानों के नाम गुदवाने शुरू किए थे। लगातार 14 दिन में यह मिशन पूरा हो पाया। गौतम रविवार को एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने बीकानेर पहुंचे थे।
अभिषेक ने इस काम में एक महीने की सैलरी लगा दी। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि ऐसा करने में कुल कितना पैसा खर्च हुआ। उन्होंने कहा कि इससे मैंने जो काम किया है, उसकी वैल्यू कम हो जाती है। उन्होंने एमबीए तक की पढ़ाई की है।
दोस्तों और डॉक्टर ने मना किया था
अभिषेक बताते हैं कि इस काम के लिए उनके डॉक्टर और दोस्तों ने मना किया था। परिवार के सदस्यों ने भी रोकने की कोशिश की, लेकिन मैं नहीं माना। बाद में सभी ने मेरा सपोर्ट करना शुरू कर दिया।
अभिषेक शहीद जवानों के परिवार से मिलने के लिए उनके घर भी जा रहे हैं। अब तक वे करीब पांच परिवारों से मिल चुके हैं। वे बताते हैं कि देश के लिए जान देना बहुत गर्व की बात है। जवानों के परिवार वालों ने मेरे काम को सराहा है।
इनके चित्र शरीर पर बनवाए: झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, भगतसिंह, चंद्रशेखर आजाद, महाराणा प्रताप, महात्मा गांधी, सुभाषचंद्र बोस, शिवाजी, चाणक्य, पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम आजाद आदि।
हासेगांव में बसाया गया है एचआईवी विलेज।
रवि ने 2007 में एचआईवी गांव बसाया था, यहां 18 साल से कम उम्र के 50 और उससे ज्यादा के 28 लोग रहते हैं
11 साल में एक भी एचआईवी पॉजिटिव बच्चे की मौत नहीं हुई, गांव में किसी से भेदभाव नहीं
लातूर. महाराष्ट्र के लातूर के रहने वाले रवि बापटले पत्रकार थे। 2007 में उनकी मुलाकात एक एचआईवी पॉजिटिव लड़के से हुई। उसे गांव वालों ने बेदखल कर दिया था। रवि ने बच्चे की बसाहट का जिम्मा उठाया। हासेगांव में अपनी जमीन पर सेवालय आश्रम खोला और बच्चे को यहां ठहराया। यहीं से सिलसिला चल पड़ा। जिन एचआईवी पॉजिटिव लोगों को घर से, गांव से निकाल दिया गया, रवि ने उनके रहने की व्यवस्था की। अलग गांव ही बसा दिया। नाम भी अनूठा दिया- एचआईवी, यानी हैप्पी इंडियन विलेज। गांव के आस-पास के लोग विरोध करते रहे, पर रवि सबको समझाते रहे कि- एचआईवी संक्रामक बीमारी नहीं है। रोगी को अकेला तो नहीं छोड़ सकते। धीरे-धीरे बात समझने वाले भी मिलने लगे और अच्छी पहल आसान होने लगी। अब यहां 18 साल से कम के 50 बच्चे हैं। 18 से ऊपर के भी 28 लोग यहां रह रहे हैं। वयस्कों को व्यवसाय प्रशिक्षण भी दिया जाता है। खास बात ये कि रवि इस पूरे काम के लिए कोई सरकारी अनुदान भी नहीं लेते।
11 साल में एक भी मौत नहीं: पूरा गांव सुबह साथ में व्यायाम करता है। फिर बच्चे स्कूल चले जाते हैं, बड़े प्रशिक्षण पर। शाम को थियेटर होता है। चेकअप के लिए डॉक्टर्स आते रहते हैं। 11 वर्षों में यहां एक भी एचआईवी पॉजिटिव बच्चे की मौत नहीं हुई।
अब ऐसी कोई संस्था नहीं बने
जब रवि से पूछा गया कि गांव के साथ-साथ अब तो आपकी संस्था भी काफी बड़ी हो रही है। रवि का जवाब था- ‘मैं नहीं चाहता कि अब ऐसी कोई संस्था बने। ऐसी संस्था बड़ी नहीं, बंद होनी चाहिए। हमें भविष्य में ऐसा समाज बनाना है, जहां कोई बच्चा एचआईवी पॉजिटिव हो ही नहीं। ऐसा समाज, जहां एचआईवी पॉजिटिव लोगों से कोई भेदभाव ना हो। सब साथ रहें।"
आर्ची लेग स्पिनर है, उसकी इतनी कम उम्र में तीन बार ओपन हार्ट सर्जरी हो चुकी है
मेक-ए-विश फाउंडेशन की कोशिश से वे ऑस्ट्रेलियाई टीम का हिस्सा बने
भारत के खिलाफ 26 दिसंबर से मेलबर्न में होना है बॉक्सिंग डे टेस्ट
मेलबर्न. भारत के खिलाफ 26 दिसंबर से शुरू होने वाले तीसरे टेस्ट के लिए ऑस्ट्रेलिया की 15 सदस्यीय टीम में सात साल के लेग स्पिनर आर्ची शिलर को भी शामिल किया गया है। आर्ची को टिम पेन के साथ टीम का सह-कप्तान बनाया गया है। उनको अपने देश के बेस्ट क्रिकेटर्स के साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करने का यह मौका मेक-ए-विश फाउंडेशन की कोशिश का नतीजा है। यह संगठन मुश्किल हालात का सामना कर रहे बच्चों की इच्छाएं पूरी करने के लिए काम करता है। आर्ची दिल की बीमारी से पीड़ित हैं और उनकी तीन बार ओपन हार्ट सर्जरी हो चुकी है। वे बड़े होकर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम का कप्तान बनना चाहते हैं, इसीलिए क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) ने उनकी यह इच्छा पूरी की।
कोच लैंगर ने दी थी टीम में शामिल करने की सूचना
आर्ची इस शनिवार को ही सात साल के हुए हैं। उन्होंने अपने जन्मदिन पर यारा पार्क में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान टिम पेन और भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली के साथ मंच भी साझा किया। ऑस्ट्रेलियाई टीम जब संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज खेल रही थी, तभी आर्ची को कोच जस्टिन लैंगर की ओर से उन्हें टीम में शामिल किए जाने की जानकारी मिली थी।
एडिलेड टेस्ट में अभ्यास सत्र में भी हिस्सा लिया था
आर्ची ने एडिलेड में हुए पहले टेस्ट से पहले ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के साथ अभ्यास सत्र में भी भाग लिया था। आर्ची को इतनी छोटी सी उम्र में ढेरों परेशानियों से जूझना पड़ा है। जब वे तीन महीने के थे, तभी उनका सात घंटे तक दिल का ऑपरेशन हुआ था। छह महीने बाद उनके दिल में फिर से वॉल्व और धड़कन से जुड़ी समस्या सामने आई। इस कारण उनका फिर ऑपरेशन करना पड़ा। पिछले साल दिसंबर में उनकी यह समस्या फिर उभर आई। इस वजह से आर्ची की मेलबर्न में तीसरी बार ओपन-हार्ट सर्जरी हुई।
हम उनके साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करने को आतुर : टिम पेन
टिम पेन ने भावुक होते हुए कहा, 'जब आर्ची के पिता ने उससे पूछा कि वह क्या करना चाहता है, तो उसने कहा, 'मैं ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम का कप्तान बनना चाहता हूं।' कभी-कभी हम एक जीवन जीते हैं, यह बहुत अच्छा है, लेकिन तब यह जिंदगी और बेहतर लगती है, जब आपके समूह में कोई ऐसा व्यक्ति होता है, जो वास्तव में प्रेरक हो। उसे (आर्ची) को अपने आसपास रखना बहुत अच्छा है। हम उसके साथ बॉक्सिंग डे टेस्ट की शुरुआत करने को आतुर हैं।'
यह पुल असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच की दूरी को 500 किलोमीटर कम कर देगा। यह दूरी 100 किलोमीटर रह जाएगी।
उद्घाटन से पहले बोगीबील पुल को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया।
शिलान्यास से लेकर अब तक इस पुल को बनाने में 21 साल लगे।
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 दिसंबर को असम के डिब्रूगढ़ में देश के सबसे लंबे रेल-रोड पुल बोगीबील का उद्घाटन करेंगे। यह ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तर और दक्षिण तट को जोड़ेगा। पुल की लंबाई 4.94 किमी है। एक अफसर के मुताबिक- 25 दिसंबर को सरकार गुड गवर्नेंस दिवस मना रही है। इसी मौके पर प्रधानमंत्री देश की जनता को पुल की सौगात देंगे।
देवेगौड़ा ने रखी थी नींव
1997 में संयुक्त मोर्चा सरकार के प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने पुल का शिलान्यास किया था, वहीं 2002 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने इसका निर्माण शुरू किया था। पुल के पूरा होने में 5920 करोड़ रुपए की लागत आई।
बीते 16 साल में पुल के पूरा होने की कई डेडलाइन चूकीं। इस पुल से पहली मालगाड़ी 3 दिसंबर को गुजरी। बोगीबील पुल को अरुणाचल से सटी चीन सीमा तक विकास परियोजना के तहत बनाया गया है। भारत-चीन सीमा करीब चार हजार किमी लंबी है।
डिब्रूगढ़ से धेमाजी को जोड़ेगा
बोगीबील पुल इंजीनियरिंग का अद्भुत नमूना बताया जा रहा है। यह असम के डिब्रूगढ़ से अरुणाचल के धेमाजी जिले को जोड़ेगा। इससे असम से अरुणाचल प्रदेश जाने में लगने वाला वक्त 10 घंटे कम हो जाएगा। पुल बनने से डिब्रूगढ़-धेमाजी के बीच की दूरी 500 किमी से घटकर 100 किमी रह जाएगी।
नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे के सीपीआरओ प्रणब ज्योति सरमा के मुताबिक- "ब्रह्मपुत्र नदी पर पुल बनाना चुनौतीपूर्ण था। इस इलाके में बारिश ज्यादा होती है। सीस्मिक जोन में होने के चलते यहां भूकंप का खतरा भी होता है। पुल कई लिहाज से खास है।''
रेलवे ने बनाया डबल-डेकर पुल, टैंक भी निकल सकेंगे
रेलवे द्वारा निर्मित इस डबल-डेकर पुल से ट्रेन और गाड़ियां दोनों गुजर सकेंगी। ऊपरी तल पर तीन लेन की सड़क बनाई गई है। नीचे वाले तल (लोअर डेक) पर दो ट्रैक बनाए गए हैं। पुल इतना मजबूत बनाया गया है कि इससे मिलिट्री टैंक भी निकल सकेंगे।