ईश्वर दुबे
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Bhilai
जमुई (बिहार)। जिले में चकाई थाना क्षेत्र के गुरूरबाद गांव में कथित माओवादियों के एक दस्ते ने पुलिस मुखबिरी के संदेह में मंगलवार देर रात दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी। इस हमले में एक महिला घायल हुई है। चकाई के थानाप्रभारी चंदेश्वर पासवान ने बुधवार को बताया कि कल देर रात करीब आठ हथियारबंद माओवादियों के दस्ते ने घर में घुस कर बरमोरिया पंचायत के ग्राम कचहरी सचिव मोहम्मद उस्मान (40) और उनके पड़ोसी मोहम्मद गुलाम (38) की गोली मारकर हत्या कर दी।
नयी दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को एक ईसाई संगठन के कार्यक्रम में कहा कि ‘‘हम जीतें या हारें, हम लोगों के बीच भेदभाव नहीं करेंगे’’। उन्होंने यह भी कहा कि देशभर में सामूहिक धर्मांतरण रुकना चाहिए। सिंह ने कहा कि वह किसी भी धर्म के अनुसरण की आजादी का समर्थन करते हैं लेकिन उनकी राय है कि सामूहिक धर्मांतरण किसी भी देश के लिए चिंता की बात है और इसलिए इस विषय पर बहस जरूरी है। उन्होंने कहा कि जहां तक सरकार की बात है तो किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा। राष्ट्रीय ईसाई महासंघ द्वारा आयोजित समारोह में गृह मंत्री ने कहा, ‘‘मैंने कभी अपने जीवन में जाति, वर्ण और धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया है। हमें वोट मिलें या नहीं मिलें। हम सरकार बनाएं या नहीं बनाएं। हम जीतें या हारें। लेकिन हम लोगों के बीच भेदभाव नहीं करेंगे। यही हमारे प्रधानमंत्री का कहना है।’’
नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय सीबीआई के अंतरिम निदेशक के तौर पर आईपीएस अधिकारी एम नागेश्वर राव की नियुक्ति को चुनौती देने वाली एनजीओ की याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई करेगा। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति एन एल राव और न्यायमूर्ति एस के कौल की पीठ के समक्ष बुधवार को इस मामले का तत्काल सुनवाई के लिए उल्लेख किया गया था। याचिकाकर्ता गैर सरकारी संगठन ‘कॉमन कॉज’ और आरटीआई कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने पीठ मामले की सुनवाई शुक्रवार को करने का अनुरोध किया।
नयी दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने देशद्रोह से जुड़ी भारतीय दंड संहिता की धारा 124ए को खत्म करने की पैरवी करते हुए बुधवार को कहा कि वर्तमन में इस औपनिवेशिक कानून की जरूरत नहीं है।
जयपुर। राजस्थान के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने सोमवार को कहा कि देश में केवल कांग्रेस ही ऐसी पार्टी है जो केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा को चुनौती दे सकती है और उसे हरा सकती है। साथ ही पायलट ने विश्वास जताया कि कांग्रेस की अगुवाई वाला संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) केंद्र में अगली सरकार बनाएगा। पायलट ने कहा कि संवैधानिक संस्थानों को नष्ट करने में अपनी सारी ताकत लगा देने वालों को हराने के लिए राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय दलों को साथ आना होगा।
अपने निवास पर संवाददाताओं से बातचीत में पायलट ने कहा, ‘प्रमुख घटक दलों के टूटने से जहां राजग कमजोर हुआ है वहीं संप्रग के सहयोगी दलों ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में विश्वास जताया है।’ उन्होंने कहा कि 2019 के आम चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व में संप्रग सरकार बनाएगा। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का बसपा तथा अन्य दलों के साथ सीटों को लेकर गठजोड़ नहीं होने पर पायलट ने कहा कि कांग्रेस को कभी कमजोर नहीं आंकना चाहिए।
पायलट ने कहा कि उत्तर प्रदेश में हम सभी 80 सीटों पर लड़ेंगे। 2009 में कांग्रेस ने 22-23 सीटें जीतीं थीं तो कांग्रेस को कभी भी कमजोर नहीं आंकना चाहिए। जैसा राहुल गांधी ने कहा है कि वे उस गठबंधन का सम्मान करते हैं लेकिन कांग्रेस अपने दम पर लड़ेगी और अच्छी सीटें जीतेगी। पायलट ने कहा, ‘भाजपा को राष्ट्रीय स्तर पर अगर कोई पार्टी चुनौती देकर हरा सकती है तो वह कांग्रेस पार्टी है। सभी राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय दलों को देशहित में, हिंदुस्तान की भलाई के लिए, (संवैधानिक) संस्थानों को खत्म करने में लगी ताकतों को परास्त करने के लिए मिलकर काम करना होगा।’
कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष पायलट ने कहा कि बीते पांच साल में संप्रग का कुनबा लगातार बढ़ता रहा है वहीं राजग के घटक दल उससे छिटकते जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘(लोकसभा) चुनाव दूर नहीं है और जिस प्रकार से भाजपा के खेमे में खलबली मची है उससे साफ दिखता है कि भाजपा ये चुनाव हारने जा रही है। राजग का गठबंधन लगातार कमजोर हुआ है और बीते पांच साल में आठ से दस पार्टियां उसका साथ छोड़ चुकी हैं। चाहे वह देवेगौड़ा हों, शरद पवार हों, चंद्रबाबू नायडू हों या एम के स्टालिन... ये सभी राहुल गांधी के नेतृत्व में अपना भरोसा जता चुके हैं और 2019 में संप्रग की सरकार केंद्र में बनने जा रही है।’
लोकसभा चुनाव की तैयारियों के संबंध में उन्होंने कहा कि तीन राज्यों में जिस प्रकार से कांग्रेस की सरकारें बनी हैं... यह आने वाले लोकसभा चुनाव का भी संकेत है। 15 तारीख से हम लोग हर लोकसभा क्षेत्र के प्रमुख नेताओं तथा कार्यकर्ताओं से जयपुर में मुलाकात करेंगे और लोकसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों का पैनल तैयार कर बहुत जल्द दिल्ली भेजेंगे।
जम्मू। जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने आतंकवादियों से हिंसा का रास्ता छोड़ने की सोमवार को अपील करते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि उनका प्रशासन उनके पुनर्वास के लिए जो भी हो सकेगा करेगा। मलिक ने एक कार्यक्रम के इतर संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘आपरेशन आल आउट जैसा यहां कुछ भी नहीं है। कुछ लोग इस गलत शब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं। हम चाहते हैं कि ये बच्चे (आतंकवादी) वापस लौटें और हम जो कुछ भी उनके लिए कर सकते हैं, करने के लिए तैयार हैं।’ वह कुछ राजनेताओं द्वारा ‘आपरेशन ऑल आउट’ रोकने और कश्मीर घाटी में हत्या की जांच की मांग करने के आलोक में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे।
मलिक ने कहा कि जब कोई आतंकवादी कहीं भी गोली चलाता है और विस्फोटक फेंकता है- तो ऐसा नहीं हो सकता है कि आप गोली चलायें और हम आपको फूल और गुलदस्ता भेजें। हमारी तरफ से ‘आपरेशन आल आउट’ नहीं चलाया जा रहा है। उन्हें (आतंकवादियों को) यह रास्ता छोड़ देना चाहिए क्योंकि इससे उन्हें कुछ नहीं मिलेगा। आपरेशन आल आउट की तरह कुछ भी नहीं है।’ नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के उस बयान के बारे में पूछे जाने पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रदेश में अगर उनकी पार्टी की सरकार बनती है तो वह राज्य में हुई हत्याओं के लिए वह अलग से एक आयोग का गठन करेंगे, राज्यपाल ने कहा कि वह रोज कुछ न कुछ बयानबाजी करते रहते हैं।
राज्यपाल ने कहा कि वह एक वरिष्ठ राजनेता हैं इसलिए उनके बारे में टिप्पणी करना अच्छा नहीं है। मलिक ने कहा कि मुख्यधारा के राजनेताओं की राजनीतिक जरूरतें हैं और हमारे देश में वोट के लिए लोग किसी हद तक जा सकते हैं। कुछ राजनेताओं के हालिया बयान के बारे में पूछे जाने पर मलिक ने कहा, ‘वे सब राजनेता हैं और उनकी राजनीतिक जरूरतें हैं। लोग वोट के लिए इस देश में बहुत दूर जा सकते हैं। मैं सबकी जरूरतों का समझता हूं और उनका सम्मान करता हूं।’ राज्य में विधानसभा चुनावों के बारे में पूछे जाने पर राज्यपाल ने कहा कि उनका प्रशासन इसके लिए तैयार है। राज्यपाल ने कहा कि हम चुनावों के लिए तैयार हैं और जब निर्वाचन आयोग इसका निर्णय करेगा हम चुनाव करायेंगे। इस बीच मलिक ने स्थानीय राजिंदर पार्क में बने संगीतमय फव्वारा और जिम का उद्घाटन किया। इसका निर्माण जम्मू कश्मीर बैंक ने करवाया है।
अहमदाबाद। भाजपा नीत गुजरात सरकार ने सरकारी नौकरियों और उच्च शिक्षा में सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लोगों के लिए 10 फीसदी आरक्षण सोमवार को लागू किया। इसके साथ ही गुजरात इस नए प्रावधान को लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। संसद ने 10 प्रतिशत आरक्षण मुहैया कराने के लिए संवैधानिक संशोधन विधेयक को पिछले सप्ताह मंजूरी दे दी थी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को इसे मंजूरी दे दी थी।
नयी दिल्ली। एम नागेश्वर राव की केन्द्रीय जांच ब्यूरो के अंतरिम निदेशक के रूप में नियुक्ति को चुनौती देते हुये सोमवार को उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर की गयी। गैर सरकारी संगठन ‘कामन काज’ ने यह जनहित याचिका दायर की है और इसमें जांच ब्यूरो के अंतरिम निदेशक के रूप में एम नागेश्वर राव की नियुक्ति निरस्त करने का अनुरोध किया गया है।
अधिवक्ता प्रशांत भूषण के माध्यम से दायर इस याचिका में दिल्ली विशेष पुलिस प्रतिष्ठान कानून, 1946 की धारा 4ए के तहत लोकपाल और लोकायुक्त कानून, 2013 में किये गये संशोधन में प्रतिपादित प्रक्रिया के अनुसार केन्द्र को जांच ब्यूरो का नियमित निदेशक नियुक्त करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा-बसपा के गठबंधन का राज्य की राजनीति पर कोई असर नहीं होने का दावा करते हुए रविवार को कहा कि अच्छा है कि दोनों दल एक हो गये हैं। अब भाजपा को इन्हें कायदे से ‘निपटाने‘ में मदद मिलेगी। योगी ने यहां एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘सपा-बसपा के गठबंधन का मतलब, भ्रष्टाचारी, जातिवादी मानसिकता वाले अराजक और गुंडों को सीधे-सीधे सत्ता देकर जनता को उसके भाग्य पर छोड़ देने जैसा है। मैं कह सकता हूं कि इस गठबंधन का प्रदेश की राजनीति पर कोई असर नहीं होने वाला है। अच्छा हुआ दोनों एक हो गये हैं। हमें मदद मिलेगी कायदे से इनको निपटाने के लिये।’’
नयी दिल्ली। राफेल सौदा मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अपना हमला तेज करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर ‘‘घोटाले’’ को छिपाने का आरोप लगाते हुए कहा कि ‘डर’’ उन्हें ‘भ्रष्ट’ बना रहा है और वह महत्वपूर्ण संस्थाओं को ‘‘बर्बाद’’ कर रहे हैं। राहुल ने मीडिया की एक खबर का भी हवाला दिया जिसमें दावा किया गया है कि मोदी सरकार ने उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश ए. के. सीकरी को लंदन स्थित राष्ट्रमंडल सचिवालय मध्यस्थता न्यायाधिकरण (सीएसएटी) में अध्यक्ष/सदस्य के तौर पर नामित करने का फैसला किया था।
नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति ए के सीकरी को लंदन स्थित राष्ट्रमंडल सचिवालय मध्यस्थता न्यायाधिकरण (सीएसएटी) में सेवानिवृत्ति के बाद एक सरकारी प्रस्ताव मिलने पर रविवार को विवाद खड़ा हो गया। इससे सिर्फ तीन दिन पहले उनके वोट से सीबीआई के निदेशक के पद से आलोक वर्मा को हटाने का फैसला किया गया। उन्हें इस पद की पेशकश पिछले साल की गई थी। माना जा रहा है कि सरकार ने पिछले साल के अंत में सीएसएटी के लिये उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश सीकरी के नाम की अनुशंसा की थी।
नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने कंप्यूटर प्रणालियों को इंटरसेप्ट करने, उन पर नजर रखने और उनके आंकड़ों का विश्लेषण करने के लिए 10 एजेंसियों को अनुमति देने वाले सरकारी नोटिस के खिलाफ दायर याचिका पर केन्द्र को सोमवार को नोटिस जारी किया।
प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)। कुम्भ मेले के सेक्टर 16 स्थित दिगम्बर अनी अखाड़े के शिविर में सिलेंडर फटने से सोमवार को आग लग गई। हालांकि अपराह्न पौने एक बजे लगी इस आग में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन वहां रखा काफी सामान जलकर राख हो गया।